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सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, भारतीय रेलवे ने आरओबी/आरयूबी निर्माण को बढ़ाकर तीन गुना किया

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे पर रोड ओवर ब्रिज/रोड अंडर ब्रिज (आरओबी/आरयूबी) के कार्यों की मंजूरी और क्रियान्वयन एक सतत् प्रक्रिया है। ऐसे कार्यों को ट्रेन संचालन में सुरक्षा और गतिशीलता पर प्रभाव और सड़क उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है और उन्हें शुरू किया जाता है।   मालदा डिवीजन के अजीमगंज-न्यू फरक्का खंड में किमी 239/9-10 पर एलसी नंबर 43/एसपीएल/ई के बदले आरओबी के निर्माण कार्य को मंजूरी दे दी गई है। जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) और विस्तृत अनुमान तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल में स्वीकृत 302 आरओबी/आरयूबी कार्यों में से, 99 आरओबी/आरयूबी कार्य राज्य सरकार के कारण विलंबित हैं। विवरण इस प्रकार हैं:    आरओबी/आरयूबी कार्यों का पूरा होना और चालू होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जैसे एलसी को बंद करने के लिए सहमति देने में राज्य सरकारों का सहयोग, एप्रोच अलाइंमेंट को ठीक करना, सामान्य व्यवस्था ड्राइंग (जीएडी) की मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाना, उल्लंघनकारी उपयोगिताओं का स्थानांतरण, विभिन्न प्राधिकरणों से वैधानिक मंजूरी, परियोजना/कार्य स्थलों के क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति, जलवायु की स्थितियों के चलते विशेष परियोजना/क्षेत्र के लिए एक वर्ष में काम करने वाले दिनों की अवधि आदि। ये सभी कारक परियोजनाएं/कार्यों को पूरा होने के समय को प्रभावित करते हैं। रेलवे ने आरओबी/आरयूबी कार्यों में तेज़ी तेजी लाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए हैं: (i) सुचारू कार्यान्वयन करने के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) को अंतिम रूप देने से पहले, संबंधित राज्य सरकार/सड़क स्वामित्व प्राधिकरण के साथ संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है। (ii) आरओबी/आरयूबी कार्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को हल करने के लिए रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों की समय-समय पर बैठकें की जाती हैं। (iii) डिजाइन अनुमोदन के दौरान देरी से बचने के लिए रेलवे के हिस्सों पर सड़क के विस्तार, तिरछापन और चौड़ाई के विभिन्न संयोजनों के लिए सुपरस्ट्रक्चर ड्राइंग का मानकीकरण किया गया है। इसे एक सार-संग्रह के रूप में जारी किया गया है, जिसे शीघ्र योजना के लिए सीधे रेलवे लाइनों पर रोड ओवर ब्रिज के लिए अपनाया जा सकता है। (iv) जहां भी मुमकिन हो, रेलवे द्वारा आरओबी/आरयूबी कार्यों को एकल इकाई के आधार पर क्रियान्वयन करने की योजना है। अगर कोई सड़क स्वामित्व प्राधिकारी/राज्य सरकार चाहे तो रेलवे उन्हें एकल इकाई के आधार पर कार्य करने की अनुमति दे सकता है। यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में सवालों के लिखित जवाब में दी।

सऊदी अरब में मौसम की मार! मक्का–मदीना में भीषण बारिश से कयामती नज़ारा, रेड अलर्ट

रियाध  सऊदी अरब के मक्का, जेद्दा और आसपास के इलाकों में मंगलवार को अचानक इतनी तेज बारिश हुई कि कुछ ही मिनटों में सड़कें झील जैसी बन गईं। आमतौर पर गर्म और रेगिस्तानी माने जाने वाले इन क्षेत्रों में ऐसा दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है। मंगलवार सुबह से ही काले बादल छाए हुए थे। दोपहर तक भारी बारिश शुरू हुई और पानी सड़कों पर भरने लगा। निचले इलाकों में हालात सबसे खराब रहे। कई जगह ट्रैफिक रुक गया और गाड़ियाँ पानी में डूबती नजर आईं। कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई।   सऊदी मौसम विभाग NCM ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मक्का, जेद्दा, रबिघ, खुलाईस और आसपास के शहरों में बहुत तेज बारिश, ओले, तेज हवाएं और अचानक बाढ़ आने का खतरा है। अलर्ट के मुताबिक रात 1 बजे से दोपहर 1 बजे तक बारिश सबसे ज्यादा होने वाली थी और वैसा ही हुआ। कई लोगों को 2009 और 2011 की वही बादल फटने वाली भयंकर बाढ़ याद आ गई, जिसने बड़ी तबाही मचाई थी। इस बार भी बारिश ने हालात काफी बिगाड़ दिए। स्कूल बंद करने के आदेश  स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार रात ही स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन क्लास का आदेश दे दिया था। सिविल डिफेंस ने लोगों से साफ कहा है कि निचले इलाकों में न जाएं और बिना वजह बाहर न निकलें।सोशल मीडिया पर लोगों ने वीडियो शेयर कर बताया कि पानी कुछ ही मिनटों में कारों की बोनट तक पहुंच गया। जेद्दा में साल में कुछ बार ही बारिश होती है, इसलिए शहर की व्यवस्था अचानक इतनी बारिश संभाल नहीं पाती।   अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स रद्द जेद्दा में चल रहे रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल को अचानक रोकना पड़ा। निर्देशक डैरेन एरोनोफ्स्की स्टेज पर थे तभी बाहर तेज गर्जन शुरू हो गई। इसके बाद शाम के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। हॉलीवुड एक्टर रिज़ अहमद का सत्र भी रद्द करना पड़ा।अमेरिकी दूतावास ने भी सुरक्षा कारणों से अपना गाला इवेंट रद्द किया।   आगे का मौसम कैसा रहेगा? मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम अभी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार और गुरुवार को मदीना, तबुक, अल जौफ और उत्तरी सीमाओं तक बारिश फैलने की संभावना है। कई जगह ओले और धूलभरी हवाएं भी चल सकती हैं।  

‘बेस्ट देने को प्रेरित करते हैं’ — सूर्यकुमार यादव की कप्तानी ने डेल स्टेन का दिल जीता

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका सहज रवैया खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। स्टेन ने जियोस्टार पर कहा, ‘जब आपको अपनी टीम का समर्थन मिल रहा होता है और आप अपने माहौल में सहज महसूस करते हैं, तो आप अपने खिलाड़ियों के साथ खुलकर बातचीत कर सकते हैं। आपको अपनी जगह या कप्तानी को लेकर कोई खतरा महसूस नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘जब आप टीम को सर्वोपरि रखते हैं। जब आप यह कहते हैं किसी खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत रूप से सर्वश्रेष्ठ क्या है। टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ क्या है। हर कोई इसी तरह का कप्तान चाहता है, जो आत्मविश्वास से भरा हो, मिलनसार हो और व्यापक हित के लिए समायोजन करने को तैयार हो। चाहे यह सिर्फ एक मैच या श्रृंखला के लिए ही क्यों न हो, यह लचीलापन आपके खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को सामने लाता है।’   स्टेन ने कहा, ‘इसलिए जब वह किसी से कहते हैं, आज तुम तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी नहीं कर सकते, मुझे तुम्हारी जरूरत छठे नंबर पर है तो बल्लेबाज समझ जाता है क्योंकि कप्तान ने पहले भी उसका साथ दिया है। यह कप्तानी का बहुत अच्छा गुण है।’ कटक में खेले गए सीरीज के पहले टी20 मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 101 रनों के विशाल अंतर से हराया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में नाबाद 59 रन की पारी खेली।    जीत के लिए 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत की धारदार गेंदबाजी के सामने सिर्फ 74 रन पर सिमट गई। टी20 इंटरनेशनल में दक्षिण अफ्रीका का ये न्यूनतम स्कोर है।  

सारंगढ़ बिलाईगढ़: नई रजिस्ट्री गाइडलाइन 08 दिसंबर से लागू, मूल्यांकन प्रक्रिया हुई सरल

सारंगढ़ बिलाईगढ़ : रजिस्ट्री के नई गाइडलाइन दर 08 दिसंबर से लागू इंक्रीमेंटल प्रणाली समाप्त, मूल्यांकन प्रक्रिया हुई सरल सारंगढ़ बिलाईगढ़ राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में भूमि मूल्यांकन के लिए लागू इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय लिया गया। अब पुनः पूर्व प्रचलित स्लैब आधारित प्रणाली ही लागू रहेगी, जिसके अनुसार नगर निगम में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में मूल्यांकन की जटिलता कम होगी और नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी। बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान अथवा कार्यालय के अंतरण के समय अब मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय बिल्ट-अप एरिया के आधार पर होगा। यह प्रावधान लंबे समय से मांग में था, जिससे वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही बहुमंजिला एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की छूट के साथ मूल्यांकन करने का निर्णय लिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयाँ उपलब्ध होंगी। कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए भूखंड की गाइडलाइन दर में 25 प्रतिशत की कमी करने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरी कॉम्प्लेक्स के मुख्य सड़क की ओर स्थित निर्मित हिस्से से मापी जाएगी, जिससे वास्तविक बाज़ार स्थिति के अनुरूप मूल्यांकन संभव होगा। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए कि हाल ही में बढ़ाई गई दरों पर प्राप्त सभी ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर जिला मूल्यांकन समितियाँ 31 दिसंबर 2025 तक अपने संशोधित प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों के आधार पर राज्य में आगे की गाइडलाइन दरों की संरचना तैयार की जाएगी। इस बैठक के साथ ही राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन दरों में किए गए कई जनहितैषी सुधार भी लागू हो चुके हैं। नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर पहले वर्गमीटर दर लागू होती थी, जिसे अब कृषि भूमि की तरह हेक्टेयर दर पर लागू किया जाएगा। इससे भूमि मूल्य में भारी कमी आई है और नागरिकों को वास्तविक राहत मिली है। उदाहरणस्वरूप रायपुर के वार्ड 28 में एक एकड़ भूमि का मूल्य पहले 78 करोड़ रुपये आंका जाता था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार केवल 2.4 करोड़ रुपये होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि के ढाई गुना मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। दो फसली भूमि पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत मूल्य जोड़ने, ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलों तथा वृक्षों के मूल्य को भूमि मूल्य में जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है। कांकेर में दर्ज एक उदाहरण में 600 वृक्षों के 78 लाख रुपये मूल्य को अब रजिस्ट्री में शामिल नहीं किया गया, जिससे खरीदार को लगभग 8.58 लाख रुपये की सीधी राहत मिली और पेड़ों की कटाई रोकने में भी यह कदम सहायक सिद्ध होगा। शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में अब 25 से 37.5 डिसमिल तक की कृषि भूमि का मूल्यांकन वर्गमीटर के बजाय हेक्टेयर दर से किया जाएगा। बरौदा (रायपुर) में 37.5 डिसमिल भूमि का मूल्य पहले 26.75 लाख रुपये था, जो अब नए प्रावधानों के अनुसार मात्र 6.30 लाख रुपये होगा। तालाब अथवा मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर लगाने का प्रावधान तथा बाउंड्री वॉल और प्लिंथ लेवल के मूल्य जोड़ने की व्यवस्था भी हटा दी गई है। नगरीय निकाय क्षेत्रों में पहले निर्मित संपत्तियों के लिए 21 प्रकार की दरें लागू थीं, जिन्हें घटाकर अब केवल दो प्रकार की दरें कर दिया गया है, जिससे मकानों का मूल्यांकन करना अब आम नागरिकों के लिए अत्यंत आसान हो गया है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के इन निर्णयों एवं व्यापक सुधारों से राज्य में पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के हितों के अनुरूप बन गई है।    

नायब सरकार का VIP ट्रीटमेंट? निर्दलीय विधायक की 314 मांगें, 60% कामों को मिली हरी झंडी

बहादुरगढ़ हरियाणा की नायब सरकार बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक पर खूब मेहरबान है। निर्दलीय विधायक राजेश जून मुख्यमंत्री के सामने जो भी डिमांड रखते हैं वो हर डिमांड लगभग पूरी हो चुकी है। एक साल में विधायक राजेश जून ने सरकार के सामने अलग अलग विभागों के 314 कामों की डिमांड रखी थी जिसमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा मांगे पूरी हो चुकी है। उन पर काम करने के लिए करीबन 400 करोड़ रूप्ए भी मंजूर हो गए है। एक साल के कार्यकाल पर चर्चा करते हुए विधायक राजेश जून ने बताया कि उन्होंने हल्के के हर गांव को 60 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रूप्ए तक विकास कार्यों के लिए दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि ये आवंटन गांव की जनसंख्या के आधार पर है किसी में कम तो किसी में ज्यादा लेकिन कम से कम 60 लाख हर गांव को मिल चुके हैं। राजेश जून ने बताया कि बहादुरगढ़ शहर के सैक्टरों की सड़कों के निर्माण के लिए 18 करोड़ रूप्ए।सीसीटीवी कैमरों के लिए 12 करोड़ और पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नहरी क्षमता विकास के लिए भी 14 करोड़ रूप्ए मंजूर हो चुके हैं। राजेश जून का कहना है कि पैसा आ चुका है और जल्द ही सारे काम भी शुरू हो जाएंगे। उन्होंनें कहा कि बहादुरगढ़ हल्के का नसीब अच्छा है जो उन्हे विधायक बनाया है और एक निर्दलीय विधायक चुने हुए विधायकों से ज्यादा काम अपने हल्के में करके दिखाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का उनपर पूरा भरोसा और आर्शिवाद है। राजेश जून ने शहर के छोटूराम नगर में गलियों के निर्माण कार्य की शुरूवात भी करवाई है जहां पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत भी किया।

Vivo के 200MP कैमरे वाले फोन्स की सेल शुरू, ₹3167 में मिलेगा शानदार स्मार्टफोन

 नई दिल्ली वीवो ने भारतीय बाजार में अपने दो फ्लैगशिप फोन्स- Vivo X300 और Vivo X300 Pro को लॉन्च किया है. इन स्मार्टफोन्स को अब आप खरीद सकते हैं. इनकी सेल आज यानी 10 दिसंबर से शुरू हुई है. दोनों ही फोन्स दमदार कैमरा कॉन्फिग्रेशन के साथ आते हैं. इनमें प्रीमियम डिजाइन और पावरफुल परफॉर्मेंस मिलेगी. इन डिवाइसेस को आप फ्लिपकार्ट, ऐमेजॉन, वीवो के आधिकारिक स्टोर और दूसरे प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकते हैं. ऑनलाइन के साथ ही ये फोन्स ऑफलाइन मार्केट में भी उपलब्ध होंगे. आइए जानते हैं इनकी कीमत और दूसरी खास बातें.  कितनी है कीमत?  Vivo X300 को कंपनी ने तीन कलर और तीन कॉन्फिग्रेशन में लॉन्च किया है. फोन का बेस वेरिएंट 12GB RAM + 256GB स्टोरेज के साथ 75,999 रुपये में आता है. वहीं 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वाले वेरिएंट को आप 81,999 रुपये में खरीद सकते हैं, जबकि 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वाला टॉप वेरिएंट 85,999 रुपये का है. ये फोन समिट रेड, मिस्ट ब्लू और एलिट ब्लैक में आता है. वहीं Vivo X300 Pro की कीमत 1,09,999 रुपये है, जिसमें आपको 16GB RAM + 512GB स्टोरेज मिलता है. ये फोन एलिट ब्लैक और ड्यून गोल्ड में आता है.  क्या हैं लॉन्च ऑफर्स?  कंपनी इन फोन्स पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है. इसके तहत 10 परसेंट का कैशबैक SBI, HDFC, कोटक, IDFC फर्स्ट और यस बैंक के कार्ड्स पर मिल रहा है. आप Vivo X300 सीरीज को नो-कॉस्ट EMI पर खरीद सकते हैं. ऑफर के तहत स्मार्टफोन 3,167 रुपये मंथली EMI पर जीरो डाउन पेमेंट के साथ मिलेंगे. फोन पर एक्सचेंज ऑफर भी मिल रहा है.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Vivo X300 में 6.31-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है. फोन Mediatek Dimensity 9500 प्रोसेसर पर काम करता है. इसमें 200MP + 50MP + 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा और 50MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. हैंडसेट को पावर देने के लिए 6040mAh की बैटरी दी गई है, जो 90W की चार्जिंग सपोर्ट करती है.  वहीं Vivo X300 Pro में 6.78-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है. इसमें भी Mediatek Dimensity 9500 प्रोसेसर दिया गया है. फोन Android 16 पर काम करता है. इसमें 50MP + 200MP + 50MP का ट्रिपल रियर और 50MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा. ये फोन 6510mAh की बैटरी और 90W चार्जिंग के साथ आता है.

US की कड़ा रुख अपनाया, पंजाब के युवाओं के सपनों पर लगा ब्रेक?

पंजाब  America जाने की चाह रखने वालों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अब अमेरिका या वीजा पानी और भी मुश्किल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में H-1B वीजा के लिए आवेदन करने वाले हजारों भारतीय आवेदकों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार को जारी एक नोटिस में स्पष्ट कर दिया कि जिन आवेदकों की सितंबर और दिसंबर के बीच अपॉइंटमेंट (Appointment) तय थी और जिन्हें पुनर्निर्धारण की सूचना दी गई है, वे पुरानी तारीख पर दूतावास पहुंचकर इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। प्रवेश केवल नई निर्धारित अपॉइंटमेंट पर ही मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर महीने की सभी वीजा अपॉइंटमेंट्स को स्थगित कर मार्च 2026 तक के लिए टाल दिया गया है।  सोशल मीडिया वेरिफिकेशन बना नई मुश्किल कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने H-1B तथा H-4 वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। 15 दिसंबर से लागू होने जा रही इस नई प्रक्रिया के तहत सभी आवेदकों को अपना सोशल मीडिया प्रोफाइल “पब्लिक” मोड में रखना होगा। अमेरिकी अधिकारियों को ऑनलाइन व्यवहार की गहन जांच का अधिकार होगा। इस दौरान सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाले आवेदकों को छांटा जाएगा। इसी वजह से कई इंटरव्यू अचानक रद्द कर मार्च तक के लिए पुनर्निर्धारित कर दिए गए हैं। वहीं कई कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि, दूतावास ने कुछ अपॉइंटमेंट (Appointment) को रद्द करके मार्च तक पुननिर्धारित कर दिया है। H-1B वीजा प्रोग्राम पर बढ़ी सख्ती अमेरिकी प्रशासन पहले ही H-1B वीज़ा प्रोग्राम पर कड़ी नजर रखे हुए है। इससे पहले सितंबर में नए H-1B वीजा पर $1,00,000 का शुल्क लगाया गया था। जानकारी के अनुसार, सिक्योरिटी चिंताजनक देशों के आवेदकों के ग्रीन कार्ड और नागरिकता प्रक्रियाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट का कहना है कि हर वीजा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, और सोशल मीडिया स्क्रीनिंग इसी सुरक्षा नीति का हिस्सा है। क्या है H-1B वीजा आपको बता दें कि, अमेरिका का H-1B वीज़ा उन अत्यधिक कुशल विदेशी पेशेवरों के लिए बनाया गया है, जो किसी अमेरिकी कंपनी में निश्चित समयावधि के लिए काम करना चाहते हैं। यह वीजा मुख्य रूप से आईटी, इंजीनियरिंग, फाइनेंस, हेल्थकेयर, साइंस और अन्य विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों के कर्मचारियों को दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, H-1B वीज़ा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि L वीजा और E वीजा के विपरीत इसमें अमेरिकी कंपनी पर किसी विशेष पात्रता या निवेश से जुड़ी शर्तें लागू नहीं होतीं। यानी कोई भी अमेरिकी नियोक्ता, जो योग्य विदेशी कर्मचारी की जरूरत साबित कर सके, H-1B वीजा स्पॉन्सर कर सकता है। यह वीजा 3 साल के लिए दिया जाता है, जिसे बाद में बढ़ाकर अधिकतम 6 साल तक किया जा सकता है। H-1B धारक अपने पति/पत्नी और बच्चों को भी H-4 वीजा पर अमेरिका ले जा सकते हैं, हालांकि H-4 आश्रितों के लिए काम करने की अनुमति अलग नियमों के तहत मिलती है। हर साल लाखों आवेदन आने के कारण H-1B प्रक्रिया अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों द्वारा हाल में लागू किए गए सख्त जाँच मानकों, खासतौर पर सोशल मीडिया वेरिफिकेशन, ने इस वीजा को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दूसरा चरण शुरू, 180 नए गांव जुड़े बस सुविधा से ग्रामीण परिवहन को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया योजना के द्वितीय चरण का शुभारंभ बस्तर और सरगुजा में परिवहन क्रांति, ग्रामीण बस योजना का विस्तार रायपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल के सुदूर वनांचलों में ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया तथा वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। दूसरे चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 10 जिलों के 23 मार्गों पर 24 नई बसों का संचालन प्रारंभ हुआ है, जिससे 180 गांव सीधे बस सुविधा से जुड़ गए हैं। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में शामिल अनेक ग्रामीण उसी बस में सवार होकर पहुंचे, जिसे योजना के प्रथम चरण में प्रारंभ किया गया था। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आत्मीय चर्चा करते हुए बताया कि अब दूरस्थ इलाकों से ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है।  सुकमा–दोरनापाल–कोंटा मार्ग से पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वे लगभग 110 किलोमीटर की यात्रा बस से कर कार्यक्रम तक पहुंचे, जबकि पूर्व में यह यात्रा बेहद कठिन और समयसाध्य थी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। यह योजना न केवल परिवहन सुविधा बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहरों और सेवा संस्थानों से जोड़ते हुए सामाजिक एवं आर्थिक समानता को भी मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में यह योजना एक मील का पत्थर सिद्ध हो रही है, जिससे लोगों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल रहा है।  मुख्यमंत्री  साय ने योजना से लाभान्वित होने वाले 180 गांवों के सभी ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर यातायात सुविधाएँ अब उनके जीवन को पहले से अधिक सुगम बनाएंगी और तरक्की के नए मार्ग खोलेंगी। परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने बताया कि जिन दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों तक कभी यातायात की सुविधा नहीं पहुंची थी, वहाँ भी अब बस सेवाएँ प्रारंभ हो रही हैं। यह योजना विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा के जनजातीय बहुल इलाकों के लिए एक वरदान के रूप में उभर रही है।  उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 04 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत 250 गांवों को बस सेवाओं से जोड़ा गया था। अब द्वितीय चरण की शुरुआत के साथ इस संख्या में और वृद्धि हुई है तथा 180 गांव और जुड़ गए हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव  एस. प्रकाश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

इंदौर में गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी समेत कई फर्म पर 2002 करोड़ टैक्स डिमांड, 1784 करोड़ का सेस

इंदौर  गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उससे जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने इन्हें 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड वाला नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि यह प्रदेश में अब तक जारी की गई सबसे बड़ी टैक्स डिमांड है। यह कार्रवाई साल 2020 में तलाशी और जांच कार्रवाई के आधार पर की गई है। नोटिस वाधवानी तक सीमित नहीं है, टैक्स डिमांड एलोरा टोबेको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन, श्याम खेमानी, अनमोल मिश्रा, धर्मेन्द्र पीठादिया, राजू गर्ग, शिमला इंडस्ट्रीज प्रालि, देवेंद्र द्विवेदी, विनायका फिल्टर्ड प्रालि और विनोद बिदासरिया सहित कई अन्य संस्थानों और व्यक्तियों को भी जारी किया गया है। इसके अलावा टीएएन इंटरप्राइजेज, एसआर ट्रेडिंग, निश्का इंटरप्राइजेज, इंक फ्रूट, एमएन इंटरप्राइजेस, रानी प्रेस प्रालि, जौहर हसन, एनजी ग्राफिक्स एंड क्लॉक मेकर्स के नाम भी इसमें शामिल हैं। टैक्स डिमांड नोटिस जारी होने में देरी का मुख्य कारण वाधवानी समूह द्वारा की गई लंबी कानूनी लड़ाई रही। मामला पहले इंदौरहाईकोर्ट में पहुंचा, जहां अदालत ने समूह की याचिका को न केवल निराधार बताया, बल्कि उन पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि याचिका का उद्देश्य सिर्फ जांच और टैक्स प्रक्रिया को लटकाने का प्रयास है। इसके बाद समूह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर किया।  2 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रशासन को टैक्स डिमांड नोटिस जारी करने का रास्ता साफ हो गया और लंबे समय से लंबित यह कार्रवाई अब पूरी हो गई है। अब संबंधित फर्मों और व्यक्तियों को तय समय सीमा में विभाग को अपना जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग आगे वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक, महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –  1. मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण/वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है।           मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा एवं परीक्षण के लिए, जिन्हें न्यायालय से वापस लिया जाना है, मंत्रिपरिषद उप समिति के गठन को स्वीकृति दी है। यह समिति परीक्षण उपरांत प्रकरणों को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करेगी। यह निर्णय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों के अच्छे आचरण तथा नक्सलवाद उन्मूलन में दिए गए योगदान को ध्यान में रखकर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरणों के निराकरण पर विचार का प्रावधान है।         आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रकरण वापसी की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन का प्रावधान किया गया है। यह समिति आत्मसमर्पित नक्सली के अपराधिक प्रकरणों की वापसी के लिए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेगी। पुलिस मुख्यालय अभिमत सहित प्रस्ताव भेजेगा। शासन द्वारा विधि विभाग का अभिमत प्राप्त कर मामलों को मंत्रिपरिषद उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उपसमिति द्वारा अनुशंसित प्रकरणों को अंतिम अनुमोदन हेतु मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। केंद्रीय अधिनियम अथवा केंद्र सरकार से संबंधित प्रकरणों के लिए भारत सरकार से आवश्यक अनुज्ञा प्राप्त की जाएगी। अन्य प्रकरणों को न्यायालय में लोक अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापसी की प्रक्रिया हेतु जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। 2. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।         उल्लेखनीय है कि कई अधिनियमों में उल्लंघन पर जुर्माना या कारावास के प्रावधान होने से न्यायिक प्रक्रिया लंबी हो जाती है, जिससे आम नागरिक और व्यवसाय दोनों अनावश्यक रूप से प्रभावित होते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इन प्रावधानों का सरलीकरण आवश्यक है। इससे पहले, राज्य सरकार द्वारा 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन करते हुए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2025 अधिसूचित किया गया है। अब 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों को भी सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह विधेयक लाया जाएगा।          इस विधेयक में छोटे उल्लंघनों के लिए प्रशासकीय शास्ति का प्रावधान रखा गया है, जिससे मामलों का त्वरित निपटारा होगा, न्यायालयों का बोझ कम होगा और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सकेगी। साथ ही, कई अधिनियमों में दंड राशि लंबे समय से अपरिवर्तित होने के कारण प्रभावी कार्यवाही बाधित होती थी, इस विधेयक से वह कमी भी दूर होगी। इन संशोधनों से सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।          उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है।  3. मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया।