samacharsecretary.com

भर्ती अपडेट: SI, सूबेदार व प्लाटून कमांडर पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन–फिजिकल टेस्ट की तारीख तय

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने गृह पुलिस विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग और प्लाटून कमांडर पदों पर भर्ती परीक्षा–2024 की चयन प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण (PMT) की तिथियों की घोषणा की है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक माप परीक्षण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, रायपुर एवं राजनांदगांव में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर होगी। अभ्यर्थियों को उनके प्रवेश पत्र में दर्शाए गए केंद्र पर निर्धारित तिथि को उपस्थित होना अनिवार्य होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 7 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि शारीरिक माप परीक्षण सुबह 8 बजे से शुरु किया जाएगा। निर्धारित समय के बाद उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षण में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के लिए प्रवेश पत्र 26 दिसंबर 2025 को जारी कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, परीक्षा और चयन प्रक्रिया से संबंधित अन्य आवश्यक निर्देश भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों को सूचित किया है कि प्रवेश पत्र डाक या किसी अन्य माध्यम से व्यक्तिगत रूप से नहीं भेजे जाएंगे। इसलिए सभी अभ्यर्थी समय रहते वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ निर्धारित तिथि व केंद्र पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर ही दस्तावेज़ सत्यापन एवं शारीरिक माप परीक्षण में सम्मिलित हों, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

कोहरे की चादर में लिपटा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, शीतलहर ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देर रात से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड के असर को और तीव्र कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके चलते लोग गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की अधिक आवश्यकता महसूस हो रही है। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और यातायात प्रभावित हुआ है। दृश्यता की कमी के कारण हेडलाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चला रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, मजदूरों और सुबह टहलने निकलने वाले लोगों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कोहरे और ठंड के बने रहने की संभावना जताई है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।

बैकफुट पर एलन मस्‍क! भारत सरकार की सख्‍ती के बाद Grok AI के दुरुपयोग पर सख्‍त संदेश

नई दिल्ली एलन मस्‍क के ग्राेक एआई की मदद से लोगों की आपत्त‍िजनक तस्‍वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार के सख्‍त रवैये के बाद मस्‍क भी ऐसे मामलों पर बैकफुट पर द‍िखाई दे रहे हैं। शुरुआत में ऐसी तस्‍वीरों पर मजाक‍िया प्रतिक्र‍िया देने वाले मस्‍क अब कानून की दुहाई दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि Grok AI का इस्तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाने वालों को वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को मिलती है। याद रहे कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म X से 72 घंटों के अंदर पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। क्‍या है पूरा मामला एलन मस्‍क के सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स (X) पर बीते कई दिनों से महिलाओं की अश्‍लील तस्‍वीरें बनाई जा रही थीं। हद तो तब हो गई जब एक यूजर ने एआई की मदद से मस्‍क की बिकनी पहने हुए तस्‍वीर बनाई और उसे पोस्‍ट किया। इस पोस्‍ट पर गंभीरता बरतने के बजाए मस्‍क मजे लेते हुए नजर आए, जिसने कई लोगों को गुस्‍से से भर दिया। पूरे मामले पर राज्‍यसभा सदस्‍य प्रि‍यंका चतुर्वेदी ने भी केंद्रीय मंत्री अश्चिनी वैष्‍णव को चिट्ठी लिखकर एक्‍शन लेने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से एक्‍स को नोटिस भेजकर 72 घंटों में जवाब देने काे कहा गया कि कंपनी ने इस मामले में क्‍या कार्रवाई की है। कानूनी कार्रवाई का डर सरकार ने एक्‍स से कहा था कि वह अपने प्‍लेटफॉर्म से सभी आपत्‍त‍िजनक कंटेंट को हटाए। ऐसा नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक्‍स को कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा था। X पर पोस्‍ट हो रहे ऐसे कंटेंट पर एलन मस्‍क ने प्रतिक्र‍िया देते हुए लिखा (ref.) कि जो भी ग्रोक का इस्‍तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाता है उसे वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने पर मिलती है। यह भी कहा गया था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक गलत तस्‍वीरें बना रहा है। यह ऐसा है कि किसी मामले में कुछ बुरा लिखने के लिए पेन को दोषी ठहराया जाए। पेन खुद यह तय नहीं करता कि क्‍या लिखा जाए। ग्रोक भी यही करता है। जो उससे कहा जाता है, वही वो करता है। पहले भी विवादों में रहा है ग्रोक एआई चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी एआई के मुकाबले ग्रोक एआई अपने जवाबों से विवादों में रहा है। प‍िछले साल उसने तमाम नेताओं और मंत्र‍ियों को कोसा था। यहां तक कि उनके लिए गाली और अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया था। तब भी ग्रोक एआई को लेकर विवाद हुआ था। अपने विवादित बयानों में Grok, इस्राइल और अमेरिका पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगा चुका है। Grok ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स का हवाला दिया। इसके अलावा Grok ने ट्रंप को इशारों ही इशारों में पीडोफाइल तो नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल बता दिया था।

हरियाणा को मिलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन: जींद से सोनीपत का सफर 2 सप्ताह में शुरू

चंडीगढ़ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया तय हो गया है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 2 सप्ताह बाद चलेगी। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों का सफर जहां मात्र 5 रुपए में होगा, वहीं इसका सोनीपत तक का एकतरफ का किराया 25 रुपए लगेगा। बताया जा रहा है कि ट्रेन से सोनीपत जाने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगता है, वहीं हाइड्रोजन ट्रेन मात्र एक घंटे में ही ये सफर तय करेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 26 जनवरी से पहले करने की तैयारी है। रेलवे फिलहाल 20 व 21 जनवरी को इस ट्रेन को चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके संचालन डेट फाइनल नहीं हुई है। जानें इस ट्रेन के फायदे यह हाइड्रोजन ट्रेन 'मेक इन इंडिया' का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। यह ट्रेन एक साथ 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। यह 2400 किलोवाट वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है। 360 किलो हाइड्रोजन में यह 180 किमी का सफर तय करेगी। जहाँ डीजल ट्रेन 1 किमी के लिए 4.5 लीटर ईंधन लेती है, वहीं यह मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय करेगी।

एकादशी व्रत 2026: जनवरी में कौन सी एकादशी कब है, यहां देखें पूरी जानकारी

सनातन धर्म की हर तिथि पावन और विशेष होती है. हर तिथि पर किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित व्रत और पूजन किया जाता है. ऐसी ही पावन तिथि है एकादशी. ये तिथि हर माह में दो बार पड़ती है. पहली बार कृष्ण और दूसरी बार शुक्ल पक्ष में. एकादशी की तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है. हर एकादशी पर व्रत और श्री हरि का पूजन किया जाता है. एकादशी का व्रत बहुत विशेष होता है. साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. एकादशी व्रत को करने से जीवन के संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है. मृत्यु के बाद मोक्ष और वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है. साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस माह में कब कौन सी एकादशी का व्रत रखा जाएगा? षटतिला एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, आज से माघ माह की शुरुआत हो चुकी है. इस माह के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मकर संक्रांति का पर्व भी रहेगा. जया एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को दोपहर 04 बजकर 35 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 29 जनवरी को 01 दोपहर 55 मिनट पर होगा. ऐसे में 29 जनवरी को जया एकादशी व्रत रखा जाएगा. अवश्य रखें व्रत से जुड़ी इन बातों का ध्यान एकादशी के दिन घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. अन्न-धन और अन्य चीजों का दान करना चाहिए. भगवान विष्णु के भोग में तुलसी के पत्ते डालने चाहिए. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर ही करना चाहिए.

शीतलहर का कहर जारी, घने कोहरे को लेकर 7 जनवरी तक अलर्ट

पंजाब पंजाब और चंडीगढ़ में सर्द मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते मौसम विभाग ने 7 जनवरी तक अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य के कई इलाकों में सुबह और रात के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज पंजाब के लगभग सभी जिलों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। वहीं, करीब 10 जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है। अमृतसर में विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई, जबकि फरीदकोट जैसे इलाकों में भी हालात सामान्य नहीं रहे। तापमान की बात करें तो फरीदकोट राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान करीब पांच डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पंजाब में अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान 6 से 10 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान भी कई जगह सामान्य से नीचे चल रहा है। आने वाले दिनों में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, मोहाली, पटियाला सहित पठानकोट अधिकांश जिलों में कोहरे का असर बना रह सकता है। जालंधर, कपूरथला, फरीदकोट, मुक्तसर, तरनतारन, अमृतसर, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का और फिरोजपुर जिले में ठंडी हवाओं के चलते शीतलहर की स्थिति जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।   विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में ठंड बढ़ रही है। फिलहाल प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है और मौसम 9 जनवरी तक शुष्क बना रह सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी है।

ये टीमें अभी तक T20 World Cup स्क्वॉड का ऐलान नहीं कर पाईं, पाकिस्तान सहित तारीख़ की जानकारी

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में इस बार कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही है। डिफेंडिंग चैंपियन टीम इंडिया समेत इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी तगड़ी टीमों ने तो अपने-अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है, मगर 11 टीमें ऐसी है जिन्होंने अभी तक स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया है। इसमें पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसे देश भी शामिल है। आईसीसी के नियमों के अनुसार सभी टीमों को एक महीने पहले तक अपने-अपने 15 खिलाड़ियों के स्क्वॉड का ऐलान करना होता है, इस बार आखिरी तारीख 8 जनवरी है। हालांकि सभी टीमों के पास 31 जनवरी तक स्क्वॉड में बदलाव करने की आजादी होगी। ग्रुप-ए भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह। USA: घोषित किया जाना है नामीबिया: गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), ज़ेन ग्रीन, बर्नार्ड स्कोल्ट्ज़, रूबेन ट्रम्पेलमैन, जेजे स्मिट, जान फ्रायलिंक, लॉरेन स्टीनकम्प, मालन क्रूगर, निकोल लॉफ्टी-ईटन, जैक ब्रासेल, बेन शिकोंगो, जेसी बाल्ट, डायलन लीचर, डब्ल्यूपी माईबर्ग, मैक्स हिंगो। TR: अलेक्जेंडर वोल्शेंक। नीदरलैंड्स: घोषित किया जाना है पाकिस्तान: घोषित किया जाना है ग्रुप-बी ऑस्ट्रेलिया [अनंतिम टीम]: मिशेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, पैट कमिंस, टिम डेविड, कैमरून ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेज़लवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस, एडम ज़म्पा श्रीलंका [प्रारंभिक टीम]: दासुन शनाका (कप्तान), पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कामिल मिशारा, कुसल परेरा, धनंजय डी सिल्वा, निरोशन डिकवेला, जेनिथ लियानाज, चैरिथ असलांका, कामिंडु मेंडिस, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, वानिंदु हसरंगा, डुनिथ वेललागे, मिलन रथनायके, नुवान तुषारा, ईशान मलिंगा, दुष्मंथा चमीरा, प्रमोद मदुशन, मथीशा पथिराना, दिलशान मदुशंका, महेश थीक्षाना, दुशान हेमंथा, विजयकांत व्यासकांत, ट्रैवीन मैथ्यू जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, ब्रैडली इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, ब्रेंडन टेलर आयरलैंड: घोषित किया जाना है ओमान: जतिंदर सिंह (कप्तान), विनायक शुक्ला, मोहम्मद नदीम, शकील अहमद, हम्माद मिर्जा, वसीम अली, करण सोनावले, शाह फैसल, नदीम खान, सुफयान महमूद, जय ओडेदरा, शफीक जान, आशीष ओडेदरा, जितेन रामानंदी, हसनैन अली शाह। ग्रुप-सी इंग्लैंड [अस्थायी टीम]: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल साल्ट, जोश टंग, ल्यूक वुड वेस्ट इंडीज: घोषित किया जाना है बांग्लादेश: लिटन दास (कप्तान), तंजीद हसन, मोहम्मद परवेज हुसैन इमोन, मोहम्मद सैफ हसन, तौहीद ह्रदय, शमीम हुसैन, काजी नूरुल हसन, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, नसुम अहमद, मुस्तफ़िज़ुर रहमान, तंज़ीम हसन साकिब, तस्कीन अहमद, शैफुद्दीन और शोरीफुल इस्लाम इटली: घोषित किया जाना है नेपाल: घोषित किया जाना है ग्रुप-डी साउथ अफ्रीका: एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक, टोनी डी ज़ोर्ज़ी, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, मार्को जानसन, केशव महाराज, कैगिसो रबाडा, क्वेना मफाका, लुंगी एनगिडी, जेसन स्मिथ, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नॉर्टजे न्यूजीलैंड: घोषित किया जाना है अफगानिस्तान: राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, अब्दुल्ला अहमदजई, सेदिकुल्लाह अटल, फजलहक फारूकी, रहमानुल्लाह गुरबाज, नवीन उल हक, मोहम्मद इशाक, शाहिदुल्लाह कमाल, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नैब, अजमतुल्लाह उमरजई, मुजीब उर रहमान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान। रिजर्व: एएम ग़ज़नफ़र, इजाज अहमदजई और जिया उर रहमान शरीफी। कनाडा: घोषित किया जाना है संयुक्त अरब अमीरात: घोषित किया जाना है  

तीन राज्यों की दूरी होगी आधी, 11 घंटे का रास्ता 6 घंटे में तय कराएगा एक्सप्रेस-वे

भोपाल मध्यप्रदेश में महत्वाकांक्षी अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना पर एक बार फिर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके संबंध में शनिवार को अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट अभी एलाइनमेंट के पेंच में फंसा है। करीब ढाई साल से प्रगति ठप है जिससे किसानों और संबंधित जिलों के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। अटल प्रोग्रेस-वे राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव के पास मुंबई-बड़ोदरा एनएच- 27 से शुरू होकर मप्र के तीन जिलों को कवर करते हुए उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में निनावा तक बनना प्रस्तावित है। इसके निर्माण से एमपी के भिंड, एमपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करनेवालों को सीधा, सुगम और शॉर्टकट रास्ता मिल जाएगा। यात्रा के समय में करीब 5 घंटे बचेंगे। कुल 404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भारतमाला परियोजना में शामिल है। मप्र में 313.81 किमी, राजस्थान में 72 किमी एवं यूपी में 22.96 किमी का निर्माण होना है। अटल प्रोग्रेस वे की प्रारंभिक लागत करीब 6 हजार करोड़ रुपए की थी जोकि अब 23 हजार 645 करोड़ रुपए तक जा पहुंची है। खेतों से होकर प्रोगेस वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अटल प्रोग्रेस-वे में भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। एक्सप्रेस वे श्योपुर के 57 गांवों से होकर जाएगा। जिले की सीमा में करीब 95 किलोमीटर की लंबाई प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिले में कुल 598.321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होनी थी। इसमें 90.878 हेक्टेयर सरकारी और 507.443 हेक्टेयर निजी जमीन है। एक्सप्रेस-वे निर्माण से श्योपुर जिले को बेहतर कनेक्टिविटी की उमीद है। यह न केवल मुरैना-भिंड से सीधे जोड़ेगा, बल्कि कोटा राजस्थान की ओर श्योपुर जिले को दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक का भी सफर आसान करेगा।   11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी होगी अटल एक्सप्रेस वे से यूपी के इटावा से एमपी के भिण्ड, मुरैना होकर राजस्थान के कोटा तक सीधा 4 लेन मार्ग बनाया जाएगा। इससे कोटा तक की 11 घंटे की यात्रा महज 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। यानि यात्रा के समय में पूरे 5 घंटे बच सकेंगे। अटल प्रोग्रेस-वे के लिए भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तीनों जिलों के किसानों ने खेतों से होकर रोड निर्माण के प्रस्ताव का विरोध किया। इसपर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खेतों की बजाए बीहड़ों से होकर दोबारा एलाइनमेंट कराने की घोषणा की। हालांकि इसके बाद से प्रोग्रेस वे की प्रक्रिया ठप पड़ी है।

550 करोड़ का बिजली प्रोजेक्ट: एमपी में बिजली दरें होंगी आधी, उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

जबलपुर मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी की जा रही है। 110 मेगावाट के सोलर प्लांट तीन स्थानों पर लगाए जाएंगे। दो साल में स्थापित होने वाले प्लांट कंपनी थर्मल पावर प्लांट के आसपास ही स्थापित करेगी। कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर सुबोध निगम का कहना है कि, ये कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट है। अभी तक कंपनी ने 7 मेगावाट का सोलर प्लांट मंदसौर के रातागुरड़िया में स्थापित किया है। कंपनी को लंबे समय से सोलर प्लांट लगाने की जरूरत थी। पर्यावरण को पहुंच रहा नुकसान अभी कोयले से संचालित थर्मल पावर प्लांट से बिजली की लागत अधिक होने के साथ पर्यावरण के लिए घातक गैस का उत्सर्जन हो रहा है। हालांकि, कंपनी स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए काफी उपाय किए गए हैं और राख का पर्याप्त निष्पादन भी किया जा रहा है। ऐसे में कंपनी सोलर प्लांट लगाकर स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने की तैयारी कर रही है।   550 करोड़ होंगे प्रोजेक्ट पर खर्च सुबोध निगम का कहना है कि, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 40 मेगावाट, श्रीसिंगाजी ताप विद्युत गृह में 40 मेगावाट और बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह में 30 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए निविदा कंपनी स्तर पर जारी की जा रही है। इस परियोजना पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च आएगा।

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।