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31 दिसंबर 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए सितारों का क्या है संदेश?

मेष 31 दिसंबर के दिन प्रमोशन या नौकरी में उन्नति के योग बन रहे हैं। चीजों को रोमांचक बनाने और अपने रिश्तों में रोमांस बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है। कुछ क्रिएटिव करें। अगर आप सिंगल हैं तो आप स्टाइलिश लोगों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। वृषभ 31 दिसंबर के दिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर पहले से ही गौर फरमाएं ताकि हेल्थ के बिगड़ने के रिस्क से बचा जा सके। इस समय का उपयोग परिश्रम और कमिटमेंट के साथ कार्यों को निपटाने में भी करें। मिथुन 31 दिसंबर के दिन जीवन में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करें। उन संकेतों पर ध्यान दें, जो आपका शरीर आपको देता है। ऑफिस में आपको बढ़ी हुई उत्पादकता के साथ-साथ जवाब देने की भी प्रबल इच्छा महसूस होगी। कर्क 31 दिसंबर के दिन आपको अपने पार्टनर के साथ डीप लेवल पर बात करने और इंटीमेसी बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होगी। बदलाव के लिए खुले रहें, जो आपके करियर को महत्वपूर्ण अवसर दिला सकता है। सिंह 31 दिसंबर के दिन इंकम कमाने और खर्च के प्रति अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करें और बदलें। वित्तीय विकल्प चुनने के लिए सावधानी से सोच-विचार करने की आवश्यकता होती है। अगर आवश्यक न हो तो आज इससे बचना चाहिए। कन्या 31 दिसंबर के दिन आपको मुद्दों को सॉल्व करना चाहिए। ऐसे मौके भी आ सकते हैं, जब आप अपने रोमांटिक रिलेशन में पार्टनर की लॉयल्टी पर सवाल उठा सकते हैं। अपने रिलेशन में प्रॉब्लम्स को सॉल्व करें। तुला 31 दिसंबर के दिन अपने करियर के उद्देश्यों के बारे में अपने जीवनसाथी के साथ ट्रांसपेरेंट रहें। भविष्य के लिए अपनी योजनाओं को उनके साथ शेयर करें। अपने शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों के प्रति सचेत रहें। वृश्चिक 31 दिसंबर के दिन पर्सनल यूज के लिए अपने पैसों को मैनेज करते समय सतर्क और डिसप्लिन वाला दृष्टिकोण अपनाएं। अपने खर्च करने के तरीके और प्राथमिकताओं पर सख्ती से विचार करें। अपने बजट की जांच करें। धनु 31 दिसंबर के दिन जानें कि अपने पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को कैसे मैनेज करना चाहिए। जैसे-जैसे आप अपना अनुभव और ज्ञान बढ़ाते हैं, आपके पास अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके होंगे। मकर 31 दिसंबर के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय, एक हेल्दी लॉंग टर्म वित्तीय आदत बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। आप सुर्खियों में रह सकते हैं, क्योंकि कई लोग आपकी पेशेवर उपलब्धियों पर ध्यान देंगे। कुंभ 31 दिसंबर के दिन यह देखने कि कहां लगाम लगाने की आवश्यकता है, एक लॉन्ग टर्म वित्तीय योजना बनाने में समय स्पेन्ड करें। पता लगाएं कि आप अपने रिश्ते में क्या चाहते हैं। कॉन्फिडेंस के साथ अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। मीन 31 दिसंबर के दिन आप धन के प्रवाह में वृद्धि का अनुभव कर सकते हैं, जिससे वित्तीय स्टेबिलिटी आएगी। अपने व्यवसाय में निवेश करने के लिए स्मार्ट डीसीजन लें। यही वह समय है जब आपको अपने पारिवारिक संबंधों पर ध्यान देना चाहिए।

फर्जी प्रचार पर शिक्षा मंत्री का हमला, बोले– ‘शिक्षकों से कुत्तों की गिनती’ का कोई आदेश नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस वार्ता कर आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' के नेता लगातार सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सोमवार को सोशल मीडिया पर एक संगठित अभियान चलाया गया, जिसमें यह झूठा दावा किया गया कि दिल्ली के शिक्षकों को लावारिस कुत्तों की गिनती के काम में लगाया गया है। यह दावा पूरी तरह निराधार और झूठा है। मंत्री ने आम आदमी पार्टी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर शिक्षकों को कुत्तों की गिनती में लगाने से जुड़ा कोई आदेश या सर्कुलर मौजूद है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए। ऐसा न कर पाने की स्थिति में आप नेताओं को दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सूद ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के तहसीलदारों और सब-रजिस्ट्रारों के निलंबन को लेकर भी झूठ फैलाकर प्रशासनिक अराजकता पैदा करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 'आप' को भ्रष्टाचारियों से इतना लगाव क्यों है? शिक्षा मंत्री के मुताबिक, 'आप' सरकार के कार्यकाल में इन दफ्तरों में खुलेआम भ्रष्टाचार होता था, जबकि अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे में 'आप' का भ्रष्ट अधिकारियों के समर्थन में खड़ा होना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने 25 दिसंबर के आसपास किए गए एक अन्य 'एक्स' पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें यह दावा किया गया था कि दिल्ली सरकार ने स्कूलों में सांता क्लॉज बनकर आने वाले बच्चों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। शिक्षा मंत्री ने इसे भी पूरी तरह झूठ बताते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के पास ऐसा कोई आदेश है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्री ने 'आप' पर जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में ही डीएसएसएसबी के माध्यम से लगभग 16 हजार अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बावजूद गलत जानकारी फैलाना आम आदमी पार्टी की प्रशासनिक अक्षमता और विफलता को दर्शाता है। सूद ने कहा कि दिल्ली की जनता ने चुनावों में आम आदमी पार्टी के तथाकथित शिक्षा मॉडल, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और तथाकथित भारत रत्न के दावेदारों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने 'आप' की राजनीति को फ्रॉड, फर्जीवाड़े और झूठ पर आधारित बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनावी हार के 10 महीने बाद भी 'आप' अपनी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रही है और पूरी तरह राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने न तो दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस काम किया और न ही प्रशासनिक स्तर पर विकास किया। पार्टी ने सिर्फ झूठ, शोर और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जनहित से जुड़े काम कर रही है। इसी वजह से आम आदमी पार्टी बौखलाहट में सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन दिल्ली की जनता सच्चाई समझती है और ऐसे प्रयासों को कभी सफल नहीं होने देगी।

Overview 2025 : ऑपरेशन सिंदूर समेत 10 बड़ी उपलब्धियों के साथ भारतीय सेना ने रचा नया सैन्य इतिहास

नई दिल्ली  वर्ष 2025 भारतीय सेना के लिए उपलब्धियों से भरा साल रहा है। इसी वर्ष ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत मई 2025 की निर्णायक कार्रवाई की गई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन की योजना सेना के मिलिट्री ऑपरेशन्स ब्रांच में तैयार की गई, जबकि संचालन की निगरानी डीजीएमओ के ऑप्स रूम से सीडीएस और तीनों सेनाध्यक्षों की मौजूदगी में की गई। इस ऑपरेशन में सीमा पार 9 आतंकी कैंप तबाह किए गए। भारतीय सेना ने 7 और वायुसेना ने 2 आतंकी कैंप ध्वस्त किए। यह एक सटीक, सीमित और नियंत्रित कार्रवाई रही, जिससे बढ़त तो मिली ही, पर तनाव अनियंत्रित नहीं हुआ। यही नहीं, भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को भी नाकाम किया। 7 से 10 मई तक पाकिस्तान की ओर से भारत के सैन्य एवं नागरिक ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कई कोशिशें की गईं। इन सभी हमलों को भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने पूरी तरह विफल किया। सेना ने एलओसी पर आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स नष्ट किए। भारतीय सेना के मुताबिक, दर्जन भर से अधिक आतंकी लॉन्च पैड भारतीय सेना की ग्राउंड-बेस्ड फायर द्वारा नष्ट किए गए। इससे घुसपैठ के मार्ग और आतंकियों की लॉजिस्टिक्स बुरी तरह प्रभावित हुई। 10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क कर युद्धविराम की मांग की, जिसके बाद गोलीबारी रोकने का समझौता हुआ। सेना की लंबी दूरी की फायरपावर में ब्रह्मोस और पिनाका जैसी बड़ी प्रगति देखने को मिली। बीते दिनों ही 1 दिसंबर को दक्षिणी कमान की एक ब्रह्मोस यूनिट ने अंडमान एवं निकोबार कमांड के सहयोग से वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में मिसाइल फायर किया। इससे लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और मजबूत हुई है। विस्तारित रेंज ब्रह्मोस पर 2025 में लगातार परीक्षण और विकास की खबरें सामने आती रहीं। पिनाका रॉकेट सिस्टम की बात करें तो 24 जून 2025 दो अतिरिक्त पिनाका रेजिमेंट्स का संचालन शुरू किया गया। इससे सेना की ‘स्टैंड-ऑफ फायर’ क्षमता बढ़ी है। एक दिन पहले ही यानी 29 दिसंबर को पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया। वहीं वर्ष भर 300 किमी तक की भविष्य क्षमता वाले पिनाका सिस्टम पर भी कार्य तेजी से बढ़ा है। सेना की एविएशन शक्ति में भी वृद्धि हुई है। 22 जुलाई 2025 को सेना को पहले तीन एएच -64 ई अपाचे हेलिकॉप्टर मिले। इसके बाद दिसंबर तक बाकी तीन और हेलिकॉप्टर्स भी शामिल हुए। इन अपाचे हेलिकॉप्टरों से सेना की आक्रमण, सटीक निशाने और लक्ष्यों को भेदने की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। यह वर्ष नई सैन्य संरचनाओं का भी रहा। सेना को नई 'भैरव बटालियन' और 'अशनि प्लाटून' मिली हैं। 24 अक्टूबर 2025 को राजस्थान में एक बड़ा क्षमता-प्रदर्शन किया गया। इसमें भैरव बटालियन, अशनि प्लाटून और नई तकनीकी प्रणालियों का प्रदर्शन हुआ। वर्ष 2025 में योजना सामने आई कि सेना 25 भैरव लाइट कमांडो बटालियनों को तेजी से स्थापित करेगी। अशनि प्लाटूनों को इंफैंट्री के साथ जोड़कर ड्रोन-आधारित स्ट्राइक की क्षमता बढ़ाई जाएगी। वहीं शक्तिबान रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरियां भी भविष्य के युद्धक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यूएवी व लोटर म्यूनिशन से लैस नई संरचनाओं के रूप में उभरी हैं। यही नहीं, रक्षा खरीद, आत्मनिर्भरता और क्षमता-निर्माण में भी अहम बढ़ोतरी हुई है। सेना में जहां 6 अपाचे हेलिकॉप्टरों का इंडक्शन हुआ। वहीं 91 प्रतिशत गोला–बारूद का स्वदेशी स्रोतों से हासिल किया गया। यहीं नहीं अब सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले लगभग सभी प्रकार के एम्युनिशन भारत में बन रहे हैं। अनमेंड एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) के इंडक्शन में बड़ा विस्तार हुआ है। 3000 से अधिक रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम, लगभग 150 टिथर्ड ड्रोन, झुंड में उड़ने वाले ड्रोन, हाई–एल्टीट्यूड लॉजिस्टिक ड्रोन और कामिकाजी ड्रोन सेना में तैनात किए गए हैं। इस वर्ष 5 अगस्त 2025 रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों के लिए थर्मल इमेजर-आधारित ड्राइवर नाइट साइट की खरीद को मंजूरी दी। 29 दिसंबर को परिषद की बैठक में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट्स के लिए लोइटर म्युनिशन सिस्टम, लो लेवल लाइट वेट रडार, पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (एमआरएलएस) के लिए लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट आयुध, और इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एवं इंटरडिक्शन सिस्टम एमके-II की खरीद को मंजूरी दी गई है। सेना ने पूरे वर्ष डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी है। आधुनिक डेटा सेंटर्स स्थापित हुए, जिससे ‘डेटा–टू–डिसीजन’ समय बहुत कम हुआ। अनेक इन–हाउस सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं। इक्यूपमेंट हेल्पलाइन, सैनिक यात्री मित्र जैसे ऐप आए। इनसे सैनिक हितैषी सेवाएं अधिक कुशल हुई हैं। जैसेलमेर में अक्टूबर 2025 में कमांडर्स कांफ्रेंस आयोजित की गई। सेना के मुताबिक इस सम्मेलन में ग्रे जोन वॉरफेयर, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन जैसे विषय केंद्र में रहे। सैन्य कूटनीति और संयुक्त अभ्यास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 2025 में भारत ने कई प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय अभ्यास किए, जिनका उद्देश्य इंटरऑपरेबिलिटी, काउंटर-टेरर, और अर्बन ऑप्स क्षमताएं बढ़ाना था। फ्रांस, अमेरिका, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, यूके व यूएई समेत कई देशों के साथ सैन्य अभ्यास किए गए। 

सीमा सुरक्षा में रोड़ा? बंगाल सरकार पर BSF को जमीन न देने का आरोप, बोले अमित शाह — 7 चिट्ठियां भेजीं

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीएसएफ को कंटीली बाड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन न देने का आरोप पश्चिम बंगाल सरकार पर लगाया। शाह ने कहा कि बांग्लादेश से लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए उन्होंने बीएसएफ को जमीन मुहैया कराने के लिए सीएम ममता बनर्जी को सात पत्र भेजे, लेकिन उन्होंने सबको नजरअंदाज कर दिया। कोलकाता में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "मैंने बीएसएफ को जमीन देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को सात चिट्ठियां भेजी हैं। इस खास मुद्दे पर पश्चिम बंगाल में तीन सेक्रेटरी-लेवल की मीटिंग्स हुई हैं। इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार कंटीली बाड़ लगाने के लिए जमीन देने में आनाकानी क्यों कर रही है।"  उन्होंने कहा कि अब बीएसएफ पर अवैध घुसपैठ रोकने में नाकाम रहने का आरोप लग रहा है। मेरा सवाल यह है कि सही कंटीली बाड़ के बिना बीएसएफ सीमाओं पर असरदार सीमा सुरक्षा कैसे कर पाएगी? केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भाजपा किसी भी हालत में उस राजनीतिक पार्टी के साथ कोई समझौता नहीं करेगी, जो अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देती है और अपने पक्के वोट बैंक को बचाने के लिए घुसपैठियों को पालती-पोसती है। घुसपैठ एक बहुत गंभीर मुद्दा है, क्योंकि इस खतरे की वजह से राज्य की डेमोग्राफी बदल रही है। जब तक घुसपैठ को रोका नहीं जाता तो आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल के लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी।" उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जैसे सीनियर ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति करते समय भी सेंट्रल सर्विस अधिकारियों की कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग के नियमों को कमजोर करने का आरोप लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतुआ समुदाय को आश्वासन दिया है कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों के वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा, "मतुआ समुदाय के लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। भारत आए हर शरणार्थी को नागरिक माना जाएगा। यह बीजेपी का वादा है। कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता। ममता बनर्जी भी नहीं।" उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ अभियान के साथ-साथ शरणार्थियों की सुरक्षा जारी रहेगी।

विकसित भारत की परिकल्पना को एमएसएमई करेगा साकार : मंत्री काश्यप

विकास और सेवा के 2 वर्ष-पत्रकारों से रू-ब-रू हुए मंत्री श्री काश्यप भोपाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना के तहत सर्वांगीण विकास में एमएसएमई विभाग निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से विकास और सेवा के 2 वर्ष पर संवाद करते हुए विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्षों में किए जाने वाले कार्यों और विकसित भारत के संकल्प की जानकारी दी। मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसएमई को 5 हजार करोड़ की प्रोत्साहन सहायता के साथ ही 30 नवीन निजी क्लस्टरों और 22 नवीन Common Facility Center (CFC) की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 6 हजार से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराना, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना, औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र का विकास, वर्तमान 6,000+ स्टार्टअप की संख्या को दोगुना यानि 12,000+ करना, 100 नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, 1.5 लाख + स्व-सहायता समूहों का उद्यम पोर्टल अंतर्गत फार्मलाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस की स्थापना, GI टैगिंग के लिए 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यमियों को लाभान्वित कराना और इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन किए जाने का लक्ष्य है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विकसित भारत@2047 के लिए1 करोड़ उद्यम पंजीकृत और एमएसएमई स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा। एमएसएमई द्वारा 2 करोड़ रोजगार सृजन करना, एमएसएमई के माध्यम से ₹61,256 करोड़ का निवेश प्राप्त करना। 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बनाना। 200+ एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करना जैसे कदम उठाए जाऐंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बतया कि वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर 1,000 करना। राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना। 10,000 हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थापना। 50,000 से अधिक DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना। 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित करना। स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्ति और 1,00,000 जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने के लिए प्रयास करना शामिल है। एमएसएमई मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विभाग ने पिछले दिनों कई नवाचार किए हैं। औद्योगिक भू-खण्डों का आवंटन एवं प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए फेसलेस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की गयी। भू-खण्डों का आवंटन एवं सहायता/सुविधा की स्वीकृति के लिए प्रत्येक चरण की समय सीमा का निर्धारण किया और CFC के लिये भूमि आवंटन नियम में Amenities के रूप में भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। शार्क टैंक इंडिया टीम के साथ अगस्त 2025 में स्टार्टअप्स के लिए देश में पहला विशेष कार्यक्रम किया गया तथा प्रथम बार गोविंदपुरा में बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का विकास किया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 21.63 लाख पंजीकृत MSME हैं, जिनमें 4.50 लाख विनिर्माण इकाइयां लगभग 36 लाख रोजगार सृजित करती हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 6000+ DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 3,000+ महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, 72 इनक्यूबेटर तथा ₹100 करोड़ रूपये का समर्पित फंड शामिल हैं। प्रदेश में 181 संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में 4,000+ हेक्टेयर भूमि तथा 2,100 से अधिक हेक्टेयर अविकसित शासकीय भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध है। विभाग द्वारा प्रदेश में शासकीय भूमि के साथ-साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से औद्योगिक क्षेत्रों का निरंतर विकास करते हुए निवेशकों को भू-खण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि राज्य की केंद्रीय स्थिति, देश के 50 प्रतिशत बाजार तक सहज पहुंच, 8 हवाई अड्डे, 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क तथा कांडला एवं JNPT बंदरगाहों की निकटता ने इसे भविष्य के लॉजिस्टिक्स व मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है। 24×7 बिजली आपूर्ति, 1,000 MCM से अधिक जल आपूर्ति, राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक संस्थान, ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल) एवं MSME टेक्नोलॉजी सेंटर कुशल कार्यबल सुनिश्चित करते हैं। मजबूत MSME आधार, तेज़ी से विस्तारित स्टार्टअप ईकोसिस्टम, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उदार नीतिगत समर्थन के साथ मध्यप्रदेश दीर्घकालिक विकास की तलाश करने वाले उद्योगों के लिए भरोसेमंद औद्योगिक गंतव्य बन चुका है। मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विगत 2 वर्षों में कुल 4,865 इकाइयों को ऑनलाइन सिंगल क्लिक से 3,118.44 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। वर्ष 2019 से लंबित समस्त देयताओं का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। औद्योगिक अधोसंरचना का विकास अंतर्गत्‍14 औद्योगिक क्षेत्रों (1,296 भूखंड) का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। 41 औद्योगिक क्षेत्र (3,353 भूखंड) विकासाधीन, 26 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों (2,606 भूखंड) की स्वीकृति सहित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को 1,240 भू-खण्ड उपलब्ध कराए गए। 2019 से 2024 तक कुल 805 भूखंडों का आवंटन हुआ। उन्होंने बताया कि निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों (1,423 भूखंड) में से 12 का विकासकार्य पूर्ण (583 भूखंड) पूर्ण हुआ है। 

एक छत के नीचे शिक्षा की सभी सुविधाएं: हरियाणा के 22 कॉलेजों को मिलेगा मॉडल संस्कृति दर्जा

चंडीगढ़  प्रदेश के उच्चतर शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के 22 सरकारी कॉलेजों को जल्द ही मॉडल संस्कृति कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें कैथल का डॉ. बीआर आंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज का नाम भी शामिल है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की ओर से इसकी आधिकारिक अनुमति दे दी गई है। इस निर्णय को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।   इन कॉलेजों में न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं, नए कोर्स और प्रशिक्षित शिक्षकों का लाभ भी मिलेगा। मॉडल संस्कृति कॉलेजों की परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कॉलेजों को निजी संस्थानों के समकक्ष बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। इन कॉलेजों में सु-प्रशिक्षित और ट्रेंड शिक्षकों द्वारा पढ़ाई करवाई जाएगी। साथ ही नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित शिक्षा मिल सके।   इन कॉलेजों में कई नए विषय और कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप होंगे। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के पारंपरिक विषयों के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, आईटी, डेटा एनालिटिक्स, पर्यावरण अध्ययन, स्टार्टअप और उद्यमिता जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा।   इन कॉलेजों को मॉडल संस्कृति बनने की मिली अनुमति     जिला                                        कॉलेज का नाम     कैथल                                       डॉ. बीआर आंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज, कैथल।     अंबाला                                     गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, अंबाला कैंट।     भिवानी                                     गवर्नमेंट कॉलेज।     चरखी दादरी                             गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, बाढ़रा।     फरीदाबाद                                पंडित जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट कॉलेज।     फतेहाबाद                                गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन, बोडिया खेड़ा।     गुरुग्राम                                    द्रोणाचार्य गवर्नमेंट कॉलेज।     हिसार                                      गवर्नमेंट कॉलेज।     झज्जर                                      गवर्नमेंट कॉलेज।     जींद                                        गवर्नमेंट कॉलेज।     करनाल                                   पंडित चिरंजीलाल शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज।     कुरुक्षेत्र                                   गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल।     नारनौल                                   गवर्नमेंट कॉलेज।     पलवल                                    गवर्नमेंट कॉलेज।     पंचकूला                                  गवर्नमेंट पीजी कॉलेज सेक्टर-1     पानीपत                                   गवर्नमेंट कॉलेज।     नूंह                                         गवर्नमेंट कॉलेज नगीना।     रेवाड़ी                                     गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन।     रोहतक                                   पंडित नेकीराम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज।     सिरसा                                    गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज।     सोनीपत                                  गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वूमेन गोहाना।     यमुनानगर                               गवर्नमेंट कॉलेज छछरौली। अधिकारी के अनुसार डॉ. बीआर अंबेडकर गवर्नमेंट कॉलेज कैथल के प्रिंसिपल डॉ. मनोज भांभू ने बताया कि मॉडल संस्कृति कॉलेज बनने से कॉलेज में आधुनिक लैब खोली जाएगी। विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही नए कोर्स भी शामिल होंगे। कॉलेज को मॉडल संस्कृति बनने के बाद बाकी कॉलेज भी इसका अनुसरण करेंगे और इसके उपरांत उन बाकी कॉलेजों को भी मॉडल संस्कृति बनाया जाएगा।

RCB और दिल्ली कैपिटल्स की बढ़ी मुश्किलें, WPL से बाहर हुईं दो बड़ी खिलाड़ी

मुंबई  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की हरफनमौला एलिस पेरी और दिल्ली कैपिटल्स की अनाबेल सदरलैंड ने मंगलवार को निजी कारणों का हवाला देते हुए अगले महीने होने वाली महिला प्रीमियर लीग (WPL) से अपना नाम वापस ले लिया। WPL की विज्ञप्ति के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया की हरफनमौला पेरी के स्थान पर भारतीय ऑलराउंडर सायली सतघरे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम में शामिल होंगी, जबकि उनकी हमवतन ऑलराउंडर सदरलैंड के स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स ने ऑस्ट्रेलिया की लेग स्पिनर अलाना किंग को टीम में शामिल किया है।  WPL की विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘ऑस्ट्रेलिया की हरफनमौला एलिस पेरी (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) और एनाबेल सदरलैंड (दिल्ली कैपिटल्स) ने निजी कारणों से लीग के आगामी सत्र से अपना नाम वापस ले लिया है। RCB ने पेरी की जगह सायली सतघारे को टीम में शामिल किया है। सतघारे 30 लाख रुपए की आधार कीमत पर RCB में शामिल होंगी। दिल्ली कैपिटल्स ने सदरलैंड की जगह अलाना किंग को टीम में शामिल किया है।' उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया की इस लेग स्पिनर ने पिछले सत्र में यूपी वॉरियर्स का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने 27 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 27 विकेट लिए है। किंग 60 लाख रुपए की आधार कीमत पर दिल्ली की टीम में शामिल होंगी।'  यूपी वॉरियर्स बाएं हाथ की तेज गेंदबाज तारा नॉरिस की जगह भी ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया है। डब्लयूपीएल के शुरुआती सत्र में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाली नॉरिस को अगले साल नेपाल में होने वाले महिला टी20 विश्व कप क्वालीफायर के लिए अमेरिका की टीम में शामिल किया गया है। WPL ने बताया, ‘नॉट के साथ 10 लाख रुपए की आधार कीमत पर करार किया गया है।' WPL का चौथा सत्र नौ जनवरी से पांच फरवरी तक नवी मुंबई और वडोदरा में दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- दुग्ध उत्पादन तथा प्रोसेसिंग में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार की अपार संभावनाएं

किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका सांची ब्राण्ड का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए पीपीपी मोड पर दुग्ध उत्पादन गतिविधियों का विस्तार हो मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य हुए एग्रीमेंट के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक हुई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का भी आधार बनाया जाए। दुग्ध उत्पादन तथा उसकी प्रोसेसिंग व मार्केटिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन कृषकों की आय बढ़ाने में भी प्रभावी रूप से सहायक है। सभी जिलों में समन्वित रूप से गतिविधियों संचालित करते हुए सांची ब्राण्ड का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए। सांची प्रोडेक्ट्स की ब्राण्डिंग में गोवंश और गोपाल को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य हुए एग्रीमेंट के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास श्री उमाकांत उमराव तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों की दक्षता और क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम स्तर तक गतिविधियां संचालित की जाएं। यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि दुग्ध संकलन व्यवस्था की मजबूत निगरानी हो। दूध खरीदी की कीमतें उत्पादकों के लिए लाभप्रद हों और खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो तथा दुग्ध उत्पादकों को उनका भुगतान नियमित रूप से समय-सीमा में प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीपीपी मोड पर निजी भागीदारी और डेयरी सहकारी समितियों के समन्वय से दुग्ध उत्पादन गतिविधियों का विस्तार किया जाए। इससे सम्पूर्ण प्रदेश में उद्यमशीलता को प्रोत्साहन प्रदान करने, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में डेयरी टेक्नोलॉजी पर केन्द्रित प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं। इससे डेयरी प्लांट संचालन में मदद मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात सांची ब्राण्ड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है तथा सांची डेयरी शुरू करने की मांग कई स्थानों से आ रही है। दुग्ध उत्पादकों को दूध मूल्य के नियमित एवं समय पर भुगतान के लिए 10 दिन का रोस्टर तय किया गया है। दुग्ध संघों द्वारा दूध खरीदी मूल्यों में 2 रूपए 50 पैसे से 8 रूपए 50 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। अब तक 1241 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है तथा 635 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील बनाया गया है। सम्पूर्ण डेयरी वेल्यू चैन का डिजीटाईजेशन करने के लिए भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, बुंदेलखंड तथा जबलपुर दुग्ध संघों में सॉफ्टवेयर क्रियान्वित किया गया है। दुग्ध संकलन के लिए इंदौर दुग्ध संघ से मोबाइल ऐप की व्यवस्था लागू की गई है। जिससे दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त होती है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2029-30 तक 26 हजार गांवों तक डेयरी सहकारी कवरेज का विस्तार करने प्रतिदिन 52 लाख कि.ग्रा. दुग्ध संकलन करने, प्रतिदिन 35 लाख लीटर दुग्ध विक्रय और 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता का लक्ष्य लेकर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।  पिछले 2 वर्ष से बंद शिवपुरी डेयरी संयंत्र को प्रारंभ करने के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। जबलपुर में स्थापित 10 मेट्रिक टन क्षमता के पनीर प्लांट को पुन: आरंभ करने के लिए 5 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा। इंदौर में स्थापित 30 मेट्रिक टन क्षमता का दूध पाउडर संयंत्र प्रारंभ किया गया है। इसके माध्यम से 3 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन प्रसंस्करण किया जा रहा है। ग्वालियर डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमेन श्री मीनेश शाह, कार्यकारी निर्देशक, श्री एस. रघुपति, महाप्रबंधक श्री जिगनेश शाह, एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोस्वामी, ग्रुप हेड श्री असीम निगम, ग्रुप हेड, डॉ. शुभंकर नंदा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

कांग्रेस में सख्ती का संकेत: सिद्धू दंपति पर राजा वड़िंग का कड़ा रुख, खत्म हुआ ‘पुराना अध्याय’

पंजाब  पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को लेकर बड़ा बयान दिया है। लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजा वड़िंग ने स्पष्ट कहा कि सिद्धू दंपती का चैप्टर अब पार्टी के लिए बंद हो चुका है और इस पर बार-बार चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है। राजा वड़िंग से जब यह सवाल किया गया कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू एक तरफ नवजोत सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रही हैं और दूसरी ओर भाजपा नेताओं से मुलाकात भी कर रही हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि किसी को भी किसी से मिलने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जो विषय खत्म हो चुका है, उसे बार-बार उठाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस में सिद्धू दंपती की भूमिका पर उठे सवाल राजा वड़िंग के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस पार्टी ने अब सिद्धू दंपती से दूरी बना ली है। हाल के दिनों में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा भाजपा नेताओं से मुलाकात और उनकी प्रशंसा ने भी इन अटकलों को हवा दी है। बताया जा रहा है कि विवादित बयानों के बाद नवजोत सिद्धू की पार्टी हाईकमान से मुलाकात नहीं हो पा रही है। वे दिल्ली जाकर वरिष्ठ नेताओं से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें समय नहीं मिल सका है। वहीं, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने साफ किया है कि उनकी न तो हाईकमान से कोई मुलाकात हुई और न ही उन्हें बुलाया गया। 2021 से शुरू हुआ था विवाद सिद्धू दंपती और कांग्रेस के बीच तनातनी की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री चयन को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान देखने को मिली। अंततः चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिससे नवजोत सिद्धू नाराज हो गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में सिद्धू ने प्रचार से दूरी बनाए रखी और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे सक्रिय राजनीति से लगभग अलग हो गए। 500 करोड़ वाले बयान से बढ़ी तल्खी हाल ही में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के “500 करोड़ में मुख्यमंत्री बनने” वाले बयान ने पार्टी को असहज कर दिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने जैसे आरोप लगाए, जिसके चलते पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया। रंधावा और आशू पर भी बोले वड़िंग सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी सामूहिक रूप से और सोच-समझकर करती है। वहीं, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के बयान पर बिना नाम लिए वड़िंग ने कहा कि जो पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलता है, वह विरोधी की भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन

'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की दिशा में बड़ा कदम, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वर्ष 2025-26 में हासिल किये नये मुकाम खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग का लघु-कुटीर उद्योगों के प्रोत्साहन और स्वरोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान     लखनऊ उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और स्वरोजगार के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन कर कौशल विकास और विपणन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। इस वर्ष विभाग ने अधिकांश योजनाओं में लक्ष्य से अधिक उपलब्धियां हासिल की, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 32,384 रोजगार का सृजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने एवं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 में लक्ष्य से अधिक 2,994 ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना हुई और 32,384 रोजगार का सृजन किया गया जबकि इस वर्ष का लक्ष्य 2,482 इकाइयों की स्थापना कर 27,302 रोजगार सृजित करने का ही था। इसी क्रम में  मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत भी प्रदेश में 94 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से 2,586 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग का यह प्रयास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना का सफल क्रियान्वयन  पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना के तहत प्रदेश की 219 खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं के 66,859 कारीगरों को लाभ पहुंचाया गया। वहीं सूती और ऊनी वस्त्रों के निर्माण को दिए जा रहे प्रोत्साहन के तहत 7,448 कम्बलों का उत्पादन हुआ है। विभाग की यह योजनाएं खादी उत्पादों के विपणन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 1,092 ग्रामोद्योग इकाइयों को लाभान्वित किया गया जो ग्रामीण क्षेत्रों में लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध हुई। निफ्ट के सहयोग से खादी वस्त्रों के शोध, डिजाइन और मानकीकरण में नवाचार खादी वस्त्रों को आधुनिक एवं युवाओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), रायबरेली के सहयोग से खादी वस्त्रों की डिजाइनिंग, कटिंग, सिलाई और पैकेजिंग का प्रशिक्षण देने का अनुबंध किया गया है। इसके तहत पिछले साल 40 युवा कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इस वर्ष इस क्रम में विभाग ने 30 लाख रुपये का प्रावधान किया। विभाग की ओर से खादी उत्पाद के विकास, मानकीकरण एवं गुणवत्ता विनिश्चय अभियान के तहत 59 लाख रुपये की लागत से 245 व्यक्तियों को प्रशिक्षण एवं उपकरण वितरण किया गया। विभाग की कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना के तहत 8,750 लाभार्थियों को विभिन्न ट्रेड्स में कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।  मंडल व तहसील स्तर पर खादी उत्पादों की प्रदर्शनियों का आयोजन खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों के प्रचार-प्रसार और उनको जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 755 लाख रुपये व्यय कर प्रदेश के 18 मंडलों में प्रदर्शनियां और 351 तहसीलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इससे ग्रामीण उद्यमियों की न केवल नए बाजारों तक पहुंच बढ़ी है, उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य, निर्यात और विपणन में अग्रणी लघु एवं कुटीर उद्यमियों एवं संस्थाओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ये उपलब्धियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल नीतियों का परिणाम हैं, जो उनके आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।