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RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले: संघ और भाजपा को जोड़कर देखना गलत, हिंदुत्व को मनोवृत्ति बताया

भोपाल  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने  भोपाल में आयोजित संघ के शताब्दी वर्ष के तहत ‘प्रबुद्ध जन सम्मेलन’ को संबोधित किया. इस दौरान भागवत ने संघ की विचारधारा,और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से सामने रखा. रवींद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने हिंदुत्व, भाषा, संगठन विस्तार और संघ-भाजपा संबंधों को लेकर कई बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि संघ को केवल भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के  नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए भागवत ने कहा कि संघ किसी राजनीतिक दल का रिमोट कंट्रोल नहीं है, बल्कि समाज निर्माण का संगठन है. संघ की स्थापना हिंदुओं को शांतिपूर्ण तरीके से संगठित करने के लिए हुई थी. उन्होंने कहा कि हिंदू कोई जाति नहीं, बल्कि एक मनोवृत्ति है, जो सभी पंथों और संप्रदायों का सम्मान करती है. अभी भी कई इलाकों तक नहीं पहुंच पाया संघ- भागवत संघ के संगठनात्मक विस्तार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में संघ से करीब 60 लाख स्वयंसेवक जुड़े हैं, जबकि देश में अपने आप को हिंदू मानने वालों की संख्या लगभग 100 करोड़ है. उन्होंने चिंता जताई कि शहरी क्षेत्रों की करीब 10 हजार बस्तियों और कई अन्य इलाकों तक संघ अभी पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है. भागवत ने कहा, 'ऐसी बस्तियों तक पहुंचना बहुत जरूरी हैं. संघ की शाखाओं में जो संस्कार मिलते हैं, वही समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। पहले यह व्यवस्था मजबूत थी, अब उसे फिर से सशक्त करने की जरूरी है.' उन्होंने कहा कि साधु-संतों से लेकर देश-विदेश के कई संगठन संघ के साथ जुड़े हुए हैं. अमेरिका और अफ्रीका जैसे देशों से लोग संघ की कार्यपद्धति को समझने आते हैं और पूछते हैं कि संघ अपने युवाओं को इस तरह कैसे तैयार करता है. और उन्हे भी इसकी ट्रेनिंग देने के लिए कहते है. भाषा के मुद्दे पर मोहन भागवत ने तीन भाषाएं सीखने पर जोर दिया- राज्य की भाषा, देश की भाषा और दुनिया की भाषा. उन्होंने कहा कि चीन से यह सीखना चाहिए कि एक बड़ा राष्ट्र कैसे संगठित किया जाता है. समाज को जोड़ना है संघ का काम मोहन भागवत ने हिंदुत्व को 'जाति' नहीं बल्कि एक 'मनोवृत्ति' बताया. उन्होंने कहा कि हिंदू, हिंदवी और भारत, तीनों एक ही हैं और  जो सनातन काल से चला आ रहा है और आज भी उतना ही प्रासंगिक है. संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने कहा, 'अगर कोई भाजपा, विहिप या विद्या भारती को देखकर संघ को समझने की कोशिश करेगा, तो वह संघ के मूल विचार को कभी नहीं समझ पाएगा.' उन्होंने साफ कहा कि संघ का काम समाज को जोड़ना, संस्कार देना और उत्तम जीवन मूल्यों का निर्माण करना है, न कि किसी एक संगठन या दल तक सीमित रहना.

योगी आदित्यनाथ की अपील: अधिकारी फील्ड पर उतरें, श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो

लखनऊ  मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने  आगामी पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला के दृष्टिगत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा एवं व्यवस्थागत समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुचारू आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। * मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर), मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन, घाटों व मंदिर परिसरों की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन एवं मेला क्षेत्र में प्रवेश-निकास की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले और सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान एवं पूजा कर सकें। * मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल एवं महिला सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। * महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी महिला श्रद्धालु को असुविधा या भय का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन सुनिश्चित करे। * नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में स्वच्छता अभियान को तीव्र किया जाए, विशेष रूप से मलिन बस्तियों में व्यापक साफ-सफाई एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संक्रामक रोगों की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। * भीषण शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने के लिए विवश न हो। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुँचाया जाए। * मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी आज रात्रि में ही मेला स्थल का निरीक्षण कर लें तथा अधीनस्थ अधिकारियो और कर्मचरियों को समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देश दे दें। नदी में तेज बहाव तथा गहराई की दशा में बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित कर ली जाए। कोई भी नाविक श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क न लें। * इस कड़ी में उन्होंने तीर्थ स्थानों व अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर नाव परिचालन को लेकर मनमर्जी किराया वसूलने तथा होटलों द्वारा मनमानी किए जाने को लेकर सख्त निर्देश जारी किया कि ऐसा कोई भी कार्य नहीं होनी चाहिए इस बात को वरिष्ठ अधिकारी फील्ड पर उतर कर सुनिश्चित करें। * मुख्यमंत्री ने संगठनों के नाम पर अराजकता फैलाने, गुंडागर्दी करने अथवा प्रशासन पर दबाव बनाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आम नागरिक को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। * मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के सभी जनपदों को बाढ़ बचाव की योजना के विषय में कार्य करने का निर्देश देते हुए अगले 10 दिनों में इसको लेकर विस्तृत कार्ययोजना के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव के माध्यम से सूचित करने का निर्देश भी दिया। * भूमि कब्जा करने वाले माफिया एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की भूमि एवं संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। * मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। * बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों के समीप स्थायी हेलीपैड के लिए भूमि चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भरता न रहे। * साथ ही, सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड एवं वेंडरों को हटाकर निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए, जिससे यातायात सुचारू हो और आमजन को जाम से राहत मिले। * मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि पर्व-त्योहारों एवं माघ मेला के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था का वातावरण बना रहे।

टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के स्क्वॉड में बदलाव, ट्रिस्टन स्टब्स की छुट्टी, कगिसो रबाडा की टीम में वापसी

 जोहानिसबर्ग भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में होने वाले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए साउथ अफ्रीकी टीम का ऐलान 2 जनवरी (शुक्रवार) को कर दिया गया. क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) की पुरुष चयन समिति ने 15 खिलाड़ियों की टीम घोषित की, जिसकी अगुवाई एडेन मार्करम करेंगे. यह टूर्नामेंट 07 फरवरी से 08 मार्च तक खेला जाना है. साउथ अफ्रीका की ओर से कई नए चेहरों को पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिलने जा रहा है. इनमें कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, टोनी डी जोरजी, डोनोवन फरेरा, जॉर्ज लिंडे, क्वेना मफाका और जेसन स्मिथ के नाम शामिल हैं. स्टार तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की भी टीम में वापसी हुई है. रबाडा पसली में चोट के कारण भारत के खिलाफ हालिया व्हाइट बॉल सीरीज में भाग नहीं ले पाए थे. हालांकि स्टार बल्लेबाज ट्रिस्टन स्टब्स को टीम में शामिल नहीं किया है. स्टब्स का प्रदर्शन भारत दौरे पर उतना अच्छा नहीं रहा था. केशव महाराज साउथ अफ्रीकी टीम में शामिल मुख्य स्पिनर हैं, जिनका साथ जॉर्ज लिंडे देंगे. कप्तान एडेन मार्करम और डोनोवन फेरेरा भी अच्छी खासी स्पिन गेंदबाजी कर लेते हैं. साउथ अफ्रीका ने अब तक मेन्स टी20 विश्व कप नहीं जीता है. पिछली बार जब साउथ अफ्रीकी टीम फाइनल में पहुंची थी, तो उसे भारत के हाथों करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साउथ अफ्रीका को ग्रुप-डी में रखा गया है, जहां उसका सामना अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होगा. साउथ अफ्रीका अपना पहला मुकाबला 09 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कनाडा के खिलाफ खेलेगा. टी20 वर्ल्ड कप के लिए साउथ अफ्रीका का स्क्वॉड: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश और एनरिक नॉर्किया. साउथ अफ्रीका के ग्रुप मैचों का शेड्यूल 09 फरवरी. बनाम कनाडा. अहमदाबाद 11 फरवरी, बनाम अफगानिस्तान. अहमदाबाद 14 फरवरी, बनाम न्यूजीलैंड, अहमदाबाद 18 फरवरी, बनाम यूएई, दिल्ली        

इंदौर में गंदा पानी पीने से कई मौते

इंदौर में गंदा पानी पीने से कई मौते  इंदौर  मौतो के जिम्मेदारो, शर्म करो डूब मरो कितने नालायक हो किसे दोष दे कर्मचारी अधिकारी नेता पार्षद मेयर विधायक मंत्री सरकार या अपने भाग्य को ….  7 साल से स्वच्छ इंदौर रहने वाले इंदौर की जनता वाकय में बहुत महान है बहुत सहनशील है और सत्ता पार्टी पर लगातार लंबे समय से अति विश्वास रखा।  अनेक बार चिल्लाते आए इंदौर नगर निगम सैकड़ो हजारों की भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया लापरवाही का अड्डा बन गया पर जनता ने एक बार भी विरोध नहीं किया, क्या मिला मौत भी ढंग से नसीब नहीं हुई गंदा पानी पी के मौत मिली।  इंदौर के नागरिक होने के नाते मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि आप इन सब लोगों को जगाए इनका विरोध करें इनकी ड्यूटी याद दिलाए इनके नागरिक कर्तव्य याद दिलाए और जो इन्हे नशा चढ़ा है उसे उतारे। बोलकर लिखकर आपस में चर्चा में हर जगह इन लोगों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की बातें करें और विरोध प्रकट करें जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में घटना फिर ना हो। अशोक मेहता, इंदौर (लेखक पत्रकार पर्यावरणविद्)  अपील – मृत आत्माओं के लिए कृपया अपने मत अनुसार शांति पाठ करें।

MP में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, ट्रेनें 7 घंटे लेट; शीतलहर के चलते इंदौर, भोपाल-ग्वालियर में बारिश का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा प्रदेश के कई जिलों में प्रभावित है। भोपाल, सीहोर, रायसेन, शाजापुर और धार में सुबह 9 बजे तक भी घना कोहरा छाया रहा। सीहोर में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रह गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिन तक कोहरा जारी रहेगा और इसके बाद तेज सर्दी का दौर शुरू होगा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई और मौसम साफ रहा। जनवरी में भी शीतलहर और कोल्ड डे जैसी परिस्थितियाँ बनी रहेंगी। आज सुबह से भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सीधी, धार, गुना, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, दमोह, मंडला, सागर, सतना, श्योपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, खजुराहो समेत कई जिलों में कोहरा छाया रहा। शीतलहर भी चल रही है। कई शहरों में रात का पारा गिरा मध्य प्रदेश में कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट तो अधिकांश में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। ग्वालियर में पारा 7.7 डिग्री पर आ गया। भोपाल में यह 11 डिग्री रहा। इंदौर में 12.6 डिग्री, उज्जैन में 13.3 डिग्री और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे ठंडा पचमढ़ी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। शिवपुरी में 6 डिग्री, दतिया में 6.6 डिग्री, राजगढ़ में 8.2 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री और रतलाम में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक पहुंच गया। दिन में भी रात जैसी ठंड, कोल्ड डे की स्थिति इस सर्दी के सीजन में पहली बार प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान रात जैसा महसूस हुआ। शुक्रवार को दतिया में अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर, गुना और नौगांव में यह 17 डिग्री के आसपास रहा। टीकमगढ़, खजुराहो, श्योपुर, पचमढ़ी, रतलाम, रीवा, सतना, उज्जैन, दमोह और भोपाल समेत कई जिलों में दिनभर सर्द हवाओं के कारण कोल्ड डे जैसे हालात बने रहे। अगले दो दिन का अलर्ट 4 जनवरी को ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।5 जनवरी को भी ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में कोहरे का असर ज्यादा रहने की संभावना है। कोहरे की मार, ट्रेनों की रफ्तार थमी गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, घने कोहरे की वजह से भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर रूट की कई ट्रेनें 1 से 2 घंटे तक देरी से चलीं। दिल्ली से आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर कोहरे का सीधा असर पड़ा। खजुराहो में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। भोपाल, ग्वालियर, दतिया, उज्जैन, इंदौर, रीवा, सागर, सतना, दमोह, रायसेन, राजगढ़, गुना, नर्मदापुरम, मंडला और सिवनी सहित कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम रही। रात के तापमान में बढ़ोतरी, फिर भी ठंड कायम प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में रातें अपेक्षाकृत कम सर्द रहीं। हालांकि पचमढ़ी, शिवपुरी, टीकमगढ़, राजगढ़, रीवा और नौगांव ऐसे इलाके रहे, जहां पारा 10 डिग्री से नीचे बना रहा। जनवरी में भी शीतलहर के लंबे दौर के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई, जिससे मौसम लगातार शुष्क बना रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव चली। यही स्थिति जनवरी में भी बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है और कड़ाके की ठंड का असली असर महीने के दूसरे सप्ताह से दिखाई देगा, जो अंत तक जारी रह सकता है। क्यों बढ़ेगी ठंड? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता का असर मध्यप्रदेश तक पहुंचेगा। इसके चलते सुबह घना कोहरा, दिन में सर्द हवाएं और आगे चलकर शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। शुक्रवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 213 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे दिन में भी ठंड का असर महसूस हुआ।  मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 दिन तक घना कोहरा छाया रहेगा। फिर तेज सर्दी का दौर आएगा। इससे पहले शुक्रवार को आधे प्रदेश में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं, 15 शहरों में दिन का तापमान 24 डिग्री से नीचे रहा। जनवरी में कोल्ड वेव, बारिश के आसार सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, इस बार दिसंबर में प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। मौसम साफ रहा। भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में 15 से 16 दिन तक कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चली। ऐसा ही मौसम जनवरी में भी बना रहेगा। साल के पहले ही दिन ग्वालियर में हल्की बारिश हुई। भोपाल और इंदौर में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो जनवरी में 15 से 20 दिन तक शीतलहर चल सकती है। कड़ाके की ठंड का दौर दूसरे सप्ताह में शुरू होगा, जो आखिरी तक बना रहेगा। प्रमुख जिलों का तापमान विवरण शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) बेतूल 26.2 12.5 भोपाल 23.8 11.0 दतिया 16.8 6.6 धार 24.0 11.4 गुना 17.0 10.2 ग्वालियर 17.4 7.7 इंदौर 24.2 12.6 पचमढ़ी 20.2 5.6 रायसेन 26.6 12.2 मंदला 27.0 8.9 छिंदवाड़ा 26.6 12.0 सागर 24.5 10.9 रीवा 21.8 10.0 श्योपुर 19.4 11.0 टीकमगढ़ 18.0 10.8 नोट: तापमान डेटा मौसम विभाग के अवलोकन पर आधारित है। मुख्य शहरों का मौसम और विजिबिलिटी सीहोर: सीजन का सबसे घना कोहरा, विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर। भोपाल और इंदौर: कोहरे के कारण ट्रेनें लेट, सुबह तक शीतलहर जारी। पचमढ़ी: न्यूनतम तापमान 5.6°C, मौसम साफ लेकिन ठंड कड़ी। धार और मांडू: न्यूनतम 8-11°C, घना कोहरा और ओस के कारण रोड फिसलन। सड़कों और नेशनल हाईवे पर कोहरे के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। उमरिया, बड़वानी, रायसेन और छतरपुर सहित कई जिलों में सुबह कोहरे का प्रभाव देखा गया। रेल और सड़क यातायात प्रभावित भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, दतिया और अन्य जिलों में ट्रेनें लेट रही। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और अन्य इंटरसिटी ट्रेनें कोहरे के कारण 1-2 घंटे तक देरी से चलीं। … Read more

बांग्लादेश दौरे पर टीम इंडिया का शेड्यूल जारी, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बढ़े रिश्तों में तनाव

 ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने शुक्रवार (2 जनवरी) को ऐलान किया कि वो सितंबर में भारतीय टीम की मेज़बानी करेगा. भारत और बांग्लादेश के बीच 3 वनडे और 3 टी20 इंटरनेशनल मैचों की व्हाइट बॉल सीरीज होनी है., हालांकि, इस दौरे को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है. इसकी वजह बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) इस दौरे पर सहमति जताता है या नहीं. बीसीसीआई भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही अपनी टीम को बांग्लादेश भेजेगा.बीसीबी की ओर से जारी बयान के मुताबिक वनडे सीरीज के मुकाबले 1, 3 और 6 सितंबर को होंगे. जबकि टी20I सीरीज के 9, 12 और 13 सितंबर को आयोजित होंगे. पिछले ही साल होनी थी सीरीज मैचों के वेन्यूज की जानकारी बाद में घोषित की जाएगी. अगर भारत सरकार ने इस दौरे को मंजूरी दी, तो ही टीम इंडिया 28 अगस्त को बांग्लादेश पहुंचेगी. भारतीय टीम को पिछले ही साल जुलाई में बांग्लादेश का दौरा करना था, लेकिन यह छह मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी. तब इसकी वजह शेड्यूलिंग से जुड़ी दिक्कतें बताई गई थीं. उस समय बीसीसीआई ने कहा था कि दोनों बोर्डों ने आपसी सहमति से अगस्त 2025 में होने वाली 3 वनडे और 3 टी20 मैचों की सीरीज को सितंबर 2026 तक टालने का फैसला किया, ताकि दोनों टीमों के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में संतुलन बना रहे. बीसीबी ने यह भी कहा था कि वो सितंबर 2026 में भारत की मेजबानी के लिए उत्सुक है और इस सीरीज़ की संशोधित तारीखें और कार्यक्रम सही समय पर घोषित किए जाएंगे. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बयान के अनुसार वो आगामी सीजन में पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, भारत, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज की द्विपक्षीय सीरीज के लिए मेजबानी करेगा. बीसीबी ने कहा कि यह तय कार्यक्रम बांग्लादेश में पूरे सीजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सुनिश्चित करता है, साथ ही फैन्स को अपने घर पर उच्च स्तरीय क्रिकेट देखने का मौका देगा. मुस्ताफिजुर रहमान भी सुर्खियों में इसी बीच बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान भी काफी सुर्खियों में आ चुके हैं. मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए हुई मिनी नीलामी के दौरान 9.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम से जोड़ा था. नीलामी के बाद केकेआर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. कुछ नेताओं और साधु-संतों ने मांग की है कि बांग्लादेशी खिलाड़ी के आईपीएल में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया जाए.

मुख्यमंत्री की अपील: आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों से यूपी का विकास, उत्सव भवन का इस्तेमाल हो केवल मांगलिक कार्यों के लिए

आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत से ही यूपी बनेगा आत्मनिर्भर, उत्सव भवन का उपयोग बिना भेदभाव के प्राथमिकता पर मांगलिक कार्यक्रमों के लिए हो: मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की पंचायती राज विभाग की समीक्षा उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर, वर्तमान वित्तीय वर्ष में 4.79 लाख शौचालय का हुआ निर्माण वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में हुए हैं निर्मित  मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश: उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में सीएसआर, विधायक निधि, मातृ भूमि के अंतर्गत भी लें सहयोग ग्रामीण क्षेत्र में सीवर व ग्रे वाटर का किया जाए वैज्ञानिक विधि से निस्तारण ग्राम पंचायतों में आय के स्त्रोत बढ़ाकर बनाया जाए आत्मनिर्भर, ग्राम पंचायतों की भूमि से हटाए जाएं अतिक्रमण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शुक्रवार शाम को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर  तभी बन सकता है जब हमारी ग्राम पंचायतें भी आत्मनिर्भर बनें। अतः ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले पायदान पर उत्तर प्रदेश बैठक में मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का 9.67 लाख निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, इसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 103 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों से 304 विकास खंड और नगरीय एमआरएफ से 515 विकास खंड आच्छादित हैं। वहीं, 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों के कार्य को सराहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष जिला पंचायतों द्वारा राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायतों द्वारा 334.10 करोड़ की राजस्व वसूली प्राप्त हुई थी जो लक्ष्य के सापेक्ष 81.23 प्रतिशत थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक 271.48 करोड़ के राजस्व की वसूली हुई है जो लक्ष्य के सापेक्ष 140.89 प्रतिशत है।  मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों की इस उपलब्धि के लिये सराहना की। साथ ही राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उत्सव स्थलों के हो जनसमुदाय के लिए उपयोग  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि उत्सव भवन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रम के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में उत्सव भवन का उपयोग योग/वेलनेस के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि सहालग के दौरान कई मांगलिक कार्यक्रम होने पर समय तय कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को उत्सव भवन का लाभ दें। ब्लॉक स्तर पर भी योजना का विस्तार किया जाए।  मातृभूमि योजना से ज्यादा से ज्यादा उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ें  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मातृभूमि योजना से उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिये। उन्हाेंने कहा कि योजना के तहत अपना सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजना का नाम रखा जाए। साथ ही उन्हे प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किए जाए ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लें।  सीवर एवं ग्रे वाटर के ट्रीटमेंट के निस्तारण की समुचित व्यवस्था हो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में देश में विकसित व सफल पद्धति के माध्यम से सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध किया जा सकता है और इसका इस्तेमाल खेती के साथ बागवानी के लिए किया जाए। प्रदेश में 160 एफएसटीपी के निर्माण का कार्य अति शीघ्र प्रारंभ किए जाए।उन्हाेंने अधिकारियों से इस ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूर्ण किए जाए मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूरे किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कंप्यूटर, फर्नीचर की क्वालिटी उत्कृष्ट हो तथा पुस्तकें स्थानीय छात्र छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप हों, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। हर ग्राम पंचायत में बनाया जाए एक इंटीग्रेटेड कैंपस, जहां मिले मूलभूत सुविधाएं  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि हर ग्राम पंचायत में यथासंभव इंटीग्रेटेड कैंपस बनाया जाए, जहां विद्यालय, उत्सव भवन, खेल के मैदान, ओपन जिम, पार्क, मॉडल शॉप आदि की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कैंपस के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। इनका निर्माण ऐसे स्थान पर हो, जहां पर हर किसी की पहुंच आसान हो।  पंचायती राज एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए तैयार करें मजबूत सिस्टम मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल व्यवस्था की जाए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए। साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन व नए लाभार्थियों का चयन किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और अन्य स्थानों पर 15 से 16 लोगों को सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को माध्यम बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि पंचायती राज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक रूप से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। इसके अलावा हर माह वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा कि जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंचायती राज विभाग एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग का एक मजबूत सिस्टम बनाएं ताकि समय से योजनाएं पूरी हो सकें।

दो चरणों में योजनाओं की पड़ताल से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की रणनीति

जीरो पावर्टी की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार का मॉडल ले रहा आकार दो चरणों में योजनाओं की पड़ताल से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की रणनीति हर पात्र परिवार को योजनाओं से जोड़कर गरीबी के दुष्चक्र को स्थायी रूप से तोड़ने की तैयारी संख्या से अधिक पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम पर ध्यान केंद्रित कर रही योगी सरकार लखनऊ के रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू को मिल रही है मूलभूत सुविधाएं लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन अब महज नीतिगत घोषणा नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘जीरो पावर्टी' मिशन ने प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीक और जमीनी सत्यापन को जोड़ते हुए एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है। इस अभियान का उद्देश्य स्पष्ट है, हर पात्र परिवार को योजनाओं से जोड़ा जाए। दो चरणों में किए गए इस व्यापक अभ्यास से यह साफ हो गया है कि योगी सरकार संख्या से अधिक पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू इसी का जीता जगता उदाहरण हैं, जिन्हें योजना के तहत मकान, पानी, सड़क, बिजली, राशन समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से लैस किया गया है।   समावेशी विकास की ओर निर्णायक कदम प्रदेश सरकार द्वारा जीरो पावर्टी अभियान के तहत लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू को मकान, पानी, सड़क, बिजली, राशन समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इनकी तरह, प्रदेश भर में वंचितों को चिन्हित कर सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ये सभी लाभार्थी योगी सरकार की तारीफ करते नहीं थक रहे। इनका कहना है कि योगी सरकार का जीरो पावर्टी मिशन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि भोजन, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, जल, ऊर्जा और आजीविका से जुड़े समग्र समाधान का नाम है। यह अभियान उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। पहला चरण: 8 मूलभूत योजनाओं में डीबीटी पर फोकस जीरो पावर्टी अभियान के प्रथम चरण में 8 प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राशन योजना में 97 प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंच चुका है, जो खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। निराश्रित महिला पेंशन योजना में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। वहीं पीएम/सीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 63 प्रतिशत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है।वृद्धावस्था पेंशन, बीओसीडब्ल्यू श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि और पीएम/सीएम आवास योजना में पात्रता मानकों की जांच, डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान और डेटा शुद्धिकरण का काम तेजी से जारी है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि सभी वास्तविक जरूरतमंद हर हाल में योजनाओं से जुड़ें। दूसरा चरण: वंचित परिवारों का घर-घर सत्यापन 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में 16 योजनाओं के अंतर्गत वंचित परिवारों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है, जिसे 15 जनवरी तक पूरा किया जाना है। इस दौरान  पीएम उज्ज्वला योजना, शौचालय सहायता योजना, जल जीवन मिशन के अलावा विद्युत कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पात्र लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।  महिला और शिक्षा सशक्तिकरण पर विशेष जोर सर्वे में सामने आए तथ्यों के आधार पर महिलाओं को बड़े पैमाने पर आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की तैयारी है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में करीब 11 हजार बच्चों को पुनः नामांकन के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: फीडबैक से नीति निर्माण योगी सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को योजनाओं की समीक्षा का मजबूत आधार बनाया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों के विश्लेषण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों और किसी भी पात्र परिवार को वंचित न रहना पड़े।

नक्सली बारसे देवा का तेलंगाना पुलिस के सामने सरेंडर

सुकमा. नए साल की शुरुआत होते ही लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने आज शनिवार, 3 दिसंबर 2026 को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सली कमांडर बारसे देवा के सरेंडर के बाद की सबसे पहली तस्वीर सामने आई है। तेलंगाना पुलिस जल्द ही देवा के सरेंडर की आधिकारिक घोषणा करने वाली है। आपको बता दें कि कल पीएलजीए कमांडर बारसे देवा के सरेंडर करने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि आज वह तेलंगाना के डीजीपी के सामने हैदराबाद में आत्मसमर्पण करेंगे। बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बारसे देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे थे। 2025 में तेलंगाना में घुसा देवा सूत्रों के अनुसार, यह समूह अक्टूबर 2025 में तेलंगाना के जंगलों में घुसा था और वरिष्ठ माओवादी बारे चोक्का राव उर्फ दामोदर के नेतृत्व वाली राज्य समिति के साथ मिलकर काम कर रहा था। तेलंगाना की खास ग्रेहाउंड्स फोर्स और खुफिया अधिकारियों द्वारा लगातार की गई घेराबंदी और तलाशी अभियानों ने उनकी गतिविधियों को सीमित कर दिया था। साथ ही, पुलिस के शीर्ष अधिकारियों द्वारा लगातार की गई अपीलें भी देवा के आत्मसमर्पण का कारण बनीं। बारसे देवा ने 2000 में माओवादी आंदोलन में कदम रखा था। 2003 तक, उसने छत्तीसगढ़ के पुव्वारथी में दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ के लिए काम किया। दिसंबर 2022 में, वह दंडकारण्य विशेष ज़ोनल समिति के सदस्य बने और जून 2023 में उन्हें PLGA का बटालियन कमांडर नियुक्त किया गया। सबसे खूंखार हमलों से जुड़ा था देवा देवा का सीपीआई (Maoists) के साथ 25 साल का जुड़ाव मध्य भारत के कुछ सबसे खूंखार हमलों से जुड़ा था। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर 2013 में झीरम घाटी नरसंहार का आरोप है, जिसमें बस्तर में 27 कांग्रेस नेताओं की जान चली गई थी। इसके अलावा, अप्रैल 2021 में बीजापुर के टेकलगुडेम में हुए हमले में 22 पुलिसकर्मी मारे गए थे। 2006 से 2019 के बीच कम से कम पांच बड़े IED हमलों में भी उनका हाथ माना जाता है, जिसमें बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की मौत वाला धमाका भी शामिल था। जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से 16 जनवरी 2025 को तेलंगाना के कुमारम भीम आसिफाबाद जिले में धर्माराम बेस पर हमला और 30 जनवरी को छत्तीसगढ़ के जीरमगुडा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले का नेतृत्व किया था।   बारसे देवा माओवादी पार्टी की सैन्य टुकड़ियों (सशस्त्र बलों) की गतिविधियों को संभाल रहा था। नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है, और इसका कमांडर बारसे देवा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन तीन जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। माओवादी पार्टी को हथियारों की सप्लाई में बारसे देवा की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है। हिड़मा और बारसे देवा दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे हिड़मा पूवर्ती गांव का रहने वाला था। वहीं बारसे देवा भी सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का रहने वाला है। करीब 2 साल पहले जब हिड़मा को सेंट्रल कमेटी में शामिल किया गया तो उसने ही बारसे देवा को PLGA बटालियन नंबर 1 का कमांडर बनाया था। देवा के साथ बड़ी संख्या में नक्सली थे। लेकिन अब पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार हो रहे एनकाउंटर के बाद से बटालियन भी लगभग टूट गई है। 3 जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को नक्सल संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन 3 जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। हालांकि, अब फोर्स ने इस टीम को काफी बैकफुट कर दिया है। इस टीम में AK-47, इंसास, SLR, स्नाइपर गन जैसे हथियारों से लैस सैकड़ों नक्सली थे। टेकलगुडेम, बुरकापाल, मिनपा, ताड़मेटला, टहकवाड़ा में नक्सलियों की इसी टीम ने बड़े हमले किए थे। जिसमें सैकड़ों जवानों की शहादत हुई है। हालांकि, अब ये टीम भी कमजोर हो गई है। अब देवा सरेंडर करना चाह रहा है। जानकारी ये भी है कि किसी माध्यम से उसने अपना संदेश बाहर भी भिजवाया है। देवा सरेंडर करता है तो उसकी बटालियन टूट जाएगी। इसका नेतृत्व करने वाला कोई नक्सली नहीं रहेगा। गृह मंत्री ने मां से की थी मुलाकात दरअसल, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा कुछ दिन पहले पूवर्ती गांव गए थे। वहां उन्होंने देवा और हिड़मा इन दोनों की मां से मुलाकात की थी। इनके माध्यम से उनसे सरेंडर करने की अपील की थी। वहीं हिड़मा नहीं माना और आंध्र प्रदेश के जंगल में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पत्नी राजे समेत 6 साथियों के साथ मारा गया। जिसके बाद अब देवा बारसे छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने की कोशिश कर रहा है। 15 में से 7 एरिया कमेटी बची, डिवीजन भी खत्म बस्तर IG सुंदरराज पी के मुताबिक बस्तर में नक्सलियों की कुल 7 डिवीजन और 15 एरिया कमेटी सक्रिय थी। माड़ डिवीजन, केशकाल और दरभा डिवीजन में नक्सली लगभग खत्म हो गए हैं। पश्चिम बस्तर डिवीजन में कुछ नक्सली हैं। लेकिन अब 7 एरिया कमेटी में कुछ छिटपुट नक्सली ही बचे हैं। दंडकारण्य इलाके में महज 120 से 150 सशस्त्र नक्सली ही सक्रिय हैं। ये नक्सली खत्म हुए तो नक्सलवाद लगभग खत्म हो जाएगा।

विभागीय जांच में पकड़े गए 4 कथित कर्मचारी

खैरागढ़. राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी आदेशों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है. जांच में दोषी पाए गए टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. विभागीय जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में इन चारों की नियुक्ति सहायक ग्रेड-3 और संबंधित पदों पर जिन आदेशों के आधार पर हुई थी, वे आधिकारिक रूप से जारी ही नहीं किए गए थे. दस्तावेजों की सत्यता परखने पर पत्र क्रमांक और हस्ताक्षर विभागीय अभिलेखों से मेल नहीं खाए. मामले के खुलासे के बाद सभी कर्मचारियों से जवाब-तलब किया गया, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण और दस्तावेज नियुक्ति को वैध सिद्ध नहीं कर सके. इसके बाद शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए चारों को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया. यह मामला सामने आने के बाद विभागीय नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.