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आज का राशिफल 26 दिसंबर: सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल पढ़ें

मेष राशि- आज आपको अकेले आगे बढ़ने के बजाय लोगों के साथ मिलकर काम करने से ज्यादा फायदा मिलेगा। ऑफिस में किसी सीनियर या टीम मेंबर की सलाह काम आ सकती है। प्यार के मामले में अगर कोई बात मन में है तो खुलकर कह दें, इससे रिश्ता हल्का और बेहतर होगा। पैसे को लेकर आज जल्दबाजी न करें, खासकर कोई बड़ा खर्च टालना बेहतर रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, बस शरीर को जरूरत से ज्यादा थकाएं नहीं। वृष राशि- आज करियर से जुड़ी बातें आपके दिमाग में ज्यादा रहेंगी। भविष्य की प्लानिंग करने का दिन है और आज की गई सोच आगे काम आएगी। रिश्तों में एक-दूसरे को थोड़ा स्पेस देना जरूरी रहेगा, वरना छोटी बात पर मनमुटाव हो सकता है। पैसों में सोच-समझकर खर्च करें। मन थोड़ा भावुक रह सकता है, इसलिए खुद को शांत रखें। मिथुन राशि- आज आपकी बातचीत करने की कला काम आएगी। ऑफिस में आपकी बातों से काम बन सकते हैं और नए आइडिया सामने आ सकते हैं। प्यार में आज बातों से ही नजदीकी बढ़ेगी, लेकिन दिल की बात साफ रखें। फालतू खर्च से बचें, नहीं तो बाद में परेशानी हो सकती है। सेहत के लिए तनाव कम करना जरूरी है। कर्क राशि- आज भावनाएं थोड़ी ज्यादा हावी रह सकती हैं। घर और काम के बीच संतुलन बनाकर चलें। पैसों के मामलों में आज किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। प्यार में धैर्य रखें और छोटी बातों को तूल न दें। सेहत के लिए पानी ज्यादा पिएं और आराम जरूर करें। सिंह राशि- आज आपको लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। ऑफिस या बिजनेस में टीमवर्क से फायदा होगा और आपकी बातों को अहमियत मिलेगी। प्यार में आज जोश रहेगा और रिश्ते में ताजगी महसूस होगी। खर्च को लेकर रिस्क न लें। दिमाग को शांत रखना जरूरी रहेगा। कन्या राशि- आज आपका दिन प्लानिंग और समझदारी से भरा रहेगा। काम में चीजें सही तरीके से मैनेज होंगी और आपकी मेहनत दिखेगी। रिश्तों में छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाने से भरोसा बढ़ेगा। पैसों में खर्च और बचत दोनों पर ध्यान दें। सेहत के लिए अपनी दिनचर्या फॉलो करना फायदेमंद रहेगा। तुला राशि- आज बातचीत ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी। ऑफिस में सही शब्दों में बात करने से अटका काम निकल सकता है। रिश्तों में सच बोलना जरूरी रहेगा, चाहे बात थोड़ी कड़वी ही क्यों न हो। दिखावे के खर्च से बचें। मन शांत रहेगा तो सेहत भी बेहतर रहेगी। वृश्चिक राशि- आज आपको जमीन से जुड़े रहकर फैसले लेने होंगे। काम में धैर्य रखें और हर चीज कंट्रोल में रखने की कोशिश न करें। प्यार में साफ और ईमानदार बात भरोसा बढ़ाएगी। पैसों में आज सावधानी जरूरी है। अच्छी नींद और आराम से सेहत संभली रहेगी। धनु राशि- आज आप पॉजिटिव महसूस करेंगे और यही आपकी ताकत बनेगी। काम में मिलकर की गई कोशिशें सफल हो सकती हैं। प्यार में खुलापन रहेगा और बात आगे बढ़ सकती है। पैसों में जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें। थोड़ा अकेला समय आपको मानसिक शांति देगा। मकर राशि- आज जिम्मेदारियां थोड़ी बढ़ सकती हैं। काम में पुराने प्लान दोबारा देखने पड़ सकते हैं, लेकिन इससे फायदा ही होगा। रिश्तों में दिखावे के बजाय दिल से बात करें। पैसों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। सेहत के लिए नींद और आराम जरूरी रहेगा। कुंभ राशि- आज आपके नए आइडिया लोगों को पसंद आएंगे। ऑफिस या कामकाज में पहचान मिलने के संकेत हैं। प्यार में दोस्ती वाली समझ रिश्ते को और गहरा करेगी। पैसों में अचानक खर्च से बचें। खुद को थोड़ा समय देना फायदेमंद रहेगा। मीन राशि- आज आपको फोकस और समझदारी से आगे बढ़ना होगा। काम में आपकी सुलझी सोच तारीफ दिला सकती है। रिश्तों में सीमाएं साफ रखें, इससे गलतफहमी नहीं होगी। पैसों में सेविंग पर ध्यान दें। अच्छी नींद और शांत माहौल से सेहत बेहतर रहेगी।

गाजा पर इजरायल का सख्त रुख, रक्षा मंत्री काट्ज बोले— कभी नहीं होगी पूरी तरह वापसी

तेल अवीव  अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचाने जाने वाले इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने फिर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है, "इजरायल गाजा पट्टी को पूरी तरह कभी भी खाली नहीं करेगा।" इजरायल के प्रमुख न्यूज पेपर्स में से एक माकोर रिशोन द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस के दौरान काट्ज ने कहा, "गाजा में, इजरायल कभी भी पूरी तरह से पीछे नहीं हटेगा—पट्टी के अंदर एक महत्वपूर्ण सुरक्षा क्षेत्र होगा, भले ही हम (शांति समझौते के) दूसरे चरण में चले जाएं, अगर हमास हथियार छोड़ देता है, तो इजरायली समुदायों की रक्षा के लिए हम गाजा के अंदर सिक्योरिटी का प्रबंध करेंगे।"  उन्होंने आगे कहा, "उचित समय पर, हम उत्तरी गाजा में उन बस्तियों की जगह पर नाहल चौकियां स्थापित करेंगे जो उखाड़ दी गई थीं।" नाहल इजरायली सेना की एक इकाई है जो सैन्य सेवा के साथ नागरिक कार्यों को जोड़ती है और ऐतिहासिक रूप से इजरायली बस्तियों की स्थापना में भूमिका निभाती रही है। काट्ज ने फिलाडेल्फी कॉरिडोर (गाजा और मिस्र के बीच की सीमा) पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा ऐसा नहीं हुआ तो ईरान हथियारों की तस्करी करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि अगर हमास निरस्त्रीकरण नहीं करता, तो इजरायल खुद ऐसा करेगा। काट्ज ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह बस्तियां बसाने की घोषणा नहीं है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से कहा जा रहा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, "रिवर्स तो मैं सिर्फ गाड़ी चलाते समय करता हूं," यानी वह अपने बयान से पीछे नहीं हट रहे। हालांकि, बाद में रॉयटर्स को दिए बयान में उन्होंने स्पष्ट किया, "सरकार का गाजा पट्टी में बस्तियां बसाने का कोई इरादा नहीं है। नाहल इकाइयां केवल सुरक्षा कारणों से तैनात की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि गाजा के लिए उनका "विजन" "सही समय पर" पूरा किया जाएगा। काट्ज का दावा है कि "लोगों ने मेरे शब्दों की व्याख्या गाजा के अंदर बस्तियों की स्थापना की घोषणा के रूप में करने की कोशिश की," और उनका इरादा ऐसा नहीं था। इससे पहले मंगलवार को भी काट्ज ने कहा था कि इजरायली सेना गाजा पट्टी से कभी भी पूरी तरह से पीछे नहीं हटेगी। सुरक्षा कारणों से गाजा के अंदर एक महत्वपूर्ण सैन्य क्षेत्र रहेगा और एक सैन्य इकाई स्थापित की जाएगी। यह बयान कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बेत एल बस्ती में एक समारोह के दौरान दिया गया, जहां 1,200 आवास इकाइयों की मंजूरी का जश्न मनाया जा रहा था।

चिकित्सा शिक्षा में बड़ा कदम: सीनियर रेजिडेंसी के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग का शुभारंभ

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यहां स्वास्थ्य विभाग, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों और आई.जी.एम.सी. शिमला में 22 दिसम्बर को हुई घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, आई.जी.एम.सी और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के अधिकारियों से इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। सुक्खू ने कहा कि इस घटना की जांच 24 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण कर अतिशीघ्र उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर संस्थान में पेशेवरों का व्यवहार सौम्य और शांत होना चाहिए। इससे व्यक्तित्व के साथ-साथ संस्थान की छवि भी झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.जी.एम.सी. से पढ़ाई करने के उपरान्त चिकित्सकों ने राज्य का नाम देश और विदेश में रौशन किया है। आई.जी.एम.सी. में हुई घटना निंदनीय है। किसी भी संस्थान में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुक्खू ने निदेशालय चिकित्सा शिक्षा को सीनियर रेजिडेंसी करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालय में आने वाले चिकित्सकों को इंडक्शन टेªनिंग प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीनियर रेजिडेंसी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत तीन वर्षों के दौरान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्त्वाकांक्षी पहल की हैं। चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को संस्थान और अस्पताल में बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए विश्व-स्तरीय मानकों को अपनाया जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को न केवल सुदृढ़ कर रही है बल्कि इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से इस्तेमाल हो रहे पुराने चिकित्सा उपकरणों को नए और अत्याधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने चिकित्सा शिक्षा से सम्बन्धित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव स्वास्थ्य संदीप कदम, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. गोपाल बेरी, एम.एस. आई.जी.एम.सी डॉ.राहुल राव, अतिरिक्त निदेशक नीरज कुमार गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

अटल बिहारी वाजपेयी थे भविष्य को पहचानने वाले नेता, भारत को बनाया न्यूक्लियर पावर: नायडू

अमरावती  आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने भारत को परमाणु शक्ति बनाकर दुनिया के सामने भारतीयों की क्षमताओं को साबित किया। गुरुवार को वाजपेयी की 101वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान वाजपेयी ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई भारत को चुनौती देगा तो वह उचित जवाब देगा। यही संकल्प हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अमरावती राजधानी क्षेत्र के वेंकटपालेम में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने वाजपेयी के जीवन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी देखी और कार्यक्रम स्थल पर लगे विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पास ही आयोजित सुशासन दिवस की जनसभा में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्रीनिवास वर्मा और पेम्मासानी चंद्रशेखर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव, राज्य मंत्री सत्यकुमार यादव, पी. नारायण, कंदुला दुर्गेश सहित कई नेता मौजूद रहे। टीडीपी, भाजपा, जनसेना के कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने प्रतिमा अनावरण समारोह में भाग लिया। इससे पहले मुख्यमंत्री नायडू ने ‘एक्स’ पर वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, “अपने नाम की तरह ही अटल बिहारी वाजपेयी जी राष्ट्र सेवा के संकल्प में अटल थे। वे गरिमामय राजनेता, कवि हृदय और दुर्लभ दूरदर्शिता वाले नेता थे, जो अपनी ईमानदारी, विनम्रता और दलों के बीच सहमति बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते थे।” टीडीपी प्रमुख ने वाजपेयी के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सुरक्षा को मजबूत किया, शासन को नई दिशा दी और अपने विचारों व कार्यों से पीढ़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “मुझे उनके साथ काम करने और उनकी बुद्धिमत्ता से सीखने का सौभाग्य मिला। देश के विकास में उनके परिवर्तनकारी योगदान के लिए उन्हें हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।” सुशासन दिवस की जनसभा में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अमरावती को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां के किसानों का बलिदान ही अमरावती में वाजपेयी स्मृति वनम के निर्माण की प्रेरणा है। उन्होंने कहा, “यह स्मारक हम अटल बिहारी वाजपेयी को ऐसा भव्य सम्मान देने के लिए बना रहे हैं, जिसे इतिहास याद रखेगा।” मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा ने अटल–मोदी सुशासन यात्रा शुरू की है और गठबंधन सरकार मिलकर 26 जिला मुख्यालयों में वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मना रही है। नायडू ने पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी संस्थापक एन. टी. रामाराव (एनटीआर) के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एनटीआर और वाजपेयी ने इतिहास की दिशा बदल दी। एनटीआर ने गैर-कांग्रेस दलों को राष्ट्रीय मोर्चे के तहत एकजुट किया। वाजपेयी और एनटीआर के बीच लंबे समय से संबंध रहे। जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी के गठन तक की यात्रा भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के बुनियादी ढांचे की मजबूत नींव रखी। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, जिसकी शुरुआत ताड़ा से चेन्नई के बीच हुई, उनकी दूरदृष्टि का उदाहरण है। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में उदारीकरण की पहल की, जो ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना।

अर्जुन पुरस्कार की दौड़: 24 खिलाड़ियों के नाम तय, हरियाणा के 5 खिलाड़ियों की सिफारिश ने बढ़ाया प्रदेश का मान

पानीपत इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए देशभर से 24 खिलाड़ियों के नामों की अनुशंसा की गई है। इनमें 5 खिलाड़ी अकेले हरियाणा से हैं। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित चयन समिति की बैठक में इन नामों की सिफारिश की गई। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के उपकप्तान हार्दिक सिंह का नाम मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार के लिए सुझाया गया है। वहीं, भारतीय खेल इतिहास में पहली बार 'योगासन' खेल को अर्जुन पुरस्कारों की सूची में स्थान मिला है। खेल मंत्रालय से औपचारिक मान्यता मिलने के पांच साल बाद, राष्ट्रीय और एशियाई चैंपियन आरती पाल का नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया गया है।    हरियाणा के जिन 5 सितारों के नामों की सिफारिश हुई है, उनमें मुक्केबाजी से अंतरराष्ट्रीय सितारे नरेंदर, कबड्डी से सुरजीत और पूजा, पैरा एथलेटिक्स से पैरा ओलिंपियन एकता भयान और कुश्ती से ओलिंपियन सोनम मलिक शामिल हैं। इस चयन समिति में भारतीय ओलिंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमाया जैसे दिग्गज शामिल रहे। अर्जुन पुरस्कार के तहत चयनित होने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 15 लाख रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती है।  

फिटनेस को बढ़ावा: खिलाड़ियों और GYM यूज़र्स के लिए पंजाब सरकार का बड़ा फैसला

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेल और युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंजाब भर में 1350 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 3100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-सीमा के साथ-साथ काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान खेल और युवाओं के लिए एक बड़े पैकेज की भी घोषणा की। इसके तहत राज्य में करीब 3000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17 हजार खेल किटें वितरित की जाएंगी, एक नया खेल पोर्टल शुरू किया जाएगा और 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांवों में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट, स्टोर और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर मोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। युवाओं की फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में 1000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम बनाए जाएंगे। इन जिमों में वेट लिफ्टिंग सेट, डंबल, केटलबेल, रैक और अन्य आधुनिक उपकरण उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार खिलाड़ियों को 17 हजार खेल किट भी देगी, जिनमें वॉलीबॉल, फुटबॉल और क्रिकेट से संबंधित सामान शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5600 खेल किट वितरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सरकार एक आधुनिक खेल पोर्टल शुरू कर रही है, जहां खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, ग्रेडेशन, डीबीटी, ग्राउंड बुकिंग, ई-सर्टिफिकेट, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 हजार युवाओं के लिए प्रदेश के 9 जंगल क्षेत्रों में ट्रैकिंग और एडवेंचर कैंप लगाए जाएंगे। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 42-ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा, जिसमें हॉस्टल, ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और सेमिनार रूम की सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल बजट को 2023-24 में 350 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी टर्फ बदली जा रही हैं, जबकि मोहाली के सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर मौजूद है। इसके तहत 92 कर्मचारियों का चयन किया गया है, जो खिलाड़ियों की चोटों के इलाज और प्रदर्शन सुधार में मदद करेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का हर कदम युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में है।

बसामन मामा प्राकृतिक खेती प्रकल्प विंध्य के किसानों के लिए बनेगा मार्गदर्शक

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 से बढ़ाकर किया जायेगा 20 प्रतिशत तक केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही हैं वृहद स्तर पर प्रयोगशालाएं केंद्रीय मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में कृषक सम्मेलन को किया संबोधित भोपाल  केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन में शुचिता और पारदर्शिता का स्थान सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी ने सुशासन की स्थापना के लिये अपने कार्यों से नये आयाम स्थापित किये। उन्होंने जो कहा उसे धरातल साकार करके दिखाया। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारतीय राजनीति में स्व. वाजपेयी का स्थान और योगदान दोनों ही अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी को रीवा से सदैव विशेष लगाव रहा। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह रीवा में बसामन मामा गौ वन्य विहार अभयारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ कर कृषक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बसामन मामा प्राकृतिक खेती प्रकल्प विंध्य के किसानों के लिये मार्गदर्शक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित करते हुये कहा कि केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने के लिये राज्य सरकार द्वारा समन्वित तरीके से सतत समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध के उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक किया जायेगा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को हितलाभ एवं संकल्प पत्रों को वितरण किया। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश का रीवा क्षेत्र धीरे-धीरे विकसित क्षेत्र बन रहा है। आज एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट रीवा में है। रीवा से जबलपुर तक सड़कों के जाल सहित इंदौर और दिल्ली के लिये वायु सेवा का भी विस्तार हुआ है। अब रीवा एयरपोर्ट से इंदौर और दिल्ली के लिए 24 घंटे हवाई सेवा उपलब्ध है। रीवा में बसावन मामा गौवंश वन्य विहार के रूप में अनुकरणीय प्रकल्प तैयार किया गया है। यहां गोबर से बने खाद से प्राकृतिक खेती की जा रही है। एक एकड़ में सवा लाख रुपए की आय देने का यह प्रयोग छोटे किसानों को बड़ा लाभ प्रदान करेगा। किसान इस मॉडल को अपनाएंगे तो उनकी आय बढ़ेगी। राज्य सरकार प्रगतिशील किसानों को इस परंपरागत मॉडल से अवगत कराने के लिये उनका भ्रमण कराये। उन्होंने कहा कि एक देशी गाय से 21 एकड़ रकबे में प्राकृतिक खेती होती है। किसान ही अन्नदाता है। अन्नदाता को प्राकृतिक खेती के लिये प्रेरित करने के साथ ही प्रोत्साहित करने के समग्र प्रयास हम सबको समन्वित तरीके से करना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि अनाज के उत्पादन में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग के कारण कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे बचाव के लिये जरूरी है कि हम सभी प्राकृतिक के संवर्धन में अपना योगदान दें। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाने से उत्पादन कम नहीं होता है। मैंने स्वयं अपने खेतों में प्राकृतिक खेती को अपनाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत वृहद स्तर पर प्राकृतिक खेती की उपज के प्रमाणीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिये प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित उपज के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की है। आगामी समय में देश में 400 से अधिक प्रयोगशालाएं किसान को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी। इन सभी प्रयासों से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की आय डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगी। दुनियाभर में प्राकृतिक खेती का बड़ा बाजार है। आर्गेनिक अनाज खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। भूमि परीक्षण से सर्टिफिकेशन, उपज का परीक्षण, बेहतर पैकेजिंग और मार्केटिंग किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाएंगी। हम किसानों की आय को बढ़ाने के लिए समुचित प्रयास प्राथमिकता से कर रहे हैं। निदर्शन फॉर्म आने वाले समय में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रकृति की अनेक प्रकार से सेवा हो सकती है। हमें बसावन मामा की स्मृति में पीपल के वृक्ष रोपित करने का संकल्प लेना चाहिए। दु्निया से चले जाने के बाद भी यह पीपल वृक्ष लोगों को ऑक्सीजन देता रहेगा। पीपल का वृक्ष लगाना पुण्य कार्य है, जिसमें स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिये बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि बसावन मामा गौवंश वन्य विहार के भ्रमण के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शाह के द्वारा 35 साल पहले गुजरात में जैविक खेती संवर्धन के लिये जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री श्री शाह के द्वारा 35 साल पहले शुरू किये गये कार्य को राज्य सरकार आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने के लिये उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना से किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से एमओयू किया गया है। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार जैसे अनेक कार्य भी कर रही है। राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार जैसे अनेक कार्य भी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दूध खरीद का आंकड़ा निरंतर बढ़ रहा है। साल भऱ में प्रति दुग्ध संघ दूध खरीदी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य सरकार ने प्रदेश स्तर पर कुल दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि गौमाताओं के संरक्षण के लिए प्रति गाय आहार अनुदान को 20 से बढ़ाकर 40 रुपए किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी … Read more

अटल जी की कविता से झलकी अडिग भारत की आत्मा, पीएम मोदी ने डायरी में किया साझा

नई दिल्ली  'टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते…' ये पंक्तियां सिर्फ एक कविता नहीं हैं, बल्कि एक सोच, एक संकल्प और एक जीवन-दर्शन हैं। आज अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर ये शब्द फिर से चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ खास है। वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशकों पुरानी निजी डायरी का वह हस्तलिखित पन्ना, जिसमें अटल की यह कविता लिखी है। यह पन्ना केवल यादों का हिस्सा नहीं है, बल्कि इस बात का सबूत है कि कैसे विचार एक व्यक्ति से निकलकर पीढ़ियों तक देश की दिशा तय करते हैं। उस दौर की कल्पना कीजिए, जब नरेंद्र मोदी एक युवा कार्यकर्ता थे। न पद था, न सत्ता, बस संगठन, संघर्ष और सीखने की ललक। ऐसे समय में अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता सिर्फ मंच से भाषण नहीं देते थे, वे अपने शब्दों से रास्ता दिखाते थे। अटल बिहारी की कविता, जिसमें सत्ता से सत्य के संघर्ष की बात है और अन्याय के सामने न झुकने का साहस है, उसी युवा मन में उतर गई। नरेंद्र मोदी ने उन शब्दों को सिर्फ पढ़ा नहीं, उन्हें अपनी साधना बना लिया। आमतौर पर राजनीति को सत्ता का खेल कहा जाता है, लेकिन यह प्रसंग बताता है कि राजनीति असल में विचारों की यात्रा है। अटल बिहारी को 'अजातशत्रु' कहा गया। वे ऐसे नेता थे जिनके विरोधी भी सम्मान करते थे। उनकी राजनीति में संवाद था, कविता थी और लोकतंत्र के प्रति गहरा विश्वास था। वही विश्वास पीएम नरेंद्र मोदी की सोच में भी दिखाई देता है, जहां संघर्ष को अवसर और चुनौती को संकल्प में बदला गया। डायरी का वह पन्ना इस बात का प्रतीक है कि गुरु-शिष्य की परंपरा आज भी जीवित है। अटल बिहारी के लिए कविता अभिव्यक्ति थी और पीएम मोदी के लिए वही कविता ऊर्जा का स्रोत बनी। यह दिखाता है कि नेतृत्व अचानक पैदा नहीं होता, वह वर्षों की साधना, अनुशासन और आदर्शों से गढ़ा जाता है। एक युवा कार्यकर्ता का उन शब्दों से जुड़ना और वर्षों बाद देश का नेतृत्व करना, यह अपने आप में एक प्रेरक यात्रा की कहानी को दर्शाता है। पीएम मोदी की डायरी में लिखे छंद की फोटो शेयर करते हुए, इसमें कहा गया है, "अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी जी के साहस, दृढ़ विश्वास और संकल्प के शब्द युवा नरेंद्र मोदी की डायरी में जगह पाए। नरेंद्र मोदी की पर्सनल डायरी का यह हाथ से लिखा हुआ पन्ना, जो दशकों पहले लिखा गया था, एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आदर्शों के हस्तांतरण को दर्शाता है।" छंद की पहली कुछ पंक्तियां इस प्रकार हैं, "हम टूट सकते हैं, लेकिन झुक नहीं सकते! "सत्ता के खिलाफ सच की लड़ाई, न्याय अत्याचार से लड़ता है, अंधेरे ने चुनौती दी है, आखिरी किरण ही रोशनी है।"

मौत के मुंह से लौटा कुनाल: 115 दिन की लड़ाई, जहरीले सीरप ने उजाड़ दी जिंदगी

छिंदवाड़ा जहरीले कफ सीरप ‘कोल्ड्रिफ’ के जानलेवा कहर के बीच जाटाछापर निवासी पांच वर्षीय कुनाल यदुवंशी की कहानी एक चमत्कार से कम नहीं है। अब तक इस सीरप से 25 बच्चों की जान जा चुकी है, लेकिन कुनाल उन तीन खुशनसीब बच्चों में से एक है, जो मौत को मात देकर 115 दिनों के संघर्ष के बाद घर लौटा है। हालांकि, इस लंबी लड़ाई ने मासूम और उसके परिवार को गहरे जख्म दिए हैं, जिनका असर आज भी साफ नजर आ रहा है। गलत इलाज और किडनियों पर प्रहार कुनाल के संघर्ष की शुरुआत बीते 24 अगस्त को हुई थी, जब उसे सामान्य बुखार आने पर स्वजन स्थानीय डॉक्टर प्रवीण सोनी के पास ले गए थे। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा और ‘कोल्ड्रिफ’ सीरप पीने के बाद कुनाल की हालत सुधरने के बजाय तेजी से बिगड़ने लगी। गहन जांच के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जहरीले सीरप के साइड इफेक्ट के कारण बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह काम करना बंद कर चुकी हैं। 115 दिनों का संघर्ष और डायलिसिस का दर्द हालात गंभीर होने पर कुनाल को 30 अगस्त को नागपुर रेफर किया गया। पिता टिक्कू यदुवंशी उसे लेकर एम्स समेत नागपुर के विभिन्न अस्पतालों के चक्कर काटते रहे। इस दौरान मासूम कुनाल को करीब डेढ़ महीने तक रोजाना डायलिसिस के असहनीय दर्द से गुजरना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, सीरप का जहर इतना घातक था कि बचने की उम्मीद बेहद कम थी, लेकिन परिवार की दुआओं और कड़े चिकित्सकीय प्रबंधन के चलते 115 दिनों बाद सोमवार रात उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घर वापसी पर लाचारी और दवाओं का दुष्प्रभाव कुनाल घर तो लौट आया है, लेकिन उसकी मुस्कान अब भी गायब है। जहरीले सीरप के दुष्प्रभाव के कारण उसकी आंखों का पानी सूख गया है, जिससे फिलहाल उसे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके अलावा उसे चलने-फिरने में भी भारी परेशानी हो रही है। स्वजन की आंखों में खुशी और गम के मिले-जुले आंसू हैं; उन्हें उम्मीद है कि जिस हौसले से कुनाल ने मौत को हराया है, वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर चलने भी लगेगा। मुआवजे की मांग और दोषियों को फांसी की सजा कुनाल के पिता टिक्कू यदुवंशी ने इस लापरवाही के खिलाफ सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इलाज में करीब साढ़े आठ लाख रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से आधी सहायता मिल पाई है। पिता ने मांग की है कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे और मासूमों की जान से खेलने वाले दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। इस बीच सांसद विवेक बंटी साहू ने कुनाल के स्वस्थ होने पर खुशी जाहिर करते हुए आश्वासन दिया है कि सरकार बच्चों के इलाज का पूरा खर्च वहन कर रही है।

भारत जो कहता है, वही बनता है वैश्विक एजेंडा: राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

लखनऊ  देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए लंबा संघर्ष किया और धारा 370 के विरोध में अपने प्राणों का बलिदान किया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और वैश्विक हैसियत अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई दर एक प्रतिशत से नीचे है और विकास दर आठ प्रतिशत से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या बोल रहा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव, गरीब और किसानों के लिए बड़े और निर्णायक फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पहले बड़े पैमाने पर धांधली होती थी, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है। गांवों के विकास के लिए नए विधेयक के तहत अब 100 की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आजाद भारत की सबसे बड़ी दार्शनिक अवधारणाओं में से एक है। दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करते हुए जो विचार दिए, उन्हीं के आधार पर आज प्रधानमंत्री मोदी सरकार चला रहे हैं। उनका मानना था कि केवल धन से व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता, बल्कि मान-सम्मान, शिक्षा और आत्मिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है। रक्षा मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उनके विनोदी स्वभाव का उल्लेख किया। उन्होंने अटल की पाकिस्तान यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक महिला पत्रकार ने उनसे मजाकिया अंदाज में शादी का प्रस्ताव रखते हुए कश्मीर मांगा था, जिस पर अटल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे तैयार हैं, लेकिन बदले में पाकिस्तान चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने वाले सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री को अब तक 29 देशों के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान देना और उनकी विरासत को स्मरण करना प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। यही कारण है कि इन तीनों महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने भारत को नई पहचान दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।