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सुरक्षित आज, सशक्त कल: राजस्थान पुलिस की पहल से छात्राओं को मिले आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के गुर

जयपुर राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में IIS (मानित विश्वविद्यालय) के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ़ गर्ल्स में आयोजित एनएसएस कैंप के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव का सघन प्रशिक्षण दिया गया। डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना सीखें  कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीना ने छात्राओं को व्यावहारिक आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय अपनी शारीरिक क्षमताओं और आस-पास मौजूद संसाधनों का उपयोग कर कैसे सुरक्षित निकला जा सकता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा। ​साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी  वर्तमान दौर में बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए सत्र में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के जोखिम, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और साइबर बुलिंग जैसे खतरों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में राजस्थान पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं और राजकोप सिटीजन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश  इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवतियों की सुरक्षा केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।   जिज्ञासाओं का समाधान और सकारात्मक पहल  कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने सुरक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कॉलेज प्रशासन और एनएसएस इकाई ने राजस्थान पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल बताया।  

‘टेस्ट में व्यस्त हैं जायसवाल’ – टी-20 वर्ल्ड कप चयन को लेकर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

नई दिल्ली  साल 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली है। इसको लेकर अब पूर्व क्रिकेटर और जाने माने कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय दी है। आकाश चोपड़ा ने टी-20 वर्ल्ड कप टीम में जायसवाल को चयनित ना किए जाने को गलत बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट का स्टैंडर्ड भले ही काफी हाई हो, लेकिन विश्व कप की टीम में होना और विश्व कप खेलना अपने आप में बड़ी अहमियत रखता है। चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल को टीम में ना चुने जाने को लेकर कहा कि उन्हें टेस्ट खेलने की सजा मिली है। उनका कहना है कि अगर जायसवाल टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो वर्ल्ड कप की टीम में होते। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल के हैश टैग आकाशवाणी प्रोग्राम में यशस्वी जायसवाल के टी-20 वर्ल्ड कप टीम में चयनित ना होने को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि, "देखिए यशस्वी के साथ तो ऐसा प्रतीत होता है कि गलत ही हुआ है। 2024 की विश्व कप टीम में जो था, उसके बाद उसने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन टीम में नहीं है। ऐसा लगता है कि यशस्वी आउट ऑफ फेवर हैं। ना वो एशिया कप की टीम में था, ना विश्व कप की टीम में है। वास्तव में उन्हें सभी फॉर्मेट क्रिकेट खेलने का इनाम नहीं मिला है।" आकाश चोपड़ा कहते हैं कि "हकीकत तो यह है कि यशस्वी जायसवाल को टेस्ट क्रिकेट खेलने का नुकसान हुआ है। जायसवाल अगर टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो टी-20 की टीम में होते। वर्ल्ड कप खेल रहे होते। टेस्ट क्रिकेट ग्रेट है, लेकिन वर्ल्ड कप की अहमियत ज्यादा है।" बता दें कि बीते दिनों जब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम के लिए भारतीय स्क्वॉड का ऐलान हुआ तो जायसवाल को ना चुने जाने को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी नाराजगी देखी गई। जायसवाल का टी-20 रिकॉर्ड काफी बेहतर है। उन्होंने साल 2023 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से अब वे 23 टी-20 मैच खेले हैं, जिसकी 22 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 36.15 की औसत और 164.31 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ कुल 723 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं।  

ED की रडार पर भूमाफिया रिजवान उर्फ राजा, टॉप-10 सूची में सबसे ऊपर, सरकार ने कसा शिकंजा

दरभंगा बिहार में नई सरकार के गठन के बाद भूमाफिया और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा जिन टॉप–10 भू माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की सूची प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजी गई है, उसमें दरभंगा के रिजवान उर्फ राजा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के मोदामपुर एकमीघाट निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ राजा को प्रदेश का बड़ा भूमाफिया माना जा रहा है। वह फिलहाल पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है। रिजवान पर जमीन के अवैध कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े करीब 32 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि रिजवान ने अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से आलीशान मकान बनवाया है, जहां उसने अपने नाम के साथ जदयू के तीर निशान वाली बड़ी तस्वीर भी लगवा रखी है। इस मामले को लेकर इलाके में काफी चर्चा है। पीड़ित व्यवसायी ने लगाए गंभीर आरोप दरभंगा के बड़े व्यवसायी दिनेश दारुका ने सामने आकर रिजवान उर्फ राजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, एक जमीन के सौदे में उन्होंने 60 लाख रुपये दिए थे, जबकि उस जमीन का कुल सौदा 5 करोड़ 60 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद उसी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति से भी 1 करोड़ 40 लाख रुपये लिए गए। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। सरकार द्वारा संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पीड़ितों में यह उम्मीद जगी है कि अदालत के फैसले के बाद उन्हें उनका पैसा वापस मिल सकता है। आरोपी के भाई ने आरोपों को बताया साजिश आरोपी के भाई शम्स तबरेज ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिजवान के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जो संपत्तियां दिखाई जा रही हैं, वे पूर्वजों की हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रिजवान उर्फ राजा जमीन के कारोबार में सक्रिय था, लेकिन उनका कहना है कि साफ-सुथरे कारोबार में भी कई बार झूठे आरोप लग जाते हैं। शम्स तबरेज ने कई मामलों को साजिश करार दिया। फिलहाल, राज्य सरकार की सख्ती और ED को भेजी गई सूची के बाद दरभंगा समेत पूरे बिहार में भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर माहौल गरमाया हुआ है।  

ग्वालियर में निवेश का बड़ा दिन: अमित शाह ने ₹2 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन-लोकार्पण किया

ग्वालियर  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट निवेश से रोजगार’ का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने अटल जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यकम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने करीब 2 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 1.93 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। समिट के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर मेले का उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय के नवीनीकरण कार्य को भी जनता को समर्पित किया। अधिकारियों के अनुसार समिट में करीब 25 हजार लाभार्थी तथा हजारों उद्यमी और निवेशक भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना है।  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी ग्रोथ समिट में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर व्यापार मेले और अटल म्यूजियम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच से 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इसमें 1655 औद्योगिक इकाइयां है। इस मौके पर अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजा साहब कहकर संबोधित किया। मंच से यह सुनकर पब्लिक ने खूब तालियां बजाई। आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है। यही वह भूमि है जहां तानसेन का जन्म हुआ और ग्वालियर घराने के अनेक महान संगीतकारों ने अपनी साधना की। उन्होंने कहा कि इसी भूमि ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता को देश को दिया। यहीं से निकलकर अटल जी ने संघर्ष किया और आज पूरा देश उन्हें लाड़ करता है। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है। अटल जी से पहले आदिवासियों के लिए न तो कोई ठोस योजना थी और न ही कोई अलग विभाग, जिससे उनके विकास और उत्थान का कार्य हो सके। अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग आदिवासी विभाग का गठन किया और उनके अधिकारों को मजबूती दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ग्रोथ समिट भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित की गई है। समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। राज्य सरकार के अनुसार यह ग्रोथ समिट केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने का समग्र विजन प्रस्तुत किया गया है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ देश और दुनिया के सामने रखा जा रहा है। ग्रॉथ समिट में देश के प्रमुख उद्योगपति ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह शामिल हैं। गृहमंत्री के कार्यक्रम के चलते शहर में 17 घंटे हाई अलर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा के कारण शहर 17 घंटे हाई अलर्ट पर है। जिन स्थानों पर गृहमंत्री का कार्यक्रम है, वहां सुरक्षा के खास प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इन मार्गों पर कोई भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा।  

‘सुशासन दिवस’ पर मध्यप्रदेश पुलिस की अभिनव पहल

ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था से सायबर अपराध पर कसेगा शिकंजा ‘सुशासन दिवस’ पर मध्यप्रदेश पुलिस की अभिनव पहल डिजिटल युग में न्याय प्रक्रिया को मिली गति भोपाल पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाए जाने की परंपरा के अनुरूप, मध्यप्रदेश पुलिस ने सुशासन को सशक्त करने की दिशा में नवाचार के रूप में ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था प्रारंभ की है। यह व्यवस्था 01 लाख रुपये से अधिक की सायबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लागू की गई है। ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सायबर सुरक्षित भारत’ विज़न के अनुरूप है, जिसका उल्लेख उन्होंने अक्टूबर 2024 में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देशभर में सायबर अपराध से निपटने के लिये ऐतिहासिक एवं तकनीक-आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के क्रियान्वयन से यह स्पष्ट होता है कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को तेज और आम नागरिकों के लिए अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है। मध्यप्रदेश में लागू यह प्रणाली पुलिस को अपराधियों से एक कदम आगे रखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। प्रदेश में बढ़ते सायबर अपराधों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तकनीक के दुरुपयोग से जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिस प्रकार स्वच्छता को हमने अपनी संस्कृति बनाया है, उसी प्रकार सायबर स्वच्छता को भी जन-आंदोलन बनाना होगा। प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था का संचालन पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साई मनोहर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस को अधिक तेज, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाना है। सायबर वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी प्रहार सायबर वित्तीय धोखाधड़ी आज पुलिस के समक्ष एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। कई बार पीड़ित की जीवनभर की कमाई कुछ ही क्षणों में अपराधियों के हाथों में चली जाती है, जिससे वह स्वयं को असहाय महसूस करता है। इसी पीड़ा को समझते हुए गृह मंत्रालय द्वारा ‘ई-जीरो एफआईआर’ की अवधारणा लागू की गई है, ताकि तकनीक को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी हथियार बनाया जा सके। कानूनी आधार : BNSS और डिजिटल परिवर्तन जुलाई 2024 से लागू हुए नए आपराधिक कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (बीएनएसएस) नागरिक-केंद्रित हैं। इनका मूल उद्देश्य ‘दंड नहीं, बल्कि न्याय’ पर फोकस रहना है। बीएनएसएस की धारा 173 के अंतर्गत ‘जीरो एफआईआर’ को कानूनी मान्यता प्रदान की गई है, जिससे नागरिक देश में कहीं से भी, किसी भी क्षेत्राधिकार में घटित अपराध के लिए, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ई-जीरो एफआईआर: एक क्रांतिकारी व्यवस्था ‘ई-जीरो एफआईआर’ सायबर वित्तीय धोखाधड़ी—विशेषकर ₹1 लाख से अधिक की हानि के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को अत्यंत तेज बनाती है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्राधिकार संबंधी बाधाओं को समाप्त कर जांच प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करना है। यह प्रणाली तीन प्रमुख डिजिटल मंचों का एकीकरण करती है। नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), I4सी (भारतीय सायबर अपराध समन्वय केंद्र) और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस)। ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण की 5-चरणीय प्रक्रिया शिकायत दर्ज करना – पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत करता है। ₹1 लाख से अधिक की धोखाधड़ी होने पर डेटा सीधे भोपाल स्थित केंद्रीय सायबर पुलिस हब को भेजा जाता है। ऑटोमैटिक जनरेशन – सीसीटीएनएस सर्वर के माध्यम से शिकायत स्वतः ‘ई-जीरो एफआईआर’ में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ित को तुरंत ‘ई-जीरो एफआईआर’ नंबर उपलब्ध कराया दिया जाता है। समीक्षा एवं हस्तांतरण – राज्य स्तरीय सायबर पुलिस स्टेशन द्वारा समीक्षा कर प्रकरण संबंधित क्षेत्रीय पुलिस स्टेशन को भेजा जाता है। नियमित एफआईआर में परिवर्तन – शिकायतकर्ता को 3 दिन के अंदर नजदीकी सायबर पुलिस स्टेशन में ‘ई-जीरो एफआईआर’ को नियमित एफआईआर में परिवर्तित कराना होता है। सायबर अपराध में ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व सायबर अपराध में धोखाधड़ी के बाद के पहले 2 घंटे को ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है। यदि पीड़ित तुरंत 1930 पर संपर्क करता है, तो I4C एवं बैंकों के सहयोग से अपराधी के खाते में राशि पहुंचने से पहले ही उसे फ्रीज किया जा सकता है। ई-जीरो एफआईआर के माध्यम से आईपी लॉग, ट्रांजैक्शन आईडी जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य तत्काल और कानूनी रूप से सुरक्षित किए जाते हैं। ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था के प्रमुख लाभ ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था देश में कहीं से भी कहीं भी हुई सायबर या वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराती है। इससे क्षेत्राधिकार संबंधी बाधाओं से मुक्ति मिलती है, केस की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलती है, शीघ्र एफआईआर से बैंकिंग चैनल सक्रिय, हो जाते हैं, राशि वापसी की संभावना अधिक हो जाती है साथ ही पोर्टल पर सीधे स्क्रीनशॉट और रसीदें अपलोड करने की सुविधा मिलने से आवश्यक दस्तावेज हमेशा उपलब्ध बने रहते हैं।  

सेहत का सुधार: पंजाब सरकार ने 4 बड़े मेडिकल कॉलेजों में किया ₹69 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए।  भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को विश्व भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य समयबद्ध एवं उचित तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्व स्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं और आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं।  भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों का काया-कल्प करने का एकमात्र उद्देश्य लोगों की मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख कॉलेजों में मानक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से आम आदमी की भलाई सुनिश्चित होगी। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार इस जनकल्याणकारी कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

51 कलश सिर पर लेकर चलीं महिलाएं, जमकर थिरकें श्रद्धालु

भोपाल  संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का राजधानी के हिनोतिया क्षेत्र में आज शुभारंभ हो गया। कथा से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिला श्रद्धालु51 कलश सिर पर लेकर चलीं। वहीं यात्रा में डीजे की धुन पर श्रद्धालु जमकर थिरके। इस दौरान मंत्री विश्वास सारंग भी यात्रा में शामिल हुए। इस सात दिवसीय आयोजन में व्यास पं. देवेंद्र चतुर्वेदी शास्त्री प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक कथा का वाचन करेंगे। आज शुक्रवार को शुकदेव जन्मकुंती एवं भीष्म स्तुति का प्रसंग कथा व्यास सुनाएंगे।

क्या RLM में बढ़ रही है टूट? तीन विधायकों की नितिन नवीन से मुलाकात, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से अलग राह

पटना  बिहार की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों ने दिल्ली जाकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की तो दूसरी ओर अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की लिट्टी चोखा पार्टी से किनारा कर लिया। पहले भी रालोमो के भीतर खटपट की खबरें आ चुकी हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से हर बार एकजुटता का दावा और किसी की नाराजगी से इनकार किया जाता रहा है। उपेंद्र कुशवाहा पर बेटे दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लड़ाए मंत्री बनाने से परिवारवाद के आरोप लग रहे हैं।   बुधवार की शाम पटना में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर लिट्टी चोखा पार्टी का आयोजन किया गया। इसमें मीडिया जगत और राजनीति की कई हस्तियो ने शिरकत की और लिट्टी चोखा का आनंद लिया। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह इस पार्टी में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर चर्चा का बाजार गर्म रहा पर आधिकारिक रूप से ना किसी ने सवाल पूछा और ना कोई जवाब आया। गुरुवार को अचानक सियासत तब सुलग गई जब माधव आनंद के फेसबुक पर कुछ खास तस्वीरें शेयर की गईं। रालोमो के तीनों विधायक दिल्ली में थे। वे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ दिखे। इन विधायकों ने नितिन नवीन से ना सिर्फ मुलाकात की बल्कि तस्वीरें शेयर कर देश को इसकी जानकारी भी दी। फेसबुक पोस्ट में माधव आनंद ने लिखा- "आज भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय श्री नितिन नवीन जी से उनके पदभार ग्रहण के उपरांत औपचारिक एवं शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर बाजपट्टी विधानसभा के माननीय विधायक श्री रामेश्वर महतो जी, दिनारा विधानसभा से माननीय विधायक श्री आलोक सिंह जी भी उपस्थित रहे। हम सभी ने उनके नए दायित्व के सफल एवं प्रभावी निर्वहन हेतु शुभेच्छाएँ व्यक्त कीं।" रामेश्वर महतो भी कर चुके हैं फेसबुक पोस्ट रालोमो के चार विधायक हैं जिनमें एक कुशवाहा की पत्नी हैं। एक साथ तीन विधायकों की गैरहाजिरी रही। सोशल मीडिया पोस्ट बहुत सामान्य है पर इसकी टाइमिंग को लेकर बड़े कयास लगाए जा रहे हैं। परिवारवाद का आरोप झेल रहे उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में ऑल इज वेल है या खटपट, यह सवाल सियासी गलियारे में हिलोरें ले रहा है। इससे पहले विधायक रामेश्वर महतो भी फेसबुक पर अपने दिल की बात बता चुके हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर शीर्ष नेतृत्व की नीयत और नीति पर सवाल उठाया था।  

डोबड़ा बना ग्राम पंचायत, विकास की नई शुरुआत; मंत्री मदन दिलावर का ऐतिहासिक स्वागत, 51 फीट साफा बना आकर्षण

कोटा राजस्थान की भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकास रथ लेकर गांव-गांव घूम रहे मदन दिलावर ने आज रथ यात्रा के कारवें की शुरुआत नवगठित ग्राम पंचायत डोबड़ा से की | ग्राम पंचायत बनने के बाद पहली बार डोबड़ा गांव पहुंचे शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का ग्राम वासियों ने जबरदस्त स्वागत किया| ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा कर पूरे गांव में दिलावर के विकास रथ को घुमाया गया| सभा स्थल पर पहुंचने पर मंच पर ग्रामीणों ने 51 फीट लंबा साफा पहनकर दिलावर के प्रति कृतज्ञ और आभार प्रकट किया| गांव के युवाओं की ओर से दिलावर को 51 किलो पुष्प से बना भारी भरकम हार पहनाया गया|  कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा से की मुलाकात है इसी गांव के रहने वाले हैं ने डोबड़ा गांव को ग्राम पंचायत बनाए जाने पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कि हमारे विधायक और राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री के कारण ही ग्राम डोबड़ा आज पंचायत बन गया है| हम सब इस गांव के निवासी मदन दिलावर के सदैव ऋणी रहेंगे| भाजपा नेता मोतीलाल मीणा ने एक-एक कर मदन दिलावर द्वारा दो वर्षों में गांव के विकास के लिए कराए गए कामों को गिनाया| मोतीलाल मीणा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गांव से हमेशा भारतीय जनता पार्टी चुनाव हारती है उसके बावजूद विधायक और सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने जितना दिल खोलकर विकास का काम किया है उतना कोई नेता नहीं कर सकता| गांव के लोगों को यह सोचना चाहिए केवल बीजेपी के नेता और सरकार ही है जो लगातार उनका भला कर रही है| शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि डोबड़ा वासियों को बधाई देता हूं अब आपका गांव ग्राम पंचायत बन गया है| अब आपको अपने कामों के लिए ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी नहीं जाना पड़ेगा| सरपंच भी आपका अपना होगा और विकास अधिकारी भी अब यही बैठेगा तो आपके सारे काम यही गांव में ही हो जाएंगे| मदन दिलावर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आपकी ग्राम पंचायत में 750 परिवारों को निःशुल्क खाद्य सुरक्षा योजना का गेहूं देते हैं और 850 लोगों को 1250 रूपये पेंशन हर महीने मिलती है| मदन दिलावर ने कालिया खेड़ी से डोबड़ा तक सड़क निर्माण से लेकर गांव में इंटरलॉकिंग, श्मशान घाट का विकास, स्कूल में मरम्मत के कार्य,सामुदायिक भवन में निर्माण सहित 2 वर्षों में गांव में कराए गए विकास कार्यों की सूची बताई| विकास रथ यात्रा के साथ भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा,कोटा जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, मंडाना मंडल भाजपा अध्यक्ष नंदलाल मेघवाल, युवा मोर्चा के देहात जिला अध्यक्ष युधिष्ठिर खटाना, ग्राम पंचायत कालिया खेड़ी की सरपंच बजरंगी भाई मीणा,पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश हाडा पूर्व मंडल अध्यक्ष हुकम चंद शर्मा,पूर्व मंडल महामंत्री तेजस शर्मा, दरा के सरपंच रामगोपाल सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता और नेता शामिल थे |

वनडे क्रिकेट में जो रूट का दबदबा: सबसे ज्यादा रन, रोहित-कोहली की भी टॉप-10 में एंट्री

नई दिल्ली  आईसीसी रैंकिंग्स में जो रूट दुनिया के नंबर वन टेस्ट बल्लेबाज हैं। वे लंबे समय से इस पोजीशन पर बने हुए हैं। हालांकि, साल 2025 जो रूट के लिए टेस्ट में नहीं बल्कि वनडे क्रिकेट में शानदार गुजरा है। जो रूट साल 2025 में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सामान्य तौर पर रूट के बारे में यह माना जाता है कि वे क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा है। जो रूट ने साल 2025 में कुल 15 वनडे मैच खेले, जिसकी सभी 15 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 57.71 की शानदार औसत के साथ 808 रन बनाए हैं। इस साल उनके बल्ले से वनडे क्रिकेट में 3 शतक और 4 अर्धशतक निकले हैं। जो रूट के बाद डैरिल मिचेल नंबर दो पर हैं। मिचेल ने 17 वनडे मैचों की 16 पारियों में 54.35 की औसत से 761 रन बनाए हैं। तीसरे स्थान पर स्कॉटलैंड के बल्लेबाज जॉर्ज मुन्से हैं, जिन्होंने 73.50 की शानदार औसत से 11 वनडे मैचों की 11 पारियों में 735 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के मैथ्यू ब्रीट्जके(706), वेस्टइंडीज के साई होप (670), पाकिस्तान के सलमान अली आगा (667) और अमेरिका के मिलिंद कुमार (652) क्रमश: चौथे, पांचवें, छठे और सातवें स्थान पर हैं। साल 2025 में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम भी टॉप-10 में शामिल हैं। विराट कोहली इस सूची में 8वें स्थान पर हैं, वहीं रोहित शर्मा 9वें नंबर पर मौजूद हैं। बता दें कि विराट कोहली ने साल 2025 में कुल 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसकी सभी 13 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 65.10 की औसत से 651 रन बनाए हैं। रोहित शर्मा के लिए भी यह साल अच्छा गुजरा है। उन्होंने 2025 में कुल 14 वनडे पारियों में बल्लेबाजी की है, जिसमें 50.00 की औसत से 650 रन बनाए हैं। विराट कोहली ने 2025 में वनडे में 3 शतक और 4 अर्धशतक जड़े हैं, वहीं रोहित शर्मा के नाम 2 शतक और 2 अर्धशतक हैं। वनडे में इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में 10वें नंबर पर न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र हैं। उन्होंने इस साल 14 मैचों में 604 रन बनाए हैं। इस दौरान रवींद्र की औसत 43.14 की रही है।