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आयुष्मान कार्ड को लेकर सरकार का नया आदेश, इन श्रेणियों के लोगों को नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

नई दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब नए आयुष्मान कार्ड आधार आधारित ई-केवाईसी के बाद ही जारी किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने इसके लिए बेनिफिशयरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS-2.0) को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी लाभार्थियों की पहचान आधार ई-केवाईसी के माध्यम से अनिवार्य रूप से सत्यापित की जाएगी। नए सदस्य जोड़ने का विकल्प भी समाप्त इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने (एड मेंबर) का विकल्प भी समाप्त कर दिया गया है। अब केवल एसईसीसी-2011 के तहत शेष पात्र परिवारों में ही, निर्धारित नियमों के अनुसार नए सदस्यों को जोड़ा जा सकेगा। ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर से कार्डों की निगरानी स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट पोर्टल (SAFU BIS) के माध्यम से की जा रही है। एनएचए द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे कार्डों की नियमित निगरानी की जाती है। कार्ड स्वतः चिन्हित हो जाते हैं इस तकनीक के जरिए संदिग्ध कार्ड स्वतः चिन्हित हो जाते हैं और तत्काल उन पर इलाज की सुविधा रोक दी जाती है। इसके बाद इन कार्डों की जांच ऑडिटर द्वारा कराई जाती है। जांच में सही पाए जाने वाले कार्डों को संदिग्ध श्रेणी से बाहर कर दिया जाता है। 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं अर्चना वर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक जारी किए गए आयुष्मान कार्डों में से 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। इनकी जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (FIO) द्वारा की जा रही है। अब तक 48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन कराया जा चुका है। सूची भेजकर जांच के निर्देश दिए गए उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारियों (डीएम), मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को संदिग्ध कार्डों की सूची भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर उसे हटा दिया गया है।  

भीमबैटका में तैयार होगा भारत का पहला रॉक आर्ट म्यूज़ियम, 30,000 साल पुरानी कहानियों की होंगी प्रतिकृतियां

भोपाल  यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भीमबेटका में बनी 30 हजार साल पुरानी शैल-कलाएं अब पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ होने जा रही हैं। राज्य पर्यटन निगम यहां देश का पहला अस्थायी 'रॉक आर्ट ईको पार्क द्ब्रयूजियम' विकसित करेगा। 1.12 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस संग्रहालय का उद्देश्य भीमबेटका के सातों पहाडिय़ों में फैले सभी 750 से अधिक शैल चित्रों का अनुभव पर्यटकों को एक ही स्थान पर कराना है। इसकी अनुमानित लागत 19 करोड़ रुपए है और इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस द्ब्रयूजियम में पारंपरिक भवन या हॉल नहीं बनेंगे, बल्कि अस्थायी सामग्री से भीमबेटका के मूल परिवेश जैसा ही ईको पार्क विकसित होगा, जहां पर्यटक डिजिटली इन्हें देख सकेंगे। डिजिटल होगी जानकारी प्राचीन कलाओं का डिजिटली प्रजेंटेशन म्यूजियम में शैल चित्रों की विशेषताओं, महॠव और अध्ययन स्रोतों की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलेगी। प्रत्येक शैल चित्र की रोचक और सटीक सूचना, फोटो, लिखित विवरण, ऑडियोवीडियो, पुरातत्वविदों की कमेंट्री और प्रमाणित रिसर्च पेपर उपलह्ध होंगे। एआइ से इसे जीवंत व रचनात्मक बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों को अद्भुत अनुभव मिले। देख सकेंगे 10 किमी में फैले शैलाश्रय भीमबेटका में शैल चित्रों के कई क्लस्टर हैं, जो लगभग 10 किमी के दायरे में फैले हुए हैं। यहां सात पहाडिय़ों में 750 से अधिक शैलाश्रय मौजूद हैं। इनमें से वर्तमान में केवल एक ही क्लस्टर पर्यटकों के लिए खुला है, जिसमें 'ऑडिटोरियम गुफा' और 'चिडिय़ाघर रॉक' जैसे प्रसिद्ध 15 शैलाश्रय शामिल हैं। दूर-दराज के और दुर्लभ जंगली क्षेत्रों में स्थित बाकी क्लस्टरों (जैसे जावरा, विनयका, भोंरावली और लाखा जुआर) तक पर्यटक पहुंच नहीं पाते। यह नया म्यूजियम इन सभी अनदेखे शैल चित्रों की रेप्लिका (हूबहू नकल) को उनके मूल स्वरूप में प्रदर्शित करेगा, जिससे पर्यटक एक ही स्थान पर पूरे भीमबेटका का अनुभव कर पाएंगे। यह डिजाइन न केवल पर्यावरण के प्रति संवेदनशील है, बल्कि पर्यटकों को प्राचीन गुफाओं के वास्तविक अनुभव के करीब भी ले जाएगा। अनदेखे शैलचित्र देख सकेंगे टूरिस्ट इस म्यूजियम से टूरिस्ट अनदेखे शैलचित्र भी देख सकेंगे। स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द कार्य शुरू होंगे। – डॉ. इलैया राजा टी, एमडी, एमपी टूरिज्म

गुना का मास्टर प्लान: न्यायिक गलियारा, शिक्षा हब और तात्याटोपे यूनिवर्सिटी से होगा शहर का विकास

गुना   शहर समेत जिला 2047 में कैसा होगा, क्या-क्या आवश्यकता पड़ेगी? संकरी सड़कें और गलियों से जनता को कैसे मुक्ति दिलाई जाए? इस दिशा में कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए मास्टर प्लान और 2047 के अनुसार सुविधाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्ययोजना बनाई है। उसको अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में जगनपुर में एसडीएम और तहसील को शिफ्ट कर दिया है। वैसे गुना शहर की बसाहट चारों तरफ हो, इस दिशा में भी जिला प्रशासन ने कार्ययोजना अनुसार काम शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां सजेगा न्यायिक गलियारा, सिंगवासा बनेगा शिक्षा का हब, और तात्याटोपे यूनिवर्सिटी से बदलेगी जिले की तकदीर। 2047 के मास्टर प्लान के तहत ये शहर सत्ता का केंद्र बन सकता है। दरअसल, शहर विस्तार की जगह संकरा होता चला गया। वजह यह रही कि कलेक्ट्रेट जिसको शहर से तीन-चार किमी दूर ले जाने की योजना थी, वह पुरानी कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर ही 2017 में बना दिया गया। यही स्थिति मुख्य बाजार सदर बाजार की हो गई है। ऐसे बसेगा नया शहर शहर से दो किमी दूर जगनपुर बसा हुआ है। यहां सबसे पहले नपा की गरीबों के लिए आवास योजना छह-सात साल पहले लाई गई थी। इसके लिए आठ बीघा जमीन स्वीकृत की गई थी। यहां 1800 फ्लेट बन चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को फ्लेट आवंटित किए गए हैं। 750 फ्लेट और जल्द बनकर आवंटित होने की प्रक्रिया चल रही है। जिला न्यायालय व न्यायिक अधिकारियों के आवास बनाए जाने की योजना है, जिसके लिए राजस्व विभाग ने 16 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। उच्च शिक्षा विभाग ने यहां एक मॉडल कॉलेज का निर्माण कराया है। जगनपुर में सीएम राइज स्कूल भवन बनना प्रस्तावित है। हाल ही में एसडीएम कार्यालय और तहसील वहां पहुंच चुकी हैं। सिंगवासा चक शहर से चार किमी दूर ग्राम पंचायत पिपरौदा खुर्द के ग्राम सिंगवासा चक बसा है। यहां नपा ने कुछ समय पूर्व आमोद-प्रमोद पार्क बनवाया था। इससे पीछे लगभग 120 बीघा जमीन क्रांतिवीर तात्याटोपे यूनिवर्सिटी के लिए चिह्नित की है। यहां अडाणी सीमेन्ट फैक्टरी का संचालन होगा। सिंगवासा चक में ही यूनिवर्सिटी के पास लॉ कॉलेज के लिए राजस्व विभाग ने जमीन आवंटित की है। सहकारिता विभाग का ग्रेडिंग प्लांट भी बन रहा है। कुछ समय पूर्व एबी रोड पर आरटीओ कार्यालय भवन भी बन गया था। इसी जगह रिंग रोड और अंडर ब्रिज बनाए जाने कीयोजना है। नेगमा पर भी नजर गुना से छह किमी दूर ऊमरी रोड पर नेगमा के आसपास कई प्रोजेक्ट लाइन में चल रहे हैं। पूर्व में यहां एयरपोर्ट के लिए जमीन चिहिनत की गई थी। बाद में एयरपोर्ट का प्रस्ताव वहां से दूसरी जगह के लिए तैयार हुआ था। मोहनपुरकलां, मंगवार, रानीगंज और मोतीपुरा में अलग-अलग प्रोजेक्ट का काम होना है।

इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में NHRC का हस्तक्षेप, दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

 इंदौर  इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से कई लोगों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस गंभीर मामले को मानवाधिकार उल्लंघन से जोड़ते हुए मध्यप्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। NHRC ने अपने बयान में कहा है कि रिपोर्ट के अनुसार भगीरथपुरा इलाके के निवासी कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से उत्पन्न स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में हालात की समीक्षा के साथ-साथ राहत और बचाव कार्यों के समन्वय पर चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागीय आयुक्त सुदाम खड़े, जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही दूषित पानी से प्रभावित सभी लोगों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उपचाराधीन लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।  

मोहन सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं की MSP 2600 रुपये, किसानों को सिर्फ 15 रुपये बोनस

भोपाल  मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप इस साल भी किसानों से 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोतरी के कारण राज्य सरकार पर बोनस का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है। इस बार किसानों को बोनस के रूप में केवल 15 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेंगे। बोनस के गणित से समझिए सरकार को राहत पिछले साल गेहूं का समर्थन मूल्य 2,275 रुपये था, जिस पर राज्य सरकार ने 125 रुपये का बोनस देकर 2,400 रुपये में खरीदी की थी। बाद में इसे बढ़ाकर 2,600 रुपये करने का निर्णय लिया गया था, जिससे सरकार पर 175 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भार आया था। लेकिन इस साल केंद्र सरकार ने MSP बढ़ाकर 2,585 रुपये कर दी है। ऐसे में मुख्यमंत्री की 2,600 रुपये की घोषणा को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को अब अपनी जेब से केवल 15 रुपये प्रति क्विंटल ही मिलाने होंगे। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को भेज दिया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल सकती है। फरवरी से पंजीयन और मार्च में खरीदी शुरू प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। फरवरी माह से किसानों का पंजीयन शुरू किया जाएगा और मार्च से खरीदी प्रक्रिया प्रारंभ होगी। पिछले वर्ष करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा गया था, और इस बार भी बंपर पैदावार की उम्मीद में सरकार ने व्यवस्थाएं बनाना शुरू कर दिया है। वित्तीय संकट के बीच राज्य की एजेंसियां ही करेंगी खरीदी नागरिक आपूर्ति निगम और मार्कफेड वर्तमान में लगभग 72 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबे हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से सीधी खरीदी का प्रस्ताव दिया था ताकि ब्याज का बोझ कम हो सके, लेकिन केंद्र से अभी तक सहमति नहीं मिली है। ऐसे में पुरानी व्यवस्था के तहत ही राज्य की एजेंसियां गेहूं का उपार्जन करेंगी।  

भारत टैक्सी ने ओला-उबर को दी चुनौती, दिल्ली में रोजाना 5,500 राइड्स, जानें आपके शहर में कब आएगी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में नई सरकारी कैब सर्विस Bharat Taxi की शुरुआत हो चुकी है. कोऑपरेटिव मॉडल पर बेस्ड भारत टैक्सी ने अपने सॉफ्ट लॉन्च में ही लोगों और ड्राइवरों का भरोसा जीत लिया है. अब इस सरकारी टैक्सी सर्विस को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी हो रही है. ताकि देश के अन्य राज्यों में भी लोगों को किफायती राइड की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. सहकारिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत टैक्सी को जनवरी के अंत तक दिल्ली और अन्य शहरों में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया जाएगा. दिसंबर की शुरुआत में हुए पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इस सेवा को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. इसी उत्साह को देखते हुए सरकार ने अब इसके फुल लॉन्च का फैसला लिया है. इसके बाद इसे अन्य शहरों में भी शुरू करने की योजना है. हर रोज 5,500 राइड भारत टैक्सी को 2 दिसंबर 2024 को दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था. सहकारिता मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी पंकज कुमार बंसल ने पीटीआई को दिए अपने बयान में बताया कि, "सॉफ्ट लॉन्च के दौरान इस सेवा को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. हर दिन औसतन करीब 5,500 राइड्स दर्ज की जा रही हैं, जिनमें से लगभग 4,000 राइड्स एयरपोर्ट से और 1,500 राइड्स शहर के अन्य इलाकों से होती हैं. इसमें कैब, ऑटो और बाइक तीनों सेवाएं शामिल हैं." 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्टर्ड भारत टैक्सी ऐप पर अब तक 1.4 लाख से ज्यादा ड्राइवर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं. यह आंकड़ा बताता है कि ड्राइवर इस सहकारी मॉडल को पसंद कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को किसी तरह का कमीशन नहीं देना होता है. सरकार ने पहले ही कहा था कि, इस कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस में ड्राइवरों को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. 8 सरकारी संस्थाओं का साथ सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मार्च 2024 में संसद में इस सहकारी टैक्सी सेवा की घोषणा की थी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि कमर्शियल वाहन ड्राइवरों की निजी कंपनियों पर निर्भरता कम हो और उन्हें उनकी मेहनत की पूरी कमाई मिले. उस वक्त अमित शाह ने कहा था कि, "इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा." भारत टैक्सी ऐप में मोबाइल से राइड बुकिंग, ट्रांसपैरेंट फेयर, रियल टाइम व्हीकल ट्रैकिंग, मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट और 24 घंटे कस्टमर केयर जैसी सुविधाएं दी गई हैं. जीरो कमीशन मॉडल के तहत ड्राइवर अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकते हैं और सहकारी मुनाफा सीधे ड्राइवरों में बांटा जाता है. यह प्लेटफॉर्म मेट्रो रेल जैसी ट्रांजिट सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिससे यूजर एक ही ऐप पर कई तरह के सफर बुक कर सकते हैं. यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के साथ भी साझेदारी की गई है. कैसे डाउनलोड करें Bharat Taxi ऐप भारत टैक्सी मोबाइल ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है. इसके आधिकारिक मोबाइल ऐप को यूजर गूगल प्ले स्टोर और आईफोन ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि, भारत टैक्सी का वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं. कैसे होगी बुकिंग कैब बुकिंग की प्रक्रिया भी अन्य राइड-हेलिंग सर्विस प्रोवाइर्ड की ही तरह आसान है. यूजर को ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. इसके बाद बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए आगे बढ़िए, इसके बाद एक ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करने के बाद आप भारत टैक्सी ऐप सेवा का लाभ उठा सकेंगे. इसमें मेट्रो, रेंटल और इंटरसिटी राइड की भी सुविधा दी जा रही है. इसके अलावा यूजर को नॉन-एसी कैब, एसी कैब, बाइक टैक्सी, एस्ट्रा लार्ज (XL) कैब, भारत ट्रांजिट या इनमें से किसी भी सेवा को चुनने की आजादी है. हालांकि सरकार का दावा है कि, ये सबसे किफायती राइड्स उपलब्ध कराएगी, लेकिन पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किए जाने के बाद कुछ यूजर्स ने शिकायत की थी कि, ओला-उबर के मुकाबले भारत टैक्सी में राइड्स थोड़ी महंगी हैं.   

भोपाल मंडल की ट्रेनों में नया सुरक्षा मॉडल, सादे कपड़ों में जवान करेंगे गश्त

भोपाल  भोपाल से हर दिन हजारों यात्री लंबी दूरी और लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। यात्रियों की इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने वर्ष 2025 में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। पिछले साल सामने आई चोरी और असुरक्षा की घटनाओं से सबक लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने मिलकर नया सुरक्षा मॉडल लागू किया है। अब ट्रेनों में लगातार गश्त, सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है। भोपाल मंडल से गुजरने वाली प्रमुख एक्सप्रेस और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों पर खास नजर रखी जा रही है। रात के समय यात्रा करने वाले कोच और संवेदनशील ट्रेनों में चेकिंग तेज की गई है। वर्ष 2025 में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 160 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 125 मामलों में चोरी गया सामान बरामद किया गया। करीब 33 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। राहत की बात यह है कि चोरी हुए मोबाइल फोन में से लगभग आधे यात्रियों को वापस मिल चुके हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए बिलासपुर एक्सप्रेस और इंदौर एक्सप्रेस में चोरी की शिकायतें ज्यादा मिलने के बाद इन ट्रेनों को विशेष निगरानी में रखा गया है। साथ ही इटारसी से रानी कमलापति स्टेशन के बीच के हिस्से को सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। यहां अतिरिक्त पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने जीरो टालरेंस नीति अपनाई है। छेड़छाड़ के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पहले जहां मामलों के निपटारे में महीनों लग जाते थे, अब औसतन दो महीने में ही केस सुलझाए जा रहे हैं। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता     भोपाल से गुजरने वाली और यहां से चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार गश्त, सादे कपड़ों में तैनाती और तकनीकी निगरानी के जरिए ट्रेनों के अंदर होने वाली घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा रहा है। – एमएस सोमवंशी, थाना प्रभारी, आरकेएमपी  

छत्तीसगढ़ में 2026 में 12,000 से ज्यादा सरकारी पदों पर होगी भर्ती परीक्षा, युवाओं को मिलेगा सुनहरा मौका

रायपुर  प्रदेश के युवाओं के लिए वर्ष 2026 सरकारी नौकरी (CG Government Jobs 2026) की नई उम्मीदें लेकर आया है। व्यापमं ने इस वर्ष के लिए अपनी तैयारी पूरी करते हुए परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर के अनुसार, वर्ष 2026 में शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और तकनीकी विभागों सहित विभिन्न सरकारी महकमों में कुल 12 हजार पदों पर भर्ती (CG Government Job vacancies) की जानी है। व्यापमं (CG Vyapam Jobs) द्वारा जारी समय-सारणी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नया उत्साह भर दिया है। इस साल की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित भर्ती शिक्षा विभाग में होने जा रही है। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2025 में ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जिसे वित्त विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। अब इस प्रक्रिया को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। इन भर्तियों में स्थानीय लोगों को ही अवसर मिलेंगे। फरवरी में शिक्षक पात्रता परीक्षा व्यापम द्वारा जारी कैलेंडर (CG Vyapam Job calender) के अनुसार एक फरवरी 2026 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (CG TET) का आयोजन किया जाएगा। टीईटी का यह आयोजन उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश द्वार साबित होगा जो लंबे समय से शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। टीईटी के परिणाम आने के बाद मुख्य शिक्षक भर्ती परीक्षा का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसके माध्यम से लगभग 5000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जनवरी से मार्च: तकनीकी और स्वास्थ्य पदों पर फोकस     व्यापम का वर्ष 2026 का कैलेंडर (CG Vyapam Job calander 2026) जनवरी माह से ही सक्रिय हो जाएगा। साल की शुरुआत छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में भर्ती से होगी।     11 जनवरी 2026 को मंडल में रसायनज्ञ के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।     फरवरी माह में टीईटी के अलावा 08 फरवरी को एनआरडीए में उप अभियंता (सिविल) के पदों पर भर्ती परीक्षा होगी।     मार्च का महीना मुद्रण और जल संसाधन विभाग के नाम रहेगा। एक मार्च 2026 को मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग में डीटीपी आपरेटर और अन्य (समूह तीन) पदों के लिए परीक्षा होगी।     इसके ठीक बाद 08 मार्च को इसी विभाग में मेकेनिक कम इलेक्ट्रिशियन और अन्य तकनीकी पदों (समूह 2) के लिए अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।     जल संसाधन विभाग में सहायक मानचित्रकार (सिविल) के लिए 15 मार्च 2026 की तारीख तय की गई है, जबकि 22 मार्च 2026 को पर्यावरण संरक्षण मंडल में प्रयोगशाला सहायक ग्रेड-2 की परीक्षा होगी। अप्रैल से जून: पुलिस और न्यायालय में अवसर     साल की दूसरी तिमाही में भर्तियों की रफ्तार और तेज होगी। 12 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य संचालनालय के अंतर्गत फार्मासिस्ट ग्रेड-2 की परीक्षा होगी।     परिवहन विभाग में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए 19 अप्रैल 2026 का दिन अहम है, जब परिवहन आरक्षक के पदों पर परीक्षा होगी।     कृषि उपज मंडियों को सुदृढ़ करने के लिए 26 अप्रैल 2026 को मंडी बोर्ड में उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती की जाएगी।     मई और जून का महीना मुख्य रूप से प्रवेश परीक्षाओं और कुछ अहम भर्तियों के नाम रहेगा।     28 जून 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में डाटा एंट्री आपरेटर की महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित होगी, जिसका इंतजार बहुत से अभ्यर्थी कर रहे हैं। जुलाई से दिसंबर: गृह विभाग और संयुक्त भर्तियां     साल का उत्तरार्द्ध पुलिस और मंत्रालय में लिपिकीय पदों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास रहेगा।     पांच जुलाई 2026 को सहकारिता विभाग में उप अंकेक्षक की परीक्षा होगी।     गृह (पुलिस) विभाग में सहायक उप निरीक्षक (एम) के लिए 12 जुलाई 2026 को परीक्षा ली जाएगी।     नगर सेना में फायरमैन के पदों पर 19 जुलाई 2026 को भर्ती परीक्षा प्रस्तावित है।     उच्च शिक्षा में करियर बनाने वालों के लिए चार अक्टूबर 2026 को राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) का आयोजन किया जाएगा।     वर्ष का समापन बंपर लिपिकीय भर्तियों के साथ होगा। दिसंबर में संयुक्त भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।     13 दिसंबर 2026 को विभिन्न विभागों के लिए स्टेनोग्राफर की परीक्षा होगी।     साल की आखिरी परीक्षा 30 दिसंबर 2026 को सहायक ग्रेड-3 के पदों के लिए होगी, जिसमें बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना है।  

कवर्धा में 146 करोड़ की लागत से बनेगा भोरमदेव कॉरिडोर, काशी और उज्जैन की तर्ज पर होगा निर्माण

कबीरधाम  केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के नए पर्यटन का केन्द्र बनेगा। प्रदेश में लगातार विकास हो रहा है। डबल इंजन की सरकार में ये सब काम हो रहें है। वे भोरमदेव कॉरीडोर के भूमिपूजन के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय ने 146 करोड़ के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए भूमिपूजन किया।नए वर्ष के पहले दिन कबीरधाम जिले को बड़ी सौगात मिली है। करीब 146 करोड़ रुपए के भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया गया। भोरमदेव में आयोजित इस कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित थे। इस मौके पर सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कबीरधाम जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर परिसर से मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ एवं सरोदा जलाशय तक एक सुव्यवस्थित एवं समग्र पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर के निर्माण होने से जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पुरातात्विक स्थलों को एक सशक्त पर्यटन श्रृंखला में जोड़ते हुए भोरमदेव को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने की बोड़ला–भोरमदेव सड़क उन्नयन की घोषणा इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के आग्रह पर बोड़ला से भोरमदेव तक सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक हजार वर्ष पुराने बाबा भोरमदेव मंदिर का विकास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। सावन माह में यहां हजारों श्रद्धालु अमरकंटक से नर्मदा जल लाकर जलाभिषेक करते हैं, ऐसे में बेहतर सड़क और सुविधाएं श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बैगा समुदाय के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से पक्की सड़कें, आवास और बुनियादी सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्स और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। भोरमदेव कॉरिडोर से जुड़ेगा विकास, रोजगार और संस्कृति भोरमदेव कॉरिडोर (Bhoramdev Tourism Corridor) के निर्माण से क्षेत्र में होटल, गाइड, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। परियोजना से धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल कबीरधाम जिला बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपए की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होगा। यह कॉरिडोर उज्जैन व बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन हुआ है। यह जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कबीरधाम को धार्मिक व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। सीएम विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना व आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक भावना बोहरा उपस्थित थे।

03 जनवरी राशिफल: जानें नए साल में आपकी राशि के लिए क्या है सितारों का संदेश

मेष राशि- आज का दिन आपको थोड़ा दौड़ाएगा। काम भी रहेंगे, लोग भी अपनी-अपनी बात कहेंगे और मन भी जल्दी रिएक्ट करेगा। ध्यान यही रखना है कि हर बात पर तुरंत जवाब न दें। गुस्से में निकला एक वाक्य पूरे दिन का माहौल बिगाड़ सकता है। कामकाज में पहल करने का मन होगा, और यह सही भी है, लेकिन पहले पूरी बात समझ लेना जरूरी है। शाम के समय मन थोड़ा हल्का होगा, किसी दोस्त या अपने से बात करके अच्छा लगेगा। वृषभ राशि- आज आप अंदर से काफी संतुलित रहेंगे, भले बाहर हालात थोड़े उलझे हों। आपकी सबसे बड़ी ताकत आज धैर्य है। जो लोग जल्दबाजी कर रहे हैं, वे गलती करेंगे, और आप उन्हें देखकर सीख लेंगे। पैसों को लेकर सोच-विचार ज्यादा रहेगा। कोई पुराना खर्च या जिम्मेदारी याद आ सकती है। परिवार या किसी करीबी का साथ मन को सुकून देगा। आज कुछ भी जबरदस्ती न करें, चीजें अपने समय पर अपने आप सही होंगी। मिथुन राशि- आज दिमाग बहुत एक्टिव रहेगा। एक साथ कई बातें सोचोगे, कई काम करने का मन करेगा। बस ध्यान रहे कि अधूरा छोड़ने की आदत आज नुकसान न करा दे। बातचीत में आप प्रभावशाली रहेंगे, लेकिन शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। किसी से हल्की-सी गलतफहमी हो सकती है, जिसे समय रहते साफ करना बेहतर रहेगा। कर्क राशि- आज दिल थोड़ा भारी रह सकता है। कोई पुरानी बात, कोई पुराना रिश्ता या कोई अधूरी भावना सामने आ सकती है। इसका मतलब ये नहीं कि आप कमज़ोर हैं, बल्कि ये दिखाता है कि आप गहराई से महसूस करते हैं। घर-परिवार या किसी अपने का साथ आज बहुत राहत देगा। अपने मन की बात दबाने से बेहतर है किसी भरोसेमंद इंसान से शेयर करना। सिंह राशि- आज आपका आत्मविश्वास साफ झलकेगा। लोग आपकी ओर देखेंगे, आपकी बात सुनेंगे। बस ध्यान रखें कि यह आत्मविश्वास अहंकार में न बदले। काम में तारीफ या मान-सम्मान मिल सकता है। कोई जिम्मेदारी आपके कंधों पर आ सकती है, जिसे आप अच्छे से निभा भी लेंगे। रिश्तों में खुलकर बात करने से दूरी कम होगी। दिल से बोले, लेकिन सामने वाले की सुनना भी न भूलें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियां आपको भारी लग सकती हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि आप इन्हें निभाने में पूरी तरह सक्षम हो। काम में धैर्य रखें। मेहनत का फल तुरंत न दिखे, फिर भी रास्ता सही है। परिवार या वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। खुद को कम मत समझें। तुला राशि- आज आप हर चीज को ठीक-ठीक करना चाहेंगे, लेकिन परफेक्शन की चाह आपको थका सकती है। हर बात को सुधारने की ज़रूरत नहीं होती। कामकाज में बारीकियों पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा, लेकिन लोगों की छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना सीखें। सेहत और रूटीन पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है- देर रात और अनियमित खानपान से बचें। वृश्चिक राशि- आज सोच थोड़ी अलग चलेगी। आप वही बातें देख पाएंगे जो दूसरों को अभी नहीं दिख रहीं। दोस्त या टीम से सहयोग मिलेगा। बस जिद पर अड़े रहने से बचें। अपनी बात रखें, लेकिन दूसरों की बात भी सुनें। आज नए विचार भविष्य में बड़ा रूप ले सकते हैं। धनु राशि- आज मन संतुलन ढूंढेगा। किसी एक पक्ष को चुनना मुश्किल लग सकता है, लेकिन फैसला टालना भी सही नहीं। रिश्तों में आज नरमी और समझदारी बहुत काम आएगी। कोई आपकी राय चाहेगा, इसलिए बोलने से पहले सोचें। कला, संगीत या अपनी पसंद की किसी चीज में समय बिताने से मन हल्का और खुश रहेगा। मकर राशि- आज भीतर बहुत कुछ चल रहा होगा, लेकिन आप सब कुछ दिखाना नहीं चाहेंगे। यह ठीक भी है। काम में गहराई से ध्यान देंगे तो अच्छे नतीजे मिलेंगे। किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। शाम के समय थोड़ा अकेला समय या आत्मचिंतन आपको बेहतर महसूस कराएगा। कुंभ राशि- आज मन खुला-खुला रहेगा। कुछ नया सीखने, जानने या कहीं निकलने की इच्छा होगी। अगर अभी संभव न हो, तो कम से कम प्लान जरूर बनाएं। उम्मीद और पॉजिटिव सोच आपका साथ देगी, लेकिन जरूरत से ज्यादा वादे करने से बचें। जो कर सकें, वही कहें। किसी पुराने दोस्त से बातचीत मन खुश कर सकती है। मीन राशि- आज भावनाएं गहरी रहेंगी। किसी की बात जल्दी दिल को छू सकती है। मदद करने का मन करेगा, लेकिन याद रखें- हर किसी का बोझ आपको उठाने की जरूरत नहीं है। आज खुद के लिए भी समय निकालना जरूरी है। संगीत, ध्यान या शांति में बैठना आपको मानसिक रूप से मजबूत करेगा। अपने दिल की सुनें, लेकिन खुद को भूल न जाएं।