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भोपाल में SIR: नो मैपिंग वाले वोटर गैस क्लेम का अंतिम आदेश भी पेश कर सकेंगे

भोपाल. राजधानी भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के तहत नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रोसेज तेज हो गई है। भोपाल के वोटर्स जन्म प्रमाण पत्र के लिए गैस राहत के अंतिम सर्टीफिकेट को पेश कर सकते हैं। यहां बता दें, इस चरण में कुल 1 लाख 16 हजार 925 वोटर्स को नोटिस देने का कार्य किया जा रहा है। अब तक 6 हजार 221 मतदाताओं को नोटिस डिलीवर किए जा चुके हैं, जबकि 2 हजार 830 मतदाताओं के दस्तावेज अपलोड भी कर दिए गए हैं। मांगा जा रहा ये दस्तावेज निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1987 में या उससे पहले जन्मे मतदाताओं से जन्म की पुष्टि से जुड़ा कोई एक दस्तावेज मांगा जा रहा है। वहीं, इसके बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को खुद के साथ-साथ अपने पिता के जन्म का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। ERO बना रहे वीडियो, वोटर्स को दी जा रही राहत नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए विधानसभा स्तर के ईआरओ (एसडीएम) वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। इन वीडियो में बताया जा रहा है कि मतदाता आयोग द्वारा तय दस्तावेजों के अलावा जन्म की पुष्टि करने वाला कोई अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकते हैं। भोपाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के पास गैस क्लेम का अंतिम आदेश उपलब्ध है, जिसे वैध दस्तावेज के रूप में पेश किया जा सकेगा। जिले की सात विधानसभा सीटों में 4 लाख 38 हजार 317 मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद 23 दिसंबर से मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ के पास 17 हजार 152 नए मतदाताओं ने आवेदन जमा किए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि इन आवेदनों में संबंधित मतदाताओं के माता-पिता और दादा-दादी के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में सत्यापित किए जा रहे हैं, ताकि पात्रता सुनिश्चित की जा सके।

भोपाल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मसूरी में मौत

भोपाल.  भोपाल का एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर दोस्तों के साथ नए साल की छुट्टियां मनाने मसूरी गया था, जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव शनिवार, 3 जनवरी सुबह होटल के कमरे में मिला। बताते हैं मौत के एक दिन पहले रात में एक महिला दोस्त का बर्थ मनाया था, सुबह वह बेसुध हालत में मिला। सुबह अचेत अवस्था में मिला जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हर्ष के रूप में हुई है। वह 1 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ मसूरी पहुंचा था। 2 जनवरी की रात दोस्तों ने साथी भावना वर्मा नामक युवती का जन्मदिन होटल में मनाया। पार्टी खत्म होने के बाद रात करीब 11 बजे हर्ष अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो साथियों ने कमरे में जाकर देखा। हर्ष अचेत अवस्था में पड़ा मिला, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार सुबह करीब 11 बजे MDT-112 के माध्यम से पुलिस को मामले की जानकारी मिली। पीएम के बाद होगा मौत की वजह का खुलासा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवा दिया है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मामले की जांच जारी है।

AIIMS Bhopal को मिलेंगी गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी हाईटेक सुविधाएं

भोपाल. नए साल 2026 का आगाज मध्य प्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सौगातें लेकर आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल इस वर्ष अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार करने जा रहा है। संस्थान ने वर्ष 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, उससे गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर और ट्यूमर के इलाज के लिए मरीजों को अब दिल्ली, मुंबई या अन्य महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। एम्स प्रबंधन का पूरा फोकस इस वर्ष डायग्नोस्टिक सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने व क्रिटिकल केयर की क्षमता बढ़ाने पर रहेगा। गामा नाइफ और पेट स्कैन से मिलेगी राहत वर्ष 2026 में एम्स भोपाल में गामा नाइफ और पेट स्कैन जैसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी। ब्रेन ट्यूमर और मस्तिष्क के अन्य जटिल रोगों के इलाज में गामा नाइफ तकनीक वरदान साबित होगी, क्योंकि इससे बिना चीरा लगाए सटीक रेडिएशन के जरिए ट्यूमर का इलाज संभव होगा। मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा वहीं, कैंसर की सटीक स्टेज और शरीर में फैलाव का पता लगाने के लिए पेट स्कैन मशीन की सुविधा शुरू होने से जांच में लगने वाला समय कम होगा और इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए एम्स में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। इस वर्ष संस्थान में 'ट्रांसप्लांट' के लिए समर्पित एक अलग ऑपरेशन थिएटर शुरू करने की योजना है। इस ओटी के शुरू होने से हृदय, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट एक ही छत के नीचे संक्रमण रहित वातावरण में किए जा सकेंगे। इससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और अधिक मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा। चार मंजिला आईसीयू और रोबोटिक ट्रेनिंग सेंटर गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैंसर ब्लाक के समीप एक नया चार मंजिला अत्याधुनिक आईसीयू भवन तैयार किया जाएगा। यह भवन क्रिटिकल केयर सुविधाओं से लैस होगा। इसके साथ ही सर्जरी में सटीकता लाने के लिए रोबोटिक सर्जरी का विस्तार किया जाएगा और नए डाक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए एक रोबोटिक ट्रेनिंग सेंटर की भी शुरुआत होगी। एम्स भोपाल ने जनवरी 2025 में यहां मध्य प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया। संस्थान ने अब तक तीन सफल हृदय प्रत्यारोपण और 17 किडनी प्रत्यारोपण किए। जटिल बीमारियों का इलाज यहीं पर होगा एम्स का उद्देश्य मरीजों को न्यूनतम दर पर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वर्ष 2026 के लिए हमने डायग्नोस्टिक और क्रिटिकल केयर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है। गामा नाइफ, पेट स्कैन और समर्पित ट्रांसप्लांट ओटी के शुरू होने से हम जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज यहीं करने में सक्षम होंगे। – डॉ. केतन मेहरा, पीआरओ, एम्स

भोपाल में मेट्रो को यात्री न मिलने से 14 दिन बाद ही घटाया समय और ट्रिप

भोपाल. भोपाल मेट्रो को अब एक चौथाई पैसेंजर भी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि मेट्रो कॉर्पोरेशन ने शुरुआत के सिर्फ 14 दिन बाद ही मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव करने के साथ ही ट्रिप भी घटा दी है। अब मेट्रो एम्स स्टेशन से सुबह नौ बजे की बजाय तीन घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि यही से शाम साढ़े सात बजे आखिरी ट्रिप चलेगी। नया शेड्यूल पांच जनवरी से लागू होगा। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने किया था। इसके अगले दिन यानी 21 दिसंबर से कमर्शियल रन शुरू हो गया। इस दिन से आम लोग मेट्रो में सफर करने लगे। ऐसे में कमर्शियल रन के पहले दिन मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला था। इस दौरान 6568 पैसेंजर सवार हुए थे। अब करीब एक हजार यात्री मेट्रो में हो रहे सवार वहीं, अब एक हजार के आसपास ही यात्री मेट्रो में सवार हो रहे हैं। इस वजह से मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टाइमिंग और ट्रिप दोनों में बदलाव कर दिया है। ऐसा रहेगा नया शेड्यूल मेट्रो अब तीन घंटे देरी से दोपहर 12 बजे शुरू होगी, जबकि रात 7:55 बजे तक यह चलेगी। शाम 7:30 बजे एम्स से सुभाष नगर के बीच आखिरी मेट्रो दौड़ेगी, जो 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेंगी। पहले की तरह 75 मिनट के अंतराल में मेट्रो मिलेगी। यानी, एक गाड़ी छूटने के बाद दूसरी गाड़ी सवा घंटे बाद ही मिल सकेगी। पहले दोनों ओर कुल 17 ट्रिप लगाई जा रही थी, जो घटाकर 13 कर दी गई है। एम्स से सुभाषनगर के बीच सात और सुभाषनगर से एम्स के बीच छह ट्रिप लगेगी। अब ये रहेगी टाइमिंग पहली मेट्रो दोपहर 12 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होगी, जो दोपहर 12:40 बजे सुभाषनगर स्टेशन पहुंचेगी। आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स से शुरू होकर 7:55 बजे सुभाषनगर स्टेशन पर पहुंचेगी। किस दिन कितने पैसेंजर मिले 21 दिसंबरः 6,568 पैसेंजर 22 दिसंबरः 2,896 पैसेंजर 23 दिसंबरः 2,163 पैसेंजर 24 दिसंबरः 1,787 पैसेंजर 25 दिसंबरः 4,264 पैसेंजर 26 दिसंबरः 1,473 पैसेंजर 27 दिसंबरः 1,200 पैसेंजर 28 दिसंबरः 2,349 पैसेंजर 29 दिसंबरः 1,100 पैसेंजर 30 दिसंबरः 9,67 पैसेंजर 31 दिसंबरः 1113 पैसेंजर 01 जनवरीः 2,023 पैसेंजर 02 जनवरीः 1,065 पैसेंजर

ग्वालियर में लाश का AI से स्कैच बनवाकर की महिला की पहचान

ग्वालियर. गोला का मंदिर स्थित कटारे फार्म में मिली महिला की लाश मामले में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से पुलिस ने जब स्कैच तैयार कराया तो लोगों ने उसकी पहचान कर ली। महिला का नाम कल्लो उर्फ कालीबाई था। वह अक्सर यहां घूमती रहती थी। स्कैच के आधार पर लोगों के साथ जाकर सीसीटीवी कैमरे दोबारा देखे तो घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर सड़क पर महिला एक युवक के साथ नजर आई है। पुलिस इसे प्रमुख संदेही मानकर चल रही है। जो जैकेट संदेही ने पहन रखी है, वह भी घटनास्थल से महिला के कपड़ों के पास ही मिली है। सोमवार को कटारे फार्म में झाड़ियों के बीच अर्द्धनग्न हाल में महिला का शव पड़ा मिला था। महिला के सिर पर पत्थर पटककर हत्या की गई थी। शिनाख्त के लिए एएसपी अनु बेनीवाल ने आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली। आइटी एक्सपर्ट की मदद से महिला का स्कैच तैयार कराया। इसके बाद गोला का मंदिर थाने की टीम स्कैच लेकर पूरे इलाके में घूमी। आसपास के जिलों में भी स्कैच भेजा गया। कुछ ठेले और गुमटी वालों ने महिला को पहचाना। वह वह टीकमगढ़ की रहने वाली है। यहां कुछ माह पहले आई थी। संदेही की पहचान करने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम संदेही गले में लाल रंग से मिलता-जुलता गमछा डाला हुआ था। पैर में चप्पल पहने हुए हैं। मूंछे हैं और दाढ़ी बनी हुई है। चेहरा फुटेज में स्पष्ट है। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने संदेही की पहचान में मदद करने वाले को द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। आसपास के जिलों के अलावा टीकमगढ़ पुलिस को भी महिला के बारे में सूचना दी गई है।

इंदौर निगम कमिश्नर का आईएएस क्षितिज सिंघल ने आधी रात संभाला कामकाज

इंदौर. दूषित जल आपूर्ति मामले हुई मौतों के मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाकर आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को निगम आयुक्त पदस्थ किया है। वे शनिवार रात 11:45 बजे इंदौर पहुंचे और सीधे निगम मुख्यालय जाकर पदभार संभाला। सिंघल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी का कार्यभार संभाल रहे थे। सामान्य प्रशासन विभाग ने दिलीप यादव को हटाने के दूसरे दिन शनिवार को सिंघल को इंदौर नगर निगम का आयुक्त पदस्थ किया है। पांच अपर आयुक्त और 32 उपयंत्री मैदान में इंदौर नगर निगम ने भागीरथपुरा में दूषित पानी के लीकेज को खोजने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। शनिवार से लीकेज खोजने, पानी की सैंपलिंग व जांच के लिए इंदौर नगर निगम में आए तीनों नए अपर आयुक्तों के साथ पहले से मौजूद पांच अपर आयुक्तों को निरीक्षण व निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। भागीरथपुरा की 32 गलियों में 32 उपयंत्री व सहायक यंत्री भी बीट अनुसार सफाई, सैंपलिंग, लीकेज खोजने में जुटे हैं। नगर निगम की टीम ने 15 स्थानों पर गड्ढे खोदकर पाइप लाइन चेक की। इसमें सात स्थानों पर लीकेज मिला, जिसे दुरस्त किया गया। क्षेत्र में 100 सार्वजनिक व निजी बोरिंग में क्लोरिन डाला गया। शनिवार को भागीरथपुरा पानी की टंकी से जल वितरण नहीं किया गया। क्षेत्र में पानी के टैंकरों से जल वितरित किया गया। गंदे पानी की समस्या का 48 घंटे में समाधान करें गंदे पानी की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा तथा निगम के सभी अपर आयुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या की समीक्षा की गई और कार्य विभाजन किया गया। महापौर ने कहा कि कठिन समय में जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। पूरे शहर में सर्वे कराया जाएगा और जहां-जहां गंदे पानी की समस्या सामने आएगी, वहां 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार कार्य वितरण कर तत्काल कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, अपर आयुक्त अर्थ जैन, अभय राजनगांवकर, आकाश सिंह, मनोज पाठक, नरेंद्र नाथ पांडे, देवघर दरवाई तथा कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर व्यापार मेले में हाईटेक हेलिकॉप्टर से करें राजस्थान से दुबई तक की सैर

ग्वालियर. व्यापार मेले में एक अत्याधुनिक वर्चुअल हेलिकाप्टर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह हेलिकॉप्टर असल में उड़ता नहीं है, लेकिन इसमें बैठने वालों को दुनिया के खूबसूरत शहरों की सैर का असली अहसास होता है। झूले सेक्टर में लोगों की नजर सबसे पहले इसी हेलिकॉप्टर पर जा रही है। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक हर कोई इसके पास रुककर इसे देखने और इसके बारे में जानकारी लेने को उत्सुक नजर आ रहा है। यह हेलिकॉप्टर लोगों को अमेरिका, दुबई, समुद्र और राजस्थान की सैर करवा रहा है। इसके अंदर बैठते ही ऐसा महसूस होता है जैसे सचमुच हेलिकॉप्टर में सवार हो गए हों। इसमें हेलिकॉप्टर जैसी सीटिंग व्यवस्था की गई है। इसके अंदर जैसे ही शो शुरू होता है, स्क्रीन पर आसमान, बादल और नीचे दिखता शहर नजर आने लगता है। कुछ ही पलों में दर्शक खुद को अमेरिका के ऊंचे-ऊंचे गगनचुंबी भवनों, दुबई की चमचमाती इमारतों और बुर्ज खलीफा, नीले समुद्र की लहरों और राजस्थान के रेगिस्तान, किले और महलों के ऊपर उड़ता हुआ महसूस करता है। विजुअल्स इतने जीवंत और वास्तविक हैं कि कई लोग रोमांच से भर उठते हैं। बच्चों को आ रहा बहुत पसंद मेले में आए बच्चों के लिए यह हेलिकॉप्टर किसी सपने से कम नहीं है। बच्चे खुशी-खुशी टिकट लेकर अंदर जा रहे हैं और बाहर आकर अपने अनुभव दूसरों को बता रहे हैं। वहीं युवा इसे सोशल मीडिया के लिए खास अनुभव मान रहे हैं और फोटो व वीडियो बनाकर साझा कर रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि जिन्होंने कभी हेलिकॉप्टर की सवारी नहीं की, उनके लिए यह एक यादगार अनुभव है। कम खर्च में दुनिया घूमने जैसा अहसास हेलिकाप्टर संचालक के अनुसार, इसका उद्देश्य लोगों को कम खर्च में दुनिया घूमने जैसा अहसास कराना है। आज हर कोई अमेरिका या दुबई नहीं जा सकता, लेकिन इस तकनीक के जरिए कुछ मिनटों के लिए ही सही, लोग वहां की झलक देख सकते हैं। यही वजह है कि मेले में यह हेलिकाप्टर दिनभर भीड़ से घिरा रहता है। मेले में आए एक दर्शक ने बताया कि राजस्थान के किलों और रेगिस्तान का दृश्य देखकर ऐसा लगा मानो सचमुच ऊपर से उड़ते हुए सब कुछ देख रहे हों। वहीं एक युवती ने कहा कि दुबई का नजारा बेहद शानदार था और समुद्र के ऊपर उड़ान का अनुभव रोमांच से भर देने वाला रहा। यही कारण है कि मेले में आने वाला लगभग हर व्यक्ति इस हेलिकॉप्टर की सैर किए बिना वापस नहीं लौट रहा। हेलिकॉप्टर में मोशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल इस हेलिकॉप्टर की खासियत इसकी मोशन टेक्नोलाजी है। स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्य के अनुसार सीटें भी हल्का-हल्का हिलती हैं, जिससे उड़ान जैसा अनुभव मिलता है। साथ ही साउंड सिस्टम भी इतना दमदार है कि हेलिकॉप्टर की आवाज, हवा की सनसनाहट और समुद्र की लहरों की गूंज वास्तविक लगती है। कई लोग इसे देखकर हैरान रह जा रहे हैं कि तकनीक किस हद तक आगे बढ़ चुकी है।

सरकार का हाई कोर्ट में हलफ़नामा- भागीरथपुरा के 10 लोगों की मौत का कारण उल्टी और दस्त

इंदौर. इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। सरकार ने कोर्ट में मृतकों की संख्या कम बताई लोगों का आरोप है कि यह सब गंदा और दूषित पानी पीने के कारण हुआ। मामला गंभीर होने के बावजूद सरकार ने हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बताई है। इसे लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेसियों का कहना है कि कोरोना काल की तरह इस बार भी मौतों के असली आंकड़े छिपाए जा रहे हैं, ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके। मुक्तिधाम में स्थिति और भी चौंकाने वाली आंकड़ों की सच्चाई जानने के लिए नईदुनिया की टीम मालवा मिल मुक्तिधाम पहुंची। यहां स्थिति और भी चौंकाने वाली सामने आई। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले मृतकों की जानकारी दर्ज करने वाला रजिस्टर मौके से गायब मिला। जब निगम कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने का रजिस्टर नगर निगम कार्यालय में जमा हो चुका है। सरकार के बताए आंकड़ों से अलग कहानी मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि उल्टी-दस्त से करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा सरकार के बताए गए आंकड़ों से अलग है। इससे संदेह और गहरा गया है। क्या प्रशासन सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रहा है।

RSS चीफ मोहन भागवत की नसीहत- ‘घर से ही लव जिहाद रोकना शुरू करें’

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख ने शनिवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ को रोकने के प्रयास परिवार से ही शुरू होने चाहिए। उन्होंने इसके लिए परिवारों में संवाद, महिलाओं में जागरूकता और सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया। आरएसएस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन की ओर से यहां आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा के दौरान ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का उल्लेख किया। ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं का कथित तौर पर प्रेम संबंध या शादी के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म में धर्मांतरण कराने के संदर्भ में करते हैं। भागवत ने कहा कि परिवारों को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि किसी परिवार की लड़की किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ जाती है। उन्होंने इसे परिवारों में संवाद की कमी का परिणाम बताया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस दिशा में तीन स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं, जिनमें परिवारों के भीतर निरंतर संवाद, लड़कियों में जागरूकता पैदा करना और स्वयं की रक्षा के लिए उन्हें सक्षम बनाना तथा ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को भी सतर्क रहना चाहिए और समाज को सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके। भागवत ने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण, वैचारिक दिशा और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘वह समय बीत चुका है जब सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को घरों तक सीमित रखा जाता था।’ उन्होंने कहा कि परिवार और समाज पुरुषों और महिलाओं के संयुक्त प्रयासों से आगे बढ़ते हैं, इसलिए दोनों का ‘प्रबोधन’ आवश्यक है। कार्यक्रम में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे और विभाग संघचालक सोमकांत उमलाकर भी मंच पर मौजूद थे। भागवत ने कहा कि महिलाएं परिवार में देखभाल करने वाली की केंद्रीय भूमिका निभाती हैं और संतुलन, संवेदनशीलता एवं व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है और सामाजिक तथा राष्ट्रीय कार्यों में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने बच्चों पर वास्तविकता से परे अपेक्षाएं थोपने से बचने की सलाह दी और कहा कि सफलता से अधिक महत्वपूर्ण जीवन का अर्थ है। भागवत ने कहा कि भारत ‘मानसिक गुलामी’ से बाहर निकल रहा है और दुनिया उम्मीदों के साथ देश की ओर देख रही है।