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Overview 2025: कूटनीति की ऐतिहासिक सफलता, 28 देशों ने पीएम मोदी को किया सम्मानित

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे नेता हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा देशों से सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व पटल पर भारत की छवि निखरी है। भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है। वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका अहम हो गई है। पीएम मोदी दो दिवसीय इथियोपिया के दौरे पर थे, जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। हालांकि, इथियोपिया पहला देश नहीं है, जिसने पीएम मोदी को इस तरह के सम्मान से नवाजा है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी को दुनिया के किन-किन देशों ने कब-कब सम्मानित किया है। पीएम मोदी को 11 साल के कार्यकाल में 28 देशों में सम्मानित किया जा चुका है। पीएम मोदी को सम्मानित करने का सिलसिला 2016 में सऊदी अरब से शुरू हुआ। इस साल पीएम मोदी अब तक 8 अवॉर्ड से सम्मानित किए जा चुके हैं। इससे पहले 2023 से 2024 के बीच उन्हें 6 देशों में सम्मानित किया गया। 2016 में पीएम मोदी को सऊदी अरब में 'ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअजीज' और अफगानिस्तान में 'ऑर्डर ऑफ अमानुल्लाह खान अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2018 में भारत के प्रधानमंत्री को फिलिस्तीन में ऑर्डर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन से सम्मानित किया गया। 2019 में पीएम मोदी को मालदीव ने ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ इज्जुद्दीन से नवाजा गया। फिर 2019 में उन्हें बहरीन में किंग ऑफ हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां सम्मान मिला। 2019 में पीएम मोदी को संयुक्त अरब अमीरात के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मानित किया गया। 21 दिसंबर 2020 को पीएम मोदी को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्वोच्च सम्मान लीजन ऑफ मेरिट, डिग्री चीफ कमांडर से सम्मानित किया। भारत के प्रधानमंत्री को दिसंबर, 2021 में भूटान के राजा ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित करने का ऐलान किया था, और 2024 में उन्हें इससे सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं। 2023 में पीएम मोदी को ग्रीस, फ्रांस, मिस्र, पापुआ न्यू गिनी और फिजी में सम्मानित किया गया। ग्रीस की राष्ट्रपति कैटरीना एन सकेलारोपोउलू ने 2023 में पीएम मोदी को सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया था। इसके अलावा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 2023 में ही ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन डी’होनूर ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। मिस्र में जून 2023 को पीएम मोदी को राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द नाइल से सम्मानित किया। 2023 में ही पापुआ न्यू गिनी में उन्हें ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया गया। फिजी में भारत के पीएम मोदी को मई 2023 में सर्वोच्च सम्मान कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (सीएफ) से सम्मानित किया गया था। 2023 में पलाऊ में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एबाकल अवार्ड नेशनल/ट्रेडिशनल ऑनर फॉर लीडरशिप एंड विजडम से नवाजा गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को जुलाई 2024 में सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया। दिसंबर 2024 में कुवैत के अमीर महामहिम शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल-कबीर' से सम्मानित किया। 20 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री को गुयाना के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी गुयाना के ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से सम्मानित होने वाले चौथे विदेशी नेता हैं। बारबाडोस के प्रधानमंत्री महामहिम मिया अमोर मोटली ने 20 नवंबर 2024 को पीएम मोदी को 'ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस' सम्मान देने का ऐलान किया, जिसे मार्च 2025 में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने प्राप्त किया। पीएम मोदी को 2024 में नाइजीरिया के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर (जीसीओएन) से नवाजा गया। डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन ने प्रधानमंत्री मोदी को नवंबर 2024 में 'डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवा ने जुलाई 2025 में नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विचिया मिराबिलिस' से पीएम मोदी को सम्मानित किया। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस' से 7 जुलाई 2025 को भारत के प्रधानमंत्री को सम्मानित किया। 4 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ओआरटीटी ने सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया। इसके अलावा 2 जुलाई 2025 को पीएम मोदी को घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से नवाजा गया। साइप्रस के राष्ट्रपति महामहिम निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने 16 जून 2025 को भारत के पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III' से सम्मानित किया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका ने 5 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। यह विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है। पहली बार किसी भारतीय नेता को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

RLM में टूट के आसार? उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा झटका दे सकते हैं तीन विधायक

पटना बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सबसे छोटे घटक राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में अंतर्कलह के संकेत मिल रहे हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि चार विधायकों में से एक को छोड़कर शेष सभी ने पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से दूरी बना ली है। उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा? पार्टी के एक नेता ने बताया कि दल में असंतोष इस सप्ताह की शुरुआत में उस समय खुलकर सामने आया, जब कुशवाहा द्वारा आयोजित ‘लिट्टी पार्टी' में उनकी पत्नी और सासाराम से विधायक स्नेहलता को छोड़कर कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। इसी दिन रालोमो के विधायक माधव आनंद, आलोक कुमार सिंह और रामेश्वर महतो ने शहर के दौरे पर आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से ‘शिष्टाचार मुलाकात' की। इस मुलाकात के बाद मीडिया के एक वर्ग में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि कुशवाहा की पार्टी में विद्रोह हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानमंडल का सदस्य न होने के बावजूद कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। जब पत्रकारों ने हालिया घटनाक्रम को लेकर उपेंद्र कुशवाहा से सवाल किए तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “लगता है आपके पास पूछने के लिए कोई ढंग का सवाल नहीं है।” रालोमो के विधानसभा में नेता तथा पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा, “फिलहाल हम पूरी तरह पार्टी में हैं। कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें सुलझा लिया जाएगा।” 'पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष' हालांकि, कुशवाहा के एक करीबी सहयोगी ने कहा, “हमारे नेता को यह समझना चाहिए कि उन्होंने अपने बेटे को मंत्रिमंडल में भेजकर बड़ी भूल की है, जो अभी राजनीति में नौसिखिया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया है और भाजपा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) जैसे सहयोगियों के बीच भी गलत संदेश गया है।” उन्होंने कहा, “हर बार संकट से बच निकलने वाले कुशवाहा एक के बाद एक आत्मघाती फैसले लेने के बावजूद राजनीतिक रूप से जीवित रहे हैं। इस प्रक्रिया में उन्होंने अविश्वसनीय होने की छवि बना ली है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हकीकत स्वीकार करने के बजाय वह खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।” यह टिप्पणी रालोमो प्रमुख के सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया बयानों की ओर इशारा करती है, जिनमें उन्होंने अपने बेटे को समर्थन देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था, “अतीत में मैंने जिन लोगों को सांसद और विधायक बनाने में मदद की, उन्हीं ने मुझे धोखा दिया। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए मुझे जो जरूरी लगा, वह करना पड़ा।” उल्लेखनीय है कि कुशवाहा पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से राजग उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। भाजपा उन्हें एक बड़े अन्य पिछड़ा वर्ग समूह कोइरी समुदाय में समर्थन बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाती रही है।

क्या फिर से शादी करने जा रही हैं शुभांगी अत्रे? EX पति के निधन के 7 महीने बाद दिया बड़ा बयान

मुंबई 'भाभी जी घर पर हैं' फेम शुभांगी अत्रे ने 2003 में इंदौर में पीयूष पूरे से शादी की थी, जो कि डिजिटल मार्केटिंग की नौकरी करते थे। दो साल बाद बेटी आशी का जन्म हुआ था। लेकिन चीजें सही न चलने के कारण इनका रिश्ता 2022-23 में खराब हो गया था और ये अलग हो गए थे। फिर फरवरी, 2025 में तलाक भी फाइनल हो गया था। लेकिन अप्रैल 2025 में पूर्व पति की मौत हो गई थी। अब एक्ट्रेस ने दूसरी शादी के बारे में रिएक्ट किया है। पत्रकार विक्की लालवानी से बातचीत में शुभांगी अत्रे ने कहा, 'तलाक का फैसला मैंने न सिर्फ अपने लिए, बल्कि बेटी के लिए लिया क्योंकि मानसिक रूप से आप काफी प्रभावित होते हैं, जब आप खुद को किसी रिश्ते में झोक देते हैं। तो उसका गहरा असर होता है। तो उस रिश्ते ने मुझे अफेक्ट करना शुरू कर दिया था। मुझे एंजाइटी इशूज होने लगे थे। बीच में एक ऐसा समय आया था मेरा कि मुझे किसी से मिलने का मन नहीं होता था। इसीलिए मैं काम कर ही थी। सिर्फ काम कर रही थीं। और इस बात का सुकून है कि मेरी पर्सनल लाइफ में कितना भी कुछ चल रहा था, मैंने शो को कभी अफेक्ट नहीं होने दिया। कभी भी नहीं।' शुभांगी अत्रे का तलाक पर रिएक्शन शुभांगी अत्रे ने बताया कि उनके लिए पीयूष से अलग होना आसान नहीं था। हालांकि इस दौरान उनके करीबियों ने साथ दिया, 'तलाक के दौरान परिवार, बेटी, बहनें, दोस्त सभी चट्टान की तरह साथ खड़े रहे। मेरी लाइफ में जो भी घटनाएं हुई हैं, जिनसे मैं बाहर निकली हूं, उसने मुझे बहुत सिखाया है। तो मैं बहुत ग्रेटफुल हूं।' दोबारा शादी करेंगी शुभांगी अत्रे? जब पूछा गया कि क्या वह दोबारा प्यार में पड़ना चाहेंगी? तो वह बोलीं, 'पता नहीं, अभी तो ऐसा कुछ नहीं है दिमाग में। बिलकुल भी नहीं है और मैं खुद को इस बात के लिए फोर्स भी नहीं कर रही। मेरी बहनें कहती हैं लेकिन नहीं, अभी तो मेरा पूरा ध्यान आशी पर है।' यानी एक्ट्रेस अभी दोबारा शादी के बारे में तो नहीं सोच रही हैं। लेकिन 44 साल की एक्ट्रेस ने इनकार भी नहीं किया है।

कार खरीदारों को लगेगा ब्रेक! 2026 की शुरुआत में बढ़ेंगे गाड़ियों के दाम

नई दिल्ली  भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में नए साल की शुरुआत के साथ ही कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। कई प्रमुख कार निर्माता कंपनियों ने जनवरी 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में इजाफा, लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत और संचालन व्यय में वृद्धि इस कदम के प्रमुख कारण हैं। यह बदलाव मास मार्केट कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों और लग्जरी मॉडलों सभी पर लागू होगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां कीमत में बढ़ोतरी करने वाली हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अपनी पूरी रेंज की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि इनपुट कॉस्ट और मुद्रा विनिमय संबंधी दबाव इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं। यह बढ़ोतरी एंट्री-लेवल सेडान, SUVs और हाई-परफॉर्मेंस मॉडल सभी को प्रभावित करेगी। यदि आप अभी इस कंपनी की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो साल के अंत तक बुकिंग कर सकते हैं। निसान मोटर इंडिया निसान मोटर इंडिया ने जनवरी 2026 से अपनी पूरी लाइनअप में लगभग 3% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसमें Magnite जैसे लोकप्रिय मॉडल भी शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि निर्माण और सप्लाई चेन की लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, कुछ प्रभाव को आंतरिक रूप से कम करने की कोशिश की गई है। होंडा कार्स इंडिया होंडा इंडिया ने भी अपनी सभी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। कंपनी ने इनपुट और संचालन लागत में बढ़ोतरी को इस कदम का मुख्य कारण बताया है। हालांकि, होंडा ने अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी की सटीक दर का खुलासा नहीं किया है।   एमजी मोटर इंडिया एमजी मोटर इंडिया कुछ चुनिंदा मॉडलों, जैसे कि Comet EV, Windsor EV और Hector रेंज, की कीमतों में लगभग 2% तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने कहा कि कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत उत्पादन खर्च को प्रभावित कर रही है, जिसके चलते कीमतों में यह समायोजन किया जा रहा है। BYD इंडिया BYD इंडिया ने Sealion 7 इलेक्ट्रिक SUV की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। हालांकि पूरे लाइनअप में समान बढ़ोतरी नहीं की गई है। कंपनी ने कहा कि बैटरी सोर्सिंग और इंपोर्ट से जुड़ी लागतों में इजाफा इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं।  

शीतलहर से कांपा बिहार, मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया

पटना बिहार में ठंड का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है। शीतलहर के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। 10 डिग्री से नीचे लुढ़का पारा, औरंगाबाद-सबौर सबसे ठंडा IMD Bihar के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। Aurangabad और Bhagalpur ke Sabour बिहार के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 7.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा तापमान का हाल इस प्रकार रहा—     Gaya: 7.6°C     Bhagalpur & Sheikhpura: 8.9°C     Valmiki Nagar (West Champaran) & Dehri: 9.0°C     Jehanabad: 9.3°C     Saharsa: 9.5°C लगातार गिरते तापमान ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।  इन जिलों में घना कोहरा हो की  चेतवानी मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है। IMD ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट फॉर डेनसे फोग Orange Alert for Dense Fog जारी किया है, वे हैं—पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है। IMD Patna के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दृश्यता काफी घट गई थी। Low Visibility के चलते सड़क दुर्घटनाओं, ट्रेन लेट होने और फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित होने की संभावना रहती है। लोगों को खासतौर पर सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक सतर्क रहने को कहा है। IMD ने जारी की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कोल्ड डे भी जारी किया है। ऐसे में दिन के समय भी ठंड का असर बना रह सकता है और धूप बेहद कमजोर रहने की संभावना है। 28 दिसंबर को मौसम का पूर्वानुमान आने वाले कल (28 दिसंबर 2025) को बिहार के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में घने से अत्यधिक घने कोहरे की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद। इसके अलावा, कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है, जहां दिन में भी धूप कमजोर रहेगी और ठंडक बरकरार रहेगी।  जानिए कोल्ड डे का मतलब जब किसी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शीतलहर की श्रेणी में पहुंच जाए और साथ ही अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे चला जाए, तो उसे कोल्ड डे कहा जाता है। इस स्थिति में पूरे दिन ठंड बनी रहती है और सूरज की गर्माहट का असर बहुत कम होता है।  

पंचायत का फरमान: गांव की बेटी से विवाह करने पर भुगतना होगा अंजाम

फतेहाबाद गांव ब्राह्मणवाला में शुक्रवार को हुई पंचायत में पंचों ने अहम फैसला सुनाया है। पंचायत में निर्णय लिया गया है कि सामाजिक बुराई से गांव को बचाने के लिए लोगों को आगे आना होगा। पंचायत ने निर्णय लिया कि भविष्य में अगर गांव का कोई भी युवक गांव की ही युवती या बहू से शादी करेगा तो उसे गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। पंचायत के फैसले के विरुद्ध वह फिर भी गांव में रहता है तो किसी भी अनहोनी के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। गांव के सरपंच प्रतिनिधि जीवन सिंह ने बताया कि समाज का नैतिक पतन हो रहा है। इसी को देखते हुए पंचायत कर सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है कि गांव की मर्यादा बनी रहे। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि गांव के युवक गांव की ही बहू-बेटियों के साथ प्रेम प्रसंग व अन्य कारणों के साथ गुपचुप शादी कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत विचारधारा पनप रही है। इसी के मद्देनजर ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गांव का कोई भी युवक गांव की बहू-बेटी से शादी नहीं करेगा और ऐसा करने वाले व्यक्ति को अपनी पत्नी सहित गांव से बाहर रहना होगा। पंचायत के फैसले के विरुद्ध प्रेमी जोड़ों का सहयोग करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। पंचायत में ग्रामीण जगतार सिंह, जग्गा सिंह, गुरतेज पाल सिंह, रेशम सिंह, हेमराज आदि मौजूद रहे।     

100 साल पूरे होने पर RSS में बदलाव, जल्द ही क्षेत्र प्रचारकों का पुनर्गठन

नागपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है. संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है. कुछ वर्ष पहले जब संघ ने अपनी पारंपरिक ड्रेस में बदलाव किया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना था. अब शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ की आंतरिक संरचना में व्यापक परिवर्तन प्रस्तावित है, जिसे संगठन के भविष्य के विस्तार और कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का सबसे बड़ा असर प्रांत प्रचारक की व्यवस्था पर पड़ेगा. नई रचना के तहत अब प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक नियुक्त किए जाएंगे. संभाग प्रचारकों का कार्यक्षेत्र प्रांत प्रचारकों की तुलना में छोटा होगा, जिससे संगठनात्मक कामकाज अधिक प्रभावी और ज़मीनी स्तर पर सशक्त हो सकेगा. इसके साथ ही हर राज्य में एक राज्य प्रचारक की व्यवस्था की जाएगी, जो पूरे राज्य में संघ के काम का समन्वय करेंगे. संघ की नई संरचना में लगभग दो सरकारी मंडलों (कमिश्नरी) को मिलाकर एक संभाग बनाया जाएगा. उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश को देखा जाए तो वर्तमान में संघ ने राज्य को छह प्रांतों (ब्रज, अवध, मेरठ, कानपुर, काशी और गोरक्ष) में विभाजित किया हुआ है. वहीं, प्रशासनिक रूप से उत्तर प्रदेश में 18 मंडल हैं. नई व्यवस्था के अनुसार इन 18 मंडलों को मिलाकर 9 संभाग बनाए जाएंगे. यानी उत्तर प्रदेश में अब नौ संभाग प्रचारक होंगे और पूरे राज्य के लिए एक राज्य प्रचारक कार्य करेगा. फिलहाल प्रदेश में छह प्रांत प्रचारक जिम्मेदारी निभा रहे हैं. कई बदलाव की हो चुकी तैयारी मौजूदा व्यवस्था में उत्तर क्षेत्र में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर राज्य आते हैं. अब आगे इसमें राजस्थान को भी जोड़ने की तैयारी है. प्रांत प्रचारक के जगह राज्य प्रचारक बनाए जाएंगे. संघ में प्रांत व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है. संघ ढांचा में अब तक महत्वपूर्ण माने जा रहे प्रांत प्रचारक व्यवस्था अब आगे नहीं रहेगा. हर राज्य में होगा एक राज्य प्रचारक अब देश के हरेक राज्य के एक एक प्रचारक होंगे जिन्हें राज्य प्रचारक कहा जाएगा. मसलन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सात प्रांत प्रचारक के जगह अब एक राज्य प्रचारक होंगे. संभागीय प्रचारक: कमिश्नरी लेवल पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू होगी. राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी. सुझावों के आधार पर तय किए गए बदलाव संभागीय प्रचारक के नीचे के व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगा. संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक व्यवस्था पूर्ववत चलता रहेगा. 100 साल पूरे होने पर संघ ने आंतरिक व्यवस्था और संगठन पदानुक्रम के पुनर्गठन पर सुझाव देने के लिए एक टीम बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंप दिया है. संघ की जिस टोली को दिए गए थे उन्होंने अपने तरफ ये सुझाव दिए हैं. सांगठनिक बदलावों को लेकर मिले सुझाव पर लगभग सहमति बन गई है. ये व्यवस्था आने वाले समय में शताब्दी वर्ष समारोह खत्म होने के बाद देखने को मिल सकता है. संगठन के स्‍तर पर क्‍या होगा असर? इस बदलाव का असर क्षेत्र प्रचारकों की संख्या पर भी पड़ेगा. वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक क्षेत्र प्रचारक है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए एक अलग क्षेत्र प्रचारक कार्यरत है. नई व्यवस्था में इन दोनों की जगह केवल एक क्षेत्र प्रचारक होगा, जो पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का कार्य देखेगा, हालांकि दोनों राज्यों के राज्य प्रचारक अलग-अलग होंगे. इसी तरह राजस्थान को अब संघ दृष्टि से उत्तर क्षेत्र (जिसमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब शामिल हैं) के साथ जोड़ा जाएगा. इस पूरे क्षेत्र के लिए एक ही क्षेत्र प्रचारक होगा. फिलहाल देशभर में संघ के 11 क्षेत्र प्रचारक हैं, जो नई संरचना लागू होने के बाद घटकर 9 रह जाएंगे. वहीं, पूरे देश में लगभग 75 संभाग प्रचारक होंगे. यह बदलाव संघ की बढ़ती गतिविधियों और कार्य विस्तार को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. संघ की बैठकों में क्‍या बदलाव? इसके अलावा संघ की बैठकों की संरचना में भी बदलाव प्रस्तावित है. मार्च में होने वाली संघ की सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा अब हर साल नहीं होगी. नए निर्णय के अनुसार यह बैठक हर तीन साल में नागपुर में आयोजित की जाएगी. हालांकि दीपावली के आसपास होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक हर वर्ष की तरह जारी रहेगी. सूत्र बताते हैं कि संघ की इस नई रचना पर पिछले 5–6 वर्षों से मंथन चल रहा था. लंबे विचार-विमर्श के बाद अब इन बदलावों पर सहमति बनती दिख रही है. माना जा रहा है कि मार्च 2026 में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है और वर्ष 2027 से संघ में ये बदलाव ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगेंगे.

कांग्रेस सड़क पर उतरेगी, MGNREGA के नाम परिवर्तन के खिलाफ प्रदर्शन

 नई दिल्ली दिल्ली के कोटला मार्ग स्थित नए कांग्रेस मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया. कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) योजना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ 5 जनवरी 2026 से देशव्यापी 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' शुरू करने की घोषणा की है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पार्टी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि MNREGA को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा. उन्होंने बताया कि CWC बैठक में नेताओं ने शपथ ली है कि इस कानून को बचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा. खड़गे ने कहा, “MNREGA सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है. कोविड काल में इस योजना ने करोड़ों लोगों को रोज़गार और आजीविका दी. अगर MNREGA नहीं होता, तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी. यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की दूरदर्शिता का परिणाम है और संसद में CAG समेत कई एजेंसियों ने इसकी प्रभावशीलता को स्वीकार किया है." PMO से लिया गया फैसला: राहुल गांधी राहुल गांधी ने MNREGA का नाम बदलने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “यह फैसला सीधे PMO से लिया गया है. संबंधित मंत्री से भी कोई चर्चा नहीं की गई. यह संघीय ढांचे पर हमला है.” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों से उनका पैसा और निर्णय लेने का अधिकार छीन रही है, जिससे सत्ता का केंद्रीकरण हो रहा है. उन्होंने कहा, “MNREGA एक अधिकार आधारित विकास मॉडल था, जिसकी दुनिया भर में सराहना हुई. इसे प्रधानमंत्री ने अकेले दम पर खत्म कर दिया, ठीक वैसे ही जैसे नोटबंदी की गई थी.” उन्होंने आरोप लगाया कि MNREGA को कमजोर करने का मकसद गरीबों से पैसा छीनकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है. उन्होंने कहा, “इस फैसले से आदिवासी, दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग को भारी नुकसान होगा, जबकि इसका पूरा फायदा अरबपतियों को मिलेगा.” विपक्ष को साथ लाने का दावा राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट होगा. उन्होंने कहा, “हम इसका विरोध करेंगे, लड़ेंगे और मुझे पूरा विश्वास है कि पूरा विपक्ष इस कदम के खिलाफ खड़ा होगा.” प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में खड़गे ने दोहराया कि कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम और MNREGA के मूल स्वरूप से किसी भी छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से हर साजिश का मुकाबला करेगी.

बीयर का बोलबाला, मध्य प्रदेश में पियक्कड़ों की पहली पसंद बनी ठंडी बीयर

भोपाल मध्य प्रदेश में शराब पीने का तरीका बदल गया है। अब लोग 'ठंडी बीयर' सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह देसी दारू और IMFL (इंडियन-मेड फॉरेन लिकर) दोनों से आगे निकल गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीयर की बिक्री IMFL से तीन गुना ज्यादा है, जबकि देसी दारू की बिक्री IMFL से दोगुनी है, लेकिन बीयर से कम है। एमपी में बीयर का प्रेम बढ़ा यह बदलाव पिछले पांच सालों में आया है। 2021-22 तक, एमपी में देसी दारू की बिक्री सबसे ज्यादा होती थी। लेकिन अब बीयर की खपत हर साल बढ़ रही है और पिछले तीन सालों से यह सबसे ऊपर है। बीयर के बाद, एमपी में सबसे ज्यादा देसी दारू पी जाती है। 2020-21 में देसी दारू की 899.16 लाख प्रूफ लीटर बिक्री हुई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1522.76 लाख प्रूफ लीटर हो गई। 2025-26 में नवंबर तक 921.79 लाख प्रूफ लीटर देसी दारू की खपत हो चुकी थी। पांच सालों में दोगुनी हुई अंग्रेजी खपत IMFL की बिक्री भी पिछले पांच सालों में दोगुनी हुई है, लेकिन यह बीयर और देसी दारू से कम है। 2020-21 में IMFL की 420.65 लाख प्रूफ लीटर बिक्री हुई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 720.75 लाख प्रूफ लीटर हो गई। 2025-26 में नवंबर तक 555.90 लाख प्रूफ लीटर IMFL की खपत हुई। 2020-21 और 2021-22 में देसी दारू की बिक्री क्रमशः 899.16 लाख प्रूफ लीटर और 1020.50 लाख प्रूफ लीटर थी। वहीं, इसी दौरान बीयर की बिक्री 840.77 लाख बल्क लीटर और 962.42 लाख बल्क लीटर थी। विधानसभा में मंत्री ने दी जानकारी यह जानकारी डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 18 दिसंबर को राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर दी। शराब की बिक्री बढ़ने से सरकार के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। 2020-21 में आबकारी विभाग का राजस्व 9520.96 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 15254 करोड़ रुपये हो गया।

दुनिया में घटे गिद्ध, पन्ना में बढ़ी उड़ान, पर्यावरण के लिए अच्छी खबर

पन्ना  देश और दुनिया में गिद्धों की संख्या लगातार घटती जा रही है, लेकिन इसके विपरीत दक्षिण पन्ना वनमंडल अंतर्गत पवई क्षेत्र के जंगलों में गिद्धों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही पेंटेड स्टार्क और दुर्लभ ब्लैक स्टार्क जैसे पक्षियों की मौजूदगी भी बढ़ी है, जिसे पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से बेहद सुखद संकेत माना जा रहा है। शीत ऋतु के आगमन के साथ ही दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज में प्रवासी पक्षियों की सक्रियता देखी जा रही है। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यूरेशियन ग्रिफॉन और हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध, पेंटेड स्टार्क तथा दुर्लभ ब्लैक स्टार्क यहां पहुंचे हैं। ये प्रवासी पक्षी आगामी लगभग तीन माह तक पवई के घने जंगलों में प्रवास करेंगे। यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई वन विभाग के अनुसार, यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया से, जबकि हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध हिमालय, तिब्बत और मध्य चीन क्षेत्र से लंबी यात्रा कर पवई पहुंचे हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि पवई के जंगलों में यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है, जो हजारों किलोमीटर की यात्रा कर यहां तक पहुंचे हैं। सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों और सतत वन प्रबंधन के चलते दक्षिण पन्ना वनमंडल प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है। यह क्षेत्र की जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाने के साथ-साथ गिद्ध संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।