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धान खरीदी पर ब्रेक के हालात, बफर से ज्यादा स्टॉक, मिलर नहीं उठा रहे धान

गरियाबंद देवभोग के 10 और गोहरापदर ब्रांच के 17 समेत कुल 27 खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से ढाई गुना ज्यादा धान खरीदी हो गई. वहीं दूसरी ओर मिलरों भी धान उठाने से कतरा रहे हैं. स्थिति को देखते हुए शाखा प्रबंधकों ने उच्च कार्यालय को पत्र लिखकर उठाव की मांग करते हुए धान खरीदी बंद होने की आशंकाओं से अवगत करा दिया है. धान उठाव के लिए जिला विपणन अधिकारी को भेजे गए मांग पत्र के मुताबिक देवभोग के 10 खरीदी केंद्र में खरीदी की बफर लिमिट 1 लाख 2000 तय थी, पर यहां 2 लाख 41546 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है. इसी तरह गोहरापदर ब्रांच के 17 खरीदी केंद्र की बफर लिमिट 1 लाख 69200 क्विंटल की है, लेकिन यहां 3 लाख 45214 क्विंटल धान की खरीदी हो गई है. केंद्रों में अब रखरखाव की समस्या आ रही है. देवभोग केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी कुंज बिहारी बेहरा ने कहा कि तय लिमिट से कई गुना ज्यादा खरीदी होने से धान की रख-रखाव में समस्या आ रही है. खरीदी सुचारु रूप से चलता रहे उसके लिए उठाव की नितान्त आवश्यकता है. इस हफ्ते उठाव नहीं हुआ तो आने वाले सप्ताह से कई केंद्रों में खरीदी बंद करने की नौबत आ जाएगी. देवभोग बीएम अमरसिंह ठाकुर और गोहरापदर बीएम दुष्यन्त इंग्ले ने धान की मात्रा बफर लिमिट से पार होने की पुष्टि किया है. दोनों ब्रांच अफसरों ने बताया कि जिला विपणन और अपने नोडल को पत्र लिख कर समस्या से अवगत कराने की बात कही है. करोड़ों का भुगतान अटका, मिलर भी पीछे हट रहे संग्रहण केंद्र के अलावा डीओ के जरिए मिलरों से उठाव होता था. जिले में लगभग 60 मिलर थे, इनमें से अब तक 24 ने अनुबंध कराया. 22 ऐसे हैं, जिन्हें अपात्र श्रेणी में रख मॉड्यूल से ही लॉक कर दिया गया है. इसके अलावा फोर्टीफाइड चावल की राशि, पिछले साल हुए परिवहन चार्ज, कस्टम मिलिंग की बिलिंग का करोड़ों रुपए का भुगतान शासन से लंबित है, इसलिए कई मिलर धान उठाव के लिए अनुबंध करने में रुचि नहीं ले रहे हैं. सोमवार से शुरू होगी उठाव – डीएमओ जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर से अनुबंध के बाद राज्य कमेटी के एप्रूवल की प्रकिया हो रही थी, लेकिन अब पूरी हो गई है. कुछ जगहों पर उठाव शुरू हो चुकी थी. सोमवार से देवभोग क्षेत्र से उठाव करेंगे. मिलरो की संख्या कम है. मौजूद 56 में से 24 ने ही अनुबंध कराया है. ऐसे में पड़ोसी जिले के मिलर से भी जल्द अनुबंध कराया जाएगा, ताकि उठाव प्रकिया तेजी से बढ़ सके. गरियाबंद में कुछ मिलर्स के भौतिक सत्यापन के दौरान कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की मात्रा में कमी पाई गई थी, ऐसे में वे अपात्र की श्रेणी में हैं.

‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पारित, सदन में हंगामा और कॉपी फाड़ने की घटना

नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को 14वां दिन है. आज विकसित भारत जी राम जी बिल के लोकसभा से पारित होने की संभावना है. इस विधेयक पर बुधवार देर रात तक सदन में चर्चा चली थी. गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान चर्चा का जवाब दे रहे हैं. इस बीच विपक्षी सदस्य इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. उसका कहना है कि इस विधेयक में राज्यों पर बोझ बढ़ाया गया है. साथ ही खेती के सीजन में 60 दिनों तक काम न देने का प्रावधान मजदूर विरोधी है. इसको विपक्षी सदस्यों ने गुरुवार सुबह में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया. लोकसभा से पास होने के बाद इस विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मनरेगा का नाम पहले पहले महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखा गया। वो तो पहले नरेगा थी। बाद में जब 2009 के चुनाव आए तब चुनाव और वोट के कारण महात्मा गांधी याद आए। बापू याद आए। तब उसमें जोड़ा गया महात्मा गांधी। इसके बाद सदन में 'VB-जी राम जी बिल' बिल ध्वनिमत से पास हो गया। इससे पहले विपक्ष ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। इसमें विपक्ष के 50 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया और VB-G-RAM-G बिल वापस लेने के नारे लगाए। इससे पहले बुधवार को लोकसभा में VB-G-RAM-G बिल पर 14 घंटे चर्चा हुई। कार्यवाही देर रात 1:35 बजे तक चली। इसमें 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्तावित कानून को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा। शिवराज चौहान ने याद दिलाई गांधीगीरी विपक्ष के हंगामे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस तरह जो आप बिल फाड़कर फेंक रहे हैं, वह महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति के खिलाफ है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह विधेयक तो मनरेगा स्कीम को ही खत्म करने की साजिश है। विपक्षी सांसदों की ओर से बिल की कॉपी फाड़कर फेंके जाने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आपको सदन में जनता के मुद्दे उठाने चाहिए, लेकिन हंगामा करने और बिल की कॉपी फाड़कर फेंकने से कोई मसला हल नहीं होता। लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्‍थगित लोकसभा में जैसे ही मनरेगा स्‍कीम का नाम बदने वाला बिल पास हुआ, वैसे ही विपक्षी दलों के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कुछ सांसद वेल तक आ गए और बिल की कॉपी को फाड़कर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह सिंह के ऊपर फेंक दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को पूरे दिन तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया है।  विपक्षी सांसदों ने फाड़ी बिल की कॉपी… विपक्षी सदस्यों ने सदन में कागज़ फाड़कर और नारे लगाकर कार्यवाही में बाधा डाली. इससे पहले, उन्होंने बिल वापस लेने की मांग करते हुए संसद परिसर के अंदर विरोध मार्च किया था. कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस कानून को गांधी का अपमान और ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने वाले काम के अधिकार पर हमला बताया. सीनियर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी मकर द्वार पर सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं. संसद में बुधवार की कार्रवाई की बड़ी बातें…     5 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में एक भी स्टूडेंट नहीं- देशभर में 10.13 लाख सरकारी स्कूलों में से 5,149 में एक भी छात्र नहीं है। 2024-25 शैक्षणिक सत्र में जीरो नामांकन वाले इन स्कूलों में से 70% से ज्यादा तेलंगाना व पश्चिम बंगाल में हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने संसद में दी है। शून्य या 10 से कम छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में बीते दो साल में 24% की बढ़ोतरी हुई है।     43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच देशभर में बंद- केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया कि 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को ब्लॉक कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ की गई है, जो कानून द्वारा प्रतिबंधित कंटेंट प्रसारित कर रहे थे।

महंगाई से राहत: नए साल पर घटे CNG और PNG के दाम, आम लोगों को फायदा

नई दिल्ली  भारत भर के उपभोक्ताओं को कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कम कीमतों का फायदा मिलने वाला है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने टैरिफ में बदलाव (रैशनलाइजेशन) का ऐलान किया है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में PNG RB के मेंबर AK तिवारी ने कहा कि नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर लागू होने से उपभोक्ताओं को राज्य और लागू टैक्स के अनुसार प्रति यूनिट ₹2 से ₹3 तक की बचत होगी. नया यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर PNGRB ने टैरिफ सिस्टम को आसान बनाते हुए जोन की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है. 2023 में लागू पुराने सिस्टम के तहत दूरी के आधार पर तीन जोन बनाए गए थे. इसमें 200 किलोमीटर तक ₹42, 300 से 1,200 किलोमीटर तक ₹80 और 1,200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए ₹107 टैरिफ था. तिवारी ने बताया, हमने टैरिफ को रैशनलाइज किया है. अब तीन की जगह दो जोन होंगे और पहला जोन पूरे भारत में CNG और घरेलू PNG ग्राहकों पर लागू होगा. अब जोन-1 के लिए यूनिफाइड दर ₹54 तय की गई है, जो पहले ₹80 और ₹107 थी. इन लोगों को होगा फायदा नया टैरिफ स्ट्रक्चर भारत में काम कर रही 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के तहत आने वाले 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को फायदा देगा. तिवारी ने कहा, इससे CNG इस्तेमाल करने वाले ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रसोई में PNG इस्तेमाल करने वाले घरों को लाभ मिलेगा. PNGRB ने निर्देश दिया है कि इस रैशनलाइज्ड टैरिफ का पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी. तिवारी ने कहा, हमारी भूमिका उपभोक्ताओं और इस बिजनेस से जुड़े ऑपरेटरों, दोनों के हितों में संतुलन बनाए रखने की है. गैस इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार CNG और PNG इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर बात करते हुए तिवारी ने बताया कि पूरे देश को कवर करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं, जिनमें सरकारी कंपनियां (PSU), निजी कंपनियां और जॉइंट वेंचर शामिल हैं. PNGRB, CGD कंपनियों को राज्य सरकारों से समन्वय कराने में मदद कर रहा है, जिसके चलते कई राज्यों ने VAT कम किया है और अनुमतियों की प्रक्रिया को आसान बनाया है. तिवारी ने कहा, हम सिर्फ रेगुलेटर ही नहीं, बल्कि एक फैसिलिटेटर की भूमिका भी निभा रहे हैं. सरकार की ओर से CNG और घरेलू PNG के लिए सस्ती और रैशनलाइज्ड गैस देने की पहल से देशभर में नेचुरल गैस के इस्तेमाल में तेजी आने की उम्मीद है. भारत में CGD सेक्टर को नेचुरल गैस खपत बढ़ाने वाला मुख्य सेक्टर माना गया है.  

राज्यपाल डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने संत बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर लोकभवन में गुरु घासीदास जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। राज्यपाल डेका ने कहा कि गुरु घासीदास जी ने मानव समाज को प्रेम और सद्भावना का संदेश दिया और समाज में व्याप्त भेदभाव एवं असमानता को दूर कर समतामूलक समाज स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हैं। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संत बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

उज्जैन के महाकाल मंदिर ने शुरू की कैशलेस सेवा, भक्तों को मिली नई सुविधा

उज्जैन विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में देशभर से आने वाले भक्त कैशलेस दान कर रहे हैं। मंदिर समिति ने विभिन्न दान काउंटर तथा मंदिर परिसर में बारकोड लगाए हैं। इनके माध्यम से भक्त बिना किसी परेशानी के दान कर रहे हैं। मंदिर समिति जल्द ही लड्डू प्रसाद काउंटर पर भी कैशलेस सुविधा प्रदान करने वाली है। मंदिर समिति महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों को पूरी तरह कैशलेस सुविधा प्रदान करना चाहती है। भक्तों को भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग तथा शीघ्र दर्शन टिकट में पहले से ही ई-वालेट की सुविधा दी जा रही है। लड्डू प्रसाद काउंटर, महाकालेश्वर व हरसिद्धि धर्मशाला, अन्न क्षेत्र तथा दान काउंटरों पर कैशलेस सुविधा प्रदान करने की शुरुआत हो गई है। मंदिर के दान काउंटर व परिसर में बारकोड लगाए गए हैं। देशभर से आने वाले दर्शनार्थी मंदिर के किसी भी कोने से बारकोड स्कैन कर दान कर सकते हैं। नकद व कैशलेस दोनों सुविधा रहेगी महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद काउंटरों पर नगद व कैशलेस दोनों प्रकार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वजह कई बार नेटवर्क समस्या के चलते ई-पैमेंट में परेशानी आती है। कई बार तकनीकी खामी होने से इसमें समय अधिक लगता है। ऐसे में दर्शनार्थियों की सुविधा व व्यवस्था की दृष्टी से नकद भुगतान की सुविधा भी अनिवार्य है।

कार में छिपाकर ले जा रहे थे 12 किलो MD ड्रग्स, केंद्रीय नारकोटिक्स टीम ने पकड़ा तस्कर

 नीमच  केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो मध्य प्रदेश की टीम ने एक कार से 12 किलो एमडी ड्रग पकड़ी है। एक आरोपित को मौके से गिरफ्तार कर कार व एमडी ड्रग जब्त की है। मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। यह कार्रवाई महू-नसीराबादहाई-वे पर ढोढर के पास टोल टैक्स पर 16 दिसंबर की रात की गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो मध्य प्रदेश की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रतलाम-मंदसौर की ओर से एक गुजरात की ओर मादक पदार्थ की तस्करी की जाने वाली है। इस सूचना के बाद टीम ने नाकाबंदी और सर्चिंग करते हुए टोल टैक्स पर चित्तौड़गढ़ पासिंग एक स्विफ्ट कार को रोका और तलाशी ली तो कार से 10 पैकेट में भरी 12 किलो 55 ग्राम एमडी ड्रग मिली। इस पर कार और एमडी ड्रग जब्त कर कार में सवार एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित से एमडी ड्रग लाने और ले जाने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।  

MLM फ्रॉड पर ED की सख्ती, रांची में 307 करोड़ के घोटाले में मैक्सिजोन टच के कर्ताधर्ता अरेस्ट

रांची झारखंड के रांची जोनल कार्यालय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 307 करोड़ रुपये के मल्टी लेवल मार्किटंग (एमएलएम) घोटाले में बड़ी कारर्वाई करते हुए एम/एस मैक्सिजोन टच प्रा. लि. के निदेशक चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियांका सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।          21 से अधिक बैंक खातों में जमा कराए गए 307 करोड़ रुपये ईडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रांची जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह गिरफ्तारी की है। आरोप है कि दोनों ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ी एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया और अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की कमाई की। ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक फर्जी मल्टी-लेवल मार्किटंग योजना चलाई, जिसमें आम लोगों को हर महीने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभ का लालच दिया गया। इस योजना के माध्यम से 21 से अधिक बैंक खातों में करीब 307 करोड़ रुपये की अवैध राशि जमा कराई गई, जिसे अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) बताया गया है। तीन साल से फरार थे आरोपी, फर्जी पहचान का किया इस्तेमाल        जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चंदर भूषण सिंह और प्रियांका सिंह इस अवैध धन के साथ फरार हो गए थे। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम की पुलिस समेत अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जानबूझकर बचते रहे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने लगातार अपने ठिकाने बदले और फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। ईडी के अनुसार, आरोपी ने‘दीपक सिंह'जैसे छद्म नामों का भी प्रयोग किया। बेनामी लेनदेन के जरिए रियल एस्टेट में किया गया निवेश       ईडी ने बताया कि आरोपियों ने अवैध धन को सफेद करने के लिए बेनामी लेनदेन के जरिए कई रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदीं और बाद में उन्हें नकद में बदल दिया। इस मामले की जांच कई राज्यों-झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक-में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच के सिलसिले में ईडी ने 16 सितंबर 2025 और 3 दिसंबर 2025 को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार), मेरठ, रांची और देहरादून में कई ठिकानों पर पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया। इन छापों के दौरान नकली पहचान पत्र, हस्तलिखित नोट्स और डायरियां, करीब 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी, सहयोगियों की सूची, विभिन्न संस्थाओं की खाता पुस्तिकाएं, लैपटॉप और मोबाइल फोन, लगभग 15 हजार अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टो करेंसी तथा कई रियल एस्टेट संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी हिरासत में भेजे गए आरोपी        ईडी ने बताया कि आरोपी चंदर भूषण सिंह को विशेष पीएमएलए न्यायालय, रांची के आदेश पर पांच दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और ईडी को इस घोटाले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है।  

240 मीटर नाले के काम में भारी लोहे का उपयोग, भोपाल नगर निगम में खुला बड़ा घोटाला

भोपाल  भोपाल नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। इस बार आरोप नाले की ड्रेन कवरिंग के काम में भारी अनियमितताओं को लेकर हैं, जहां महज 240 मीटर लंबे नाले पर 16 हजार किलोग्राम से अधिक लोहे का इस्तेमाल किया गया है। इस संदिग्ध माप और बिलिंग के आधार पर करीब 13.34 लाख रुपये का पेमेंट हुआ, जिसने निगम के रिकॉर्ड और इंजीनियरिंग कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के जोन-13 अंतर्गत वार्ड 53 का है। कृष्णा आर्केड और वैष्णव कांप्लेक्स, भेल संगम कॉलोनी क्षेत्र में स्थित नाला लगभग तीन फीट चौड़ा और 240 मीटर लंबा है। इतनी सीमित संरचना के बावजूद माप पुस्तिका में 16 हजार किलोग्राम लोहे के उपयोग का उल्लेख किया गया है। काम का वर्क ऑर्डर क्रमांक-2400032045 सिविल विभाग द्वारा 25 जून 2025 को जारी किया गया था और निर्माण कार्य हाल ही में पूरा बताया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार इस कार्य की माप और सामग्री का विवरण प्रभारी सहायक यंत्री निशांत तिवारी और उपयंत्री रूपांकन वर्मा द्वारा दर्ज किया गया, लेकिन दर्ज की गई लोहे की मात्रा को लेकर अब घोटाले की आशंका जताई जा रही है। कोर कटिंग से खुलेगा गायब लोहे का राज मामले की गंभीरता को देखते हुए निगमायुक्त संस्कृति जैन ने आरसीसी ढांचे की कोर कटिंग कराए जाने के आदेश दिए हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से यह जांचना है कि वास्तव में निर्माण में इतनी अधिक मात्रा में लोहा इस्तेमाल हुआ या नहीं। साथ ही जांच दल कथित गायब लोहे की भी पड़ताल कर रहा है। ईई की भूमिका पर भी सवाल प्रभारी कार्यपालन यंत्री (ईई) बृजेश कौशल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने निर्माण कार्य की न तो नियमित निगरानी की और न ही एक बार भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 5 दिसंबर को नोटिस और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद कोर कटिंग रिपोर्ट दबाए रखने के आरोप हैं। रिपोर्ट सौंप दी गई कोर कटिंग रिपोर्ट समय पर तैयार कर ईई को सौंप दी गई थी। – निशांत तिवारी, सहायक यंत्री ननि रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई ईई ब्रजेश कौशल की रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है और आयुक्त के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सुबोध जैन, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

राष्ट्रभक्ति की राह पर साइकिल सवार: वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रांची से दिल्ली तक

रांची एनसीसी निदेशालय बिहार एवं झारखंड, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, रांची के तत्वावधान में "वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन" के आयोजन की घोषणा करते हुए गर्व का अनुभव करता है। यह ऐतिहासिक पहल "शौर्य के कदम – क्रांति की ओर" थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य महान जनजातीय नायक धरती आबा वीर बिरसा मुंडा की विरासत का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक राहभागिता को प्रोत्साहित करना है। यह साइक्लोथॉन वीर बिरसा मुंडा की अदम्य भावना को स्मरण करते हुए युवाओं को साहस, सेवा और राष्ट्रीय एकीकरण के पथ पर अग्रसर करने की एक प्रेरणादायी यात्रा है। यह आयोजन दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। साइक्लोथॉन का पहला चरण 18 से 20 दिसंबर 2025 तक झारखंड की पवित्र धरती पर तीन विभिन्न मार्गों से होकर आयोजित किया जाएगा। यह चरण उन प्रमुख स्थलों को स्पर्श करेगा जो वीर बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस चरण में एनसीसी अधिकारी, स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ एवं एनसीसी कैडेट्स, जिनमें बालिका कैडेट्स भी शामिल होंगी, उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। यह सहभागिता एकता, अनुशासन और समावेशिता की सशक्त अभिव्यक्ति होगी। प्रथम चरण का समापन मोरहाबादी मैदान, रांची में एक भव्य स्वागत समारोह के साथ होगा। द्वितीय चरण एक चुनौतीपूर्ण एवं प्रेरणादायी यात्रा होगी जो रांची से नई दिल्ली तक लगभग 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा 20 दिनों की अवधि में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं दिल्ली राज्यों से होकर गुजरेगी। इस चरण को 28 दिसंबर 2025 को बिरसा मुंडा कारागार परिसर, रांची से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस यात्रा में दो एनसीसी अधिकारी, दो स्थायी स्टाफ एवं 16 एनसीसी कैडेट्स, जिनमें बालिका कैडेट्स भी शामिल होंगी, भाग लेंगे। ये सभी प्रतिभागी वीर बिरसा मुंडा की अदम्य भावना से ओतप्रोत झारखंड के युवा दूत होंगे। इस चरण का समापन 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की रैली के दौरान होगा, जो राष्ट्रीय स्तर पर धरती आबा वीर बिरसा गुंडा को समर्पित एक गरिमामय श्रद्धांजलि होगी। वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन केवल साइ‌किल यात्रा नहीं है, बल्कि यह शारीरिक सहनशक्ति, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाला एक जनआंदोलन है। यह हमारे गौरवशाली अतीत और आशावान भविष्य के बीच सेतु का कार्य करता है, जिसे एनसीसी कैडेट्स की ऊर्जा और उत्साह से बल मिलता है। जब यह दल नगरों और राज्यों से होकर आगे बढ़ेगा, तो वह केवल वीर बिरसा मुंडा की गाथा ही नहीं, बल्कि नए झारखंड के आत्मविश्वासी, सशक्त और प्रगतिशील स्वरूप की कहानी भी देशभर में पहुँचाएगा। प्रत्येक पैडल स्ट्रोक शक्ति, बलिदान और सेवा के अमर संदेश को सशक्त करेगा। इस अद्‌भुत यात्रा का पहला चरण 18 से 20 दिसंबर 2025 तक झारखंड की पवित्र भूमि के माध्यम से तीन अलग-अलग मागों पर आयोजित किया जाएगा, जो वीर बिरसा मुंडा के चरणों की गूँज वाले महत्वपूर्ण स्थलों को छुएगा। इस चरण में तीन अधिकारियों, तीन स्थायी कर्मचारियों और 24 एनसीसी कैडेटों, जिनमें कन्या कैडेट भी शामिल हैं, की समर्पित भागीदारी होगी, जिन्हें प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा समर्थित किया जाएगा, जो एकता, अनुशासन और समावेशिता का सच्चा प्रतिनिधित्व है। यह चरण मोहराबादी मैदान, रांची में एक भव्य स्वागत समारोह में रामाप्त होगा, जहाँ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साइक्लोथॉन का औपचारिक रूप से स्वागत करेंगे। दूसरा चरण रांची से नई दिल्ली तक की चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक यात्रा होगी, जो 28 दिसंबर 2025 से 16 जनवरी 2026 तक 20 दिनों की अवधि में फैलेगा, और इसे 28 दिसंबर 2025 को रांची के बिरसा मुंडा जेल कॉम्प्लेक्स से झारखंड के माननीय राज्यपाल द्वारा शुभारंभ किया जाएगा। रांची से नई दिल्ली की यह यात्रा देशभर में एकता, साहस और सांस्कृतिक गर्व का संदेश ले जाएगी, जिसमें दो अधिकारियों, दो स्थायी कर्मचारियों और 16 एनसीसी कैडेट्स की टीम गर्व से शामिल होगी, जिनमें बहादुर युवाओं की झारखंड की प्रतिनिधि लड़‌कियों की भी भागीदारी होगी, जो वीर बिरसा मुंडा की अदम्य आत्मा से भरी हुई हैं। यह चरण नई दिल्ली में 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के रैली में भव्य स्वागत समारोह के साथ समाप्त होगा, जो धरती आबा वीर बिरसा मुंडा को सर्वोच्च राष्ट्रीय मंच पर एक सुसंगत श्रद्धांजलि होगी। यह साइक्लोथॉन केवल साइकिल यात्रा से अधिक है। यह एक आंदोलन है जो शारीरिक सहनशक्ति, सांस्कृतिक गर्व और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देता है। यह हमारे गौरवशाली अतीत और हमारे आकांक्षी भविष्य को एक साथ लाता है, जिसे हमारे एनसीसी कैडेटों की जीवंत ऊर्जा संचालित करती है। जैसे ही टीम शहरों और राज्यों के बीच साइकिल चलाएगी, यह केवल वीर बिरसा मुंडा की कहानी ही नहीं बल्कि नए झारखंड की आत्मविश्वासी और मजबूत स्थिति की कहानी भी ले जाएगा। साइकिल चालकों द्वारा प्रत्येक पैडल स्ट्रोक शक्ति, बलिदान और सेवा का संदेश होगा।  

आत्मसमर्पित माओवादियों की वापसी: छत्तीसगढ़ की नीति ने लौटाई उम्मीदें

रायपुर   छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी नक्सल पुनर्वास नीति ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आत्मसमर्पण करने वाल 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट इस क्रम में 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन तथा 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन कार्यक्रम के दौरान 75 पुनर्वासित युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी M06 5G स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिनमें 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा तथा 5000 mAh फास्ट-चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन स्मार्टफोनों के माध्यम से युवा अब डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं तथा देश-दुनिया की जानकारी से सहजता से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही 25 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट प्रदान कर निर्माण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने संकल्पित जिला प्रशासन ने बताया कि नक्सल पुनर्वास को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए इसे आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक समावेशन से जोड़ा जा रहा है। 5G स्मार्टफोन के माध्यम से पुनर्वासित युवा अब ऑनलाइन प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों, छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के नए अवसरों को समझने और अपनाने में सक्षम होंगे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने सरकार संकल्पित है। पुनर्वासित युवाओं ने साझा किए अनुभव पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा ने बताया कि वे लगभग 30 वर्षों तक डीवीसी सदस्य के रूप में संगठन से जुड़े रहे। पुनर्वास के बाद उन्हें बेहतर आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे राजमिस्त्री के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती ने बताया कि वे 24 वर्षों तक एसीएम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला तथा बस्तर ओलंपिक की संभागस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त किया। डब्बमरका, सुकमा निवासी गंगा वेट्टी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोबाइल और मेसन किट मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जंगल के जीवन की तुलना में वर्तमान जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक है। शिविर लगाकर उनका आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड बनाया गया तथा शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है। सुकमा में की गई यह पहल इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ शासन की नीति केवल नक्सलवाद से मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए युवाओं को विश्वास, अवसर और सम्मान के साथ नया जीवन देने की ठोस कोशिश भी है। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रख रहा है। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।