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तेंदुलकर ने गुरशरण को किया याद, हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद मैदान में आए ताकि शतक पूरा कर सकूं

मुंबई  सचिन तेंदुलकर ने मंगलवार को पूर्व भारतीय खिलाड़ी गुरशरण सिंह के उस जज्बे को याद किया जिसमें वह 1989-90 में दिल्ली के खिलाफ ईरानी कप मैच में शेष भारत के लिए हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद 11वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए ताकि मास्टर ब्लास्टर अपना शतक पूरा कर सके।  वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली ने शेष भारत को 309 रनों से हरा दिया था। इस मैच में टीम के लिए सिर्फ तेंदुलकर ही डट कर बल्लेबाजी कर सके। उन्होंने नाबाद 103 रन की पारी खेली जबकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रमन 41 रनों के साथ दूसरे सर्वोच्च स्कोरर थे। शेष भारत की टीम ने 554 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 209 रनों पर 9 विकेट गंवा दिए थे।  भारत, दिल्ली और पंजाब के पूर्व खिलाड़ी गुरशरण इसके बाद हाथ में फ्रैक्चर के बावजूद 11वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे और तेंदुलकर का साथ दिया। दोनों ने अंतिम विकेट के लिए 36 रन जोड़े। तेंदुलकर का शतक पूरा होने के बाद गुरशरण रिटायर आउट हो गए। इस तरह शेष भारत की दूसरी पारी 245 रन पर सिमटी।  तेंदुलकर ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘जैसा कि कहा जाता है, वादे निभाने के लिए होते हैं। मुझे लगता है कि मैं एक कदम आगे जाकर कहूंगा कि वादे निभाने के लिए होते हैं, लेकिन उन्हें पूरा भी करना होता है… और यही हमारा ‘डीएनए' है। मुझे एक घटना याद है। बहुत पहले 1989 में जब मैं ईरानी ट्रॉफी खेल रहा था। यह भारत के लिए चुने जाने से पहले एक ट्रायल मैच जैसा था। मैं 90 रन के आस पास बल्लेबाजी कर रहा था, और मेरे साथी गुरशरण सिंह को चोट लग गई थी। उनके हाथ में फ्रैक्चर था और उन्हें बल्लेबाजी नहीं करनी थी।'  तेंदुलकर ने कहा, ‘चयन समिति के अध्यक्ष राज सिंह डूंगरपुर ने हालांकि उन्हें मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने और अपने साथी (तेंदुलकर) का साथ देने के लिए कहा। गुरशरण आए और उन्होंने मुझे शतक तक पहुंचने में मदद की और उसके बाद मैं भारत के लिए खेलने के लिए चुन लिया गया।' उन्होंने कहा, ‘इसके बाद गुरशरण भी भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बने।' तेंदुलकर ने कहा कि भारत के लिए टेस्ट और वनडे में एक-एक मैच खेलने वाले गुरशरण का यह कदम उनके दिल को छू गया। तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में उनका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा किया क्योंकि फ्रैक्चर हाथ के साथ मैदान पर उतरना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी।'   

पीड़िता के शादी रिसेप्शन की तस्वीरें बनीं आधार, कोर्ट ने रेप आरोपी को दी जमानत; उम्र पर संदेह बरकरार

चंडीगढ़  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई 2023 को युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 12 मई को उसकी 15 वर्षीय बेटी बिना बताए घर से निकल गई और आरोपी उसे विवाह का झांसा देकर भगा ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 363 (अपहरण), 376(2)(n) (बार-बार बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत आरोपपत्र दायर किया। ओसिफिकेशन टेस्ट में युवती की हड्डी की उम्र 15-16 वर्ष और दंत आयु 14-16 वर्ष बताई गई थी। अदालत का फैसला फैसले में अदालत ने कहा कि मेडिकल अनुमान वाली उम्र में दो वर्ष की त्रुटि-सीमा लागू करने पर युवती की आयु उसकी मेडिकल परीक्षा के समय 18 वर्ष से अधिक बैठती है। इसलिए 12 मई 2023 को घटना की तिथि मानने पर भी युवती की आयु 18 वर्ष से अधिक मानी जा सकती है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अभियोजन पक्ष कोई भी दस्तावेज- जैसे स्कूल रिकॉर्ड या नगर निगम का जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाया जिससे साबित हो सके कि घटना के समय युवती नाबालिग थी। तस्वीरों और आचरण पर अदालत की टिप्पणी जज ने विवाह और रिसेप्शन की तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि युवती 'बहुत खुश दिख रही है' और उसका घर आरोपी के घर से मात्र 5-6 मकान की दूरी पर था, इसलिए यदि वह अपनी इच्छा के विरुद्ध वहां गई होती तो आसान तरीके से घर लौट सकती थी। अदालत ने कहा- युवती वयस्क प्रतीत होती है। यदि उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए गए होते, तो वह शोर मचा सकती थी, पर उसने ऐसा नहीं किया, जिससे स्पष्ट होता है कि यदि कोई संबंध बने भी हों तो वे उसकी सहमति से बने। बयानों में विरोधाभास अदालत ने माना कि युवती और उसके पिता के बयान विभिन्न मंचों पर एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, जिससे अभियोजन की कहानी पर संदेह पैदा होता है। न्यायालय ने कहा कि यह भी संभव है कि युवती स्वयं आरोपी के साथ चली गई हो और बाद में कहानी को प्रलोभन देकर ले जाने के रूप में प्रस्तुत किया गया हो। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी और मुकदमे में लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए। इसलिए आरोपी को सभी आरोपों से बरी किया गया। फैसले में यह भी दोहराया गया कि जब तक अभियोजन पक्ष किसी व्यक्ति की नाबालिग उम्र को ठोस दस्तावेजों से सिद्ध न कर दे, सहमति आधारित संबंध पर पॉक्सो एक्ट लागू नहीं किया जा सकता।

सड़क हादसे में स्विमिंग कोच की दर्दनाक मौत, आरोपी मौके से भागा

बहादुरगढ़  बहादुरगढ़ में एक बार फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार स्विमिंग कोच की मौत का मामला सामने आया है। बहादुरगढ़ के बालौर बाईपास फ्लाईओवर के पास बीती रात यह हादसा हुआ। जहां एक तेज रफ्तार रेनॉल्ट ट्राइबर कार ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके चलते स्कूटी सवार स्विमिंग कोच नवनीत खत्री की मौके पर ही मौत हो गई। नवनीत खत्री मूल रूप से बहादुरगढ़ के कुलासी गांव का रहने वाला था।  फिलहाल वह अपने परिवार सहित दिल्ली में रहता था। नवनीत दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर तैराकी कोच काम करता था। नवनीत खत्री  बहादुरगढ़ की एच एल सिटी में भी तैराकों को अभ्यास करवा चुका है। सोमवार की देर रात वह  सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसा दिल्ली रोहतक मार्ग पर देर रात का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवाया गया।  पुलिस ने मृतक स्विमिंग कोच के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। वहीं आरोपी कार चालक कार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश भी पुलिस ने शुरू कर दी है। परिजनों के बहादुरगढ़ पहुंचने के बाद स्विमिंग कोच नवनीत खत्री के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बताया जाता है कि नवनीत खत्री घर से बजघेड़ा तैराकी कोचिंग देने और वँहा से एचएल सिटी जाने और फिर वापिस घर आने की कहकर घर से गया था। लेकिन नवनीत की जगह उसकी मौत की खबर ही उसके घर पहुंची। नवनीत की मौत से तैराकों और परिजनों में शोक की लहर है। नवनीत के तैयार किये हुए कई तैराक नेशनल स्तर पर उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं।

पंजाब राजनीति में हलचल: सुखबीर बादल ने चुना गिद्दड़बाहा सीट

डबवाली (लंबी)  शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 2027 का विधानसभा चुनाव विधानसभा हलका गिद्दड़बाहा से लड़ेंगे। अकाली दल अध्यक्ष ने लंबी हलके के निकटवर्ती गिदड़बाहा में यहां पार्टी कार्यालय का उद‍्घाटन करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी मांग के बाद यह घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि हरदीप सिंह ‘डिम्पी ढिल्लों’ सहित पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों को पार्टी में कभी वापस नहीं लिया जाएगा। सुखबीर सिंह बादल ने गिद‍्दड़बाहा हलके से ब्लाॅक समिति और जिला परिषद चुनाव लड़ रहे पार्टी उम्मीदवारों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव पार्टी के लिए अग्नि-परीक्षा हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इन चुनावों में पार्टी उम्मीदवार शानदार जीत हासिल करें। सुखबीर बादल मालवा पब्लिक स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में भी शामिल हुए।    पूर्व मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन पर सोमवार को गांव बादल में 12.5 फुट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अकाली नेता बलविंदर सिंह भुंदर ने अकाली दल का 70 फुट ऊंचा झंडा फहराया। इससे पहले स्मारक स्थल पर धार्मिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जनसमूह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल के पास जज्बा और हिम्मत है, अब जनता के साथ की जरूरत है। पूर्व विधायक हरदेव अर्शी ने अकाली दल को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया। भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता सुरजीत ज्यानी ने बादल के विकास को याद किया। समारोह में बुत निर्माता गुरप्रीत धूरी, गगनदीप कौर धूरी और उनकी टीम को सम्मानित किया गया। बाबा बोहड़ के बुत लोकार्पण के दौरान उनकी बेटी परनीत कौर कैरों काफी भावुक हुईं। कार्यक्रम में सांसद हरसिमरत कौर बादल, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला और अनेक गणमान्य मौजूद थे। हरदीप ढिल्लों व अन्य कभी पार्टी में वापस नहीं होंगे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हरदीप सिंह ‘डिम्पी ढिल्लों’ सहित पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों को पार्टी में कभी वापस नहीं लिया जाएगा।

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सतनामी विकास परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का दिया आमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सतनामी विकास परिषद, सारंगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कौशल विकास मंत्री गुरु श्री खुशवंत साहेब भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय जयंती गुरुपर्व–2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि 18, 19 और 20 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे इस तीन दिवसीय महोत्सव में सतनामी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह आयोजन समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का भव्य उत्सव होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि सतनामी समाज ने सदैव छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि गुरु बाबा घासीदास जी के आदर्श—सत्य, अहिंसा और समानता—समाज को नैतिक शक्ति और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन उत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जयंती पर्व की सराहना करते हुए इसे समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाला, प्रेरणादायी और मार्गदर्शक आयोजन बताया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर सहित सतनामी विकास परिषद के अध्यक्ष श्री बी. डी. भारद्वाज, उपाध्यक्ष श्री रमेश अनंत, श्रीमती भानुप्रभा जोल्हे, श्री कृष्णा अजगले, श्री तेजेश्वर सिंह रात्रे और श्री रोहित महिलांग उपस्थित थे।

शिर्क मंजूर नहीं: वंदे मातरम् बहस पर मदनी ने रखी दो-टूक राय

नई दिल्ली राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में चल रही बहस के बीच जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि मुसलमानों को मर जाना स्वीकार है लेकिन शिर्क नहीं। उन्होंने कहा कि किसी के वंदे मातरम् पढ़ने या गाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुसलमान केवल एक अल्लाह की इबादत करता है और अपनी इस इबादत में किसी दूसरे को शरीक नहीं कर सकता। एक बयान जारी करते हुए मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् की कविता की कुछ पंक्तियां ऐसे धार्मिक विचारों पर आधारित हैं जो इस्लामी आस्था के खिलाफ हैं। विशेष रूप से इसके चार अंतरों में देश को 'दुर्गा माता' जैसी देवी के रूप में प्रस्तुत किया गया है और उसकी पूजा के शब्द प्रयोग किए गए हैं, जो किसी मुसलमान की बुनियादी आस्था के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) देता है। इन अधिकारों के अनुसार किसी भी नागरिक को उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध किसी नारे, गीत या विचार को अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मदनी ने कहा कि वतन से मोहब्बत करना अलग बात है और उसकी पूजा करना अलग बात है। मुसलमानों को इस देश से कितनी मोहब्बत है इसके लिए उन्हें किसी प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं है। आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और जमीयत उलमा-ए-हिंद के बुजुर्गों की कुर्बानियां और विशेष रूप से देश के बंटवारे के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद की कोशिशें दिन की रोशनी की तरह स्पष्ट हैं। आजादी के बाद भी देश की एकता और अखंडता के लिए उनकी कोशिशें भुलाई नहीं जा सकतीं। हम हमेशा कहते आए हैं कि देशभक्ति का संबंध दिल की सच्चाई और अमल से है, न कि नारेबाजी से। मदनी ने कहा कहा कि 'वंदे मातरम्' बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास 'आनंद मठ' से लिया गया एक अंश है। इसकी कई पंक्तियां इस्लाम के धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं, इसलिए मुसलमान इस गीत को गाने से परहेज करते हैं। 'वंदे मातरम्' का पूरा अर्थ है- मां, मैं तेरी पूजा करता हूं।' यह शब्द स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यह गीत हिंदू देवी दुर्गा की प्रशंसा में लिखा गया था, न कि भारत माता के लिए। वंदे मातरम् गीत मां के सामने झुकने और उसकी पूजा करने की बात करता है, जबकि इस्लाम अल्लाह के अलावा किसी के सामने झुकने और पूजा करने की अनुमति नहीं देता। हम एक ईश्वर को मानने वाले हैं, हम उसके अलावा किसी को भी न अपना पूज्य मानते हैं और न ही किसी के सामने सजदा करते हैं। इसलिए हम इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं कर सकते। मर जाना स्वीकार है, लेकिन शिर्क (अल्लाह के साथ किसी साझी) स्वीकार नहीं है। मरेंगे तो इस्लाम पर और जिएंगे तो इस्लाम पर, इंशा अल्लाह।

MP हाईकोर्ट का अहम फैसला: पत्नी की बेवफाई का सबूत बनी तस्वीरें, इंडियन एविडेंस एक्ट पर महत्वपूर्ण टिप्पणी

जबलपुर  जबलपुर हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि विवाहेतर यौन संबंध के आधार पर तलाक की डिक्री जारी करने में 65-बी सर्टिफिकेट के बिना तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जस्टिस विशाल धगट और जस्टिस बी पी शर्मा की युगलपीठ ने यह स्पष्ट किया कि शादी के मामलों में इंडियन एविडेंस एक्ट पूरी तरह से लागू नहीं होता है। कोर्ट ने इस आधार पर दायर एक अपील को खारिज कर दिया। महिला ने दी थी तलाक को चुनौती यह मामला बालाघाट की एक महिला से जुड़ा है, जिसने कुटुंब न्यायालय द्वारा तलाक की डिक्री जारी करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। महिला का कहना था कि उसके पति ने एक अन्य व्यक्ति के साथ उसकी आपत्तिजनक तस्वीरों का इस्तेमाल करके तलाक के लिए आवेदन किया था। महिला की ओर से यह भी दलील दी गई थी कि इन तस्वीरों के साथ इंडियन एविडेंस एक्ट के तहत 65-बी सर्टिफिकेट पेश नहीं किया गया था, जो कि जरूरी है। महिला ने सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि 65-बी सर्टिफिकेट के बिना तलाक का आदेश रद्द किया जाना चाहिए। उसने यह भी बताया कि तस्वीरें गलती से उसके मोबाइल से पति के मोबाइल में ट्रांसफर हो गई थीं और बाद में पति ने उसका फोन तोड़ दिया था। शादी के मामलों में पूरी तरह लागू नहीं होता एक्ट लेकिन, युगलपीठ ने अपने फैसले में कहा कि इंडियन एविडेंस एक्ट शादी के मामलों में पूरी तरह से लागू नहीं होता है। फैमिली कोर्ट्स एक्ट के सेक्शन 14 के अनुसार, कुटुंब न्यायालय को सच्चाई का पता लगाने के लिए किसी भी तरह की रिपोर्ट, बयान या डॉक्यूमेंट्स को सबूत के तौर पर स्वीकार करने का अधिकार है। कोर्ट ने माना कि कुटुंब न्यायालय ने इन तस्वीरों पर भरोसा करके कोई गलती नहीं की। महिला की अपील को किया खारिज कोर्ट ने यह भी पाया कि महिला ने इस बात से इनकार नहीं किया कि वह तस्वीरों में है। उसने केवल यह कहा कि तस्वीरें किसी ट्रिक से बनाई गई हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि किसने और कैसे बनाईं। महिला ने अपने बयान में स्वीकार किया था कि तस्वीरें उसके मोबाइल से पति के मोबाइल में ट्रांसफर हुई थीं और फिर पति ने उसका फोन तोड़ दिया। कोर्ट ने कहा कि पति के पास पत्नी के विवाहेतर संबंध के सबूत थे, और गुस्से में फोन तोड़ना स्वाभाविक था ताकि पत्नी का अपने पार्टनर से संपर्क टूट जाए। कोर्ट ने उस फोटोग्राफर से भी पूछताछ की जिसने तस्वीरें खींची थीं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, युगलपीठ ने अपील को खारिज कर दिया।  

कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की नौकरी पर संकट! 1400 शिक्षकों ने सीएम नायब सैनी से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के विश्वविद्यालयों में वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्थाई सुरक्षा देने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ गई है। मंगलवार को हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक संघ (हकूटा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में सेवा-सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें वैसी रोजगार-गारंटी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कॉलेजों के लगभग 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर और एक लाख 20 हजार कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को अधिनियम-2024 के तहत रिटायरमेंट उम्र यानी 58 वर्ष तक की जॉब सिक्योरिटी दी जा चुकी है। सीएम से मिलने के बाद संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बीते शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा सेवा-सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति भी बनाई गई थी, जिसने अपना कार्य पूरा कर लिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा चुका है और प्रस्ताव अब अंतिम मंज़ूरी के चरण में है। डॉ. विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से नए साल पर एक ऐतिहासिक उपहार होगा। मुलाकात के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. अश्वनी व डॉ. सतपाल और बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां से डॉ. अमित व डॉ. विजय मौजूद रहे। संघ को अब उम्मीद है कि इस सत्र में अधिनियम पारित होकर अनुबंधित शिक्षकों को 60 वर्ष की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह निर्णय शिक्षक समुदाय के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चररों की योग्यता, वेतनमान और कार्यप्रणाली लगभग समान है। इसलिए इस श्रेणी को सेवा-सुरक्षा से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं। शिक्षा स्तर पर प्रभाव की बात करते हुए डॉ. विजय ने कहा कि रोजगार सुरक्षा से शिक्षकों में स्थिरता आएगी, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता बेहतर होगी और युवा वर्ग को लाभ मिलेगा।

बाबर आज़म और शाहीन नहीं, पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा गूगल किया जा रहा ये भारतीय खिलाड़ी

नई दिल्ली  पाकिस्तान में 2025 में सबसे ज्यादा किस खिलाड़ी को सर्च किया गया होगा? अगर इसका अंदाजा लगाने के लिए आपसे कहा जाए तो शायद आप बाबर आजम का नाम लेंगे। या फिर वहां के 'प्रीमियम' फास्ट बोलर शाहीन शाह अफरीदी का या फिर वहां की मौजूदा टीम में शामिल किसी अन्य क्रिकेटर का। लेकिन असलियत चौंकाने वाली है। पाकिस्तान में इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला खिलाड़ी कोई पाकिस्तानी नहीं, बल्कि भारतीय है। अब आप शायद विराट कोहली या रोहित शर्मा का नाम लें कि हो सकता है वे सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे हों पाकिस्तान में। लेकिन ऐसा भी नहीं है। उस खिलाड़ी का नाम है अभिषेक शर्मा।   2025 के गूगल सर्च ट्रेंड के मुताबिक अभिषेक शर्मा पाकिस्तान में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले खिलाड़ी हैं। शर्मा को भारत में जितना सर्च किया गया, उससे ज्यादा तो पाकिस्तान में सर्च किया गया। अभिषेक शर्मा की पाकिस्तान में सबसे ज्यादा सर्च के पीछे संभवतः एशिया कप रहा हो जिसमें फाइनल समेत 3 बार भारत और पाकिस्तान भिड़े। तीनों ही बार भारत ने जीत हासिल की। एशिया कप में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बैटिंग की थी। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों में भी उनका बल्ला खूब गरजा था। हालांकि फाइनल में वह कुछ खास नहीं कर पाए थे और फहीम अशरफ की गेंद पर सस्ते में आउट हो गए थे। बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी टॉप 10 तक में नहीं पाकिस्तान में 2025 में सबसे ज्यादा सर्च किए गए खिलाड़ियों की टॉप 10 की लिस्ट में बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और हारिस रऊफ जैसे खिलाड़ी जगह नहीं पा सके हैं। पाकिस्तान में 2025 में सर्च किए गए टॉप 5 खिलाड़ी अभिषेक शर्मा हसन नवाज इरफान खान नियाजी साहिबजादा फरहान मुहम्मद अब्बास  

शेख हसीना ने उजागर किया मोदी का संकट-सहयोग, बोलीं—ऐसी मदद कोई नहीं भूल सकता

नई दिल्ली  भारत में शरण लेने वालीं बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि मुश्किल समय में भारत के लोगों और पीएम मोदी ने उनकी मदद की थी। खास बात है कि बांग्लादेश की कोर्ट ने हसीना को मौत की सजा सुनाई है। हालांकि, उनके प्रत्यर्पण को लेकर स्थिति साफ नहीं है। मीडिया से बातचीत में हसीना से सवाल किया गया कि पीएम मोदी ने उनकी मदद कैसे की। इसपर उन्होंने जवाब दिया, 'मैं निजी बातचीत या रिश्तों के बारे में बात नहीं करना चाहती। हालांकि, मैं आपको यह बता सकती हूं कि मैं भारत के लोगों और उनकी तरफ से लगातार मिल रहे समर्थन की आभारी हूं।' बांग्लादेश के मौजूदा हालात के बारे में पीएम मोदी की भूमिका पर भी उनसे सवाल किया गया। हसीना ने जवाब दिया, 'भारत बहुत ही अहम पड़ोसी है। मैं प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन और हमारे देशों के बीच पुराने संबंधों की कद्र करती हूं। व्यक्तिगत और कूटनीतिक रूप से भी मैं संकट में मिले शरण के प्रति आभारी हूं। भारत के साथ मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते बांग्लादेश के हित में है। ये क्षेत्रीय स्थिरता को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद कर सकते हैं।' अमेरिका की भूमिका? हसीना से बांग्लादेश संकट में अमेरिका की भूमिका की अफवाहों को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से कोई भूमिका होने से इनकार किया है और अब तक पब्लिक डोमेन में ऐसा कोई सबूत नहीं है, जो इसके खिलाफ हो। बगैर सबूत आरोप लगाने के कारण स्थिरता को बहाल करने, जिम्मेदार का पता करने और राष्ट्रीय एकता की राह से भटकने का जोखिम होता है।' बेटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधिकरण ने हसीना के निर्वासित बेटे साजिब वाजेद जॉय के खिलाफ गुरुवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह वारंट मानवता के खिलाफ अपराध करने के आरोप में उनकी मां को मौत की सजा सुनाने के एक महीने बाद जारी किया गया है। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) के एक अभियोजक ने संवाददाताओं को बताया, 'न्यायाधिकरण ने जुलाई के विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध करने के लिए उनके (जॉय के) विरुद्ध दर्ज मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।' उन्होंने बताया कि आईसीटी मामलों के तत्कालीन कनिष्ठ मंत्री जुनैद अहमद पलक के विरुद्ध भी इसी प्रकार का वारंट जारी किया गया था। पलक पहले से ही जेल में हैं। आईसीटी-बीडी ने पूर्व प्रधानमंत्री और उनके तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन को दबाने के प्रयासों के लिए मौत की सजा सुनाई। यह फैसला उनकी गैर हाजिरी में सुनाया गया है।