samacharsecretary.com

हिंदुओं पर हमलों के विरोध में उबाल: दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के सामने गूंजे राम-कृष्ण के नारे

नई दिल्ली बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की कथित तौर पर भीड़ द्वारा हत्या किए जाने के बाद नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर शुक्रवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कई जगह पुलिस से झड़प की खबरें भी सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने “भारत माता की जय”, “यूनुस सरकार होश में आओ” और “हिंदू हत्या बंद करो” जैसे नारे लगाए। आक्रोशित भीड़ ने सुरक्षा बैरिकेड्स को धक्का दिया, जिससे कम से कम दो परतों के बैरिकेड टूट गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पुतला भी फूंका। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “अगर आज हम आवाज़ नहीं उठाएंगे तो कल हर कोई दीपू बन जाएगा।” दरअसल, बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के बालुका इलाके में 18 दिसंबर को 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसके शव को आग के हवाले कर दिया गया। बताया गया कि घटना कथित ईशनिंदा के आरोप से जुड़ी थी। इस घटना ने भारत समेत कई देशों में आक्रोश पैदा किया है। बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को पहले से ही हाई अलर्ट पर रखा गया था। हाई कमीशन के बाहर तीन स्तरों की बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया और बाद में दोबारा बैरिकेडिंग बहाल की। प्रोटेस्ट के दौरान एक शख्स बिलखते हुए कहता है- ये देश राम का है। ये देश कृष्ण का है। हम किसी को नहीं मारते, लेकिन हमारी बहन बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। इधर, बांग्लादेश ने भारत में अपने राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। बांग्लादेश ने नई दिल्ली और सिलीगुड़ी में हुई घटनाओं के बाद भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया। बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक परिसरों के खिलाफ हिंसा और धमकी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है। वहीं भारत ने सुरक्षा में चूक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नई दिल्ली में हुआ प्रदर्शन अल्पकालिक था और किसी तरह का खतरा नहीं था।  

पौष पूर्णिमा 2025: 2 या 3 जनवरी—कब मनाई जाएगी, शुभ समय और पूजा का पूरा विधान

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन पौष मास की पूर्णिमा का स्थान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन दान, स्नान और सूर्य देव की उपासना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. साल 2026 की शुरुआत में ही पौष पूर्णिमा का महापर्व पड़ रहा है, जिसे लेकर लोगों में तिथि को लेकर कुछ उलझन है. आइए जानते हैं कि साल 2026 में पौष पूर्णिमा 2 जनवरी को है या 3 जनवरी को, और पूजा का शुभ मुहूर्त कब है. पौष पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत और समाप्ति के समय के कारण उदयातिथि का महत्व होता है.     पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 02 जनवरी 2026 को शाम 06 बजकर 53 मिनट से.     पूर्णिमा तिथि समापन: 03 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 32 मिनट पर. शास्त्रों के अनुसार, स्नान-दान और व्रत के लिए उदयातिथि को प्रधानता दी जाती है. चूंकि 3 जनवरी को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026, शनिवार को मनाई जाएगी. पौष पूर्णिमा की पूजा विधि ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें. सूर्य को अर्घ्य: स्नान के बाद “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें. व्रत का संकल्प: भगवान विष्णु जी के सामने व्रत का संकल्प लें. सत्यनारायण कथा: इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना बहुत ही फलदायी होता है. चंद्र देव की पूजा: रात के समय चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें. दान-पुण्य: पूजा के बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को तिल, गुड़, कंबल या ऊनी वस्त्रों का दान करें. पौष पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा से परहेज करना चाहिए और और सात्विक जीवन का पालन करना चाहिए. इन मंत्रों का करें जाप पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है.     विष्णु मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय     लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद पौष पूर्णिमा का महत्व पौष का महीना सूर्य देव का महीना माना जाता है और पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि है. इसलिए इस दिन सूर्य और चंद्रमा का अद्भुत संगम होता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है. इसी दिन से प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ‘कल्पवास’ की शुरुआत होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है. इस दिन किए गए स्नान, दान और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है.

सांसद खेल महोत्सव का ग्रैंड फिनाले 24 दिसंबर को, 5 हजार खिलाड़ियों की भिड़ंत, पीएम मोदी करेंगे ऑनलाइन संबोधित

रायपुर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव 2025 अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में है। इस महोत्सव का मेगा फाइनल एवं समापन समारोह 23 दिसंबर (मंगलवार) से 25 दिसंबर 2025 तक विभिन्न खेल स्थलों पर आयोजित किया जाएगा। मेगा फाइनल में लगभग पांच हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया खेलो इंडिया की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बन चुका है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभाओं- रायपुर दक्षिण, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर ग्रामीण, आरंग, अभनपुर, धरसीवा, भाटापारा एवं बलौदा बाजार से 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अभूतपूर्व जनसमर्थन प्रदान किया और देशभर में पहचान दिलाई है। 24 दिसंबर को होगा मेगा फाइनल उन्होंने बताया कि 21 सितंबर 2025 से संकुल, जोन एवं ब्लॉक स्तर पर प्रारंभ हुई प्रतियोगिताओं के बाद अब 23 एवं 24 दिसंबर को मेगा फाइनल आयोजित किया जा रहा है। मेगा फाइनल एवं अंतिम चरण की प्रतियोगिताएं नेताजी सुभाष स्टेडियम, मोतीबाग रायपुर, सप्रे शाला वॉलीबॉल मैदान, जे.एन. पाण्डेय स्कूल और  तैराकी प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल में आयोजित की जाएंगी। दिल्ली सांसद व गायक मनोज तिवारी देंगे सांस्कृतिक प्रस्त्तुति 23 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में माननीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा फाइनल प्रतियोगिता का उद्घाटन होगा। 24 दिसंबर 2025 को नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद एवं लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जिससे युवाओं एवं आमजन में विशेष उत्साह का संचार होगा। वो सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्त्तुति भी देंगे। 25 दिसंबर  को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन 25 दिसंबर  को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस "सुशासन दिवस" के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम रायपुर में समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन प्रस्तावित है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता के तीनों दिन विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान राज्य का नाम देश-विदेश में रोशन करने वाले खिलाड़ियों एवं खेल अधिकारियों का सम्मान किया जाएगा। साथ ही प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिये  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें खेल संघों, नगर निगम, जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के लगभग 1500 कर्मचारी, अधिकारी, व्यायाम शिक्षक एवं खेल अधिकारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। केवल खेल नहीं, सामाजिक एकता का है जन आंदोलन: सांसद बृजमोहन अग्रवाल उन्होंने जनता से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आयोजन में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है साथ अभी तक हुए आयोजन के सफल प्रचार प्रसार के लिए मीडिया का आभार जताया है। सांसद अग्रवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामाजिक एकता का जन आंदोलन है। 'पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम' उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव में पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों का अद्भुत संगम देखने को मिला है। कुश्ती, खो-खो, गेड़ी-दौड़, भारोत्तोलन, फुगड़ी, रस्सी कूद, कबड्डी, बास्केटबॉल, शतरंज, वॉलीबॉल, रस्सा-कसी, शरीर शौष्ठव एवं तैराकी सहित 13 खेल विधाओं में 19 वर्ष से कम एवं अधिक आयु वर्ग, महिला एवं पुरुष वर्ग के हजारों खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ भाग लेकर इस महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया है।

हरियाणा के छात्रों को राहत: 15 दिन का विंटर वेकेशन, 1 जनवरी से स्कूल रहेंगे बंद

अम्बाला  हरियाणा में कड़ाके की ठंड के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। Directorate School Education Haryana ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, एक जनवरी 2026 से पंद्रह जनवरी 2026 तक सभी विद्यालय बंद रहेंगे। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सोलह जनवरी 2026 (शुक्रवार) से स्कूल पूर्व की भांति दोबारा खुलेंगे और नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। इस आदेश को जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और सभी स्कूल मुखियाओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। क्या पूरी तरह बंद रहेंगे स्कूल निदेशालय ने यह भी साफ किया है कि शीतकालीन अवकाश के दौरान सीबीएसई, आईसीएसई सहित अन्य बोर्डों के नियमों के अनुसार दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए विद्यालय बुलाया जा सकता है। क्यों लिया गया फैसला शिक्षा विभाग के अनुसार, यह निर्णय लगातार गिरते तापमान और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि ठंड के मौसम में छात्रों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

सफलता नहीं मिल रही? आचार्य चाणक्य के 5 सिद्धांत अपनाते ही करियर में आएगा बड़ा मोड़

अगर कड़ी मेहनत के बावजूद आपको करियर, बिजनेस या किसी इंटव्यू में सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको आचार्य चाणक्य की 5 खास बातों पर जरूर गौर करना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में करियर में सफलता दिलाने वाले ऐसे ही 5 गुणों का जिक्र किया है। जिन्हें फॉलो करने से व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने के साथ उसे एक नई राह भी मिल सकती है। बता दें, चाणक्य नीति में बहुत सी ऐसी बातें दर्ज हैं जिन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति खुशहाल सफल जीवन जी सकता है। बिना लक्ष्य के श्रम, मंजिल नहीं सिर्फ थकान देता है आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति के पास सफलता हासिल करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य नहीं होता है, उसकी मेहनत हमेशा बेकार हो जाती है। अगर आप एक ही तरह की नौकरी में बार-बार असफल हो रहे हैं, तो आपको रूक कर जरूर सोचना चाहिए कि क्या आप वाकई नौकरी के उसी क्षेत्र के बने हैं या आपकी मंजिल कुछ और है? गुस्से पर काबू रखें​ बात-बात पर गुस्सा करने वाले व्यक्ति को समाज में कोई भी पसंद नहीं करता है। ऐसे व्यक्ति की करियर ग्रोथ भी रूक जाती है। जरूरत से ज्यादा गुस्सा समाज में आपकी छवि खराब करता है। चाणक्य नीति में कहा गया है कि क्रोध इंसान की बुद्धि और मान-सम्मान दोनों को नष्ट कर देता है। समय खराब करने वाला व्यक्ति चाणक्य नीति के अनुसार समय व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति है। जो लोग करियर में सही समय पर सही निर्णय नहीं लेते, वो मौका चूक जाते हैं। असफलता मिलने पर ब्रेक लेकर एक ठोस रणनीति बनाएं कि आप कैसे लक्ष्य हासिल करने में सफल हो सकते हैं। मुश्किल समय में घबराने वाले लोग आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति संकट के समय में धैर्य के साथ आगे बढ़ता रहता है वही जीवन में सफलता हासिल कर पाता है। करियर में मिली असफलता एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन उसके बाद खुद पर संदेह करना, आत्मविश्वास खो देना और दूसरों से अपनी तुलना करना व्यक्ति की सबसे बड़ी भूल है। निराश होने की जगह विश्लेषण करें कि सफलता की राह हासिल करने में आपकी तरफ से कहां कमी रह गई है। सम्मान करें​ चाणक्य नीति के अनुसार बड़ों का आशीर्वाद व्यक्ति के लिए सफलता की राह आसान बना देता है। ऑफिस में भी खुद से सीनियर व्यक्ति का दिल से सम्मान करें। सम्मान देने वाला व्यक्ति हर किसी का प्रिय बन जाता है। जो उसे सफलता हासिल करने में मदद करता है।

कुरुक्षेत्र के फेमस रिसॉर्ट में मातम: हरियाणा हादसे में UP के 5 युवकों की गई जान

कुरुक्षेत्र कुरुक्षेत्र में पिपली रोड स्थित होटल स्टर्लिंग रिसोर्ट में रात के समय कमरे में अंगीठी के कारण दम घुटने से पांच लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक स्टर्लिंग रिसोर्ट में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान रात के समय एक कमरे में रंग रोगन करने वाली लेबर क्लास के पांच लोग एक कमरे में सोए हुए थे। सुबह जब इस कमरे से कोई बाहर नहीं निकला तो होटल स्टाफ की ओर से कमरे की खिड़की से देखा गया। कोई हरकत न होने पर पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर एसएचओ सिटी दिनेश राणा, सेक्टर 7 चौंकी इंचार्ज कमल मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए शवों को भेजा गया। होटल के सुपरवाइजर उपेंद्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का ठेकेदार नूर अपनी लेबर के साथ पेंट का काम करने आया था। रात को वे कमरे में सोए थे। सुबह जब सफाई कर्मी ने उन्हें बताया कि इस कमरे से कोई बाहर नहीं निकला है तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया फिर खिड़की से झांककर देखा तो कोई हरकत नहीं हुई। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।   

राष्ट्रगान के वक्त चुप्पी और दूरी पर सवाल, राजा भैया बोले— CCTV सबूत मौजूद

लखनऊ वंदे मातरम पर यूपी विधानसभा में चर्चा के दौरान जनसत्ता दल के नेता राजा भैया ने सवाल उठाया कि आखिर किसे राष्ट्रगीत से आपत्ति है। राजा भैया ने कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि हमारा राष्ट्रगीत विवाद में आएगा। यह किसी धर्म के विरोध में नहीं है। देश का हर सदन वंदे मातरम से ही शुरू होता है, लेकिन क्या इस सदन में कुछ सदस्य ऐसे नहीं हैं जो वंदे मातरम पर चुप रह जाते हैं या फिर लॉबी में बैठे रहते हैं। सीसीटीवी में सब कुछ दर्ज है। यह प्रमाण है, जिसे कभी भी देखा जा सकता है।   उन्होंने कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं, जो खुलकर सामने आनी चाहिए। वंदे मातरम किसी एक व्यक्ति के कहने या लिखने पर राष्ट्रगीत नहीं बना था। पूरी संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि वंदे मातरम राष्ट्रगीत होगा और जन गण मन राष्ट्रगान होगा। उस सभा में कौन-कौन से महानुभाव थे, यह बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन आज कष्ट हुआ। वंदे मातरम पर चर्चा कोई हास-परिहास का विषय नहीं है। हम मानकर चल रहे थे कि वंदे मातरम सभी के लिए पूज्य है। बंकिम चंद्र चटर्जी ने बंगाल में इसे लिखा, लेकिन पूरे भारत ने इसे स्वीकार किया। राजा भैया ने कहा, 'खुदीराम बोस का जन्म बंगाल के मिदनापुर में हुआ था। उन्हें फांसी मुजफ्फरपुर बिहार में मिली थी और उनके अंतिम शब्द वंदे मातरम थे। इसी तरह मदन लाल धींगरा का पंजाब में जन्म हुआ और लंदन में फांसी की सजा मिली थी। इसी तरह शाहजहांपुर में जन्मे रामप्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर में फांसी मिली थी। उनके भी आखिरी शब्द वंदे मातरम ही थे। हमारा कहने का उद्देश्य यह है कि वंदे भारत की व्यापकता पर तब कोई प्रश्न नहीं उठा, जब देश बड़े संकट से गुजर रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि आगे चलकर हमारा राष्ट्रगीत विवाद में आएगा। यह किसी धर्म के विरोध में नहीं है।' 'कभी ताइवान माता या जापान माता सुना है? सिर्फ भारत को मां का दर्जा' कुंडा के विधायक ने कहा कि वैदिक काल से हमने अपने राष्ट्र को मां माना है। सभी जगह देशभक्त हैं और वे अपने राष्ट्र के प्रति आस्था रखते हैं, लेकिन हमने कभी जापान माता, ताइवान माता या अमेरिका माता नहीं सुना। ऐसा इसलिए क्योंकि हम प्राचीन काल से भारत माता कहते आए हैं और उस धरती ने हमारा पालन-पोषण भी किया है। एक बात यह समझ नहीं आती कि वंदे मारतम पर आखिर किसे और क्यों आपत्ति है। यह कहा जाता है कि वंदे मातरम को दिल से गाना चाहिए, डंडे से नहीं। आखिर डंडा कौन चला रहा है? राष्ट्रगीत को दिल से गाना चाहिए, इसमें कोई दोराय नहीं है। 'जनता से अपील कि वोट देते समय ध्यान रखे, कौन वंदे मातरम नहीं गाता' हम जब चुनाव लड़ने जाएंगे तो मतदाताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि कौन वंदे मातरम पर चुप रह जाता है और बैठा रह जाता है। संविधान की बात करने वाले लोग यह समझें कि वंदे मातरम को राष्ट्रगीत का दर्जा संविधान सभा ने ही दिया था। कल को कोई यह देगा कि हम भारत को अपना भाग्य विधाता नहीं मानते हैं और इसलिए राष्ट्रगान को भी हटा दिया जाए।  

घुटने की सर्जरी से गुज़रे नेमार, विश्व कप खेलने को लेकर सकारात्मक संकेत

साओ पाउलो स्टार स्ट्राइकर नेमार के बाएं घुटने की सर्जरी हुई है लेकिन उन्हें अगले साल अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले फुटबॉल विश्व कप में खेलने और ब्राजील की तरफ से फाइनल में गोल करने की उम्मीद है। नेमार के क्लब सैंटोस ने बताया कि इस 33 वर्षीय खिलाड़ी के बाएं घुटने की मामूली सर्जरी हुई है। इस चोट के कारण वह इस साल लंबे समय तक बाहर रहे। उनकी आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी रोड्रिगो लास्मार ने की, जो ब्राजील टीम से भी जुड़े हुए हैं। पिछले सप्ताहांत साओ पाउलो में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान नेमार ने कहा था उन्हें अब भी विश्व कप में खेलने और फाइनल में गोल करने की उम्मीद है। ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने अभी तक नेमार को टीम में शामिल नहीं किया है। नेमार ने कहा, ‘‘हम इस बार कप को ब्राजील लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। जुलाई में आप हमें इसकी याद दिला सकते हैं। एंसेलोटी इसमें हमारी मदद करना।’’  

AUS को डबल झटका! पैट कमिंस के लिए एशेज खत्म, T20 वर्ल्ड कप खेलना भी अनिश्चित

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान पैट कमिंस के लिए एशेज सीरीज 2025-26 समाप्त हो गई है। पहले दो टेस्ट मैचों में वे उपलब्ध नहीं थे, लेकिन तीसरे टेस्ट मैच में वे खेले। तीनों टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है, लेकिन अब खबर है कि पैट कमिंस बाकी के दो मैचों में नहीं खेलेंगे। चौथे टेस्ट मैच से वे पहले ही बाहर कर दिए गए हैं। इसके पीछे का कारण उनकी चोट है, जिससे वे उबर गए हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म हेल्थ को देखते हुए उन्हें फिलहाल के लिए टेस्ट टीम से दूर रखा जा रहा है। हालांकि, एक खबर ऑस्ट्रेलिया के लिए 440 वोल्ट के करंट जैसी है, क्योंकि वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से भी बाहर हो सकते हैं।   दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 फरवरी-मार्च में भारत और श्रीलंका में होना है, लेकिन ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट की मानें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम के सिलेक्टर और मेडिकल स्टाफ उनको इस मेगा इवेंट से दूर रहने की सलाह दे सकता है। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम का ऐलान हो गया है, जिसमें पैट कमिंस नहीं हैं। हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने सिलेक्शन के कुछ घंटे बाद कहा कि कमिंस की सीरीज एक मैच के बाद खत्म हो गई, जिससे एशेज जीतने में मदद मिली। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल के बाद वेस्टइंडीज टूर पर पैट कमिंस को लम्बर स्ट्रेस रिएक्शन का पता चला था, लेकिन एक एग्रेसिव रिहैब प्रोग्राम के बाद उन्होंने एडिलेड में शानदार बॉलिंग की, जहां उन्होंने छह विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया को कप्तानी करते हुए 82 रन से जीत दिलाई। अब चौथे टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, "वह ठीक हो गया है। वह बाकी सीरीज में कोई रोल नहीं निभाएगा और उसकी वापसी को लेकर हमने काफी समय से इस पर बात की थी।" उन्होंने आगे बताया, "हम कुछ रिस्क ले रहे थे और जिन लोगों ने उस पर रिपोर्ट किया था, वे उस रिबिल्ड से जुड़े रिस्क को समझेंगे। अब हम सीरीज जीत चुके हैं और यही हमारा गोल था। इसलिए, उसे और रिस्क में डालना और लंबे समय के लिए उसे खतरे में डालना कुछ ऐसा नहीं है जो हम करना चाहते हैं और पैट इसके साथ सच में कम्फर्टेबल है।" मैकडोनाल्ड ने आगे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पैट कमिंस की भागेदारी को लेकर कहा कि यह मंगलवार को दूसरे सिलेक्टर्स के साथ बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा। नहीं खेले एक भी T20I मैच कमिंस ने 2024 के बीच में कैरिबियन और USA में हुए पिछले टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ऑस्ट्रेलिया के लिए कोई T20I नहीं खेला है। भारत और श्रीलंका में होने वाले अगले एडिशन के तुरंत बाद IPL 2026 शुरू होगा, जहां कमिंस सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी करेंगे। ऐसे में कमिंस के T20 वर्ल्ड कप के चांस के बारे में मैकडोनाल्ड ने कहा, "यह एक असेसमेंट होगा। मुझे लगता है कि किसी समय उनका चेक-इन स्कैन होगा और उनकी पीठ की स्थिति के बारे में और जानकारी इकट्ठा की जाएगी। वर्ल्ड कप का इंतजार है, कि वह वहां होंगे या नहीं। मैं सच में नहीं कह सकता। अभी यह काफी धुंधला है। हमें उम्मीद है।"  

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा

धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 25 एकड़ भूमि पर 260 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा धार का मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति को मिलेगा बेहतर इलाज शीघ्र ही कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी होगा शिलान्यास भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी मेडिकल कॉलेज आरंभ करने की तैयारी धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए … Read more