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29 दिसंबर का भविष्यफल: सभी 12 राशियों के लिए क्या कहता है सितारों का हाल

मेष राशि 29 दिसंबर का दिन आपके लिए आज महत्वपूर्ण है, जो सपनों और रियल्टी के बीच एक अच्छे बैलेंस को मोटिवेट करता है। ब्रह्मांडीय वाइब पर्सनल ग्रोथ को सपोर्ट करता है, मोटिवेट करता है। रिलेशन, करियर और वित्तीय मामले से जुड़े डिसीजन पार्टनरशिप और धैर्य के साथ लिए जाने चाहिए। वृषभ राशि 29 दिसंबर के दिन अपने टास्क को प्राथमिकता दें, अपने समय को अच्छे से मैनेज करें और सकारात्मक दृष्टिकोण रखें। आपका पॉजिटिव एटिट्यूड आखिर तक महत्वपूर्ण उपलब्धियों का मार्ग प्रशस्त करेगा। याद रखें कि हर चुनौती सीखने का अवसर प्रदान करती है। मिथुन राशि 29 दिसंबर के दिन की चुनौतियां विकास की सीढ़ियां बन रही हैं, सफलता का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। नेचुरल स्वभाव की ओर झुकाव के लिए एक उत्कृष्ट दिन है। ग्रह इस तरह से संरेखित हो रहे हैं, जिससे दूसरों के साथ गहरे संबंध और विकास का मौका मिल सकता है। कर्क राशि 29 दिसंबर के दिन आप चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम होंगे। अपने आप पर बहुत ज्यादा प्रेशर डालने से बचें और टास्क को कंप्लीट करने में अपना समय लें। लाइफ और वर्क के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है। सिंह राशि 29 दिसंबर के दिन अपनी भावनाओं पर भरोसा रखें और अपनी बातचीत में गहरे अर्थ खोजने की कोशिश करें। परिवर्तन जल्द हो सकता है, लेकिन आपका इंट्यूशनआपको आसानी से आगे बढ़ने में मदद करेगा। कन्या राशि 29 दिसंबर के दिन अपनी एनर्जी को सही जगह इस्तेमाल करें। आज अपने शरीर और दिमाग की आवश्यकता को सुनना महत्वपूर्ण है। आज आप पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को लेकर थोड़ा परेशान हो सकते हैं। आराम करें क्योंकि बॉडी को इसकी जरूरत है। तुला राशि 29 दिसंबर के दिन अपने चेहरे पर मुस्कान रखें क्योंकि यह आपके कॉन्फिडेंस को दर्शाता है। आज प्यार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए शांत रहें। कार्यालय में आपकी उत्पादकता हाई रहेगी। आज स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन दोनों उत्तम रहेगा। वृश्चिक राशि 29 दिसंबर के दिन स्वास्थ्य उत्तम रहेगा लेकिन भारी वस्तुएं उठाने से बचें। आज के डिजिटल युग में अपनी पर्सनल जानकारी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सिक्युरिटी को प्राथमिकता देना आवश्यक है। पैसे की कोई कमी नहीं रहेगी। धनु राशि 29 दिसंबर के दिन आप सोच-समझकर इनवेस्टमेंट करने के लिए जरूरी डीसीजन ले सकते हैं। चुनौतियां जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उनसे पार पाना जानते हैं। आज अपने प्रोफेशनल रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए मुद्दों की जांच करें। मकर राशि 29 दिसंबर के दिन विश्वास रखें कि मुश्किल घड़ी बीत जाएगी और परिणाम स्वरूप आपका रिश्ता और भी मजबूत हो जाएगा। अपनी प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दें। आज पैसों को मैनेज समझदारी से करें। अपने प्रेम संबंधी मुद्दों और दफ्तर की दिक्कतों को आज सावधानी से संभालें। कुंभ राशि 29 दिसंबर के दिन ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास करें। मुद्दों का सामना करने में जल्दबाजी करने के बजाय, एक कदम पीछे हटें और भावनाओं को शांत होने का समय दें। मीन राशि 29 दिसंबर का दिन आपको मानसिक और शारीरिक भलाई के बीच संतुलन के महत्व की याद दिला रहा है। किसी वित्तीय सलाहकार से बात-चीत करने का भी यह अच्छा समय हो सकता है। अपने सिनीयर्स के साथ करियर के बारे में बातचीत शुरू करने का भी यह एक उत्कृष्ट समय है।

पटना साहिब में गुरु गोविंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व, CM नीतीश कुमार ने की अरदास

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाश पर्व पर तख्त श्रीहरिमंदिर जी परिसर, पटना साहिब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री ने तख्त श्रीहरिमंदिर जी, पटना साहिब में मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आये जत्थेदारों, हरिमंदिर जी प्रबंधक कमिटी के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री को तलवार, अंगवस्त्र, सरोपा एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाल लीला मैणी संगत जाकर वहां भी मत्था टेका और राज्य के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, विधायक रत्नेश कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रमण्डल के आयुक्त अनिमेष परासर, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारीगण, गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी के सदस्यगण, सिख संगत, सेवादार एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

साइबर वार का आरोप: हंडाला हैकर्स बोले—नेतन्याहू के शीर्ष सहयोगी का डेटा लीक, इजरायल ने नकारा

नई दिल्ली ईरान से जुड़े हैक्टिविस्ट ग्रुप 'हंडाला हैकिंग टीम' ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी शीर्ष सहयोगी जाची ब्रेवरमैन का फोन हैक कर कई डिटेल्स लीक कर दिए।  इजरायल के मुताबिक इस ग्रुप का संबंध ईरान से है, और ये वही ग्रुप है जिसने पिछले हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के फोन में सेंध लगाई थी और दावा किया है कि वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ, जाची ब्रेवरमैन का फोन भी हैक करने में कामयाब रहे। ग्रुप का कहना है कि उसे जाची ब्रेवरमैन के इस्तेमाल किए गए आईफोन 16 प्रो मैक्स का लंबे समय तक एक्सेस मिला। ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे मैसेज में, हैकर्स ने दावा किया कि उनके पास डिवाइस से ली गई फाइलें, प्राइवेट चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो मटीरियल हैं, और उन्होंने कंटेंट को अलग-अलग हिस्सों में पब्लिश करने की धमकी दी। हंडाला हैकर्स का कहना है कि वे फिर नई जानकारी जारी करेंगे जो ब्रेवरमैन को कतरगेट स्कैंडल से जोड़ती है। वहीं, यरूशलम पोस्ट ने पीएमओ के हवाले से कहा कि “ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।” नेतन्याहू के दो सलाहकारों पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के यहां काम करते हुए कतर की तरफ से परसेप्शन पीआर फर्म के लिए काम किया, जिसके हेड नेतन्याहू के पूर्व कैंपेन मैनेजर यिसरायल आइन्हॉर्न हैं। फेल्डस्टीन ने दावा किया कि ब्रेवरमैन को लीक की गई एक सीक्रेट आईडीएफ जांच के बारे में पता चला और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसे रद्द किया जा सकता है। ब्रेवरमैन को यूके में इजरायल का राजदूत बनना है, लेकिन आरोप की वजह से नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। ब्रेवरमैन और नेतन्याहू दोनों ने घोटालों में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। बता दें, करीब दो हफ्ते पहले, इसी ग्रुप ने दावा किया था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट का टेलीग्राम अकाउंट हैक कर लिया था। बेनेट के ऑफिस ने शुरू में इस रिपोर्ट से इनकार किया, लेकिन हैकर्स ने बाद में डॉक्यूमेंट्स, इमेज और बड़ी कॉन्टैक्ट लिस्ट जारी कर दीं। बेनेट ने बाद में माना कि उनके टेलीग्राम अकाउंट में सच में सेंध लगी थी।

सुरक्षा बलों की गहन कार्रवाई से आतंकियों को करारा जवाब, भारत का सम्मान बढ़ा: अमित शाह

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के दृढ़ निर्देश के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का 5वां आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान एनआईए ने शनिवार को भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया और देश के आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधन में राज्यों को भारत की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकसमान आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) संरचना को शीघ्रता से लागू करने का निर्देश दिया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मजबूत, एकसमान और सुसंगत परिचालन क्षमता के बिना हम खुफिया जानकारी का उचित उपयोग और प्रभावी समन्वित जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकते। अमित शाह ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले पर हुए आतंकी हमलों में विभिन्न एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों की सफल कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में इन एजेंसियों की गहन कार्रवाई ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस जघन्य हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ट्रैक करके मार गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकी कृत्य की योजना बनाने वालों को सजा दी और 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस दोहरी कार्रवाई को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के खिलाफ भारत सरकार, भारत के सुरक्षा बलों और भारत की जनता की ओर से एक मजबूत और निर्णायक जवाब बताया। अमित शाह ने लगातार बदलती प्रौद्योगिकी और आतंकी परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों से साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध के प्रति सतर्कता, बहु-सुरक्षा स्तर और खुफिया जानकारी के निर्बाध प्रवाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने का एक साधन है, चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद हो या साइबर आतंकवाद। उन्होंने देश के सामने मौजूद विभिन्न खतरों, विशेष रूप से कट्टरता, भर्ती और कमजोर युवाओं के शोषण से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। 

बड़वानी में पतंग उड़ाने पर हिंसा, दो समुदाय आमने-सामने, 50 से अधिक पर केस

राजपुर/बड़वानी बड़वानी जिले के राजपुर में पतंग को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार रात्रि दो पक्षों में पथराव के बाद अतिररिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा है। पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि शनिवार शाम पतंग उड़ा रहे दो समुदाय के बच्चों के बीच विवाद हो गया। मारपीट के चलते एक पक्ष की शिकायत पर दूसरे पक्ष के तीन लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एक को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया पुलिस अधीक्षक जगदीश डाबर ने बताया कि रात में एक पक्ष दूसरे पक्ष के मोहल्ले में घुस गया और उसने जमकर पथराव कर दिया। दूसरे पक्ष ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप पथराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के चलते विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को राजपुर में तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि घटना के चलते कुछ लोग घायल हुए हैं और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पथराव की घटना के चलते वहां आयोजित किए जा रहे मेले में भी भगदड़ मच गई, हालांकि किसी जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।   50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज बड़वानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर करीब 50 लोगों के विरुद्ध मारपीट, पथराव और बलवा की धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर राजपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है। पथराव की घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। राजपुर के थाना प्रभारी विक्रम सिंह बामनिया ने बताया कि रविवार को भी पुलिस द्वारा निगरानी की गई। फिलहाल स्थिति सामान्य व शांतिपूर्ण है।

बिहार भूमि पोर्टल पर बड़ा बदलाव: पारिवारिक जमीन का दाखिल-खारिज होगा एक साथ

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कहा कि पारिवारिक भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को सरल, आसान और विवाद मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था आज से बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश सिन्हा ने आज आवासीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बंटवारा दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे अब एक ही आवेदन के माध्यम से परिवार के सभी हिस्सेदारों के नाम उनके हिस्से की भूमि पर जमाबंदी कायम हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था में पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग दाखिल-खारिज कराना पड़ता था, जिससे लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि निर्देशों के आलोक में प्रधान सचिव सी. के. अनिल के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अल्प समय में नई व्यवस्था विकसित की, जिसे अब बिहार भूमि पोटर्ल की दाखिल-खारिज सेवा के अंतर्गत लागू कर दिया गया है। इससे आम रैयतों को काफी सहूलियत मिलेगी। जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं उपमुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की भूमि का विधिवत बंटवारा कर डिजिटल माध्यम से अपने हिस्से की जमीन की जमाबंदी अपने नाम से अवश्य कराएं।उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों से आग्रह किया, जिनके यहां अब तक मौखिक बंटवारा के आधार पर जमीन पर कब्जा और उपयोग हो रहा है, वे इस नई सुविधा का लाभ उठाकर मौखिक बंटवारे को अपने सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मौखिक बंटवारा आगे चलकर पारिवारिक भूमि विवाद का कारण बनता है और ऐसे मामलों में लोग कई सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। सिन्हा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उत्तराधिकार-सह-बंटवारा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके अंतर्गत पूर्वज की मृत्यु के बाद उनकी भूमि का बंटवारा करते हुए सभी उत्तराधिकारियों के नाम उनके हिस्से की जमीन पर अलग-अलग जमाबंदी एक साथ की जा सकेगी। राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख से अधिक आवेदन विजय सिन्हा ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में चलाए गए राजस्व महा-अभियान के दौरान 46 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। उनमें से 40 लाख से अधिक आवेदन बंटवारा एवं उत्तराधिकार नामांतरण से अधिक थे। इन आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड कर लिया जाएगा तथा जनवरी से मार्च के बीच पुन: पंचायतों में ही शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को भूमि से संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने के उद्देश्य से ही भूमि सुधार जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। इस संवाद के माध्यम आमलोगों की परेशानियों को जिलों में जाकर समझने और समय सीमा में लोगों की समस्या का समाधान करना सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह पहल भूमि प्रशासन को पारदर्शी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

HIV मामले में सतना में हाई वोल्टेज ड्रामा, जांच के दौरान अधिकारियों से तीखी बहस

सतना रविवार को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो व जिला प्रशासनिक अधिकारियों की बहस हो गई, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रिंयक कानूनगो ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जिला प्रशासन द्वारा मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाने का पोस्ट वायरल कर दिया। दरअसल मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो शहर के सिटी एसडीएम व प्रभारी सीएमएचओ पर इसलिए भडक़ उठे, क्योंकि एचआईवी कांड के पीडि़त अपने स्वजनों के साथ सुबह सात बजे सर्किट हाऊस में मौजूद नहीं दिखे। लिहाजा मानवाधिकार आयोग के सदस्य सिटी एसडीएम व सीएमएचओ के ऊपर बरस पड़े और कहा उन्हें यहां स्वयं जाकर नहीं ला सकते थे। जबकि उन्हें सीएमएचओ डॉक्टर मनोज शुक्ला द्वारा यह बताया भी गया कि पीडि़त के स्वजनों ग्रामीण इलाकों में निवासरत होने की वजह से सुबह सात बजे सर्किट हाऊस आने से इंकार करते हुए दस बजे के बाद आने को तैयार थे। बावजूद इसके प्रियंका कानूनगो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।   रात नौ बजे मैसेज के जरिए बताई मिलने की इच्छा जिला प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की यात्रा पर निकले मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अपने कटनी प्रवास के दौरान करीब रात नौ बजे सिटी एसडीएम को मैसेज के जरिए यह बताया कि उन्हें सर्किट हाऊस पर सुबह सात बजे एचआईवी ब्लड चढ़ाने वाले मामले में पीडि़तों से मुलाकात करनी है। लेकिन जब सुबह पीडि़त सर्किट हाऊस पर नहीं मिले तो वह प्रशासनिक अधिकारियों पर भडक़ उठें, जिस पर सिटी एसडीएम द्वारा बताया गया कि परिवार सुबह आने में असमर्थता बता रहे थे, लिहाजा उनके घर जाकर मिला जा सकता है। प्रियंक कानूनगो को सुबह आठ बजे दीनदयाल शोध संस्थान में आयोजित मानवाधिकार पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होने जाना था इसलिए मामले को दबाने के आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य चित्रकूट के लिए रवाना हो गए। मिलने का नहीं था कोई प्रोग्राम प्रियंक कानूनगो का HIV पीड़ितों से मिलने जाने का कोई प्रोग्राम नहीं था और न ऐसा कोई कार्यक्रम जारी था। लिहाज अब यह बात होने लगी है कि क्या वह पीड़ित बच्चों के परिजन ऐसे मिलने नहीं जा सकते थे। वास्तविकता में मानवाधिकार आयोग की टीम पीड़ितों के बयान लेने 29 को आ रही है। प्रमुख सवाल -क्या इस प्रकार उन्हें सार्वजनिक रुप से सर्किट हाऊस बुलाना उनकी पहचान उजागर करने जैसा नहीं? -क्या बिना पूर्व सूचना के पीडि़त को इस प्रकार बयान के लिए बुलाया जा सकता है? -बिना जांच टीम में शामिल बिना ऑफिशियल मानवधिकार आयोग के सदस्य इस प्रकार पीडि़तों के बयान दर्ज कर सकते है? हमे रात में यह सूचना मिलाी की उन्हें सुबह सात बजे पीडितों व उनके स्वजनों से मिलना है, लेकिन पीडितों के स्वजन इतना सुबह मिलने को तैयार नहीं थे। हालंकि उनके अधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में इस बात का उल्लेख नहीं था- राहुल सिलाढिया, सिटी एसडीएम।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 3.77 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को अंतरित की 810 करोड़ रुपए भावांतर राशि

प्रदेश के हर युवा को रोजगार दिलाएगी सरकार विकास का कारवां यूं हीं चलता रहेगा – हमने जो कहा, वो करके भी दिखाया जावरा में बनेगा आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम, वन स्टॉप सेंटर भी बनाया जाएगा जावरा में हेरिटेज भवन निर्माण और स्कूल मरम्मत के लिए दिए जाएंगे 2-2 करोड़ रुपए ग्राम शुजापुर और पिपलौदा में बनेगा बालिका छात्रावास 145 करोड़ की लागत वाले 33 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन जावरा में हुआ सोयाबीन भावांतर राशि अंतरण का राज्य स्तरीय सम्मेलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर, केवल एक योजना नहीं किसानों के प्रति सरकार का श्रद्धाभाव है। भावांतर की राशि किसानों के अधिकार की राशि है। यह राशि किसानों की समृद्धि के प्रति सरकार के संकल्प का प्रतीक है। किसानों के कल्याण के लिए हम कभी भी पीछे नहीं रहेंगे। नए वर्ष 2026 को हमने अन्नदाताओं के कल्याण को ही समर्पित किया है। अगले वर्ष हम कृषि उत्सव मनाएंगे। किसान भाइयों की समृद्धि का उल्लास मनाएंगे। आधुनिक तरीके से खेती, कृषि विस्तार सेवाएं और नई-नई तकनीकों को हम गांव-गांव तक पहुंचाएंगे, जिससे किसान भाई अपनी खेती-किसानी को और बेहतर बनाने के लिए सही समय पर सही निर्णय ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से जो वादा किया, वह पूरा करके भी दिखाया है। प्रदेश के विकास का यह कारवां कभी रूकेगा नहीं। हम विकास के प्रकाश से किसी को भी वंचित नहीं रहने देंगे। प्रदेश की प्रगति में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को अभी 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, इस राशि को 3 हजार रूपये तक बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को हमारी सरकार रोजगार उपलब्ध कराएगी। प्रदेश के 32 लाख से अधिक किसानों को सरकार सोलर पम्प उपलब्ध कराएगी। सोलर पंप की कुल लागत पर हम किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान भी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम जिले के जावरा में सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत किसानों को भावांतर राशि वितरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 3.77 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को 810 करोड़ रुपए की भावांतर राशि बैंकखातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार 386 किसान भी शामिल हैं, जिनके खातों में 20.74 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से भेजे गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की भावांतर राशि को मिलाकर हमारी सरकार अबतक प्रदेश के 6.25 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को करीब 1300 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का भुगतान कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 145 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 33 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर रतलाम जिलेवासियों को भी नये साल की अग्रिम सौगातें दीं। इसमें 18 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सभी विकास कार्य रतलाम जिले को सुंदर, स्वच्छ और नागरिक सुविधाओं के मामले में अव्वल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मालवा के गांधी के नाम से प्रसिद्ध डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की जीवनी पर केन्द्रित पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सम्मेलन में आए किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जावरा नगर में एक आधुनिक आऊटडोर-इनडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निराश्रित महिलाओं के अल्प आश्रय के लिए जावरा में वन स्टॉप सेंटर बनाया जाएगा। जावरा में हेरिटेज भवन के निर्माण और एक बेहद पुराने जीर्ण-शीर्ण स्कूल की सम्पूर्ण मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री ने इन दोनों कार्यों के लिए 2-2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बेटियां भी पढ़ाई-लिखाई में किसी से पीछे नहीं रहेंगी। उन्होंने रतलाम जिले के ग्राम शुजापुर और ग्राम पिपलौदा में एक-एक नवीन बालिका छात्रावास भवन बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रतलाम जिले को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय परियोजना से राजस्थान के 15 जिले और मध्यप्रदेश के मालवा और चंबल अंचल के 15 जिले (30 से अधिक जिले) कृषि सिंचाई की स्थायी सुविधा से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध पालन में भी वृहद स्तर पर वृद्धि करने की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा क्षेत्र में करीब 5 हजार करोड़ रुपए लागत से एक नया आधुनिक फोर-लेन हाई-वे बनने जा रहा है। यह हाई-वे रतलाम जिले की सीमा से भी गुजरेगा। इस हाई-वे के निर्माण के लिए किसानों की सभी मांगे मानी जाएंगी। आवश्यकता हुई तो, भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा राशि भी बढ़ा दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि जावरा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे एक ऐसा व्यक्तित्व है जिनके कृतित्व से क्षेत्र आलोकिक हुआ है। डॉ. पांडे ने अपने परिश्रम से जन सेवा की मिसाल कायम की है। मुझे प्रसन्नता है कि मुझे उनका सानिध्य मिला है और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे के चरित्र को हमें अंगीकार करना चाहिए उनका व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। मध्यप्रदेश शासन की जनहित कार्य नीतियों का जिक्र करते हुए श्री तोमर ने कहा कि आज प्रदेश के लाखों किसान भावांतर जैसी योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार सफलतापूर्वक सर्वाहारा वर्ग के लिए कार्य कर रही है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीड है। जहां-जहां फसलों को नुकसान हुआ प्रदेश सरकार द्वारा वहां किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनव रूप से जनकल्याणकारी कार्यों की शुरुआत की है। किसान के हित में कार्य करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषक हित में सदैव अग्रणी रहे हैं। कंषाना ने प्रदेश के किसानों की ओर से … Read more

पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति पर मंथन तेज, राजस्व और नियमों में होंगे अहम संशोधन

जालंधर/चंडीगढ पंजाब के आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने आज जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों के शराब ठेकेदारों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक के दौरान ठेकेदारों ने आगामी आबकारी नीति 2026-27 को लेकर अपनी प्रमुख मांगें आबकारी विभाग एवं राज्य सरकार के समक्ष रखीं। ठेकेदारों ने मांग की कि नई आबकारी नीति बनाते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में अंग्रेजी शराब की ओपन कोटा व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए, क्योंकि इससे बाजार में आपूर्ति अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे ठेकेदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देसी शराब का कोटा नियंत्रित रहता है उसी तरह से अंग्रेजी शराब का कोटा भी नियंत्रित रहना चाहिए। शराब की अत्याधिक आपूर्ति वैसे भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब की ज्यादा सप्लाई होने से शराब की कीमतों को लेकर भी उतार-चढ़ाव बना रहता है। बाजार में शराब के दामों में भी गिरावट बनी रहती है क्योंकि प्रत्येक ठेकेदार न्यूनतम कीमत पर इसे बेचने का प्रयास करता है। इसके साथ ही ठेकेदारों ने सरकार से वर्तमान शराब ठेकेदारों को नवीनीकरण (रिन्यूअल) का विकल्प देने की भी मांग की, ताकि कारोबार में स्थिरता बनी रहे और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचा जा सके। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि नई आबकारी नीति तैयार करते समय छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएं, जिससे छोटे शराब ठेकेदार भी इस कारोबार में प्रवेश कर सकें। ठेकेदारों का कहना था कि वर्तमान में 50-50 करोड़ रुपए तक के बड़े ग्रुप ही इस कारोबार में सक्रिय हैं, जिसके चलते छोटे ठेकेदारों के लिए व्यापार में उतरना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में राज्य में 236 ग्रुप होते थे जो 2025-26 में कम होकर 207 रह गए। इससे पता चलता है कि ग्रुपों का आकार बढ़ा दिया गया। ठेकेदारों ने आबकारी आयुक्त को बताया कि इस समय शराब के कारोबार में आपसी प्रतिस्पर्धा काफी अधिक हो चुकी है। चालू वर्ष के दौरान ठेकेदारों ने बड़ी मुश्किल से अपना अस्तित्व बचाया है और वह मार्जन पर काम कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि छोटे ठेकेदार अगर बाजार में प्रवेश करते हैं तो सरकार का राजस्व भी इससे बढ़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकांश ठेकेदारों के ठेकों को पुन: नवीकृत कर देना चाहिए और शेष बचने वाले ठेकों को लाटरी के जरिए ड्रॉ निकाल देने चाहिए।   ठेकेदारों ने कहा कि अतिरिक्त आई.एम.एफ.एल. कोटा केवल निर्धारित स्लैब के अनुसार जारी होना चाहिए। प्रत्येक सलैब तभी जारी हो जब उसको लागू अतिरिक्त लाइसैंस फीस जमा की जाए। उन्होंने आशंका जाहिर की कि अगर नीति में संशोधन न किया गया तो खुदरा शराब व्यापार के टूटने, रोजगार में कमी और राजस्व में गिरावट आने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि घटते मार्जन और अतिरिक्त स्टाक के कारण कई लाइसैंस धारक समय पर मासिक लाइसैंस फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने ठेकेदारों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि नई आबकारी नीति बनाते समय सभी पक्षों के सुझावों पर विचार किया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी शराब ठेकेदारों के साथ ऐसी ही बैठकें की जाएंगी। आमतौर पर जनवरी के अंत या फरवरी के शुरू में पंजाब सरकार द्वारा अपनी नई आबकारी नीति को कैबिनेट में मंजूरी दी जाती है।

डिजिटल सिस्टम पर बड़ा सवाल: ग्वालियर में छात्रों के आंकड़ों में 67 हजार का अंतर, 34 हजार नाम गायब

ग्वालियर सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और पेपरलेस वर्किंग का दावा कर रही है, वहीं ग्वालियर जिले के शिक्षा विभाग में पोर्टलों के आंकड़ों में भारी विसंगति देखने को मिली है। यूडाइस पोर्टल और एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के बीच 67 हजार छात्रों का बड़ा अंतर मिला है। तकनीकी रूप से इन दोनों पोर्टलों पर बच्चों का नामांकन एक समान होना चाहिए, लेकिन मैदानी स्तर पर बरती गई लापरवाही ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ड्रॉप बॉक्स में कैद 34 हजार छात्रों का भविष्य 67 हजार छात्रों के इस अंतर में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा 34 हजार 'लापता' बच्चों का है। दरअसल, ये बच्चे लापता नहीं हैं, बल्कि तकनीकी रूप से एजुकेशन पोर्टल के 'ड्रॉप बॉक्स' में पड़े हुए हैं। नियमानुसार, जब कोई छात्र एक स्कूल छोड़कर दूसरे स्कूल में जाता है, तो नए स्कूल को उसे ड्रॉप बॉक्स से 'इंपोर्ट' कर अपने पोर्टल पर दिखाना होता है। लेकिन ग्वालियर के स्कूलों ने इन 34 हजार बच्चों को सिस्टम में स्वीकार (Accept) ही नहीं किया। नतीजा यह है कि ये छात्र पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं और इनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अधर में लटका हुआ है।   पोर्टल की इस अव्यवस्था का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद छात्रों की आर्थिक सहायता पर पड़ रहा है। जिले के स्कूलों में 48 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति प्रोफाइल अब तक अपडेट नहीं की गई है। प्रोफाइल अपडेट न होने और तकनीकी त्रुटियों के कारण इन छात्रों की छात्रवृत्ति लटक गई है। शैक्षणिक सत्र बीतने को है, लेकिन संकुल और स्कूल स्तर पर प्राचार्यों की सुस्ती ने हजारों विद्यार्थियों को उनके हक की राशि से वंचित कर रखा है। लापरवाही की मुख्य वजह विभागीय सूत्रों के अनुसार, जनपद शिक्षा केंद्रों और स्कूलों में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटरों और जिम्मेदार अधिकारियों ने डेटा फीडिंग को गंभीरता से नहीं लिया। यूडाइस पोर्टल पर भरी गई जानकारी को एजुकेशन पोर्टल से मैच नहीं किया गया। यह विसंगति जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की हालिया समीक्षा बैठक में खुलकर सामने आई, जिसमें बीआरसी (BRC) डबरा और बीआरसी शहर क्रमांक-2 की कार्यप्रणाली पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। डीईओ की सख्त चेतावनी मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि: ड्रॉप बॉक्स में लंबित सभी 34 हजार बच्चों को तत्काल संबंधित स्कूल पोर्टल पर इंपोर्ट किया जाए।     67 हजार छात्रों के डेटा गैप को शून्य (Zero) पर लाया जाए।     छात्रवृत्ति प्रोफाइल को लॉक करने और स्वीकृत करने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर पूरी की जाए। सभी बीईओ, बीआरसी सहित संकुल प्राचार्यों को पोर्टल के अंतर को जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि डेटा विसंगति दूर हो और जो बच्चे ड्रॉप बॉक्स में हैं, वे भी पोर्टल पर अपडेट हो जाएं। – हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर