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रायपुर : साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-नारायणपुर के साकरीबेड़ा एनीकट निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 5 लाख 41 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 60 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएगा। योजना के निर्माण कार्य कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, सातवें दिन 200 करोड़ क्लब में की एंट्री

मुंबई  रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है. रिलीज होने के बाद फिल्म ने जबरदस्त परफॉर्म करते हुए धूम मचा दी है. बॉक्स ऑफिस पर स्पाई थ्रिलर फिल्म एकतरफा राज कर रही है और हर दिन अंधाधुंध बिजनेस हो रहा है. तीन दिनों में ही ‘धुरंधर’ ने 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था. आदित्य धर की इस फिल्म ने रिलीज के पहले ही हफ्ते में ही भारत में डबल सेंचुरी लगा दी है. जानिए धुरंधर फिल्म ने भारत में अब तक कितने करोड़ का बिजनेस कर लिया है. ‘धुरंधर’ साल 2025 की हाईएस्ट ग्रोसिंग फिल्मों में से एक बन गई है. दर्शक इस मूवी पर भर-भरकर प्यार लुटा रहे हैं और इसका असर बॉक्स ऑफिस पर साफ नजर आ रहा है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गुरुवार को भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक हफ्ते मे ही में 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के ताजा अपडेट के अनुसार, ‘धुरंधर’ ने रिलीज के सातवें दिन 27 करोड़ की कमाई की, जिससे फिल्म का भारत में टोटल कलेक्शन 207.25 करोड़ हो गया है. भारत में ‘धुरंधर’ का कलेक्शन (करोड़ में)     पहला दिन -28 करोड़     दूसरा दिन- 32 करोड़     तीसरा दिन-43 करोड़     चौथा दिन- 23.25 करोड़     पांचवां दिन- 27 करोड़     छठा दिन- 27 करोड़     सातवां दिन- 27 करोड़ (अर्ली एस्टीमेट)     टोटल- 207.25 करोड़ ‘धुरंधर’ ने इन बॉलीवुड फिल्मों को छोड़ा पीछे रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पहले ही बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ चुकी है- जैसे ‘सिकंदर’ (109.83 करोड़) और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (153.55 करोड़). इस लिस्ट में अजय देवगन की ‘रेड 2’ भी शामिल है, जिसने 173.05 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. पाकिस्तान के ल्यारी टाउन में सेट है ‘धुरंधर’ की कहानी बताते चलें कि ‘धुरंधर’ एक स्पाई थ्रिलर है, जिसकी कहानी पाकिस्तान के ल्यारी टाउन में सेट की गई है. इसमें रणवीर भारतीय जासूस की भूमिका निभा रहे हैं, जो ल्यारी में मौजूद आतंकी नेटवर्क में घुसपैठ करता है. उन्होंने हमजा अली मजारी का किरदार निभाया है. फिल्म में संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और आर. माधवन भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं. फिल्म का दूसरा पार्ट अगले साल 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा. इस फिल्म को आदित्य धर ने लिखा और डायरेक्ट किया है.

जापान में 6.7 का शक्तिशाली भूकंप, तटीय क्षेत्रों में सुनामी का खतरा, देश में चौथी बार भूकंप

टोक्यो जापान में आज सुबह फिर तेज झटके महसूस किए गए. समुद्र में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप इतना जोरदार था कि तटीय इलाकों से लेकर दूर बसे शहरों तक धरती हिल गई. भारतीय समय के मुताबिक यह भूकंप सुबह 8:14 बजे आया. इसकी गहराई 10.7 किलोमीटर थी, जो इसे खतरनाक बनाती है. भूकंप तट के करीब आया, और झटकों की तीव्रता देखकर कई जगह लोग घरों से बाहर भागते दिखे. दुकानों और दफ्तरों में अलार्म बजा दिए गए. जापान में भूकंप के बाद सुनामी की कहां चेतावनी? जापानी मीडिया आउटलेट के मुताबिक भूकंप के बाद जापान मौसम एजेंसी ने 1 मीटर तक ऊंची लहरें आने की चेतावनी जारी की है. कई तटीय इलाकों में दोपहर तक लगातार अलर्ट दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक होक्काइडो सेंट्रल पैसिफिक कोस्ट, आओमोरी प्रीफेक्चर, इवाते प्रीफेक्चर और मियागी प्रीफेक्चर में सुनामी की चेतावनी दी गई. बताया जा रहा है कि ये एक मीटर तक ऊंची हो सकती हैं. इसी हफ्ते आए कई भूकंप जापान इस हफ्ते भूकंपों की सीरीज से जूझ रहा है. सोमवार को 7.6 मैग्नीट्यूड का बड़ा भूकंप आया, जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हुए. सड़कें टूटीं, इमारतें हिली, और छोटे सुनामी वेव्स भी दिखे. मंगलवार को होंचो शहर में 6.7 मैग्नीट्यूड के झटके महसूस किए गए. बुधवार को आओमोरी और होक्काइडो में 6.5 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. अब शुक्रवार को फिर 6.7, यानी जापान इस सप्ताह चौथे दिन कांप चुका है. जापान ने जारी की बड़ी चेतावनी सोमवार के भूकंप के बाद जापान एजेंसी ने दुर्लभ ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ जारी कर दी है. एजेंसी का कहना है कि अगले एक हफ्ते में 8.0 या उससे बड़ा भूकंप आने की संभावना बढ़ गई है. 2011 का विनाशकारी 9.0 भूकंप भी इसी पैटर्न की तरह था. जापान की टेक्टॉनिक प्लेट्स इस समय भारी दबाव में हैं, खासकर होक्काइडो-सानरिकु तट के पास. आज आए भूकंप से क्या नुकसान हुआ? अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल भूकंप के तुरंत बाद कई ट्रेनें रोक दी गईं. तटीय हाइवे बंद होने लगे हैं. वहीं स्थानीय. प्रशासन अलर्ट पर है. लोग अपने घरों से तुरंत बाहर निकल आए और खुले इलाके में जमा हो गए. सरकार ने कहा है कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

नितिन गडकरी का बयान: ‘भारत टैक्सी ऐप’ से सर्ज प्राइसिंग पर रोक, अभी टेस्टिंग और ट्रायल में है ऐप

नई दिल्ली   निजी ऑनलाइन कैब एग्रीगेटर्स यानी प्राइवेट कैब ऐप्स द्वारा किराए में बढ़ोतरी (सर्ज प्राइसिंग) के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सहकारी मोबाइल ऐप 'भारत टैक्सी ऐप' टेस्टिंग और ट्रायल फेज में है। गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि भारत टैक्सी ऐप का उद्देश्य सहकारी मॉडल पर ड्राइवरों के स्वामित्व वाली एक एप्लीकेशन बनाना है।  यह ऐप सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) के तहत काम करेगा। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) इस 'भारत टैक्सी' राइड-हेलिंग सेवा को स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। गडकरी ने आगे कहा कि सरकार ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 जारी की हैं, जिनका उद्देश्य एग्रीगेटर्स, जिनमें ऐप-आधारित कैब सेवाएं भी शामिल हैं, को हल्के तरीके से रेगुलेट करना है। साथ ही, यूजर्स की सुरक्षा और ड्राइवर की भलाई से संबंधित मुद्दों का ध्यान रखना है। इन गाइडलाइंस में किराए को लेकर भी नियम दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, "इन गाइडलाइंस में डायनेमिक प्राइसिंग की अनुमति दी गई है, जिसमें एग्रीगेटर्स राज्य-निर्धारित बेस फेयर से 50 प्रतिशत कम शुल्क ले सकते हैं और पीक घंटों में अधिकतम सर्ज प्राइसिंग को बेस फेयर के दो गुना तक सीमित किया गया है। साथ ही पारदर्शिता, जिम्मेदारी और यात्रियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा निर्धारित शुल्क को बेस फेयर माना जाएगा।” गाइडलाइंस के अनुसार, ड्राइवर-स्वामित्व वाले वाहन को कम से कम 80 प्रतिशत किराया मिलेगा, जबकि एग्रीगेटर द्वारा स्वामित्व वाले वाहन के मामले में ऑन-बोर्ड ड्राइवर को कम से कम 60 प्रतिशत भाड़ा मिलेगा। वहीं, सर्ज प्राइसिंग के मामले में लाभार्थी ड्राइवर होगा। इससे आपूर्ति बढ़ेगी और उच्च मांग के दौरान सेवाएं बेहतर उपलब्ध होंगी। गडकरी ने बताया कि गाइडलाइंस में यह भी प्रावधान है कि अगर एग्रीगेटर कोई अत्यधिक या अनुचित भाड़ा यात्रियों से वसूलता है, तो उनके लाइसेंस को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। गाइडलाइंस यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी यात्री से डेड माइलेज के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा, सिवाय इसके कि जब यात्रा की दूरी तीन किलोमीटर से कम हो और भाड़ा केवल शुरुआत बिंदु से गंतव्य तक ही लिया जाएगा।

मोहाली के सरकारी अस्पताल (PILBS) में पहली सफल लिवर ट्रांसप्लांट, मान सरकार ने बनाए नए मानक

चंड़ीगढ़ पंजाब के स्वास्थ्य इतिहास में एक नया सूर्योदय हुआ है! आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के संकल्प और दूरदर्शिता का परिणाम है कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (PILBS), मोहाली ने सफलतापूर्वक अपनी पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक कदम नहीं है; यह उन हजारों ग़रीब और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए आँसू पोंछने वाला एक चमत्कारी वरदान है, जो अब तक इस जीवन-रक्षक इलाज को केवल एक सपना मानते थे। यह पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की शक्ति और क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह केवल "पहली लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी" नहीं है। यह है, एक पिता को मिला जीवनदान: जिसने सोचा था कि वह अपने बच्चों को खेलते हुए नहीं देख पाएगा। एक बेटे का वापस मुस्कुराना, जिसने अपनी माँ की आँखों में निराशा देखी थी।एक परिवार का दोबारा एक होना, जिसने टूटने का डर देखा था। प्राइवेट सेक्टर में जहाँ यह ऑपरेशन लाखों-करोड़ों की कीमत रखता है, वहीं मान सरकार के नेतृत्व में PILBS ने यह सुविधा राज्य के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर उपलब्ध कराकर सच्ची लोक कल्याणकारी भावना का परिचय दिया है। इस सफलता के पीछे संस्थान के समर्पित डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की वर्षों की अथक मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण छिपा है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी संस्थानों को सही संसाधन, नेतृत्व और प्रोत्साहन मिले, तो वे विश्व के किसी भी श्रेष्ठतम अस्पताल से मुकाबला कर सकते हैं। लिवर फेलियर से जूझ रहे मरीज़ों के लिए यह खबर जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है। ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले परिवारों के लिए, PILBS अब केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि आशा का मंदिर है। यह सफलता पंजाब के हर उस नागरिक के लिए गर्व का विषय है, जिसने अब तक महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण हार मान ली थी। यह स्पष्ट करता है कि मान सरकार का ध्यान केवल विकास पर नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन और कल्याण पर केंद्रित है। PILBS की यह उपलब्धि पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति की एक मजबूत नींव रखती है। यह ऐतिहासिक कदम पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत है। भगवंत मान सरकार ने साबित कर दिया है कि वे पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, 'आप' सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी है, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम हम देख रहे हैं। इस संस्थान की स्थापना का मूल उद्देश्य पंजाब को लिवर और पित्त संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए एक अग्रणी केंद्र बनाना था। पहली सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी उस विज़न की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सफलता है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है: स्वास्थ्य सुविधाओं में भौगोलिक और आर्थिक असमानता को खत्म करना, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे। यह ऐतिहासिक सफलता न केवल पंजाब के लिए, बल्कि पूरे भारत के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम के लिए एक प्रेरणा है। PILBS, मोहाली ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है और अब यह संस्थान देश के अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है। हालाँकि, यह सफलता एक शुरुआत मात्र है। भविष्य की चुनौतियाँ जटिल हैं, जिनमें अंगदान (Organ Donation) की दर बढ़ाना, उन्नत अनुसंधान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का निरंतर प्रशिक्षण शामिल है। सरकार को अब इस उपलब्धि को एक स्थायी और सतत सेवा में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखनी होगी। PILBS की यह सफलता एक उज्ज्वल और मानवीय भविष्य का संकेत है। यह उस सरकार की कहानी है जो अपने लोगों के प्रति जवाबदेह और संवेदनशील है। यह जीत केवल चिकित्सा की नहीं, बल्कि मानवीय दृढ़ता और लोक-कल्याण की है। पंजाब सरकार का यह कदम साबित करता है कि "उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा अब सबका अधिकार है, सिर्फ़ विशेषाधिकार नहीं।" यह ऐतिहासिक क्षण पंजाब के हर कोने में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आने वाले युग की गहरी और भावनात्मक घोषणा है। यह सर्जरी पंजाब के उन हर कोने में बैठे लोगों की जीत है, जो हमेशा से मानते थे कि बेहतरीन इलाज सिर्फ अमीरों के लिए है। आज, हमारी अपनी सरकारी छत के नीचे, पंजाब के डॉक्टरों ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया कि इंसानियत और बेहतरीन इलाज अब अमीरी की मोहताज नहीं है। मान सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दृढ़ संकल्प दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। इस उपलब्धि के पीछे, उनका एक ही संदेश है, "पंजाब का हर नागरिक हमारा परिवार है, और हमारे परिवार का हर सदस्य स्वस्थ रहेगा। पैसे की कमी के कारण अब पंजाब में किसी की जान नहीं जाएगी।" यह एक ऐसी भावनात्मक सुरक्षा है जो पंजाब के हर नागरिक को मिल रही है। यह दिखाता है कि सरकार केवल सड़कें और पुल नहीं बना रही, बल्कि लोगों के जीवन और उनके विश्वास को पुनर्निर्मित कर रही है। यह बताता है कि बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, और यह बदलाव अमीरी-ग़रीबी का भेद मिटाकर, हर चेहरे पर मुस्कान लाएगा!

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे, आज सीएम डॉ. मोहन यादव देंगे सरकार की कामकाजी रिपोर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने पर आज राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी सरकार के काम और उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करेंगे। 13 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. यादव ने शासन में तेजी, पारदर्शिता और जनकल्याण पर विशेष जोर दिया। दो वर्षों में सरकार ने विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। किसानों, महिलाओं, युवाओं और उद्योगों पर केंद्रित योजनाओं ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद की है। किसानों के लिए भावांतर योजना, पशुपालन प्रोत्साहन, खेतों में सौर संयंत्र लगाने की पहल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ी हुई राशि, 35 प्रतिशत आरक्षण और नारी सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं ने उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। युवाओं के लिए नई पुलिस भर्ती, स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े पैमाने पर पदों का सृजन, सीएम राइज स्कूलों को सांदीपनि मॉडल में विकसित करना और साइबर तहसील, ई-चेक गेट व संपदा-2.0 जैसे डिजिटल सुधार सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। बुनियादी ढांचे में पीएम मित्र पार्क, मुरैना सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट, केन-बेतवा लिंक, रेलवे कोच निर्माण, उज्जैन मेडिसिटी, एयर एम्बुलेंस सेवा, पांच नए एयरपोर्ट और इंदौर मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में श्रीकृष्ण पाथेय, श्रीराम राजा लोक, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, प्रमुख शहरों में महानाट्य, डोंगला वैद्यशाला, तारामंडल और 19 क्षेत्रों में शराबबंदी जैसे निर्णय भी ऐतिहासिक रहे हैं। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री इन सभी पहल और प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे और आने वाले समय के लिए नई रूपरेखा भी प्रस्तुत करेंगे।  

बाबा रणजीत की प्रभातफेरी में 7 लाख श्रद्धालुओं का उमड़ा आस्था का सैलाब, 4.5 किमी का सफर 7 घंटे में पूरा

इंदौर  इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली, जिसमें दो लाख से अधिक लोगों जुटे। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की ऊर्जा कम होने का नाम नहीं ले रही थी। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ति में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आया। रणजीत अष्टमी के मौके पर इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर से रणजीत बाबा की विशाल प्रभातफेरी निकाली गई। स्वर्ण रथ पर विराजित बाबा के दर्शन पाने के लिए 5.2 डिग्री सेल्सियस की ठंड में छह से सात लाख भक्त पहुंचे। इतनी भीड़ होने के कारण यात्रा को 4.5 किलोमीटर सफर में 7 घंटे का समय लगा।  रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। सुबह 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ था। रथ के आगे भजन मंडल, नृतक दल, नासिक ढोल पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नजर आए।सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान भव्य आतिशबाजी हुई। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंची।  प्रभातफेरी द्रविड़ नगर, महू नाका, दशहरा मैदान और अन्नपूर्णा मंदिर होते हुए वापस मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई थी, जो दोपहर करीब 12 बजे संपन्न हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास के मुताबिक, यात्रा में 3 झांकियां शामिल की गई थीं। एक में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए राम दरबार, दूसरे में माता अंजनि की गोद में भगवान हनुमान लला और तीसरे में रणजीत लोक का प्रेजेंटेशन दिखाया गया। 71 भजन मंडली भी आई थीं। इनमें तीन महाकाल की मंडली थी। यात्रा के बाद सवा लाख रक्षा सूत्र बांटा जाना है। कुछ आज तो बाकी रोज बांटे जाएंगे। रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया गया था। जिसे भक्तों ने खूब सराहा। इसके अलावा 20 से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलीं। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चले। कुछ भक्त झाड़ू भी लगा रहे थे।  तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित थे प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। शुक्रवार सुबह तीन बजे से फूटीकोठी, उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहा।  पांच सौ पुलिस जवान रहे तैनात रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी किए। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा का घेरा बना रहा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहे और गलियों में बैरिकेड लगाए गए थे।  आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तैयार प्रभातफेरी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 3 एम्बुलेंस नरेंद्र तिवारी मार्ग, महू नाका चौराहा और दशहरा मैदान पर तैयार रखी गई थीं। 3 फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी तैनात थीं। मार्ग पर बने सभी मंच लेफ्ट साइड पर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। प्रभातफेरी में सबसे आगे पुलिस बल, प्रचार वाहन, बैनर, बैंड, ध्वज वाहक, झांकियां, महाकाल मंडलियां, महिला मंडल, एलईडी झांकियां, अतिथि वाहन और अंत में रणजीत बाबा का स्वर्ण रथ था। इसके बाद सफाई टीम और एम्बुलेंस चल रही थी।

Google Pixel 10a के फीचर्स लीक, सस्ते दाम में iPhone 16e से मुकाबला करेगा नया स्मार्टफोन

नई दिल्ली Google Pixel 10a के लॉन्च होने में अभी वक्त है. हालांकि, स्मार्टफोन के सभी स्पेसिफिकेशन्स लीक हो गए हैं. इस फोन को कंपनी अगले साल लॉन्च कर सकती है, जो कम कीमत में फ्लैगशिप फीचर्स के साथ आता है. लीक डिटेल्स से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये फोन जल्द ही लॉन्च हो सकता है.  गूगल का मिड रेंज डिवाइस 6.3-inch के AMOLED डिस्प्ले के साथ आएगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करेगा. फोन को पावर देने के लिए 5100mAh की बैटरी दी जा सकती है. ये फोन Pixel 9a का सक्सेसर होगा, जो मार्च 2025 में लॉन्च हुआ था. आइए जानते हैं इस फोन की खास बातें.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  लीक रिपोर्ट्स की मानें, तो Google Pixel 10a में 6.28-inch का FHD+ OLED HDR डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा. स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 2000 Nits की होगी. फोन Google Tensor G4 प्रोसेसर के साथ आएगा और इसमें Titan M2 सिक्योरिटी चिप दिया जा सकता है.  इसमें 8GB RAM और 128GB/ 256GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है. फोन Android 16 के साथ लॉन्च होगा. कंपनी इसे सात साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स ऑफर करेगी. डुअल सिम सपोर्ट वाले इस फोन को कंपनी 50 हजार रुपये के बजट में लॉन्च कर सकती है.  हैंडसेट 48MP के मेन लेंस और 13MP के अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस वाले डुअल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा. वहीं फ्रंट में कंपनी ने 13MP का सेल्फी कैमरा दिया है. डिवाइस की प्रोटेक्शन के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिल रहा है. स्मार्टफोन को पावर देने के लिए 5100mAh की दी गई है. फोन वायरलेस चार्जिंग के साथ आएगा.  कितनी होगी कीमत?  स्मार्टफोन की कीमत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. कंपनी इसे अगले साल की पहली तिमाही में लॉन्च कर सकती है. लीक्स की मानें, तो कंपनी इस फोन को 499 डॉलर (लगभग 44 हजार रुपये) की कीमत पर लॉन्च कर सकती है. ये कीमत फोन के 128GB स्टोरेज वेरिएंट की होगी. हालांकि, भारत में Pixel 10a की कीमत 50 हजार रुपये से ज्यादा होगी.

केंद्रीय मंत्रियों की गैरमौजूदगी से राज्यसभा ठप, विपक्ष का विरोध

नई दिल्ली  संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस बीच कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति के चलते शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब सदन ने 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद कामकाज शुरू किया गया। जैसे ही कार्यवाही आगे बढ़ी कि विपक्षी सांसदों ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि सदन में कोई भी कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं है।  इस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वह इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे और एक जूनियर मंत्री को कैबिनेट मंत्री को बुलाने का अनुरोध करने को कहा। उन्होंने कहा, “मैं प्रक्रिया को समझता हूं। मैंने मंत्री से अनुरोध किया है। एक कैबिनेट मंत्री को आना चाहिए।” लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “यह सदन का अपमान है। जब तक कोई कैबिनेट मंत्री नहीं आता, सदन को स्थगित करना होगा।” लगभग पांच मिनट इंतजार करने के बाद सभापति ने कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन के पुनः जुटने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कैबिनेट मंत्रियों की अनुपस्थिति के लिए खेद जताया। उन्होंने बताया कि उन्हें लोकसभा में पूर्व स्पीकर और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर श्रद्धांजलि देने के लिए जाना पड़ा था। उन्होंने यह भी बताया कि नेता सदन जेपी नड्डा के नाम से लोकसभा में प्रश्न लगे थे, जिसके कारण वे भी वहां मौजूद थे। रिजिजू ने कहा, “मुझे खेद है कि सदन में कोई कैबिनेट मंत्री मौजूद नहीं था।” कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि पाटिल राज्यसभा के भी पूर्व सदस्य रहे हैं, इसलिए यहां भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। इस पर रिजिजू ने बताया कि औपचारिक प्रक्रिया के चलते थोड़ा समय लग रहा है और राज्यसभा में भी उचित श्रद्धांजलि दी जाएगी। सदन के पुनर्गठन के बाद निर्मला सीतारमण, किरन रिजिजू और जेपी नड्डा सहित अन्य मंत्री मौजूद थे।

कांग्रेस के सीनियर नेता शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की उम्र में निधन, सात बार रहे लातूर से सांसद

 लातूर कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार को लातूर में 90 साल की उम्र में निधन हो गया. पाटिल ने सुबह करीब 6:30 बजे लातूर में अपने घर पर आखिरी सांस ली, जहां वे लंबी बीमारी के कारण घर पर ही देखरेख में थे. शिवराज पाटिल ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में कई अहम पद संभाला, जिसमें लोकसभा स्पीकर और केंद्रीय कैबिनेट में कई अहम पद शामिल हैं. पाटिल ने लातूर लोकसभा सीट से सात बार जीत हासिल की. उनके गुजर जाने के बाद पूरे महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में शोक का माहौल है, क्योंकि पाटिल को भारतीय राजनीति में एक शांत, संयत और बेहद मेहनती नेता के तौर पर जाना जाता था.  शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को लातूर जिले के चाकुर में हुआ था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले आयुर्वेद का अभ्यास किया और फिर मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा ली. राजनीति में उनका सफर 1967 में शुरू हुआ, जब उन्होंने लातूर नगर पालिका में काम संभाला. यह शुरुआत आगे चलकर एक बड़े राजनीतिक करियर की नींव बनी. कैसा रहा सियासी सफर… 1980 में वे पहली बार लातूर लोकसभा सीट से सांसद बने और उसके बाद लगातार सात बार इसी सीट से जीतकर संसद पहुंचे. यह उपलब्धि उन्हें महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में जगह दिलाती है. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में उन्होंने रक्षा, वाणिज्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण विभागों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभाई. शिवराज पाटिल, 1991 से 1996 तक लोकसभा के स्पीकर रहे. अपने कार्यकाल में उन्होंने लोकसभा के आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण, कार्यवाही के सीधा प्रसारण और नई लाइब्रेरी बिल्डिंग के निर्माण जैसे कामों को तेजी दी. यह समय भारतीय संसद के तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव का अहम दौर माना जाता है. 2004 में चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र में गृह मंत्री बनाया गया. लेकिन 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया. बाद में उन्हें पंजाब का गवर्नर और चंडीगढ़ का प्रशासक बनाया गया, जहां उन्होंने 2010 से 2015 तक सेवा दी.