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नौकरी में पारदर्शिता का युग: पंजाब में युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

चंडीगढ़  पंजाब में रोजगार के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में अपनाई गई पारदर्शी और मेरिट-आधारित भर्ती प्रणाली ने युवाओं में एक नया भरोसा पैदा किया है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं में सिफारिश और भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण युवाओं का विश्वास कमजोर पड़ गया था, जिसे नई प्रणाली ने मजबूती से बहाल किया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य में 1.6 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी, निजी और संविदा आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है। इनमें से 58,962 नियुक्तियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर की गईं। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट कहा, “अब पंजाब में नौकरी योग्यता से मिलेगी, न कि रिश्वत या सिफारिश से।” यही संदेश युवाओं में नई ऊर्जा भर रहा है।   शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक नियुक्तियाँ हुई हैं। शिक्षा विभाग में 2,000 से अधिक पद भरे गए, जिनमें 725 स्पेशल एजुकेटर और मास्टर कैडर के शिक्षक शामिल हैं। पुलिस विभाग में 1,746 जवान भर्ती किए गए—जिनमें 1,261 जिला पुलिस और 485 आर्म्ड पुलिस के कर्मी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 1,000 से अधिक डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को नियुक्त किया है। ऊर्जा क्षेत्र में पीएसपीसीएल और पीएसपीटीएल ने संयुक्त रूप से 8,984 भर्ती कीं, जिससे बिजली सेवा की गुणवत्ता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सरकार का दावा है कि इस पारदर्शी प्रणाली ने युवाओं के विदेश पलायन की प्रवृत्ति को कम किया है और राज्य में स्थिर करियर की संभावनाएँ बढ़ाई हैं। मुख्यमंत्री के शब्दों में, “यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि सोच में बदलाव है—जहाँ ईमानदारी को सम्मान और प्रतिभा को प्राथमिकता दी जाती है।” यह पहल आने वाली पीढ़ियों में भी विश्वास जगाती है कि पंजाब में मेहनत और क्षमता का उचित सम्मान होता है।

पंजाब सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना, 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर मजबूत हुआ बिजली ढांचा

चंडीगढ़ पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा जुलाई 2022 से लागू की गई 300 यूनिट मुफ्त घरेलू बिजली योजना ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन लाया है। यह योजना आज राज्य में जन-कल्याण की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक मानी जा रही है, जिसने आम लोगों को बढ़ते बिजली बिलों से मुक्त कर नई राहत प्रदान की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के लगभग 90% घरेलू उपभोक्ताओं को अब मासिक बिजली बिल नहीं देना पड़ता। जहां पहले हर महीने महंगे बिल लोगों के बजट को प्रभावित करते थे, वहीं अब घर-परिवार अपनी बचत को शिक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक जरूरतों पर खर्च कर पा रहे हैं। लुधियाना की निवासी हरजीत कौर कहती हैं, “बिजली बिल खत्म होने से घर का खर्च काफी सधा हुआ है और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पा रहे हैं।” किसानों को भी इस पहल से बड़ा लाभ मिला है। सिंचाई के लिए 24 घंटे स्थिर और मुफ्त बिजली उपलब्ध होने के कारण डीज़ल आधारित मोटरों का खर्च लगभग समाप्त हो गया है, जिससे कृषि लागत में कमी और उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य सरकार ने बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इसका उद्देश्य ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को सुदृढ़ बनाकर कटौती की समस्या को कम करना है। मुख्यमंत्री मान का कहना है, “बिजली किसी भी नागरिक के लिए विलासिता नहीं, बल्कि उसका बुनियादी अधिकार है।” यह योजना आज पंजाब के घर-घर में विश्वास, राहत और ऊर्जा सुरक्षा की नई रोशनी जगाने का काम कर रही है। यह सिर्फ एक सामाजिक योजना नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य की बड़ी छलांग है।  

एमपी में शीतलहर का तांडव, पारा गिरा 4 डिग्री तक, 10 से 12 दिसंबर तक इन जिलों में भारी ठंड

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों बर्फीली हवाओं का भारी असर दिखाई देने लगा है। हालात ये हैं कि, यहां कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे लुढ़क चुका है, जबकि ज्यादातर इलाकों में तापमान 10 डिग्री से भी नीचे है। बीती रात शहडोल का कल्याणपुर इलाका सबसे सर्द गुजरा। जबकि, पड़ रही ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। उज्जैन में अबतक के सीजन की सबसे सर्द रात गुजरी। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश में आगामी 3 दिन के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। एमपी में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर और राजगढ़ में कोल्ड वेव चलने की संभावना है। जबकि नरसिंहपुर में कोल्ड डे का भी अलर्ट है। कल्याणपुर में कड़ाके की ठंड प्रदेश में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है। शहडोल के कल्याणपुर में सबसे कम 4.2 डिग्री सेल्सियस टेम्प्रेचर रिकॉर्ड किया गया है। जबकि, ज्यादातर शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क चुका है। यहां 10 डिर्गी से नीचे तापमान वहीं, सूबे के नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, उमरिया में 5.6 डिग्री दर्ज हुआ। जबकि, रात का पारा 5.7 डिग्री दर्ज हुआ, राजगढ़ में 6 डिग्री और भोपाल में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री रहा। वहीं, उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही। जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री और ग्वालियर में 8.9 डिग्री दर्ज किया गया।

कलेक्टर का बड़ा आदेश: शीतलहर के चलते स्कूलों का समय बदला, जानें नया शेड्यूल

जांजगीर-चाम्पा  कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में पड़ रहे अत्याधिक ठंड और शीतलहर के कारण छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित  समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों का संचालन समय परिवर्तित किया है जो 11 दिसंबर 2025 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।        आदेशानुसार दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए प्रथम पाली में संचालित शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक, शनिवार को दोपहर 12.15 से 4.15 बजे तक, द्वितीय पाली में संचालित होने वाले शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12.15 बजे से 04.15 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं का संचालन सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से 04 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही परीक्षाएँ पूर्ववत निर्धारित समय अनुसार ही संचालित की जाएगी।

टीम इंडिया के लिए चुनौती भरी जंग: खराब रिकॉर्ड के बीच नई पिच पर घमासान तय

नई दिल्ली  टी20 वर्ल्ड कप 2026 दो महीने बाद भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। इससे पहले टीम इंडिया को कुल 10 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। इनमें से पांच मुकाबले इसी सीरीज में खेले जाने हैं। एक तरह से टीम इंडिया के लिए घरेलू धरती पर ये टी20 विश्व कप की ड्रेस रिहर्सल होगी। कटक के बाराबती स्टेडियम में ये मुकाबला खेला जाएगा। हालांकि, इस मैदान पर टीम इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। ऐसे में आप पिच रिपोर्ट के बारे में जान लीजिए कि यहां किसको फायदा होने वाला है और किसको परेशानी झेलनी पड़ सकती है।   बाराबती स्टेडियम में पहली बार लाल मिट्टी की पिच पर मुकाबला खेला जाएगा और इसके हाई स्कोरिंग होने की उम्मीद है। बहुत ज्यादा टी20 इंटरनेशनल मैच यहां नहीं खेले गए हैं। सिर्फ 3 ही टी20 इंटरनेशनल मैचों की मेजबानी इस स्टेडियम ने की है और इनमें से दो बार तो भिड़ंत इंडिया और साउथ अफ्रीका की ही हुई है। हैरानी की बात ये है कि दोनों बार टीम इंडिया को मुंह की खानी पड़ी है। एक अन्य मुकाबला इस मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था, जिसमे टीम इंडिया ने 93 रनों से जीत दर्ज की थी। कटक के इस मैदान पर टी20 इंटरनेशनल मैच में हाईएस्ट स्कोर 180 रन का है, जो भारत ने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। वहीं, सबसे कम स्कोर टी20आई क्रिकेट में कटक के बाराबती स्टेडियम में सिर्फ 87 है, जो कि श्रीलंका ने भारत के खिलाफ इसी मैच में बनाया था। रन चेज में यहां फायदा मिलता है। ऐसे में कोई भी टीम टॉस जीतेगी तो जरूर गेंदबाजी चुनेगी, क्योंकि रात को ओस पड़ने के पूरे चांस हैं और बारिश का भी 10 फीसदी अनुमान है। सिर्फ 3 ही टी20 मैच यहां खेले गए तो अनुमान लगाना बहुत ही गलत होगा कि किसे फायदा मिलेगा और किसे नुकसान होगा, लेकिन एक बात तय है कि लाल मिट्टी की पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है और काफी रन बनते हैं। ऐसे में पहली बार इस मैदान पर 200 रनों का आंकड़ा भी कोई टीम छू सकती है। दोनों के पास पावर हिटर हैं, जो तेजी से रन बनाते हैं। हालांकि, बड़ा स्कोर यहां चेज भी हो सकता है, क्योंकि ड्यू फैक्टर बहुत ही ज्यादा अहम होगा।  

पंजाब में आम आदमी क्लीनिक से स्वास्थ्य सेवाओं में नया बदलाव, 107 दवाइयाँ और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त

चंडीगढ़  15 अगस्त 2022 को शुरू हुए आम आदमी क्लीनिक पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक शांत लेकिन गहरी क्रांति लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की यह पहल अब राज्य में सस्ती, सरल और भरोसेमंद प्राथमिक चिकित्सा का सबसे मजबूत आधार बन चुकी है। अक्टूबर 2025 तक राज्य में कुल 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं 316 शहरी और 565 ग्रामीण क्षेत्रों में। अब तक इन क्लीनिकों में 4.20 करोड़ से अधिक मरीज इलाज प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 80 लाख से अधिक मुफ्त जांचें की गई हैं। प्रतिदिन करीब 73 हजार लोग इनसे लाभ उठा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मरीजों में 54% महिलाएं हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं तक महिलाओं की बढ़ती पहुंच और विश्वास को दर्शाता है। क्लीनिकों में 107 प्रकार की आवश्यक दवाईयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं। मरीज संतुष्टि दर भी बेहद ऊंची है—98% लोगों को सभी दवाइयां क्लीनिक से ही मिलीं। लगातार लौटने वाले 2.7 करोड़ मरीज यह साबित करते हैं कि सेवा की गुणवत्ता को जनता ने दिल से स्वीकार किया है। इन क्लीनिकों के कारण लोगों को लगभग 2000 करोड़ रुपये के निजी चिकित्सा खर्च से बचत हुई है। डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन रिपोर्ट और आईटी-संचालित प्रबंधन प्रणाली ने पूरी प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाया है। मुख्यमंत्री मान कहते हैं, “हमारी प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक, मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले।” आज आम आदमी क्लीनिक सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और समावेशी पंजाब की मजबूत नींव बन चुके हैं।  

IMF का पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर का और वित्तीय सहायता देने का फैसला, बावजूद इसके देश की स्थिति पर चिंता

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता और सुधारों में कमी पर चिंता जताने के बावजूद देश को 1.2 अरब डॉलर की नई किस्त जारी कर दी है। यह राशि पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और महंगाई को नियंत्रित करने में सहायक होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दीर्घकालिक सुधारों के बिना जोखिम भरा हो सकता है। IMF ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की तीसरी किस्त जारी करने की घोषणा की। यह धनराशि उन दो कार्यक्रमों के तहत दी गई है, जिनका उद्देश्य देश में आर्थिक सुधारों को समर्थन देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। इस ताजा किस्त के साथ वाशिंगटन स्थित संस्था द्वारा इस्लामाबाद को अब तक कुल 3.3 अरब डॉलर जारी किए जा चुके हैं। आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक नाइजल क्लार्क ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा लागू किए गए सुधारों ने हालिया झटकों के बावजूद मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से इस वर्ष की मॉनसून बाढ़ों का उल्लेख किया, जिनमें सितंबर तक 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। क्लार्क ने कहा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा प्राथमिक राजकोषीय संतुलन लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता, साथ ही बाढ़ प्रभावितों को जरूरी आपात सहायता प्रदान करना, उनकी वित्तीय विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, आईएमएफ अधिकारी ने सरकार से आर्थिक डेटा कलेक्शन में सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण और निवेश को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख सुधारों की गति तेज करने का आग्रह भी किया। गंभीर आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से लंबे आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। विदेशी कर्ज पर भारी निर्भरता रखने वाला देश 2023 में डिफॉल्टर होने से बाल-बाल बचा। तब 2024 में आईएमएफ द्वारा 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मंजूरी मिली थी। दक्षिण एशियाई यह देश अर्जेंटीना और यूक्रेन के बाद आईएमएफ का तीसरा सबसे बड़ा देनदार है। वित्तीय मोर्चे पर राहत पाने के लिए पाकिस्तान ने जनवरी 2024 में विश्व बैंक से 10 वर्षों के लिए 20 अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज पर भी समझौता किया था। आईएमएफ की ताजा किश्त से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने और सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक आर्थिक सुधारों को तेज़ी से लागू किए बिना स्थिति में स्थायी सुधार की संभावना अभी सीमित है।

4500 फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद इंडिगो संकट गहरा, एयरपोर्ट्स पर बढ़ी अफरातफरी

 नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट आठवें दिन भी जारी है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक हफ्ते में 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. संकट को लेकर बेशक इंडिगो की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अभी भी कई सारे पैसेंजर्स कई घंटे से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं. यह संकट पायलट्स की फ्लाइट ड्यूटी और रेगुलेशन में बदलाव के बाद शुरू हुआ था. शमशाबाद एयरपोर्ट से आज भी 38 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं जिसकी वजह से यात्री बेहद परेशान दिखे. इससे पहले सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं थी. वहीं लखनऊ एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की 26 फ्लाइट्स कैंसिल हुई. हालांकि बीते चार दिनों से कैंसिल हो रही उड़ानों की संख्या में कमी आ रही है. इंडिगो मामले में हवाई अड्डे पर हालात पर नज़र रखने के लिए उड्डयन मंत्रालय ने 10 अधिकारियों को अलग-अलग हवाई अड्डे भेजा है. ये अधिकारी अगले 2-3 दिन वहां रहेंगे लोगो को की मदद के लिए जो भी कदम उठाये गए है उसकी निगरानी करेंगे. -चेन्नई एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 42 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 39 रही. -हैदराबाद एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 14 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 44 रही. – यह वीडियो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है जहां इंडिगो की फ्लाइट्स में रुकावट और कैंसलेशन से यात्री परेशान नजर आए. -सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स के साथ बैठक करेगा. बीते रोज राम मोहन नायडू द्वारा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की गई थी.  आज सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के शीर्ष अधिकारियों को राजीव भवन में रिव्यू मीटिंग के लिए बुलाया गया है. – बैठक का मुख्य फोकस- इडिगो फियास्को जैसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने पर होगा.रिव्यू के दौरान इंडिगो के संचालन, पैसेंजर लोड, यात्रियों की देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी. इंडिगो अपनी सेवाओं को फुल स्ट्रेंथ पर कैसे बहाल करेगा, इस पर भी चर्चा होगी.एयरफेयर कैपिंग के कार्यान्वयन पर अपडेट भी बैठक में लिया जा सकता है. यदि एयरलाइन ऑपरेटरों की कोई चिंता या सुझाव हैं, तो वे भी राजीव भवन की इस बैठक में लिए जाएंगे. सरकार करेगी सख्ती इस बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार IndiGo के विंटर फ्लाइट शेड्यूल में कटौती करेगी और उसके स्लॉट अन्य ऑपरेटरों को आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने  कहा, "हम IndiGo के रूट में कटौती करेंगे. वे वर्तमान में 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं. हम निश्चित रूप से उनमें कटौती करेंगे." नायडू ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर से 8 दिसंबर (शाम 5 बजे तक) के बीच रद्द हुए 7,30,655 पीएनआर (PNR) के लिए 745 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है. इसके अलावा, 9,000 यात्री बैग में से 6,000 वितरित किए जा चुके हैं, और शेष आज रात या मंगलवार सुबह तक वितरित कर दिए जाएंगे. IndiGo ने मांगी माफी, DGCA करेगा कार्रवाई विमानन सुरक्षा नियामक DGCA ने सोमवार को कहा कि उसे IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरक्वेरास से कारण बताओ नोटिस का जवाब मिल गया है. नियामक ने बताया कि एयरलाइन ने "गहरा खेद" व्यक्त किया है और ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है. DGCA अब जवाब की जाँच कर रहा है, और उचित माने जाने पर प्रवर्तन कार्रवाई करेगा.

2026 में 13 महीने का साल और दो-दो ज्येष्ठ का दुर्लभ संयोग, आचार्य से जानें इसके खास मायने

अधिक मास हिंदू धर्म की अत्यंत पवित्र अवधि है। जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर होता है, उसी तरह हिंदू कैलेंडर में अधिक मास होता है। लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के लीप ईयर में सिर्फ एक दिन की वृद्धि होती है, वहीं अधिक मास होने पर साल में पूरा एक महीना बढ़ जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास या मलमास आदि नामों से भी जाना जाता है। हिंदू वर्ष में हर तीन साल में अधिक मास जुड़ता है। अधिक मास जुड़ने पर हिंदू वर्ष 12 नहीं 13 महीनों का हो जाता है। अधिक मास में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किया जाता है। हिंदू धर्म में अधिक मास के समय विवाह, गृह प्रवेश, नई चीजें या नया काम शुरू करने जैसे सभी शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं। अधिक मास में पूजा, व्रत और दान आदि करने का बहुत महत्व है। यह माह भगवान पुरुषोत्तम को समर्पित है जो भगवान विष्णु का ही एक अन्य रूप हैं। इस बार अधिक मास अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार साल 2026 यानी नए साल में होगा। आइए जानें इसका समय, महत्व और क्या होता है अधिक मास? क्या है अधिक मास? नए साल यानी 2026 में हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2083 होगा। इसमें एक अतिरिक्त चंद्र मास जुड़ेगा। इसी वजह से साल 2026 में ज्येष्ठ महीने में अधिक मास पड़ेगा। इस दुर्लभ स्थिति की वजह से ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिनों का होगा। इसके कारण यह साल 13 महीनों का बन जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह स्थिति तब बनती है जब चंद्र कैलेंडर और सूर्य कैलेंडर की गणना में अंतर होता है। चंद्रमा और सूर्य की गणना में जो फर्क समय-समय पर बढ़ता रहता है, उसे संतुलित करने के लिए पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है। लगभग हर 32 महीने में करीब 16 दिन और कुछ घंटे मिलकर एक पूरे महीने के बराबर हो जाते हैं। इसी अतिरिक्त समय को सनातन धर्म में अधिक मास कहा जाता है। कब लगेगा अधिक मास? पंचांग के अनुसार, साल 2026 में ज्येष्ठ महीना 22 मई से शुरू हो कर 29 जून 2026 तक चलेगा। इससे पहले 17 मई 2026 से अधिक मास की शुरुआत होगी, जो 15 जून 2026 को समाप्त होगा। जब पंचांग में एक ही महीना दो बार आता है, तो उसे पुरुषोत्तम मास या अधिक मास कहा जाता है। यह समय बहुत खास और धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। कैसे होगे 2026 में 13 महीने? हिंदू पंचांग के अनुसार नया साल 2026 बेहद खास रहेगा, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ मास बढ़ रहा है. मतलब, एक की जगह दो- सामान्य ज्येष्ठ और अधिक ज्येष्ठ रहेंगे. अधिमास के कारण इस बार ज्येष्ठ का काल लगभग 58 से 59 दिनों तक फैल जाएगा. इसे ही अधिकमास या मलमास कहा जाता है, जिसे विशेष धार्मिक कर्मों और पुण्य कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. इस संयोग के चलते विक्रम संवत 2083 में कुल 13 महीने होंगे, जो अपने आप में एक दुर्लभ घटना है. कितने दिन का होगा अधिकमास  साल 2026 में ज्येष्ठ माह का शुभारंभ 22 मई से होगा और यह 29 जून तक चलेगा. इसी दौरान एक महत्वपूर्ण खगोलीय संयोग भी बन रहा है. अधिमास का आगमन, 17 मई 2026, रविवार से शुरू होकर 15 जून 2026, सोमवार को समाप्त होगा यानी आने वाले वर्ष में 17 मई से 15 जून तक का समय अधिकमास का विशेष काल रहेगा, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यफलदायी माना जाता है. अधिकमास क्या होता है? हिंदू पंचांग में अधिकमास एक ऐसा विशेष महीना है, जो तब बनता है जब पूरे महीने के दौरान सूर्य किसी भी राशि में प्रवेश नहीं करता. दरअसल, चंद्र मास और सौर मास की गणना में जो अंतर होता है, उसी को संतुलित करने के लिए हर 2–3 साल में एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है, जिसे अधिकमास या अध्याय मास कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं में अधिकमास का महत्व बेहद पवित्र माना गया है. इस माह में किए गए व्रत, जप, तप, दान–पुण्य और पूजा-पाठ का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है. इसलिए अधिकमास को आत्मिक शुद्धि, संकल्प और पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ समय बताया गया है. अधिक मास में करें ये खास उपाय धार्मिक मान्यता के अनुसार, अधिक मास का समय बहुत पवित्र माना जाता है। लेकिन इस दौरान की गई छोटी सी गलती भी व्यक्ति के पूरे वर्ष पर असर डाल सकती है। इसी वजह से इस दौरान कुछ खास उपाय करने चाहिए, जो कि पूरे वर्ष को ही नहीं जीवन को भी खुशियों से भर सकता है। घर में रोज सुबह दीपक जलाएं : अधिक मास के दौरान तुलसी के पास या भगवान विष्णु के सामने सरसों के तेल या घी का दीपक रोजाना जलाएं। इससे घर का वातावरण पवित्र, शांत और सकारात्मक रहेगा। पक्षियों को दाना और पानी देना : अधिक मास में छत या बालकनी में मिट्टी के बर्तन में पानी भरें और दाना डालें। पक्षियों की सेवा अधिक मास में बहुत पुण्यदायी मानी जाती है। जरूरतमंद को भोजन कराना : इस दौरान गरीब, मजदूर या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। यह सबसे श्रेष्ठ दान माना गया है।

बस कीमत होगी सस्ती! iPhone-स्टाइल डिज़ाइन वाला Realme Narzo 90 सीरीज 16 दिसंबर को लॉन्च

नई दिल्ली  रियलमी भारत में जल्द मिड-रेंज सेगमेंट में दो नए स्मार्टफोन लॉन्च करने वाला है। ये फोन्स Realme अपनी लोकप्रिय Narzo सीरीज के साथ पेश करेगा। कंपनी ने पुष्टि कर दी है कि Realme Narzo 90 Series 5G में दो मॉडल आएंगे Realme Narzo 90 और Realme Narzo 90x होंगे। ये फोन्स 16 दिसंबर 2025 को भारत में Amazon और Realme की आधिकारिक वेबसाइट पर पेश किए जाएंगे। Amazon की माइक्रो-साइट पर दिखाए गए टीजर्स से कुछ संकेत मिल रहे हैं कि Narzo 90 सीरीज पिछले Narzo मॉडल्स से काफ़ी बेहतर होगी। Realme Narzo 90 Series 5G के फीचर्स Realme ने टीजर में स्पष्ट किया है कि Narzo 90 Series में “सबसे बड़ी बैटरी इन सेगमेंट” दी जाएगी। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि फोन में 7000mAh की बैटरी हो सकती है जिससे बैकअप समय अच्छा रहने की उम्मीद है। Amazon के टीज़र में दो अलग-अलग कैमरा मॉड्यूल दिखाए गए हैं मतलब कंपनी दो मॉडल पेश करने जा रही है। एक मॉड्यूल में गोल और प्रो-स्टाइल कैमरा सेटअप जैसा दिखता है संभावना है कि यह Narzo 90 Pro / 90 जैसा मॉडल हो। दूसरा मॉड्यूल सादा और वर्टिकल कैमरा लेंस वाला है संभवतः Narzo 90x जैसा बजट-फ्रेंडली मॉडल। लीक्स के अनुसार, Narzo 90 5G वेरिएंट्स में 6 GB/8 GB/12 GB RAM और 128 GB/256 GB तक स्टोरेज ऑप्शन मिल सकते हैं। कलर ऑप्शन में “Carbon Black” और “Victory Gold” शामिल बताए गए हैं। India लॉन्च की तारीख: 16 दिसंबर 2025 उपलब्धता: Amazon.in और Realme की आधिकारिक वेबसाइट Amazon Exclusive लेबल है, मतलब पहली सेल Amazon प्लेटफार्म पर होगी।