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लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी, जानें कैसे चेक करें स्टेटस और ₹1500 का हुआ ट्रांसफर

 छतरपुर प्रदेश की लाडली बहनों के लिए 9 दिसंबर 2025 का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने छतरपुर जिले के राजनगर से रिमोट का बटन दबाकर लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की। इसके साथ ही प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि पहुंच गई। 1857 करोड़ रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफ सरकार ने हाल ही में योजना की मासिक किस्त को 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया था। इस बार राज्य सरकार ने कुल 1857 करोड़ रुपये महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए हैं। योजना के नियमों के अनुसार, इसका लाभ केवल विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को मिलता है। अविवाहित महिलाएं फिलहाल इसके लिए पात्र नहीं हैं। लाखों महिलाओं को था इंतजार     लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है.     नए रजिस्ट्रेशन पर इस बार भी कोई घोषणा नहीं हुई.     लाखों महिलाएं फॉर्म शुरू होने का इंतजार कर रही हैं.     मौजूदा लाभार्थियों को बढ़ी हुई राशि मिल रही है.     नए आवेदनों पर सरकार ने अभी चुप्पी साधी है.     रजिस्ट्रेशन शुरू होने में और इंतजार करना पड़ सकता है.     योजना पर आगे की अपडेट जल्दी मिल सकती है. क्यों खाते में नहीं आए पैसे     लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है.     कुछ लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुंची है.     वजह हो सकती है-आईडी पर ई-केवाईसी पूरा न होना.     पहले अपनी समग्र आईडी ई-केवाईसी स्थिति चेक करें.     तय करें कि बैंक खाता आधार नंबर से लिंक है.     सभी अपडेट सही होने पर किस्त मिलने की संभावना बढ़ती है. कैसे चेक करें स्टेट्स     लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो चुकी है.     मोबाइल पर मैसेज न आए तो चिंता न करें.     आप ऑनलाइन पेमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं.     ऑफिशियल पोर्टल: cmladlibahna.mp.gov.in.     "अप्लाई व पेमेंट की स्थिति" सेक्शन पर जाएं.     रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें.     मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन करें.     स्क्रीन पर आपकी किस्त की पूरी स्थिति दिख जाएगी. लाडली बहना योजना के रजिस्ट्रेशन पर कोई अपडेट नहीं लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी हो गई है। लेकिन इस बार भी नए रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है। राज्य की लाखों महिलाओं को लाडली बहना योजना के फॉर्म भरे जाने का इंतजार है। मौजूदा लाभार्थियों को तो बढ़ा हुआ पैसा मिलने लगा है, लेकिन नए रजिस्ट्रेशन के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। क्या खाते में नहीं आया लाडली बहना योजना का पैसा? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी कर दी गई है। अगर आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो हो सकता है कि आपने समग्र आईडी पर ईकेवाईसी न किया हो। अगर ये काम पूरा हो चुका है तो एक बार यह चेक करें कि आपका बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा है या नहीं। लाडली बहना योजना की 31वीं क‍िस्‍त जारी, ऐसे चेक करें स्‍टेटस लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी कर दी गई है। अगर आपके मोबाइल पर मैसेज नहीं आया है तो आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति में जाकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी और मोबाइल पर आए ओटीपी के जरिए स्टेटस चेक कर सकते हैं।  

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्देश: BLO से संबंधित सभी नियम पूरे देश में लागू

नई दिल्ली एसआईआर के कार्य में लगे बीएलओ को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि BLO से जुड़े सभी निर्देश पूरे देश में लागू होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं में बीएलओ की सुरक्षा और प्रशासनिक निर्देश पूरे देश में लागू होंगे, ये सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं. मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई की बेंच ने कहा कि प्रभावित कर्मचारी को स्वतंत्रता होगी कि वे राज्य के चुनाव आयोग, जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करें. जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य सरकार आवश्यक अनुपालन करें. पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए गए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अलग-अलग राज्यों की याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणी में विभाजित किया जाए, ताकि मुख्य मुद्दे पर सुनवाई सुचारू रूप से हो सके. तीन अलग-अलग राज्यों से संबंधित SIR मामलों को अगले हफ्ते तीन अलग-अलग तारीखों पर सूचीबद्ध किया जाए. सुनवाई के दौरान उठे मुद्दे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि यूपी जैसा बड़ा राज्य तय टाइमलाइन में SIR पूरा नहीं कर पाएगा. इस पर CJI ने यूपी की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगले मंगलवार को सुनवाई होगी. CJI ने फिर दोहराया, “आप लोग इसी तरह नई-नई याचिकाएं लाते रहेंगे, तो मुख्य केस की सुनवाई कैसे होगी?” तमिलनाडु का पक्ष तमिलनाडु SIR मुद्दे पर एक वकील ने कहा कि राज्य के प्रवासी मजदूर पोंगल के बाद ही लौटते हैं, इसलिए अदालत को इसे ध्यान में रखना चाहिए. अदालत ने स्पष्ट किया कि वह पहले बिहार मामले को प्राथमिकता देगी, क्योंकि उसमें होने वाला निर्णय सभी राज्यों को प्रभावित करेगा. बीएलओ की सुरक्षा पर चिंता चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जमीनी स्तर पर बीएलओ को मिल रही धमकियां गंभीर मुद्दा बन सकती हैं. इनकी सुरक्षा नजरअंदाज नहीं की जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. उसने कहा कि बीएलओ से जुड़े निर्देश देश भर में लागू होंगे. इस सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कहा कि बीएलओ की सुरक्षा राज्य पुलिस के सहयोग पर निर्भर है. जरूरत पड़ी तो केंद्रीय बल तैनात किए जा सकते हैं. प्रभावित कर्मचारी राज्य ECI और जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा के लिए संपर्क कर सकेंगे. मतदाता नामांकन और नागरिकता से जुड़े मामलों की अगली सुनवाई 17 तारीख को होगी.

सोने में आई गिरावट, चांदी के बढ़े भाव: MCX पर सोना ₹1,29,684 प्रति 10 ग्राम, ज्वेलरी खरीददारों के लिए राहत की खबर

इंदौर  मंगलवार (9 दिसंबर) को गोल्ड ज्वेलरी खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है। आज सोने की कीमतों में 0.21 फीसदी की गिरावट आई है जबकि चांदी की कीमत में 0.31 फीसदी की तेजी आई है। खबर लिखे जाने के समय MCX पर सोना 1,29,684 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,82,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। इंटरनेशनल मार्केट में दोनों धातुओं की कीमत में तेजी जारी है।  कमजोर मांग से दिल्ली में सोना गिरकर 1,32,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर  सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 300 रुपए गिरकर 1,32,600 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार को 1,32,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। हालांकि, चांदी की कीमतें 1,500 रुपए बढ़कर 1,85,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी कर मिलाकर) हो गईं, जो लगातार दूसरे दिन की बढ़त दर्शाता है। पिछले कारोबार सत्र में यह 1,83,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना भाव 0.18 प्रतिशत बढ़कर 4,205.26 डॉलर प्रति औंस हो गया।  मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 10 दिसंबर को नीतिगत बैठक के पहले हाजिर सोना में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखा गया। यह लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,210 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।'' पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इंदरबीर सिंह जॉली ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के बीच सोना एक महत्वपूर्ण संपत्ति वर्ग के रूप में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।''

ट्रैफिक पुलिस की सख्ती, बुलेट पर पटाखे फोड़ने वाले जरा बचकर! 13,000 रुपए का कटा चालान

डेराबस्सी डेराबस्सी ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए एक बुलेट मोटरसाइकिल सवार के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले पटाखे फोड़ने वाले मोटरसाइकिल को मौके पर ही जब्त कर लिया। नियमों का उल्लंघन करने पर करीब 13,000 रुपये का भारी चालान भी काटा गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए ट्रैफिक इंचार्ज सुरिंदर सिंह ने बताया कि शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर वाले पटाखे फोड़ने की शिकायतें रोज मिल रही हैं, जिसके चलते एक खास अभियान चलाया गया है। उन्होंने साफ किया कि ऐसे नियम तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक के तौर पर ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें। 

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: रायपुर समेत 4 शहरों में पारा 10°C से नीचे, शीतलहर का अलर्ट जारी

रायपुर दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया। इन जिलों में अलर्ट जारी वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी। मैदानी इलाके में हवा तेज मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें। अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…     शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।     स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।     घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।  

पुस्तक सिर्फ शब्द नहीं, संवेदनाओं का संगम है: नायब सैनी — मुख्यमंत्री ने किया भव्य विमोचन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है, बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होती, बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होती है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हरियाणा में इन तीनों आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। ऐसे परिवर्तन के दौर में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि, वे प्रशासनिक प्रणाली का वह स्तंभ हैं, जिनके कंधों पर कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा, शांति और निष्पक्ष न्याय की सीधी जिम्मेदारी होती है। 10 भाग और 45 अध्याय सीएम ने कहा कि इस पुस्तक की विशेषता यह है कि यह कानूनों का संकलन मात्र नहीं है। यह एक ऐसा व्यापक मार्गदर्शक है, जो कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका से लेकर उनकी शक्तियों, व्यावहारिक प्रक्रियाओं, कानूनी आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों में उनके प्रयोग तक, हर पहलू को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है। 10 भागों और 45 अध्यायों में लिखी गई यह पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार आदि शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली, स्पष्टता प्रदान करने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।   मुख्यमंत्री ने दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. के.के. खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, शहरी एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है। यह पुस्तक दोनों के अनुभव और दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय है। संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अक्सर ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है, जहां कुछ मिनटों में बड़े निर्णय लेने होते हैं। ऐसे समय में अनुभव और कानून दोनों का संतुलन ही अधिकारी को सक्षम और प्रभावी बनाता है। यह पुस्तक उसी संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सदैव सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन का हर स्तर आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनाए। फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नये अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें।  

राउज एवेन्यू कोर्ट का सोनिया गांधी को नोटिस, 1980 वोटर लिस्ट में बिना नागरिकता नाम जोड़ने का सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह मामला 1980 की मतदाता सूची में उनके नाम के कथित अनधिकृत रूप से जुड़ा होने को लेकर है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह र्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जालसाजी का मामला हो सकता है। अदालत 6 जनवरी 2026 को मामले पर अगली सुनावाई करेगी। यह विवाद 1980 के मतदाता पंजीकरण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज किया गया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में प्राप्त की थी। उनका यह भी कहना है कि 1982 में उनका नाम हटाया गया और 1983 में नागरिकता के बाद फिर जोड़ा गया, जोकि संदिग्ध है। कोर्ट ने सोनिया गांधी को भेजा नोटिस यह विवाद दशकों पुराना है लेकिन हाल ही में फिर से सुर्खियों में आया है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी ने सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर को इस शिकायत को खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दाखिल की। इसपर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी। ये है मामला याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की 1980 की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। लेकिन उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। इस याचिका में सवाल किया गया है कि जब नागरिकता तीन साल बाद मिली तो 1980 में उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का कहना है कि किसी गैर-नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना अपराध है और इस मामले की जांच की जाए कि क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था। इस मामले में उन्होंने जालसाजी की आशंका भी जताई है।  

‘ब्राह्मण बहू चाहिए’ का विवाद दिल्ली पहुंचा, IAS संतोष वर्मा की नौकरी और प्रमोशन पर सवालिया निशान

भोपाल  मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों 'शब्दों के बारूद' ने आग लगा रखी है। आईएएस अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान ने अब एक ऐसे सियासी और कानूनी चक्रव्यूह का रूप ले लिया है, जिससे निकलना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है। आलम यह है कि इस विवाद की गूंज भोपाल की फाइलों से निकलकर दिल्ली के गलियारों और बिहार विधानसभा तक पहुंच चुकी है। क्या चली जाएगी नौकरी? वहीं, ऐसे में कुछ लोगों को लग रहा है कि आईएएस संतोष वर्मा की नौकरी तो गई? लेकिन क्या ऐसा होने जा रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 'शब्दों की मर्यादा' और 'नियमों की धज्जियां' उड़ती दिख रही हैं। आईएएस संतोष वर्मा के 'ब्राह्मण बेटियों' वाले विवादित बयान ने जहां दिल्ली तक हड़कंप मचा रखा है, वहीं अब सांसद जनार्दन मिश्रा की चिट्ठी ने उनकी पदोन्नति के 'फर्जीवाड़े' के आरोपों से हड़कंप मचा दिया है। पहले भी आईएएस करते रहे हैं बखेड़ा पहले भी कई आईएएस अलग-अलग तरह के बयान देकर राजनीतिक और सामाजिक बखेड़ा खड़े करते रहे हैं। पूर्व आईएएस शैलबाला मार्टिन ने मंदिरों के लाउडस्पीकर पर ट्वीट करके एक नया धार्मिक और सियासी बवंडर खड़ा कर दिया था। दूसरी तरफ, आईएएस लोकेश जांगिड़ ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 9 तबादलों का जो 'दर्द' बयां किया था, उन्होंने तो सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल दाग दिए थे। पूर्व आईएएस नियाज खान भी ब्राह्मण और मुस्लिमों लेकर सोशल मीडिया में काफी मुखर दिखते थे। भ्रष्टाचार की बात करें तो अरविन्द जोशी और टीनू जोशी जैसे नामों ने पहले ही प्रशासनिक साख को दागदार किया है। हालांकि यह सब बयान इस तरह खराब नहीं कहे जा सकते, जितना घृणित बयान संतोष वर्मा का माना जा रहा है। सीएम के पाले में है गेंद संतोष वर्मा पर कार्रवाई कब होगी, यह गेंद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के पाले में है। क्या वे इन 'विवादित रत्नों' पर कड़ी कार्रवाई कर प्रशासन की गिरती साख को बचा पाएंगे, या फाइलों के 'परीक्षण' का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा? यह जंग अब केवल अनुशासन की नहीं, बल्कि सत्ता के इकबाल की है।  

बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव: पंजाब के सुधरते पावर मॉडल की नई कहानी

चंडीगढ़  पंजाब में बिजली क्षेत्र में हो रहे सुधारों ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को एक नए युग में प्रवेश कराया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल पर शुरू किए गए व्यापक सुधारों ने वर्षों पुराने कर्ज, बिजली कटौती और अव्यवस्था की समस्याओं को धीरे-धीरे पीछे छोड़ दिया है। मान सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का पावरकॉम कर्ज चुकाकर ऊर्जा क्षेत्र को स्थिरता और भरोसे के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। जुलाई 2022 में लागू 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जनता के लिए बड़ा राहत पैकेज सिद्ध हुई है। इस योजना के कारण लगभग 90% परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। घरेलू उपभोक्ता, किसान और उद्योग—सभी को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आज पंजाब देश के सबसे कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में गिना जाता है।   ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने पछवाड़ा कोयला खदान को फिर से चालू किया, जिससे कोयले की आपूर्ति में रुकावट की समस्या समाप्त हुई। राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार निजी क्षेत्र के जीवीके थर्मल प्लांट (गोइंदवाल साहिब) को अधिग्रहित किया। इसे 1,080 करोड़ रुपये में खरीदकर “श्री गुरु अमरदास जी थर्मल प्लांट” नाम दिया गया, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विरासत का प्रतीक है। ‘रोशन पंजाब परियोजना’ के तहत 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बिजली ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। 13 नगर निगमों में नंगी तारों को बदलना, पुराने मीटर बॉक्सों की सुरक्षा, ट्रांसफार्मरों का उन्नयन और नेटवर्क को भूमिगत बनाने का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है, “पंजाब में पहली बार किसी सरकार ने संपत्तियाँ बेची नहीं, खरीदी हैं। यह बदलाव का नया अध्याय है।” ऊर्जा सुधारों ने न केवल आर्थिक मजबूती दी है बल्कि आत्मनिर्भर पंजाब के सपने को वास्तविकता के करीब ला दिया है।

स्वर्ण मंदिर पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल, श्रद्धा से किया नतमस्तक

अमृतसर  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों ने सोमवार को यहां स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। मत्था टेकने के बाद गुप्ता ने कहा कि वह दिल्ली के लाल किले में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद शुक्रिया अदा करने आई हैं। रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रवींद्र इंद्राज और मनजिंदर सिंह सिरसा भी थे। रेखा गुप्ता ने सिरसा के साथ स्वर्ण मंदिर परिसर में बर्तन भी साफ किए। निरंतर आशीर्वाद की कामना करते हुए गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री हरमंदिर साहिब में शीश नवाने के बाद मेरे मन को संतुष्टि मिली। वाहेगुरु जी, आप अपनी कृपा दृष्टि सभी पर बनाए रखें।’’ सिरसा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आज इस पवित्र स्थान पर आकर मेरे मन को अपार शांति मिली, और मुझे उस ‘अकाल पुरख’ की असीम उपस्थिति और शांति का भी अनुभव हुआ।’ इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल किले में आयोजित ‘गुरमत समागम’ की ‘‘असाधारण सफलता गुरु साहिब की कृपा है’’ जबकि नवंबर में तीन दिवसीय समारोह से कुछ दिन पहले आतंकवादी हमले के कारण भय का माहौल था। गुप्ता ने कहा कि छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। बाद में गुप्ता और उनके मंत्रियों ने अमृतसर में दुर्ग्याणा मंदिर के भी दर्शन किए। श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।