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बीज के सबसे अधिक अमानक सैंपल मध्य प्रदेश में, राष्ट्रीय औसत 4 प्रतिशत से कम

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष उनके लोकसभा क्षेत्र विदिशा के किसानों ने अमानक बीज का मुद्दा उठाया था। स्थिति जानने के लिए कृषि मंत्री स्वयं किसानों के साथ खेतों पर पहुंचे तो बीजों की गुणवत्ता घटिया पाई। इससे बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान हुआ। इसके बाद कृषि मंत्री के कड़े रुख पर बीजों के सैंपल लिए गए। मध्य प्रदेश में इन सैंपल की रिपोर्ट आई है तो उसमें लगभग 10 प्रतिशत सैंपल अमानक पाए गए हैं। हालांकि, यह स्थिति मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्ष यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 से है। इनके आकलन से सामने आया है कि बीज के सबसे अधिक सैंपल मध्य प्रदेश में फेल हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री के सख्त संदेश का असर यह रहा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक अमानक बीच के मामले में 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष में एक भी नहीं थी। वहीं, देश में बीज के सैंपल फेल होने का औसत तीन से चार प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच दो प्रतिशत या इससे कम सैंपल ही फेल हुए हैं। उत्तराखंड में इस अवधि में 2.6 प्रतिशत और गुजरात में तीन प्रतिशत से कम सैंपल अमानक मिले। कार्रवाई की स्थिति यह है कि अमानक बीज की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चेतावनी या बिक्री पर प्रतिबंध तक ही सीमित रहती है। सीड्स एक्ट लेकर आ रहे हैं     हम नया सीड़्स एक्ट लेकर आ रहे हैं, जिसमें अमानक या नकली बीज मिलने पर कठोर कार्रवाई का प्रविधान किया जाएगा। अभी प्रविधान उतने कड़े नहीं होने के कारण कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती। – शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री।  

उमा भारती ने इंदौर में पानी से मौतों पर कहा, “2 लाख नहीं, माफी मांगनी होगी”

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार पर बरस पड़ी हैं। उमा भारती ने इस घटना को अपनी सरकार के लिए शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि माफी मांगनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए मुआवजे के ऐलान को लेकर कहा कि जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती है। अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में अपनी सरकार से भी सवाल पूछने या नसीहत देने का कोई मौका नहीं चूकतीं। इंदौर में दूषित पानी से कई मौतों को उन्होंने सरकार और प्रदेश के लिए शर्म और कलंक करार दिया। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।’ मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है: उमा भारती पूर्व सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उमा भारती ने राज्य सरकार की ओर से घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए पीड़ितों से माफी की मांग की और इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी भी बताया। उमा भारती की मांग- माफी और अधिकतम दंड चार बिंदु पर लिखे अपने संदेश के अंत में उमा भारती ने कहा,'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।' उन्होंने इस ट्वीट के साथ भाजपा के आधिकारिक हैंडल और सीएम मोहन यादव को भी टैग किया है।

इंदौर में पानी से हुई मौतों पर डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला का बयान, “हम सख्त कार्रवाई करेंगे”

इंदौर  इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। शुक्ल ने साथ ही ये भी बताया है कि सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है। शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में पर कड़ी नजर रख रही है और प्रभावित लोगों के बेहतर इलाज के लिए अबतक सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। इस मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, मरीजों और उनके परिवारों से मिल रहे हैं और डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं। वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बीते तीन दिनों से इंदौर में हैं। सरकार सभी सभी प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज मुहैया करवा रही है और साथ ही पानी दूषित होने के कारणों की गहन जांच कर रही है। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके के लिए स्वास्थ्य और नगर निगम अफसरों के साथ मिलकर काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने साथ ही ये भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि मामले में इससे पहले इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर पानी के दूषित होने का संकेत मिलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अधिकारी जमीनी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। वर्मा ने कहा, 'शुरुआती जांच से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पानी दूषित है, लेकिन हम और जानकारी जुटा रहे हैं। हमने 13 मरीजों को भर्ती कराया है। हमारी सर्वे टीम घर-घर जाकर लोगों में लक्षणों की जांच कर रही है। हम हर जगह क्लोरीन की गोलियां बांट रहे हैं।' उन्होंने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने साथ ही ये भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने मुताबिक फिलहाल प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 71 को छुट्टी दे दी गई है। मरीजों की संख्या में कमी आई है और जो भी बीमार पाया जा रहा है उसका इलाज किया जा रहा है। सभी का मुफ्त इलाज किया जा रहा है और जिन्होंने पैसा जमा किया है उन्हें रिफंड कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत:संज्ञान लिया है। आपको बता दें कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। मामले पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि, 'करीब 1400 से 1500 लोग प्रभावित हुए हैं।'

सोने और चांदी के रेट में बदलाव, चांदी में आई भारी उछाल, जानिए ताजे दाम

इंदौर   साल 2026 की शुरुआत भारतीय सर्राफा बाजार के लिए काफी हलचल भरी रही है। जहाँ साल 2025 में कीमती धातुओं की कीमतों ने आसमान छुआ था, वहीं नए साल के दूसरे दिन यानी 2 जनवरी 2026 को बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। आज भारत में सोने और चांदी की कीमतें  पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की चाल लगभग एक जैसी बनी हुई थी, लेकिन आज यह सिलसिला टूट गया। शुक्रवार को देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत ₹1,36,764 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास रही। वहीं, 22 कैरेट सोना, जिसका उपयोग गहने बनाने में सबसे ज्यादा होता है, ₹1,25,367 रुपये के स्तर पर पहुँच गया। दूसरी ओर, चांदी के खरीदारों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। आज एक किलो चांदी का भाव गिरकर 2,37,900 रुपये हो गया है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स और औद्योगिक मांग में बदलाव के कारण चांदी की कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है। एमसीएक्स पर सोना हुआ मजबूत शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.63 फीसदी यानी 856 रुपये की तेजी के साथ 1,36,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। अच्छी हाजिर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। अनिश्चित वैश्विक हालात में सोना एक बार फिर सेफ हैवन एसेट बनकर उभरा है। चांदी में जबरदस्त उछाल आज चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्डतोड़ तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2.76 फीसदी या 6,502 रुपये की छलांग के साथ 2,42,375 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने चांदी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स पर सोना 1.07 फीसदी या 46.60 डॉलर की तेजी के साथ 4,387.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कॉमेक्स पर इसका भाव 3.47 फीसदी बढ़कर 73.05 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट में भी 2.48 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं आगे भी सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकती हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है।

भोपाल में संघ प्रमुख मोहन भागवत, दो दिनों में चार प्रमुख कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

 भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान भोपाल में प्रमुख नागरिकों, सामाजिक और धार्मिक नेताओं, युवाओं और महिलाओं के साथ बातचीत करेंगे. संघ की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पिछले 10 महीनों में यह भागवत की मध्य प्रदेश की पांचवीं यात्रा होगी. RSS प्रमुख 2 जनवरी को 'युवा संवाद' और 'प्रमुखजन गोष्ठी' (प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत) में हिस्सा लेंगे, इसके बाद 3 जनवरी को 'सामाजिक सद्भाव बैठक' और 'शक्ति संवाद' (महिलाओं के साथ बातचीत) होगी. एक न्यूज एजेंसी ने आरएसएस पदाधिकारी के हवाले से बताया कि भागवत इन कार्यक्रमों के दौरान संगठन की 100 साल की यात्रा का जिक्र करेंगे और समकालीन मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे. उन्होंने बताया कि RSS प्रमुख 2 जनवरी को मध्य प्रदेश की राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में प्रांत-स्तरीय 'युवा संवाद' को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। ये आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में होंगे। दूसरा आयोजन प्रमुख जन सम्मेलन होगा, जिसमें भोपाल विभाग के 1500 प्रमुख जन सम्मिलित होंगे। यहां डा. मोहन भागवत का व्याख्यान होगा। प्रश्नोत्तर का सत्र नहीं रखा गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्र में काम करने वाले संस्था प्रमुख सम्मिलित होंगे। प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली लोगों से विमर्श आज यानी शुक्रवार शाम 5:30 बजे रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर संवाद होगा। सामाजिक सद्भाव बैठक: सभी समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल कल 3 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोड़ने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे। शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद कल 3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शताब्दी वर्ष में बढ़ी संघ को जानने की जिज्ञासा संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में आरएसएस को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष में भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। अगले दिन यानी शनिवार सुबह 9:30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न समाज के लोग रहेंगे। वह शाम को भोपाल स्टेशन के पास केशव निडम में शक्ति सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें भोपाल की महिलाएं सम्मिलित होंगी। इन आयोजनों में दो बड़ी बातें हैं। एक तो यह कि उन्हें बुलाया गया है जो आरएसएस के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक नहीं हैं। दूसरा, शक्ति सम्मेलन में 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। प्रांत के सभी 31 जिलों (प्रशासनिक ढांचे के अनुसार 16 जिले) के युवा, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और पहचान बनाई है, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. उन्होंने बताया कि प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत रवींद्र भवन के एक ऑडिटोरियम में होगी, जिसमें भोपाल संभाग के विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है. बयान के अनुसार, 3 जनवरी को कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में 'सामाजिक सद्भाव बैठक' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न समुदायों के प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे. इसमें कहा गया है कि उसी शाम भोपाल की प्रमुख महिला प्रतिनिधियों के साथ 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. बयान में कहा गया है, "भागवत की यात्रा लोगों को RSS के बारे में तथ्यात्मक और प्रामाणिक जानकारी देगी. यह राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में व्यक्ति क्या भूमिका निभा सकते हैं, इस बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान करेगी."

इंदौर में 1400 लोग हुए शिकार, शौचालय से घुला दूषित पानी; 32 मरीज ICU में भर्ती

इंदौर      देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की साख पर 'जहरीले' पानी का गहरा दाग लग गया है. एक ताजा लैब टेस्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा में मची तबाही का कारण दूषित पेयजल ही था. इंदौर में डायरिया फैलने से कम से कम चार मरीजों की मौत हो गई और 1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. टेस्ट के नतीजों से यह साबित हुआ कि मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के कुछ हिस्सों में जानलेवा पीने के पानी की सप्लाई सिस्टम है, जिसे पिछले आठ सालों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता रहा है. इंदौर के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज द्वारा तैयार की गई लैब रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा इलाके में एक पाइपलाइन में लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हो गया था, जहां से यह बीमारी फैलने की खबर आई है. उन्होंने टेस्ट रिपोर्ट के विस्तृत नतीजे शेयर नहीं किए. भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में एक ऐसी जगह पर लीकेज पाया गया, जहां एक शौचालय बना हुआ है. उन्होंने दावा किया कि इस लीकेज के कारण इलाके में पानी की सप्लाई दूषित हो गई. अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने न्यूज एजेंसी को बताया, "हम भागीरथपुरा में पूरी पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि कहीं और कोई लीकेज तो नहीं है." उन्होंने कहा कि जांच के बाद गुरुवार को भागीरथपुरा के घरों में पाइपलाइन के जरिए साफ पानी की सप्लाई की गई, हालांकि एहतियात के तौर पर लोगों को सलाह दी गई है कि वे पानी को उबालकर ही पिएं. दुबे ने कहा, "हमने इस पानी के सैंपल भी लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा है." अब पूरे MP के लिए बनेगी SOP भागीरथपुरा में पानी की त्रासदी से सबक लेते हुए सीनियर अफसर ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे राज्य के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया जाएगा. उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर दुबे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए भागीरथपुरा का दौरा किया. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को भागीरथपुरा में 1714 घरों के सर्वे के दौरान 8571 लोगों की जांच की गई. उनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण दिखे, जिन्हें उनके घरों पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया. उन्होंने बताया कि बीमारी फैलने के आठ दिनों में 272 मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को अब तक डिस्चार्ज किया जा चुका है. अ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं.

राजस्थान में घने कोहरे का कहर, 20 जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी बंद

जयपुर  राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को राज्य के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। शेखावाटी क्षेत्र और सीमावर्ती जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कोहरे और खराब मौसम के चलते उदयपुर और जैसलमेर में फ्लाइट संचालन प्रभावित होने की आशंका है। इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं, श्रीगंगानगर जिले में तेज सर्दी को देखते हुए 10 जनवरी तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। जयपुर, सीकर, दौसा, भरतपुर सहित कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। सीकर के पलसाना क्षेत्र में विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। राजसमंद झील क्षेत्र में भी सुबह घना कोहरा देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, 4 जनवरी से प्रदेश में शीतलहर तेज होगी और न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। गुरुवार को कई जिलों में दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा। श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। गुरुवार शाम से ही उत्तरी राजस्थान में कोहरे का असर तेज हो गया था। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिरेगा, जिससे ठंड और तेज महसूस होगी।

अफ्रीकी देशों ने डोनाल्ड ट्रंप को दिया करारा जवाब, अमेरिकी नागरिकों की एंट्री पर प्रतिबंध

न्यूयॉर्क अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आने के बाद इमिग्रेशन को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में रहने वाले लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है तो वहीं कई देशों के नागरिकों की एंट्री तक पर बैन लगा दिया गया है। हालांकि इस मामले में अमेरिका ही आगे नहीं हैं बल्कि अफ्रीका का कई देश हैं जिन्होंने अमेरिका नागरिकों के इमिग्रेशन को बैन कर दिया है। माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों के लिए पूरी तरह से वीजा बैन लगा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इन देशों पर वीजा बैन लगाया था। अमेरिका पर वीजा बैन लागने वाले इन दोनों ही देशों में सैन्य शासन है। पश्चिम अफ्रीका के इन दोनों देशों ने हाल ही में अमेरिका पर वीजा बैन लगाया है। इससे पहले अमेरिका ने कम से कम 39 देशों पर वीजा बैन लगाया था। इसमें अफ्रीका, एशिया, मध्य एशिया और लैटिन अमेरिका के देश शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। माली के विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका पर जवाबी कदम उठाते हुए विदेश मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से अमेरिका के नागरिकों की एंट्री पर बैन लगा दी है। अमेरिका ने जिस तरह का कदम उठाया है ठीक वैसा ही कदम हमारी सरकार भी उठा रही है। बुर्किना फासो के विदेश णंत्री कारामोको जीन मारी ट्राओरे ने भी इसी तरह का बयान जारी कर अमेरिका पर वीजा बैन का ऐलान किया है। अब तक किन देशों ने अमेरिका पर लगाया है वीजा बैन 16 दिसंबर को अमेरिका ने माली, बुर्कीना फासो, लाओस, नाइजर, सिएरा लियोन, दक्षिण सूडान और सीरिया पर पूरी तरह से वीजा बैन लगा दिया था। इसके अलावा फिलिस्तीनी प्रशासन द्वारा जारी कागजात के साथ अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। अमेरिका का कहना है कि इन देशों के नागरिकों की वजह से देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। वहीं ये देश अपने नागरिकों को वापस लेने को भी तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में इनपर कड़े प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। बता दें की माली, बुर्किना फासो और नाइजर में अल कायदा और आईएसआईएस का आतंक जारी है। ऐसे में इन देशों में हिंसा चरम पर है। ऐसे में बहुत सारे नागरिक देश से भागने की फिराक में रहते हैं। शुक्रवार को नाइजर ने अमेरिका नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा चाड ने भी चाड ने 6 जून से ही अमेरिकी नागरिकों को वीजा जारी करना बंद कर दिया था।

39 साल के ख्वाजा ने संन्यास का किया ऐलान, सिडनी टेस्ट होगा करियर का आखिरी मैच

 सिडनी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला 4 जनवरी (रविवार) से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में होना है. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही एशेज रिटेन कर चुकी है और वो सीरीज का स्कोर 4-1 करना चाहेगी. दूसरी ओर इंग्लिश टीम की कोशिश जीत के साथ सीरीज खत्म करने पर है. सिडनी टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने बड़ा निर्णय लिया है. 39 वर्षीय उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. ख्वाजा सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार खेलने उतरेंगे. यह उनके टेस्ट करियर का 88वां मुकाबला होगा. शुक्रवार (2 जनवरी) की सुबह एससीजी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने अपने फैसले की घोषणा की. इस दौरान उनके माता-पिता, पत्नी रेचल और दोनों बच्चे भी मौजूद थे. उन्होंने टीम के अभ्यास सत्र से ठीक पहले अपने साथी खिलाड़ियों को इस फैसले की जानकारी दी. उस्मान ख्वाजा ने बताया कि वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट और टी20 में खेलते रहेंगे. वह आगे भी ब्रिसबेन हीट (BBL) और क्वींसलैंड (शेफील्ड शील्ड) के लिए उपलब्ध रहेंगे. इस्लामाबाद में जन्मे ख्वाजा बचपन में सिडनी आकर बस गए थे. यहीं उन्होंने 2008 में फर्स्ट क्लास और 2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. ऐसे में एससीजी में उनका आखिरी टेस्ट एक भावनात्मक विदाई बन गया है. उस्मान ख्वाजा हुए भावुक उस्मान ख्वाजा ने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि रिटायरमेंट पर रोऊंगा, लेकिन जैसे ही मैंने टीम को बताया, मेरी आंखों से आंसू निकल आए. यह सफर मेरे लिए बेहद खास रहा है.' ख्वाजा का करियर आसान नहीं रहा है. उन्हें कई बार टीम से बाहर किया गया, चोटें झेलीं और औसत भी एक समय 25 से नीचे चला गया. लेकिन हर बार उन्होंने वापसी की और खुद को साबित किया. साल 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई टेस्ट में खेली गई 141 रन की मैराथन पारी को उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है. 2021-22 की एशेज सीरीज में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर दो शतकों के साथ उस्मान ख्वाजा ने जोरदार वापसी की थी. इसके बाद चार सालों में वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर हैं. उन्होंने नस्लभेद के खिलाफ आवाज उठाई और दक्षिण एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए बेहतर रास्तों की वकालत की. उन्होंने कहा, 'मैं एक पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम हूं, जिसे कहा गया था कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाएगा, लेकिन आज मैं यहां हूं. मैं चाहता हूं कि लोग मुझे एक विनम्र क्रिकेटर के तौर पर याद रखें, जिसने खेल का आनंद लिया और दर्शकों का मनोरंजन किया.' उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल रहे. टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 43.39 रहा है. ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 40 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले भी खेले हैं. वनडे इंटरनेशनल में ख्वाजा के नाम पर 42.00 की औसत से 1554 रन दर्ज हैं. इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 12 अर्धशतक लगाए. ख्वाजा ने टी20 इंटरनेशनल में 26.77 के एवरेज और एक अर्धशतक की मदद से 241 रन बनाए.

MP में नए साल के पहले दिन सर्दी ने दिखाई दांत, उत्तरी हिस्से में बादल और कोहरा, पचमढ़ी-कल्याणपुर में बर्फीली ठंड

भोपाल  मध्यप्रदेश में साल के पहले ही दिन मौसम ने अलग रंग दिखाया। भीषण सर्दी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से को कोहरे ने पूरी तरह जकड़ लिया। 16 जिलों में सुबह से धुंध छाई रही, जबकि 5 जिलों में बादलों की आवाजाही देखी गई। उधर, शहडोल का कल्याणपुर और प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडे इलाकों में शामिल रहे। मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों की नहीं है। 3 जनवरी से एक बार फिर ठंड तीखा रूप लेगी। गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में दिनभर बादल छाए रहे। दतिया में हालात ऐसे रहे कि घना कोहरा विजिबिलिटी को घटाकर महज 50 मीटर तक ले आया। इसके अलावा खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना समेत कई जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। आज भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं, हालांकि ठंड की धार फिलहाल उतनी तेज नहीं है।  मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों जैसे मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर भी बढ़ेगा। खजुराहो, सतना, ग्वालियर, नौगांव, रीवा, सीधी, भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, श्योपुर और दमोह में भी कोहरा रहा। ऐसा ही मौसम आज भी है, लेकिन तेज ठंड का असर नहीं है। उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में कोहरे का असर जरूर है, पर घना कोहरा 3 जनवरी से फिर छाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ठंड का असर भी बढ़ेगा। घने कोहरे का असर जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। कुछ ट्रेनें तो 8 से 10 घंटे तक लेट चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नए साल में सबसे ज्यादा ठंड पचमढ़ी में दर्ज की गई, जहां रात का तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 6.4 डिग्री रहा। इसके अलावा शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर जैसे शहरों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इस सीजन में मध्यप्रदेश की सर्दी पहले ही रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जनवरी में भी हालात कुछ ऐसे ही बने रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रदेश में माइनस लेवल की ठंड की स्थिति बन चुकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घना कोहरा आम रहेगा। भिंड और पन्ना में कड़ाके की ठंड भिंड और पन्ना में नए साल के शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड ने लोगों को प्रभावित किया है. पिछले दो दिनों से सूर्य की किरणें नहीं दिख रही हैं और मौसम ने ठिठुरन बढ़ा दी है.भिंड जिले में तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि पन्ना जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया. ठंड और घने कोहरे के चलते सड़कें सुनसान हो गई हैं. वाहन चालक अलाव और हेडलाइट का सहारा लेकर चल रहे हैं. बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग कम ही दिखाई दे रहे हैं. सर्दी के इस दौर में लोगों के रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हुए हैं. भक्तों ने भी ठंड को देखते हुए देवी-देवताओं के लिए विशेष इंतजाम किए. मंदिरों में भगवान के लिए गर्म वस्त्र और कंबल रखे गए हैं. गर्भगृह में रूम हीटर लगाए गए हैं और गुड़-तिली से बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया जा रहा है. मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे का असर बना रह सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का इस्तेमाल भी जारी रहेगा. इस प्रकार नए साल का जश्न इस बार ठंड के चलते फीका रहा, और लोग प्राकृतिक ठंड के बीच अपने घर और मंदिरों में गर्माहट बनाए रखने में व्यस्त हैं.