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कितनी भी बड़ी कंपनी क्यों न हो, यात्रियों को तंग नहीं होने देंगे: IndiGo को सरकार की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली  हवाई यात्रा बाधित होने के मुद्दे पर सरकार ने IndiGo के खिलाफ बड़े ऐक्शन की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा है कि कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही कहा है कि किसी भी कंपनी को यात्रियों को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे पहले ही इंडिगो के रूट्स में 5 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया गया था।   इंडिगो संकट पर लोकसभा में बोलते हुए, केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, 'ऑपरेशन तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, यात्रियों की सुविधा और सम्मान की रक्षा की जा रही है और भारत के उड्डयन सेक्टर को और ज्यादा यात्री-केंद्रित बनाने के लिए लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं…।' उन्होंने कहा, 'इंडिगो की दिक्कतें अब ठीक हो रही हैं। देशभर में अन्य एयरलाइन्स आराम से काम कर रही हैं। देशभर के एयरपोर्ट्स पर हालात सामान्य हैं। मंत्रालय की देखरेख में रिफंड्स, सामान का पता लगाना और यात्रियों की मदद करने के उपाय किए जा रहे हैं। DGCA की तरफ से इंडिगो नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं और जांच शुरू की गई है।' उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट के आधार पर उचित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी एयरलाइन्स हो, फिर भले ही वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो। उसे यात्रियों को ऐसे परेशान नहीं करने दिया जाएगा।' DGCA ने कर दी कटौती डीजीसीए ने मंगलवार को कहा कि उसने एक दिसंबर 2025 से बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधानों के बाद विमान कंपनी इंडिगो की उड़ान सेवाओं में पांच प्रतिशत की कटौती है। मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। बयान के अनुसार, सभी क्षेत्रों में उड़ानों में कटौती की गई है खासकर उच्च मांग वाले मार्गों पर। इंडिगो को बुधवार शाम पांच बजे तक डीजीसीए को संशोधित शेड्यूल प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पहले नगार विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा था कि सरकार चालू शीतकालीन कार्यक्रम के तहत इंडिगो द्वारा जिन मार्गों पर उड़ान सेवाएं संचालित की जाती हैं उन्हें कम किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम के तहत विमानन कंपनी प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही हैं।  

टी20 स्क्वाड में रिंकू सिंह को जगह नहीं! सूर्यकुमार यादव का बड़ा बयान आया सामने

नई दिल्ली  अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत शानदार फिनिशर और मैच-विनर का तमगा हासिल करने वाले रिंकू सिंह पहले टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन से गायब हुए फिर स्क्वाड से भी पत्ता कट गया। वो भी तब जब उन्होंने जो कुछ भी सीमित मौका, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी। डोमेस्टिक में भी अच्छा प्रदर्शन किया। आखिर रिंकू सिंह को टी20 स्क्वाड में जगह क्यों नहीं मिली? टीम इंडिया के टी20 कैप्टन सूर्यकुमार यादव ने इसका जवाब दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 टी20 मैच की सीरीज से पहले सोमवार को सूर्यकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकू सिंह से जुड़े सवाल का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि ऑलराउंडर शिवम दुबे क्यों जरूरी हैं। सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘आप किसी ऑलराउंडर की तुलना किसी फिनिशर से नहीं कर सकते। दुबे एक ऑलराउंडर हैं। 3 से 7 नंबर के सभी बल्लेबाज किसी भी पोजिशन पर बल्लेबाजी की क्षमता रखते हैं। उदाहरम के तौर पर आप तिलक वर्मा को 6 नंबर पर बल्लेबाजी करते देख सकते हैं। जैसा कि आपने ऑस्ट्रेलिया में देखा, दुबे 3 नंबर पर बल्लेबाजी करने गए। हमें वाकई लचीलापन चाहिए।’   रिंकू सिंह की बात करें तो उन्होंने अब तब 35 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 42.30 के औसत से 550 रन बनाए हैं। इनमें 3 अर्धशतक भी शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 161.76 का है। शिवम दुबे की बात करें तो उन्होंने अब तक 46 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें 27.59 के औसत से उन्होंने 607 रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 4 अर्धशतक हैं और स्ट्राइक रेट 138.26 है। इसके अलावा उन्होंने 21 विकेट भी झटके हैं।  

UPSC CSE 2024 कैडर आवंटन: MP को मिले 5 नए IAS अफसर, शक्ति दुबे बनीं AIR 1, जानें पूरी लिस्ट

भोपाल  कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए आवंटन लिस्ट (UPSC CSE IAS Allocation List 2024) जारी कर दी है। 90 से अधिक आईएएस अफसर को अलग-अलग राज्यों के कैडर आवंटित किए गए हैं। 20 को उनके होम स्टेट का कैडर मिला है।  यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2024 में प्रथम स्थान लाने वाली शक्ति दुबे को उत्तर प्रदेश कैडर अलॉट किया गया है, दूसरा  दूसरी रैंक लाने वाली हर्षिता गोयल को गुजरात कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट हरियाणा है। लिस्ट में आईएएस अधिकारियों की कैटेगरी, होम स्टेट और अलॉट किए गए कैडर की जानकारी दी गई है। बता दें यूपीएससी सीएसई फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2024 को जारी किया गया था। तीसरा स्थान डोंगरे अर्चित पराग को कर्नाटक और चौथा स्थान प्राप्त करने वाले मार्गी चिराग गुजरात कैडर दिया गया है। वही पांचवा स्थान प्राप्त करने वाले आकाश गर्ग को AGMUT कैडर मिला है। मध्यप्रदेश में हुई इन आईएएस अफसरों को नियुक्ति  6वां रैंक प्राप्त करने वाली आयुषी बंसल को भी मध्य प्रदेश कैडर दिया गया है। रैंक 18 लाने वाली सौम्या मिश्रा को एमपी  कैडर में भेजा गया है। इसके अलावा श्लोक वैकर और माधव अग्रवाल को भी इसी राज्य का कैडर दिया गया है। यूपी को मिले 20 नए आईएएस अफसर उत्तर प्रदेश को कल 20 नए आईएएस अफसर मिले हैं। सूची में को रैंक 6 प्राप्त करने वाली कोमल पूनिया भी शामिल हैं। इसके अलावा आदित्य विक्रम अग्रवाल, मयंक त्रिपाठी, हेमंत, संस्कृति त्रिवेदी, रिया सायनी, शिवांश सुभाष जगड़े, शिवम सिंह सलोनी, गौतम सिद्धार्थ सिंह, श्वेता और रेखा सियाक का नाम भी शामिल है। पश्चिम बंगाल में 8 आईएएस अलॉट किए गए पश्चिम बंगाल में 8 नए आईएएस अफसर अलॉट किए गए हैं। मुदिता बंसल जिनका होम स्टेट पंजाब है, उन्हें पश्चिम बंगाल  कैडर दिया गया है। वहीं रावुला जयसिंह रेड्डी को बंगाल कैडर दिया गया है, जिनका होम स्टेट तेलंगाना है। रितिका रथ, चौगुले अदिति संजय, अभिषेक चौधरी, मेघना  चक्रवर्ती और सक्षम भाटिया को भी यही कैडर मिला है।

सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में बुंदेलखंड के विकास पर विशेष फोकस बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सागर जिले के मसवासी ग्रट की स्थापना के प्रस्ताव के तहत उद्योगों को अनेक सुविधाओं को स्वीकृति सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण के लिए 2059 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति प्रदेश के 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये की स्वीकृति पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को 2वर्ष में रोजगार के लिए जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की खजुराहो में हुई बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास और रोजगार संपन्न बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सड़कों के निर्माण सहित नौरादेही अभ्यारण्य में चीता के रहवास के लिए विकास कार्यों को स्वीकृति जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने बुंदेलखंड के विकास पर केंद्रित विकास के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर करतल ध्वनि से स्वागत किया गया। बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कालेजों में पदों की स्वीकृति सहित शासकीय चिकित्सालयों के उन्नयन और नवीन पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सागर के औद्योगिक क्षेत्र 'मसवासी ग्रंट' के लिए एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी। स्वीकृति अनुसार भूमि प्रब्याजी और वार्षिक भू-भाटक की दर केवल एक रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त, विकास शुल्क चुकाने के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की सुविधा दी गई है और संधारण शुल्क 8 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक तय किया गया है। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प और पंजीयन शुल्क में 100% प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट दी गई है। वित्तीय सहायता पैकेज के तहत वृहद श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के नियम लागू होंगे, जबकि एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए एमएसएमई विकास नीति-2025 और एमएसएमई प्रोत्साहन योजना-2025 के प्रावधान प्रभावी होंगे। सीमेंट निर्माण इकाइयों को इस विशेष वित्तीय सहायता पैकेज का लाभ नहीं मिलेगा। यह विशेष पैकेज आगामी पांच वर्षों के लिए प्रभावशील रहेगा। सागर से दमोह 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर-दमोह मार्ग, लंबाई 76.680 किमी 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण के लिए परियोजना वित्तीय लागत  2,059 करोड़ 85 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार लागत का 40% हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60% राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक 6 माही एन्युटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भू अर्जन एवं अन्य कार्यों के लिए 323 करोड़ 41 लाख रूपये का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, एक आरओबी, 13 वृहद जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जायेगा।  दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेज के लिए नियमित और आउटसोर्स पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दमोह, छतरपुर और बुधनी के संचालन के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में 330 नियमित पद सृजन और 205 व्यक्तियों को आउटसोर्स पर नियोजित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के तीसरे रहवास के रूप में विकसित करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लखेनीय है कि सितंबर 2022 में कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में पहला और अप्रैल 2025 में गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर में दूसरा चीता रहवास प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में कुल 31 चीते हैं। कुनो राष्ट्रीय उद्यान श्योपुर में 28 और गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर 02 चीतों का रहवास है। इसके अतिरिक्त जनवरी 2026 में बोत्सवाना से 8 चीते कुनो में पहुंचना संभावित है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दमोह जिले की तेंदूखेड़ा तहसील की झापननाला मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 165 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के तहत तेंदूखेड़ा तहसील के 17 ग्रामों का कुल 3600 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने 11 जिलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। निर्णय अनुसार नीमच जिले के भादवामाता उप स्वास्थ्य केंद्र को 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन किया जाएगा। शाजापुर के मक्सी स्थित 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में किया जाएगा। इसी प्रकार, उज्जैन के जीवाजीगंज और खंडवा के ओंकारेश्वर स्थित 20 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों का विस्तार कर उन्हें 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त पन्ना के अजयगढ़, खरगौन के महेश्वर, सिंगरौली के देवसर और रीवा के हनुमना स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा। बड़े उन्नयन कार्यों में बैतूल के भीमपुर, सिंगरौली के चितरंगी और अनूपपुर के कोतमा स्थित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पतालों में बदलना शामिल है। साथ ही, सागर जिले के बीना स्थित 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का उन्नयन कर उसे 100 बिस्तरीय किया जाएगा। इन संस्थाओं के संचालन के लिए मंत्रि-परिषद ने 345 … Read more

योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर

मिशन शक्ति : उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को मिली नई उड़ान  योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर  आत्मनिर्भर दीदी बना रहीं समृद्ध उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन पर जोर दिया है। नारी को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति पर सरकार का जोर है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नारी सम्मान का ऐसा मॉडल बना है, जहां सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से महिलाओं को नई दिशा मिल रही है। मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया मॉडल है।  मिशन शक्ति 5.0- उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति का नया दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश है 'नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है'। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है। पुलिस चौपालों से लेकर सड़क रैलियों तक 'सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार' का उद्घोष गूंज रहा है।  प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय, अब हर महिला का सहारा ग्रामीण-शहरी हर क्षेत्र में व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से हर महिला को अभूतपूर्व सुरक्षा का कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल 24×7 उपलब्धता के साथ स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत पहुंच रहा है। तकनीक का व्यापक उपयोग – 1090, साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग ने स्टॉकिंग, फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप से छात्राओं को सशक्त बनाया जा रहा है।  सुरक्षा-सम्मान का यूपी मॉडल, नारी उत्थान से समृद्ध प्रदेश महिला अपराधों में त्वरित जांच से हर पीड़िता को पूर्ण न्याय सुनिश्चित, अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं। मिशन शक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी 3-5 वर्ष तक तैनात रहेंगे। आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति आ रही है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन ने बेटियों को नई उड़ान दी है। हर नारी को मिलेगा सम्मान और अपराधियों पर होगी दो-गुनी तेजी से कार्रवाई  मिशन शक्ति के साथ ही उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने घर-घर तक सशक्तिकरण पहुंचाया है। पोषण अभियान, रानी लक्ष्मीबाई कोष ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत किया।  मिशन शक्ति 5.0 सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश का आधार बन गया है।

तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

देश को विभाजित करने वाले जयचंद व मीरजाफर जैसे पापी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता में मौका मिलने पर सिर्फ परिवार के बारे में ही सोचते हैं देश तोड़क तत्व : सीएम योगी सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, प्रदर्शनी का किया अवलोकन पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाएं नागरिक : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि की तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी।  सीएम योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने एक हजार से अधिक की क्षमता के ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत को पंच प्रण के प्रति समर्पित योद्धा बताते हुए कहा कि हम सभी को पंच प्रणों को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाना होगा।  सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना  बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो ही नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।  विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके प्रगति नहीं कर सकता समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के पहले प्रण ‘विरासत पर गौरव की अनुभूति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, महापुरुषों को का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। विदेशी आक्रांता नहीं हो सकता महान सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के दूसरे प्रण ‘गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी विदेशी ही अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने बल पर सबकुछ देश में ही खड़ा करके दिखाएंगे, हमें इस मानसिकता के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी के दूसरे प्रण को और विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिकंदर को महान क्यों कहें? हमारे लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता सैनिक महान हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विदेशी आक्रांता महान नहीं हो सकता।  सेना के जवानों की वजह से मिलती है चैन की नींद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के तीसरे प्रण ‘सैन्यबलों के प्रति सम्मान भाव’ की चर्चा करते हुए कहा कि हम अपने घरों में चैन से इसलिए सो पाते हैं कि सेना के जवान देश की सीमा पर रखवाली करते हैं। अर्धसैनिक बल पैट्रोलिंग करते हैं और पुलिस के जवान मेहनत करते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि एक व्यक्ति की गलती से पूरी फोर्स खराब नहीं हो जाती। हमें जवानों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना होगा।  हर नागरिक के मन में हो भारतीयता का भाव चौथे प्रण ‘सामाजिक एकता’ के सूत्र को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति तभी होगी, कल्याण तभी होगा जब समरस समाज की स्थापना होगी। हर नागरिक के मन में भारतीयता का भाव होगा। जिसके मन में भारतीयता का भाव नहीं है वह देश का नहीं बल्कि पराया है। सीएम ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के एक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि सबसे पहले और सबसे अंत में भी मेरी पहचान एक भारतीय की है। वही देश महान जहां नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग पांचवें प्रण ‘नागरिक कर्तव्य’ की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद अधिकारों के संरक्षण की बात तो खूब हुई लेकिन उसकी तुलना में नागरिक कर्तव्यों की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों की सजगता को लेकर देश के … Read more

खंडवा में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू की बड़ी कार्रवाई, सिहाड़ा गांव में दरगाह पर चला बुलडोजर

खंडवा  खंडवा के सिहाड़ा गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। यहां जेसीबी मशीनों के जरिए दरगाह का अतिक्रमण हटाया जा रहा है।वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित किए जाने और ग्राम पंचायत के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मौके पर एसडीएम समेत आला अधिकारी मौजूद हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी समिति के दावे के खिलाफ ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी, जिसमें वक्फ बोर्ड के इस दावे को गलत बताते हुए उल्टे सरकारी जमीन पर दरगाह कमेटी द्वारा कब्जा करने की बात कही गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद ग्राम पंचायत द्वारा मंगलवार को शासकीय भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजस्व व पुलिस के आला अधिकारी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दरगाह क्षेत्र से तार फेंसिंग सहित गांव के अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। नईदुनिया को ग्रामीणों ने कहा धन्यवाद वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इस मामले को नईदुनिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने पर सरपंच प्रतिनिधि सहित ग्रामीणों ने धन्यवाद ज्ञापित किया है। करीब एक माह पूर्व न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल द्वारा वक्फ बोर्ड की ओर से खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को अपनी संपत्ति बताने का नोटिस जारी किया था। इस रकबे पर पूरा गांव बसा होने से नोटिस को लेकर सिहाड़ा के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। ग्राम पंचायत को 10 नवंबर को वक्फ बोर्ड भोपाल ने पेशी पर उपस्थित होने के लिए कहा था। सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार निवासरत हैं। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने वक्फ बोर्ड के नोटिस को अपने अधिवक्ता के माध्यम से ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। इसमें खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को सरकारी व आबादी की संपत्ति बताया था। विदित हो कि सिहाड़ा में ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को उस स्थान से तार फेंसिंग हटाने का नोटिस दिया गया था। इस पर दरगाह कमेटी ने इस जमीन सहित पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर जमीन को अपनी जमीन बताया था।   वक्फ बोर्ड ने पंचायत के पक्ष में सुनाया था फैसला अतिक्रमण का नोटिस मिलने पर मुस्लिम समाज ने इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए वक्फ बोर्ड में शिकायत की थी। हालांकि, 5 दिसंबर को वक्फ बोर्ड कमेटी ने मामले की सुनवाई करते हुए दस्तावेज देखे और अपना फैसला सुनाया। बोर्ड ने इस जमीन को आबादी क्षेत्र माना, जिसके बाद ग्राम पंचायत यह केस जीत गई।

राजस्थान में शीतलहर का कहर, शेखावाटी और आसपास के 4 जिलों में येलो अलर्ट

जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 10 दिसंबर से कोल्ड-वेव का प्रभाव दिखाई देने लगेगा। इसका सबसे अधिक असर शेखावाटी के जिलों—सीकर, चूरू, झुंझुनूं—सहित नागौर में देखने को मिलेगा। इन चारों जिलों के लिए विभाग ने दो दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 1 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के बाद सोमवार को राज्य के सभी शहरों में आसमान बिल्कुल साफ रहा और तेज धूप खिली। पाली, कोटा, बारां, पिलानी और जयपुर सहित कई शहरों में धूप की वजह से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सोमवार का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इनमें सबसे कम तापमान फतेहपुर में 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जैसलमेर में भी तापमान अचानक गिरकर 9.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम अगले एक सप्ताह तक साफ रहेगा और शीतलहर से राहत बनी रहेगी।

SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर जताई नाराजगी, लड़की के स्तन पकड़ने को रेप का प्रयास नहीं माना

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यौन हमलों से जुड़े मामलों में असंवेदनशील न्यायिक टिप्पणियों का पीड़िता, उनके परिवार और बड़े पैमाने पर समाज पर ‘डरावना असर’ पड़ सकता है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणियों पर लगाम लगाने के लिए उच्च न्यायालयों और जिला अदालतों के लिए दिशा-निर्देश बनाने पर विचार कर सकता है। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। फैसले में कहा गया था कि नाबालिग लड़की के स्तनों को पकड़ना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना, उसके कपड़े उतारने का प्रयास और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान वकीलों ने कहा कि इस मामले के अलावा, हाल के दिनों में कई हाईकोर्ट ने यौन हमले के मामलों में इसी तरह की मौखिक और लिखित टिप्पणी की है। वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने पीठ से कहा कि ‌हाल ही में एक अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि चूंकि रात थी, इसलिए यह आरोपी के लिए एक ‘आमंत्रण’ था। उन्होंने कलकत्ता और राजस्थान हाईकोर्ट के ऐसे दूसरे मामलों का भी पीठ के समक्ष उल्लेख किया। एक अन्य अधिवक्ता ने पीठ से जिला अदालत के एक मामले का जिक्र किया, जहां बंद कमरे में अदालती कार्यवाही के बावजूद कई लोग मौजूद थे और सुनवाई के दौरान पीड़िता को कथित तौर पर परेशान किया गया। स्तन पकड़ना और पायजामे का नाड़ा तोड़ना, रेप या रेप का प्रयास नहींः हाईकोर्ट ऐसी टिप्पणियों से समाज पर बुरा असर इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि आप इन सभी मामलों का जिक्र कर सकते हैं तो हम पूरा दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई भी असंवेदनशील बातें और न्यायिक टिप्पणियां पीड़ितों, उनके परिवारों और पूरे समाज पर बुरा असर डाल सकती है। पीड़ितों को मजबूर करने के तरीके हैं इसके साथ ही, कभी-कभी, उन्हें (पीड़ितों को) शिकायतें वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए भी ऐसे तरीके अपनाए जाते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘ये हाईकोर्ट की टिप्पणियां हैं और जिला अदालत के स्तर पर इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए और हम दिशा-निर्देश जारी करना चाहेंगे। इसके साथ ही, पीठ ने वकीलों से अगली सुनवाई की तारीख से पहले संक्षिप्त में लिखित सुझाव देने को कहा।

यात्रियों के लिए खुशखबर, अब पुणे और सांगानेर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन

रतलाम  शीतकालीन छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखकर रतलाम से होकर पुणे से सांगानेर के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। 01405/01406 पुणे-सांगानेर-पुणे स्पेशल दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे चलेगी। 01405 पुणे-सांगानेर स्पेशल पुणे से 19 व 26 दिसंबर तथा दो जनवरी को सुबह 9.45 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 6.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का शुक्रवार को रतलाम आगमन रात 11.35 बजे तथा प्रस्थान 11.45 बजे होगा। इसी प्रकार वापसी में 01406 सांगानेर-पुणे स्पेशल सांगानेर से 20, 27 दिसंबर तथा तीन जनवरी को सुबह 11.35 बजे चलेगी तथा अगले दिन सुबह 9.30 बजे पुणे पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रुकेगी इस ट्रेन का शनिवार को रतलाम आगमन शाम 7.10 बजे तथा प्रस्थान 7.20 बजे होगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में लोनावला, कल्याण, भिवंडी रोड, बोईसर, पालघर, वापी, वलसाड़, सूरत, अंकलेश्वर, वड़ोदरा, रतलाम, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा व सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।