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स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मान

बिहान योजना से बदली सिवनी की रूखमणी पाण्डेय की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ और महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल स्व-सहायता समूह के माध्यम से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला सशक्तिकरण और सम्मान रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम सिवनी निवासी श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। कभी पूर्णतः घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली रूखमणी पाण्डेय आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान पशुपालन व्यवसाय में हुए आर्थिक नुकसान के बाद परिवार की आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं। इस कठिन समय में श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। आरबीके दीदी के सहयोग से ग्राम सिवनी में महिलाओं को संगठित कर उन्होंने ‘जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह’ का गठन किया। 25 फरवरी 2020 को गठित यह समूह उन्नति महिला ग्राम संगठन सिवनी तथा बिहान महिला क्लस्टर संगठन कुरदा से संबद्ध है। समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत एक लाख रुपये का ऋण तथा अतिरिक्त समूह ऋण प्राप्त कर उन्होंने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही आचार, पापड़, मसाला एवं अगरबत्ती निर्माण जैसी विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाया, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हुई। आज श्रीमती रूखमणी पाण्डेय न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं, बल्कि स्व सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। श्रीमती रूखमणी पाण्डेय ने कहा कि ‘लखपति दीदी पहल’ ने उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि प्रभावी मार्गदर्शन, समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।

मुंगेली में स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ सुधार, विभाग की पहल से हुआ बड़ा बदलाव

मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं निरंतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 777 मरीजों की जांच की गई, जिनमें टीबी से ग्रसित मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी चिन्हांकित मरीजों का निक्षय पोर्टल में पंजीयन भी सुनिश्चित किया गया है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु विकासखंड स्तर पर, विशेषकर बैगा एवं आदिवासी ग्रामों में जनजागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक 09 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 478 मरीजों को लाभान्वित किया गया। इसी प्रकार राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में 08 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक सघन कुष्ठ खोज अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रोग की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के सुदृढ़ क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी विकासखंडों में प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित टीकाकरण किया जा रहा है, जिसकी एंट्री पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। इससे टीकाकरण की निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। जिले में वर्तमान में 125 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जहां प्रत्येक बुधवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। अप्रैल 2025 से अब तक कुल 3760 स्वास्थ्य मेला/शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, जिले में 21 से 23 दिसंबर तक पल्स पोलियो अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। अभियान के लिए 814 बूथ स्थापित किए गए, जहां 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 01 लाख 19 हजार 505 लक्ष्य के विरुद्ध 01 लाख 20 हजार 163 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।

सरगुजा संभाग में शीतलहर के असर से तापमान में गिरावट

रायपुर. प्रदेश में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान दो डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं रात होते ही पारा तेजी से गिर रहा है। इस उतार-चढ़ाव के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी रायपुर सहित उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में एक-दो स्थानों पर शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। रायपुर में दिन गरम, रात ठंडी राजधानी में मंगलवार को अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई। सुबह 8.30 बजे आर्द्रता 71 प्रतिशत और शाम 5.30 बजे 48 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति औसतन 2 किमी प्रति घंटा रही और आकाश साफ बना रहा। एक-दो पाकेट में शीतलहर मौसम विभाग के अनुसार सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के एक-दो इलाकों में शीत लहर चली। हालांकि प्रदेश में कहीं भी वर्षा नहीं हुई और मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। आगे क्या कहता है मौसम अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में एक-दो स्थानों पर शीतलहर की संभावना बनी हुई है। वहीं अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रायपुर में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को राजधानी में सुबह के समय कुहासा छाने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

सर्दियों में ड्राई स्किन का इलाज: सिर्फ 4 होममेड स्क्रब से पाएं सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन

सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा रूखी, बेजान और खिंची-खिंची सी महसूस होने लगती है। ठंडी हवा और नमी की कमी के कारण स्किन पर डेड सेल्स जमा हो जाते हैं, जिससे त्वचा अपनी नेचुरल चमक खो देती है। ऐसे में बॉडी एक्सफोलिएशन बेहद जरूरी हो जाता है। यह न सिर्फ डेड स्किन हटाता है बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं, बल्कि आप घर पर ही नेचुरल बॉडी स्क्रब बना सकती हैं। आइए जानते हैं सर्दियों में इस्तेमाल किए जाने वाले 4 आसान और असरदार नेचुरल बॉडी स्क्रब के बारे में। चीनी और नारियल तेल का स्क्रब चीनी एक बेहतरीन नेचुरल एक्सफोलिएटर है, जो त्वचा से डेड सेल्स हटाने में मदद करती है। वहीं नारियल तेल स्किन को गहराई से मॉइश्चराइज करता है। इस स्क्रब को बनाने के लिए 2 चम्मच चीनी में एक चम्मच नारियल तेल मिलाएं। नहाने से पहले इसे हल्के हाथों से बॉडी पर मसाज करें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह स्क्रब सर्दियों में ड्राई स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। कॉफी और ऑलिव ऑयल स्क्रब कॉफी न सिर्फ थकान दूर करने में मदद करती है, बल्कि त्वचा को स्मूद और टाइट भी बनाती है। ऑलिव ऑयल स्किन को पोषण देता है और रूखेपन से बचाता है। 2 चम्मच कॉफी पाउडर में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इसे खासतौर पर कोहनी, घुटनों और एड़ियों पर इस्तेमाल करें। नियमित इस्तेमाल से त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है। ओट्स और शहद का स्क्रब ओट्स सेंसिटिव और ड्राई स्किन के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो खुजली और जलन को कम करते हैं। 2 चम्मच पिसे हुए ओट्स में 1 चम्मच शहद मिलाएं और जरूरत हो तो थोड़ा दूध डालें। इस स्क्रब को बॉडी पर सर्कुलर मोशन में लगाएं। यह स्क्रब स्किन को सॉफ्ट बनाने के साथ-साथ नेचुरल ग्लो भी देता है। बेसन और दही का स्क्रब बेसन भारतीय घरों में सदियों से स्किन केयर के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है। यह त्वचा को साफ करने और टैन हटाने में मदद करता है। 2 चम्मच बेसन में एक चम्मच दही और चुटकी भर हल्दी मिलाएं। इस पेस्ट को बॉडी पर लगाकर हल्के हाथों से रगड़ें और सूखने से पहले धो लें। यह स्क्रब सर्दियों में स्किन को फ्रेश और हेल्दी बनाए रखता है। एक्सफोलिएशन के लिए जरूरी टिप्स सर्दियों में हफ्ते में 1-2 बार ही बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल करें। ज्यादा रगड़ने से त्वचा को नुकसान हो सकता है। स्क्रब के बाद हमेशा मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें, ताकि त्वचा लंबे समय तक सॉफ्ट और हाइड्रेटेड रहे।  

इंदौर में 2026 में मेट्रो ट्रेन विस्तार और ब्रिजों का होगा निर्माण

 इंदौर  इंदौर के लिए वर्ष 2026 कई सौगातें लेकर आएगा। सबसे महत्वपूर्ण सौगात मेट्रो ट्रेन के विस्तार की होगी। इसके अलावा प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज भी बनकर इस साल तैयार हो जाएगा। कई अन्य विकास कार्य भी इंदौर के हिस्से आएंगे। बीते साल में इंदौर में कई विकास के काम शुरू हुए, लेकिन वे अंजाम तक नहीं पहुंच सके, लेकिन नए साल में जनता के लिए वे उपयोगी साबित होंगे। मेट्रो चलेगी रेडिसन चौराहा तक मेट्रो फिलहाल छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन वहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल रहे हैं। मार्च माह तक मेट्रो का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक होगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेन में यात्री संख्या बढ़ सकती है। 17 किलोमीटर लंबाई के लिए ट्रायल रन हो चुका है। अब इसकी मंजूरी जल्दी ही मिलने वाली है। पांच स्टेशनों का काम भी पूर्णता की ओर है। इस साल मध्य हिस्से का काम भी शुरू होना है। ब्रिजों का काम होगा पूरा शहर में सात स्थानों पर ब्रिजों का निर्माण जारी है। इस साल एमआर 10 जंक्शन पर बनने वाले ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा। अभी इंदौर शहर में एंट्री के लिए काफी परेशानी आती है। इसके अलावा लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर ब्रिज की सौगात भी इस साल मिलेगी। ब्रिज का काम दो साल से चल रहा है। निरंजनपुर चौराहे पर बनने वाले ब्रिज का काम भी नए साल में पूरा हो जाएगा। होगी बिजली की बचत नगर निगम जलूद में 60 मेगावाट का सोलर प्लांट तैयार करवा रहा है। यह काम पूरा हो चुका है और लाइनों को शिफ्ट करने का काम जारी है। हर माह 20 करोड़ रुपये निगम को जलूद से इंदौर तक पानी लाने के लिए खर्च करने पड़ते हैं। सोलर प्लांट के शुरू होने से हर माह चार से पांच करोड़ रुपये की बिजली बचेगी। 200 एकड़ में यह प्लांट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने ग्रीन बांड जारी कर ढाई सौ करोड़ रुपये की राशि जुटाई है।   छह लेन सड़क बनकर होगी तैयार   इंदौर-उज्जैन रोड का काम भी इस साल तक पूरा होने की उम्मीद है। काम तेजी से चल रहा है। सिंहस्थ को देखते हुए छह लेन सड़क बनाई जा रही है। इसके अलावा एमआर 12 सड़क भी बनकर तैयार हो जाएगी। शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू हुआ है। इस साल सात सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी।   इंदौर में 20 नए आधुनिक बस स्टॉपों की सौगात इंदौर में नगर निगम ने 20 नए बस स्टॉपों का निर्माण शुरू किया है। पुराने बस स्टॉप पर लोगों को बैठने, रुकने और जानकारी प्राप्त करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, वहीं अब इन नए बस स्टॉप पर अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में शहर के अन्य मार्गों पर भी पुराने बस स्टॉपों के स्थान पर नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे। इंदौर में सिटी बसों के संचालन के समय 20 वर्ष पहले बस स्टॉपों का निर्माण किया गया था। शहर में लगभग 350 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। एक वर्ष में 200 नवीन सिटी बस स्टॉप तैयार किए जाने का लक्ष्य है। नए बस स्टॉपों में पैसेंजर इनफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) रहेगा। इससे रूट मैप की जानकारी रहेगी और इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर भी डिस्प्ले होते रहेंगे। स्टॉपों पर सीसीटीवी कैमरे रहेंगे। इसके अलावा यात्री अपने मोबाइल भी चार्ज कर सकेंगे। हर स्टॉप पर दो मोबाइल चार्जिंग पॉइंट रहेंगे। इसके अलावा आरामदायक सीटें रहेंगी। बारिश के समय भी बस स्टॉप मददगार होंगे।  

बिजली लाइनों से दूर पतंग उड़ाने की अपील, सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

पतंगें बिजली लाइनों से दूर उड़ाने की अपील भोपाल  नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर आने वाले मकर संक्रांति के त्यौहार में बिजली कंपनी ने पतंगबाजी को बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पोल से दूर रखने की अपील की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया कि पतंगों और उनके धागों के कारण बिजली की लाइनों में फॉल्ट हो सकता है, जिससे न केवल विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि हादसे का भी खतरा बना रहता है। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि पतंगों में इस्तेमाल होने वाले धागे और बांस की कीमची, दोनों ही बिजली की लाइनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि पतंगबाजी करते समय सावधानी बरतें और लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पोल से दूर पतंग उड़ाएं, ताकि मकर संक्रांति का त्यौहार सुरक्षित और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि बिजली के तारों या पोल में फंसी पतंग को निकालने का प्रयास न करें। इसके अलावा, गिल्ली डंडे का खेल भी बिजली की लाइनों और डीपी से दूर खेलने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और विद्युत आपूर्ति में कोई बाधा न उत्पन्न हो।  

प्रयागराज माघ मेला: रोडवेज ने शुरू की स्पेशल बस सेवा, 15 बसें नियमित चलेंगी

  प्रयागराज प्रयागराज में 1 जनवरी से शुरू हुए  माघ मेले को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां । संगम स्नान के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को सुगम परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गाजीपुर डिपो से प्रयागराज के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। 15 बसों का नियमित संचालन किया जाएगा परिवहन निगम के अनुसार गाजीपुर डिपो से प्रयागराज के लिए कुल 15 बसों का नियमित संचालन किया जाएगा। इसके अलावा झूसी से संगम घाट तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए चार अतिरिक्त बसें शटल सेवा के रूप में लगाई जाएंगी। यह विशेष परिवहन व्यवस्था 1 जनवरी से 17 फरवरी तक जारी रहेगी, ताकि माघ मेला अवधि में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं माघ मेले के दौरान संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने बसों की संख्या में इजाफा किया है। 1 जनवरी से 13 जनवरी तक गाजीपुर डिपो की 10 बसें सीधे प्रयागराज के लिए चलाई जाएंगी, जबकि जनपद की पांच बसें वाराणसी के रास्ते झूसी तक संचालित होंगी। चार बसें लगातार शटल सेवा में चक्कर लगाती रहेंगी झूसी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को संगम घाट तक पहुंचाने के लिए चार बसें लगातार शटल सेवा में चक्कर लगाती रहेंगी, जिससे पैदल दूरी और भीड़-भाड़ की समस्या से राहत मिलेगी। परिवहन विभाग ने बताया कि वर्तमान में गाजीपुर डिपो से 94 बसों का संचालन किया जा रहा है, जबकि माघ मेला के दौरान ग्रामीण रूटों पर भी बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले श्रद्धालु आसानी से बस सुविधा का लाभ उठा सकें। बस अड्डों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती इसके साथ ही बस अड्डों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, समय-सारिणी में लचीलापन और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त फेरे लगाने की व्यवस्था की गई है। विशेष स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि को देखते हुए परिवहन निगम ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने और बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। माघ मेले की प्रमुख स्नान तिथियां इस प्रकार हैं:     पौष पूर्णिमा – 13 जनवरी     मकर संक्रांति – 14 जनवरी     मौनी अमावस्या – 29 जनवरी     बसंत पंचमी – 3 फरवरी     माघी पूर्णिमा – 12 फरवरी  

मध्य प्रदेश में 2026 में होगा पावर स्ट्रक्चर में बदलाव, 32 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की सेवानिवृत्ति

भोपाल   नया साल 2026 मध्य प्रदेश की नौकरशाही और पुलिस महकमे के लिए बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। मध्य प्रदेश कैडर के 16 आईपीएस और 16 आईएएस अधिकारी अगले वर्ष अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें पुलिस महानिदेशक से लेकर मुख्य सचिव, एडीजी, आईजी, कलेक्टर और संभागायुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के बाहर जाने से शासन और पुलिस व्यवस्था में व्यापक फेरबदल तय माना जा रहा है। गृह विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश के मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल होना जरूरी है, इसी कारण उनकी रिटायरमेंट तिथि बढ़ाई गई है।  डीजी से लेकर एसपी तक खाली होंगे पद वर्तमान सूची के मुताबिक 2026 में पुलिस विभाग से डीजी रैंक के 4 अधिकारी, एडीजी के 2, आईजी के 5, डीआईजी के 3 और एसपी रैंक के 2 अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। इससे पुलिस मुख्यालय से लेकर रेंज और जिला स्तर तक कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हो जाएंगे। इसमें डीजीपी कैलाश मकवाना, अजय कुमार शर्मा, आलोक रंजन, सोनाली मिश्रा, संजीव समी, आशुतोष राय, ए साई मनोजर, संजय तिवारी, अंशुमान सिंह, अरविंद सक्सेना, हिमानी खन्ना, मिथिलेस शुक्ला, शशिकांत शुक्ला, महेश चंद्र जैन, सविता सोहाने और जगदीश डावर शामिल हैं।    आईएएस कैडर में भी बड़ा बदलाव सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में भी 2026 अहम रहने वाला है। 16 आईएएस अधिकारी अगले साल रिटायर होंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम मुख्य सचिव अनुराग जैन का है, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा होगा। यदि केंद्र सरकार उन्हें दोबारा सेवा विस्तार नहीं देती है, तो राज्य को नया मुख्य सचिव चुनना पड़ेगा।  मुख्य सचिव के अलावा एसीएस स्तर की अलका उपाध्याय और आशीष श्रीवास्तव, चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी और शहडोल कलेक्टर केदार सिंह भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में हैं। इसके साथ ही शिक्षा, खनिज, राजस्व, आयुष और लोकायुक्त जैसे विभागों से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी सेवा से बाहर होंगे। यह आईएएस होंगे रिटार्यड  सितंबर में- मुख्य सचिव अनुराग जैन, अलका उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, उमाकांत उमराव, अरुणा गुप्ता, माल सिंह भयडिया, उर्मिला शुक्ला, ललित दाहिमा, सुरेश कुमार, चंद्रशेखर वालिम्बे, रविंद्र कुमार चौधरी, संजय कुमार, संजय कुमार मिश्रा, केदार सिंह और जीएस धुर्वे शामिल हैं।     

तनिष की जबरदस्त आविष्कार: जैकेट जो खतरे में कॉल करेगी और लाइव लोकेशन भेजेगी

रतलाम  रतलाम-जावरा की एक साधारण-सी दिखने वाली छात्रा ने वो कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स भी सिर्फ सोचते रह जाते हैं. दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली तनिष कुंवर सोलंकी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ऐसा कमाल का आइडिया तैयार किया है, जिसने सीधे राष्ट्रीय स्तर तक दस्तक दे दी है. तनिष का खास जैकेट मॉडल तनिष ने Women Safety Jacket नाम का एक खास जैकेट मॉडल बनाया है. यह कोई आम जैकेट नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जान बचाने वाला सुरक्षा कवच है. अगर किसी लड़की के साथ किडनैपिंग या किसी अनहोनी की आशंका होती है, तो यह जैकेट अपने आप माता-पिता को Live Location भेजेगा और कॉल भी लगाएगा. यानी खतरे की स्थिति में मदद तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी. इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में मॉडल शामिल इस शानदार मॉडल का चयन इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में हुआ है. प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के 55 जिलों से आए करीब 250 छात्रों ने अपने-अपने मॉडल पेश किए थे, लेकिन तनिष का आइडिया सबसे अलग और असरदार साबित हुआ. अब यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा. तनिष को यह आइडिया यूं ही नहीं आया. वह जब अपने छोटे भाई के साथ जावरा के पास एक गांव गई थी, तभी उसने अपनी आंखों के सामने एक बदमाश को एक बच्चे का अपहरण करने की कोशिश करते देखा. उस घटना ने तनिष के मन को झकझोर दिया. उसे लगा कि अगर आज वह बच्चा हो सकता है, तो कल वह खुद या उसकी कोई परिचित लड़की भी हो सकती है. बस यहीं से उसके दिमाग में महिला सुरक्षा को लेकर कुछ करने का जज़्बा पैदा हुआ. तनिष ने मेहनत और लगन से इस जैकेट का मॉडल तैयार किया. यह मॉडल बताता है कि आज की छात्राएं सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज की समस्याओं को समझकर उनके समाधान भी ढूंढ रही हैं. श्री महावीर जैन नेशनल स्कूल की छात्रा हैं तनिष तनिष जावरा स्थित श्री महावीर जैन नेशनल स्कूल की छात्रा है. उसकी इस सफलता पर स्कूल के शिक्षकों, जिला शिक्षा अधिकारी और परिवार के लोगों ने गर्व और खुशी जताई है. खुद तनिष को भी पूरी उम्मीद है कि उसका यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी चयनित होगा और भविष्य में महिलाओं की सुरक्षा में बड़ा बदलाव ला सकेगा.

ग्वालियर व्यापार मेला में वाहन खरीद पर मिल सकती है 50% रोड टैक्स छूट, परिवहन विभाग का प्रस्ताव

ग्वालियर   प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्वालियर व्यापार मेले में वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है। सैद्धांतिक सहमति के साथ परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप के अनुमोदन के बाद वित्त विभाग इसका परीक्षण करेगा। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा सरकार के सूत्रों का मानना है कि इस वर्ष महंगी और कीमती गाड़ियों से रोड टैक्स की पात्रता समाप्त भी की जा सकती है या कम की जा सकती है। इसका निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा। संभावना है कि शीघ्र ही इस निर्णय हो सकता है। कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी मुख्यमंत्री से वाहन पंजीयन में छूट देने का अनुरोध किया। सांसद ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा इधर ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्र लिखा है। ग्वालियर व्यापार मेले में हर साल राज्य सरकार वाहनों की खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देती है। जिससे 10 लाख रुपये तक के वाहन पर 80 से 90 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों को उम्मीद थी कि मेले के शुभारंभ अवसर 25 दिसंबर को ही रोड टैक्स छूट की घोषणा हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बावजूद कारोबारी और ग्राहक आशान्वित हैं कि जनवरी में सरकार यह राहत देगी, जिससे मेले में वाहनों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्वालियर व्यापार मेले (Gwalior Vyapar Mela) में वाहन खरीदी पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का आग्रह कर चुके हैं। ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने से न केवल ग्राहकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि मेले में रिकॉर्ड बिक्री भी होगी। हमें पूरा भरोसा है कि जनवरी में सरकार यह घोषणा करेगी।- हरिकांत समाधिया, ऑटोमोबाइल कारोबारी मेले में सुरक्षा को लेकर सख्ती, अधिकारी रोज करेंगे निरीक्षण व्यापार मेले में आने वाले सैलानियों को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित माहौल देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम ने निर्देश दिए हैं कि सिटी मजिस्ट्रेट प्रतिदिन पुलिस और मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मेले का भ्रमण करें, ताकि झूला सेक्टर सहित सभी सेक्टरों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद बनी रहें। यह निर्देश बुधवार शाम मेला प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। प्रभारी कलेक्टर ने मेले में अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए फायर माकड्रिल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार रहें। मेले के फूड सेक्टर में खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित फूड सैंपलिंग कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में केवल व्यावसायिक गैस सिलेंडर का ही उपयोग किया जाए। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रतीक राव, एडीएम सीबी प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला प्राधिकरण के सचिव उपस्थित रहे। राजस्व और पुलिस का संयुक्त भ्रमण रोज प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी प्रतिदिन संयुक्त रूप से भ्रमण करें, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मेले में आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पार्किंग में रेट लिस्ट अनिवार्य मेले में स्थापित सभी पार्किंग स्थलों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। तय दर से अधिक राशि वसूलने की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए, इसके लिए सख्त निगरानी रखने को कहा गया। 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन ग्वालियर में 25 दिसंबर से 25 फरवरी के बीच मेले का आयोजन किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला की तर्ज पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने गृह जिला उज्जैन में विक्रम व्यापार मेला की शुरूआत की और यहां भी वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट दी जाती है। इस वर्ष यह मेला 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक लगा था।