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‘आवास से संसद तक होगा कब्जा’, इंकलाब मंच के तख्तापलट वाले बयान से मचा सियासी हड़कंप

ढाका बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा की आग शांत होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। इंकलाब मंच ने आज यानी रविवार से ढाका और राजधानी से बाहर भी प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। इंकलाब मंच ने आ देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। सुबह 11 बजे से ही बंद शुरू हो गया है। वहीं इंकलाब मंच के सदस्यों ने यूनुस सरकार को ‘तख्तापलट’ तक की चेतावनी दे डाली है। इंकलाब मंच मे फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि ढाका में शाहबाग इलाके में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार से ही यहां बहुत सारे कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। शनिवार को भी ढाका में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन के चलते जाम लग गया। इंकलाब मंच ने ढाका, सिलहेट, चट्टोग्राम और कुश्तिया में प्रदर्शन किए। शाहबाग में इंकलाब मंच के सदस्य अब्दुल्ला ने कहा कि आज तो हम शाहबाग में हैं लेकिन कल तक जमुना तक कब्जा हो जाएगा। बता दें कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आवास का नाम जमुना है। अल जबर ने कहा कि शुक्रवार से ही इतने सारे लोग धरने पर बैठे हैं लेकिन यूनुस के कान में आवाज नहीं पहुंच रही है। लोग इतनी ठंड में भी घरों को छोड़कर सड़कों पर बैठे हैं। ऐसे में लोगों का विश्वास सरकार से उठ रहा है। तख्तापलट की धमकी द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक जबर ने कहा, अगर आपको लगता है कि सचिवालय और कैंट के अंदर आपका नियंत्रण है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को हादी की नमाज-ए-जनाजा के दौरान अगर हम चाहते तो सरकार बदल देते। तुम्हारा जमुना और कैंट भी तुम्हें बचा नहीं सकता था।  

लंदन की सड़कों पर टकराव: हिंदू प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानियों ने बांग्लादेश का खुलकर किया समर्थन

लंदन बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की नृशंस हत्या की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। हाल ही में लंदन स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर इस हत्याकांड के विरोध में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। हालांकि, इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव पैदा हो गया जब खालिस्तानी अलगाववादी समूह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के बचाव में उतर आए। लंदन में रहने वाले बांग्लादेशी हिंदुओं ने दीपु दास की हत्या और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के खिलाफ उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोषियों को कड़ी सजा मिले और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हैरानी की बात यह रही कि इस प्रदर्शन का विरोध करने के लिए वहां खालिस्तानी समर्थक पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खालिस्तानी प्रदर्शनकारी मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार की ढाल बनकर खड़े हो गए। उन्होंने न केवल हत्या का विरोध कर रहे हिंदुओं को डराने की कोशिश की, बल्कि उनके खिलाफ उकसाने वाले नारे भी लगाए। स्थिति को बिगड़ता देख लंदन पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के बीच दीवार बनकर शांति बनाए रखने की कोशिश की। भारत विरोध के लिए खालिस्तानी-कट्टरपंथी गठबंधन यह घटना भारत विरोधी ताकतों के बीच बढ़ते गठजोड़ की ओर इशारा करती है। खालिस्तानी आतंकी संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) का नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू लगातार भारत विरोधी बयानबाजी कर रहा है। हाल ही में पन्नू ने अमेरिका से एक वीडियो जारी कर बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का समर्थन किया था। पन्नू ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को तोड़ने की एक नई साजिश रची है। उसने एक विवादास्पद मानचित्र जारी किया है, जिसमें असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड को मिलाकर एक अलग देश बनाने का दावा किया गया है। पन्नू ने इस काल्पनिक देश का नाम 'ट्रम्पलैंड' रखा है। साथ ही, उसने अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाने की हिमाकत भी की है। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसी ने पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की बात कही हो इससे पहले कुछ बांग्लादेशी कट्टरपंथी नेता भी इसी तरह के दावे कर चुके हैं। गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत के खिलाफ जहर उगलने का कोई मौका नहीं छोड़ता। वह अक्सर पाकिस्तानी चैनलों पर बैठकर भारत विरोधी एजेंडा चलाता है। 2023 के क्रिकेट विश्व कप के दौरान पन्नू ने स्टेडियम और विमानों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। पन्नू ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने वाले के लिए इनाम की घोषणा भी की थी।  

मौतों का अड्डा बनता वाटर प्लांट! दिल्ली में 4 साल में सबसे ज्यादा शव, एक साल में 35 मामले

नई दिल्ली देश की राधानी दिल्ली में एक ऐसा वाटर प्लांट है जो लाशें उगलता है। पढ़ने में आपको अजीब लगे लेकिन यह सच है। इस साल कुल 35 शव इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकाले जा चुके हैं। हाल ही में एक 18 साल के युवक की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले में दो किशोरों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए। हैदरपुर जल शोधन संयंत्र (WTP) में शवों की बरामदगीकई सवाल खड़े कर रही है। चार सालों में सबसे अधिक संख्या दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक इस प्लांट से कुल 35 शव बरामद किए जा चुके हैं। यह पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक संख्या है। पुलिस ने बताया कि हर महीने औसतन दो से तीन शव यहां से मिलते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शव अक्सर मुनक नहर के जरिए हैदरपुर पहुंचते हैं। यह नहर हरियाणा से दिल्ली में कच्चा पानी लाती है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पहुंचने से पहले इस नहर के ज्यादातर हिस्सों में कोई जाली नहीं लगी है। इस कारण हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों से बहकर आने वाले शव अक्सर हैदरपुर प्लांट में आकर फिल्टर सिस्टम में फंस जाते हैं। शवों की पहचान और सुरक्षा के उपाय मुनक नहर 102 किलोमीटर लंबी एक जलवाहिनी है। यह हरियाणा के करनाल से यमुना का पानी लेकर चलती है, खुबरू और मंडोरा बैराज से होते हुए दक्षिण की ओर बढ़ती है और अंत में हैदरपुर प्लांट (WTP) पर जाकर खत्म होती है। : पुलिस ने बताया कि हरियाणा से शवों को बहकर हैदरपुर पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं। इस कारण लगभग सभी शव इतनी बुरी तरह सड़ जाते हैं कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी वजह से ज्यादातर शव लावारिस ही रह जाते हैं। हमारे सहयोगी हिन्दुस्तान टाइम्स (HT) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मिले 35 शवों में से 20 की पहचान हो पाई है, जबकि 15 की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने कहा कि इन मौतों के पीछे प्राकृतिक कारण, डूबना, आत्महत्या और हत्या जैसे अलग-अलग मामले शामिल हैं। सुरक्षा के लिए नए कदम पुलिस ने रविवार को बताया कि उन्होंने हैदरपुर प्लांट के अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने और अतिरिक्त गार्ड तैनात करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि उनका काफी समय और कर्मचारी नियमित रूप से शवों को बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और मौत के कारणों की जांच करने में ही लगे रहते हैं। हाल के कुछ मामले दोस्ती में हत्या: सबसे हालिया मामला पिछले बुधवार को सामने आया, जब दो युवकों को अपने ही एक किशोर दोस्त की हत्या के आरोप में पकड़ा गया। हत्या का कारण यह था कि वह दोस्त आरोपियों में से एक की चचेरी बहन से बात करता था। 22 नवंबर को पुलिस को हैदरपुर प्लांट के पास मुनक नहर में एक लाश तैरती हुई मिली। जब शव को बाहर निकाला गया, तो मृतक के हाथ-पैर जूतों के फीतों से बंधे थे, गले में रूमाल लिपटा हुआ था और सिर पर किसी नुकीले हथियार के तीन गहरे घाव थे। पुलिस ने इस मामले में 23 वर्षीय आशीष और 23 वर्षीय विशाल को इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया है। दिसंबर के पहले हफ्ते में पुलिस को एक और शव मिला था। जांच में पता चला कि मृतक एक बेघर व्यक्ति था जिसकी मौत किसी बीमारी के कारण हुई थी। हालांकि, पुलिस अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित है कि वह मुनक नहर तक कैसे पहुंचा। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2022 से 2024 के बीच जल शोधन संयंत्र (WTP) के पास कम से कम 79 मानव शव मिले हैं। इलाके के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि के.एन. काटजू मार्ग पुलिस स्टेशन के कर्मियों के लिए तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं: ➤यह पता लगाना कि किन परिस्थितियों में शव प्लांट तक पहुंचे। ➤शवों की पहचान करना। ➤लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करना। रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव रंजन ने बताया कि शवों को समय पर बाहर निकालने, उनकी पहचान करने और संबंधित मामले दर्ज करने के लिए विशेष स्टाफ तैनात किया गया है। उन्होंने पुष्टि की, "हमारे पास अब तक 35 शवों का डेटा है।" पुलिस ने हरियाणा के अधिकारियों को पत्र लिखकर नहर में जालियां (nets) या फिल्ट्रेशन यूनिट लगाने का अनुरोध किया है ताकि वहां से बहकर आने वाले शव हैदरपुर तक न पहुँचें। वर्तमान में, हैदरपुर प्लांट में तीन परतों वाली जालियां (filtration nets) लगी हैं ताकि कच्चे पानी के मशीनों तक पहुँचने से पहले ही इन सभी चीजों को बाहर निकाला जा सके।  

‘किस किसको प्यार करूं 2’ की नाकामी पर कपिल शर्मा का आरोप, बोले– ‘धुरंधर’ ने बिगाड़ा खेल

मुंबई कॉमेडियन कपिल शर्मा की फिल्म 'किस किसको प्यार करूं 2' बॉक्स ऑफिस पर गायब ही हो गई है। उसने दो हफ्ते में सिर्फ 12 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। जबकि पत्नी गिन्नी का भी कैमियो देखने को मिला है। वहीं, 2015 में आए इसके पहले पार्ट ने 49 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। अब एक्टर ने सीक्वल के खराब परफॉर्मेंस की वजह रणवीर सिंह की 'धुरंधर' के कारण मिली लिमिटेड स्क्रीन्स को बताया है। रणवीर सिंह की 'धुरंधर' 5 दिसंबर को रिलीज हुई थी और इसने 22 दिन में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसकी कहानी-किरदार-गाने सबने दिल जीत लिया है कि इसका दबदबा अभी भी कायम हैं। इसी कारण, इसके सामने कोई भी फिल्म टिक नहीं पा रही है। 'किस किसको प्यार करूं 2' के कलेक्शन पर बयान अब कपिल शर्मा की टीम ने बयान जारी करके कहा है कि फिल्म के मल्टीप्लेक्स में सीमित स्क्रीन उपलब्ध होने के कारण इसके थिएट्रिकल रन पर असर पड़ा है। 'कपिल शर्मा अपनी पॉप्युलर फिल्म के सीक्वल के साथ दर्शकों को नॉस्टैल्जिया में ले जाना चाहते थे। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला। लेकिन दूसरी फिल्मे के कारण लिमिटेड स्क्रीन मिलने के कारण इसके थिएट्रिकल रन पर असर पड़ा। लेकिन इन चैलेंजेस के बावजूद, इस मूवी ने अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने और उनको एंटरटेन किया।' 'किस किसको प्यार करूं 2' होगी री-रिलीज बताया जा रहा है कि निर्माताओं ने फिल्म को जनवरी 2026 में फिर से रिलीज करने का ऐलान किया है। 'किस किसको प्यार करूं 2' में कपिल फिल से चार शादियों को सम्भालते हुए दिखाई देंगे। हालांकि इसकी डेट नहीं बताई गई है। मगर इसके री-रिलीज की घोषणा जरूर की गई है। इसके डायरेक्टर अनुकल्प गोस्वामी हैं और मनजोत सिंह, हीरा वारिना, त्रिधा चौधरी, पारुल गुलाटी और आयशा खान अहम रोल में हैं। 'किस किसको प्यार करूं 2' का कलेक्शन फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो Sacnik के मुताबिक, भारत में इसकी कुल कमाई (नेट कलेक्शन) 13वें दिन तक 11.89 करोड़ हुई है। वहीं ग्रॉस कलेक्शन 14 करोड़ रुपये है। ओवरसीज कलेक्शन 1.75 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 15.75 करोड़ रुपये है।

डिजिटल अपराध से निपटने की तैयारी, छत्तीसगढ़ के 9 नए जिलों में Cyber थाने शुरू होंगे

रायपुर मार्च 24 और मार्च 25 के स्टेट बजट में घोषित 9 जिलों में सायबर थाने (Cyber Police Station) खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी कर दी गई है. पीएचक्यू ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. उम्मीद है कि जनवरी में ये थाने शुरू कर दिए जाएंगे. वर्तमान में राज्य में पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जिलों में सायबर थाने खुलने से रेंज थानों पर भी केस का दबाव कम होगा. चूंकि रेंज सायबर थाने सीमित साधनों के साथ संचालित हो रहे हैं, ऐसे में जिलों के सायबर थानों को पर्याप्त विवेचक, स्टाफ और तकनीकी सुविधाओं के साथ खोले जाने की जरूरत है. रायपुर रेंज में हो जाएंगे चार सायबर थाने पहले बजट मार्च 2024 में पांच जिलों और दूसरे बजट मार्च 2025 में 4 जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे. सभी 9 थानों को खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी की गई है. ये सायबर थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर चाम्पा और जशपुर में खोले जाने हैं. रायपुर रेंज में जल्द ही चार सायबर थाने हो जाएंगे. वर्तमान में रेंज स्तरीय थाना रायपुर में है. जबकि बलौदाबाजार, धमतरी महासमुंद में जिला सायबर थाने खोले जाने हैं. वर्तमान में पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में रेंज सायबर थाने काम कर रहे हैं. अभी रेंज सायबर थानों के लिए भी पद मंजूर नहीं हैं इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ की पदस्थापना करके सायबर अपराधों की विवेचना और कार्रवाई करवा रहे हैं. फिर भी नियमित मंजूर स्टाफ नहीं होने से कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. 2026 के बजट में फंड की उम्मीद इसलिए हाल ही में संपन्न डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर क्राइम पर भी खासतौर पर चर्चा हुई थी. PM, यूएचएम समेत 9 से ज्यादा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. देश भर में सायबर ठगों से निपटने के लिए पुलिस के पास मौजूद संसाधन नाकाफी माने गए. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में दो साल में बजट में घोषित 9 सायबर थानों का संचालन शुरू नहीं होने से भी किरकिरी हुई है. यही वजह है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई. मार्च 2026 के स्टेट बजट में सायबर थानों के लिए पृथक से फंड मिलने की उम्मीद भी अधिसूचना जारी करने की एक वजह है. राज्य में 39 हजार सिम और सेलफोन ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार तारांकित प्रश्न पर विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 2782 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को सायबर, महिला व बाल अपराधों की विवेचना पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण दिया गया है. अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों एवं म्यूल एकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों कुल 1116 पर कार्रवाई की गई है. सायबर फ्रॉड में शामिल 28946 मोबाइल नंबर व 10409 आईएमईआई नंबर को अवरुद्ध कराया गया है. सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए सायबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराए गए हैं.

जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने बदला खेल: AI के 4 ऐतिहासिक बदलाव

नई दिल्ली 2025 का साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया। साल की शुरुआत में AI को लोग एक स्मार्ट टूल की तरह देखते थे। लेकिन दिसंबर आते-आते यह एक बड़ी ताकत बन गया, जो इंटरनेट के ट्रैफिक, जॉब मार्केट, नियम-कानून और देशों की ताकत को प्रभावित करने लगा। अब दुनियाभर में इस पर चर्चा हो रही है कि AI को कैसे कंट्रोल किया जाए, ताकि यह तबाही न मचा सके। साथ ही इस पर बहस हो रही है कि गलती होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी। बहरहाल, इस साल ऐ बदलावों ने एआई को घर-घर में पहुंचा दिया। चलिए, जान लेते हैं कि इस साल AI की दुनिया में कौनसे बड़े बदलाव आए जिन्होंने चौंकाया। ताकतवर AI मॉडल लॉन्च हुए इसी साल OpenAI ने अगस्त में GPT-5 लॉन्च किया, जो सबसे ताकतवर मॉडल था। इसमें 'बिल्ट-इन थिंकिंग' फीचर था। इसके अलावा, एंथ्रोपिक ने मई में Claude 4 जारी किया, जिसमें बेहतर सोचने, कोडिंग करने और निर्देशों को फॉलो करने की क्षमता है। अब AI सिर्फ जवाब देने वाला नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में असिस्टेंट की तरह काम करने लगा। AI इमेज-वीडियो ट्रेंड आए इस साल गूगल का नैनो बनाना टूल भी आया। इसमें प्रॉम्प्ट डालकर लोगों ने मन मुताबिक तस्वीरें बनाईं। विशेषकर, साड़ी वाला ट्रेंड खूब पॉपुलर हुआ। इसका इस्तेमाल कर लोगों ने विंटेज लुक अपनाया। इसी तरह से गिबली ट्रेंड भी लोगों ने इस्तेमाल किया। ताजा ट्रेंड सेलिब्रिटीज के साथ सेल्फी वीडियो बनाने का है। ये ट्रेंड लोगों में खूब मशहूर हुए। AI रोबोट बनाने लगी दुनिया इस साल एआई रोबोट्स सबसे ज्यादा चलन में देखने को मिले। जो कार कंपनियां गाड़ी बनाती थीं, वे अब एआई रोबोट भी बनाने लगी है। इसके अलावा, एलन मस्क की कंपनी भी ऑप्टिमस रोबोट बना रही है, इन्हें दुनिया के सामने रखा भी। इसी तरह चीन में भी UBTECH और Unitree जैसी दिग्गज कंपनियां एआई रोबोट बना रही हैं। चीन ने वियतनाम बॉर्डर पर एआई रोबोट तैनात करने का फैसला भी किया है। CES 2026 में दुनिया भर के ताकतवर एआई रोबोट्स की नुमाइश भी होने वाली है। मल्टीमॉडल और जेनरेटिव एआई की प्रगति एआई मॉडल्स अब टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और ऑडियो को एक साथ हैंडल कर रहे हैं, जिससे नेचुरल इंटरैक्शन और कंटेंट क्रिएशन आसान हुआ। जेनरेटिव एआई क्रिएटिव कामों, बिजनेस ऑटोमेशन और एज एआई में प्रमुख ट्रेंड रहा।

तर्जनी उंगली बताएगी आप कैसे इंसान हैं – स्वभाव से लेकर भविष्य तक के संकेत

हर किसी के हाथ में पांच उंगलियां होती हैं. कुछ लोगों की एक छठी उंगली भी होती है, जिसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है . इन पांचों उंगलियों का अपना-अपना इतिहास और महत्व है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अंगूठा शुक्र ग्रह से, तर्जनी बृहस्पति ग्रह से, मध्यमा शनि ग्रह से, अनामिका रवि ग्रह से और छोटी उंगली बुध ग्रह से संबंधित है. तर्जनी को गुरु उंगली कहा जाता है. इस तर्जनी उंगली में पुष्यराग रत्न की अंगूठी पहनना आम बात है. तर्जनी की आकृति व्यक्ति की बुद्धि और स्वभाव का वर्णन करती है. इस विषय पर प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉक्टर बसवराज गुरुजी ने बताया है. उनका कहना है कि तर्जनी उंगली की आकृति किसी व्यक्ति की बुद्धि और स्वभाव को दर्शाती है. अगर तर्जनी उंगली लंबी है, तो व्यक्ति में नेतृत्व के गुण होते हैं और उसके समाज में नेता बनने की संभावना होती है. वहीं, उंगली चपटी हो और नाखून का हिस्सा थोड़ा चौड़ा हो, तो व्यक्ति में उच्च आत्मविश्वास, भरोसा और तेज बुद्धि होती है. वे अपने काम में सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते हैं. मोटी या चौड़ी वालों का कैसा रहता है भविष्य? गुरुजी के मुताबिक, तर्जनी उंगली त्रिभुजाकार या नुकीली हो, तो ऐसे लोग स्वप्नद्रष्टा होते हैं. उनमें प्रेम, इच्छाएं और आकांक्षाएं अधिक होती हैं. वे वास्तविकता की तुलना में स्वप्नलोक में अधिक विचरण करते हैं. यदि तर्जनी उंगली, विशेषकर नाखून, मोटे हों, तो ऐसे लोग उदार हृदय वाले और दानशील होते हैं. वे धर्मार्थ कार्यों और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. इसके अलावा तर्जनी उंगली छोटी, मोटी या चौड़ी हो, तो ऐसे लोगों में आमतौर पर अपने बारे में नकारात्मक भावनाएं होती हैं. वे सोचते हैं ‘क्या मेरा पूरा जीवन ऐसा ही रहेगा?’ लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी प्रतिष्ठा अच्छी रहेगी. परिवार में कुछ छोटी-मोटी समस्याएं हो सकती हैं. तर्जनी उंगली का प्रयोग शुभ कार्यों के लिए करें गुरुजी ने कहा कि शास्त्रों में तर्जनी उंगली का प्रयोग शुभ कार्यों के लिए करने की सलाह दी गई है. इतिहास में कहा जाता है कि यदि तर्जनी उंगली का प्रयोग किसी का अपमान करने या किसी बुरे कार्य के लिए किया जाए, तो इसके नकारात्मक प्रभाव दोगुने हो जाते हैं. गुरुजी ने सुझाव दिया है कि तर्जनी उंगली की आकृति किसी व्यक्ति के सामान्य गुणों को दर्शाती है.

100% सफलता कैसे पाएं? सरकारी नौकरी के इच्छुकों को प्रेमानंद जी ने दिया खास सक्सेस मंत्र

हमारे देश में सरकारी नौकरी का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। हर साल लाखों छात्र अलग-अलग सरकारी नौकरियों का सपना लिए तैयारी शुरू करते हैं। इस रेस में कोई तय समय नहीं होता, कभी कोई सालभर में अपना मुकाम हासिल कर लेता है, तो किसी को कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती। जाहिर है लाखों की भीड़ में जब आप उतरते हैं, वो गला काट प्रतिस्पर्धा फेस करते हैं, तो मन में घबराहट भी होती है। और जब कड़ी मेहनत के बाद भी कई सालों तक कोई रिजल्ट नहीं मिलता तो मन निराशा में भी घिर जाता है। प्रेमानंद जी महाराज ने अपने एक सत्संग के दौरान इसी विषय पर विस्तार में बताया है। उनके बताए इस मंत्र को अगर छात्र अपने जीवन में उतार लें, तो जरूर सफलता उनके हाथ लगेगी। और यदि असफल भी हुए तो उसे बेहतर तरीके से डील कर पाने में भी मदद मिलेगी। हमेशा उत्साह के साथ करें तैयारी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि छात्र जीवन में हमेशा उत्साह होना चाहिए। चाहे आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हों या बेसिक पढ़ाई; हमेशा पूरे जोश, लगन और उत्साह के साथ करें। कोई भी काम मिल रहा है तो उसे चुनौती की तरह लें और टालने की बजाए तुरंत करने की आदत डालें। जब आप जरूरी काम को सही समय पर करने की आदत डाल लेंगे तो मानसिक रूप से भी आप स्ट्रेस फ्री ही रहेंगे। हंसते-खेलते जोश के साथ आपकी तैयारी भी बेहतर होगी और परिणाम भी हमेशा अच्छा ही मिलेगा। प्रॉपर प्लानिंग के साथ करें तैयारी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि तैयारी करने से पहले उसकी पूरी योजना बनाना जरूरी है। रोज का काम रोज करने की आदतें डालें और डेली प्लानिंग करें। आज आपको क्या करना है इसकी प्रॉपर प्लानिंग बनाएं। रात में प्लान बनाकर सोएं तो और भी बेहतर होगा। इससे आपको अगले दिन काम करने में आसानी होगी और आप अपने पूरे दिन का अच्छा उपयोग कर पाएंगे। चिंता की बजाय चिंतन करें चिंता करना चिता के समान है। इससे मिलता तो कुछ नहीं उल्टा नुकसान ही होता है। प्रेमानंद जी महाराज भी कहते हैं कि छात्र हो या कोई भी व्यक्ति, चिंता तो बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। चिंता की जगह अगर आप चिंतन करें तो ज्यादा बेहतर होगा। सोचें कि कैसे खुद को बेहतर कर सकते हैं, आगे की योजना बनाएं। अपनी तैयारी ऐसी रखें कि एक महीने बाद परीक्षा है, तो आज भी अगर कोई आपसे सवाल पूछे तो आप बता पाएं। ऐसी तैयारी करने वाले छात्र को जरूर सफलता मिलती है।  

नशा मुक्त पंजाब की ओर मजबूत कदम, मादक पदार्थों पर निर्णायक जीत का भरोसा : सीएम भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य में गहराई तक जड़े जमा चुके मादक पदार्थों और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब निर्णायक रूप से स्थिति को पलट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) अधिनियम के तहत अभूतपूर्व 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 1 जनवरी, 2025 से 916 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निरंतर प्रवर्तन, कड़ी जांच और शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं, जो एक स्पष्ट जीत का संकेत है।  पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में बयानबाजी से हटकर परिणामों की ओर रुख करें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को हुई बैठक में कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में नशा के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद से 30,144 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस तरह का पहला अभियान 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और मादक पदार्थों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति तैयार की गई थी, जिसके परिणाम बेहद फलदायी रहे हैं। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। इसी तरह, पिछले साढ़े तीन वर्षों में 5119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस और 4.98 करोड़ कैप्सूल के साथ-साथ 52.46 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की रकम बरामद की गई है। सीएम मान ने कहा कि राज्य ने 2022 से ही मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और प्रवर्तन, वित्तीय व्यवधान, प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, दोषसिद्धि सुनिश्चित करना, जनभागीदारी और मानवीय पुनर्वास को मिलाकर एक व्यापक, सतत और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस रणनीति को लागू करने में अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप चैटबॉट एक प्रमुख नागरिक भागीदारी पहल के रूप में उभरा है, जिससे लगभग 30,000 उपयोगी सूचनाएं, 11,000 से अधिक एफआईआर और लगभग 14,000 गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने ड्रोन आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों ड्रोन बरामद किए गए हैं और 2025 के दौरान अवरोधन में तीव्र वृद्धि हुई है। गुंडों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सीएम मान ने कहा कि 1 जनवरी से लेकर 17 दिसंबर तक पंजाब पुलिस ने 916 गुंडों को गिरफ्तार किया है, 13 को मार गिराया है, 389 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 594 हथियार बरामद किए हैं, साथ ही 229 हथियार भी जब्त किए हैं।

हरियाणा में नए साल पर मौसम का यू-टर्न! बारिश के आसार, IMD ने शीतलहर को लेकर किया अलर्ट

हरियाणा  हरियाणा के लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं। इन दिनों लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मौसम बदलने लगा है। 30 दिसंबर को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से नए साल की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हो सकती है। इससे ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने हरियाणा में शीतलहर और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  वातावरण में नमी बढ़ने के कारण सुबह के समय कोहरा देखने को मिल रहा है। इस दौरान रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल एक कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से शुक्रवार को हल्की बादलवाही और कोहरा छाया रहा। इस दौरान नारनौल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 30 दिसंबर को एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके प्रभाव से सूबे के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। जिससे नए साल में ठंड और ज्यादा बढ़ जाएगी।