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राशन कार्ड अपडेट: बिहार में 57 लाख से ज्यादा लोगों के नाम हटने से हड़कंप

पटना  बिहार के राशन कार्डधारियों से जुड़ी बड़ी खबर है. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग ने बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को बड़ा आदेश दिया है. इसके मुताबिक बिहार के 57 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों के नाम हटने वाले हैं. ये ऐसे राशन कार्डधारी हैं, जिनकी पात्रता संदिग्ध है. राशनकार्ड धारियों में 25 लाख का टर्नओवर वाले का भी नाम जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध राशनकार्ड धारियों में अच्छा खासा कारोबार करने वाले जीएसटी में रजिस्टर्ड और 25 लाख से अधिक ग्रॉस टर्न ओवर वाले बिजनेस मैन भी शामिल हैं. मीडियम और हैवी मोटर व्हीकल वाले भी हैं. आयकर जमा करने वाले और बड़ी जमीन का स्वामित्व रखने वाले काश्तकार लोगों की संख्या भी लगभग 60 हजार है. अब तक 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर सख्त एक्शन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य विभाग के निर्देश के बाद बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर अभी तक सख्त एक्शन ले लिया है. इनमें अधिकतर के नाम हटा दिये गये हैं. बाकी रह गये करीब 20 लाख से अधिक राशनकार्ड धारियों की पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है. जनवरी तक हो सकता है सत्यापन संभावना जताई जा रही है कि जनवरी तक इनका सत्यापन हो जायेगा. इस समय पूरे खाद्य विभाग का फोकस इसी से संबंधित अभियान पर लगा हुआ है. केंद्र से मिली लिस्ट में सबसे आश्चर्य जनक खुलासा हुआ है कि राशन कार्डों में 22 हजार से अधिक लोग ऐसे बताये गये हैं, जिनकी उम्र 100 साल से अधिक है. अधिक केस वाले 10 जिले दरभंगा मधुबनी मुजफ्फरपुर पटना पूर्वी चंपारण समस्तीपुर सारण सीतामढ़ी सीवान वैशाली कम केस वाले 10 जिले अरवल शेखपुरा शिवहर जहानाबाद लखीसराय कैमूर (भभुआ) मुंगेर बक्सर मधेपुरा किशनगंज

अद्भुत मामला झारखंड से: पुलिस स्टोर का 200 किलो गांजा चूहों ने निगल लिया

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाने में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया करीब 200 किलो गांजा चूहों ने खा लिया. यह पुलिस ने कोर्ट को बताया है. यह मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने सबूतों की गंभीर खामियों और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए आरोपी को बरी कर दिया. आरोपी इंद्रजीत राय (26 वर्ष) बिहार के वैशाली जिला के वीरपुर गांव का रहनेवाला है. पुलिस और अदालत में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला 17 जनवरी 2022 का है. ओरमांझी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की बोलेरो रांची से रामगढ़ की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में मादक पदार्थ लदा है. पुलिस टीम ने एनएच-20 पर बैरिकेडिंग की. गाड़ी रुकते ही उसमें सवार तीन लोग भागने लगे. पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गये. पकड़े गये व्यक्ति की पहचान इंद्रजीत राय उर्फ अनुरजीत राय के रूप में हुई. तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ गाड़ी की तलाशी में करीब 200 किलो गांजा बरामद हुआ. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया. जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की कहानी सवालों के घेरे में आ गयी. गवाहों के बयानों में समय, स्थान और घटनाक्रम को लेकर भारी विरोधाभास सामने आया. कोई यह स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी को किसने पकड़ा, गाड़ी कहां रोकी गयी या तलाशी कितनी देर चली. मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब अदालत को बताया गया कि ओरमांझी थाना के मालखाना में सुरक्षित रखा गया जब्त गांजा चूहे खा गये. इस संबंध में वर्ष 2024 में पुलिस ने सनहा दर्ज किया. अदालत ने इस दावे को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया. फैसले में अदालत ने कहा कि न तो आरोपी को वाहन से जोड़ने के ठोस सबूत पेश किये गये, न ही जब्ती और नमूनाकरण की प्रक्रिया पर भरोसा किया जा सकता है. वाहन के इंजन और चेसिस नंबर तक स्पष्ट नहीं थे, जिससे जांच की विश्वसनीयता कमजोर हो गयी. इसलिए अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया. मलखाने से गायब हुए गांजे की कीमत एक करोड़ आरपीएफ गांजा बरामदगी के बाद प्रति किलोग्राम 50 हजार रुपये की दर से मूल्यांकन करती है. इस तरह बरामद 200 किलो गांजा का मूल्य एक करोड़ रुपये हुआ. पुलिस के अनुसार यह चूहे खा गये. यह मामला न सिर्फ पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि इतने बड़े पैमाने पर जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा और निगरानी आखिर कैसे की जाती है? अब यह जांच का विषय है कि क्या मालखाना में सचमुच चूहों का आतंक है या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? घटनाक्रम 17 जनवरी 2022 : गांजा बरामदगी के लिए छापेमारी हुई. 17 जनवरी 2022 : ओरमांझी थाना में केस दर्ज होने की तिथि. 13 मार्च 2022 : केस में आरोपी इंद्रजीत राय पर चार्जशीट हुआ. 01 जून 2022 : केस में आरोपी पर चार्ज फ्रेम हुआ. 15 जून 2022 : केस में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया. 16 दिसंबर 2025 : केस में बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया. 19 दिसंबर 2025 : केस में आरोपी को बरी करने का फैसला आया.

आस्था का अद्भुत केंद्र—कौशल्या माता मंदिर, माँ की गोद में बाल रूप में श्रीराम

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर चंदखुरी में भगवान श्रीराम की जननी कौशल्या माता का प्रसिद्ध मंदिर है। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जननी माता कौशल्या का मंदिर पूरे भारत में एक मात्र और दुर्लभ मंदिर तो है ही यह छत्तीसगढ़ राज्य की गौरवपूर्ण अस्मिता भी है। प्राकृतिक सुषमा के अनेक अनुपम दृश्य इस स्थल पर दिखाई देते हैं। पौराणिक कथाएं रामायण काल में छत्तीसगढ़ का अधिकांश भाग दण्डकारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आता था। यह क्षेत्र उन दिनों दक्षिणापथ भी कहलाता था। यह रामवनगमन पथ के अंतर्गत है इस कारण श्रीरामचंद्र जी के यहां वनवास काल में आने की जनश्रुति मिलती है। उनकी माता की जन्मस्थली होने के कारण उनका इस क्षेत्र में आगमन ननिहाल होने की पुष्टि करता है। वाल्मिकी रामायण के अनुसार अयोध्यापति युवराज दशरथ के अभिषेक के अवसर पर कोसल नरेश भानुमंत को अयोध्या आमंत्रित किया गया था। इसी अवसर पर युवराज द्वारा राजकुमारी भानुमति जो अपने पिता के साथ अयोध्या गयी थी, उनकी सुंदरता से मुग्ध होकर युवराज दशरथ ने भानुमंत की पुत्री से विवाह का प्रस्ताव रखा, तभी कालांतर में युवराज दशरथ एवं कोसल की राजकन्या भानुमति का वैवाहिक संबंध हुआ। कोसल की राजकन्या भानुमति को विवाह उपरांत कोसल राजदूहिता होने के कारण कौशल्या कहा जाने लगा। रानी कौशल्या को कोख से प्रभु राम का जन्म हुआ। कौशल्या माता मंदिर चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर का जीर्णोद्धार 1973 में किया गया था। पुरातात्विक दृष्टि से इस मंदिर के अवशेष सोमवंशी कालीन आठवीं-नौंवी शती ईस्वीं के माने जाते हैं।यहां स्थित जलसेन तालाब के आगे कुछ दूरी पर प्राचीन शिव मंदिर चंद्रखुरी जो इसके समकालीन स्थित है, पाषण से निर्मित इस शिव मंदिर के भग्नावशेष की कलाकृति है। इस तालाब में सेतु बनाया गया है। सेतु से जाकर इस मंदिर के प्रांगण में संरक्षित कलाकृतियों से माता कौशल्या का यह मंदिर जलसेन तालाब के मध्य में स्थित है, जहां तक पहुंचा जा सकता है। जलसेन तालाब लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत है, इस सुंदर तालाब के चारों और लबालब जलराशि में तैरते हुए कमल पत्र एवं कमल पुष्प की सुंदरता इस जलाशय की सुंदरता को बढ़ाती है। इस मंदिर की नैसर्गिक सुंदरता एवं रमणीयता और बढ़ जाती है।चंद्रखुरी सैंकड़ों साल तक चंद्रपुरी मानी जाती थी क्यूंकि चंद्रपुरी क अर्थ देवताओं की नगरी होता है। हालाँकि अब चंद्रपुरी से चंद्रखुरी हो गया। दरअसल तालाब के संबंध में कहावत है । यह इस क्षेत्र का सबसे बड़ा तालाब था। चूँकि इसके चारों ओर 126 तालाब होने की जनश्रुति मिलती है। किंतु अभी इस क्षेत्र में 20-26 तालाब ही बचे हैं ।  

मस्जिद में विस्फोट के बाद सीरिया में फैल गया सांप्रदायिक तनाव, दर्जनों घायल और मरे

होम्स सीरिया के होम्स शहर में धार्मिक अल्पसंख्यक अलवी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और विरोधी पक्ष के बीच झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। होम्स शहर में एक अलवी मस्जिद में नमाज के दौरान हुए बम धमाके में आठ लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की घटना के दो दिन बाद ये झड़प हुईं। हजारों प्रदर्शनकारी लजीकिया, तरतूस और अन्य स्थानों पर एकत्र हुए थे। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई। बाद में सरकारी समाचार एजेंसी सना ने खबर दी कि सुरक्षा बल का एक सदस्य गोलीबारी में मारा गया। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में तीन लोग मारे गए और 60 अन्य घायल हुए। अलवी संप्रदाय के लोगों को निशाना बनाना चाहते थे कट्टरपंथी अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि शुक्रवार के बम हमले में होम्स की मस्जिद में विस्फोटक उपकरण लगाए गए थे, लेकिन संदिग्ध की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। मृतकों के अंतिम संस्कार शनिवार को किए गए। खुद को सराया अंसार अल-सुन्ना कहने वाले कम चर्चित समूह ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें यह संकेत दिया गया कि हमला अलवी संप्रदाय के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। गाड़ियों में लगा दी गई आग  प्रदर्शन का आह्वान विदेश में रहने वाले अलवी शेख गजल गजल ने किया था। वह 'सुप्रीम अलवाइट इस्लामिक काउंसिल' के प्रमुख हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक फोटोग्राफर ने लजीकिया में देखा कि सरकार समर्थक प्रतिपक्षी प्रदर्शनकारी अलवी प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंक रहे थे। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की और उन्हें तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। झड़पों में प्रदर्शनकारी घायल हुए, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने लोग घायल हुए। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

मेक्सिको ट्रेन हादसा: 13 की मौत, 100 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल

मेक्सिको  दक्षिण मेक्सिको के ओक्साका राज्य में एक भीषण रेल दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रशांत महासागर और मेक्सिको की खाड़ी को जोड़ने वाले  रेल मार्ग पर एक यात्री ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई। इस हादसे में अब तक 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 100 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। आधी रात के बाद मचा कोहराम हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार के साथ दौड़ रही थी। अचानक हुए इस पटरी विचलन (Derailment) के कारण ट्रेन की बोगियां एक के ऊपर एक चढ़ गईं और पलट गईं। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय प्रशासन और मेक्सिकन नौसेना (Mexican Navy) ने मोर्चा संभाला। नौसेना द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: कुल यात्री: 241 लोग सफर कर रहे थे। कर्मचारी: 9 क्रू मेंबर्स ड्यूटी पर तैनात थे। रेस्क्यू: 13 शव बरामद किए जा चुके हैं और 100 घायलों का शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सत्ता के गलियारों में शोक मेक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नौसेना सचिव को घटनास्थल पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। क्या सुरक्षित है यह नया रेल नेटवर्क? यह दुर्घटना उस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट पर हुई है जिसका उद्घाटन साल 2023 में पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर ने किया था। इस रूट का उद्देश्य मेक्सिको के दक्षिण-पूर्वी हिस्से का आर्थिक कायाकल्प करना था।

CM मोहन का सामूहिक विवाह पर बयान: 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा- पारिवारिक बोझ घटता है

इंदौर  इंदौर के सांवेर क्षेत्र स्थित क्षिप्रा की बूढ़ी बरलाई में आयोजित 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपने पुत्र के सामूहिक विवाह समारोह का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने स्वयं इस परंपरा को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह न केवल सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और भविष्य में भी इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा, जहां नवविवाहित जोड़ों को समाज और सरकार दोनों का सहयोग व आशीर्वाद मिला। 

टाटानगर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस के दो डिब्बों में भीषण आग, AC बोगियों में मची अफरा-तफरी

 एलामंचिली टाटा-एर्नाकुलम एक्‍सप्रेस ट्रेन में आग लग गई. इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई. आंध्र प्रदेश के एलामंचिली के पास रविवार को आधी रात के बाद टाटा–एर्नाकुलम एक्सप्रेस में भीषण आग लग गई. यह ट्रेन हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ, जब ट्रेन एलामंचिली के नजदीक से गुजर रही थी. ट्रेन के पैंट्री कार से सटे B-1 और M-2 AC कोच में अचानक आग की लपटें उठने लगीं. रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन के लोको पायलटों ने धुआं और आग देखकर तुरंत ट्रेन को रोक दिया. हालांकि, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, उससे पहले ही दोनों AC कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए. आग के कारण कोचों में घना धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए. इस हादसे में एक पैसेंजर की जिंदा जलने से मौत हो गई. दमकल विभाग की टीमें पास के फायर स्टेशनों से मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. रेलवे अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी बुलाई गईं. हादसे के बाद करीब 2,000 यात्री स्टेशन पर फंस गए, जिन्हें ठंड में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. इस दर्दनाक हादसे में विजयवाड़ा के 70 वर्षीय चंद्रशेखर सुंदर की मौत हो गई. वे B-1 AC कोच में यात्रा कर रहे थे और आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए. इसके अलावा आग से प्रभावित दोनों कोचों में यात्रियों का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया. कोहरे ने बढ़ाई आफत आग की लपटें बढ़ते ही धुआं बोगियों में फैल गया था, जिसके चलते यात्री घबरा गए और प्लेटफॉर्म पर उतर गए। कई यात्री समझ ही नहीं सके कि आखिर क्या हुआ था। चश्मदीदों का कहना है कि घने कोहरे के कारण कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, जिसके चलते कन्फ्यूजन और डर बढ़ गया था। इस हादसे में जान गंवाने वाले शख्स की उम्र 70 वर्ष थी। क्या थी वजह रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन तय समय से 4 घंटे देरी से अनकपल्ली पहुंची। रिपोर्ट में रेलवे सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनकपल्ली से ट्रेन के रवाना होने के बाद नरसिंहबल्ली चिंगारियां और लपटें देखी गई थीं। माना जा रहा है कि इसकी वजह बी1 एसी कोच के ब्रेक के गर्म होना और आग पकड़ना थी। मौके पर आग बुझाने पहुंची अनकपल्ली, एलमान्चिली और नक्कापल्ली की टीमों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी दो कोच पूरी तरह से जल चुके थे और वहां मौजूद यात्रियों का सामान भी तबाह हो गया था। ट्रेन सेवाओं पर असर घटना का असर विशाखापत्तनम–विजयवाड़ा रेल मार्ग पर भी पड़ा. इस रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों को रोकना पड़ा या देरी से चलाया गया. बाद में यात्रियों को अन्य कोचों में शिफ्ट किया गया और जले हुए कोच हटाने के बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया. रेलवे प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. बिहार में भी हादसा बिहार के जमुई जिले में शनिवार देर रात बड़ा रेल हादसा हो गया था. मालगाड़ी की 19 बोगियां बेपटरी हो गई थीं, जिनमें से 10 पुल के नीचे गिर गई थीं. इस वजह से नई दिल्‍ली-पटना-किउल-झाझा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेन सर्विस बुरी तरह से प्रभावित हुई है. दर्जनों ट्रेनों को डावर्ट करना पड़ा. इससे हजारों की तादाद में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. सोमवार 29 दिसंबर 2025 तक भी इस रेलखंड पर सेवाएं सामान्‍य नहीं हो पाईं. रेलवे के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर ट्रेन ऑपरेशन को जल्‍द ही बहाल कर दिया जाएगा.

सोना और चांदी में उलझन: चांदी 2.5 लाख पार, सोना महंगा होने के बाद अचानक गिरावट

इंदौर  चांदी के बाजार में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है और एमसीएक्स पर इसकी कीमत पहली बार 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (Silver Price Today) के पार पहुंच गई है. पिछले हफ्ते चांदी में 31,348 रुपये यानी 15.04 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी. इस दौरान बाजार में आक्रामक खरीदारी देखी गई और उतार-चढ़ाव के बीच चांदी नई ऊंचाई पर पहुंच गई. चांदी की कीमतों में लगातार तेज़ी देखने को मिल रही है और यह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. इसकी बड़ी वजह इंडस्ट्रियल में बढ़ती मांग, अगले साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, और वैश्विक सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता है. इसके अलावा जियो पॉलिटिकल टेंशन भी चांदी की कीमतों को समर्थन दे रहा है. पिछले हफ्ते ही चांदी की कीमतों में करीब 15% की तेज उछाल देखने को मिला था और इसकी मुख्य वजह ग्लोबल सप्लाई का सख्त होना, खासतौर पर चीन में, जहां चांदी की मांग सबसे ज्यादा है. चीन सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा निर्माता है, और इन सेक्टर्स में बढ़ती मांग ने चांदी की कीमतों को और ऊपर कर दिया है. थमने का नाम नहीं ले रही चांदी चांदी की कीमतें (Silver Price) थमने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते सप्ताह के चार कारोबारी दिनों में ही सिल्वर रेट 32000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा चढ़ गया था. तो वहीं सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही Silver Rate अपने पिछले बंद 2,39,787 रुपये की तुलना में उछलकर 2,54,174 रुपये के नए हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से देखें, तो ओपनिंग के साथ ही ये कीमती धातु 14,387 रुपये महंगी हो गई.  खुलते ही सस्ता हो गया सोना एक ओर जहां चांदी की कीमत और इसकी रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है, तो वहीं दूसरी ओर सोने में सोमवार को सुस्ती देखने को मिली है. खुलने के साथ ही 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला MCX Gold Rate 1,39,501 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया, जो इसके पिछले बंद भाव 1,39,873 रुपये की तुलना में 372 रुपये की गिरावट (Gold Price Fall) है. हालांकि, जिस तेजी से सोने का भाव बढ़ा है, उसकी तुलना में ये गिरावट मामूली ही है, लेकिन राहत भरी कही जा सकती है.   चांदी में 175 फीसदी का उछाल कैलेंडर वर्ष के दौरान चांदी ने 1,52,554 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की है. 31 दिसंबर 2024 को 87,233 रुपये प्रति किलो का भाव था जो अब बढ़कर लगभग 175 फीसदी के उछाल के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. चांदी ने इस तेजी के साथ निवेशकों को साल भर में जोरदार रिटर्न (MCX Silver Price) दिया है. क्यों बढ़ती जा रही है चांदी की कीमत? मेहता इक्विटीज के वीपी कमोडिटी Rahul Kalantri के अनुसार चांदी अब सिर्फ सोने जैसी कीमती धातु के रूप में ट्रेड नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी में इसकी बढ़ती जरूरत, भंडार की कमी और उद्योगों की मांग इसकी बुनियाद बदल रही है. राहुल के मुताबिक चांदी सोने से अलग होती दिख रही है और 2026 में यह बेहतर निवेश अवसर दे सकती है. Silver में तेजी का China कनेक्शन  बात करें चांदी की कीमत में इस जोरदार तेजी (Silver Price Rise Reason) के बारे में, तो इसके एक नहीं बल्कि कई कारण नजर आते हैं. अमेरिका डॉलर के कमजोर होने और फेड रेट ट की उम्मीदों ने निवेशकों को फिर से सुरक्षित ठिकाने के तौर कीमती धातुओं की ओर मोड़ा है. चांदी की बात करें, तो खासतौर पर इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड (Silver Demand) लगातार बढ़ रही है, जबकि सप्लाई नहीं हो पा रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स तक सभी में सिल्वर का यूज है और इससे इसकी डिमांड का अंदाजा लगाया जा सकता है. वहीं दूसरी ओर चीन की चांदी पर सख्ती (China On Silver) की खबरों ने इसे और रफ्तार देने का काम किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उत्पादक चीन नए साल की पहली तारीख यानी 1 जनवरी 2026 से Silver Export पर सख्ती करने की तैयारी में है. जिनपिंग सरकार इसका एक्सपोर्ट लाइसेंस को लेकर नियम लागू कर सकता है, जिससे इसका निर्यात सीमित हो सकता है. दुनिया के सबसे अमीर इंसान (World's Richest Person) और इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने भी चांदी की कीमतों पर चिंता जताई है. दि गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक ट्विटर (अब X) पोस्ट में लिखा है कि, 'यह अच्छा नहीं है, कई इंडस्ट्रियल प्रक्रियाओं में चांदी की आवश्यकता होती है.' चांदी पर चीन का बड़ा फैसला कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों ने बताया कि चीन (China News) में सप्लाई टाइट होने और वैश्विक मार्केट में उपलब्धता कम होने से यह तेजी देखने को मिली है. चीन चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन में इसकी प्रमुख भूमिका है. विश्लेषकों के अनुसार बीजिंग 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर नियंत्रण लागू करेगा जिसके लिए लाइसेंस जरूरी होगा. यह व्यवस्था 2027 तक जारी रहने की संभावना है जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा. 2026 में भी महंगा हो सकता है Gold Silver विश्लेषकों का कहना है कि सोने और चांदी में 2026 में भी बढ़त देखी जा सकती है. इसका कारण ग्लोबल रेट कट की उम्मीद, सेफ हेवन डिमांड और मजबूती वाली इंडस्ट्रियल जरूरतें बताई जा रही हैं. हालांकि ट्रेडर्स के लिए यह भी कहा गया है कि 2025 की असाधारण रैली के बाद तेजी की रफ्तार मध्यम हो सकती है. चांदी के रेट में क्यों देखने को मिल रही है तेजी? चांदी की मांग- चांदी के भाव में तेजी आने के पीछे कुछ अहम वजहें शामिल है. मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस सिक्योरिटीज़ के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने बताया है कि चांदी कई सालों से सप्लाई की कमी में है. दुनिया भर में खानों से निकलने वाली चांदी की मात्रा मांग को पूरा नहीं कर पा रही और स्टॉक्स भी लगातार घट रहे हैं. अगर यह कमी और बढ़ती है, तो चांदी की कीमतें और अधिक ऊंची हो सकती हैं. इसी तरह, अक्षा कांबोज़, जो भारत बुलियन … Read more

मणिकम टैगोर का बयान: RSS और अल कायदा—दोनों नफरत पर आधारित संगठन, उनसे क्या सीख सकते हैं?

नागपुर  कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तुलना अल कायदा से की है। अब संघ ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधा है और कहा है कि लगातार हो रही हार की निराशा साफ नजर आ रही है। साथ ही दावा किया है कि 'कुछ नेताओं' की तरफ से संघ की तारीफ के कारण कांग्रेस बंटी हुई नजर आ रही है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने संघ की तारीफ की थी। संघ के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा, 'कांग्रेस के एक प्रमुख सांसद ने आरएसएस की तुलना अल कायदा से कर अपनी मानसिकता दिखाई है…। यह कांग्रेस नेतृत्व और उसके सदस्यों के बौद्धिक और मानसिक दिवालियापन को दिखाता है।' उन्होंने कहा, 'जब व्यक्तियों, संस्थानों और उनके नेताओं को बार-बार हार का सामना करना पड़ रहा है, तो उनकी निराशा साफ नजर आती है। कुछ नेता अनुशासन, देशप्रेम और राष्ट्र निर्माण के कामों के लिए आरएसएस की तारीफ कर रहे हैं। इससे कांग्रेस के अंदर उथल पुथल मच गई है और यह पार्टी विभाजित नजर आ रही है।' कुमार ने कहा कि आरएसएस अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। संघ के कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से देश को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। संघ छुआछूत, प्रदूषण, धार्मिक कट्टरता और जबरन धर्मांतरण से मुक्त समाज के लिए प्रयास कर रहा है। हम चाहते हैं कि लोग कानून का पालन करें और नियमों का पालन करें। क्या बोले थे कांग्रेस नेता रविवार को टैगोर ने कहा था, 'आरएसएस एक संगठन है, जो नफरत के आधार पर बना है और नफरत फैलाता है। नफरत से सीखने जैसा कुछ नहीं है। क्या आप अल कायदा से कुछ भी सीख सकते हैं। अल कायदा नफरत भरा संगठन है। वो दूसरों से नफरत करता है। उस संगठन से सीखने के लिए क्या है।' दिग्विजय सिंह ने शेयर कर दी थी फोटो सिंह ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी और संघ की तारीफ की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए बताया कि कैसे एक जमीनी कार्यकर्ता अपने नेताओं के चरणों में बैठकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा। हालांकि, सिंह ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि वह आरएसएस तथा प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के धुर विरोधी हैं और उन्होंने सिर्फ संगठन की तारीफ की है। CWC यानी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने एक्' पर एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं और उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। सिंह ने पोस्ट किया, कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।

रायपुर: सुशासन के दो साल पूरे, सीएम विष्णुदेव साय की अहम पहलें बनी चर्चा का विषय

रायपुर : सुशासन के दो साल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात सौर सुजला योजना से जशपुर के 755 किसानों के जीवन में आई नई रोशनी…… रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है। दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है। बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। दो साल में दिखा सुशासन का असर बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।