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68 करोड़ यूजर्स खतरे में! ईमेल और पासवर्ड लीक पर MP स्टेट साइबर सेल की सख्त चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश स्टेट साइबर सेल ने एक गंभीर साइबर अलर्ट जारी किया है। सेल के मुताबिक, देशभर में करीब 68 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड के लीक हो चुके है। ऐसे में यूजर्स को अपने ऑनलाइन अकाउंट्स को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत पासवर्ड बदलने की सलाह दी गई है। साइबर सेल ने चेताया है कि अगर किसी का ई-मेल अकाउंट हैक हो जाता है, तो हैकर को उससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंकिंग ऐप्स और डिजिटल वॉलेट तक भी पहुंच मिल सकती है। इससे वित्तीय नुकसान और पहचान की चोरी का खतरा बढ़ जाता है। टू-फैक्टर वेरिफिकेशन जरूरी एडवाइजरी में सभी यूजर्स से अपनी ई-मेल आईडी पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करने को कहा गया है। 2FA एक्टिव होने पर, पासवर्ड के अलावा मोबाइल पर आने वाले ओटीपी के बिना अकाउंट एक्सेस नहीं किया जा सकता, जिससे सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जुड़ जाती है। फर्जी परमिशन से रहें सावधान साइबर सेल ने यह भी आगाह किया है कि अगर मोबाइल स्क्रीन पर ई-मेल लॉगिन की परमिशन मांगने वाला कोई नोटिफिकेशन आए, तो “Yes, it’s me” जैसे विकल्प पर बिना जांचे क्लिक न करें। गलती से क्लिक करने पर अकाउंट की पूरी जानकारी हैकर के हाथ लग सकती है। यदि ऐसा हो जाए, तो तुरंत पासवर्ड बदलें। हर प्लेटफॉर्म के लिए अलग पासवर्ड स्टेट साइबर पुलिस के अनुसार, सभी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखना बेहद जरूरी है। एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करने से जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, संदिग्ध लिंक या मैसेज से दूर रहें और समय-समय पर अपनी सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करते रहें।

ऐलोबेरा, महुआ से बने फेसपैक, तुलसी सीरप, आंवला जूस व बेल शर्बत बने सैलानियों की पसंद

दोपहर तक लगभग 1.58 करोड़ से अधिक की जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों की हुई बिक्री आयुर्वेद चिकित्सक एवं पारम्परिक वैद्यों ने कार्यशाला मेंकिया दुर्लभ जड़ी-बूटियों की उपलब्धता पर विचार-विमर्श मंत्री डॉ. शाह और राज्य मंत्री वन श्री अहिरवार मंगलवार को करेंगे मेले का समापन भोपाल अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के छठे दिन सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र ऐलोबेरा , महुआ से बने फेशपैक, तुलसी सीरप, आंवला जूस और बेल शर्बत रहे। सैलानियों ने विंध्य हर्बल एम.एफ.पी. पार्क में बने ग्रोविट, च्यवनप्राश, त्रिफला, अर्जुन, चाय, महुआ  फेशपैक और अन्य स्वास्थ्यवर्धक औषधियां भारी मात्रा में खरीदीं। मेले में आयुर्वेदिक चिकित्सकों और पारम्परिक नाड़ी वैद्यों की कार्यशाला का आयो जन किया गया। कार्यशाला में शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये पारम्परिक वैद्य शामिल हुये। मेले का समापन 23 दिसंबर मंगलवार को जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार शाम 5 बजे करेंगे। समापन की ओर अग्रसर अंतर्राष्ट्रीय वन मेले के प्रति सैलानियों का उत्साह कम होता नज़र नहीं आ रहा है। सैलानी भारी संख्या में आयुर्वेदिक उत्पाद, निःशुल्क चिकित्सा परामर्श और आकर्षक प्रदर्शनियां देखने पहुंच रहे हैं। सोमवार दोपहर तक 1.58 करोड़ रूपये से अधिक की जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों की बिक्री हुई। निःशुल्क चिकित्सा परामर्श के लिये स्थापित ओ.पी.डी. में आज 120 आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं परंपरागत वैद्यों द्वारा आज 500 से अधिक लोगों को निःशुल्क परामर्श देकर लाभान्वित किया गया। निःशुल्क ओ.पी.डी. परामर्श की सुविधा 23 दिसंबर मंगलवार को दोपहर बाद 3 बजे तक संचालित की जायेगी। अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में सोमवार को राजधानी भोपाल के विभिन्न आयुर्वेदिक महाविद्यालयों के विद्यार्थी भारी संख्या में सैलानी के रूप में आये। उन्होंने प्रदर्शर्नियों को बड़ी तन्मयता से देखा और जिला यूनियनों, प्राथमिक वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के स्टॉल्स पर उपलब्ध जड़ी बूटियों के बारे में भी जानकारी ली। वन मेले में सोमवार को शालेय विद्यार्थियों की इंस्ट्रुमेंटल संगीत की प्रस्तुति, लोक गायन, नुक्कड़ नाटक और आर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियां देर शाम तक होती रहीं। प्रतियोगिता में 13 विद्यालयों के लगभग 70 विद्यार्थी ने भाग लिया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को वनपज संघ की एमडी डॉ. समीता राजोरा ने पुरस्कार प्रदान किये।

रोलिंग बजट बनाने में मध्यप्रदेश बनेगा देश का पहला राज्य

जनअपेक्षाओं के अनुरूप होगा मध्यप्रदेश का बजट उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने की बजट विशेषज्ञों से चर्चा भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि लोकतंत्र की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए जनअपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश का बजट तैयार किया जाएगा। नवाचार के रूप में वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के साथ वर्ष 2027-28 एवं वर्ष 2028-29 के सांकेतिक बजट अनुमान भी तैयार किए जा रहे हैं। इस प्रकार आगामी तीन वर्षों के लिए रोलिंग बजट तैयार करने की पहल करने में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सोमवार को बजट संवाद कार्यक्रम में यह जानकारी दी। वर्ष 2026-27 के बजट को अधिक लोक कल्याणकारी, व्यवहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित बजट संवाद कार्यक्रम में अर्थशास्त्रियों, बजट विशेषज्ञों, प्रबुद्ध विचारकों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर आम जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। सरकार का निरंतर प्रयास है कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक विस्तार दिया जाए और प्राप्त सुझावों को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बजट संवाद को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष प्रदेश के बजट को सरल, सहज और व्यावहारिक स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है, जिससे आम नागरिक भी बजट निर्माण प्रक्रिया को आसानी से समझ सके। बजट को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आम जनता, विषय विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वर्ग से ई-मेल, वेबसाइट, दूरभाष एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए सुझाव आमंत्रित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 945 सुझाव प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के संकल्प में प्रदेश का उल्लेखनीय योगदान सुनिश्चित करने हेतु पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में ₹82 हजार 513 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रावधान अब तक का सर्वाधिक है। उन्होंने आगामी लक्ष्यों की चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹27.2 लाख करोड़ तथा वर्ष 2047 तक ₹250 लाख करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य है। साथ ही प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि का रोडमैप तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि आगामी बजट में कृषि और किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़े और सब्सिडी पर निर्भरता कम हो। साथ ही उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन के क्षेत्र में सुधार हेतु भी विशेषज्ञों से ठोस सुझाव आमंत्रित किए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास और नागरिकों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और बजट विशेषज्ञों के सुझावों से प्रदेश अपने लक्ष्यों को शीघ्र प्राप्त करेगा।              सचिव वित्त लोकेश कुमार जाटव ने स्वागत भाषण में कहा कि बजट सुझाव को यथोचित बजट में शामिल करेंगे। उन्होंने बजट की पूरी प्रक्रिया संक्षेप में जानकारी दी।              उप महाप्रबंधक नाबार्ड सुशील कुमार ने सुझाव दिया कि विकसित भारत 2047 के लिये कारपोरेट सेक्टर की भूमिका, इनवेस्टमेंट बढ़ना, सिंचाई और मंडी इंफ्रास्ट्रेक्चर को बढ़ाना होगा। कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए।              सदस्य मध्यप्रदेश युवा आयोग आशुतोष सिंह ठाकुर ने नेशनल युथ पॉलिसी के कुछ विशेष एरिया को शामिल किया जाना चाहिए, युवाओं को स्किल ट्रेनिंग, लैग्वेंज सिस्टम को लागू करने के लिये उच्च शिक्षा में बजट प्रावधान अलग से होना चाहिए।              पूर्व अध्यक्ष सी.सी.आई. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने युज आफ डूईंग बिजनेस एवं स्टॉट-अप एवं डीफेंस कॉरिडोर पर अपने सुझाव दिया।              उप महाप्रबंधक आरबीआई अल्का गर्दे ने कहा महिलाओं को जो भी प्रशिक्षण दिया जाये जिसमें इनकम जनरेटिंग पॉइंट को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई क्लस्टर्स को बढ़ावा देने की भी बात की है।              अध्यक्ष उद्योग भारती मितेश लोकवानी ने आईटी सेक्टर, सेमीकंडक्टर में मध्यप्रदेश के निर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफैक्चर एवं लॉजिस्टिक हब बनाने पर जोर दिया।              सोशल पॉलिसीस्पेशलिस्ट सोमेन बागची ने चाइल्ड बजट में चिल्ड्रन पर इनवेस्टमेंट एवं केयर इडस्ट्रीपर अपने विचार व्यक्त किये।              सलाहकार नीति आयोग राजीव ठाकुर ने कृषि उद्योग एवं टेक्सटाइल एवं ऑटोमोबाइलस पर अपने सुझाव दिये।              चार्टर्ड एकाउंटेंट नवनीत गर्ग ने जीएसटी एवं डाटा सेंटर पर अपने सुझाव दिया।              फिल्म अभिनेता राजीव वर्मा ने कहा कि कला व्यक्तिव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने मांग की कि सभागृहों में किराया कम करने, मनोरंजन कर न लगाने एवं नाटय आकादमी में सीटों की सीमा बढा़ने और नाट्य गृहों का निर्माण मध्यप्रदेश में किया जाना चाहिए।              नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी मेनेजमेंट प्रो. प्रताप जैना ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जीएसडीपी में बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने रेवन्यू सरप्लस होने पर खुशी जताई है। पूंजीगत व्यय पर मध्यप्रदेश की सराहना की।              संयोजक एसएलबीसी एवं महाप्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया धीरज गोयल ने कहा प्रदेश सरकार आगामी बजट में वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए समावेशी और सतत विकास को प्राथमिकता दी है।              भारतीय वन प्रबंधन संस्थान प्रो. योगेश दुबे ने वन, वन्यजीव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन को प्राथमिकता देने की बात कही।              नेशनल इंस्टिट्यूट आफ फाईनेंशियल मेनेजमेंट बृजेश कुमार ने विकसित भारत 2047 के लिये प्रति व्यक्ति आय समाजिक समरसता, तकनीकी विकास, पर्यावरण स्थिरता एवं ग्लोबल प्रजेंश पर अपने सुझाव दिये।              निकोर फाउंडेशन मिताली निकोर ने जेंडर बजट में महिलाओं को क्रियेटर के रूप में बनाना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार ऐसे स्कीम डिजाइन करें जिसमें महिलाएँ अपने विचार एवं लाभ ले सकें। उन्होंने केयर इकनॉमी पर भी सुझाव दिया।              कृषि में नवाचार नरसिंहपुर ड्रोन आचार्य भक्तराज ने सुझाव दिया कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा बाउचर से किसानों को प्रमोट किया जाए एवं स्थानीय विशेषज्ञों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने दलहन खेती में ड्रोन की भूमिका पर  भक्तराज की सराहना भी की थी।              संचालक बजट राजीव रंजन मीना ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा सहित आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनके बहुमूल्य सुझावों को बजट में शामिल करने का परीक्षण करेगी। इस अवसर पर वित्त विभाग एवं वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।  

यमुना एक्सप्रेसवे पर 5 बजे के बाद No Entry लागू, इन गाड़ियों पर लगी पाबंदी

लखनऊ घने कोहरे और बढ़ते सड़क हादसों के खतरे को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार से ट्रैक्टर-ट्रॉली के संचालन पर सख्त रोक लगा दी गई है। एक्सप्रेसवे प्रबंधन और ट्रैफिक पुलिस ने यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। नए नियमों के तहत रोज शाम 5 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का एक्सप्रेसवे पर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान यदि कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली चलते हुए पाया गया, तो उसे क्रेन की मदद से एक्सप्रेसवे से उतारकर हटाया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे के वरिष्ठ प्रबंधक जेके शर्मा ने बताया कि हाल ही में मथुरा क्षेत्र में हुए सड़क हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। ये वाहन न केवल धीमी गति से चलते हैं, बल्कि अधिकतर मामलों में ओवरलोड भी होते हैं। इसके अलावा, ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे की ओर उचित प्रकाश व्यवस्था नहीं होती, जिससे तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालकों के लिए इन्हें समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण कोहरे के दौरान कई बार गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। इन जोखिमों को ध्यान में रखते हुए, अब शाम 5 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को किसी भी टोल बूथ से यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, यदि दृश्यता 50 मीटर से कम होती है, तो वाहनों को नियंत्रित तरीके से रोककर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को घने कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर कॉनवॉय सिस्टम के तहत वाहनों को सुरक्षित रूप से गुजराया गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट भी तय गौरतलब है कि गौतमबुद्ध नगर की ट्रैफिक पुलिस ने सर्दियों में कोहरे के दौरान होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिले की प्रमुख सड़कों और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड लिमिट पहले ही कम कर दी है। यह नई स्पीड लिमिट 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, गर्मियों में एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। प्रशासन की वाहन चालकों से अपील अधिकारियों के अनुसार, गर्मियों में एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों की 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।

141 किमी सीवेज नेटवर्क का होगा विस्तार: राज्यमंत्री गौर

अमृत 2.0 के तहत पेयजल और सीवरेज योजनाओं की समीक्षा समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ योजनाओं का करें क्रियान्वयन भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को इनका शीघ्र और प्रभावी लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर मंत्रालय में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज एवं पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान यह बात कही। बैठक में क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। अमृत फेज 2.0 के अंतर्गत जोन क्रमांक 13, 14, 15 और 16 की लगभग 5 लाख की आबादी को 44 टंकियों के माध्यम से प्रतिदिन 60 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए 9 अतिरिक्त टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कुल टंकियों की संख्या 53 हो जाएगी। लहारपुर, अमराई, मिसरोद, पंचवटी, बरखेड़ा पठानी में 20-20 लाख लीटर क्षमता की टंकियां, कैलाश नगर में 15 लाख लीटर तथा अवधपुरी, सोनागिरी और अयोध्या नगर एफ सेक्टर में 25-25 लाख लीटर क्षमता की टंकियों से जलापूर्ति सुनिश्चित की होगी। अमृत 2.0 के तहत प्रस्तावित कार्यों में नए पाइपलाइन नेटवर्क और घरेलू नल कनेक्शनों का विस्तार, मौजूदा जल वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, प्रस्तावित ओवरहेड टैंकों (OHTs) के लिए फीडर पाइपलाइन का निर्माण तथा शेष घरेलू और बल्क कनेक्शनों को योजना के अंतर्गत कवर करना शामिल है। सीवरेज प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना के अंतर्गत गोविंदपुरा क्षेत्र में 141 किलोमीटर लंबा सीवेज पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है। यह कार्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों की स्थिति को देखते हुए ही खुदाई कार्य किया जाए, ताकि आम नागरिकों को असुविधा ना हो। जिन कॉलोनियों का अभी नेटवर्क से जुड़ाव नहीं है, उन्हें भविष्य में जोड़ने की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। यह सीवेज नेटवर्क बरखेड़ा पठानी, खजूरी कलां, रीगल पैराडाइज, गोपाल नगर, बाग मुगालिया, अमरावती खुर्द, राजीव गांधी नगर, मोहन नगर, क्रिस्टल आइडियल, रीगल सिविक सेंटर, बाग सेवनिया, 80 फीट रोड, अवधपुरी, लहारपुर, अरविंद विहार, साकेत नगर, एम्स सहित सैकड़ों कॉलोनियों में बिछाया जाएगा। बैठक में स्थानीय पार्षदों सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

भारत-न्यूजीलैंड में ऐतिहासिक समझौता, निवेश के नए रास्ते खुले

नई दिल्ली वैश्विक व्यापार मोर्चे पर भारत ने बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बड़ा व्यापारिक समझौता हुआ है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच टेलीफोन बातचीत हुई थी, जिसके दौरान भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संयुक्त घोषणा की गई. यह समझौता न सिर्फ दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि अमेरिका की संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के दौर में भारत की वैकल्पिक वैश्विक साझेदारियों को भी मजबूत करता है. मात्र 9 महीनों में पूरा हुआ ऐतिहासिक समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए पर बातचीत की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी, जब प्रधानमंत्री लक्सन भारत दौरे पर आए थे. महज 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में इस मुक्त व्यापार समझौते का पूरा होना दोनों देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और रणनीतिक समझ को दर्शाता है. पांच साल में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि एफटीए के लागू होने के बाद अगले पांच वर्षों में मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाएगा. इससे भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार और सप्लाई चेन सहयोग को नई गति मिलेगी. 15 साल में भारत में 20 मिलियन डॉलर का निवेश इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा. यह निवेश कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अवसर पैदा करेगा. भारत का सातवां बड़ा FTA, वैश्विक नेटवर्क मजबूत न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता पिछले कुछ वर्षों में भारत का सातवां प्रमुख FTA है. इससे पहले भारत ओमान, UAE, यूके, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और EFTA देशों (यूरोपीय फ्री ट्रेड ब्लॉक) के साथ ऐसे समझौते कर चुका है. यह श्रृंखला दिखाती है कि भारत तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में उभर रहा है.

बालों में तेल लगाना काफी नहीं! चंपी करने का सही तरीका ही रोकता है गंजापन

बाल झड़ना और सिर पर गंजेपन की समस्या आजकल बहुत नॉर्मल बात हो गई है। इसका कारण स्ट्रेस, पॉल्यूशन, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, असंतुलित खान-पान और हार्मोनल बदलाव हो सकता है। जब बाल लगातार गिरने लगते हैं तो गंजेपन की समस्या हो सकती है, जो पर्सनैलिटी और सेल्फ कॉन्फिडेंस दोनों को प्रभावित करती हैं। जबकि सही देखभाल और घरेलू उपायों से बालों की ग्रोथ को फिर से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका है तेल की मालिश (Hair Massage)। तेल की मालिश न केवल खोपड़ी को पोषण देती है, बल्कि जड़ों को मजबूत करती है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर नए बालों के उगने में मदद करती है। आइए जानते हैं तेल की मालिश करने का सही तरीका और इसके फायदों के बारे में। कैसे करें बालों की मालिश?     सही तेल का चुनें- बालों की नई ग्रोथ के लिए कुछ तेल खासतौर से फायदेमंद होते हैं,जैसे कि-     भृंगराज तेल- इसे आयुर्वेद में "केशराज" यानी बालों का राजा कहा गया है। यह जड़ों को मजबूत कर नए बाल उगाने में मदद करता है।     कैस्टर ऑयल- इसमें राइसिनोलिक एसिड होता है, जो बालों की जड़ों को स्टीमूलेट कर तेजी से ग्रोथ बढ़ाता है।     नारियल तेल- यह खोपड़ी को गहराई तक पोषण देकर सूखापन और डैंड्रफ को रोकता है।     रोजमेरी ऑयल-यह ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर बालों के पोर्स को एक्टिव करता है।     तेल को गुनगुना करना- मालिश से पहले तेल को हल्का गुनगुना कर लें। गुनगुना तेल स्कैल्प में गहराई तक आसानी से पहुंचता है। इससे जड़ों तक पोषण पहुंचता है और बालों के विकास में मदद मिलती है।     मालिश की तकनीक- उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से स्कैल्प पर गोल-गोल घुमाते हुए मसाज करें। कम से कम 10–15 मिनट तक मालिश करें, जिससे ब्लड सर्कुलेशन तेज हो। लेकिन ध्यान रहे, ज्यादा दबाव न डालें, वरना जड़ें कमजोर हो सकती हैं।     लगाने का सही समय- तेल की मालिश रात में करना सबसे अच्छा है। पूरी रात तेल स्कैल्प में रहकर काम करता है और जड़ों को मजबूती देता है। अगली सुबह माइल्ड शैम्पू से वॉश करें।     नियमितता- बाल उगने में समय लगता है। इसलिए तेल की मालिश हफ्ते में कम से कम 3-4 बार करें। लगातार 2-3 महीने तक नियमित रूप से करने पर परिणाम दिख सकते हैं।     एक्स्ट्रा केयर- डाइट में प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3 और विटामिन-ई से भरपूर फूड्स शामिल करें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने के लिए योग व ध्यान करें।  

हुमायूं कबीर की नई पार्टी का ऐलान, 20% हिंदू होंगे सदस्य, जानें क्या है पार्टी का नाम

कोलकाता बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर दिया है. हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (JANATA UNNAYAN PARTY) रखा है. पार्टी के चुनाव चिन्‍ह के लिए हुमायूं कबीर ने कहा कि मेरी पहली पसंद 'टेबल' है. मेरी दूसरी पसंद 'ट्विन रोजेज' है. हुमायूं कबीर ने बताया कि वह जरूरत पड़ने पर सभी 294 सीटों पर अपने उम्‍मीवार उतारेंगे. हमारी पार्टी सिर्फ आम लोगों के विकास की बात करेगी. पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव हैं.  जल्‍द लोगों को पता चलेगा हुमायूं कबीर क्‍या है? एनडीटीवी से खास बातचीत में हुमायूं कबीर ने बताया, 'पार्टी का नाम क्‍या होगा, ये आज दोपहर तक साफ हो जाएगा. हमने जनता उन्‍नयन पार्टी नाम सोचा है. फाइनल नाम चुनाव आयोग तय करेगा. मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए सत्‍ताधारी पार्टी इस्‍तेमाल करती रही हैं. इन्‍हें काफी चीजों से वंचित रखा गया है. हम उनके हक की आवाज उठाएंगे. अभी हमें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है, लेकिन जल्‍द ही लोगों को पता चल जाएगा कि हुमायूं कबीर क्‍या है. कुछ सीटों पर उम्‍मीदवारों का ऐलान हम आज करने जा रहे हैं. कबीर ने अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले एक विवाद खड़ा कर दिया था। मुर्शिदाबाद जिले में उनकी 'बाबरी मस्जिद-स्टाइल' में एक मस्जिद का नींव रखने के कारण 'मंदिर बनाम मस्जिद' विवाद शुरू हो गया था। कबीर ने यह भी कहा कि JUP के सिंबल के लिए उनकी पसंदीदा पसंद एक टेबल और दो गुलाब हैं। कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के हाशिए पर पड़े लोगों को एक मंच प्रदान करेगी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सस्पेंड MLA हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी पार्टी पिछड़े तबकों के मुद्दों पर फोकस करेगी। RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि वह भागवत का सम्मान करते हैं। लेकिन वह इस बात से सहमत नहीं हैं कि इस मुद्दे से पश्चिम बंगाल में अशांति फैल सकती है। उन्होंने कहा, "हम मोहन भागवत जी का सम्मान करते हैं। लेकिन उनका यह आकलन कि यहां दंगे वगैरह हो सकते हैं, हम ऐसा कुछ नहीं होने देंगे।" ममता पर लगाया बड़ा आरोप कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के RSS से संबंध हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में राज्य में संगठन की मौजूदगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भागवत हाल ही में 15 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल आए थे। उन्होंने उनकी अगली यात्रा पर सवाल उठाया। कबीर ने कहा, "CM के RSS से कुछ संबंध हैं। हाल ही में मोहन भागवत जी 15 दिनों के लिए बंगाल आए थे, अब वह फिर से यहां कैसे आ गए? उन्हें यहां आने के लिए राज्य सरकार की अनुमति चाहिए।" 2016 में जब हुमायूं कबीर ने स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, तो उनका चुनाव चिन्ह 'टेबल' था। अपनी नई पार्टी के लिए वह फिर से चुनाव आयोग से 'टेबल' चिन्ह देने की अपील करने की योजना बना रहे हैं। अगर वह चिन्ह नहीं मिलता है, तो उनकी दूसरी पसंद 'गुलाब के फूलों का जोड़ा' होगी। खास बात यह है कि कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी एक मस्जिद बनाने का वादा किया है। इसके लिए उन्होंने पैसे इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। 294 सीटों पर लड़ सकते हैं चुनाव  टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के विरोधियों से अपील की कि वे एकजुट हों और अगले साल होने वाले अहम विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए गठबंधन में चुनाव लड़ें. इसका ऐलान हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई पॉलिटिकल पार्टी की घोषणा से एक दिन पहले किया. हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं पश्चिम बंगाल में सभी एंटी-तृणमूल कांग्रेस और एंटी-भाजपा ताकतों को एक साथ आने के लिए बुला रहा हूं. आइए हम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एक ग्रैंड अलायंस बनाकर लड़ें. हालांकि, ऐसी कोई भी ताकत खुद को सबसे ऊपर समझती है तो मेरी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. अगर जरूरत पड़ी तो मैं पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों से उम्मीदवार उतारूंगा. मेरे पास वह ताकत है.' हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका मौजूदा कदम पूरी तरह से पॉलिटिकल है, इसलिए वह कोई भी फैसला करने से पहले कई बार सोचेंगे. मोहन भागवत के बयान पर कबीर ने दी प्रतिक्रिया आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत के ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि हालांकि वे भगवत का सम्मान करते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अशांति फैलने के उनके आकलन से असहमत हैं। उन्होंने कहा, “हम मोहन भगवत जी का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके इस आकलन से कि यहां दंगे आदि हो सकते हैं, हम ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे।” ये भी पढ़ें: ‘मैं बंगाल का ओवैसी हूं’, बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर बोले- चुनाव में बनूंगा किंगमेकर कबीर ने सीएम बनर्जी पर लगाया RSS से मिलीभगत का आरोप कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरएसएस से संबंध होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनके कार्यकाल में राज्य में आरएसएस की उपस्थिति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भागवत ने हाल ही में 15 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा किया था और उनकी अगली यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के आरएसएस से कुछ संबंध हैं। हाल ही में मोहन भगवत जी 15 दिनों के लिए बंगाल आए थे, अब वे दोबारा यहां कैसे आ गए? उन्हें यहां आने के लिए राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता है।” अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में कबीर का नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस नई पार्टी का चुनावी परिदृश्य पर कितना असर पड़ेगा, यह देखना अभी बाकी है।

बुलंदशहर गैंगरेप मामले में 9 साल बाद फैसला, सभी पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा

बुलंदशहर 28 जुलाई 2016 की रात लोग कभी नहीं भुला सकते. इस दिन बुलंदशहर के नेशनल हाईवे-91 गाजियाबाद के एक परिवार के साथ जो हैवानियत हुई, उससे पूरा देश कांप उठा था. हैवानों ने लूट के इरादे से कार को रोका और उसके बाद परिवार को बंधक बना लिया था. इतना ही नहीं परिवार के सामने ही पहले 14 साल की बेटी के साथ रेप किया. जब पिता ने बेटी को छोड़ने के लिए चिल्लाया और गुहार लगाई तो उसे बेरहमी से पीटा. इसके बाद किशोरी की मां के साथ भी दरिंदगी की हदें पार कर दीं. इस दौरान सैकड़ों बार डायल 100 पर कॉल किया गया पर कोई मदद नहीं पहुंची थी. मां-बेटी के साथ गैंगरेप के बाद आरोपी लूटपाट कर फरार हो गए थे. अब करीब 9 साल बाद इस केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. बुलंदशहर की मुख्य पॉक्सो कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है. अब इस मामले में अदालत ने आज यानी 22 दिसंबर को पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. कह सकते हैं परिवार को 9 साल बाद न्याय मिला है. क्या थी पूरी घटना? 28 जुलाई की रात गाजियाबाद निवासी एक परिवार के 6 सदस्य शाहजहांपुर से तेरहवीं के कार्यकर्म में शामिल होकर लौट रहे थे. देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट नेशनल हाईवे-91 पर बदमाशों ने लोहे की रॉड फेंककर कार को रुकवाया. इसके बाद आरोपियों ने किशोरी, उसके पिता, मां, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बनाया. आरोपी सभी को रोड के दूसरी तरफ खेत में ले गए. पहले उन्होंने सभी पुरुषों के हाथ पैर बांध दिए. इसके बाद 14 वर्षीय किशोरी व पत्नी के साथ आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वहां से लूटपाट कर भाग निकले थे. पीड़ित पिता का आरोप है कि वारदात के बाद कई बार डायल 100 पर फोन कर मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. 17 पुलिसकर्मियों पर टूटी थी गाज वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई. जिसके बाद एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई. इस मामले में बुलंदशहर पुलिस ने आनन-फानन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो बाद में निर्दोष पाए गए. इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. सीबीआई जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि पूरी वारदात को बावरिया गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया था. इसके बाद सीबीआई की तरफ से जुबैर, सलीम और साजिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. हरियाणा से पकड़े गए थे तीन और आरोपी इस घटना के कुछ महीनों बाद हरियाणा पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा. जांच में पता चला कि इस गिरोह के सदस्य धर्मवीर, नरेश और सुनील बुलंदशहर गैंगरेप कांड में शामिल थे. इसके बाद आरोपियों की परेड पीड़िता से करवाई गई, जिसमें उसने तीनों को पहचान लिया. इसके बाद सीबीआई ने इन तीनों के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दिया. कोर्ट ने इन तीनों के खिलाफ 27 जुलाई 2018 को चार्ज फ्रेम कर दिया था. हाल ही में हुए थे दोषी करार सभी आरोपियों को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 394, 395, 397, 376D, 120B तथा पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया है. सोमवार को कोर्ट ने सजा का ऐलान भी कर दिया. दोषी करार होने के बाद जब पुलिस कस्टडी में आरोपियों को कोर्ट से बाहर ले जाया जा रहा था, तो एक आरोपी जुबेर ने मुस्कुराते हुए मीडिया कर्मियों से कहा, “ठीक से वीडियो बनाना और फेमस कर दो.” उसकी यह बेशर्मी कैमरे में कैद हो गई, जिससे कोई पछतावा न दिखने की बात सामने आई. अन्य दोषी भी बिना किसी अफसोस के नजर आए. अदालत ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना दी. अब दरिंदे पूरी जिंदगी जेल में ही रहेंगे.

यीडा डेलिगेशन का नीमराना दौरा, यूपी में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के लिए मॉडल का किया अध्ययन

यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की यात्रा, योजना और संचालन ढांचे पर दी विस्तृत प्रस्तुति उत्तर प्रदेश के यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा दौरा नीमराना (राजस्थान)  उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राजस्थान के नीमराना स्थित राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का अध्ययन दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर माने जाने वाले नीमराना मॉडल के अनुभवों को समझना और उन्हें यीडा क्षेत्र में लागू करना है। रीको अधिकारियों ने दी विस्तृत प्रस्तुति बैठक के दौरान रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की पूरी यात्रा, योजना प्रक्रिया और संचालन ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि किस प्रकार जापानी निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि आवंटन, जोनिंग, आधारभूत ढांचे और यूटिलिटी सेवाओं को विकसित किया गया। अधिकारियों ने विशेष प्रोत्साहन नीतियों, प्रशासनिक सहूलियतों और निवेशकों के लिए तैयार किए गए अनुकूल इकोसिस्टम पर भी प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान जापानी कंपनियों की लॉजिस्टिक जरूरतों, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं, सुचारू आपूर्ति श्रृंखला और स्थिर नीति वातावरण जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। यीडा अधिकारियों ने इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के मास्टर प्लान में समाहित करने पर जोर दिया। टीम ने प्रत्यक्ष रूप से देखा जापानी इंडस्ट्रियल पार्क तकनीकी सत्र के बाद यीडा प्रतिनिधिमंडल ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का स्थलीय निरीक्षण भी किया और वहां मौजूद अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और यूटिलिटी प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार और रीको द्वारा साझा किए गए अनुभव यीडा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि भूमि नियोजन, विशेष अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था से जुड़े इन अनुभवों के आधार पर यीडा क्षेत्र में विश्वस्तरीय जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है यीडा की योजना उन्होंने यह भी बताया कि यीडा की योजना औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के साथ मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। दौरे के समापन पर यीडा डेलिगेशन ने रीको और राजस्थान सरकार का आभार जताया और इसे राज्यों के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बताया, जो देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, ईडी, ईपीसीएमडी-इंडिया सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रीको की ओर से डीजीएम संजय बगाड़िया ने बैठक में सहभागिता की।