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अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र कल्याण के लिए सरकार कर रही प्रभावी कार्य : मंत्री चौहान

छात्रवृत्ति योजनाओं से मिल रही शिक्षा को मजबूती स्वरोजगार योजनाओं से हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना की जाएगी प्रारंभ योजनाओं के ऑनलाइन संचालन के लिए एकीकृत विभागीय पोर्टल किया जाएगा विकसित भोपाल अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र कल्याण के लिये शिक्षा, रोजगार, अधोसंरचना विकास एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। ऐतिहासिक असमानताओं से उत्पन्न घटनाओं की रोकथाम एवं त्वरित निराकरण के लिए भी राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। मध्यप्रदेश में लगभग 15.6 प्रतिशत (1 करोड़ 13 लाख) जनसंख्या अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित है। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की 48 जातियाँ सूचीबद्ध हैं। मंत्री श्री चौहान मंगलवार को अनुसूचित जाती कल्याण विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।इस दौरान प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार, आयुक्त श्री सौरभ के सुमन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। छात्रावास संचालन प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1913 छात्रावास संचालित हैं, जिनमें 95,317 सीटें निर्धारित हैं। पूर्व में जहां छात्रावासों की उपयोगिता 80 प्रतिशत से कम थी, वहीं वर्तमान में 86,356 सीटें (90 प्रतिशत से अधिक) भरी जा चुकी हैं। आगामी समय में 100 प्रतिशत सीट उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छात्रावास भवन निर्माण प्रदेश में 326 भवन-विहीन छात्रावासों में से 63 नवीन भवन स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 33 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 30 भवन निर्माणाधीन हैं।इस वित्तीय वर्ष में 80 से अधिक नए छात्रावास भवन स्वीकृत करने की योजना है। आगामी 3 वर्षों में सभी भवन-विहीन छात्रावासों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा। सभी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें वाई-फाई, ई-लाइब्रेरी, उन्नत रसोईघर तथा रेस्को मॉडल पर सोलर सिस्टम की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्रवृत्ति कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा ₹8 लाख वार्षिक आय सीमा तक के विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। शासकीय संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए आय सीमा का बंधन समाप्त कर दिया गया है। पिछले दो वर्षों में 49.47 लाख विद्यार्थियों को 2224 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों आईआईएम,आईआईटी,ऐनआईटी एवं एनएलआईयू में अध्ययनरत 1819 विद्यार्थियों को 6.26 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति विदेश में अध्ययन के लिए भी छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है जिसमें प्रतिवर्ष 50 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए चयनित किए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के 24 विद्यार्थी इस योजना के अंतर्गत विदेशों में अध्ययनरत हैं। इस वर्ष में 31 नवीन विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जबकि 12 विद्यार्थी प्रतीक्षा सूची में हैं। योजना को अधिक सरल, प्रभावी एवं उपयोगी बनाने के उद्देश्य से इसके नियमों में सुधार किया जा रहा है तथा चयन प्रक्रिया को और अधिक वस्तुनिष्ठ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।इस योजना में प्रति विद्यार्थी प्रति वर्ष अधिकतम 50,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 45 लाख रुपये) तक की राशि शुल्क एवं भत्तों के रूप में प्रदान की जाती है। दो वर्ष की अवधि में प्रति विद्यार्थी लगभग 90 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। आवास सहायता योजना घर से बाहर अध्ययनरत अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को आवास सहायता प्रदान की जा रही है। गत वर्ष 1.48 लाख से अधिक आवेदकों को लगभग राशि 130 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। वर्ष 2025-26 में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए दिल्ली छात्र गृह योजना के अंतर्गत सीट क्षमता 50 से बढ़ाकर 300 प्रति वर्ष तथा शिष्यावृत्ति राशि 10,000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। ज्ञानोदय विद्यालय अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों में ज्ञानोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां सीबीएसई पाठ्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा दी जा रही है। प्रत्येक विद्यालय में 640 विद्यार्थियों की क्षमता है। इसके अतिरिक्त 4 नए ज्ञानोदय विद्यालय स्वीकृत कर उनके भवन निर्माण प्रारंभ किए जाएँगे। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र एवं सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को सिविल सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 07 परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जिसमे निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। पिछले दो वर्ष में इन केन्द्रों में 168 अभ्यर्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित हुए।साथ ही प्रदेश में पिछले वर्ष में विभिन्न स्तरों पर चयनित 271 अभ्यर्थियों को राशि 41 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। स्वरोजगार योजनाएँ संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार से 50 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है, जिस पर ब्याज अनुदान की सुविधा दी जाती है। पिछले दो वर्षों में दस हजार से अधिक युवाओं को लगभग 164 करोड़ रुपये का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। आगामी 3 वर्षों में 21 हजार से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  

जमीन विवादों पर लगेगा ब्रेक, भूमि बंटवारे के केस जल्द निपटाने की तैयारी में हरियाणा सरकार

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने लंबे समय से रुके हुए भूमि बंटवारे (पार्टिशन) के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। एफसीआर तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यभर में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व अधिकारी अब जल्दी और समयबद्ध तरीके से जमीन के विवाद निपटाएं। अब आम लोगों को सालों तक जमीन के मामले का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब प्रत्येक सहायक कलेक्टर को महीने में कम से कम 12 जमीन के बंटवारे के मामले निपटाने होंगे। यह लक्ष्य तीन स्तर पर निगरानी के तहत पूरा होगा। उपायुक्त, मंडलायुक्त और वित्त आयुक्त (राजस्व)। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो तहसीलदार कम काम वाले क्षेत्रों में हैं, उनके पास ज्यादा मामले भेजे जाएंगे ताकि सभी अधिकारी बराबर जिम्मेदारी निभाएं और लोगों को जल्दी न्याय मिल सके। जमीन के मामलों में अक्सर विवाद लंबित रहते हैं। इसे कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तंत्र लागू किया गया है। सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी गांव स्तर पर एडीआर शिविर लगाएंगे। विवादित पक्षकार आपसी सहमति से समाधान करने के लिए प्रेरित होंगे। सफल समाधान पर 10,000 रुपये का इनाम मिलेगा, जिसे विवादित पक्ष साझा करेगा। सरकार की कोशिश है कि लोग लंबे कोर्ट के झंझट से बचकर सीधे समझौते के जरिए अपनी जमीन का निपटारा कर सकें। अब राजस्व न्यायालयों में लगातार सुनवाई होगी। तहसीलदार और नायब तहसीलदार सप्ताह में कम से कम तीन दिन न्यायालय चलाएंगे। अन्य अधिकारी सप्ताह में पांच दिन जमीन के मामलों की सुनवाई करेंगे। इससे लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होगा और लोगों को समय पर न्याय मिलेगा।    राजस्व अधिकारियों का प्रदर्शन त्रैमासिक रूप से देखा जाएगा। डॉ़ सुमिता मिश्रा ने कहा कि जो अधिकारी सबसे अच्छे काम करेंगे, उन्हें अपनी पसंद की तहसील में तैनाती दी जा सकती है। जो लगातार काम पूरा नहीं करेंगे, उन्हें अन्य गैर-राजस्व जिम्मेदारियों में भेजा जाएगा। इससे अधिकारी अपने काम में और जिम्मेदार बनेंगे, और आम लोगों के मामलों में देरी नहीं होगी। नई नियमावली के तहत संयुक्त खातेदारी की जमीनों का बंटवारा अब तेजी से होगा। मंडल आयुक्त तीन दिनों में अधिसूचना जारी करेंगे और मामले जल्द लागू होंगे। इससे लंबित जमीन के मामले जल्दी निपटेंगे। मुकदमेबाजी कम होगी, आपसी समझ से समाधान मिलेगा। अधिकारी जवाबदेह होंगे, इसलिए लोगों को न्याय समय पर मिलेगा। पारदर्शिता बढ़ेगी, कोई भी मामले में अन्याय नहीं कर पाएगा।  

हनुवंतिया में नववर्ष का उल्लास, ‘एक्वा सेरेनेड’ थीम पर जल महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं ईज़ माय ट्रिप डॉट कॉम का संयुक्त आयोजन बुकिंग एवं जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7834985081 पर करे संपर्क भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हनुवंतिया को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के विजन अनुसार पर्यटन विभाग सतत प्रयास कर रहे है। इसी क्रम मे प्रसिद्ध जल पर्यटन स्थल हनुवंतिया में जल महोत्सव का भव्य शुभारंभ मंगलवार, 30 दिसंबर को हुआ। नर्मदा बैकवॉटर के सुरम्य और शांत वातावरण में आयोजित यह महोत्सव नववर्ष के स्वागत के साथ पर्यटन, संस्कृति और उत्सव का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी के मार्गदर्शन और अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला के कुशल नेतृत्व में ‘एक्वा सेरेनेड इन हनुवंतिया’ थीम आधारित नववर्ष उत्सव की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर खंडवा जिले की अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख ने फीता काटकर जल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को उल्लास, आनंद और उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया। हनुवंतिया क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। लगभग 95 वर्ग किलोमीटर में फैला विशाल जलाशय, 90 से अधिक द्वीप, शांत वातावरण और जैव विविधता इसे विशिष्ट बनाते हैं। यही कारण है कि हनुवंतिया आज पर्यटन, निवेश और नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। 17 एकड़ में फैली टेंट सिटी, 104 स्विस कॉटेज जल महोत्सव के अंतर्गत विकसित टेंट सिटी लगभग 17 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें कुल 104 स्विस कॉटेज टेंट स्थापित किए गए हैं। इनमें डीलक्स एवं लग्ज़री श्रेणी के टेंट शामिल हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति के बीच सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक ठहराव का अनुभव प्रदान कर रहे हैं। 100 दिनों तक चलेंगी रोमांचक गतिविधियां इस वर्ष भी 30 दिसंबर से प्रारंभ हुए जल महोत्सव के अंतर्गत 100 दिनों तक निरंतर विभिन्न रोमांचक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। जल महोत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए भूमि, जल और वायु आधारित गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है, जिनमें स्पीड बोटिंग, जेट स्की, कयाकिंग, वाटर पैरासेलिंग, बनाना राइड, ज़िपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, ट्रेकिंग और टेथर्ड हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। इसके साथ ही योग, नेचर वॉक, वेलनेस गतिविधियां और परिवारों के लिए सुरक्षित मनोरंजन विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे यह आयोजन हर आयु वर्ग के पर्यटकों के लिए उपयुक्त बन गया है। लोक कला, संस्कृति और स्थानीय स्वादों का मंच जल महोत्सव मध्य प्रदेश की लोक कला, लोक संगीत, जनजातीय संस्कृति, शिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। स्थानीय शिल्पकारों, कलाकारों, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की आत्मा रही, जिससे स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिला। नववर्ष पर एक्वा सेरेनेड का विशेष आकर्षण नववर्ष अवसर पर हनुवंतिया में एक्वा सेरेनेड इन हनुवंतिया (Aqua Serenade in Hanuwantiya) थीम के अंतर्गत विशेष आयोजन किया गया, जिसमें 30 दिसंबर से सांस्कृतिक संध्याएं, गाला नाइट, लाइट एंड साउंड शो, जल आधारित प्रस्तुतियां और उत्सवपूर्ण वातावरण ने पर्यटकों को आकर्षित किया। सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था जल महोत्सव में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती, वाटर सेफ्टी उपकरण, लाइफ जैकेट्स, मेडिकल सुविधा, फायर सेफ्टी, सीसीटीवी निगरानी और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पर्यटक अपनी सुविधा अनुसार विभिन्न पैकेज विकल्पों में बुकिंग कर सके। बुकिंग एवं जानकारी के लिए मोबाइल क्रमांक +91 78349 85081 पर संपर्क किया जा सकता है।  

देश को ऊंचाई पर बनाए रखने का कार्य नई पीढ़ी करेगी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विद्यार्थियों को साइकिल का किया वितरण भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश को ऊंचाई पर बनाए रखने का कार्य नई पीढ़ी को ही करना है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शासकीय मार्तण्ड क्रमांक दो विद्यालय में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल का वितरण किया। उन्होंने दो करोड़ रुपए की लागत से बनाए जाने वाले 12 अतिरिक्त कमरों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गुरूजनों का दायित्व है कि वह बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार दें। शिक्षकों में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए कि उनके विद्यार्थी आगे बढ़ें। बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और उनको विकसित करने में अपनी भूमिका का निर्वाह करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की भावना जागृत करना आवश्यक है। इसके साथ उन्हें संवेदनशील भी बनाना चाहिए ताकि देश व समाज के लिए वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं व कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा

भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये  राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी हों, इस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनें, इसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारी' संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कार, प्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान है, और दोनों ही दुलार, स्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र है, जहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता है, वैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास हो, यही हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं।   अनूठा आयोजन – सीधा संवाद प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षा, टेक्सटाइल, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और नवाचार साझा किए। संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है। माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बहनों से … Read more

US हथियार डील पर चीन का आक्रामक जवाब, ताइवान की नाकेबंदी जारी; लगातार दूसरे दिन रॉकेट फायरिंग

बीजिंग  चीन की सेना ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ताइवान द्वीप के आसपास संयुक्त अभ्यास किया। बीजिंग ने इसे अलगाववादी और ‘‘बाहरी हस्तक्षेप'' वाली ताकतों के खिलाफ "कड़ी चेतावनी" बताया वहीं ताइवान ने कहा कि उसने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है। ताइवान ने चीन की सरकार को ‘‘शांति का सबसे बड़ा दुश्मन'' करार दिया। दो दिनों तक जारी रहने वाले इन सैन्य अभ्यासों को ‘‘जस्टिस मिशन 2025'' नाम दिया गया है। चीन के ये अभ्यास ताइवान को संभावित रूप से अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी हथियार बिक्री पर आक्रोश व्यक्त करने और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के उस बयान के बाद किए जा रहे हैं कि यदि चीन ताइवान के खिलाफ कार्रवाई करता है तो उनकी सेना हस्तक्षेप कर सकती है। चीन का कहना है कि ताइवान को उसके शासन के अधीन आना होगा। चीन की सेना ने सोमवार को अपने बयान में अमेरिका और जापान का नाम नहीं लिया, लेकिन विदेश मंत्रालय ने ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी पर अमेरिका से समर्थन मांगकर स्वतंत्रता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।   मंगलवार सुबह, आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एक सरकारी प्रवक्ता के हवाले से कहा कि इस दिशा में किए गए किसी भी प्रयास का ‘‘निष्फल होना तय है"। चीन के रक्षा मंत्रालय में अधिकारी झांग शियाओगांग ने कहा, "हम संबंधित देशों से आग्रह करते हैं कि वे चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान का उपयोग करने का भ्रम त्याग दें और अपने मूल हितों की रक्षा करने के चीन के संकल्प को चुनौती देने से बचें।"  

उत्तर बस्तर कांकेर: किसानों ने अब तक 2.21 लाख मेट्रिक टन से अधिक धान बेचा

उत्तर बस्तर कांकेर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले के सभी 149 उपार्जन केंद्रों तथा 70 सहकारी समितियों में किसानों के द्वारा धान बेचा जा रहा है। खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक कुल 2 लाख 21 हजार 386 मेट्रिक टन धान किसानों द्वारा बेचा जा चुका है। इसमें 2 लाख 19 हजार 187 मेट्रिक टन मोटा धान तथा 2 हजार 073 मेट्रिक टन पतला और 126 मेट्रिक टन सरना वैरायटी का धान सम्मिलित है। इस संबंध में बताया गया कि ’टोकन तुंहर हाथ’ एप के जरिए सभी किसानों को अब सप्ताह के सातों दिन और 24 घण्टे ऑनलाइन माध्यम से तथा उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर टोकन प्राप्त करने की सुविधा प्रारंभ हो गई है। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। साथ ही कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार धान के परिवहन, भण्डारण तथा विक्रय की अवैध गतिविधियों को रोकने गठित टीमों के द्वारा सतत् निगरानी की जा रही है।

लगातार दूसरे दिन फिसले सोना-चांदी, निवेशकों को ऊँचे भाव से मिली राहत

नई दिल्ली सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरी दिन गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,35,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे लुढ़क गया है, साथ ही चांदी की कीमत भी 2.33 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे पहुंच गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 2,182 रुपए कम होकर 1,34,599 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,36,781 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,23,293 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,25,291 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम 1,02,586 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,00,949 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमी देखी गई है। चांदी का दाम 3,111 रुपए कम होकर 2,32,329 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,35,440 रुपए प्रति किलो था। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में तेजी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.35 प्रतिशत बढ़कर 1,36,767 रुपए हो गया है। चांदी 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 6 प्रतिशत बढ़कर 2,37,894 रुपए हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी हावी रही। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने का दाम 1.61 प्रतिशत बढ़कर 4,412 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 7.04 प्रतिशत बढ़कर 75.44 डॉलर प्रति औंस पर है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोना एमसीएक्स पर करीब 1,200 रुपए की तेजी के साथ बंद हुआ। कॉमेक्स में रिकवरी से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला। बाजार में निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के मिनट्स पर हैं। आने वाले समय में सोना 1,32,000 रुपए से 1,38,500 रुपए की रेंज में रह सकता है। 

‘जिस फॉर्मेट ने पहचान दी, उसका सम्मान करो’ — चौथे एशेज के दो दिन में खत्म होने पर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज नाराज़

मेलबर्न  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चौथा एशेज टेस्ट सिर्फ दो दिन में खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्रेग चैपल ने कहा है कि दोनों टीमों को खेल के उस फॉर्मेट की इज्जत करनी चाहिए जिसने उन्हें पहचान दी है। गौरतलब है कि यहां मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया मुकाबला दूसरे दिन के तीसरे सत्र में खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के सामने 178 रन का लक्ष्य रखा, जिसे बेन स्टोक्स की टीम ने छह विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।  चैपल ने अपने एक लेख में कहा, 'इतिहास के पन्नों में दर्ज ‘मॉन्युमेंट्स मेन' वे लोग हैं जो अतुल्य खजानों की रक्षा करते हैं। ये ऐसे महिला और पुरुष कलाकारों, इतिहासकारों, शिल्पकारों और संग्रहालय निदेशकों का का समूह था जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर जंग में झोंके गए कला और शिल्प के शाहकारों की हिफाजत की।'  उन्होंने कहा, 'हमें एशेज को भी इसी तरह देखना चाहिए। सन 1877 में शुरू हुई 148 साल पुरानी यह ‘दुश्मनी' अब अपने 150 साल पूरे करने के बहुत करीब है। ऐसे में जब बॉक्सिंग डे टेस्ट सिर्फ दो दिन में खत्म हो जाता है तो मन में इस पवित्र विरासत के लिये डर पैदा होता है।'  चैपल ने कहा कि जो मैच टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े आयोजन के वैभव की मिसाल बन सकता था, वह एक तमाशा बनकर रह गया। इस अनंत प्रतियोगिता में बंधे हुए दो देश इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया अपने दर्शकों को सिर्फ दो दिन का मुकाबला ही परोस सके। चैपल ने मैच के जल्दी खत्म होने के लिये पिच क्यूरेटर मैट पेज को ज़म्मिेदार ठहराने के बजाय बल्लेबाज़ों की कुशलता पर सवाल उठाया।  उन्होंने कहा, 'दोनों टीमों के बल्लेबाज ऐसे बिखर गए जैसे तेज हवा में पतझड़ के पत्ते। विकेट गुच्छों में गिरे। टीमों के स्कोर 200 भी पार न कर सके। एमसीजी में मौजूद 90,000 लोगों का मजमा उस यादगार मुकाबले से महरूम रह गया जिसका वह हकदार था।'  उन्होंने अपने लेख के अंत में कहा, 'मैं समझता हूं कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट ने खेल को बदल दिया है और आज बाज़ार में दबाव झेलने की क्षमता से ज्यादा ताकत को अहमियत दी जाती है, लेकिन अगर आधुनिक खेल के खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को सच में अहमियत देते हैं, जैसा कि वे कहते हैं, तो उन्हें किसी भी परिस्थिति में कम से कम 100 ओवर तक मिलकर बैटिंग करके यह दिखाना होगा। अगर वे ऐसा नहीं कर सकते, या नहीं करेंगे, तो यह फॉर्मेट खत्म हो जाएगा।' ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड अब पांचवें टेस्ट के लिये चार जनवरी से मैदान पर उतरेंगे। ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में 3-1 की अविजित बढ़त बना चुका है।     

श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को किया नमन श्री अयोध्या धाम में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजधानी भोपाल में प्रदेश का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव शामिल करने के उद्देश्य से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर द्वारों का निर्माण किया जा रहा है। यह द्वार भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज को समर्पित होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुर्नउत्थान का पर्व जारी है। बनारस, अयोध्या हो या उज्जैन सभी ओर हमारी आस्था और भावना के अनुरूप समृद्ध संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं का प्रकटीकरण हो रहा है। प्रदेश में गीता जयंती पर बड़े पैमाने पर श्रीमद्भगवतगीता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी जिलों में गीता भवन का निर्माण कराया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्री अयोध्या धाम में पुनर्निमित भव्य श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ (तिथि अनुसार) पर मालवीय नगर स्थित युवा सदन के पास निर्मित श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां पहुंचकर श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को नमन किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर संत समुदाय तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।