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नववर्ष 2026 का राशिफल: 12 राशियों के लिए शुभ-अशुभ संकेत, सितारे क्या कह रहे हैं

मेष 1 जनवरी के दिन कुछ लोगों को मनचाहा लाभ होगा। दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। वृषभ 1 जनवरी के दिन की शुरुआत में नौकरी पेशा करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। मिथुन 1 जनवरी के दिन परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। आज के दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। आज लग्जरी से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। कर्क 1 जनवरी के दिन किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मन चाहा लाभ होगा। सिंह 1 जनवरी के दिन मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। कन्या 1 जनवरी के दिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए समय शुभ साबित हो सकता है। आपकी किस्मत चमक सकती है। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। तुला 1 जनवरी के दिन छात्रों का मन पढ़ाई से थोड़ा हट सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक 1 जनवरी के दिन गुस्से और वाणी पर काबू रखें। हालांकि, दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। किसी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। धनु 1 जनवरी के दिन कार्यस्थल पर प्रमोशन मिल सकता है। दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। इस दौरान आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मकर 1 जनवरी के दिन समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। आज के दिन शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। नौकरी करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कुंभ 1 जनवरी के दिन किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। विवाहित जातकों लव लाइफ अच्छी रहेगी। ये दिन कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। मीन 1 जनवरी का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए।

हाईवे मुआवजा घोटाले में शिकंजा: ईडी ने रायपुर-विशाखापत्तनम प्रोजेक्ट से जुड़े 10 ठिकानों पर मारा छापा, 40 लाख जब्त

रायपुर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर जोनल ऑफिस ने 29 दिसंबर को पीएमएलए, 2002 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में रायपुर और महासमुंद में दस जगहों पर तलाशी ली। यह तलाशी भारतमाला योजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में मिले अवैध मुआवजे के मामले में हरमीत सिंह खनूजा और अन्य के आवासीय और आधिकारिक ठिकानों पर की गई। ईडी ने एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर द्वारा निर्भय साहू, तत्कालीन एसडीओ (राजस्व), अभनपुर, रायपुर और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। एफआईआर में आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर रायपुर-विशाखपत्तनम हाईवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर करके अवैध मुआवजा प्राप्त किया।  ईडी की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ आपराधिक साजिश रचकर, भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित भूमि के लिए जानबूझकर जमीन के बड़े हिस्सों को छोटे टुकड़ों में परिवार के सदस्यों के बीच बांटकर और पिछली तारीख की एंट्री करके धोखाधड़ी से अतिरिक्त मुआवजा प्राप्त किया। भूमि अधिग्रहण से पहले कई छोटे खेतों को दिखाने के लिए जमीन का यह कृत्रिम विभाजन किया गया था, जिससे अधिक मुआवजे का दावा करने के लिए मुआवजा ढांचे का फायदा उठाया जा सके। राजस्व रिकॉर्ड में इस तरह से हेरफेर किया गया कि ये विभाजन अधिग्रहण प्रक्रिया से पहले हुए थे, जिससे बढ़ी हुई अवैध मुआवजे की राशि स्वीकृत और वितरित हुई। इस तरह प्राप्त अतिरिक्त अवैध मुआवजा अपराध की आय थी। इससे सरकारी खजाने को गलत नुकसान हुआ और आरोपियों को संबंधित गैरकानूनी लाभ हुआ। तलाशी अभियान के दौरान 40 लाख रुपए नकद, डिजिटल उपकरण और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही, तलाशी अभियान के दौरान अनुसूचित अपराध करने से उत्पन्न पीओसी से शामिल व्यक्तियों के नाम पर अर्जित कई चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया का इंतकाल, पति के साथ हुआ दफन

ढाका बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया को संसद भवन के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बेगम जिया को उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफन किया गया। बेगम खालिदा जिया को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें नमाज-ए-जनाजा के बाद शाम करीब 4:30 बजे दफनाया गया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य, सरकारी अधिकारी, विदेशी मेहमान, डिप्लोमैट, और बीएनपी-नॉमिनेटेड नेता मौजूद थे। खालिदा जिया के जाने से बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। सुपुर्द-ए-खाक में सिर्फ कुछ खास लोगों को ही आने-जाने की इजाजत थी और इस दौरान शेर-ए-बांग्ला नगर के जिया उद्यान में लोगों की आवाजाही भी सीमित रही। 23 नवंबर को खालिदा जिया का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा जिया ने 41 साल तक बीएनपी का नेतृत्व किया और 1990 के दशक के तानाशाही-विरोधी आंदोलन के दौरान उन्हें ‘समझौता न करने वाली लीडर’ का खिताब मिला। जिया पांच बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट रहीं, तीन बार प्रधानमंत्री और दो बार विपक्ष की नेता की जिम्मेदारी निभाई। बेगम खालिदा जिया ने अपने चार दशक से ज्यादा के राजनीतिक सफर का ज्यादातर हिस्सा सड़कों पर बिताया, आंदोलनों का नेतृत्व किया, और गिरफ्तार भी हुईं। उन्हें जेल में भी रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी देश नहीं छोड़ा। उन्होंने जो भी चुनाव लड़ा, वह कभी नहीं हारी। जिया के जनाजे में शामिल होने वाले 32 राजनयिकों में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत मेगन बोल्डिन, ब्रिटिश हाई कमिश्नर सारा कुक, चीनी राजदूत याओ वेन और यूरोपियन यूनियन के राजदूत माइकल मिलर थे। वहीं, रूस के कार्यवाहक राजदूत एकातेरिना सेमेनोवा, जापानी राजदूत सैदा शिनिची, कैनेडियन हाई कमिश्नर अजीत सिंह, ऑस्ट्रेलियन हाई कमिश्नर सुसान रिले और रेटो सिगफ्राइड रेंगली भी शामिल हुए। इसके अलावा, नीदरलैंड, लीबिया, फिलीपींस, सिंगापुर, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, इटली, स्वीडन, स्पेन, इंडोनेशिया, नॉर्वे, ब्राजील, मोरक्को, ईरान, अल्जीरिया, ब्रुनेई, थाईलैंड, कतर, डेनमार्क और मलेशिया के राजदूत और हाई कमिश्नर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी ढाका पहुंचे थे। ढाका पहुंचने के बाद एस. जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की और पीएम मोदी का शोक संदेश सौंपा।

आधुनिक भारत श्रीराम की मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दी ऐतिहासिक मिसाल: राजनाथ सिंह

अयोध्या देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि श्रीराम की मर्यादा हमें सिखाती है कि युद्ध में भी मूल्य जीवित रहने चाहिए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भी सिद्ध किया कि आधुनिक भारत राम की उस मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने भी भगवान श्रीराम के इसी मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था, हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएं और हमने बस वही किया। हमने अंधाधुंध प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने अयोध्या में कहा कि भगवान श्रीराम विनम्र, शीलवान और कृपालु हैं, लेकिन जब अधर्म सिर उठाता है, तब वही राम दुष्ट-दलन की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ‘आजानु भुज… शर चाप धर… संग्राम जित खर-दूषणं’ का उद्धरण देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मर्यादा के साथ शक्ति का प्रयोग ही धर्म है। उन्होंने कहा कि श्रीराम हमारी चेतना में बसे हैं; उनकी मर्यादा हमारी पहचान है। वे इतिहास के महान योद्धा थे, पर युद्ध में भी मूल्य और सीमाएं बनाए रखते थे। आधुनिक भारत ने भी वही मार्ग अपनाया है—आतंक के विरुद्ध कठोर, पर निर्दोषों के प्रति संवेदनशील। जैसे राम का उद्देश्य रावण-वध से अधिक अधर्म का अंत था, वैसे ही भारत का लक्ष्य आतंक के तंत्र को तोड़ना है, न कि अनियंत्रित संघर्ष को बढ़ावा देना। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भी सिद्ध किया कि आधुनिक भारत श्रीराम की उस मर्यादा का सच्चा उत्तराधिकारी है।राजनाथ सिंह ने श्रीराम को किसी ग्रंथ या कथा तक सीमित न मानते हुए कहा कि श्रीराम वह चेतना हैं जो मनुष्य को मनुष्य बनाए रखती है। जहां निर्णय कठिन होते हैं, वहां राम आदर्श बनते हैं। जहां शक्ति उन्माद बनने लगती है, वहां राम मर्यादा बनकर उसे रोकते हैं, और जहां अधिकारों की बात होती है, वहां राम कर्तव्य का स्मरण कराते हैं। यही कारण है कि राम सत्य, संयम, संकल्प, सुशासन और संघर्ष का समन्वय हैं। रक्षा मंत्री ने अयोध्या के विकास पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित किया है। सड़कों, आवास, हरित क्षेत्रों, हवाई अड्डे और रेलवे के सुदृढ़ीकरण से अयोध्या एक आधुनिक, सुरक्षित और समृद्ध मॉडल शहर के रूप में उभर रही है। यह विकास केवल अयोध्या का नहीं, बल्कि पूरे भारत के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में हो रहे परिवर्तन की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप आस्था, संस्कृति और इतिहास को संजोते हुए विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण हो रहा है। साथ ही, उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को समाज की चेतना से जन्मा ऐतिहासिक संघर्ष बताया—जो शून्य से नहीं, बल्कि धैर्य, तपस्या और आस्था की सदियों लंबी साधना से आकार लेता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि समय सबका न्याय करता है। जिन्होंने रामकाज और रामराज्य के मार्ग में अवरोध खड़े किए, उनका सत्य आज दुनिया देख रही है। आज अयोध्या की हर गली राममय है—और यह आनंद केवल अयोध्या तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत और विश्व के उन हृदयों तक है, जो राम को जानते, मानते और जीते हैं। दो वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम का मंदिर में विराजमान होना केवल धार्मिक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का पुनर्जागरण है, जिसका संदेश है मर्यादा में शक्ति और शक्ति में मर्यादा।

क्रेमलिन की सुरक्षा में सेंध? पुतिन के घर पर ड्रोन हमले का फुटेज आया सामने

मास्को  कीव के 91 ड्रोन हमलों का कथित सबूत रूस ने बुधवार को पेश किया है। फुटेज जारी कर रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर पुतिन के आवास पर एक साथ कई दिशाओं से हमले का प्रयास किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ब्रायन्स्क, स्मोलेंस्क और नोवगोरोड क्षेत्रों में 91 ड्रोन मार गिराए गए। यह हमला लक्षित, सुनियोजित और चरणबद्ध तरीके से किया गया था। हालांकि इससे आवास को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी फुटेज में बर्फ में पड़े काले ड्रोन का मलबा, उनके लकड़ी के हिस्से और लाल तारों को देखा जा सकता है। दावा किया गया है कि इसमें 6 किलोग्राम विस्फोटक लदा हुआ था। रूस ने दावा किया था कि 28-29 दिसंबर की मध्य रात्रि को कीव ने राष्ट्रपति के राजकीय आवास पर 91 ड्रोन भेजे थे, जिसे रूस ने मार गिराया था। विदेश मंत्री लावरोव ने पुष्टि करते हुए एक संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि नोवगोरोड क्षेत्र में राष्ट्रपति के राजकीय आवास पर हमला करने के लिए भेजे गए सभी 91 लंबी दूरी के ड्रोन को एयर डिफेंस ने मार गिराया। विदेश मंत्री लावरोव ने यह भी कहा था कि संघर्ष को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान इस हमले के बावजूद मॉस्को वार्ता से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि रूसी राष्ट्रपति आवास पर किसी भी तरह के हमले की कोशिश को यूक्रेन ने सिरे से खारिज किया था। दुनिया के कई देशों ने राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की थी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की खबरों पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'रूस के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट से बेहद चिंतित हूं। चल रहे डिप्लोमेटिक प्रयास युद्ध को समाप्त करने और शांति हासिल करने की दिशा में सबसे व्यवहार्य मार्ग प्रदान करते हैं। हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इन प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रखें और ऐसे किसी भी कार्य से बचें जो इन्हें कमजोर कर सकता है।' वहीं बीजिंग ने भी दोनों पक्षों से 'तनाव बढ़ाने से बचने' की अपील की थी।

प्रदेश के 52 हजार किसानों के खेत अब लहलहाएंगे सोलर पंप से

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में किये जा रहे अनेक कल्याणकारी कार्यों से प्रदेश में अन्न उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। किसानों को खेती के लिये खाद बीज की सहज उपलब्धता के साथ सिंचाई के संसाधन भी उपलब्ध कराये जा रहे है। इसी दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। बिजली बिल पर व्यय होने वाली यह राशि अब उनके पास बचत के रूप में रहेगी। इसके अतिरिक्त सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 52 हजार किसानों के खेतों में सोलर पम्प लगाने का अभिनव नवाचार किया है प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान) योजना के द्वारा किसानों के लिये ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र सरकार की इस योजना को प्रदेश में "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के नाम से संचालित किया जा रहा है। इसमें (कुसुम-ब) कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पम्‍पों की स्‍थापना की जाती है। योजना में किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पम्‍प पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें सभी वर्ग को समान सब्सिडी (अनुदान) प्रदान की जाती है। योजनांतर्गत 1 से 7.5 हार्सपावर तक के सोलर पंप की बेंचमार्क लागत का 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। सोलर पंप की वास्तविक लागत का लगभग 10 प्रतिशत कृषक अंशदान व लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कृषक ऋण राशि के रूप में लिया जाने का प्रावधान किया गया है, जिसका ब्‍याज सहित भुगतान राज्‍य सरकार द्वारा किया जाएगा। सोलर पंप के द्वारा निर्मित ऊर्जा के दैनिक उपयोग के बाद उत्‍पादित अतिरिक्‍त ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग के लिये भी किसानों को विकल्प दिया जा रहा है। इसका उपयोग नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश अनुसार किया जा सकेगा। समान क्षमता के यू.एस.पी.सी. युक्‍त पंपों पर बिना यू.एस.पी.सी. (सामान्‍य कन्‍ट्रोलर) के सोलर पंप पर देय अनुदान ही लागू होगा। स्‍थापित सोलर पम्‍पों के, 5 वर्ष तक रख-रखाव की जिम्‍मेदारी, संबंधित स्‍थापनाकर्ता इकाई की है। योजना की विस्‍तृत जानकारी निगम की वेबसाईट cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्‍ध है। योजना में मंदसौर, नीमच, बैतूल,भिंड, सागर, शाजापुर, जबलपुर, अशोकनगर, भोपाल एवं सीहोर जिलों में कृषकों के यहाँ सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान) योजना के द्वारा किसानों के लिये की जा रही ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित।     प्रदेश में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" के नाम से संचालित     किसानों को अन्नदाता के साथ ही ऊर्जा दाता बनाने की दिशा में कार्य जारी।     प्रदेश के 33 हजार किसान के खेतों में सोलर पंप स्थापना के लिए कार्यादेश जारी।     सोलर पंप स्थापना के लिए 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड, इकाइयों को प्रदान किये गये।     52 हजार किसानों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य होगा पूर्ण।     किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पम्‍प पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान।     सभी वर्गों के लिये समान सब्सिडी (अनुदान) व्यवस्था।     योजना में 1 से 7.5 हॉर्स पॉवर तक के सोलर पंप की बेंचमार्क लागत का 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा।     सोलर पंप की वास्तविक लागत का लगभग 10 प्रतिशत कृषक अंशदान।     लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कृषक ऋण राशि के रूप में, जिसका ब्‍याज सहित भुगतान राज्‍य सरकार द्वारा।     योजना में मंदसौर, नीमच, बैतूल,भिंड, सागर, शाजापुर, जबलपुर, अशोकनगर, भोपाल एवं सीहोर जिलों में कृषकों के यहाँ सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य प्रारम्भ।     जानकारी निगम की वेबसाईट cmsolarpump.mp.gov.in पर उपलब्‍ध।  

कामकाज में ढिलाई पड़ी भारी! हरियाणा के 2000 अधिकारियों को मिली अंतिम चेतावनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(1) के तहत राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआइओ) पर लगाए गए दंड की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। करीब दो हजार अधिकारी ऐसे हैं, जिन पर राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया, लेकिन वह जुर्माना जमा नहीं करा रहे हैं। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह दंड संबंधित एसपीआइओ से मासिक किस्तों में सीधे वसूल किया जाए। अनुराग रस्तोगी ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आरटीआइ अधिनियम के प्रविधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि आरटीआइ आवेदनों का समयबद्ध निपटारा और वैधानिक समय सीमा का पालन सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि अधिनियम की भावना को सुदृढ़ किया जा सके और प्रशासन पर जन विश्वास मजबूत हो। हरियाणा में सूचना का अधिकार के तहत अधिकारी-कर्मचारी एक तो सूचना ठीक ढंग से नहीं देते, ऊपर से जुर्माना भी नहीं जमा करवा रहे हैं। इन अधिकारियों पर करीब 10 साल से जुर्माना पेंडिंग है। मुख्य सचिव ने राज्य सूचना आयोग को मासिक रिपोर्ट भी देने की बात कही है। मुख्य सचिव ने विभागों से कहा कि अगर किसी विभाग को वसूली में सहायता की आवश्यकता हो तो वे राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार से संपर्क कर सकते हैं।   हरियाणा में ऐसे 1953 अधिकारी शामिल हैं। जिन पर चार हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना बकाया है। सबसे ज्यादा पंचायत विभाग के 600 अधिकारियों ने जुर्माना राशि जमा नहीं कराई। जबकि स्थानीय शहरी के 500 तो शिक्षा विभाग के 200 अधिकारियों पर जुर्माना बाकी है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, एचएसवीपी, अर्बन एस्टेट, राजस्व, सेवा, परिवहन विभाग समेत कई विभागों के कई अधिकारियों ने अभी तक जुर्माने की राशि जमा नहीं कराई है।  

न्यू ईयर ईव पर प्रकृति का कहर, 6 रिक्टर तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली  एक तरफ जहां पूरी दुनिया नए साल के जश्न की तैयारी कर रही है तो दूसरी ओर जापान में भूकंप से धरती हिल गई है। नए साल की पूर्व संध्या पर जापान में छह रिक्टर स्केल का भूकंप आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार, 31 दिसंबर को जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया। USGS ने बताया कि भूकंप नोडा से करीब 91 किलोमीटर पूर्व में आया और इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी। भूकंप को लेकर राहतभरी बात यह रही कि किसी भी नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा, नए साल की पूर्व संध्या पर दिन में पहले तिब्बत में दोपहर के समय 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3.26 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इससे पहले नौ दिसंबर को उत्तरी जापान में देर रात 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके कारण 33 लोग घायल हो गए और प्रशांत महासागर के तटवर्ती इलाकों में सुनामी आ गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि 33 लोग घायल हुए हैं जिनमें एक गंभीर रूप से घायल है। सार्वजनिक प्रसारक ‘एनएचके की खबर के अनुसार, अधिकतर लोग वस्तुएं गिरने के कारण घायल हुए। जापान के मुख्य होन्शू द्वीप के सबसे उत्तरी प्रांत आओमोरी के तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी तथा कहा कि यह सतह से 44 किलोमीटर (27 मील) नीचे आया। आओमोरी प्रांत के हाचिनोहे शहर में एक दुकान के मालिक नोबुओ यामादा ने एनएचके से कहा, ‘‘मैंने कभी इतना भीषण भूकंप नहीं देखा।’’ इसके भीषण भूकंप के बाद जापान में कई अन्य भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं।

राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का गायन मंत्रालय में 1 जनवरी को

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर होंगी शामिल भोपाल  मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्र -गान "जन गण मन" का गायन 1 जनवरी 2026 को प्रात: 10:15 होगा। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शामिल होंगी। वर्षा होने की स्थिति में उक्त गायन मंत्रालय क्रमांक-1 स्थित पांचवी मंजिल कक्ष क्रमांक 506 में होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है।               

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने नागरिकों को दी नव वर्ष की शुभकामनाएं

भोपाल  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने नव वर्ष के शुभागमन पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। श्री देवड़ा ने कहां कि गत वर्षों में राज्य सरकार ने जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास, सुशासन और समावेशी प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प मजबूत हुआ है। श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्हें कहा कि निवेश के माध्यम से रोजगार निर्माण की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ा है और अब नया वर्ष कृषि कल्याण को समर्पित होगा। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि नववर्ष सबके जीवन में स्वास्थ्य, सम्मान और समृद्धि लेकर आए। सब मिलकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ें, यही नववर्ष का संकल्प है।