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वित्तीय वर्ष 2025-2026 में समय पर किया गया 97 फीसदी से अधिक का भुगतान

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को मिल रही प्राथमिकता मनरेगा के जरिए मजबूत हुआ ग्रामीण रोजगार, योगी सरकार में बन रहे रिकॉर्ड लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार सृजन को लेकर सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 48 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इनमें 31 प्रतिशत से अधिक परिवार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं, जो सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों और प्राथमिकता को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान किया जा चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भरोसा बढ़ा है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा और पारदर्शी लाभ मिल रहा है। योगी सरकार ने 6703 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की है, जिससे गांवों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को मनरेगा में विशेष प्राथमिकता योगी सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को रोजगार के साथ सम्मान भी मिले। इसी सोच के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि पलायन पर भी प्रभावी रोक लगी है। उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में रोजगार सृजन का बेहतर माहौल बन रहा है। मनरेगा के जरिए गांवों में विकास कार्यों को गति मिल रही है और लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। यह मॉडल उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर विक्रमादित्य स्वागत द्वार का किया भूमि-पूजन

पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का हुआ भूमिपूजन बड़े तालाब का किया जाएगा गहरीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्षेत्र की बालिकाओं ने माना आभार ग्राम फंदा का नाम हरिहर नगर करने भेजा जाएगा प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने शादियों में दिखावे एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची बंद करने का किया आहवान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन अद्भुत संयोग का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार के विकास और सेवा को समर्पित दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और भोपाल की धरती पर भी इतिहास लिखा जा रहा है। हमारा भोपाल विरासत और विकास की दिशा में एक ओर कदम आगे बढ़ा रहा है। एक तरफ भोपाल में भव्य विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन कर हम प्रदेश की विरासत संजोने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं शहर को स्वच्छ, सुलभ और प्रदूषण रहित परिवहन सेवा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा योजनांतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमिपूजन सम्पन्न हो रहा है। राज्य सरकर के इन प्रयासों से भोपाल क्षेत्र विरासत और विकास के श्रेष्ठ उदाहरण के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश के गौरवशाली अतीत और समृद्ध संस्कृति को अभिव्यक्त करते राजधानी भोपाल में 9 स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में परमार वंश के कुलदीपक राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, श्रीराम, श्रीकृष्ण के नाम पर भी भव्य स्वागत द्वार बनेंगे। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विकास और सेवा के सफलतम 2 वर्ष पूर्ण होने पर शनिवार को भोपाल-सीहोर मार्ग पर हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा स्थित महाराणा प्रताप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सम्राट विक्रमादित्य स्वागत द्वार एवं भोपाल में पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक ई-बस डिपो का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लाड़ली बहनों एवं विभिन्न योजना के हितग्राहियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत मिट्टी निकालकर बड़े तालाब को गहरा किया जाएगा, इससे खेतों में पानी भरने की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय मांग पर ग्राम फंदा का नाम बदलकर हरिहर नगर करने संबंधी प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हुजूर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तूमड़ा में शाला भवन के लिए 5 करोड़ रुपए देने और ग्राम फंदा में कॉलेज भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से देश की पहचान है। उनसे हम जीवन में रिश्तों की महत्ता को समझ सकते हैं। मध्यप्रदेश के साथ कई इतिहास जुड़े हैं। वीर विक्रमादित्य दुनिया की किसी ताकत के आगे नहीं झुके। उनकी वीरता, गंभीरता, दानशीलता, न्यायप्रियता सर्वविदित है। उनके जीवन में जनता ही भगवान थी। उनकी प्रभावशीलता के परिणामस्वरूप ही अनेक राजाओं ने विक्रमादित्य उपाधि ग्रहण की। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित सुशासन, न्यास और सुरक्षा की व्यवस्था आज भी श्रेष्ठ शासन व्यवस्था के लिए अनुकरणीय है। राज्य शासन इन श्रेष्ठ सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए विकास, सेवा और जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हैं। सम्राट विक्रमादित्य के कार्यकाल में अयोध्या में सरयु नदी के किनारे भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना था, जिसे बाबर ने ध्वस्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान श्रीराम की जन्म स्थली पर भव्य मंदिर निर्माण कराया है। इसके लिए 550 वर्ष तक कारसेवकों ने संघर्ष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज के शासनकाल में निर्मित भोपाल का बड़ा तालाब आज भी आदर्श तकनीक का उदाहरण बना हुआ है। भगवान श्रीराम ने अपने 14 साल के वनवास के 11 साल चित्रकूट की पावन धरा पर निकाले। तुलसीदास जी ने यहीं पर रामचरित मानस की रचना की। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण करने के बाद महाभारत के युद्ध में गीता के संदेश के माध्यम से अपने आचार्य से मिला ज्ञान समाज को लौटा दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा से मित्रता के माध्यम से दुनिया को दोस्ती का मतलब समझाया है। राज्य सरकार श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धर्मस्थलों को सर्व सुविधायुक्त बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। माता-बहनें गंगा की तरह पवित्र हैं। राज्य सरकार ने धर्म-समाज से ऊपर उठकर सभी को लाड़ली बहन माना है। बहनों को हर माह उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए नदी जोड़ो अभियान चला रही है। प्रदेश में संस्कारों के साथ बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय और गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से विवाह में दिखावा एवं मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों पर फिजूलखर्ची बंद करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धन की बचत करके अपने बच्चों को पढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में सामूहिक विवाह समारोह में हुए उनके सुपुत्र के विवाह का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता के लिए सभी से प्रयास करने का आव्हान किया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की विरासत को संजोते हुए विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज प्रदेश में विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण हुए हैं। सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के आधार पर हमारी सरकार का तीसरा वर्ष शुरू हो रहा है। प्रदेश में पहली बार किसानों को 15 दिन में फसलों के मुआवजे की राशि दी गई। किसानों को फसल का उचित दाम दिलवाने के लिए भावांतर योजना की शुरुआत की गई है। हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है। धीरे-धीरे यह राशि बढ़ेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। अभ्युदय मध्यप्रदेश में विकास की धारा बह रही है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिली है। दुनिया के कई बड़े निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। विधायक … Read more

दिल्ली में मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की धूम, ODOP और GI उत्पादों ने बनाई राष्ट्रीय पहचान

भोपाल मध्यप्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने राष्ट्रीय पहचान बना ली है। नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित “मध्यप्रदेश उत्सव–2025” के अंतर्गत उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा लगाई गई राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंचे। प्रदर्शनी में प्रदेश के ODOP, GI एवं विशिष्ट उद्यानिकी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। अपर संचालक उद्यानिकी, भोपाल डॉ. के.एस. किराड़ ने कहा कि मध्य प्रदेश उद्यानिकी उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता के लिए देशभर में अपनी पहचान बना रहा है। ODOP एवं GI उत्पादों की यह प्रदर्शनी किसानों और उद्यमियों को विपणन, ब्रांडिंग और राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट उत्पाद—जैसे आगर मालवा का संतरा, नरसिंहपुर का गुड़, धार की ब्लूबेरी, रियावन लहसुन, इंदौर का मालवी गराडू, खरगोन की लाल मिर्च तथा सिवनी का सीताफल—आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उप संचालक उद्यानिकी, जिला गुना श्री के.पी.एस. किरार ने बताया कि प्रदर्शनी में गुना जिले के पॉलीहाउस गुलाब, कुंभराज धनिया (GI उत्पाद) एवं थाई पिंक अमरूद को विशेष सराहना मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे जिले के किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान के साथ बेहतर बाजार अवसर प्राप्त होंगे। प्रदर्शनी के दौरान मध्यप्रदेश भवन की आयुक्त महोदया सहित विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों द्वारा भी स्टालों का अवलोकन कर प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की प्रशंसा की गई। यह प्रदर्शनी मध्य प्रदेश के उद्यानिकी क्षेत्र को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही है।  

वर्षा पूर्व प्रत्येक गांव में किया जाए जल संरचनाओं का निर्माण : मंत्री चौहान

भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं आगर मालवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जाए। शासकीय कार्यालयों में आने वाले व्यक्तियों की समस्या के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए अधिकारी-कर्मचारी सकारात्मक समाधान करें। मंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश शनिवार को आगर मालवा में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मुन्नबाई चौहान, विधायक श्री मधु गेहलोत, विधायक श्री भैरोसिंह बापू, कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव, पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार सिंह, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नंदा भलावे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिला कृषि प्रधान है। किसानों की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से समाधान शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रबी मौसम में खाद की कोई कमी न हो।साथ ही किसानों को मृदा परीक्षण के लिए प्रेरित करें। जिले में खाद वितरण की नियोजित व्यवस्था के लिए समितियों की संख्या आवश्यकतानुसार बढ़ाई जाए। जैविक खेती की गतिविधियों में वृद्धि के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मंत्री श्री चौहान ने जिले में महिलाओं के स्वयं-सहायता समूह की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित विभाग महिलाओं की आर्थिक सक्षमता में वृद्धि हेतु सतत मॉनिटरिंग करें एवं सहायता प्रदान करें।जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जल संवर्धन की समीक्षा कर निर्देश दिए कि आगामी वर्षा मौसम के पूर्व जिले के प्रत्येक ग्राम में जन सहयोग से एक जल संरचना निर्मित करवाई जाए।मंत्री श्री चौहान ने विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मंत्री श्री चौहान ने समिति के उद्देश्यों एवं विजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों तथा हितधारकों की आवश्यकताओं और सुझावों के आधार पर दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करना समिति का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जिले के परंपरागत कौशलों को चिन्हित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ सिद्धांत के अनुरूप राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाए तथा जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार किया जाए। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने, नवाचारों को मूर्त रूप देने, रोजगार सृजन तथा विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सुझाव लिए जाएंगे। उद्योग, व्यापार, जल संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज एवं पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए भी विचार-विमर्श किया जाएगा।  

चुनाव से पहले पंजाब में हलचल, मतदान से एक दिन पहले EC को मिली शिकायत

कपूरथला  वोटिंग से एक दिन पहल इलेक्शन कमीशन के पास शिकायत पहुंची है। कल यानी 14 दिसंबर को पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनाव होने वाले हैं। इससे एक दिन पहले भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र के MLA और पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने स्टेट इलेक्शन कमिश्नर से शिकायत की है और यह भी मांग की है कि इन चुनावों के दिन भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र के सभी पोलिंग बूथों पर जिले के बाहर से पुलिस सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सकें।   धक्केशाही के लगाए आरोप सुखपाल सिंह खैहरा ने कमीशन को बताया कि उन्होंने चुनावों के दौरान सत्ताधारी पार्टी द्वारा की जा रही धक्केशाही की बात बार-बार कमीशन के ध्यान में लाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि चुनाव के दिन लोकल पुलिस राजनीतिक दबाव में सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए हर हथकंडा अपना सकती है। इस दौरान यह भी हो सकता है कि पोलिंग बूथों पर कब्जा कर लिया जाए। कांग्रेस के उम्मीदवार भी नामजद खैहरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं और वोटरों को डराने के लिए, कपूरथला पुलिस ने सत्ताधारी पार्टी के दबाव में 14 नवंबर, 2025 को सुभानपुर थाने में पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत केस नंबर 251 दर्ज किया था। उनके मुताबिक, यह एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा था। इस केस में कुल 8 कांग्रेस वर्कर और कुछ अनजान लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 2 नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था, जबकि बाकी को ज़मानत मिल गई थी। इसी साजिश के तहत, बाद में अनजान लोगों में से दूसरे कांग्रेस नेताओं को चुनकर नामजद किया गया ताकि डर का माहौल बनाकर चुनाव लूटा जा सके।   केस में नामजद कांग्रेस नेताओं में ब्लॉक समिति के उम्मीदवार पूरन सिंह और ज़िला परिषद सदस्य की उम्मीदवार नरिंदरजीत कौर के पति जसविंदर सिंह शामिल हैं। खैहरा ने कहा कि पुलिस की यह सारी भेदभाव वाली कार्रवाई सिर्फ कांग्रेस पार्टी के वर्करों और नेताओं में डर का माहौल बनाने के लिए की गई है। इसलिए, MLA खैहरा ने आखिरकार कमीशन से चुनाव के दिन बाहरी सुरक्षा व्यवस्था तैनात करने की बात दोहराई है, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हो सकें। इस लेटर की कॉपी ऑब्जर्वर और पुलिस ऑब्जर्वर कपूरथला को भी भेजी गई हैं।

जालंधर अलर्ट मोड में: शहर की सुरक्षा के लिए 2500 पुलिसकर्मी सड़कों पर

जालंधर  ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने सभी अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं और पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। 880 मतदान केंद्रों और 1126 मतदान बूथों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। चुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर 65 स्थानों को अति संवेदनशील, 284 को संवेदनशील और 531 को गैर-संवेदनशील के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चुनाव प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए 3 एस.पीज, 12 डी.एस.पीज और 15 एस.एच.ओज को फील्ड में तैनात किया गया है और वे अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। प्रत्येक सब डिवीजन में 2 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी और 2 सब डिवीजनों के लिए 1 एस.पी. रैंक का अधिकारी तैनात किया गया है। उपमंडल अधिकारी और एस.एच.ओ. द्वारा रात में भी कड़ी निगरानी की जा रही है। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि जिले में नदी तटों, सुनसान इलाकों, संदिग्ध स्थानों और बाजारों में व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है। फ्लैग मार्च निकाले गए हैं। जालंधर ग्रामीण इलाके के गुरुद्वारों, धार्मिक स्थलों और डेरों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है और यहां अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष गश्ती दल लगातार इन स्थानों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 30 गश्ती दल और ई.आर.वी. टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने पिछले एक महीने में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी अधिनियम के तहत कुल 16 मामले दर्ज किए गए हैं, जो चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस की कड़ी कार्रवाई को दर्शाता है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि चुनाव के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, कानून के उल्लंघन को देखने पर तुरंत लोग पुलिस को सूचित करें। लोग 112 हैल्पलाइन या जालंधर ग्रामीण पुलिस को कंट्रोल नंबर 78373-40100 पर कॉल कर सकते हैं। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने आश्वासन दिया कि जालंधर ग्रामीण पुलिस पूरी निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह बिना किसी भय या दबाव के पूरी सुरक्षा के साथ अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करे।

एएनटीएफ को मिलेंगे 150 से नये ज्यादा जांबाज, विभाग की कार्रवाई में आएगी तेजी

अवैध नशे पर लगाम और ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने का सीएम योगी ने लिया फैसला लखनऊ प्रदेश के युवाओं को नशे के आगोश में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं। योगी सरकार अवैध नशे के सौदागरों पर बड़ा एक्शन लेने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (एएनटीएफ) को और मबजूत करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में एएनटीएफ में पुलिस कर्मियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। इसके अलावा विभाग में नियतन के हिसाब से फोर्स भी कम है। ऐसे में योगी सरकार ने एएनटीएफ को और मजबूत करने के लिए रेग्युलर पुलिस कर्मियों की तैनाती और नियतन के अनुसार फोर्स उपब्लध कराने का निर्णय लिया है। इससे जहां एएनटीएफ को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। एएनटीएफ यूनिट पर 18 और थानों पर 28 पदों पर तैनाती का है नियतन एएनटीएफ आईजी अब्दुल हमीद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध नशे पर नकेल कसने और ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए वर्ष 2022 में एएनटीएफ का गठन किया था। इस दौरान 6 थाने और 8 यूनिट का गठन किया गया। इन थानों में 28 पुलिसकर्मियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक निरीक्षक, 4 उपनिरीक्षक, 3 कंप्यूटर ऑपरेटर, 3 मुख्य आरक्षी, 12 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक और 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। इसी तरह यूनिट में 18 पुलिस अधिकारियों समेत कर्मचारियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक पुलिस उपाधीक्षक, 1 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक, 1 कंप्यूटर ऑपरेटर, 2 मुख्य आरक्षी, 8 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक, 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ एएनटीएफ की समीक्षा बैठक की थी।  वर्तमान में 236 पदों पर तैनात हैं अधिकारी-कर्मचारी, 150 और मिलेंगे नये जांबाज बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि वर्तमान में एएनटीएफ में फोर्स को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। वहीं मानक के अनुरूप फोर्स भी नहीं है। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को एएनटीएफ में सभी पुलिसकर्मियों को रेग्युलर तैनाती के निर्देश दिये। साथ ही नियतन के अनुसार जल्द से जल्द फोर्स तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभाग का गठन किया गया। ऐसे में उन्हे ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए फोर्स के साथ आधुनिक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराएं जाएं। आईजी ने बताया कि एएनटीएफ में पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति का नियतन 386 है। इसमें राजपत्रित अधिकारी 15, मुख्यालय पर 59, 6 थानों पर 168, 8 यूनिट पर 144 पदों पर तैनाती का नियतन है। वर्तमान में विभाग में 236 पदों पर तैनाती की गयी है जबकि 150 पद खाली हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद जल्द सभी खाली पदों पर तैनाती की जाएगी।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी: एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुरू होंगे मैच, कोहली–पंत उतर सकते हैं मैदान में

कर्नाटक  कर्नाटक सरकार ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच आयोजित कराने की अनुमति दे दी है और इससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भी अवगत करा दिया गया है। यह अनुमति वेंकटेश प्रसाद को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनने के एक सप्ताह बाद आयी है। प्रसाद और उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर ने इस सप्ताह की शुरुआत में बेलगावी में राज्य के विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात सार्थक रही।   इस फैसले का जल्द परिणाम यह होगा कि विराट कोहली चिन्नास्वामी में खेल सकेंगे क्योंकि केएससीए सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों से दिल्ली के मुकाबलों को अलूर से यहां स्थानांतरित करने का विचार कर रहा है। कोहली और ऋषभ पंत दोनों ही विजय हजारे ट्रॉफी के लिए दिल्ली की टीम का हिस्सा हैं और वह पहले तीन मैचों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। भारत के दो बड़े खिलाड़ियों के खेलने की संभावना को देखते हुए केएससीए चिन्नास्वामी के कुछ स्टैंड्स को प्रशंसकों के लिए खोलने का भी विचार कर रहा है ताकि दो हजार से तीन हजार प्रशंसकों के लिए खेल देखने की व्यवस्था की जा सके। सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्रसाद के नेतृत्व वाली केएससीए समिति ने जस्टिस जॉन डिकुन्हा की रिपोर्ट से यथासंभव अधिक से अधिक बदलावों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विजय हजारे ट्रॉफी के मैचों की मेजबानी को शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि प्रसाद और केएससीए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चिन्नास्वामी आईपीएल के मुकाबलों की मेजबानी करने से वंचित न रहे। इस घटनाक्रम से अवगत एक पदाधिकारी ने कहा, "आईपीएल की वापसी की दिशा में हम सही रास्ते पर हैं।" शुक्रवार को राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, "भविष्य में किसी भी घटना से बचने के लिए हमने एहतियाती कदम उठाए हैं और हमने उसी अनुसार अनुमति दी है। गृह मंत्री जी परमेश्वर, केएससीए अध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों से चर्चा करेंगे।"  

बस्तर सहित पूरे भारत से नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक खत्म हो जायेगा

2026 का बस्तर ओलंपिक नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में होगा नक्सलवाद छोड़कर 700 से अधिक युवाओं का बस्तर ओलंपिक 2025 से जुड़ना हम सभी के लिए गर्व की बात है आत्मसमर्पण करने वालों ने भय की जगह आशा व विनाश की जगह विकास को चुना, यही मोदी जी की विकसित बस्तर की संकल्पना है जिस बस्तर में पहले ‘लाल सलाम’ के नारे लगते थे, अब वहाँ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूँज रहे हैं शांति ही विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, इसलिए नक्सली हथियार डालकर मुख्यधारा में आयें और पुनर्वसन नीति का लाभ उठाएं आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में बस्तर के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं बस्तर ओलम्पिक 2025 में 3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो ढाई गुना बढ़ा है, खिलाड़ियों की वृद्धि दर में बहनों ने भाइयों से बाजी मारी आत्मसमर्पण करने वाले और नक्सल हिंसा के शिकार लोगों के लिए हम बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना लाएंगे केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर विकसित बस्तर बनाने के लिए कार्य कर रही हैं गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि वे हथियारबंद नक्सलियों को समझाकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने में सहयोग करें रायपुर  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। श्री शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। श्री शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और श्री विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं। श्री शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है। श्री अमित शाह ने कहा कि हाल … Read more

सूरजपुर जिला के 366 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा लाभ

रायपुर एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों, 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं ।  योजना के अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओ तथा 14 से 18 आयु वर्ग की सभी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 5/- रू. के मान से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा विकासखंड भैयाथान के दर्रीपारा में आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित इस संयंत्र का गत लोकार्पण किया गया था। 366 आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित की जाएगी आपूर्ति  जिला सूरजपुर की एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा का चयन किया गया था।  इस आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया निर्माण हेतु आधुनिक यूनिट की स्थापना की गई थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से परियोजना भैयाथान के अंतर्गत संचालित 366 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 35 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का निर्माण कर नियमित आपूर्ति की जाएगी।  महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार का अवसर  इस संयंत्र के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल बच्चों एवं गर्भवती  महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।