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नए साल में 8 जनवरी का राशिफल: आपकी राशि के लिए शुभ या अशुभ क्या कह रहे हैं सितारे?

मेष राशि: आज आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना है। लव लाइफ में बीते दिनों की गलतफहमियां दूर हो सकती हैं, बस बातचीत खुलकर करें। पार्टनर की फीलिंग्स को समझने की कोशिश करें। कामकाज में एक साथ कई जिम्मेदारी मिल सकती है, लेकिन आपकी मेहनत सीनियर को नजर आएगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बस आपको फालतू खर्च से बचना है। जरूरत पड़ने पर आराम जरूर करं। वृषभ राशि: आज रिश्तों में अपनापन और स्थिरता बनी रहेगी। लव लाइफ में भरोसा बढ़ेगा और शादीशुदा लोगों के लिए दिन सुकून भरा रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारी या नया अवसर मिल सकता है, जिसे आप अच्छे से निभाएंगे। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, बड़े निवेश से फिलहाल बचें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खानपान में लापरवाही न करें। मिथुन राशि: आज दिन मिला-जुला रह सकता है। लव लाइफ में हल्की बहस संभव है, लेकिन सही बातचीत से बात संभल जाएगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात मन खुश कर सकती है। करियर में नए काम सीखने का मौका मिलेगा, जिससे आगे फायदा होगा। पैसों से जुड़ी छोटी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन दिन के अंत तक स्थिति संभल जाएगी। सेहत के लिए जंक फूड और देर रात तक जागने से बचें। कर्क राशि: आज इमोशनल लेवल पर आप मजबूत महसूस करेंगे। लव लाइफ में अच्छे और सुकून भरे पल बिताने का मौका मिलेगा। परिवार का सपोर्ट मिलेगा, जिससे मन हल्का रहेगा। नौकरी और व्यापार में आपकी परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी और किसी से तारीफ भी मिल सकती है। धन लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च सोच-समझकर करें। सेहत ठीक रहेगी, बस मानसिक तनाव से दूर रहें। सिंह राशि: आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ी हुई रहेगी। लव लाइफ में साफ-साफ बात करना रिश्ते को मजबूत करेगा। पार्टनर से कोई जरूरी चर्चा हो सकती है। करियर में सीनियर या बॉस का सहयोग मिलेगा और आपकी बातों को महत्व दिया जाएगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखें। कन्या राशि: आज धैर्य और अनुशासन से काम लेने का दिन है। प्रेम जीवन में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। करियर में मेहनत का फल मिलने लगेगा और सीनियर आप पर भरोसा करेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नींद पूरी लें। तुला राशि: आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें बखूबी निभाएंगे। लव लाइफ में धैर्य रखना जरूरी है, छोटी बातों को दिल पर न लें। कामकाज में मेहनत रंग लाएगी और पुराने अटके काम पूरे हो सकते हैं। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें। सेहत को लेकर पेट या थकान से जुड़ी परेशानी हो सकती है, दिनचर्या संतुलित रखें। धनु राशि: आज रिश्तों में संतुलन और समझ बनी रहेगी। लव लाइफ में नई शुरुआत या कोई अच्छा फैसला संभव है। करियर में टीमवर्क से सफलता मिलेगी और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है, किसी पुराने इन्वेस्टमें से लाभ मिलने के संकेत हैं। सेहत अच्छी रहेगी और मन प्रसन्न रहेगा। मकर राशि: आज फीलिंग्स थोड़ी तेज रह सकती हैं, इसलिए संयम जरूरी है। लव लाइफ में ईमानदारी और भरोसा बनाए रखें। कामकाज में दबाव रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत आपको आगे ले जाएगी। पैसों को लेकर सावधानी रखें, उधार देने से बचें। सेहत में हल्की परेशानी हो सकती है, आराम और सही खानपान जरूरी है। कुंभ राशि: आज पॉजिटिव सोच आपके लिए फायदेमंद रहेगी। लव लाइफ में खुशखबरी या कोई अच्छा संकेत मिल सकता है। करियर में नए अवसर सामने आएंगे, खासकर नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए दिन अच्छा है। पैसों की स्थिति मजबूत होगी और आमदनी बढ़ सकती है। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन ट्रैवल के दौरान सावधानी रखें। वृश्चिक राशि: आज दोस्तों और अपनों का साथ मिलेगा, जिससे मन खुश रहेगा। लव लाइफ में समझदारी से फैसले लें और पार्टनर को समय दें। करियर में नए आइडिया और योजनाएं काम आएंगी। आज आपकी आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन रिस्की इन्वेस्टमेंट से बचें। सेहत को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं रहेगी। मीन राशि: आज आपको इमोशनल तौर पर संतुलित रहने की जरूरत है। आपकी लव लाइफ में भरोसा और अपनापन बढ़ेगा। करियर में रचनात्मक कामों में सफलता मिलेगी और आपका टैलेंट सामने आएगा। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत ठीक रहेगी, ध्यान और योग से मन शांत रहेगा।

योगी सरकार का कड़ा कदम, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द करने का आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में होने वाली सभी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम निर्णय लेते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद के लिए अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर एसटीएफ यूपी को सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गोपनीय जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों- महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ थाना विभूतिखंड, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकालकर कई अभ्यर्थियों को धन लेकर उपलब्ध कराए थे। एसटीएफ की गहन विवेचना और डेटा विश्लेषण से उसकी स्वीकारोक्ति की पुष्टि हुई। जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों और व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। आयोग से प्राप्त डाटा के मिलान में यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा का आयोजन शीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

आमजन की भागीदारी से बनेगा बजट, CM सैनी ने शुरू किया 3 भाषाओं वाला सुझाव पोर्टल

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के बजट को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में उन्होंने मंगलवार को 2026-27 के बजट को लेकर गुरुग्राम में प्री-बजट मंथन में हिस्सा लिया। इस आशय के बारे में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा कि 'हरियाणा का बजटः आपकी राय, हमारा संकल्प। हरियाणा के विजन 2047 को साकार करने की दिशा में आज गुरुग्राम में आयोजित 'प्री-बजट मंथन' में सहभागिता करते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए। हरियाणा का आगामी बजट प्रदेश के हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इसी क्रम में इस वर्ष भी लगातार सैटरवार बैठकें आयोजित कर सभी हितधारकों से बजट संबंधी सुझाव लिए जाएंगे। हम प्रदेश के प्रत्येक परिवारजन से आह्वान करते हैं कि वे वित्त वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण में सक्रिय सहभागिता कर सशक्त और समृद्ध हरियाणा के निर्माण में अपना योगदान दें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सैनी ने मंगलवार को गुरुग्राम में ए.आई. आधारित हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का शुभारंभ किया जिस पर प्रदेशवासी हरियाणवी, हिंदी तथा अंग्रेजी तीनों भाषाओं में अपने सुझाव दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारी पारदर्शिता, नागरिक सहभागिता तथा सहभागी शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी इस साल फरवरी माह में बतौर वित्त मंत्री अपना दूसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। पिछली बार प्रदेश का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए था। इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है और 2026-27 का बजट 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है। पिछली बार की तरह से इस बार भी बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, ग्रामीण व शहरी विकास पर फोकस किया जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष में कृषि का बजट 7600 करोड़ रुपए था। शिक्षा व खेल का बजट 22 हजार 312 करोड़ रुपए, स्वस्थ्य का बजट 10 हजार 539 करोड़ रुपए था। ऐसे ही ग्रामीण विकास का बजट 7313 करोड़ रुपए, सिंचाई का बजट 6 हजार करोड़ रुपए, स्थानीय निकाय का बजट 5911 करोड़ रुपए था। अब अगले वित्तीय वर्ष के बजट को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पूरी तैयारी कर ली है। अब वह विभिन्न वर्ग के लोगों से बजट को लेकर मंथन करेंगे और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। बजट सत्र के आयोजन से पहले विधानसभा में प्री-बजट डिस्कशन के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा जिसमें सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के विधायकों से भी सुझाव लिए जाएंगे। साल-दर-साल ऐसे बढ़ता गया बजटः गौरतलब है कि 26 अक्तूबर, 2014 को मनोहर लाल खट्टर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और बतौर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने फरवरी 2015 में 2015-16 का बजट पेश किया था जो 86 हजार करोड़ रुपए था और पिछले साल बतौर वित्त मंत्री नायब सैनी ने 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। ऐसे में 2015-16 से 2025-26 तक बजट में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। 2023-24 में बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 1 लाख 66 हजार करोड़ रुपए का जबकि 2024-25 में 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए बजट पेश किया था। इससे पहले 2021-22 में 1 लाख 35 हजार करोड़ रुपए, 2022-23 में 1 लाख 64 हजार का बजट पेश किया गया था। 2019-20 में 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपए, 2020-21 में 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। मनोहर लाल खट्टर ने शुरू की थी नई परम्परा मनोहर लाल खट्टर 27 अक्तूबर 2019 को दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें और उन्होंने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा। नए-नए प्रयोगों के लिए पहचान रखने वाले मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के बजट को आर्थिक विकास का आईना माना और इसके लिए जनसहभागिता को सुनिश्चित किया। उन्होंने जनता के अलग-अलग वर्गों से बजट को लेकर सुझाव मांगे। इस कड़ी में किसानों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, दुकानदारों, जनप्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए। विशेष बात यह है कि इसको लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से प्री-बजट डिस्कशन बैठकों का सिलसिला शुरू किया गया। यही नहीं, बजट पर डिस्कशन को लेकर प्री-बजट सत्र भी बुलाने की पहल भी की गई। बतौर वित्त मंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के हित में आए सुझावों को बजट में शामिल किया। उन्होंने विपक्ष के विधायकों के सुझाव भी बजट में शामिल किए। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी मुख्यमंत्री नायब सैनी फरवरी माह में अपना बजट प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले 2016-17 में 90 हजार करोड़ रुपए एवं 2017-18 में 1 लाख 2 हजार करोड़ रुपए एवं 2018-19 में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था।

रेकी पूरी, वारदात से पहले दबोचे गए आरोपी—लुधियाना में KCF के 2 सदस्यों की गिरफ्तारी

पंजाब पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खालिस्तान कमांडो फोर्स के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने लुधियाना की काउंटर इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर एक टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा की है। गिरफ्तार किए गए लुधियाना निवासी आरोपियों के कब्जे से एक 9 MM पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी यूके और जर्मनी में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे, जिनका संबंध प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा हुआ है। DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘x’ पर बताया कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी और प्रमुख संस्थानों की रेकी की थी। इसके अलावा, उन्हें कुछ अन्य चिन्हित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने और ग्राउंडवर्क करने का भी जिम्मा सौंपा गया था। इस मामले में मोहाली में FIR दर्ज कर ली गई है और नेटवर्क की आगे-पीछे की कड़ियों को खंगालने के लिए जांच जारी है।   बता दें कि, लुधियाना में आतंकी हमले की धमकी मिलने के बाद जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। अगस्त महीने में सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाए जाने से जुड़े इनपुट मिलने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। हालांकि उस समय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इसे नियमित सुरक्षा अभ्यास बता रहे थे। इसके बाद से अब तक लुधियाना के कई सरकारी दफ्तरों के बाहर इसी तरह के सुरक्षा प्रबंध लगातार बनाए रखे गए हैं।     गौरतलब है कि एक दिन पहले भी पंजाब पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए अर्श डल्ला गैंग से जुड़े 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से 4 अवैध पिस्टल, चार मैगजीन और 26 कारतूस बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (निवासी गिल पट्टी, बठिंडा, वर्तमान में कनाडा), गुरविंदर सिंह (कोटशमीर, बठिंडा) और गगनदीप सिंह (गांव भोखरा, बठिंडा) के रूप में हुई है। जिनके पास से  एक ग्लॉक पिस्टल, एक जिगाना, एक .30 बोर और एक .32 बोर पिस्टल बरामद किए थे।

रेलवे अलर्ट: कोयल नदी पुल में आई दरार, दो माह तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित

रांची लोहरदगा में कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पेन संख्या-5 में दरार पाई गई है। सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन ने लोहरदगा स्टेशन को मार्च महीने तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके चलते रांची राजधानी एक्सप्रेस और रांची-सासाराम एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का परिचालन इस रूट पर अगले दो महीने तक नहीं होगा। रांची से लोहरदगा के बीच ट्रेन का परिचालन पूरी तरह बंद रेलवे अधिकारियों के अनुसार रांची–सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से मेसरा–बरकाकाना के रास्ते चलाई जाएगी। वहीं रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग रांची–टाटीसिलवे–मेसरा–बरकाकाना होकर चलाने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। यात्रियों को बस से पहुंचाया जाएगा इरगांव रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रांची–लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन लोहरदगा स्टेशन के बजाय लगभग आठ किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक करने का निर्णय लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए लोहरदगा से इरगांव के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि बसों की संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन भी शुरू की जा रही है, ताकि यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो।  

1.50 करोड़ का फ्रॉड: मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज

पंजाब पंजाब में आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच लुधियाना पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मिली जानकारी के अनुसार मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है, जिसे लेकर लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के आदेशों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी मुताबिक, कारोबारी समीर जुनेजा निवासी मोहाली जोकि गोल्ड स्टार प्रॉपर्टीज के मालिक हैं। उसने करीब 1.50 करोड़ रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह निवासी पटियाला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह ने बताया कि आरोपी कारोबारी समीर जुनेजा ने उससे 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी उसकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। गुरजोत ने आगे बताया कि लुधियाना में उसके जानकार सुमित सचदेवा, जिनका शराब और अहाते का कारोबार है, उसने ही मोहाली के प्रॉपर्टी कारोबारी समीर जुनेजा से मुलाकात करवाई थी। इस दौरान प्रॉपर्टी की डील 1.50 करोड़ रुपए में हुई। कारोबारी समीर जुनेजा ने 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच करने करने पर बाद में पता चला कि प्रॉप्रटी समीर जुनेजा की थी ही नहीं। पूरा मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पता चला कि समीर जुनेजा ने करोड़ों रुपए की ठगी की है। इसके बाद लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने एक्शन लेते हुए कारोबारी समीर जुनेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

CTH और बफर क्षेत्र निर्धारण पर विवाद, सरिस्का में 9 जनवरी को होंगी विशेष ग्राम सभाएं

अलवर सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) और बफर क्षेत्र के निर्धारण को लेकर जिला प्रशासन ने अहम प्रक्रिया शुरू की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की अनुशंसाओं के अनुपालन में 9 जनवरी को सरिस्का से जुड़े ग्राम पंचायत क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य प्रस्तावित सीमा निर्धारण पर ग्रामीणों से सुझाव, परामर्श और आपत्तियां प्राप्त करना है। कलेक्टर ने बताया कि ग्राम सभाओं में वन विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जो सरिस्का टाइगर रिजर्व के प्रस्तावित नक्शों, सीटीएच और बफर क्षेत्र की सीमाओं तथा उनके प्रभावों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को देंगे। यदि किसी ग्रामीण को इस प्रस्ताव पर कोई आपत्ति है या कोई सुझाव देना है, तो वह उसी दिन ग्राम सभा में अपनी बात दर्ज करा सकता है। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 9 जनवरी के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी सुझाव या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाया जा सके। वन विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार सरिस्का टाइगर रिजर्व के अंतर्गत 9,091.22 हेक्टेयर क्षेत्र को क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट और 4,753.63 हेक्टेयर क्षेत्र को बफर जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38 (V) के तहत इस तरह के किसी भी बदलाव से पहले संबंधित ग्राम सभाओं से परामर्श लेना अनिवार्य है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत यह विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रहे। इस बीच सरिस्का के प्रस्तावित क्षेत्र निर्धारण को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहराता नजर आ रहा है। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरिस्का टाइगर रिजर्व के 4,839.07 हेक्टेयर सीटीएच क्षेत्र को बफर एरिया में बदलने के प्रस्ताव पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर अलवर को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपते हुए इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। जूली ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राज्य सरकार का यह कदम 17 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट वे संवेदनशील क्षेत्र होते हैं, जिन्हें बाघों के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक आधार पर पूरी तरह सुरक्षित और अक्षुण्ण रखा जाना आवश्यक है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का भौगोलिक या प्रशासनिक बदलाव वन्यजीव संरक्षण के मूल उद्देश्य के विपरीत है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आशंका जताई कि सीटीएच को बफर क्षेत्र में बदलने के पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्षेत्र की 50 से अधिक बंद पड़ी खदानों को पुनः शुरू करना है। उन्होंने मालाखेड़ा, उमरैण और थानागाजी उपखंडों के दर्जनों गांवों और क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बदलाव से पर्यावरण, वन्यजीव और स्थानीय ग्रामीणों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल 9 जनवरी को होने वाली ग्राम सभाओं पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इन्हीं सभाओं के जरिए सरिस्का टाइगर रिजर्व के भविष्य से जुड़े अहम निर्णयों की दिशा तय होगी।  

किसानों को राहत की उम्मीद: बजट 2026 में PM-KISAN की राशि बढ़ाने की तैयारी, अब मिल सकते हैं इतने हजार

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026 अब ज्यादा दूर नहीं है और इसे लेकर देशभर के किसानों की नजर सरकार पर टिकी हुई है। खेती की बढ़ती लागत और महंगाई के बीच किसान उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार बजट में उनके लिए कोई बड़ा एलान हो सकता है। खासतौर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 6,000 से बढ़कर 10,000 रुपये हो सकती है सालाना मदद फिलहाल पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को साल में 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। लेकिन मौजूदा हालात में किसानों का कहना है कि यह राशि अब जरूरतों के मुकाबले कम पड़ रही है। ऐसे में बजट 2026 में इस मदद को बढ़ाकर 10,000 रुपये सालाना करने की उम्मीद जताई जा रही है। क्यों जरूरी मानी जा रही है बढ़ोतरी पिछले कुछ वर्षों में खेती से जुड़ा खर्च तेजी से बढ़ा है। बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल, सिंचाई और कृषि उपकरणों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को मिलने वाली सीमित सहायता से खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। अगर सरकार पीएम किसान योजना की रकम बढ़ाती है, तो इससे किसानों को खेती में निवेश करने, फसल उत्पादन सुधारने और आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिल सकता है फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसानों के हाथ में ज्यादा पैसा आता है, तो उनकी खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी। इससे गांवों में खर्च बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसका असर कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। कब शुरू हुई थी पीएम किसान योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 में की गई थी। इसका मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये की मदद सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किसानों के खातों में भेजी जाती है। अब सभी की नजरें बजट 2026 पर टिकी हैं। अगर सरकार इस योजना की राशि बढ़ाने का ऐलान करती है, तो यह किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।    

राशन कार्डों का 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण

रायपुर. छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।

प्रभास पाटन में भव्य सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, 72 घंटे चलेगा ओंकार नाद; प्रधानमंत्री मोदी होंगे शामिल

गांधीनगर गुजरात के प्रभास पाटन में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' आयोजित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। इस पर्व का मकसद है सोमनाथ मंदिर की हजारों साल पुरानी विरासत को याद करना और उसकी महत्ता को सलाम करना। सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि भारत की अडिग भावना और संस्कृति का प्रतीक है। यह भारत की उस सभ्यता की आत्मा का प्रतीक है, जो हजारों साल पुरानी है, जिस पर बार-बार हमले हुए, लेकिन जिसे कभी पूरी तरह तोड़ा नहीं जा सका। यही वजह है कि यह मंदिर हमेशा से देशवासियों की श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है। साल 1026 से लेकर अब तक सोमनाथ मंदिर पर कई बार हमले हुए, लेकिन आज भी यह पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। इस साल सोमनाथ मंदिर के प्रति अटूट आस्था के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है। इसके तहत मंदिर परिसर में 8 से 11 जनवरी तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि इस आयोजन के तहत 8 से 11 जनवरी तक प्रभास पाटन में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद होगा। इसका मतलब है कि लगातार तीन दिनों तक सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘ॐ’ की आवाज निरंतर गूंजती रहेगी। हर्ष संघवी ने लोगों को इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का हिस्सा बनने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस खास आयोजन में जुड़ें और सोमनाथ मंदिर की महिमा को महसूस करें। सबसे खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को गुजरात दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी खुद भी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार से 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के मंदिर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।