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ट्रंप का भरोसेमंद बना पाक सेना प्रमुख! आसिम मुनीर की ‘तरक्की’ से भारत क्यों सतर्क

वाशिंगटन  आज यानी 31 दिसंबर, साल 2025 का आखिरी दिन है। इस साल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने भारत के लिए गहरी चिंता खड़ी कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की बार-बार सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की, उन्हें 'माई फेवरिट फील्ड मार्शल' कहा है, और कई मौकों पर ग्रेट फाइटर व हाइली रिस्पेक्टेड जनरल जैसी उपाधियां दी हैं। यह निकटता न केवल पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई दे रही है, बल्कि भारत-अमेरिका रिश्तों में दरार डालने की क्षमता रखती है। भारत के एंगल से देखें तो यह ट्रंप की ट्रांजेक्शनल डिप्लोमेसी का नतीजा है, जहां पाकिस्तान ने चापलूसी, झूठे नैरेटिव और आर्थिक लालच देकर अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने पक्ष में कर लिया है। लेकिन क्या इसके पीछे की हकीकत भारत के लिए खतरे की घंटी है? आइए समझते हैं कि आखिर कैसे पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर 2025 में ट्रंप के पसंदीदा फील्ड मार्शल बन गए।   सबसे पहले समझिए कि यह निकटता कैसे शुरू हुई। अप्रैल 2025 में पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए। भारत ने इसका जवाब 'ऑपरेशन सिंदूर' से दिया- पाकिस्तान के एयरबेस और आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया, लेकिन सैटेलाइट इमेजेस से साफ हुआ कि उसे ही भारी नुकसान हुआ। चार दिन के संघर्ष के बाद पाकिस्तानी सेना अधिकारी के अनुरोध पर दोनों देशों के DGMO स्तर पर सीधे संपर्क से सीजफायर हुआ। ट्रंप ने इसमें अपना क्रेडिट लिया- दावा किया कि उन्होंने फोन कॉल्स और टैरिफ के जरिए परमाणु युद्ध टाला और एक करोड़ से ज्यादा जिंदगियां बचाईं। भारत ने इसे सिरे से खारिज किया, लेकिन पाकिस्तान ने मौके का फायदा उठाया। भारत लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद को केवल द्विपक्षीय रूप से हल किया जा सकता है। लेकिन मई से, ट्रंप ने बार-बार इस संघर्ष का जिक्र किया है, चार दर्जन से अधिक मौकों पर जोर देकर कहा है कि उन्होंने युद्धविराम में मध्यस्थता की। उन्होंने विभिन्न मौकों पर विमानों को मार गिराने के दावों को भी दोहराया है। पाक पीएम शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी के एक सदस्य ने अल-जजीरा को बताया- भारत के ट्रंप को सीजफायर का श्रेय देने से इनकार करने से एक ऐसा मौका मिला, जिसका आर्मी चीफ मुनीर और PM शरीफ ने तुरंत फायदा उठाया। पूर्व पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर ने भी मई के संघर्ष को निश्चित मोड़ बताया। अमेरिका के लिए कभी सहयोगी, तो कभी खतरनाक देश था पाक पाकिस्तान कभी अमेरिका का एक अहम सहयोगी था और 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में हुए हमलों के बाद उसे एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा दिया गया था। अगले कुछ सालों में रिश्ते खराब हो गए, क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने अमेरिका के तथाकथित आतंक पर युद्ध में इस्लामाबाद पर धोखे का आरोप लगाया। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को झूठ और धोखे के अलावा कुछ नहीं देने और हथियारबंद ग्रुप्स को पनाह देने का आरोप लगाया। उनके उत्तराधिकारी, जो बाइडेन ने बाद में पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया। इसी समय, अमेरिकी पॉलिसी तेजी से भारत की तरफ मुड़ गई, जिसे वॉशिंगटन में चीन के संभावित मुकाबले के तौर पर देखा गया, जो पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक पार्टनर है। फिर भी, अपने दूसरे कार्यकाल के सिर्फ दो महीने बाद ही ट्रंप का रुख बदल गया। मार्च में कांग्रेस के एक जॉइंट सेशन को संबोधित करते हुए, उन्होंने अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर एबे गेट बम धमाके के कथित दोषियों में से एक को गिरफ्तार करने के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया। इस हमले में 13 अमेरिकी सैनिक और दर्जनों अफगान नागरिक मारे गए थे, जब अमेरिका अफगानिस्तान से जल्दबाजी में निकल रहा था। फिर शुरू हुआ पाक का चापलूसी वाला दौर भारत के साथ मई में हुए संघर्ष के बाद, मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया, जो पाकिस्तान के इतिहास में यह रैंक पाने वाले दूसरे अधिकारी थे। उसी साल बाद में, एक संवैधानिक बदलाव से चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का पद बनाया गया, जिसे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) एक साथ संभालेंगे। ऑपरेशन सिंदूर में मार खाने के बावजूद मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को शांति का दूत बताया और नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया। यही वह मीठी गोली थी जिसने ट्रंप को प्रभावित किया। जून 2025 में मुनीर को वाइट हाउस में अकेले लंच के लिए बुलाया गया- पाकिस्तानी आर्मी चीफ के लिए ऐतिहासिक पल था। वहां मुनीर ने ट्रंप की चापलूसी की, रेयर अर्थ मिनरल्स, क्रिप्टो डील और ट्रेड ऑफर्स दिए। इसके बाद ट्रंप की प्रशंसा का सिलसिला चला: सितंबर में दूसरी मीटिंग (शरीफ के साथ), अक्टूबर में गाजा पीस समिट में ट्रंप ने मुनीर को फेवरिट फील्ड मार्शल कहा और दिसंबर तक 10 से ज्यादा बार तारीफ की। पाकिस्तान ने इसे अपनी डिप्लोमेटिक कमबैक बताया। पाकिस्तान की रणनीति: चापलूसी और ट्रांजेक्शनल डील्स     पाकिस्तान के लिए मुनीर सोल्जर-डिप्लोमैट बन गए। उन्होंने ट्रंप को:नोबेल का लालच दिया।     बलूचिस्तान के रेयर अर्थ मिनरल्स का ऑफर।     क्रिप्टो और ट्रेड डील्स का वादा।     आतंकवाद विरोध में सहयोग (ISIS-K गिरफ्तारियां)।     गाजा स्टेबलाइजेशन फोर्स में ट्रूप्स भेजने की संभावना (जो अब दबाव बन रहा है)। ट्रंप, जो डील्स के शौकीन हैं, इससे प्रभावित हुए। पाकिस्तान को बेहतर ट्रेड टैरिफ मिले, जबकि भारत पर 50% टैरिफ लगाए गए। क्षेत्रीय और मध्य-पूर्वी संतुलन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान ने 2025 में बांग्लादेश, मध्य एशिया और मध्य-पूर्व में कूटनीतिक सक्रियता बढ़ाई है। सऊदी अरब में मोहम्मद बिन सलमान के साथ हुई रक्षा संधि को वर्ष की सबसे अहम उपलब्धियों में माना जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान ने गाजा में युद्ध को लेकर ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में शामिल होने की इच्छा भी जताई है। घरेलू राजनीति और आलोचनाएं जहां विदेशी मोर्चे पर पाकिस्तान की सक्रियता बढ़ी, वहीं देश के भीतर आलोचनाएं भी तेज हुईं। मई संघर्ष के बाद मुनीर को फील्ड मार्शल का दर्जा मिला और संवैधानिक संशोधन … Read more

कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल, उत्तर भारत में तापमान लुढ़का; दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों पर ब्रेक

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। बुधवार को घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, वहीं वायु प्रदूषण ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। घने कोहरे और बेहद कम दृश्यता के चलते बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बड़ा असर पड़ा। कम से कम 148 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 150 से अधिक उड़ानों में देरी हुई। इनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान उड़ानें शामिल रहीं। दो उड़ानों का मार्ग भी परिवर्तित किया गया। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अनुसार दृश्यता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन कुछ उड़ानें अभी भी प्रभावित रह सकती हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को यात्री सेवा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।   दिल्ली में ‘बहुत खराब’ हवा और ऑरेंज अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी बुधवार सुबह घने कोहरे की मोटी चादर में लिपटी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सुबह घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया। पालम और सफदरजंग में दृश्यता मात्र 50 मीटर दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 384 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। आनंद विहार में एक्यूआई 452 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, एक जनवरी को हालात ‘गंभीर’ हो सकते हैं और अगले कई दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रहने की आशंका है। न्यूनतम तापमान 6–8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। गुवाहाटी में ठंड के कारण स्कूल बंद कड़ाके की ठंड को देखते हुए असम के कामरूप महानगर जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 दिसंबर से 6 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है और स्कूल 7 जनवरी से दोबारा खुलेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, गुवाहाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड, कोहरा और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। 

RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले—अरावली में विकास हो, लेकिन संतुलन के साथ, युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह

रायपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने युवा संवाद कार्यक्रम में विकास, पर्यावरण और युवाओं के भविष्य पर अपनी बात कही. उन्होंने अरावली पर्वतमाला का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया अब तक ऐसा विकास मॉडल नहीं बना पाई है, जिसमें पर्यावरण और इन्फ्रास्ट्रक्चर साथ‑साथ बिना नुकसान के चल सकें, इसलिए अब संतुलित विकल्प तलाशना ही होगा. बता दें कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं. इस दौरान आज रायपुर एम्स में वे युवा संवाद कार्यक्रम के जरिए युवाओं से रू-ब-रू हो रहे हैं. भागवत ने अरावली पर्वत श्रृंखला के संदर्भ से चेताया कि अंधाधुंध विकास की दौड़ अगर इसी तरह चलती रही तो आने वाली पीढ़ियां पर्यावरणीय संतुलन की भारी कीमत चुकाएंगी. उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रकृति दोनों का समानांतर विकास जरूरी है, इसके लिए नीतियों और जीवनशैली दोनों में बदलाव लाना होगा. इसके साथ उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रोजगार और करियर के साथ‑साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी भी समझें और अपने छोटे‑छोटे फैसलों से बड़ी सकारात्मक शुरुआत करें. डॉ. भागवत ने युवाओं में बढ़ते नशे को गंभीर चिंता बताते हुए कहा कि आज का यूथ अंदर से लोनली फील कर रहा है. परिवारों में संवाद घटने और रिश्तों के न्यूट्रल होते जाने की वजह से युवाओं के सामने मोबाइल और नशा आसान विकल्प की तरह खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर फैमिली के भीतर बात‑चीत और इमोशनल कनेक्शन मजबूत होगा तो बाहर की बुरी आदतों की खींच कम हो जाएगी. समाज और परिवार, दोनों को मिलकर ऐसा माहौल बनाना होगा जिसमें युवा अकेलेपन से भागकर नशे में नहीं, बल्कि सार्थक कामों में अपना समय लगाएं.

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में संवेदनशील क्षण, खालिदा जिया के जनाजे में शामिल हुए जयशंकर

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख बेगम खालिदा जिया का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके जनाजे में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होने के लिए राजधानी ढाका पहुंचे हैं। इस दौरान जयशंकर ने खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश पत्र सौंपा। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने जयशंकर और तारिक रहमान की मुलाकात की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा- 'माननीय भारतीय विदेश मंत्री ने ढाका में, भारत सरकार और लोगों की ओर से संवेदनाएं व्यक्त कीं। बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक मना रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में उनके योगदान को स्वीकार किया और आगामी चुनाव (फरवरी 2026) के माध्यम से बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव के बाद बांग्लादेश-भारत संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।' तस्वीरों में जयशंकर अपने बांग्लादेशी समकक्ष तौहीद हुसैन के साथ बातचीत करते हुए भी नजर आ रहे हैं। खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हुआ था। वह 80 वर्ष की थीं। लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन पर बांग्लादेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है और बीएनपी ने सात दिन का शोक घोषित किया है। आज दोपहर जोहर की नमाज के बाद ढाका के मानिक मिया एवेन्यू और संसद परिसर के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। जनाजे में लाखों लोग उमड़े, जिसमें बीएनपी समर्थक, आम नागरिक और विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे। इसके बाद उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पति पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास जिया उद्यान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत-बांग्लादेश संबंधों के बीच मौजूदा तनाव के बावजूद विदेश मंत्री जयशंकर का ढाका दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि जयशंकर भारत सरकार और जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने तारिक रहमान से मुलाकात कर पीएम मोदी का व्यक्तिगत शोक पत्र सौंपा। पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था और 2015 में ढाका में हुई उनकी मुलाकात को याद किया था। मोदी ने कहा था कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। जनाजे में पाकिस्तान की ओर से भी उच्चस्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी शोक संदेश जारी किया। खालिदा जिया बांग्लादेश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और देश की राजनीति में दशकों तक प्रभावशाली रहीं। उनके बेटे तारिक रहमान हाल ही में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से वापस लौटे हैं और अब बीएनपी की कमान संभाल रहे हैं।

सऊदी अरब ने बताया यमन में बमबारी का कारण, UAE के साथ तनाव की असली वजह आई सामने

रियाद  अरब के दो मुसलमान देशों के बीच अचानक छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया का ही ध्यान आकर्षित किया है। यमन में जब यूएई की ओर से भेजी गई हथियारों की खेप वाले जहाजों पर सऊदी अरब ने हमले किए तो हर कोई हैरान रह गया। इस हमले के बाद इलाके में तनाव भड़क गया और अंत में UAE ने ही अपने कदम वापस खींचने का फैसला लिया है। सऊदी अरब की ओर से यह बमबारी यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर की गई थी। उसका कहना था कि पड़ोसी UAE की तरफ से यमन में हथियारों का एक बड़ा जखीरा भेजा गया था, जिसे अलगाववादी इस्तेमाल करते। इससे उन्हें आपत्ति थी और इसी के चलते हमला किया गया। सऊदी अरब के सख्त ऐतराज और हमलों के बाद UAE का कहना है कि वह यमन से अपने सुरक्षा बलों को वापस बुलाएगा। UAE पर आरोप है कि उसके सुरक्षा बल अलगाववादियों का साथ दे रहे हैं। जानकारी मिली है कि UAE के दो जहाज यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर पहुंचे थे, जिनमें 80 वाहन सवार थे और कंटेनर्स थे, जिनमें तमाम हथियार लदे हुए थे। इसके अलावा विस्फोटक भी था। यह सारा सामान सऊदी अरब की जानकारी के बिना पहुंचा था और अलगाववादियों के हाथ लगना था। इससे सऊदी अरब भड़क गया और उसने हमले कर दिए। वहीं UAE ने अब अपने सुरक्षा बलों को वापस बुलाने की बात कही है। अब तक यमन में उसके सुरक्षा बल काउंटर टेररिज्म के नाम पर वहां ऐक्टिव थे। सऊदी अरब की ओर से आरोप लग रहा था कि UAE की ओर से अलगाववादियों को समर्थन मिल रहा था। सऊदी का आरोप है कि यूएई की ओर से अलगाववादी सदर्न ट्रांजिशन काउंसिल यानी STC को हथियारों की सप्लाई की जा रही थी। इसी को लेकर उसे आपत्ति है क्योंकि वह STC के खिलाफ रहा है। इसके अलावा यमन की आधिकारिक सरकार भी UAE के विरोध में खड़ी हो गई और कहा कि इस तरह अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले 24 घंटे के अंदर यमन से निकल जाएं। अंत में UAE को ही झुकना पड़ा है।  

अस्पताल में भर्ती ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्टार Damien Martin, डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट मैच खेल चुके दिग्गज क्रिकेटर डेमियन मार्टिन को गंभीर हालत में ब्रिसबेन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक 54 वर्ष के दांए हाथ के पूर्व बल्लेबाज हाल में बीमार हुए थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक उन्हें मेनिनजाइटिस हुआ है और फिलहाल वह इंड्यूस्ड कोमा में हैं। डेमियन मार्टिन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट और वनडे में कई यादगार पारियां खेली हैं। 2003 के वनडे विश्व कप में उन्होंने भारत के खिलाफ टूटी उंगली के साथ नाबाद 88 रन की पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।   क्या होता है इंड्यूस्ड कोमा? इंड्यूस्ड कोमा प्राकृतिक कोमा से अलग होता है। इसमें डॉक्टर दवाओं के जरिए मरीज को गहरी बेहोशी की स्थिति में पहुंचाते हैं। ऐसा मस्तिष्क को गंभीर चोट, सूजन या अन्य जानलेवा स्थितियों से बचाने और ठीक होने का समय देने के लिए किया जाता है, ताकि मस्तिष्क पर दबाव कम हो और ठीक हो सके। यह एक नियंत्रित प्रक्रिया है, जो प्राकृतिक कोमा से अलग है। यह मरीज को गंभीर दर्द या असहजता से बचाने के लिए भी किया जाता है जो चोट या बीमारी के कारण हो सकती है। डारेन लेहमैन ने की जल्द स्वस्थ होने की दुआ डेमियन मार्टिन के साथ खेल चुके पूर्व टेस्ट खिलाड़ी डारेन लेहमैन ने उनके जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। लेहमैन ने लिखा, 'डेमियन मार्टिन के लिए बहुत सारा प्यार और दुआएं की जा रही हैं। मजबूत बने रहिए और लड़ते रहिए लिजेंड। परिवार को प्यार।' मार्टिन को मिल रहा सर्वश्रेष्ठ इलाज: ऐडम गिलक्रिस्ट न्यूज कॉर्प से बातचीत करते हुए डेमियन मार्टिन के करीबी दोस्त और पूर्व विकेटकीपर ऐडम गिलक्रिस्ट ने कहा, 'उन्हें सर्वश्रेष्ठ इलाज मिल रहा है। अमांडा (मार्टिन की पार्टनर) और उनका परिवार जानता है कि बहुत सारे लोग उनके लिए दुआएं कर रहे हैं।' क्रिकेट समुदाय और फैंस कर रहे दुआएं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चीफ एग्जिक्यूटिव टोड ग्रीनबर्ग ने मार्टिन के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की है। उन्होंने कहा, ‘डेमियन की बीमारी के बारे में सुनकर दुखी हूं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में सबकी तरफ से उनके लिए दुआएं। इस समय क्रिकेट समुदाय उनके साथ है।’ शानदार बल्लेबाज रहे हैं डेमियन मार्टिन डेमियन मार्टिन की पहचान एक शानदार बल्लेबाज की रही है। टेस्ट में उनका औसत 46.37 का है। डार्विन में पैदा हुए मार्टिन ने 21 की उम्र में वेस्टइंडीज के खिलाफ 1992-93 की सीरीज में टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने डीन जोंस की जगह ली थी। 23 की उम्र में उन्होंने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी की थी। डेमियन मार्टिन ने टेस्ट में 13 शतक जड़े हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर न्यूजीलैंड के खिलाफ 2005 में आया था जब उन्होंने 165 रन की पारी खेली थी। मार्टिन ने 2006-07 के एशेज में एडिलेड ओवल में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। उसके बाद वह कॉमेंट्री करने लगे थे। ओडीआई में भी दमदार रिकॉर्ड मार्टिन ने अपने करियर में 208 ओडीआई मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 40.8 के शानदार औसत से रन बनाए। वह 1999 और 2003 में विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। 2003 के फाइनल में उन्होंने भारत के खिलाफ टूटी उंगली के साथ नाबाद 88 रन बनाए थे। वह 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का भी हिस्सा थे।  

कौन है पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का दामाद? बेटी की शादी ने बढ़ाई सियासी हलचल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तीसरी बेटी माहनूर का निकाह 26 दिसंबर को रावलपिंडी में एक निजी समारोह में संपन्न हुआ। हालांकि यह एक 'हाई-प्रोफाइल' शादी थी, लेकिन देश की वर्तमान सुरक्षा स्थिति और गोपनीयता बनाए रखने के लिए इसे काफी सादगी और बिना किसी आधिकारिक तामझाम के आयोजित किया गया। शादी भले ही लो प्रोफाइल तरीके से संपन्न हुई, लेकिन मुनीर के नए दामाद को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कौन है मुनीर के दामाद? माहनूर का निकाह उनके सगे चचेरे भाई अब्दुल रहमान से हुआ है। अब्दुल रहमान जनरल मुनीर के बड़े भाई कासिम मुनीर के बेटे हैं। पारिवारिक जानकारी के अनुसार अब्दुल रहमान पहले पाकिस्तान सेना में कैप्टन के रूप में सेवा दे चुके हैं। सेना छोड़ने के बाद, उन्होंने सैन्य अधिकारियों के लिए आरक्षित कोटे के माध्यम से सिविल सेवा (CSS) जॉइन की और वर्तमान में वह असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। जनरल मुनीर की चार बेटियां हैं, जिनमें से यह तीसरी बेटी का निकाह था। यह समारोह रावलपिंडी स्थित आर्मी मुख्यालय (GHQ) के पास जनरल मुनीर के आवास पर आयोजित किया गया। सुरक्षा कारणों से इसकी कोई भी आधिकारिक तस्वीर जारी नहीं की गई। खबरों के अनुसार, समारोह में लगभग 400 मेहमान शामिल हुए। इस शादी में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप-प्रधानमंत्री इशाक डार और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ भी शामिल हुईं। इनके अलाना आईएसआई (ISI) प्रमुख और सेना के कई वर्तमान और रिटायर जनरल शामिल हुए। इस बीच भारतीय इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि रावलपिंडी में मिलिट्री-कंट्रोल्ड जगहों पर हर फंक्शन का आयोजन GHQ के ब्लडलाइन ट्रस्ट नेटवर्क को औपचारिक रूप देने के इरादे का संकेत देता है। खास बात यह है कि यह ऐसे समय हो रहा है जब पाकिस्तान अंदरूनी असंतोष, आर्थिक तनाव और सेना के बढ़ते राजनीतिक दबदबे की बढ़ती आलोचना का सामना कर रहा है। शादी में आसिफ अली जरदारी, शहबाज शरीफ और इशाक डार जैसे पाकिस्तान के पूरे नागरिक नेतृत्व की ISI चीफ के साथ मौजूदगी को इस बात की पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है कि असली ताकत अभी भी सेना के पास है। UAE के राष्ट्रपति को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाना, देश में अस्थिरता के बावजूद पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के लिए खाड़ी देशों के लगातार समर्थन का संकेत माना जा रहा है।

इंदौर में दूषित जल आपूर्ति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव सख्त, उप यंत्री बर्खास्त, चार अधिकारी निलंबित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर में दूषित जल आपूर्ति से संक्रमण को लिया गंभीरता से प्रभारी उप यंत्री को सेवा से किया बर्खास्त जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री निलंबित जांच के लिए समिति गठित इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनसामान्य का स्वास्थ्य, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। घटना में लापरवाही पाये जाने पर जोन क्रमांक–4 के जोनल अधिकारी, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रभारी उपयंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की गहन जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति भी गठित कर दी गई है। डायरिया के बढ़ रहे थे मामले बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में उल्टी, दस्त और बुखार के मरीज लगातार सामने आ रहे थे। 26 दिसंबर को गोमती रावत की मौत इस पूरे घटनाक्रम की पहली कड़ी थी। इसके बाद धीरे-धीरे बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई और पांच दिनों के भीतर मौतों का आंकड़ा आठ तक पहुंच गया। इसके बावजूद शुरुआती दौर में स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। पहली मौत को पुरानी बीमारी बताकर मामला दबाने की कोशिश भी की गई, लेकिन जब हालात बिगड़ते चले गए तो प्रशासन हरकत में आया। 150 से अधिक लोग हुए बीमार इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अचानक दिल्ली से इंदौर पहुंचे और वर्मा हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। इसके बाद सामने आया कि 150 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं और कई अस्पतालों में मरीज भर्ती हैं। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 125 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें वर्मा हॉस्पिटल में 30, ईएसआईसी हॉस्पिटल में 11, एमवाय हॉस्पिटल में 5, त्रिवेणी हॉस्पिटल में 7 और अरविंदो हॉस्पिटल में 2 मरीज शामिल हैं। अन्य निजी अस्पतालों में भी मरीज भर्ती हैं, जिनमें से कुछ की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया अभियान स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सर्वे और उपचार अभियान शुरू किया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के अनुसार अब तक 2703 घरों का सर्वे किया जा चुका है और करीब 12 हजार लोगों की जांच की गई है। इनमें से 1146 मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया जबकि 125 से अधिक मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। 18 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। भागीरथपुरा की 15 गलियों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा क्लोरीन टैबलेट, जिंक और ओआरएस का वितरण भी किया जा रहा है। शौचालय के नीचे से गुजर रही पाइप लाइन जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि भागीरथपुरा में पुलिस चौकी से लगे शौचालय के नीचे से गुजर रही मुख्य जल आपूर्ति लाइन में लीकेज था। आशंका जताई जा रही है कि इसी लीकेज के कारण गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया, जिससे यह भयावह स्थिति पैदा हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे पिछले 15 दिनों से बदबूदार और दूषित पानी आने की शिकायत कर रहे थे लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इन पर हुई कार्रवाई मामले में लापरवाही बरतने पर नगर निगम और पीएचई विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। जोनल अधिकारी शालिग्राम शितोले को निलंबित किया गया है, प्रभारी सहायक अभियंता योगेश जोशी को सस्पेंड किया गया है, जबकि प्रभारी डिप्टी इंजीनियर शुभम श्रीवास्तव की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है जिसकी अध्यक्षता आईएएस नवजीवन पंवार कर रहे हैं। दो-दो लाख मुआवजे की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि 70 से अधिक पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और सभी मरीजों का इलाज पूरी तरह सरकारी खर्च पर किया जाएगा। जिन लोगों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों में पैसे जमा किए हैं, उन्हें भी राशि वापस दिलाई जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में 50 टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है और लोगों को उबला हुआ पानी पीने, बाहर का खाना न खाने और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी जा रही है।  

नए साल के स्वागत से एक दिन पहले बागेश्वर धाम में भक्तों की भारी उपस्थिति, प्रशासन और पुलिस तैनात

छतरपुर   बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंच गए. इसके साथ ही भक्तों ने छतरपुर और खजुराहो के होटलों व धर्मशालाओं में डेरा डाल लिया है. ये भक्त नए साल की शुरुआत बागेश्वर धाम में हनुमानजी महाराज के दर्शन करके करेंगे. बागेश्वर धाम में भक्तों की भीड़ को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. नए साल का स्वागत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ नए साल के अंतिम दिन भक्तों को संबोधित करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा "जानकारी मिली है कि लाखों भक्त खजुराहो व छतरपुर के अलावा बागेश्वर धाम में पहुंच गए हैं. बागेश्वर धाम में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करके नए साल का स्वागत करेंगे. युवाओं में ये बड़ा बदलाव देखा जा रहा है कि लोग नए साल का शुभारंभ धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कर रहे हैं." सनातन धर्म के प्रति जागरूक हुए युवा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "एक समय था जब युवा नए साल का स्वागत करने के लिए पबों, बारों और महंगे होटलों में जश्न मनाने पहुंचते थे. लेकिन अब युवा अयोध्या में रामलला के दर्शन करके, वाराणसी जाकर और बागेश्वर धाम आकर नए साल का आगाज कर रहे हैं. ये बताता है कि युवा भी सनातन धर्म के प्रति कितने जागरूक हो गए हैं. युवा पीढ़ी में आया ये बदलाव देश और समाज के हित में है." बागेश्वर धाम की रसोई में खास इंतजाम बागेश्वर धाम में नए साल का स्वागत करने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है. निःशुक्ल रसोई में विशेष इंतजाम किए गए हैं. इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन ने भी यहां खास इंतजाम किए हैं. यहां पिछले एक साल में करीब 50 लाख लोगों ने भोजन प्रसाद पाया है. रसोई अनवरत चालू रहती है. इसके अलावा एक वर्ष में धाम की गौशाला में 5 हजार पौधे रोपे गए हैं. शिवरात्रि के पावन पर्व पर 108 आदिवासी बेटियों सहित 251 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा गया. कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज दिलाने के लिए बागेश्वर सरकार के मन में प्रेरणा हुई, जिससे दीन दुखियों की मदद के लिए उन्होंने कैंसर अस्पताल बनाने की घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी 2025 को कन्या विवाह महा महोत्सव के अवसर पर आकर कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखी. मुंबई के भिवंडी में बालाजी सनातन मठ की स्थापना कराई गई है. बागेश्वर महाराज ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया, फिजी, ओमान, लंदन, दुबई, न्यूजीलैंड जैसे देशों की यात्रा करते हुए यहां कथा के माध्यम से लोगों में सनातन के प्रति जुड़ाव पैदा किया. बागेश्वर के सेवादार कमल अवस्थी कहते हैं "भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पूरे साल धाम पर धार्मिक आयोजन चलते रहते हैं. सनातन की अलख जगाने के लिए महाराज बागेश्वर लगातार लगे हैं."

राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों को दी नववर्ष की शुभकामनाएँ, सकारात्मक शुरुआत का आह्वान

नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी नव वर्ष की शुभकामनाएँ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष नए संकल्पों, नई ऊर्जा और नए अवसरों का प्रतीक है। यह समय है कि हम बीते अनुभवों से सीख लेते हुए मध्यप्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लें। राज्यपाल पटेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। किसान, युवा, महिलाएँ और वंचित वर्गों का कल्याण सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत ढाँचे और निवेश के क्षेत्र में संतुलित विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि को लाभकारी बनाना, युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ना और मातृशक्ति को सशक्त करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधन और पर्यटन संभावनाएँ हमारे गौरव का आधार हैं।  हमें सदैव स्मरण रखना होगा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के बिना समृद्धि संभव नहीं है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों का आह्वान  किया है कि सामाजिक सद्भाव, स्वच्छता, जल संरक्षण और संवैधानिक मूल्यों को अपनाते हुए विकास की इस यात्रा में सहभागी बने। नववर्ष 2026 में एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।