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अब वैगनआर में बैठना-उतरना होगा आसान, मारुति ने लॉन्च की स्विवेल सीट टेक्नोलॉजी

नई दिल्ली मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुजुर्ग नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बनाने के लिए वैगनआर के साथ स्विवेल सीट पेश की है। यह सुविधा फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है, जिसे देश के 11 शहरों में लागू किया गया है। कंपनी का कहना है कि अगर ग्राहकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, तो इस सुविधा का दायरा आगे और बढ़ाया जाएगा। स्टार्टअप के साथ साझेदारी इस पहल के तहत मारुति सुजुकी ने बंगलूरू स्थित स्टार्टअप ट्रूअसिस्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यह सहयोग कंपनी के स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम के तहत, NSRCEL–IIM बंगलूरू के साथ मिलकर किया गया है। ग्राहक मारुति सुजुकी एरिना डीलरशिप्स से स्विवेल सीट को रेट्रोफिटिंग किट के रूप में खरीद सकते हैं। यह सीट नई वैगनआर में फिट कराई जा सकती है या पहले से मौजूद वैगनआर में भी बाद में लगवाई जा सकती है। इस पहल का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों के लिए कार को सुलभ बनाना है। वैगनआर क्यों बनी इस पायलट प्रोजेक्ट की पसंद मारुति सुजुकी के मुताबिक, वैगनआर अपने 'टॉल बॉय' डिजाइन की वजह से इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए एक उपयुक्त मॉडल है। इसकी ऊंची छत और बेहतर हेडरूम-लेगरूम स्विवेल सीट के साथ मिलकर कार में चढ़ने और उतरने की प्रक्रिया को काफी आसान बना देती है। सीट बाहर की ओर घूमती है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को बिना ज्यादा मेहनत किए कार में बैठने और बाहर निकलने में मदद मिलती है। आसान इंस्टॉलेशन और सुरक्षा मानकों का पालन कंपनी ने बताया कि स्विवेल सीट को इंस्टॉल करने में एक घंटे से भी कम समय लगता है और इसके लिए कार की मूल सीट को हटाने की जरूरत नहीं होती। इस किट के साथ ग्राहकों को किसी भी निर्माण दोष के खिलाफ तीन साल की वारंटी भी दी जा रही है। वैगनआर स्विवेल सीट किट का परीक्षण ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) में किया गया है। और यह सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है। इंस्टॉलेशन के दौरान वाहन की संरचना या उसके मूल संचालन में कोई बदलाव नहीं किया जाता।

कपिल शर्मा शो सीजन 4: देसी गर्ल के साथ पहले एपिसोड में होगी जमकर मस्ती

मुंबई ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के पहले एपिसोड में बतौर गेस्ट देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा नजर आएंगी। साझा किए गए वीडियो में काफी मस्ती करती दिखीं। कपिल और बाकी कॉमेडियन की काॅमेडी देखकर हंस-हंसकर लोटपोट हो गईं। जानिए, कैसा होने वाला ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का पहला एपिसोड। कपिल शर्मा ने किया प्रियंका जोरदार स्वागत शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का नया सीजन 20 दिसंबर से नेटफ्लिक्स पर शुरू हो रहा है। इससे पहले मेकर्स ने कपिल के शो के पहले एपिसोड से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। पहले एपिसोड में प्रियंका चोपड़ा गेस्ट हैं। उनका जोरदार स्वागत किया गया है। वीडियो में कपिल, मस्ती-मजाक में प्रियंका चोपड़ा से फ्लर्ट करते नजर आते हैं। सुनील ग्रोवर से लेकर कृष्णा अभिषेक ने प्रियंका को खूब हंसाया शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के इस वीडियो में आगे सुनील ग्रोवर, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा अपनी कॉमेडी से प्रियंका ही नहीं ऑडियंस को भी हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर देते हैं। प्रियंका चोपड़ा, सुनील ग्रोवर के साथ गाना भी गाती हैं। वीडियो देखकर लगता है कि कपिल के शो का पहला एपिसोड काफी मजेदार होने वाला है। करियर फ्रंट पर क्या कर रहे हैं कपिल शर्मा और प्रियंका चोपड़ा? कपिल शर्मा के वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में उनकी फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। वहीं प्रियंका चोपड़ा एसएस राजामौली की फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर चर्चाओं में हैं। इसके अलावा वह हॉलीवुड में भी कुछ प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।

भारत का सख्त फैसला: बांग्लादेश में अशांति के बीच ढाका का वीजा सेंटर बंद

ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने बुधवार को अपना भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) अस्थायी रूप से बंद कर दिया। यह केंद्र ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित है और राजधानी में सभी भारतीय वीजा सेवाओं का मुख्य, एकीकृत केंद्र माना जाता है। आईवीएसी ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए बुधवार को दोपहर 2 बजे के बाद केंद्र बंद कर दिया गया। केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की आज आवेदन जमा करने की अपॉइंटमेंट थी, उनकी तारीख आगे के लिए पुनर्निर्धारित की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया था तलब इससे पहले नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब किया। मंत्रालय ने ढाका में भारतीय मिशन के आसपास कुछ कट्टरपंथी तत्वों द्वारा सुरक्षा माहौल बिगाड़ने की कथित योजनाओं पर गंभीर चिंता जताई। 'अंतरिम सरकार करे भारतीय मिशनों और कार्यालयों की सुरक्षा' विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपने राजनयिक दायित्वों के तहत वहां स्थित भारतीय मिशनों और कार्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही, बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को लेकर भारत की कड़ी चिंता से भी दूत को अवगत कराया गया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपने नागरिकों और मिशनों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

लखपति दीदी मिशन को मिलेगी रफ्तार, सरकार की नई योजना से बदलेगी जीविका दीदियों की तकदीर

पटना  लखपति दीदी योजना बिहार के तहत राज्य की जीविका दीदियों को एक बार फिर बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बिहार सरकार अब उन महिलाओं का विशेष सर्वे कराएगी, जिनकी वार्षिक आय 60 हजार रुपये या उससे अधिक है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले ही महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और अब सरकार उन्हें “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में अगला कदम उठाने जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार लखपति दीदी योजना बिहार को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है। जीविका से जुड़ी महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की लाभुक महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि चयनित महिलाओं की सालाना आय को बढ़ाकर न्यूनतम एक लाख रुपये तक पहुंचाया जाए। जीविका दीदियों को मिलेगी ट्रेनिंग और तकनीकी सहयोग लखपति दीदी बनाने की योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होगी। सरकार की ओर से महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। जो महिलाएं पहले से किसी काम से जुड़ी हैं, उन्हें तकनीकी सहायता, स्किल डेवलपमेंट और बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। लखपति दीदी योजना बिहार से जुड़ेगा महिला रोजगार अभियान लखपति दीदी योजना को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत पहले ही हजारों महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब इन्हीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय बढ़ाने की नई कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। चुनाव से पहले शुरू हुई थी योजना, अब मिलेगा अगला लाभ बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की घोषणा की गई थी। उस दौरान विपक्ष ने इसे लेकर सवाल भी उठाए थे। हालांकि, अब विवादों से आगे बढ़ते हुए सरकार योजना के अगले चरण पर काम कर रही है। जल्द ही 60 हजार रुपये या उससे अधिक आय वाली महिलाओं का सर्वे कराकर उन्हें लखपति दीदी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।  

भारत की नई हाइपरसोनिक ताकत: 6100 KMPH स्पीड वाला हथियार दुश्मन मिसाइलों और जेट्स के लिए काल

बेंगलुरु  Pantsir-S1M Air Defence System: भारत की सीमा के एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन जैसे देश हैं. अब तो बांग्‍लादेश भी दुश्‍मनों की लिस्‍ट में शामिल हो चुका है. ऐसे में पूरब से लेकर पश्चिम और उत्‍तर तक के बॉर्डर को अभेद्दय किला बनाना जरूरी हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी आवश्‍यकता और भी बढ़ चुकी है. खासकर एयर थ्रेट से निपटने की की जरूरत पहले से कहीं ज्‍यादा महसूस की जाने लगी है. इंडियन एयरफोर्स, आर्मी और नेवी की ओर से लगातार इसको लेकर कदम उठाए जा रहे हैं. खासकर एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपग्रेड करने के साथ ही उसे पहले के मुकाबले ज्‍यादा मजबूती दी जा रही है. स्‍वदेशी तकनीक के साथ ही इंपोर्टेड एयर डिफेंस सिस्‍टम पर भी भरोसा जताया जा रहा है. भारत ने रूस से S-400 के कुछ स्‍क्‍वाड्रन खरीदे हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता से दुश्‍मनों के हौसले को पस्‍त कर दिया. अब उससे ज्‍यादा ताकतवर S-500 एयर डिफेंस सिस्‍टम खरीद पर भी बातचीत शुरू होने के चर्चे हैं. इन सबके बीच, भारत और रूस एक और डिफेंस डील करने के करीब पहुंच गए हैं. य‍ह डील भी एयर डिफेंस से जुड़ा है, पर S-400 और S-500 एयर सिस्‍टम से अलग है. दरअसल भारत और रूस के बीच कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली Pantsir-S1M को लेकर एक अहम रक्षा सौदा होने की संभावना बन रही है. यह सौदा ऐसे समय पर चर्चा में है, जब भारतीय सेना अपने नए ट्रैक्ड एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म CADET (कैरीयर एयर डिफेंस ट्रैक्ड) सिस्टम को आगे बढ़ा रही है. सेना एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में है, जिस पर अलग-अलग तरह के एयर डिफेंस हथियार लगाए जा सकें. इसी जरूरत के चलते रूस का पैंट्सिर सिस्टम एक बार फिर चर्चा में आया है. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी इस सिस्टम के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन वह किसी कारण से आगे नहीं बढ़ सका था. भारतीय सेना ने CADET को एक साझा और बहुउपयोगी ट्रैक्ड प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है. इसके चुने जाने के बाद भविष्य में आने वाले कई एयर डिफेंस सिस्टम इसी प्लेटफॉर्म पर लगाए जा सकेंगे. इससे हथियारों की देखरेख, मरम्मत और आधुनिकीकरण आसान हो जाएगा. क्‍यों ब्रह्मोस का छोटा भाई है Pantsir-S1M? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का यूज किया जाता है, उसकी रेंज अधिकतम 30 किलोमीटर है, पर यह पूरी सटीकता से टारगेट को तबाह करता है. ठीक वैसे ही जैसे ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल दुश्‍मनों पर काल बनकर बरसता है. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की रेंज कहीं ज्‍यादा है. Pantsir-S1M सिस्‍टम में इंटीग्रेट मिसाइ की रफ्तार कितनी होती है? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का इस्‍तेमाल किया जाता है, वह 4700 से 6100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अटैक करने में सक्षम है. रूस का सबसे ताकतवर एयर डिफेंस कौन सा है? रूस की प्रमुख वायु रक्षा प्रणालियों में लंबी दूरी की एस-400 ट्रायम्फ प्रणाली शामिल है, जिसका बड़े इलाकों की सुरक्षा के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इससे भी ज्यादा उन्नत और नई पीढ़ी की एस-500 प्रोमेथियस प्रणाली है, जिसे बहुत ऊंचाई पर हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. ये सिस्‍टम्‍स टोर जैसी कम दूरी की रक्षा प्रणालियों के साथ मिलकर कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाती हैं. SHORAD क्‍या है? नॉर्थरॉप ग्रुम्मन की शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस (SHORAD) क्षमताएं अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाओं को मानव चालित और मानव रहित हवाई प्लेटफॉर्म तथा मिसाइल खतरों की व्यापक श्रेणी से सुरक्षा प्रदान करती हैं. ये क्षमताएं सेंसर, हथियार और कमांड एवं कंट्रोल प्रणालियों को एकीकृत करती हैं, जिससे मौजूदा और उभरते खतरों की पहचान, ट्रैकिंग, पुष्टि, मुकाबला और उन्हें निष्क्रिय करना संभव हो पाता है. क्‍या है CADET? CADET एक बॉक्सनुमा ट्रैक्ड वाहन होगा, जिसमें चार सैनिकों के बैठने और जरूरी उपकरणों के लिए पर्याप्त जगह होगी. इस पर रडार, मिसाइल लॉन्चर, तोपें, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और भविष्य में नए मॉड्यूल लगाए जा सकेंगे. सेना इसे मैदानों, रेगिस्तानी इलाकों, अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (Semi-Dry Zone) और करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में तैनात करना चाहती है. पहले इस प्रोजेक्ट में दक्षिण कोरिया की कंपनी हनव्हा (Hanwha) को चुना गया था, लेकिन स्वदेशी सामग्री से जुड़े मुद्दों के कारण सौदा रद्द हो गया. बाद में रूस ने 2018 में भारत-रूस सैन्य तकनीकी सहयोग बैठक में खुद को अनुचित तरीके से बाहर किए जाने पर आपत्ति भी जताई थी. क्‍या है इसकी खासियत? अब रूस का पैंट्सिर-S1M सिस्टम नए रूप में फिर सामने आया है. इसके निर्यात संस्करण में नई मिसाइल शामिल है और इसकी मारक क्षमता 30 किलोमीटर तक बढ़ गई है. इसमें 12 सतह-से-हवा मिसाइलें और दो 30 मिमी की तोपें लगी होती हैं. यह सिस्टम ड्रोन, हेलीकॉप्टर, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, सटीक हथियारों और क्रूज मिसाइलों से निपटने में सक्षम है. इस बीच चीन ने भी अपने नए SWS2 ऑटोमेटेड एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को पेश किया है, जिससे क्षेत्र में वायु रक्षा को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है. ऐसे हालात में CADET प्लेटफॉर्म पर लगा पैंट्सिर-S1M भारत के लिए एक मजबूत और प्रभावी जवाब साबित हो सकता है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भारतीय सेना को तुरंत वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा और कठिन सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा.

2026 में Tata का धमाका: Punch और नई-जनरेशन Nexon समेत 3 नई कारें होंगी लॉन्च

मुंबई  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Tata Motors ने हाल ही में अपनी बहुप्रतीक्षित Tata Sierra SUV को ICE वर्जन में लॉन्च किया है, जिसमें फ्रंट-व्हील-ड्राइव (FWD) कॉन्फ़िगरेशन दिया गया है. इसकी लॉन्च के साथ ही कंपनी ने साल 2026 की पहली तिमाही में Tata Sierra EV की लॉन्च की भी घोषणा की है. इस कार के अलावा भी कार निर्माता कंपनी के लाइनअप में कुछ अन्य कारें भी शामिल हैं, जिन्हें साल 2026 में लॉन्च किया जाएगा. इनमें Tata Punch का फेसलिफ्ट वर्जन भी शामिल है, जिसे साल की शुरुआत में उतारा जा सकता है. इसके बाद 2026 Tata Nexon को भी बाजार में उतारा जा सकता है. यहां हम आपको 2026 में Tata Motors की संभावित लॉन्च के बारे में बताने जा रहे हैं. 2026 Tata Punch फेसलिफ्ट कंपनी की सबसे लोकप्रिय कारों में से एक Tata Punch को एक बड़ा फेसलिफ्ट मिलने वाला है, और कंपनी सूत्रों की मानें तो इस फेसलिफ्ट मॉडल को साल 2026 की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि इसकी स्टाइलिंग Punch EV के करीब होने वाली है, जिसमें कनेक्टेड लाइट बार, ज़्यादा मॉडर्न बंपर डिज़ाइन, बदले हुए अलॉय व्हील्स और ज़्यादा फ्रेश दिखने वाला रियर सेक्शन मिलेगा. वहीं इसके इंटीरियर की बात करें तो Tata हाल के अपडेट से एक कदम आगे जा सकती है, जिसमें Punch EV की इंफोटेनमेंट स्क्रीन को ICE मॉडल में लाया गया था. एक फुल-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और EV का टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील शामिल किया जा सकता है, साथ ही वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर्स भी जोड़े जा सकते हैं. हालांकि कंपनी इस कार के फेसलिफ्ट वर्जन को ALFA प्लेटफॉर्म पर ही बनाएगी, और इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल और CNG पावरट्रेन में कोई बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. अपग्रेडेड Tata Punch की कीमत 6 लाख रुपये से 9.5 लाख रुपये के बीच होने का अनुमान है. Tata Sierra जल्द ही अपने EV वर्जन में भी भारतीय बाजार में उतारी जाने वाली है. कंपनी ने Q1 2026 में इसकी लॉन्च की पुष्टि की है, जिसमें रियर-व्हील और ऑल-व्हील-ड्राइव दोनों ऑप्शन मिलते हैं. आर्गोस प्लेटफॉर्म पर बनी यह EV स्केटबोर्ड आर्किटेक्चर पर बनाई जाती है, जो डुअल मोटर्स को सपोर्ट करता है. इस कार का प्रोडक्शन Tata के सानंद प्लांट में ICE मॉडल के साथ किया जाएगा. स्टाइलिंग की बात करें तो यह काफी हद तक वैसी ही रहेगी, लेकिन EV में ब्लैंक्ड-ऑफ ग्रिल के साथ एक यूनिक फ्रंट फेसिया दिया जाएगा. हालांकि पावरट्रेन की डिटेल्स अभी तक सामने नहीं आई हैं, लेकिन Sierra EV में Curvv EV का 55kWh पैक और हैरियर EV का 65kWh यूनिट मिल सकता है. यह कार मार्च 2026 तक लॉन्च होगी, जिसकी अनुमानित कीमत 16 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच होगी. 2026 नेक्स्ट-जनरेशन Tata Nexon Tata Motors ने नेक्स्ट-जनरेशन Tata Nexon पर काम शुरू कर दिया है, जिसका कोडनेम कंपनी ने 'गरुड़' रखा है, और इसे 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में लॉन्च किया जाएगा. नया मॉडल शायद एक नए प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, जिससे पहली जेनरेशन की Tata Nexon का एक दशक लंबा सफर खत्म हो जाएगा. इसमें अंदरूनी हिस्सों में बड़े अपग्रेड और बाहरी और केबिन में बड़े बदलाव की उम्मीद है, जिससे यह Tata की लेटेस्ट डिज़ाइन लैंग्वेज के हिसाब से हो सके. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल और CNG इंजन का इस्तेमाल जारी रहेगा, हालांकि BS7 नॉर्म्स के हिसाब से अपग्रेड करने की लागत को देखते हुए डीज़ल के भविष्य के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता. सूत्रों की मानें तो हर महीने 12,000 यूनिट्स की प्रोडक्शन कैपेसिटी तय की गई है – जो मौजूदा Tata Nexon की 15,000 यूनिट्स से कम है, लेकिन लॉन्च के बाद इसे बढ़ाया जाएगा. Tata Nexon EV को भी सही समय पर इसी तरह का अपडेट मिलेगा. नई Tata Nexon की अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये से 17 लाख रुपये के बीच है.

उज्जैन सिंहस्थ महापर्व की तैयारी तेज: प्रयागराज मॉडल से सीखेंगे बिजली प्रबंधन के गुर

इंदौर  उज्जैन में वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ महापर्व के सफल आयोजन के लिए बिजली वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान बिजली प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अधिकारियों का एक दल मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन के दौरे पर आया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान निर्बाध, सुरक्षित और प्रभावी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने अनुभव साझा करना और स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना है। इंदौर और उज्जैन में बिजली वितरण व्यवस्था का होगा अवलोकन मंगलवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों का दल इंदौर पहुंचा। यह दल पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर इंदौर और उज्जैन में बिजली वितरण से जुड़ी मौजूदा व्यवस्थाओं का अवलोकन करेगा। साथ ही सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन अधिकारियों के सुझावों और तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगी। इंदौर और उज्जैन में कार्यशालाओं का आयोजन भी करेंगे उल्लेखनीय है कि पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों का एक दल पहले ही प्रयागराज जाकर महाकुंभ के दौरान की गई बिजली व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन कर चुका है। अब उसी अनुभव को व्यवहार में लाने के लिए प्रयागराज से आए विशेषज्ञ अधिकारी चार दिवसीय दौरे के दौरान इंदौर और उज्जैन में कार्यशालाओं का आयोजन भी करेंगे। इन कार्यशालाओं में वे अधिकारी शामिल होंगे, जिन्होंने महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में विद्युत आपूर्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी।  

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: अब पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए 10 विभागों की NOC की जरूरत नहीं

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंप खोलना अब पहले की तुलना में आसान होने जा रहा है. प्रदेश सरकार ने कारोबारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए पहले की तरह कई विभागों से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी. सरकार के नए फैसले के तहत अब पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग समेत चार विभागों की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. नहीं लेनी पड़ेगी 10 विभागों की एनओसी अब तक पेट्रोल और डीजल पंप के लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को 10 विभागों राजस्व, एनएसएआई, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण या नगर निकाय, जिला पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, वन विभाग, विद्युत सुरक्षा और बिजली विभाग से एनओसी लेनी पड़ती थी. इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था, जिससे आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था. नई व्यवस्था के तहत अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए मुख्य रूप से राजस्व, बिजली, लोक निर्माण विभाग और विकास प्राधिकरण-आवास विकास परिषद- औद्योगिक विकास प्राधिकरण से ही एनओसी ली जाएगी. शेष विभागों के लिए आवेदक का स्वघोषणा पत्र ही मान्य होगा. ऑनलाइन उपलब्ध होगी एनओसी इसके साथ ही जिलाधिकारी की ओर से डिजिटल हस्ताक्षरित एनओसी आवेदक के यूजर लॉग-इन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराई जाएगी. आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकेगा. यह कदम प्रदेश में निवेश और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

इतिहास रचने को तैयार कैप्टन जोया: नॉर्थ पोल के ऊपर उड़ान से पहले साझा किया उत्साह

नईदिल्ली  एअर इंडिया की महिला पायलटों की टीम नॉर्थ पोल के ऊपर से उड़ान भरकर जल्द ही इतिहास रचने जा रही है. इस टीम की अगुआई करेंगी कैप्टन जोया अग्रवाल जो अपनी इस नई यात्रा को लेकर बेहद रोमांचित हैं. कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा, "मैं इतिहास रचने का इंतजार कर रही हूं. मैं बेहद उत्साहित हूं!" इन शब्दों के साथ जोया उस विशेष क्लब का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं जो एक नया मकाम हासिल करने जा रही है. आसमान में अपने सपनों की उड़ान भरने वाली कैप्टन जोया अग्रवाल जल्द ही एक और उपलब्धि हासिल कर लेंगी, क्योंकि वे एक महिला पायलटों की टीम का नेतृत्व करेंगी. ये उड़ान अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से चलेगी और उत्तरी ध्रुव से होते हुए नॉनस्टॉप बेंगलुरु पहुंचेगी. स्थानीय समय के मुताबिक ये यात्रा 9 जनवरी 2021 को रात 8.30 बजे शुरू होगी. "हम वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे"  उड़ान भरने से कुछ घंटे पहले कैप्टन जोया ने कहा, "कल हम कई तरह के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं. इसके बारे में सोचकर मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं." कॉकपिट में कैप्टन जोया के साथ कैप्टन थनमई पपागड़ी, कैप्टन आकांशा सोनावड़े और कैप्टन शिवानी मन्हास द्वारा शामिल होंगी. साथ ही एयर इंडिया में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (Flight Safety) कैप्टन निवेदिता भसीन भी इस फ्लाइट से यात्रा करेंगी. नॉर्थ पोल क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने के बारे में जोया कहती हैं, "हम पिछले साल ही ऐसा करने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्य से खराब मौसम के चलते ऐसा नहीं हो सका. लंबे समय से ये बहुत से लोगों के लिए एक सपना है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि कल हम इस सपने को एक हकीकत में बदल देंगे." जोया ने बताया, "ध्रुवीय उड़ान पहले भी भरी गई है, लेकिन यह पहली बार है जब हमारे पास चालक दल में सभी महिलाएं हैं. 'भारत की बेटियां' अमेरिका की सिलिकॉन वैली से भारत की सिलिकॉन वैली तक उड़ान भरेंगी!" जोया ने आगे कहा, "अब तक हम लंबी उड़ानों का संचालन करते रहे हैं, लेकिन वे उड़ानें अटलांटिक महासागर या प्रशांत महासागर के ऊपर से गुजरती हैं और वापस आ जाती हैं. ये उड़ान खासतौर से अलग है क्योंकि आप उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरेंगे. उत्तरी ध्रुव कितने लोगों ने देखा है? मैं खुद को भाग्यशाही मानती हूं कि मैं हवाई जहाज की कमान संभालूंगी और ऊपर से उत्तरी ध्रुव को देखते हुए दूसरी तरफ आऊंगी. यह उड़ान विमानन के इतिहास में एक नया अध्याय बनने जा रही है." ऐतिहासिक उड़ान की सभी सीटें बुक लगभग 17 घंटे की उड़ान के बारे में कैप्टन जोया कहती हैं कि यह उतनी ही तेज उड़ान है जितना की संभव है. उन्होंने कहा, "ये दुनिया के दो विपरीत बिंदुओं को जोड़ने के लिए संभव सबसे तेज रूट है. यह निश्चित रूप से दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों में से एक है और तब भी इसमें अटलांटिक महासागर या प्रशांत क्षेत्र से होकर समान दूरी की उड़ान की तुलना में कम ईंधन का इस्तेमाल होने वाला है." इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए एयर इंडिया का बोइंग 777-200LR विमान का इस्तेमाल किया जाना है जिसमें सीट क्षमता 238 की है. एयर इंडिया ने इंडिया टुडे को बताया कि ये सभी सीटें बुक हो चुकी हैं. कैप्टन जोया ने कहा, "बोइंग 777-200LR एक अहम हवाई जहाज है. अगर आप पृथ्वी ग्रह को देखते हैं और ग्लोब पर कोई दो बिंदु दिखाई देता है तो ये हवाई जहाज उन्हें जोड़ने में सक्षम है." कैप्टन जोया एक कुशल पायलट हैं जिन्हें 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है. इसके अलावा उन्हें बोइंग B777 विमान में 10 साल से ज्यादा कमांड का अनुभव है जिसमें 2,500 से ज्यादा फ्लाइंग आवर शामिल हैं. अपनी अब तक की यात्रा के बारे में जोया कहती हैं, "जब मैं एयर इंडिया में शामिल हुई, महिला पायलटों की संख्या मुट्ठी भर थी जिनमें से मैं भी एक थी. हर कोई मुझे एक बच्चे की तरह देखता था, लेकिन सब लोग बहुत मददगार थे. बहरहाल, यह एक पुरुष-प्रधान क्षेत्र है. खुद को एक महिला पायलट के रूप में नहीं, बल्कि एक पायलट के रूप में कड़ी मेहनत करनी होती है, क्योंकि यह एक बहुत ही जिम्मेदारी का काम है." "तब मां रो पड़ी थीं" जोया अपने माता-पिता की एकमात्र संतान हैं. वे याद करती हैं कि कैसे उनकी मां डर के मारे रो पड़ी थीं जब उन्होंने घर पर पहली बार ये बताया था कि वे पायलट बनना चाहती हैं. लेकिन जल्दी ही ये सब बदल गया. चेहरे पर मुस्कान लाते हुए जोया याद करती हैं, "मैं पिछले 8 वर्षों से उड़ान भर रही हूं और ये एक शानदार यात्रा है. 2013 में जब मैं कैप्टन बनी, तब मेरी मां फिर से रो पड़ीं लेकिन इस बार वे खुशी से रोई थीं." तो क्या युवा लड़कियों के लिए जोया का संदेश है कि वे अपनी इच्छाओं को आसमान में उड़ने दें? कैप्टन जोया कहती हैं, "एक महिला को सपने देखने और जो कुछ भी वह चाहती है उसे हासिल करने में सक्षम होना चाहिए. कोई भी सपना ऐसा नहीं है जो नामुमकिन हो."

PF निकासी आसान हुई: डेबिट कार्ड और ATM से अब 75% पैसा तुरंत निकालें

 नई दिल्ली पीएफ निकासी को लेकर अक्सर लोगों की शिकायत होती है, प्रक्रिया आसान नहीं है. खुद केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया भी मानते हैं कि लोगों को PF निकासी में अभी भी काफी दिक्कतें आती हैं. वो कहते हैं कि अपने ही पैसे निकालने के लिए लोगों को 10 तरह के फॉर्म भरने पड़ते हैं. इससे लोगों को परेशानी होती हैं, लेकिन सरकार इस नियम को बदलने के लिए फैसला कर लिया है. अब एक क्लिक में PF का पैसा लोग निकाल पाएंगे. एक कार्यक्रम में मनसुख मांडविया ने कहा कि जल्द ही PF निकासी की प्रक्रिया बेहद आसान होने वाली है. उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक PF अकाउंट से सीधे UPI और ATM के जरिए पैसा निकालने की सुविधा शुरू की जाएगी. इस नई व्यवस्था के बाद PF निकासी की प्रक्रिया बैंक से पैसे निकालने जितनी आसान हो जाएगी. तेजी से चल रहा है काम सरकार पीएफ को UPI और एटीएम से जोड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है. इसकी प्रक्रिया चल रही है और मार्च से पहले कर्मचारी सीधे एटीएम से पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे. उन्होंने कहा कि पहले ही PF खाते को बैंक खाता, आधार और UAN से जोड़ा जा चुका है. वहीं अब डेबिट कार्ड और ATM में EPFO निकासी विकल्प को जोड़ दिया जाएगा. जिससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी कभी भी अपने PF का 75 फीसदी पैसा निकाल सकेंगे. श्रम मंत्रालय के मुताबिक मार्च 2026 से पहले PF अकाउंट से अमाउंट सीधे UPI और ATM के जरिए पैसा निकालने की सुविधा शुरू की जाएगी. इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं. इसलिए PF खाताधारकों को अब एक क्लिक में सुविधा मिलने वाली है. अब आइए जानते हैं कि ये कैसे संभव होगा?  कैसे PF का पैसा ATM से निकलेगा? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि फिलहाल PF अकाउंट को UPI से लिंक करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है. EPFO जब यह सुविधा शुरू करेगा, तब इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया दी जाएगी. अनुमान है कि यह सुविधा EPFO मेंबर पोर्टल और UMANG ऐप दोनों पर उपलब्ध होगी. PF अकाउंट को UPI से जोड़ने के लिए UAN (Universal Account Number) का एक्टिव होना सबसे जरूरी शर्त होगी. इसके साथ ही सदस्य का आधार, बैंक अकाउंट और PAN को UAN से लिंक होना अनिवार्य रहेगा. मोबाइल नंबर भी आधार और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए, क्योंकि पूरी प्रक्रिया OTP आधारित वेरिफिकेशन पर होगी.  हालांकि प्रक्रिया को लेकर EPFO ने अभी तक कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि सदस्य को EPFO पोर्टल या UMANG ऐप में लॉग-इन करना होगा. संभव है कि वहां एक नया ऑप्शन दिखाई देगा, उदाहरण के लिए 'Link PF with UPI' या फिर 'PF Withdrawal via UPI'. इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद सदस्य को अपनी UPI ID दर्ज करनी होगी. इसके बाद संबंधित UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM पर एक नोटिफिकेशन आएगा, जहां से PF अकाउंट को जोड़ने की अनुमति देनी होगी. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद PF अकाउंट सफलतापूर्वक UPI से लिंक हो जाएगा. उसके बाद ATM से सीधे में UPI के जरिये अमाउंट ट्रांसफर हो जाएगा. हालांकि EPFO ने अभी तक इस प्रोसेस पुष्टि नहीं की है.  चुटकी में निकलेगा PF अमाउंट सरकार का कहना है कि PF-UPI लिंकिंग से लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है, इससे PF अमाउंट आसानी से निकाल जा सकेगा और प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी. इसके लिए EPFO सदस्य को अपना KYC पूरा और अपडेट करना होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत भी सदस्य अपनी EPF राशि का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं. बाकी पीएफ में 25 फीसदी राशि इसलिए छोड़ी गई, ताकि कर्मचारियों की नौकरी की निरंतरता बनी रहे और उन्‍हें पीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज का लाभ मिल सके.