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होम गार्ड विभाग में हवलदार क्लर्क पदों पर किसी भी स्टेट के युवा करें आवेदन

नई दिल्ली. बिहार पुलिस सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) की ओर से पुलिस हवलदार एवं क्लर्क सीधी भर्ती के बाद होम गार्ड विभाग से क्लर्क एवं हवलदार के 64 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती (Advt. No.-02/2026: From Bihar Home Guard) निकाली गई है जिसके लिए आवेदन आज यानी 5 जनवरी से स्टार्ट कर दिए गए हैं। जो भी उम्मीदवार सरकारी नौकरी की तलाश में हैं वे इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन माध्यम से बीपीएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन के लिए पात्रता इस भर्ती में शामिल होने के लिए सभी राज्य के अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र हैं। अभ्यर्थी ने 1 अगस्त 2025 तक इंटरमीडिएट (12th) कक्षा उत्तीर्ण कर ली हो। न्यूनतम आयु 24 वर्ष एवं अधिकतम आयु 50 वर्ष निर्धारित है। शारीरिक मापदंड अनारक्षित व पिछड़ा वर्ग से आने वाले पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम लंबाई 165 सेमी होनी चाहिए व सीना 81 सेमी व फुलाकर 86 सेमी होना चाहिए। अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी की न्यूनतम लंबाई 160 सेमी हो व सीना 79 सेमी व फुलाकर 84 सेमी होना चाहिए। सभी वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम लंबाई 155 सेमी निर्धारित है। एप्लीकेशन प्रॉसेस व फीस बिहार क्लर्क हवलदार आवेदन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर विजिट करें। होम पेज पर होम गार्ड बटन पर क्लिक करें। इसके बाद Application Link-Ref.:Advt. No.-02/2026: Apply Online for the Post of Havildar Clerk (From Bihar Home Guard) in Bihar Home Guard under Home Dept. (Special), Govt. of Bihar पर क्लिक करें। पहले रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके पंजीकरण कर लें व फीस जमा करें। इसके बाद फिल एप्लीकेशन फॉर्म पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरकर फॉर्म को पूरा कर लें। अंत में व्यू एप्लीकेशन स्टेटस पर क्लिक करके फॉर्म की स्थिति जांच लें और उसका एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के साथ सभी वर्गों के उम्मीदवारों को फीस के रूप में 100 रुपये का भुगतान करना होगा। फीस ऑनलाइन माध्यम से जमा की जा सकती है।

बस्तर के स्कूलों में अब विद्या समीक्षा केंद्र ऐप से लगेगी हाजिरी

जगदलपुर. बस्तर जिले की शासकीय शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि अब से शासकीय स्कूलों में उपस्थिति राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रतिदिन की उपस्थिति का डेटा शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को भेजना है, जहां इसकी नियमित समीक्षा की जा सकेगी। इस नई व्यवस्था को लागू करते हुए विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी निर्देश भी दिया है, जिसकी अनदेखी करने पर शिक्षकों की उपस्थिति मान्य नहीं होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को यह मोबाइल ऐप विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद ही अपने फोन में इंस्टॉल और पंजीकृत करना होगा। दरअसल, पंजीकरण के समय ऐप जीपीएस तकनीक का उपयोग कर विद्यालय की लोकेशन को सेव कर लेता है। यदि कोई शिक्षक विद्यालय से बाहर रहकर या घर से ऐप को इंस्टॉल या रजिस्टर करने का प्रयास करता है, तो सर्वर में पहले से मौजूद विद्यालय की लोकेशन और शिक्षक की वर्तमान लोकेशन आपस में मेल नहीं खाएगी। ऐसी स्थिति में लोकेशन मैच न होने के कारण शिक्षक अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाएंगे, इसलिए सभी को विद्यालय में उपस्थित होकर ही इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है।

छत्तीसगढ़ के मेकाहारा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ब्रश करते समय फटी गर्दन की नस में की दुर्लभ सर्जरी

रायपुर. पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। गर्दन की मुख्य धमनी कैरोटिड आर्टरी के अपने आप फट जाने जैसी अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा स्थिति में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने समय रहते जटिल सर्जरी कर 40 वर्षीय मरीज की जान बचा ली। यह मामला न केवल छत्तीसगढ़ में पहली बार सामने आया है, बल्कि अब तक विश्व मेडिकल जर्नल में ऐसे केवल 10 ही प्रकरण दर्ज हैं। ब्रश करते समय अचानक रप्चर (फटी) हुई गर्दन की धमनी रायपुर निवासी 40 वर्षीय मरीज जब सुबह घर पर दांत साफ कर रहा था, तभी अचानक उसके गले में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते पूरे गर्दन में सूजन आ गई। कुछ ही क्षणों में मरीज बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग लेकर गए। सीटी एंजियोग्राफी जाँच से पता चला दुर्लभ केस गर्दन के नसों की सीटी एंजियोग्राफी जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मरीज की दायीं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी है और उसके चारों ओर गुब्बारानुमा संरचना बन गई है, जिसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्युरिज्म (Carotid Artery Pseudoaneurysm) कहा जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तत्काल हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में में डॉ कृष्ण कांत साहू के पास भेजा गया। 50 से 60% सफलता दर वाली सर्जरी, हर पल था जोखिम भरा यह ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण था। गर्दन में खून के अत्यधिक जमाव के कारण धमनी को पहचानना बेहद कठिन था। जरा सी चूक से मरीज की जान जा सकती थी या ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क में खून का थक्का पहुंचने से लकवा या ब्रेन डेड होने का खतरा था। मरीज और परिजनों को सभी जोखिमों की जानकारी देकर सर्जरी की सहमति ली गई। बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से की गई धमनी की मरम्मत लगभग कई घंटे चले इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की सहायता से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को अत्यंत सावधानीपूर्वक रिपेयर किया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और राहत की बात यह रही कि मरीज को किसी भी प्रकार का लकवा नहीं हुआ। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। स्वतः कैरोटिड आर्टरी का फटना अत्यंत दुर्लभ सामान्यतः कैरोटिड आर्टरी के फटने की घटनाएं एथेरोस्क्लेरोसिस, ट्रॉमा, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर,संक्रमण या ट्यूमर से ग्रस्त मरीजों में देखी जाती हैं, लेकिन यह मरीज पूरी तरह स्वस्थ था। अपने आप कैरोटिड आर्टरी का फटना (Spontaneous Carotid Artery Rupture) चिकित्सा जगत में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। क्या होती है कैरोटिड आर्टरी कैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित प्रमुख धमनी होती है, जो हृदय से मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह सुनिश्चित करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने पर मरीज की जान को तत्काल खतरा होता है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दुर्लभ मामले की सफल सर्जरी एवं अभूतपूर्व सफलता पर चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर सहित हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

Bihar STET Result 2025 Update: खत्म हुआ इंतजार, आज आएगा रिजल्ट; ऐसे करें ऑनलाइन चेक

पटना  बिहार में शिक्षक बनने की राह देख रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आज माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) 2025 का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी परिणाम जारी होने के बाद, बिहार STET की आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम केवल ऑनलाइन मोड में ही उपलब्ध होंगे। अभ्यर्थियों को अपना रिजल्ट देखने के लिए अपने लॉगिन क्रेडेंशियल, जैसे कि एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि की आवश्यकता होगी। पासिंग मार्क्स और सर्टिफिकेट की वैधता बिहार STET परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स निर्धारित किए गए हैं। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है, जबकि पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित श्रेणियों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा को पास करेंगे, उन्हें बोर्ड की ओर से पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट बिहार के सरकारी स्कूलों में माध्यमिक (कक्षा 9-10) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) स्तर पर शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए अनिवार्य होगा। फाइनल आंसर-की का महत्व बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर की पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा की है। एक्सपर्ट की टीम द्वारा इन आपत्तियों की जांच के बाद ही फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है। फाइनल आंसर की के आधार पर ही अंकों की गणना की गई है, जिससे चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। रिजल्ट चेक करने के आसान स्टेप्स: 1. सबसे पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट bsebstet.org पर जाना होगा। 2. होमपेज पर उन्हें 'Bihar STET Result 2025' का लिंक दिखाई देगा। उस पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा जहां अपनी डिटेल्स दर्ज करनी होगी। 3. जानकारी सबमिट करते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। 4. उम्मीदवार इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर सकते हैं और इसका प्रिंटआउट भी ले सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और अपडेट के लिए नियमित रूप से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।  

मैच के बाद सेल्फी मांगना पड़ा भारी, रोहित शर्मा का गुस्सा कैमरे में कैद

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक फैन पर नाराज होते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में रोहित उंगली दिखाकर फैन को डांटते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी कहानी सामने आने के बाद कई लोग रोहित के व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं। दरअसल, रोहित शर्मा हाल ही में जामनगर में अपनी बेटी सैमी का जन्मदिन मनाने के बाद परिवार के साथ मुंबई लौटे थे। कलीना एयरपोर्ट पर उनके पहुंचते ही फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश करने लगे। सेल्फी के चक्कर में बिगड़ा माहौल वायरल वीडियो उसी दौरान का बताया जा रहा है। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद रोहित शर्मा अपनी पत्नी और बेटी के साथ कार में बैठ गए। जब गाड़ी आगे बढ़ने लगी तो रोहित ने फैंस को देखकर कार का शीशा नीचे किया और उन्हें हाथ हिलाकर अलविदा कहा। इसी बीच दो बच्चे रोहित के पास पहुंचे और उनके साथ फोटो लेने लगे।   शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब दोनों बच्चों ने रोहित शर्मा का हाथ पकड़ लिया और उसे खींचने लगे। इस हरकत से रोहित असहज हो गए। उन्होंने तुरंत अपना हाथ पीछे खींचा और कार का शीशा ऊपर करने लगे। इसी दौरान वह उंगली दिखाकर बच्चों को कुछ समझाते और डांटते हुए नजर आए। फैंस ने किया रोहित का समर्थन वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, लेकिन बड़ी संख्या में फैंस रोहित शर्मा के समर्थन में सामने आए। लोगों का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी या व्यक्ति की निजी सीमा होती है और इस तरह हाथ पकड़ना या खींचना गलत है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति नाराज हो सकता है। 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज वर्कफ्रंट की बात करें तो रोहित शर्मा जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से जुड़ेंगे। इस सीरीज में विराट कोहली भी खेलते नजर आएंगे। दोनों दिग्गज अब भारत के लिए केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेलते हैं। फैंस में इस सीरीज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वडोदरा में होने वाले पहले वनडे मुकाबले की टिकटें ऑनलाइन बिक्री के कुछ ही मिनटों में बिक गईं, जो रोहित और विराट के जबरदस्त क्रेज को दर्शाता है।  

बिहार में ठंड के बीच अवैध बालू कारोबार के खिलाफ धीमा हुआ छापामारी अभियान

पटना. बिहार की राजधानी पटना में 15 दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण बालू के अवैध कारोबारियों के खिलाफ चल रहे अभियान की रफ्तार सुस्त हुई है। इसके कारण जिले में अवैध बालू का कारोबार दोबारा रफ्तार पकड़ चुका है। गंगा-सोन नदी के बालू माफिया सक्रिय हो गए हैं। राजधानी की सड़कों पर बालू लादे ट्रैक्टर दोबारा फर्राटा भरते दिखने लगे हैं। हालांकि, कड़ाके की ठंड के कारण घरेलू निर्माण कार्य नहीं होने से बालू की मांग कम हुई है। व्यापारियों के अनुसार, प्रति ट्रैक्टर ट्राली हजार रुपये तक कीमत कम हुई है। इसे देखते हुए बहुत से लोग इसे अभी से खरीद कर भंडारित कर रहे हैं। अवैध बालू माफिया द्वारा कुचलने से एक सैप जवान की मृत्यु के बाद डीएम के निर्देश पर दिसंबर माह में इनके खिलाफ सघन अभियान शुरू हुआ था। सघन कार्रवाई के बावजूद भी अवैध खनन, परिवहन व भंडारण का खेल जारी था। चारो दिन छापेमारी दल ने मनेर से तीन नाव सफेद बालू जब्त कर सात लोगों को गिरफ्तार कर 34 लाख जुर्माना वसूला था। दीघा में 28 ट्रैक्टर ट्राली पकड़ कर 32 लाख जुर्माना, बेउर मोड़ से नौ ट्रैक्टर ट्राली जब्त कर 10.50 लाख आर्थिक दंड लगाया गया था। बिक्रम के रानी तालाब समेत कई अन्य जगह भी कार्रवाई हुई थी। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा था कि अवैध बालू खनन, परिवहन व भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बालू माफिया पर नकेल कसने के लिए ड्रोन, हाईटेक बोट व मजबूत सूचना तंत्र का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था। साथ ही संगठित गिरोहों पर अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए) के तहत भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कड़ाके की ठंड का असर बालू की कीमतों पर भी देखा जा रहा है। एजेंसियों के बड़े निर्माण को छोड़ दें तो घर निर्माण आदि का कार्य बंद हो चुका है। निर्माण कंपनियां बड़ी एजेंसियों से खरीदारी करती हैं। ऐसे में अवैध कारोबारियों को ग्राहक कम मिल रहे हैं। इसे देखते हुए उन्होंने प्रति ट्रैक्टर ट्राली का मूल्य एक हजार तक कम कर दिया है। वहीं, कई दुकानदार भी बाद में मूल्य बढ़ने से फायदा देखते हुए बालू भंडारित कर रहे हैं। प्रशासन, इन व्यापारियों के भंडारण स्थलों की भी जानकारी जुटा रहा है। नियमित कार्रवाई की जा रही रोहतास जिले में बालू के अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम के लिए नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। जिले में कहीं भी संगठित रूप से बालू का अवैध खनन नहीं किया जा रहा है। चोरी-छिपे लोग बालू निकाल कर अवैध कारोबार करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। – कार्तिक कुमार, जिला खनन पदाधिकारी

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर सक्रिय हुए तोखन साहू, वित्त मंत्री से मिलकर रखी छत्तीसगढ़ की बड़ी मांगें

रायपुर आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों के बीच केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्ताव सौंपे और इन्हें बजट में शामिल करने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान सांसद तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन इन संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए मजबूत परिवहन और बुनियादी ढांचे की जरूरत है। इसी क्रम में उन्होंने जिन तीन परियोजनाओं को “गेम-चेंजर” बताया, उन पर विस्तार से चर्चा की गई। कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता की मांग तोखन साहू ने वित्त मंत्री से कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्र पोषित किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से कोरबा कोयला क्षेत्र से पश्चिमी भारत तक कोयला और अन्य खनिजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की औद्योगिक जरूरतों के लिए भी एक “लाइफलाइन” करार दिया। बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने का प्रस्ताव सांसद साहू ने बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने की स्थापना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) का मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है और पास ही भिलाई इस्पात संयंत्र मौजूद है, जिससे कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी। इस परियोजना से रेलवे को लागत में लाभ मिलेगा और साथ ही छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण की मांग मुलाकात में बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर राज्य का प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र है, ऐसे में यहां बड़े विमानों के संचालन की आवश्यकता है। उन्होंने एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे विमानों के संचालन के लिए रनवे विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास हेतु विशेष बजटीय प्रावधान की मांग की। ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जोड़ा प्रस्ताव तोखन साहू ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन योजनाओं के लागू होने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और देश की जीडीपी में भी उल्लेखनीय योगदान होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसद द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ी योजनाओं पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

बिहार के डिप्टी सीएम की चेतावनी- बीमारी के हिसाब से ‘डोज’ देकर बाद में चलेगा बुलडोजर

भागलपुर/पटना. शहर पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने रविवार को स्थानीय होटल में नागरिक अभिनंदन समारोह के दौरान अतिक्रमणकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि पहले बीमारी के हिसाब से 'डोज' देंगे, बात नहीं बनी तो पहले डोजर फिर बुलडोजर चलाया जाएगा। जनता के साथ नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गरीबों की झोपड़ी उजाड़ने का पक्षधर नहीं हूं, लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्सूंगा भी नहीं। फर्जी आवेदन व कागजात लगाकर जमीन को विवादित करने वालों पर केस दर्ज होगा। इसमें सात साल तक की सजा का भी प्रविधान है। मार्च तक दाखिल-खारिज, परिमार्जन और नापी व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। उसके बाद भूमि विवाद फैलाने वाले चिह्नित किए जाएंगे। नागरिक अभिनंदन के दौरान उन्होंने सामने बैठकर शहर की समस्याओं को सुना। इस मौके पर मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने भागलपुर के दक्षिणी क्षेत्र के विकास, हथिया नाला से अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई और उसके व्यवस्थित करने की मांग रखी। नागरिक विकास समिति के अध्यक्ष रमन कर्ण ने भागलपुर सहित राज्य के सभी महापौरों को दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के मेयरों की तर्ज पर अधिक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने की मांग की। अशोक जीवराजिका ने नगर निकायों में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे स्थानीय कर्मचारियों के तबादले की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों में पारदर्शिता आएगी। इस मौके पर एमएलसी एनके यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष साह, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. रतन संथालिया, नर सेवा नारायण सेवा के अध्यक्ष दिनेश मंडल, दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अभय घोष सोनू, विषहरी पूजा समिति के प्रतिनिध सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। न्यायालय का निर्णय होगा सर्वमान्य आईआरसीटीसी घोटाले पर सोमवार को आने वाले फैसले को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालय जो भी निर्णय देगा, वह सर्वमान्य होगा और सभी को उसे स्वीकार करना चाहिए।

यासीन मछली का अस्पताल में भर्ती होने का मामला: जेल अधीक्षक बोले- गंभीर बीमारी नहीं, कोर्ट को किया गुमराह

​भोपाल भोपाल की नसों में ड्रग्स का जहर घोलने वाला कुख्यात तस्कर यासीन मछली इन दिनों सलाखों के पीछे रहने के बजाय अस्पताल के बेड पर है। यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत लेकर हमीदिया अस्पताल पहुंचे यासीन को लेकर अब जेल प्रबंधन ने बड़ा खुलासा किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि आरोपी को कोई गंभीर बीमारी नहीं है और उसकी हालत पूरी तरह स्थिर है। मेडिकल रिपोर्ट आते ही उसे वापस जेल की काल कोठरी में शिफ्ट करने की अर्जी अदालत में लगाई जाएगी। हालांकि, जेल प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इस बात की लिखित जानकारी न्यायालय को दी जा चुकी है। मेडिकल बोर्ड से उसकी बीमारी की डिटेल रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन यह रिपोर्ट भी अब तक जेल प्रशासन को सौंपी नहीं गई है। जेल सुप्रीटेंडेंट राकेश भांगरे के मुताबिक यासीन को जेल में रहते यूरिन में साधारण इंफेक्शन की शिकायत थी। जिसका जेल में ही उपचार करा दिया गया और उसे आराम भी मिला। हालांकि उसके परिजनों की ओर से न्यायालय में आवेदन देकर इलाज बाहर किसी अस्पताल में कराने की मांग गई। तब कोर्ट उसे उसकी बीमारी संबंधी जानकारी पत्राचार के माध्यम से मांगी गई। कोर्ट को उसकी बीमारी से जुड़ी पूरी जानकारी दी। जिसमें साफ किया गया कि यासीन को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। 24 दिसंबर को एक बार फिर कोर्ट से लेटर प्राप्त हुआ, जिसमें आदेश दिया गया कि तत्काल यासीन को हमीदिया अस्पताल चेकअप के लिए भेजा जाए। उसे हमीदिया भेजते ही वहां भर्ती कर लिया गया। हमारी ओर से मेडिकल बोर्ड से पत्राचार के माध्यम से जानकारी मांगी चाही गई कि यासीन की गंभीर बीमारी से मेडिकल रिपोर्ट सहित अवगत कराया लेकिन आज तक मेडिकल बोर्ड से इसका जवाब नहीं मिला है। रेव पार्टियां और ब्लैकमेलिंग का मास्टरमाइंड यासीन का नेटवर्क शहर के रसूखदार मछली कारोबारी शारिक मछली से जुड़ा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि यासीन केवल ड्रग्स नहीं बेचता था, बल्कि वह फार्महाउसों और क्लबों में हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित कर युवतियों को नशे का आदी बनाता था। उस पर नशा देकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के भी संगीन मामले दर्ज हैं। ​कोर्ट के आदेश पर मिला अस्पताल का सुख क्राइम ब्रांच द्वारा जुलाई में एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए यासीन ने अपनी बीमारी को ढाल बनाकर अदालत में गुहार लगाई थी। जेल अस्पताल से बाहर निकलकर बेहतर इलाज के नाम पर वह पिछले सात दिनों से हमीदिया अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद कोर्ट को लिखित में स्थिति साफ कर दी जाएगी कि उसे अस्पताल में रखने की जरूरत नहीं है। ऐसे कुख्यात यासीन तक पहुंची थी क्राइम ब्रांच दरअसल, 18 जुलाई को भोपाल पुलिस ने सैफुद्दीन और शाहरुख नाम के दो ड्रग पैडलर को पकड़ा था। वे शहर के विभिन्न क्लबों और पार्टियों में एमडी (मेथामफेटामिन) पाउडर की सप्लाई करते थे। उनसे हुई पूछताछ के बाद पता चला था कि आरोपी पार्टी, क्लब और जिम के माध्यम से युवाओं को फिटनेस और पार्टी कल्चर के नाम पर ड्रग्स का आदी बनाते थे। लड़कियों को पहले मुफ्त में नशा करवा कर उनका शोषण किया जाता था ताकि वे क्लब पार्टियों का आकर्षण केंद्र बन सकें। इनसे 15 ग्राम एमडी पुलिस ने जब्त किया था। 18 जुलाई को गिरफ्तार इन आरोपियों ने पुलिस के सामने जब चाचा-भतीजे के कारनामों का खुलासा किया तो पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में प्लानिंग कर इन दोनों ड्रग पैडलर यासीन और शाहवर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान यासीन ने भागने की कोशिश की और अपनी स्कॉर्पियो से दो कारों को टक्कर मारी। पुलिस ने इन्हें जेल में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस को इनके पास जो गाड़ी मिली उस पर विधानसभा का पास और प्रेस भी लिखा हुआ था। जेल में यासीन बंदी नंबर 2318 भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्कर डीजे यासीन अहमद उर्फ मछली को जेल में विचाराधीन बंदी नंबर 2318 के रूप में जाना जाता है। वह अपने बैरक में कम ही बंदियों से बातचीत करता है और गुमसुम रहता है।

उज्जैन: महाकाल मंदिर के समीप अवैध होटल पर नगर निगम का कड़ा प्रहार, 3 मंजिला होटल को जमींदोज किया गया

उज्जैन  महाकाल मंदिर मार्ग पर सोमवार सुबह नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीन मंजिला अवैध होटल पर बुलडोजर चला दिया। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में पोकलेन मशीन की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध निर्माण भवन क्रमांक 97/7 ए पर किया जा रहा था, जहां नूरजहां पति गुलाम मोहम्मद द्वारा बिना अनुमति के जी प्लस 3 मंजिला होटल का निर्माण कराया जा रहा था। यह क्षेत्र नगर निगम के जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत आता है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्ष को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर बिना अनुमति निर्माण कार्य न करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माणकर्ता ने न्यायालय का रुख जरूर किया था, लेकिन उन्हें किसी प्रकार का निर्माण अनुमति प्राप्त नहीं हुई थी। नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण जारी रहने पर नगर निगम ने नियमानुसार कठोर कदम उठाया। भवन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया, "इन्हें बार-बार सूचित किया गया था कि बिना अनुमति निर्माण न करें. ये जवाब देने के बजाय कोर्ट चले गए, लेकिन वहां से कोई स्टे नहीं मिला. नियमों की अवहेलना और अवैध निर्माण जारी रखने के कारण आज फाइनल नोटिस के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई." महाकाल मंदिर मार्ग संवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र होने के कारण यहां अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन पहले से ही सख्त है। नगर निगम का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम की इस बड़ी कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ