samacharsecretary.com

मध्य प्रदेश में सनसनी: चलती बाइक बनी बम, विस्फोट में युवक की दर्दनाक मौत

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर में चलती बाइक में दमाका हो गया है। धमाका इतना भयानक था कि बाइक पर मौजूद शख्स के पैरों के चीथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक शख्स बाइक पर विस्फोटक लेकर जा रहा था। हादसे में बाइक भी पूरी जलकर खाक हो गई है। घटना रविवार सुबह को इछावर आष्टा रोड पर रामनगर गांव के पास हुई है। जानकारी के अनुसार बाइक सवार भारी मात्रा में विस्फोट सामग्री ले जा रहा था इसके कारण यह हादसा हुआ। इछावर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक बाइक चालक की पहचान नहीं हो पाई पुलिस उसकी जांच कर रही है

टी20 टीम में बड़ा फेरबदल: बाबर आजम, शाहीन अफरीदी समेत 4 दिग्गजों की छुट्टी की असली वजह क्या?

नई दिल्ली पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। 15 खिलाड़ियों की इस टीम में ना तो पूर्व कप्तान बाबर आजम का नाम है और ना ही शाहीन अफरीदी जैसे प्रीमियम तेज गेंदबाज का। ऐसे में पाकिस्तान के फैंस परेशान है कि कैसे इन स्टार खिलाड़ियों को पीसीबी टी20 वर्ल्ड कप से पहले ड्रॉप कर सकता है। तो बता दें कि इन स्टार प्लेयर्स को ड्रॉप नहीं किया गया है, बल्कि एक खास वजह से 4 खिलाड़ियों को नहीं चुना गया है। पाकिस्तान वर्सेस श्रीलंका तीन मैच की टी20 सीरीज का आगाज 7 जनवरी से होने जा रहा है।   तो बता दें, पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान, शाहीन अफरीदी और हारिस रऊफ बिग बैश लीग (BBL) में अपनी कमिटमेंट्स की वजह से श्रीलंका के खिलाफ आने वाली T20I सीरीज में नहीं खेलेंगे। पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच तीन टी20 मैच 7, 9 और 11 जनवरी को खेले जाने हैं। वहीं बिग बैश लीग 25 जनवरी तक चलेगी। ऐसे में यह पाकिस्तानी खिलाड़ी देश को अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की टीम उनके नंबर-1 स्पिनर शादाब खान की वापसी हो गई है। वह भी बीबीएल का हिस्सा थे। उनके अलावा अनकैप्ड विकेटकीपर-बल्लेबाज ख्वाजा नफे को पहली बार नेशनल टीम में जगह मिली है। यह सीरीज पाकिस्तान को ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अपनी तैयारियों को बेहतर बनाने का एक अहम मौका देगी, जो 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में होने वाला है। पाकिस्तान टीम: सलमान अली आगा (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, ख्वाजा नफे (विकेटकीपर), मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, मोहम्मद वसीम जूनियर, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान (विकेटकीपर), सईम अयूब, शादाब खान, उस्मान खान (विकेटकीपर), उस्मान तारिक।  

मन की बात में पीएम मोदी बोले– एंटीबायोटिक दवाइयों का बेवजह इस्तेमाल बन रहा है बड़ी चुनौती

नई दिल्ली वर्ष 2025 के आखिरी 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल भारत की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर अपनी राय भी रखी। पीएम ने सबसे बड़ी चिंता एंटी बायोटिक के उपयोग पर जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में 2026 दस्तक देने वाला है। मन में इस साल की कई यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने पूरे देश को एक साथ जोड़ दिया और गर्व करने का मौका दिया। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "इस साल ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय को गर्व करवाया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया के हर कोने में भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं।" 2025 में खेलों में भारत की उपलब्धि की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस साल पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉपी जीती, महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंट ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप में भी भारतीय टीम ने अपना परचम लहराया।" इसके बाद पीएम मोदी ने 2025 में विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंन कहा, "भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी इस वर्ष बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी इस साल शुरू हुईं। इसके अलावा अब भारत में चीतों की संख्या भी 30 से ज्यादा हो गई है। इस साल में आयोजित कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन ने दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, "2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिली। इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "इस साल वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान बच्चों ने तमिल सीखने पर खासा जोर दिया। तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है और भारत की एकता है।

IND vs SL Women 4th T20I: कैसा रहेगा मौसम, पिच से किसे मिलेगी मदद? यहां देखें हेड-टू-हेड

तिरुवनंतपुरम चौथे T20I में भारत और श्रीलंका महिला टीम रविवार, आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला सीरीज में भारत की बढ़त को और मजबूत करने या श्रीलंका की वापसी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम ने तीसरे T20I में श्रीलंका को 8 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। पिच रिपोर्ट तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम की पिच आमतौर पर गेंदबाजों के लिए मुफीद मानी जाती है। यहां तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स दोनों को मदद मिलती है। शुरुआती मुकाबलों में बल्लेबाजों ने रन बनाए, लेकिन चौथे मुकाबले में पिच थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ओस का प्रभाव: दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए ओस चुनौती बन सकती है। टॉस का महत्व: टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले फील्डिंग करना पसंद करती है क्योंकि लक्ष्य का पीछा आसान माना जाता है। पिच के आंकड़े कुल T20 मैच: 4 पहले बल्लेबाजी करके जीते गए मैच: 2 (50%) पहले बल्लेबाजी का औसत स्कोर: 145 रन चेज में सर्वोच्च स्कोर: 173/2 मौसम रिपोर्ट तिरुवनंतपुरम में मैच के दिन मौसम साफ से आंशिक बादलों वाला रहने की संभावना है। बारिश की संभावना कम है, लेकिन आर्द्रता अधिक रह सकती है। ओस दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकती है। बारिश की संभावना: कम, अधिकतम तापमान: 28-30°C, हवा की गति: 8-12 किमी/घंटा। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड (T20I) कुल मैच: 28             भारत जीता: 22 श्रीलंका जीता: 5 बेनतीजा: 1 दोनों टीमों भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा। श्रीलंका: चमारी अटापट्टू (कप्तान), हासिनी परेरा, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, कौशिनी नुथ्यांगना, मालशा शेहानी, इनोका राणावीरा, शशिनी गिम्हानी, निमेश मदुशानी, काव्या कविंदी, रश्मिका सेववंडी, मल्की मदारा।  

आंखोंदेखी बयान: दीपू दास के साथी ने खोले हिंसा और दहशत के खौफनाक राज

ढाका  बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की दरिंदगी का शिकार हुए दीपू चंद्र दास के साथ ही काम करने वाले एक शख्स ने उनकी हत्या को लेकर रोंगटे खड़े देने वाली बातें बताई हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक दीपू चंद्र दास के साथ काम करने वाले शख्स ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दीपू चंद्र दास की एक बेटी है। कार्यस्थल पर दीपू अकसर उपेक्षा के शिकार होते थे। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग थे जिन्हें कंपनी में नौकरी नहीं मिली थी और उन लोगों ने ही उनपर ईशनिंदा के झूठे आरोप लगा दिए।   घठना को याद करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले एचआर ने दीपू दास को बुलाया था। एचआर ने दीपू पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया। बाद में दीपू दास को फैक्ट्री के कर्मचारियों के हवाले कर दिया गया। भीड़ में बहुत सारे बाहरी लोग भी शामिल थे। भीड़ दीपू को उठाकर फैक्ट्री के गेट पर ले गई और फिर उनपर बेरहमी से मार पड़ने लगी। उन्होंने बताया, फैक्ट्री के बाहर खड़ी भीड़ ने दीपू चंद्र दास को अधमार कर दिया। लोग लातों से उनके मुंह और सीने पर मार रहे थे। बहुत सारे लोग डंडों से पीट रहे थे। दीपू दास खून से लथपथ थे। फैक्ट्री के गेट पर ही यह दरिंदगी हो रही थी। दीपू को इतने में भी नहीं छोड़ा गया। दीपू की मौत के बाद उनके शव को एक किलोमीटर घसीटा गया और फिर पेड़ से लटका दिया गया। कुछ लोगों ने पेट्रोल डालकर श को आग लगा दी। अधजला शव ही जमीन पर गिर गया। शख्स ने बताया कि मुस्लिमों की पूरी भीड़ थी और यह सब देखते हुए भी वे कुछ नहीं बोल सके। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जो दीपू का साथ देना भी चाहते थे, वे भी डर के मारे चुप थे। लोगों को डर था कि अगर उन्होंने दीपू का साथ दिया तो उनका भी वही हाल होगा। उन्होंने कहा, मुस्लिमों की भीड़ एकदम दानव बन गई थी। बांग्लादेश सरकार की तरफ से बाद में कहा गया था कि दीपू दास के खिलाफ ईशनिंदा का कोई सबूत नहीं मिला था  

RSS पर तारीफ, कांग्रेस पर सवाल—दिग्विजय सिंह अब भी अपने स्टैंड पर कायम

 नई दिल्ली/भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) की तारीफ कर सनसनी फैला दी है। कई तरह की अटकलों के बीच वह अब भी अपने बयान पर ना सिर्फ कायम हैं, बल्कि दोहरा भी रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की संगठन शक्ति का खुद को प्रशंसक बताते हुए अब कांग्रेस में सुधार की गुंजाइश भी बताई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी मुद्दे पर आंदोलन तो अच्छे से खड़ा कर लेती है, लेकिन इसे वोटों में नहीं बदल पा रही है। दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक के इतर न्यूज एजेंसी एनआई से बातचीत करते हुए कम से कम दो बार खुद को आरएसएस की संगठन क्षमता का प्रशंसक बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं तो शुरू से इस बात को कहता रहा हूं कि आरएसएस की विचाराधारा का मैं विरोधी हूं, क्योंकि वे ना तो पूरी तरह से संविधान को मानते हैं, ना कानून को मानते हैं और अपंजीकृत संस्था है जिस पर कोई कानून लागू नहीं होता। लेकिन उनकी संगठन क्षमता का प्रशंसक इसलिए हूं क्योंकि एक ऐसी संस्था जिसका पंजीयन नहीं है वह आज इतनी शक्तिशाली हो गई कि देश के प्रधानमंत्री लाल किले से कहते हैं कि यह विश्व का सबसे बड़ा एनजीओ है, अरे भई एनजीओ है तो आपका नियम और कानून कहां चले गए। लेकिन मैं इनकी संगठन क्षमता का प्रशंसक हूं।’ कांग्रेस की क्या कमी बताई यह पूछे जाने पर कि क्या आपको कांग्रेस की संगठन क्षमता कमजोर दिख रही है? वरिष्ठ नेता ने कहा, 'इतना मैं कह सकता हूं कि इसमें सुधार की गुंजाइश है और हर संगठन में सुधार की गुंजाइश रहनी चाहिए।' एक अन्य सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा, 'मैं कई बार कह चुका हूं कि कांग्रेस आंदोलन की पार्टी तो है और होना भी चाहिए कि हर बाद पर माहौल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी इस मामले में होशियार है, अच्छी तरह आंदोलन बनाती है। लेकिन इसको वोटों में परिवर्तित करने में हम कमजोर पड़ते हैं।' उन्होंने कहा कि संगठन को नीचे तक मजबूत करने की आवश्यकता है। मोदी के जमीन पर बैठे हुए तस्वीर दिखा की थी तारीफ दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से पहले शनिवार को भाजपा और आरएसएस की ‘संगठन शक्ति’ की तारीफ कर अपने दल के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी। कार्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं और उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। सिंह ने पोस्ट किया, ‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’  

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सियासी घमासान, बृजभूषण सिंह बोले—और लोगों को बुलाने में क्या दिक्कत?

भोपाल अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक को सही ठहराया है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अगली बार जब ऐसी बैठक हो तो उसमें शामिल होने वालों की संख्या बढ़े। बृजभूषण ने न केवल इस बैठक को सही ठहराया, बल्कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नाराजगी और चेतावनी को भी गलत करार दिया। ब्राह्मण विधायकों की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने कहा, "अच्छा होता कि इस बैठक में कुछ और लोग भी शामिल होते। इस बैठक में न तो भाजपा के खिलाफ कुछ बोला गया और न ही मुख्यमंत्री के खिलाफ। जब कोई विरोध ही नहीं हुआ, तो इसमें दिक्कत कहां है? मुझे तो इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती।" भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा विधायकों को दी गई चेतावनी पर बृजभूषण ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की आधिकारिक चेतावनी नहीं है, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "प्रदेश अध्यक्ष ने क्यों चेतावनी दी? यह उनकी अपनी सोच हो सकती है। अगर विधायकों ने पार्टी विरोधी कोई वक्तव्य दिया होता, तब मैं समझता कि यह सही है या गलत। लेकिन अपनी जाति या समाज के लिए साथ बैठना कोई अपराध नहीं है।" बृजभूषण शरण सिंह ने राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले जातिगत सम्मेलनों का उदाहण दिया। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां खुद जातिवार कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित करती हैं, तो उसे गुनाह नहीं माना जाता। फिर अगर ब्राह्मण या राजपूत विधायक एक साथ बैठ गए, तो इसे लेकर इतना हंगामा क्यों है? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मैं इस बैठक का स्वागत करता हूं, मुझे यह पसंद है। अगर किसी को यह बुरा लगा है, तो मुझे नोटिस दिलाइए। जिस दिन जाति आधारित सम्मेलन बंद हो जाएंगे, उस दिन ऐसी बैठकें भी अपने आप बंद हो जाएंगी।" क्या है पूरा विवाद? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के कुछ ब्राह्मण विधायकों ने एक अनौपचारिक बैठक की थी, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इसे पार्टी के भीतर एक गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा था, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी दी थी। अब बृजभूषण शरण सिंह के इस समर्थन ने पार्टी के भीतर के मतभेदों को सतह पर ला दिया है।

शतक मशीन की रेस 2025: कोहली समेत 4 भारतीय टॉप-10 में, जानिए सबसे आगे कौन

 नई दिल्ली साल 2025 खत्म होने को है, इस साल के लगभग-लगभग सभी बड़े इंटरनेशनल मैच हो चुके हैं। MCG में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टेस्ट मैच के साथ इस कैलेंडर ईयर का अंत हुआ। ऐसे में हम आपके लिए 2025 में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं। टॉप-10 बल्लेबाजों की इस लिस्ट में कुल 4 भारतीय हैं, जिसमें विराट कोहली भी शामिल हैं। किंग कोहली ने साल का खत्म होते-होते साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में दो शतक जमाए हैं। वहीं लिस्ट में शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के नाम भी शामिल हैं। शुभमन गिल संयुक्त रूप से नंबर-1 2025 में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल संयुक्त रूप से पहले पायदान पर हैं। गिल के बल्ले से इस साल कुल 7 शतक निकले हैं, जिसमें से 4 शतक तो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ही जमाए थे। यह टेस्ट सीरीज 2-2 की बराबरी पर रही थी। शुभमन गिल ने नंबर-1 का पायदान इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट के साथ शेयर किया है। रूट ने एशेज 2025 में अपने आखिरी शतक के साथ इस साल कुल 7 सेंचुरी ठोकी है। वेस्टइंडीज के शे होप 5 शतकों के साथ तीसरे नंबर पर हैं। यशस्वी जायसवाल विराट कोहली से आगे यशस्वी जायसवाल 2025 में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों की रेस में विराट कोहली से आगे हैं। जायसवाल ने इस साल सभी फॉर्मेट मिलाकर 4 शतक जड़े और वह लिस्ट में संयुक्त रूप से चौथे पायदान पर हैं। जायसवाल के अलावा टॉम लैथम, रचिन रवींद्र और पथुम निसांका ने इतने ही शतक जड़े हैं। विराट कोहली टॉप-10 में दुनिया के बेस्ट बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली 2025 में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों की रेस में संयुक्त रूप से 8वें पायदान पर हैं। किंग कोहली के बल्ले से इस साल कुल 3 शतक निकले हैं। इस पायदान को कोहली ने केएल राहुल समेत 8 खिलाड़ियों के साथ शेयर किया है, क्योंकि इन सभी ने 2025 में सभी फॉर्मेट मिलाकर 3-3 शतक जड़े हैं।  

भूकंपों की डरावनी श्रृंखला: 30 घंटे में 24 बार कांपी धरती, क्या बड़े झटके का संकेत?

   अहमदाबाद गुजरात के कच्छ में शुक्रवार सुबह 4.6 की तीव्रता से आए भूकंप ने कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाया, लेकिन इसने 24 साल पहले की उस तबाही के जख्म जरूर हरे कर दिए हैं जिसमें हजारों लोग की जिंदगी बर्बाद हो गई थी। इस ताजा भूकंप के बाद करीब दो दर्जन हल्के झटकों और जमीन के नीचे हलचल ने भी वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भूवैज्ञानिकों को इन झटकों के बाद क्षेत्र में तीन फॉल्ट लाइंस का पता चला है जो अब ऐक्टिव हो गए हैं। इनकी वजह से पहले से ही भूकंप के लिए संवेदनशील कच्छ को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य झटके के बाद 30 घंटे के अंदर 23 आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद हल्के झटके) भी लगे। शुक्रवार को तड़के 4.30 बजे से शनिवार सुबह 9.45 बजे के बीच ये कंपन नॉर्थ वागड फॉल्ट से उत्पन्न हुए। इसे इस क्षेत्र में सबसे सक्रिय माना जाता है। भूकंप के हालिया डेटा से पता चला है कि कथरोल हिल, गोरा डोंगर और नॉर्थ वागड़ फॉल्ट लाइनें एक साथ ऐक्टिव हो गईं हैं। इसकी वजह से भारत के सबसे प्रमुख भूकंप संभावित क्षेत्र को लेकर चिंता बढ़ गई है। कच्छ पहले से ही 10 से अधिक फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जिनमें कच्छ मेनलैंड फॉल्ट और साउथ वागड़ फॉल्ट शामिल हैं, जो 2001 के विनाशकारी भूकंप (रिक्टर स्केल पर 7.7) के दौरान टूट गए थे। हाल तक अधिकांश भूकंपीय गतिविधियां इन्हीं ज्ञात क्षेत्रों के आसपास केंद्रित थीं। हालांकि, 2025 में दर्ज किए गए हालिया झटकों से संकेत मिलता है कि तनाव नए फॉल्ट सिस्टमों में स्थानांतरित होकर फैल रहा है। तीन फॉल्ट लाइनें एक साथ ऐक्टिव भुज स्थित कच्छ यूनिवर्सिटी में जियोसाइंसेज डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर गौरव चौहान ने टीओआई को बताया, ‘ नागर पार्कर और अल्लाह बंड जैसी पारंपरिक रूप से सक्रिय फॉल्ट लाइनों ने वर्षों से भूकंप उत्पन्न किए हैं। लेकिन अब चिंता की बात यह है कि हालिया झटकों ने नॉर्थ वागड़ फॉल्ट पर गतिविधि की पुष्टि की है, जबकि पिछले कुछ महीनों में काठरोल हिल और गोरा डोंगर फॉल्ट लाइनों पर दर्ज भूकंप यह संकेत देते हैं कि 2025 की शुरुआत से ही तीनों फॉल्ट लाइनें फिलहाल सक्रिय हो चुकी हैं।’ एक साथ कई फॉल्ट लाइन ऐक्टिव होने से खतरा चौहान के मुताबिक 1 से 3 तीव्रता के आफ्टरशॉक्स ने एकत्रित ऊर्जा को निकलने में मदद की है जिससे तुरंत किसी बड़े भूकंप की आशंका कम होती है। उन्होंने कहा, 'आफ्टरशॉक्स दबाव घटाते हैं, लेकिन कई फॉल्ट लाइंस का ऐक्टिव होना भी चेतावनी है। ये फॉल्ट बड़े भूकंप को उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं और इसलिए तैयारी बहुत अहम है।' हालांकि शुक्रवार का भूकंप तीव्रता में मध्यम दर्जे का था, लेकिन इसके झटके पूरे कच्छ में महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग डरकर घर से बाहर भागे। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज झटकों का कारण भूकंप के केंद्र की कम गहराई थी। तैयारी रखने की सलाह भूकंप वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कच्छ में आने वाला कोई शक्तिशाली भूकंप केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। क्षेत्र की भू-आकृतिक संरचना को देखते हुए, तेज झटके पश्चिमी भारत के बड़े हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सतर्कता की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। चौहान ने अधिकारियों से हालिया भूकंपीय गतिविधि को एक चेतावनी के रूप में लेने का आग्रह किया और नियमित भूकंप मॉक ड्रिल, भवन निर्माण मानकों के सख्त पालन और स्कूल शिक्षा में आपदा तैयारी को शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया।

हाईकोर्ट का मानवीय आदेश: नाबालिग रेप पीड़िता की डिलीवरी को मंजूरी, इलाज का खर्च सरकार देगी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 16 साल की रेप पीड़िता गर्भवती को बच्चे को जन्म देने की इजाजत दी है। यही नहीं कोर्ट ने राज्य सरकार को डिलीवरी का खर्च वहन करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता ने आरोपी से शादी की है ऐसे में बिना उसकी सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। कोर्ट ने बच्चे की डिलीवरी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में एक्सपर्ट मेडिकल टीम की देखरेख में करवाने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी 11 दिसंबर के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। इस मामले में एक जिला अदालत ने हाई कोर्ट को नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात के बारे में लिखा था। हाई कोर्ट ने इसके बाद एक मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की उम्र 16 साल है और उसके पेट में पल रहा बच्चा 29 हफ्ते और 1 दिन का है। मेडिकल बोर्ड ने ये भी बताया कि पीड़िता से गर्भपात करवाने और न करवाने के बारे में भी पूछा गया और उसने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। माता-पिता ने छोड़ा साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने कहा है कि उसने बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी की है और वे बच्चे को जन्म देना चाहती है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है और उसके पेरेंट्स बेटी को अपने साथ नहीं रखना चाहते। पेरेंट्स का कहना है कि उनका अपनी बेटी से अब कोई रिश्ता नहीं। बिना सहमति गर्भपात नहीं सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने ये सुनिश्चित किया कि पीड़िता की सहमति के बिना गर्भपात नहीं करवाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि जब तक लड़की 18 साल की नहीं हो जाती तब उसका ख्याल रखना होगा और साथ ही उसके बच्चे की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा।