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2029 तक सोने की कीमतों में विस्फोट? 10 ग्राम ₹3 लाख पहुंचने की भविष्यवाणी, अमेरिकी एक्सपर्ट का दावा

नई दिल्ली  सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं और अब इस तेजी के संभावित भविष्य का अनुमान सुनकर निवेशक हैरान हैं। जहां आज सोना लगभग ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, वहीं एक प्रतिष्ठित अमेरिकी अर्थशास्त्री का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह रेट दोगुना से भी ऊपर बढ़ सकता है। अगर यह अनुमान हकीकत बनता है तो 2029 तक सोने का भाव भारत में लगभग ₹3,08,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है—जो माता-पिता के लिए बेटी की शादी जैसे खास खर्चों को और चुनौतीपूर्ण बना देगा। क्या है 2029 लक्ष्य? अमेरिका के रणनीतिक वित्तीय विशेषज्ञ एड यार्डेनी ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत 2029 तक $10,000 प्रति औंस के करीब पहुंच सकती है। अगर आज की कीमत (लगभग $4,410 प्रति औंस) से तुलना करें, तो यह लगभग 127% से भी ज्यादा उछाल को दर्शाता है—एक बेहद तेज वृद्धि जो निवेशकों के लिए आकर्षक भी है और चुनौतीपूर्ण भी।   ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों को कम किए जाने की अटकलों ने निवेशकों को सोने की ओर खींचा है। जैसे ही बैंक ब्याज दरें घटती हैं, शेयर और मुद्रा बाजार का आकर्षण कम हो सकता है, जिससे पैसा सुरक्षित परिसंपत्तियों- जैसे कि सोना- की ओर बढ़ता है। वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल विश्वभर में अर्थव्यवस्थाओं में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को ‘सुरक्षित आश्रय’ यानी सेफ हेवन एसेट के रूप में और मजबूत बनाया है। क्या परंपरागत धारणा बदल रही है? आम धारणा यह रही है कि जब शेयर बाजार मजबूत होता है, सोने की कीमतें गिरती हैं। लेकिन एड यार्डेनी ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में सोने की मांग सिर्फ संकट में ही नहीं बल्कि सामान्य निवेश पोर्टफोलियो में भी बढ़ रही है। इसका मतलब यह हुआ कि सोना अब केवल “बुरे वक्त का आश्रय” नहीं रह गया, बल्कि लंबी अवधि में एक मुनाफे वाला निवेश भी बन चुका है।  

अमित शाह प्राकृतिक खेती प्रकल्प का करेंगे शुभारंभ, वर्ष 2026 होगा कृषि वर्ष

रीवा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा में प्राकृतिक खेती पर कृषक सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में अपरान्ह 3 बजे से आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती प्रकल्प का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद गौ अभ्यारण्य के समीप आयोजित विशाल कृषक सम्मलेन में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, श्री हेमन्त खंडेलवाल भी शामिल होंगे। अतिथियों द्वारा ई-कार्ट के माध्यम से गौ-शाला का अवलोकन किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। कार्यक्रम में प्रगतिशील व प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों को सम्मानित किया जायेगा। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य का निर्माण बेसहारा और बीमार गौवंश को आश्रय देने के लिए किया गया है। इसमें वर्तमान में सात हजार से अधिक गौवंश को आश्रय दिया गया है। इस गौ-शाला से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में निकलने वाले गोबर से जैविक खाद, गो काष्ठ, गोनाइल तथा अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। यह कार्य स्वयंसेवी संस्था द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समन्वित रूप से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृषकों की आय में वृद्धि की जायेगी, कृषि को प्राकृतिक खेती के माध्यम से जलवायु अनुकूल बनाया जायेगा, किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित किया जायेगा, तकनीकी सुधार एवं यंत्रीकरण पर विशेष जोर होगा, डिजीटल एग्री के माध्यम से क्षेत्र का आधुनिकीकरण करना एवं कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में विविधीकरण को बढावा देना, मूल्य संवर्धन के माध्यम से नये रोजगार सृजन किया जायेगा। कृषि परिदृश्य देश में मध्य प्रदेश मक्का एवं सोयाबीन के उत्पादन में प्रथम स्थान तथा गेहॅू, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, कुल खाद्यान्न, कुल मोटा अनाज में द्वितीय स्थान पर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गत 2 वर्षों में 48 लाख 51 हजार किसानों से 02 करोड़ 41 लाख 31 हजार मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया है। जिसके विरूद्ध 81 हजार सात सौ अड़सठ करोड़ रूपये का भुगतान किसानों के खाते में किया गया है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसान भाईयों की मेहनत को प्रतिफल प्रदाय करने के लिये सोयाबीन की फसल के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। अभी तक लगभग छ: लाख कृषकों के द्वारा तेरह लाख नवासी हजार मेट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय मंडियों में किया गया है, जिससे दो चरणों में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दो लाख सरसठ हजार किसानों के खाते में चार सौ बियासी करोड़ रूपये अंतरित किये गये है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता के लिये गत 2 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सत्तर लाख कृषक आवेदनों पर बारह सौ सेंतीस करोड़ चौवन हजार राशि रूपये का दावा भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री  किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के रूप में किसानों को छ: हजार रूपये दिये जा रहे थे, मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भी किसानों को छ: हजार रूपये की राशि दी जा रही है, इस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत माह अप्रैल, 2025 से अभी तक एक करोड़ अडसठ लाख किसानों को छ: हजार सात सौ छप्पन करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। ‘रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना’’     रानी दुर्गावती श्री अन्नध प्रोत्सारहन योजना अंतर्गत प्रदेश में प्रथम बार 16 जिलों – जबलपुर, कटनी, मण्डला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी एवं सिंगरौली में उपार्जन किया जा रहा है।     राज्य सरकार द्वारा राशि रुपए एक हजार प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी।     परंपरागत कृषि विकास योजना प्रमाणित जैविक खेती को प्रोत्सावहित एवं बढावा देने के लिए संचालित है।     वर्ष 2025-26 में तेतालीस हजार तीन सौ पचास हैक्टेयर में 09 सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे है। कृषकों को राशि रूपये पांच हजार प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान दिया जाता है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग     नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये योजना संचालित है। प्रदेश में पन्द्रह सौ तेरह क्लस्टर में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस एकड़ में एक लाख नवासी हजार एक सौ पच्चीस किसानों के साथ क्रियान्वित की जा रही है। प्रत्येक कृषक को राशि रूपये चार हजार प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना     प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा "प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुभारंभ किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले यथा-अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिण्डोरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजनाभारत सरकार की एक नई पहल है, जो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रचलित योजनाओं जिसमें कृषि विभाग की 19 तथा मछली पालन / पशुपालन / दुग्ध / सहकारिता / जल संसाधन / खाद्य प्रस्करण / ग्रामीण विकास  / कौशल विभाग / लघु एवं सुक्ष्म उद्योग विभागों की 17 प्रचलित  योजनाओं का अभिसरण (कवरेज) कर क्रिन्यावित किया जायेगा।    वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल चवालीस लाख बानवे हजार हैक्टेयर है, जिसे आगामी 03 वर्षो में लगभग पचपन लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशन होंगे स्मार्ट और हाईटेक, अमृत भारत योजना से बदलेगा सफर का अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत न्यू दिल्ली, आनंद विहार समेत दिल्ली के 13 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, पहुंच और आराम को बढ़ाना है, ताकि रेलवे स्टेशनों का अनुभव और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सके। ये स्टेशन हो रहे हैं अपग्रेड रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख 13 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। ये स्टेशन हैं न्यू दिल्ली, आनंद विहार, बिजवासन, दिल्ली कैंट, आदर्श नगर, सराय रोहिल्ला, शाहदरा, हजरत निजामुद्दीन, नरेला, सब्जी मंडी, सफदरजंग, तिलक ब्रिज रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि देशभर में इस योजना के तहत कुल 1,337 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें दिल्ली के ये 13 स्टेशन भी शामिल हैं। इस मुद्दे को दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लोकसभा में उठाया था। तेजी से न्यू दिल्ली स्टेशन पर हो रहा काम न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अजमेरी गेट साइड का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अब यहाँ यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं हैं. अधिक टिकट काउंटर, बेहतर वेटिंग एरिया, आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सूचना बोर्ड, व्यापक सीसीटीवी कवरेज, बेहतर लाइटिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरओ पानी की सुविधा, पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक सीटें वहीं, पहाड़गंज साइड पर भी काम शुरू हो गया है। पुरानी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, बेसमेंट बनाया जा रहा है और विभिन्न सुविधाओं को नए स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।

पतंगबाजी पर सख्ती: मकर संक्रांति पर झालावाड़ में चाइनीज मांझा बैन, आदेश 2026 तक लागू

झालावाड़ मकर संक्रांति पर्व के दौरान जिले में पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझे के उपयोग पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए धातु, नायलोन एवं प्लास्टिक से निर्मित मांझे के निर्माण, विपणन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। जिला कलेक्टर ने बताया कि इस प्रकार का मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता है, जो अत्यंत धारदार होने के साथ-साथ विद्युत का सुचालक भी होता है। इससे दुपहिया वाहन चालकों, आम नागरिकों और पक्षियों को गंभीर चोट लगने के साथ जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझा यदि विद्युत तारों के संपर्क में आ जाए तो करंट फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति बाधित होने की संभावना रहती है। लोक स्वास्थ्य, निर्बाध विद्युत संचालन और पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धातु निर्मित मांझा, पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक एवं सिंथेटिक या टॉक्सिक सामग्री जैसे आयरन पाउडर और ग्लास पाउडर से बने चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पक्षियों को होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 5 बजे से 7 बजे तक पतंगबाजी पर भी रोक रहेगी। यह आदेश आज मध्यरात्रि से प्रभावी होकर 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। आदेश की अवहेलना या उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव को ₹10,500 करोड़ की औद्योगिक सौगात, गेल लगाएगा यूरिया प्लांट राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत विस अध्यक्ष एवं क्षेत्र विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

चांदी में निवेश का सही समय? मार्च 2026 तक के भाव को लेकर एक्सपर्ट्स की बड़ी राय

मुंबई साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिलाया है और अब इसकी चमक 2026 में भी बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग भी बड़ी वजह है। चिप, मोबाइल फोन, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। जानकारों के मुताबिक, साल 2025 में चांदी ने 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। अनुमान है कि 2026 की पहली छमाही में मौजूदा स्तर से इसमें करीब 20 फीसदी तक और तेजी देखने को मिल सकती है। यानी आने वाले साल में भी चांदी निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दे सकती है। क्यों बढ़ रही हैं चांदी की कीमतें केडिया कैपिटल के फाउंडर अजय केडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की सप्लाई घट रही है। लंदन और चीन जैसे बड़े बाजारों में उपलब्धता कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है। वहीं अमेरिका को चांदी का निर्यात बढ़ने और कॉमैक्स पर ऊंचे प्रीमियम के कारण फिजिकल मार्केट में कमी महसूस की जा रही है। इसके अलावा, चांदी आधारित ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से भी सप्लाई पर असर पड़ा है। कहां तक जा सकती हैं कीमतें एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 70 से 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कीमतों में थोड़ी गिरावट आने पर ही खरीदारी करें। लंबी अवधि में चांदी का रिटर्न सोने से भी बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है। घरेलू बाजार में रिकॉर्ड तेजी घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश का साधन नहीं रही, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग इसे और मजबूत बना रही है। इसी वजह से आने वाले समय में चांदी और सोने दोनों में तेजी बने रहने की उम्मीद है, हालांकि रिटर्न के मामले में फिलहाल चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है।  

किसानों के करोड़ों रुपये के बीमा क्लेम लंबित, सरकार की लापरवाही से बढ़ा संकट : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाला मुआवजा अब तक नहीं मिल पाना अत्यंत गंभीर विषय है। किसानों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में करोड़ों रुपए के बीमा क्लेम वर्षों से लंबित हैं, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक संकट में हैं। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, लेकिन उस समय न तो पर्याप्त प्रशासनिक सहायता मिली और न ही समय पर सर्वे किए गए। अब मुआवज़े के समय फसल कटाई प्रयोग, तकनीकी आपत्तियों और बीमा कंपनियों की प्रक्रियाओं के नाम पर किसानों को उनके हक़ से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के अनुसार भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों के बीमा दावे लंबित हैं। कई किसानों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं किया गया और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान किसी प्रकार की रियायत नहीं, बल्कि अपने वैध अधिकार की मांग कर रहा है। प्राकृतिक आपदा किसान के नियंत्रण से बाहर होती है, ऐसे में सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह संवेदनशीलता के साथ राहत पहुंचाए। सांसद ने प्रशासन से मांग की कि लंबित फसल बीमा क्लेम की तत्काल समीक्षा की जाए, तकनीकी कारणों से रोके गए मामलों को सरल प्रक्रिया के तहत निपटाया जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें।

आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे युवाओं को सम्मानित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश को रोज़गार में परिवर्तित करने का निरंतर कार्य कर रहा है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट – निवेश से रोज़गार’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और रोज़गार आधारित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। कार्यक्रम में निवेशकों को सिंगल क्लिक से औद्योगिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ग्रोथ समिट आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोज़गार-समृद्ध मध्यप्रदेश के संकल्प को रेखांकित करेगी। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट में 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिये भूमि आवंटन किया जायेगा। इसके साथ ही 10,000 करोड़ रूपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। इससे प्रदेश में विकासात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित इस ग्रोथ समिट से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा। “निवेश से रोज़गार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश” की थीम पर आधारित इस समिट में विगत 2 वर्षों में प्रदेश में हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोज़गार सृजन के वास्तविक परिणामों को सबके साथ साझा किया जायेगा। इस समिट से आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा भी तय की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के समग्र विकास के लिये उन्हें सीधे रोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिये ग्रोथ समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट से नए औद्योगिक क्षेत्र, क्लस्टर और प्लग-एंड-प्ले इकाइयों की शुरुआत से स्थानीय स्तर पर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में भूमि-पूजन और लोकार्पण के साथ भूमि आवंटन और आशय-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। इस अवसर पर रोज़गार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाईयों की स्थापना एवं संचालन करने वाले निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा। समिट में युवाओं से संवाद भी किया जाएगा। संभाग स्तर पर औद्योगिक भूमि आवंटन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की जाएँगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। उद्योग जगत की सहभागिता ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज़, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रदर्शनी कार्यक्रम स्थल पर स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, विचारों और विकास दृष्टि पर आधारित विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में बीते 2 वर्षों में हुए औद्योगिक सुधारों, निवेश प्रयासों और रोज़गार उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को एक ही स्थान पर देखा जा सकेगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहेंगे।  

रेलवे भर्ती अपडेट: RRB सेक्शन कंट्रोलर परीक्षा की तारीख तय, CBT में हटाया गया इंग्लिश व सामान्य ज्ञान

नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड ने सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। आरआरबी ने नोटिस जारी कर कहा है कि सेक्शन कंट्रोलर ( सीईएन 04/2025 ) के 368 पदों पर भर्ती के लिए सीबीटी एग्जाम 11 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक होगा। परीक्षा तिथि से 10 दिन पहले एग्जाम सिटी जारी होगी। 4 दिन पहले एडमिट कार्ड जारी होंगे। इस भर्ती के आवेदन अक्टूबर 2025 में लिए गए थे। यह पे लेवल -6 का पद है। शुरुआती वेतन 35400 तय किया गया है। इस भर्ती के लिए एल2 का मेडिकल स्टैंडर्ड मांगा गया है। चयन – चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को एक चरण की लिखित परीक्षा (सीबीटी), सीबैट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा। सिंगल स्टेज सीबीटी में अभ्यर्थियों से केवल मैथ्स व रीजनिंग के प्रश्न पूछे जाएंगे। इंग्लिश व जीएस नहीं आएगा। सीबीटी में वैकेंसी से 8 गुना सीबैट के लिए पास किए जाएंगे। सीबीटी में 120 मिनट में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। 60 अंक का एनालिटिकल एंड मैथ्स, 20 अंक का लॉजिकल कैपाबिलिटी, 20 अंक का मेंटल रीजनिंग आएगा। रेलवे में ग्रुप डी के 22000 पदों पर भर्ती के आवेदन 21 जनवरी से, नोटिफिकेशन जारी रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी के 22000 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए 21 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी www.rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। आपको बता दें कि वर्ष 2025 की एनटीपीसी 12वीं लेवल और ग्रेजुएट लेवल की भर्ती निकल चुकी है। एएलपी और टेक्निशियन एवं आइसोलेटेड पोस्ट की भर्तियां भी निकल चुकी है। अब ग्रुप डी की भर्तियों का इंतजार था। लेकिन रेलवे की इस नई 22000 भर्ती से अभ्यर्थी निराश हैं। उनका कहना है कि रेलवे में लेवल-1 के 1.40 लाख से ज्यादा पद खाली हैं तो इतनी कम वैकेंसी क्यों निकाली जा रही है। वैकेंसी बढ़ाने के लिए अभ्यर्थी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार ट्वीट कर अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने वैकेंसी 1 लाख करने की मांग की है। अपडेट कर लें आधार व उनकी डिटेल्स आरआरबी ने शॉर्ट नोटिस में कहा, 'उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन आवेदन भरते समय आधार का उपयोग करके अपने प्राइमरी डिटेल्स सत्यापित करें, ताकि नॉन आधार सत्यापित आवेदनों के लिए भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में विशेष विस्तृत जांच के कारण होने वाली असुविधा और अतिरिक्त देरी से बचा जा सके। आधार का उपयोग करके सफल वेरिफिकेशन के लिए, आधार में नाम और जन्मतिथि को दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में उपलब्ध पूरा नाम और जन्मतिथि के साथ 100% मिलान करने के लिए अपडेट किया जाएगा। इसी तरह ऑनलाइन आवेदन भरने से पहले आधार को नवीनतम फोटो और नवीनतम बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और आईरिस) के साथ अपडेट करना होगा।  

1 जनवरी को खास योग का निर्माण, इन शुभ कार्यों से पूरे साल चमकेगा भाग्य

नया साल 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास शुरुआत के साथ आने वाला है। 1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन कई अत्यंत शुभ योग और ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग बन रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि वर्ष के पहले दिन शुभ कर्म और पूजा-पाठ किए जाएं तो उसका प्रभाव पूरे साल तक बना रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि नए साल 2026 के पहले दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और किन कार्यों को करने से सौभाग्य, सुख और समृद्धि की वर्षा होगी। 1 जनवरी 2026 को बन रहे हैं ये शुभ ज्योतिषीय संयोग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो इसे विशेष रूप से फलदायी बनाते हैं। गुरुवार का दिन: देवगुरु बृहस्पति का वार होने के कारण यह दिन ज्ञान, धन और धर्म के लिए शुभ माना जाता है। गुरु प्रदोष व्रत: नए साल का पहला दिन होने के साथ-साथ इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। रोहिणी नक्षत्र: यह नक्षत्र वृद्धि, समृद्धि और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। रवि योग: यह योग हर कार्य में सफलता और बाधाओं से मुक्ति प्रदान करता है। ग्रहों की विशेष स्थिति: सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र का धनु राशि में गोचर नए अवसर, धन लाभ और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इन सभी संयोगों के कारण नए साल 2026 की शुरुआत अत्यंत शुभ और मंगलकारी मानी जा रही है। नए साल 2026 के पहले दिन करें ये शुभ कार्य यदि आप चाहते हैं कि साल 2026 आपके लिए सुख, सौभाग्य और सफलता लेकर आए, तो 1 जनवरी को इन कार्यों को अवश्य करें— दान-पुण्य करें नए साल के पहले दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन या आवश्यक सामग्री का दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। पूजा-पाठ से करें नए साल की शुरुआत घर में देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। संभव हो तो मंदिर जाकर दर्शन करें। धार्मिक कार्यों से साल की शुरुआत करने से पूरा वर्ष सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है। प्रदोष व्रत में करें भगवान शिव की आराधना 1 जनवरी 2026 को गुरु प्रदोष व्रत होने के कारण भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष फल देती है। शिवलिंग पर जल, दूध चढ़ाएं। बेलपत्र, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। लक्ष्मी-गणेश और विष्णु जी की पूजा नए साल के दिन भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की उपासना अवश्य करें। इससे घर में धन, वैभव, शांति और स्थिरता बनी रहती है। 1 जनवरी 2026 को बनने वाले शुभ योग नए साल को भाग्यवर्धक और मंगलमय बना रहे हैं। यदि इस दिन श्रद्धा और विधि से शुभ कार्य किए जाएं, तो पूरे वर्ष जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता बनी रहती है।