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जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहीं पर चला बुलडोजर, जयपुर के चौमूं में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

 चौमूं जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई उसी इलाके में हो रही है, जहां कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर हिंसक भीड़ ने पथराव किया था. प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के रेलिंग और अन्य ढांचे यातायात में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाना जरूरी था. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.  प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के पास बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने की कोशिश की गई, जो सड़क पर अतिक्रमण माने जा रहे थे. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.  अतिक्रमण हटाने पर सहमति के बावजूद पथराव लेकिन 26 दिसंबर की सुबह पुलिस ने जब बुलडोजर से रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं, जो बाद में बहाल हुईं.  दो दर्जन के खिलाफ हुई थी नामजद एफआईआर कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ द्वारा पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जबकि दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन ने 29 दिसंबर को इलाके में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए, जिसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लें, वरना बुलडोजर चलाया जाएगा.  24 पत्थरबाजों के घरों पर भी चस्पा हुआ था नोटिस पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल 24 आरोपियों के घरों पर भी नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था. इसकी मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई. संबंधित लोगों ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही अपना अवैध अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस दिए उनके ढांचे गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटाए गए.

देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत

रायपुर : भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बना छत्तीसगढ़ : गजेंद्र सिंह शेखावत देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे तेजी से उभरता छत्तीसगढ़ : शेखावत भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना का केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया भूमिपूजन स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रूपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर होगा निर्माण कॉरिडोर निर्माण से भोरमदेव बनेगा पर्यटन का केंद्र बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री ने की घोषणा रायपुर केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के विकास का ग्रोथ इंजन छत्तीसगढ़ बनता जा रहा है छत्तीसगढ़ इस संकल्प के साथ में हम सब लोग काम करेंगे ऐसा भरोसा और विश्वास आप सबको दिलाते हुए आप सबको बहुत सारी बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सतत आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ का पर्यटन विकसित हो छत्तीसगढ़ की संस्कृति सुरक्षित और संरक्षित हो जिससे छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बने। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने नववर्ष के अवसर पर कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर भोरमदेव से बोड़ला तक सड़क चैड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य की भी घोषणा की।  केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव महोत्सव स्थल पर काॅरिडोर के भूमिपूजन के बाद सभा को संबोधित करते हुए कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को धरातल पर उतारते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी, जिसे समाप्त करने का बीड़ा राज्य सरकार ने उठाया है और आज प्रदेश नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के नागरिकों में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी ताकत या षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध लिए गए कठोर निर्णयों ने देश की सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर है। सड़कों, पुल-पुलियों एवं अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, पेयजल, बिजली, डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण और रोजगार जैसी सुविधाएं गरीबों के घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में सकारात्मक बदलाव करते हुए अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में हर्जाने की गारंटी भी इस योजना में शामिल की गई है। उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि 146 करोड़ रुपये की इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, क्योंकि यह कार्य धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि एक हजार साल पुराने बाबा भोरमदेव के मंदिर विकास हेतु आज भूमिपूजन हुआ है जो बहुत ही हर्ष की बात है। सावन के महीने में यहां हजारों की संख्या श्रद्धालु कावड़िये अमरकंटक से माता नर्मदा का जल लेकर बाबा भोरमदेव का जलाभिषेक करते हैं जिनका स्वागत करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मैं भी आया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन ने हर वर्ग के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। कवर्धा के जंगलों में वास करने वाले राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा जैसे प्रदेश की पिछड़ी जनजातियों के लिए शासन द्वारा पीएम जनमन योजना प्रारम्भ की गई है, जिससे अब गांव-गांव तक पक्की सड़कें, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे अनेक योजनाओं का लाभ यहां के लोगों को मिल रहा है। वहीं उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रारम्भ किए गए हैं, जिनमें एंबुलेंस के साथ में डॉक्टर एवं नर्स सहित पूरा तकनीकी स्टाफ भी उपलब्ध रहेगा जो घर घर जाकर लोगों का उपचार करेगा। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता से प्रधानमंत्री मोदी ने वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का कार्य शासन द्वारा किया जा रहा है। मोदी की गारंटी को काम पूरा होने की गारंटी बताते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बनते ही 18 लाख आवास से वंचित लोगों को आवास का अधिकार दिलाया, 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपए पहुंच रहे है इसी तरह छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी लाभ लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लगातार क्षेत्र का दौरा कर यहां के विकास के लिए … Read more

युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

परमार्थ और देशभक्ति का भाव हो हम सभी में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान स्वामी जी ने दी है हम सबको नई जीवन दृष्टि राष्ट्रकथा शिविर में विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को किया संबोधित मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही है, जिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक है, जहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें 'राष्ट्रकथा शिविर' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किताबी ज्ञान से व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान बेहतर है और हमारी युवा पीढ़ी को उनकी असीम शक्तियों का भान कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेकी, परमार्थ और राष्ट्रभक्ति का सहज भाव शरीर में रक्त की तरह हम सभी में प्रवाहमान होना चाहिए। 'वसुधैव कुटुम्बकम' हमारी संस्कृति का जीवोमूल लक्ष्य है और हमें इसी दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ धाम भी शामिल है। देश में सनातन संस्कृति की धारा सभी क्षेत्रों में बह रही है। राष्ट्रकथा शिविर में स्वामीजी ने देश के विभिन्न प्रांतों से शामिल हुई युवा शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुरु की महिमा को देखेंगे तो गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। भारतीय परिवारों में मां का अपना अलग ही स्थान होता है। मां ही हम सभी की पहली गुरु होती हैं। दुनिया में सभी देश अपनी गौरवशाली संस्कृति पर गर्व करते हैं, लेकिन अन्य किसी भी देश में मातृ संस्कृति का आधार देखने को नहीं मिलता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के समय जब दुनिया की जनता त्राहिमाम कर रही थी, तब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर कठिन समय में महामारी का सामना किया। हमने स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए संयमित जीवन शैली अपनाई और गांव, गली, मोहल्लों, कस्बों को भी सुरक्षित रखते हुए पूरी दुनिया को भी इस इससे उबारा। कोविड वैक्सीन बनाकर भारत ने 40 से अधिक देशों को यह वैक्सीन भेजी और वहां के लोगों की जान भी बचाई। हमें अपनी इसी परोपकारी संस्कृति पर गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। यह सही है कि किताबी ज्ञान से अंकसूची और मेरिट लिस्ट में पहचान बन सकती है, लेकिन केवल कागजी डिग्री से काम नहीं चलता है। हमारे लिए पढ़ाई केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि इससे इतर बच्चों का नैतिक और संस्कारयुक्त समग्र विकास करना है। हमारे नागरिकों में स्वाभाविक रूप से स्व-अनुशासन का भाव है। दुनिया के कई देशों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए केवल दंड व्यवस्था है, जहां हर 10 में से एक सैनिक या पुलिसकर्मी समाज को कंट्रोल करता है, लेकिन हम ऐसे समाज के लोग हैं कि जहां पुलिस का काम नहीं पड़ता है और 100-100 गांवों को एक ही पुलिसकर्मी संभालता है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ आबादी के इस देश में तीनों सेना और पुलिस मिलाकर सुरक्षाकर्मियों की संख्या मात्र 40 लाख है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्रों में से एक हैं। हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में जान की बाजी लगाकर देश और देशवासियों की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद अब भारत ही दुनिया का वह तीसरा देश है, जो हर तरीके से अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस शिविर के जरिए भारतीय युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाने का जो पुनीत काम किया जा रहा है, जो नि:संदेह स्वागत योग्य और अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर साल का पहला दिन है। हमारा नया साल तो गुड़ी पड़वा से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि हर जीवित व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 500 बार सांस लेता है और 1 लाख कोशिकाओं के मरने पर एक दिन का जीवन मिलता है। ऐसे में बाबा महाकाल ने सबको जो जीवन दिया है, वह हमें परमार्थ और मानवता की सेवा में समर्पित करना चाहिए। गुजरात सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकमभाई बिजलभाई छंगा ने कहा कि स्वामीजी का प्रयास हम सबको गर्व से भर देता है। मनुष्य की सेवा ही परम पिता परमेश्वर की सेवा है। ऐसे सभी प्राणी, जिनमें जीवन है, हमें अपनी करूणा, दया, स्नेह, अपनत्व, देखभाल और कल्याण भाव से उनकी सेवा करनी चाहिए। स्वामी जी ने विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को राष्ट्र सेवा की ओर प्रवृत्त किया है। यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सच्ची राष्ट्रभक्ति है। कार्यक्रम के आरंभ में पूज्य स्वामीजी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य सभी अतिथियों का गुजराती पगड़ी (साफा) पहनाकर एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राष्ट्रकथा शिविर में पुस्तक भी भेंट की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकोट के उपलेटा में 26वें राष्ट्र कथा शिविर में तटरक्षक बल की प्रदर्शनी … Read more

Kia Seltos लॉन्च: साइज में बढ़ोतरी और नए फीचर्स, अब सिएरा से होगी मुकाबला

मुंबई  नए साल की शुरुआत के साथ ही कारों की लॉन्चिंग भी शुरू हो चुकी है. इस साल की सबसे पहली कार के तौर पर साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी किआ ने आज अपनी नई Kia Seltos को पेश किया है. दमदार डिजाइन, नए फीचर्स और भरोसेमंद इंजन के साथ यह मिड साइज SUV अब आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. नई किआ सेल्टॉस की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जो इंट्रोडक्टरी प्राइस है. यानी भविष्य में कंपनी इस एसयूवी की कीमतों में इजाफा करेगी. पिछले मॉडल के मुकाबले इसकी शुरुआती कीमत तकरीबन 20,000 रुपये ज्यादा है. पिछला मॉडल 10.79 लाख रुपये की कीमत से शुरू होता था. 11 दिसंबर से इसकी बुकिंग 25,000 रुपये के टोकन अमाउंट पर शुरू हो चुकी है और मिड जनवरी से डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी. एक्सटीरियर और इंटीरियर में बदलाव नई Kia Seltos में कंपनी की ‘अपोजिट यूनाइटेड’ डिजाइन फिलॉसफी देखने को मिलती है. सामने की ओर चौड़ी ग्रिल दी गई है, जिसमें हेडलाइट्स को शामिल किया गया है. वर्टिकल LED DRL, ग्लॉस ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, रिट्रैक्टेबल डोर हैंडल, ब्लैक्ड आउट पिलर और पीछे की तरफ LED लाइट बार इसे बिल्कुल नया लुक देते हैं. साइज में पहले से ज्यादा बड़ी डायमेंशन की बात करें तो नई Seltos की लंबाई 4,460 मिमी, चौड़ाई 1,830 मिमी और ऊंचाई 1,635 मिमी है. इसका व्हीलबेस 2,690 मिमी का है. पुराने मॉडल के मुकाबले यह SUV लंबाई में 95 मिमी, चौड़ाई में 30 मिमी और व्हीलबेस में 80 मिमी बड़ी हो गई है, जिससे केबिन स्पेस और भी बेहतर हुआ है. कैसा है कार का केबिन नई किआ सेल्टॉस के इंटीरियर की बात करें तो, अंदर की ओर दो बड़े 12.3 इंच के डिस्प्ले मिलते हैं, जिनके बीच 5 इंच की HVAC स्क्रीन दी गई है. इसमें नया थ्री स्पोक फ्लैट बॉटम स्टीयरिंग व्हील है, जिस पर ऑफसेट Kia लोगो दिया गया है. सेंटर कंसोल पर फिजिकल बटन भी मिलते हैं, जिससे इस्तेमाल आसान हो जाता है. इंजन और परफार्मेंस इंजन के मामले में नई Seltos अपने पुराने मॉडल जैसी ही है. इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन 115hp पावर के साथ, 1.5 लीटर डीजल इंजन 116hp पावर के साथ और 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160hp पावर के साथ मिलता है. पेट्रोल इंजन के साथ 6 स्पीड मैनुअल और CVT का विकल्प है. डीजल में 6 स्पीड मैनुअल और 6 स्पीड ऑटोमैटिक मिलता है. टर्बो पेट्रोल के साथ 6 स्पीड iMT और 7 स्पीड DCT गियरबॉक्स दिए गए हैं.  फीचर्स और सेफ्टी में कोई कमी नहीं नई Kia Seltos में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कार प्ले की सुविधा मिलती है. इसके अलावा वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 64 कलर एंबिएंट लाइटिंग, ड्यूल जोन क्लाइमेट कंट्रोल, लेवल-2 ADAS, 10 वे पावर ड्राइवर सीट, 360 डिग्री कैमरा, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, 8 स्पीकर Bose साउंड सिस्टम और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स मिलते हैं.  सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयरबैग, ESC, फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक, हिल होल्ड असिस्ट, TPMS, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट और रिवर्स कैमरा स्टैंडर्ड दिए गए हैं. Kia का दावा है कि नए K3 प्लेटफॉर्म के चलते इसकी बॉडी ज्यादा मजबूत हुई है, जिससे इसे Bharat NCAP में 5 स्टार रेटिंग मिलने की उम्मीद है. Kia ने यह भी कन्फर्म किया है कि आने वाले समय में Seltos का पेट्रोल हाइब्रिड वर्जन भी आएगा, जो 2027 तक लॉन्च हो सकता है. हाइब्रिड वेरिएंट में ज्यादा बेहतर माइलेज की उम्मीद है, जो कि इस सेग्मेंट काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में Tata Sierra के नए हाइपेरियन पेट्रोल वेरिएंट ने इंदौर के NATRAX ट्रैक पर 29.9 किमी प्रतिलीटर तक का माइलेज रिकॉर्ड बनाया है.  Kia Seltos की प्राइसिंग और वेरिएंट नई Kia Seltos की कीमत 10.99 लाख रुपये से शुरू होकर 19.99 लाख रुपये तक जाती है. इस एसयूवी को कंपनी ने कुल एचटीई, एचटीके, एचटीएक्स और जीटीएक्स सहित कई वेरिएंट में पेश किया है. यह SUV बाजार में क्रेटा, वोक्सवैगन टाइगुन, स्कोडा कुशाक, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर, होंडा एलिवेट, एमजी एस्टर और टाटा सिएरा जैसी गाड़ियों को सीधी टक्कर देती है. 

रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का मुख्यमंत्री साय ने किया लोकार्पण, 23 से 25 जनवरी तक होगा आयोजन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का किया लोकार्पण 23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में  रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा उपस्थित थे। उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।

नववर्ष पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया गौपूजन, लगाए पीपल के पौधे

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नववर्ष पर किया गौपूजन बसामन मामा गौवंश विहार में लगाया पीपल का पौधा गोलोक दर्शन महोत्सव का किया शुभारंभ रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नववर्ष के प्रथम दिवस पर बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा में गौपूजन किया और गौमाता को गुड़ एवं गौग्रास खिलाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने रात्रि विश्राम के उपरांत नववर्ष की प्रभात बेला में गौमाताओं की सेवा कर आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गोलोक दर्शन महोत्सव का शुभारंभ किया। गोलोक दर्शन में आमजन गौशाला का भ्रमण करते हुए गायों का पूजन कर सकते हैं। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संचालित गतिविधियों एवं प्रचलित निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा की। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में गौवंश वन्य विहार से लगी 16 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जायेगा जहां दुधारू गाय तथा उन्नत नस्ल के गौवंश को संरक्षित रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के आगमन से गौवंश वन्य विहार के विकास कार्य को प्रोत्साहन और ऊर्जा मिली है। गौवंश वन्य विहार को देश की सर्वोत्तम व अत्याधुनिक गौशाला बनाने का कार्य प्राथमिकता से होगा। उन्होंने गौवंश वन्य विहार में चारागाह विकास का कार्य प्रारंभ करने और वहां से उत्पन्न चारे को काटकर गौग्रास बनाते हुए गौशाला में भेजने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार की बाउंड्रीबाल बनाने और अन्य निर्माण कार्यों के लंबित भुगतान संबंधितों को कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने गौसेवकों का मानदेय वृद्धि का भी अनुमोदन किया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौशाला में गोमूत्र संग्रहण की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करायें। आगामी फरवरी माह में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संत राजेन्द्रदास जी की कथा का आयोजन कराया जायेगा। राजेन्द्र दास जी महाराज गौकथा व प्राकृतिक खेती पर अपने उद्गार व्यक्त करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संतो के आवास के लिये बनाये जाने वाले ऋषि कुलम का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रसादालय में प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं गौशाला के संबद्ध जन उपस्थित रहे।  

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रदान की नई रैंक

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के पदोन्नत अधिकारियों को लगाई रैंक कहा, आपका कार्य व्यवहार बनेगा अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत भोपाल  मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इसी अनुक्रम में गुरूवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाई। इस दौरान डीजीपी श्री मकवाणा ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदोन्नति आपकी समर्पित और निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति प्रदान की जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, इसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।   डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में इन्हें लगाई रैंक :- डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में आईजी श्री निरंजन बी. वायंगणकर, श्री शियास ए., श्री ललित शाक्‍यवार, डीआईजी श्री राघवेन्‍द्र सिंह बेलवंशी, श्रीमती किरणलताकेरकटृाश्री रियाज इकबाल, श्री राहुल कुमार लोढा, श्री विवेक सिंहतथा वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक श्री हितेष चौधरी को रैंक लगाई।  इन अधिकारियों को किया गया पदोन्नत  :- उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा 31दिसंबर 2025को जारी आदेशानुसार 1 जनवरी 2026से भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) के 18अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इनमें श्री आशुतोष रॉय को एडीजीसे स्‍पेशलडीजी पद पर पदोन्नत किया गया है। श्री प्रमोद वर्मा को आईजी से एडीजी पद पर पदोन्‍नत किया गया है। श्री निरंजन बी. वायंगणकर, श्री शियास ए. तथा श्री ललित शाक्‍यवारको डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसी प्रकार श्री राकेश सगर, श्री राघवेन्‍द्र सिंह बेलवंशी, श्रीमती किरणलताकेरकटृा, श्री मनोज कुमार राय, श्री रियाज इकबाल, श्री राहुल कुमार लोढा, सुश्री सिमाला प्रसाद, श्री असित यादव, श्री मयंक अवस्‍थी, श्री विवेक सिंह, श्री कुमार प्रतीक, श्री शिवदयाल, श्री शैलेन्‍द्र सिंह चौहान डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए गए हैं।  

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने समर्पण और प्रयासों से देशभक्ति का महत्व बताया

अथक परिश्रम एवं समन्वित प्रयासों से चरितार्थ करें देशभक्ति-जनसेवा का आदर्श वाक्‍य : पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा पुलिस महानिदेशक का पुलिसकर्मियों केलिए नववर्ष-2026 के लिए संदेश नववर्ष संदेश में बताई2025 में प्राप्‍त मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ भोपाल  नववर्ष 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए शुभकामना संदेश जारी किया गया। यह शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस के लिए आत्ममंथन, सम्मान और भविष्य की कार्ययोजना का स्पष्ट दस्तावेज है। यह संदेश उस सामूहिक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसके बल पर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बना। पुलिस महानिदेशक ने अपने संदेश में वर्ष 2025 को टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बताया। उन्‍होंने अपने संदेश में उल्‍लेख किया कि प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने, डायल-112 कियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई, ई-आफिस, नारकोटिक्स ड्रग्स के विरूद्ध "नशे से दूरी है जरूरी" जागरूकता अभियान की अभूतपूर्व सफलता, सायबर फ्रॉड से बचाव हेतु सेफ क्लिक जागरूकता अभियान, पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस हेतु हार्टफुलनेस संस्था से एम.ओ.यू., 1" Change Maker Award, e-HRMS प्रारंभ करने हेतु सार्थक प्रयास, रू. एक लाख से अधिक की सायबर फॉड शिकायतों में ई-जीरो एफ.आई.आर., कार्यप्रणाली में सुधार हेतु लंबी अवधि से एक ही थाने में पदस्थ 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों के एक सप्ताह में स्थानांतरण आदि महत्वपूर्ण हैं। रिकार्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विशेष प्रयासों से खोजा है। इन सफलताओं में आप सभी का बहुमूल्य योगदान रहा है। पुलिस महानिदेशक नेसंदेश में लेख किया कि सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी, गिरफ्‌तारी, समस्त त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में अथक परिश्रम किया है। अच्छे कार्यों के करने पर मनोबल बढ़ाने हेतु मेरे स्तर से तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी संख्या में त्वरित एवं उचित ईनाम भी दिए गए हैं। वर्ष 2026 में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यातायात दुघर्टनाओं पर नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा हेतु नव वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से और सक्रियता जरूरी है। सायबर फ्रॉड के नवीन तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है।Basic Policing के साथ ही नवीन तकनीकी, AI का उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्ध और अधिक कड़ी कार्यवाही, Social Media में तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति तथा पुलिस के अच्छे कार्य प्रचारित किए जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु तैयारियों में और तेजी लाई जाए। डीजीपी ने अपेक्षा की है किपुलिस थाना विभाग की मूलभूत इकाई है, जहाँ बड़ी संख्या में आमजनों का दिन-प्रतिदिन पुलिस से सम्पर्क होता है। थाना स्टाफ द्वारा उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन, पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्यवाही की जाए। आमजन की सहभागिता एवं उनका विश्वास अर्जित करना भी हमारा ध्येय होना चाहिए। महिलाओं एवं बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरूद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी पुलिस कर्मचारियों के कल्याण के लिए संवेदनशील हैं एवं विभाग के कई प्रस्तावों में शासन स्तर से त्वरित स्वीकृतियाँ प्राप्त हुई हैं। नववर्ष की प्रात: बेला में पुलिस महानिदेशक द्वारा जन गण मन एवं वंदे मातरम गायन के साथ पुलिस मुख्‍यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष संदेश वाचन करते हुए स्‍टॉफ के साथ स्‍वल्‍पाहार लेते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई। उन्‍होंने विश्‍वास जताते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों एवं अथक परिश्रम से प्रदेश की आमजनता को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के आदर्श वाक्य देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ करने में हम सफल होंगें। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणाके अलावा विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अनिल कुमार, संजीव शमी, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशकए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, योगेश चौधरी, मो. शाहिद अबसार, भोपाल पुलिस आयुक्‍त हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।  

डॉ. यादव विश्व आर्थिक फोरम में करेंगे निवेश संवाद में भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक में होंगे शामिल भोपाल विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और "अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ" रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दावोस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना और राज्य के प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के आशय प्रस्तावों पर चर्चा, वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने तथा राज्य की ब्रांड छवि को फ्यूचर रेडी स्टेट के रूप में सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस रहेगा। विश्व आर्थिक मंच में मध्यप्रदेश ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन, आईटी, ईएसडीएम एवं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और नीतिगत सहयोग को प्रस्तुत करेगा। ऑटोमोटिव सेक्टर में ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए उपलब्ध मजबूत इको सिस्टम को रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश के पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन नीति के अंतर्गत उभरते निवेश अवसरों को भी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा। आईटी और ईएसडीएम सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में प्रस्तुत करते हुए राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति 2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों पर जोर दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट ऑफ इण्डिया के रूप में स्थापित करते हुए मेगा फूड पार्कों और कृषि आधारित मूल्य संवर्धन श्रृंखला में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस प्रवास के दौरान फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। साथ ही ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, एनर्जी तथा आईटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता विश्व आर्थिक मंच के विभिन्न सत्रों में भी रहेगी, जिनमें श्रम, ऊर्जा सुरक्षा, नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहेंगे।  

साल 2026 में भारत का गगनयान मिशन, ISRO की मानव अंतरिक्ष उड़ान से अंतरिक्ष में होगी धाक

नई दिल्ली यह नया साल 2026 अंतरिक्ष में मानव की उड़ान के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है. इस वर्ष भारत और अमेरिका दो अलग-अलग लेकिन समान रूप से ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में हैं. भारत का गगनयान कार्यक्रम जहां देश को स्वतंत्र मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता की श्रेणी में ले जाएगा, वहीं अमेरिका का आर्टेमिस-II मिशन मानव जाति को पांच दशक बाद एक बार फिर गहरे अंतरिक्ष यानी चंद्रमा से आगे की यात्रा पर ले जाने वाला है. इन दोनों मिशनों का संयुक्त प्रभाव यह संकेत देता है कि अब मानव अंतरिक्ष उड़ान केवल कुछ चुनिंदा देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक बहुध्रुवीय (Multipolar) अंतरिक्ष युग की ओर बढ़ रही है. साल 2026 केवल 2 स्पेस मिशनों का ही साल नहीं होगा, बल्कि यह मानव जाति के अंतरिक्ष भविष्य की दिशा बदलने वाला साल साबित हो सकता है. भारत का गगनयान: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के तहत पहला बिना मानव वाला ऑर्बिटल टेस्ट मिशन G1 वर्ष 2026 के मार्च महीने के आसपास करने का लक्ष्य तय किया है. यह मिशन मानव-रेटेड LVM3 (Gaganyaan-Mk3) रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा. 2026 में पहला बड़ा ऑर्बिटल टेस्ट साबित होगा. इसमें व्योममित्रा नामक एक मानवरूपी (Humanoid) रोबोट को भेजा जाएगा, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह अंतरिक्ष यात्रियों जैसी गतिविधियों और प्रतिक्रियाओं का अनुकरण कर सके. G1 मिशन के दौरान गगनयान को लगभग 300 से 400 किलोमीटर की निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य मानव मिशन से पहले सभी महत्वपूर्ण प्रणालियों की कठोर परीक्षा करना है. गगनयान क्यों है भारत के लिए ऐतिहासिक? गगनयान भारत के लिए केवल एक अंतरिक्ष मिशन नहीं, बल्कि पूर्णतः स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रमाण है. इस मिशन के तहत कई अहम प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा, इसमें जीवन-रक्षा प्रणाली के साथ ही क्रू मॉड्यूल का सुरक्षित वायुमंडलीय पुनः प्रवेश, पैराशूट आधारित समुद्री रिकवरी, मिशन नियंत्रण और संचार व्यवस्था शामिल है. अंतरिक्ष की उड़ान में अहम पड़ाव   यदि G1 और इसके बाद के परीक्षण सफल रहते हैं, तो भारत उन गिने-चुने देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो स्वतंत्र रूप से अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने और सुरक्षित वापस लाने की क्षमता रखते हैं. इससे भविष्य में भारतीय स्पेस स्टेशन, निजी मानव अंतरिक्ष सेवाओं और व्यावसायिक मिशनों के रास्ते खुलेंगे, साथ ही विदेशी साझेदारों पर निर्भरता भी कम होगी. अमेरिका का आर्टेमिस-II: इंसानों की 50 साल बाद गहरे अंतरिक्ष में वापसी होगी. दूसरी ओर, अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस-II मिशन की तैयारी में है, जिसे अब 5 फरवरी 2026 से पहले नहीं लॉन्च किए जाने की योजना है. यह मिशन चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लगभग 10 दिनों की यात्रा पर जाएगा, जिसमें वे चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे. यह 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार होगा जब इंसान निम्न पृथ्वी कक्षा से बाहर जाएगा. आर्टेमिस-II का महत्व क्या है? आर्टेमिस-II, नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान के लिए एक निर्णायक परीक्षण उड़ान है. इस मिशन में कुछ अहम पहलुओं की जांच की जाएगी, जिसमें गहरे अंतरिक्ष में नेविगेशन और संचार, अंतरिक्ष रेडिएशन से सुरक्षा, दीर्घकालिक जीवन-रक्षा प्रणालियां और पृथ्वी से बहुत दूर मिशन संचालन शामिल होगा. यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा से कम से कम 5,000 नॉटिकल मील आगे तक जाएंगे, जो मानव इतिहास की अब तक की सबसे दूर की मानव उड़ान होगी. यह मिशन भविष्य में चंद्र सतह पर लैंडिंग, स्थायी चंद्र अड्डों और अंततः मंगल मिशन की नींव रखेगा. मानव अंतरिक्ष उड़ान का बहुध्रुवीय भविष्य गगनयान और आर्टेमिस-II मिलकर यह स्पष्ट करते हैं कि 2030 के दशक में मानव अंतरिक्ष उड़ान एक नए चरण में प्रवेश करने जा रही है, जहां भारत निम्न पृथ्वी कक्षा तक पहुंच को मजबूत कर रहा है. वहीं अमेरिका अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ गहरे अंतरिक्ष में वापसी कर रहा है. इन मिशनों से विकसित होने वाली तकनीकें- चालक दल की सुरक्षा, अंतरिक्ष यान प्रणालियां, मिशन प्रबंधन और दीर्घकालिक जीवन समर्थन- आने वाले वर्षों में व्यावसायिक स्पेसफ्लाइट, राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन और डीप-स्पेस अन्वेषण की दिशा और गति तय करेंगी.