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रिद्धिमा पाठक का राष्ट्र प्रेम: बांग्लादेशी लीग छोड़कर देश को रखा पहले स्थान पर

रांची  भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के बीच मौजूदा समय में रिश्ते संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं. इसी बीच क्रिकेट जगत से जुडी एक खबर ने सबका ध्यान खींचा है. भारतीय महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक (Ridhima Pathak) ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के आगामी सीजन से खुद को अलग करने का फैसला लिया है. सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला उनका खुद का है और इसके पीछे देश और क्रिकेट के प्रति सम्मान की भावना है. रिद्धिमा के इस कदम को साहसिक माना जा रहा है. जानिए क्या है उनका रांची से कनेक्शन. BPL से नाम वापस लेने का कारण रिद्धिमा पाठक ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह स्पष्ट किया कि उन्हें बीपीएल से हटाया नहीं गया है. उन्होंने खुद आगामी सीजन में हिस्सा न लेने का फैसला किया है. रिद्धिमा ने कहा कि उनके लिए देश सबसे पहले आता है और क्रिकेट किसी भी असाइनमेंट से ऊपर है. उन्होंने यह भी कहा कि खेल में सच्चाई और सम्मान सबसे अहम होते हैं. बीते कुछ समय से चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए उन्होंने साफ किया कि वह हमेशा ईमानदारी और खेल भावना के साथ खडी रहेंगी. कौन हैं रिद्धिमा रिद्धिमा का जन्म 17 फरवरी साल 1990 में झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था. पेशे से वह मॉडल, एक्टर, वॉइस आर्टिस्ट, टीवी प्रजेंटर और एंकर हैं. रिद्धिमा ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप के जरिए की थी. वह स्टार स्पोर्ट्स, टेन स्पोर्ट्स, सोनी और जियो पर काफी सारे स्पोर्ट्स ईवेंट्स को प्रजेंट कर चुकी हैं. रिद्धिमा को खास पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली.रिद्धिमा ने कई बड़े स्टार क्रिकेटर्स का इंटरव्यू किया है. आईसीसी ने बांग्लादेश को दिया झटका मंगलवार को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने टी20 वर्ल्ड कप मुकाबलों को भारत से बाहर कराने की अपील की थी. यह फैसला मुस्ताफिज़ुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद सामने आया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स से मुस्ताफिज़ुर को रिलीज़ करने को कहा था. जब शाहरुख खान की मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइज़ी को दिसंबर ऑक्शन में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा था. यह विरोध बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों के बीच हुआ था. BCCI की ओर से मुस्ताफिज़ुर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की मांग बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को रास नहीं आई. BCB ने एक आपात बैठक में इस मुद्दे को उठाया और भारत में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरे की बात कही. ICC के सामने अपील करते हुए बोर्ड ने पुराने उदाहरणों का भी हवाला दिया, लेकिन टूर्नामेंट भारत में ही कराने पर ICC के अड़े रहने से हालात की गंभीरता साफ झलकती है. तनाव को और बढ़ाते हुए बांग्लादेश ने आगामी आईपीएल सीज़न के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगा दिया. रांची में जन्म और शुरुआती जीवन रिद्धिमा पाठक का जन्म 17 फरवरी 1990 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था. मौजूदा समय में उनकी उम्र 35 साल है. बचपन से ही वह आत्मविश्वासी और सक्रिय रही हैं. पढाई के साथ साथ उन्हें बोलने और मंच पर आने का शौक था. यही वजह रही कि आगे चलकर उन्होंने मीडिया और आर्ट्स की दुनिया को अपना करियर चुना. आज वह मॉडल एक्टर वॉइस आर्टिस्ट और टीवी एंकर के तौर पर पहचानी जाती हैं. रेडियो से टीवी तक का सफर रिद्धिमा ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप से की थी. इसके बाद उन्होंने रेडियो जॉकी के रूप में काम किया. यहीं से उनकी आवाज और प्रस्तुति को पहचान मिलने लगी. धीरे धीरे उन्हें स्पोर्ट्स चैनलों में मौका मिला. वह स्टार स्पोर्ट्स टेन स्पोर्ट्स सोनी और जियो जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर कई खेल आयोजनों को होस्ट कर चुकी हैं. आज भी वह इन चैनलों के साथ सक्रिय रूप से जुडी हुई हैं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं. टोक्यो ओलंपिक्स से मिली खास पहचान रिद्धिमा पाठक को देश भर में खास पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान मिली. इस दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय आइस हॉकी खिलाड़ी वीरेन रस्किन्या के साथ मिलकर भारतीय हॉकी टीम का विश्लेषण किया. उनकी स्पष्ट भाषा और खेल की गहरी समझ ने दर्शकों को प्रभावित किया. इसके बाद उन्हें एक सशक्त महिला स्पोर्ट्स प्रेजेंटर के रूप में जाना जाने लगा. इंजीनियर से स्पोर्ट्स एंकर बनने की कहानी रिद्धिमा ने मुंबई के रामनिरंजन पोदार स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. स्कूल के दिनों में ही वह डिबेट और थिएटर से जुड गई थीं. साल 2008 में उन्होंने MKSSS कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. उन्हें इंजीनियर की नौकरी भी मिली लेकिन आर्ट्स के प्रति लगाव के कारण उन्होंने यह नौकरी छोड दी. आगे चलकर उन्होंने विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के इंटरव्यू लिए और अपनी अलग पहचान बनाई.

विवाद पर सफाई: BPL से बाहर नहीं हुईं रिद्धिमा पाठक, कहा– देश सर्वोपरि है

ढाका मुस्तफिजुर रहमान को जब से आईपीएल से निकाला गया है, तब से इंडिया और बांग्लादेश के बीच खासकर क्रिकेट से जुड़े मामलों में बहुत तनाव देखा गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले तो भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार किया, फिर आईपीएल को अपने यहां बैन किया और अब खबर थी कि बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल से भारतीय मैच प्रजेंटर रिद्धिमा पाठक को निकाल दिया गया है। ये सच्चाई जरूर है कि रिद्धिमा पाठक बांग्लादेश में जारी इस टी20 टूर्नामेंट से दूर हुई हैं, लेकिन उनको बाहर नहीं निकाला गया है, बल्कि उन्होंने खुद इस टूर्नामेंट से दूरी बनाई है।   रिद्धिमा पाठक ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है, जिनमें ये दावा किया गया था कि रिद्धिमा पाठक को बीपीएल से निकाल दिया गया है, जो मैच प्रेजेंटर थीं। रिद्धिमा पाठक ने कहा है कि कॉम्पिटिशन पैनल छोड़ने का फैसला उनका अपना था।  पाठक ने समझाया कि उन्होंने बीपीएल क्यों छोड़ा? इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए स्टेटमेंट में रिद्धिमा पाठक ने कहा, "पिछले कुछ घंटों में, ऐसी बातें चल रही हैं कि मुझे BPL से 'हटा' दिया गया है। यह सच नहीं है। मैंने खुद बाहर निकलने का फैसला किया। मेरे लिए, मेरा देश हमेशा सबसे पहले आता है और मैं क्रिकेट के खेल को किसी भी एक काम से कहीं ज्यादा अहमियत देती हूं। मुझे सालों तक ईमानदारी, सम्मान और जुनून के साथ इस खेल की सेवा करने का मौका मिला है। यह नहीं बदलेगा। मैं ईमानदारी, साफगोई और खेल की भावना के लिए खड़ी रहूंगी। सपोर्ट के लिए संपर्क करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया। आपके मैसेज का मतलब आपकी सोच से कहीं ज्यादा है। क्रिकेट सच का हकदार है। बस। मेरी तरफ से और कोई कमेंट नहीं।" उधर, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की हालत आईसीसी ने टाइट कर दी है। रिपोर्ट्स की मानें तो आईसीसी ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप में खेलना है तो भारत आकर मैच खेलने होंगे। अन्यथा फोरफीट दे दिया जाएगा। दूसरी टीमों को बिना खेले अंक दे दिए जाएंगे। इस पर आधिकारिक फैसला जल्द हमें देखने को मिलेगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के बेटे ने बाइक सवार को रौंदा

रायपुर. रायपुर में सोमवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह के 33 वर्षीय बेटे बलवंत सिंह का नाम सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, बलवंत सिंह अपनी कार से जा रहे थे, तभी उन्होंने एक मोटर साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे के बाद आरोपी दूसरी कार से फरार हो गया. यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के सालासर चौक पर रात करीब 1 बजे हुई. हादसे का शिकार हुआ 34 वर्षीय त्रिभुवन सिंह एक डीजे (DJ) है और काम से घर लौट रहा था. प्रत्यक्ष दर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, टक्कर मारने के बाद बलवंत सिंह अपनी कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से मौके से फरार हो गया. घायल त्रिभुवन को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. थाने से ही मिली जमानत तेलीबांधा पुलिस ने मंगलवार शाम बलवंत सिंह को गिरफ्तार किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a) और 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है. चूंकि ये धाराएं जमानती थीं, इसलिए उसे बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया  इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा : मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा  प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी  राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर  साबित होगा, देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित  में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए  ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी, मानदेय  का साप्ताहिक भुगतान होगा, भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी किसानों को मजदूरों की कमी दूर करने के लिए राज्यों को बुआई व  कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम  और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी, सेटेलाइट  इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ  संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना है। मुख्यमंत्री जी आज यहां विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए। इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा। उत्तर प्रदेश को विकसित भारत-जी राम जी से अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अस्थायी और अधूरी सम्पत्तियों का दीर्घकालीन लाभ नहीं होता है। वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्य विकसित भारत की आधारशिला मजबूत करेगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होंगे, जब हमारी आधारभूत इकाई गांव विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, किसान आत्मनिर्भर होगा व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी है। मानदेय का साप्ताहिक भुगतान होगा। भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी है। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन चुका है। खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुआई व कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया है। उस समय वी बी-जी राम जी के कार्य स्थगित रहेंगे। इसके माध्यम से किसान और मजदूर दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस अधिनियम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यां की चार श्रेणियां निर्धारित कर सकेंगी। अधिनियम के तहत जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्तर्गत सड़क, नाली आदि का विकास किया जा सकता है। गांवों में खेल का मैदान, ओपन जिम, बाजार, दुकानों जैसे आजीविका सम्बन्धी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकता है। प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से निपटने तथा आपदा प्रबन्धन की तैयारी हेतु कार्य किये जा सकते हैं। परिणामस्वरूप, बाढ़ प्रबन्धन के लिए किये जाने वाले छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों की शासन पर निर्भरता कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी है। इनमें बायोमैट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, रियल टाइम मोबाइल ऐप मॉनीटरिंग, ए0आई0 से निगरानी तथा डिजिटल भुगतान जैसी युक्तियां सम्मिलित हैं। अब हाजिरी भरने की औपचारिकताएं नहीं होंगी, बल्कि बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। सेटेलाइट इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी। डिजिटल भुगतान के माध्यम से श्रमिकों के खाते में मानदेय की धनराशि भेजी जाएगी।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित है। यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा। इसमें केन्द्र व राज्य की साझेदारी 60ः40 की होगी। स्पष्ट वार्षिक बजट के साथ कार्य मांग आधारित रहेगा। राज्यों को अधिक वित्तीय भागीदारी, स्वामित्व व गुणवत्ता सुधार का अधिकार दिया गया है। राज्यों को अब इस अधिनियम के माध्यम से 17,000 करोड़ रुपये अधिक धनराशि प्राप्त हो सकती है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि … Read more

ईरानी गैंग का आतंक: भोपाल में चोरी, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने के मामलों में सरगना राजू का नाम सामने

भोपाल राजधानी भोपाल में पुलिस की एक सटीक कार्रवाई ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा. ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई के बाद अब देश के कम से कम 6 राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. वजह साफ है जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में चेन स्नेचिंग, ठगी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं. भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं। ईरानी डेरा में छुपा है डर, दहशत और रहस्य भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से चर्चा में रहा है. कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब इस डेरे में जाने से पुलिस भी कतराती थी. 12 राज्यों में खौफ का ठिकाना बताए जाने वाले इस डेरे को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह तक कहा गया. लेकिन हालिया कार्रवाई के बाद पहली बार इस डेरे के भीतर की तस्वीरें और आवाजें सामने आई हैं. पुलिस की कार्रवाई और संपत्तियों की जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद भोपाल में चेन स्नेचिंग और छोटी आपराधिक घटनाओं में साफ गिरावट आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि ईरानी गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच पर भी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और कहीं ये अवैध कमाई से तो नहीं बनाई गईं. अधिकारियों का कहना है कि अगर संपत्तियों में गड़बड़ी पाई गई, तो उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. पुलिस को ईरानी डेरे से दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू, पैनड्राइव आदि मिले हैं। इन सभी का परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन डिवाइस का इस्तेमाल कर ईरानी चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने का काम करते थे। काला ईरानी के काले कारोबार पर नजरें पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि काला ईरानी निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में उसने कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा है। काला के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजरें हैं। करोड़ों की संपत्ति के असामी बन चुके काले ईरानी पुलिस बारीकी से तस्दीक करा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीमें पुलिस ने इस मामले में कई विशेष टीमें बनाई हैं, जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही हैं. अलग-अलग राज्यों में इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चाही मिश्र का साफ कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। रिश्तेदारी का भी मिलता है फायदा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं। इनके रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे परिवारों से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वहां इनका नेटवर्क मजबूत बना रहा। यही कारण है कि यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।

हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में एआई की एंट्री, चंडीगढ़ में होगी मेगा वर्कशॉप

चंडीगढ़. कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे काम करती है और आप अपनी परियोजनाएं बनाने के लिए एआई उपकरणों का कैसे उपयोग कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए हरियाणा सरकार और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) राज्य में मिलकर काम करेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (हारट्रोन) और स्टार्ट अप हरियाणा के सहयोग से 31 जनवरी को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है। एआई का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाली यह कार्यशाला इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री के नाते अपने वार्षिक बजट में पंचकूला व गुरुग्राम को एआई का हब बनाने की घोषणा कर रखी है। भविष्य विभाग का निर्माण भी इसी योजना का हिस्सा है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा और महासचिव रवि शर्मा ने एआई आधारित कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण दिया। राज्य के पूर्व मंत्री असीम गोयल टाई प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मिले। चैट जीपीटी के इस्तेमाल और एआई तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यशाला में काफी रुचि दिखाई है और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। देश-विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्यशाला-सेमीनार में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई की जानकारी के बिना न तो उद्योग तरकीकी कर सकते हैं और न ही सरकारी कामों में इस तकनीक के बिना प्रगति की जा सकती है। द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा के अनुसार एडब्ल्यूएस, गूगल, एक्सेंचर, विश्व बैंक और माइक्रोसाफ्ट जैसी विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विचारकों को एक मंच पर लाकर विभिन्न क्षेत्रों में एआई के विकास का पता लगाया जाएगा। पंचकूला और ट्राइसिटी के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना, एआई पर काम करना और वैश्विक बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं में शामिल है। पंचकूला आइटी पार्क में स्थित कुछ कंपनियां ग्राजिट्टी इंटरएक्टिव, अल्ट्रूइस्ट सिस्टम्स और आउटसोर्सिंग टेक्नोलाजीज पहले से ही स्वास्थ्य सेवा, विपणन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एआई के साथ काम कर रही हैं। हरियाणा स्थित एआई स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए बूथ स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की जाएगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित एआई आधारित व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में एआई के कार्यान्वयन और अधिकारी अपने दैनिक कार्यों में एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं, इस विषय पर अलग सेमीनार रखा गया है। प्रतिभा विकास के लिए हरियाणा के पांच से 10 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र, आइआइएम रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, आइआइआइटी सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान, महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय प्रमुख हैं। हरियाणा में नये उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं हरियाणा सरकार ने जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति प्रतबद्धता जताई है। एचएसआइआइडीसी और टाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्यमी, उद्यम पूंजी फर्म, इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की। हरियाणा की ओर से उद्यमियों को अवगत कराया गया कि राज्य में 9,500 से अधिक डीपीआइआइटी पंजीकृत स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। नीति आयोग के भारत इनोवेशन इंडेक्स और बीआरएपी में 'टाप अचीवर' के रूप में मान्यता मिली है। एचएसआइआइडीसी की ओर से उद्यमियों को भरोसा दिलाया गया कि राज्य में नये उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।

कानूनी पत्नी होते हुए भी प्रेमी संग विवाह, मासूम बच्चे के जन्म के बाद धरने पर बैठा पीड़ित पति

सहारनपुर यूपी के सहारनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव रामनगर के रहने वाले एक युवक की पत्नी ने उसको तलाक दिए बिना ही प्रेमी से दूसरी शादी कर ली है। उधर, पीड़ित पति ने पुलिस पर पत्नी द्वारा अवैध रूप से की गई शादी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पीड़ित बीमारी से भी परेशान है और वह जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठा है। वहीं, मामले में जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की मांग की है।   देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव रामनगर को रहने वाले रवि कुमार का कहना है कि उसकी शादी गांव छिदबना की रहने वाले युवती के साथ 2018 में हुई थी। पत्नी की ओर से अदालत में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दायर किया था, लेकिन अदालत ने उसके पक्ष में फैसला देते हुए पत्नी को शादी के कर्तव्यों को पूरा करने का आदेश दिया था। आरोप है कि उसकी पत्नी और ससुरालियों ने देहात कोतवाली पुलिस के साथ सांठगांठ कर ली है। वह रसौली की बीमारी से परेशान है। उसके सोने-चांदी के जेवरात, कीमती कपड़े और 50 हजार रुपये की नगदी भी आरोपियों अपने पास रख ली है। तलाक दिए बिना प्रेमी से कर ली शादी आरोप है कि आरोपियों ने एक राय होकर बिना तलाक दिए उसकी पत्नी की शादी अवैध रूप से दूसरे युवक से करा दी, जिससे उसको एक संतान भी पैदा हुई है। इसीलिए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित का कहना है कि उसके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है, वह अकेला ही रहता है। वहीं, मामले में एसएसपी और उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, सीओ मनोज कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।

हरियाणा सरकार की 48 योजनाएं बदलेंगी गरीबों की तकदीर

चंडीगढ़/पंचकूला. अंत्योदय के उत्थान के प्रयास नए साल में और तेज होंगे। शहरों और गांवों में बेघर परिवारों के सिर पर छत, बेहतर शिक्षा और अंत्योदय परिवारों के युवाओं को रोजगार के लिए कई योजनाएं परवान चढ़ेंगी। प्रदेश में छह लाख गरीब परिवारों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार एक लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले जरूरतमंद परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। अगर ऐसे परिवार के पास भूमि नहीं हुई तो सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा गरीबों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। हर गरीब परिवार की न्यूनतम वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये करने के प्रयास चल रहे हैं। इस कड़ी में लाडो लक्ष्मी योजना (Ladho Laxmi Yojana) गरीब महिलाओं के लिए संबल बनेगी। योजना में पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1100 रुपये डाले जाएंगे, जबकि एक हजार रुपये की एफडी होगी। यानी कि प्रदेश सरकार हर महीने 2100 रुपये देगी, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलेगी। इसके अलावा बुजुर्गों-विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की जाएगी। प्रदेश में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) के 35 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। रोडवेज बसों में एक हजार किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा एक लाख रुपये से कम आय वाले अंत्योदय परिवारों के सभी सदस्यों को रोडवेज बसों में 1000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। अंत्योदय मेलों के माध्यम से अभी तक 60 हजार गरीब युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन और कौशल प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। जल्द ही अंत्योदय उत्थान मेलों का अगला दौर शुरू होगा, जिसमें गरीब युवाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास होंगे। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में 18 विभागों की 48 योजनाएं शामिल की गई हैं जिनका लाभ युवा उठा सकते हैं। अनुसूचित एवं विमुक्त जाति के परिवार का नाम अगर बीपीएल सूची में है तो उन्हें कन्या विवाह शगुन योजना के तहत 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा सभी वर्गों की विधवाओं, बेसहारा महिला, अनाथ बच्चे, जो बीपीएल सूची में हैं या उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है तो उन्हें शादी में 51 हजार रुपये का शगुन दिया जाएगा। अनुसूचित जाति के युवाओं सूक्ष्म और लघु उद्योग लगाने के लिए प्लाटों की कीमत में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। हालांकि योजना का लाभ उठाने के लिए प्लाट मिलने के तीन साल के भीतर परियोजना को शुरू करना होगा। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में प्रवेश लेने वाली तीन लाख रुपये वार्षिक से कम पारिवारिक आय वाली प्रत्येक छात्रा को 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मध्यम वर्ग और गरीब लोगों के घरों की छतों पर रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे जिससे न केवल बिजली बिलों से निजात मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को वितरण कंपनियों को बेचकर अतिरिक्त कमाई की जा सकेगी। गरीबों के लिए न्यूनतम बिजली बिल की अनिवार्यता पहले ही खत्म की जा चुकी है। प्रशिक्षित कारीगरों को पांच हजार रुपये का टॉप-अप प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टॉप-अप मुख्यमंत्री विश्वकर्मा सम्मान योजना शुरू की गई है, जिसके तहत प्रशिक्षित कारीगरों को 5000 रुपये का टॉप -अप दिया जाएगा। श्रमिकों व आश्रितों को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण के साथ ही हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत दो लाख बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें। पारंपरिक नौकरियों के अलावा आधुनिक उद्योगों से संबंधित नौकरियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण पर फोकस रहेगा। हर साल पांच हजार युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स और प्रोग्रामिंग तथा विद्युत वाहन विनिर्माण के क्षेत्र में नौकरियों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल स्कूल स्थापित किए जाएंगे जहां छठी कक्षा से ही बच्चों का कौशल विकास किया जाएगा। पांच स्थानों पर शुरू होंगे श्रमिक सुविधा केंद्र जल्द ही पांच स्थानों पर श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू किए जाएंगे। चौराहों पर 150 श्रमिक शेड बनाए जाने हैं। सोनीपत, गुरुग्राम, सोहना, पलवल और बावल में पांच नए श्रम न्यायालय खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में श्रमिकों के लिए किफायती किराए की आवास योजना के रूप में लेबर हॉस्टल बनाए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर क्रेच, प्ले स्कूल और साइट स्कूल खोले जाएंगे ताकि श्रमिकों के बच्चे भी पढ़ाई कर सकें। मुख्यमंत्री श्रमयोगी प्रतिभावान योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों की फीस माफ करने के साथ ही छात्रावास शुल्क, पुस्तकों और कंप्यूटर द्वारा उनकी तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के लिए सहायता दी जाएगी। वेंचर कैपिटल फंड से स्टार्टअप खोल सकेंगे युवा युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना कर बैंकों, वित्तीय संस्थानों और उद्यम पूंजी निधियों से ऋण दिलाया जाएगा। 200 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है जो महिलाओं, गरीबों और अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्ग से संबंधित परिवारों को वित्तीय सहायता सुनिश्चित करेगा। वेंचर कैपिटल फंड से युवाओं को पांच करोड़ तक लागत वाली परियोजनाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। विदेशी भाषाएं सीखकर विदेश में पा सकेंगे रोजगार रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 1000 हरहित स्टोर और खोले जाएंगे। ‘हरियाणा ओवरसीज प्लेसमेंट सेल’ विदेश में प्लेसमेंट की आवश्यकताओं और कौशल की जरूरतों के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को जर्मन, जापानी, इतालवी जैसी भाषाएं सिखाई जाएंगी। छह लाख तक की आय वाले परिवारों के युवाओं को फारेन लैंग्वेज सर्टिफिकेशन टेस्ट का खर्च भी सरकार देगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गृह विभाग के बजट निर्माण की बैठक आयोजित

रायपुर : गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन रायपुर राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तीसरे बजट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट निर्माण को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह विभाग से संबद्ध पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान तथा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार इकाइयों के विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी विभागों से प्राप्त बजट अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट निर्माण में मितव्ययता और प्राथमिकताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक व्ययों पर नियंत्रण रखते हुए कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पुलिस बल की क्षमता वृद्धि, आवास एवं आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण, जेल सुधार तथा अभियोजन की प्रभावशीलता जैसे आवश्यक मदों के लिए पर्याप्त और समयोचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट प्रस्ताव परिणामोन्मुखी हों और उनसे जनसुरक्षा, त्वरित न्याय, तथा सेवा-प्रदाय की गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने प्रस्तावों में स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित परिणाम और व्यय-लाभ विश्लेषण का समावेश करें। बैठक में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस बैठक में एसीएस मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरूण कुमार गौतम, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, सचिव रमेश शर्मा, सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस प्रदीप गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक मनीष शर्मा, संचालक अग्निश्मन चन्द्र मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बिपाशा बसु की फिटनेस जर्नी: 47 साल की उम्र में भी अनुशासन और ताकत पर करती हैं फोकस

मुंबई  बिपाशा बसु 07 जनवरी को 47 साल की हो गई हैं और उनका फिटनेस को लेकर नजरिया आज भी उतना ही जरूरी है जितना पहले था. मॉडल से एक्टर बनीं बिपाशा हमेशा से ताकत, अनुशासन और फंक्शनल मूवमेंट के लिए जानी जाती रही हैं, वो भी तब जब इंडिया में जिम कल्चर इतना आम नहीं था. अपने मॉडलिंग के शुरुआती दिनों से ही बिपाशा अपनी एथलेटिक बॉडी के लिए अलग दिखती थीं और उन्होंने हमेशा ये बताया कि फिटनेस सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि काबिलियत और हिम्मत के लिए है. 2018 के एक पुराने जिम सेशन में बिपाशा ने खासकर महिलाओं के लिए वेट ट्रेनिंग को जरूरी बताया था. उनका मैसेज बहुत सीधा था: मजबूत होना ही असली खूबसूरती है. उन्होंने बताया कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से बॉडी फैट कम होता है, मसल्स मजबूत होते हैं, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा घटता है और पीठ दर्द, आर्थराइटिस और चोटों से बचाव होता है. बिपाशा के लिए फिटनेस का मतलब पतला होना नहीं, बल्कि खुद को मजबूत बनाना था. उनका सलाह साफ थी: जितना जल्दी शुरू करोगे, उतना अच्छा है. इतने सालों की कोशिशों के बाद भी कई महिलाएं वेट उठाने से डरती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे बॉडी भारी हो जाएगी. इस गलतफहमी को दूर करते हुए फिटनेस एक्सपर्ट मैत्री बोदा ने बताया कि महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन नाम का हार्मोन कम बनता है, जो मसल्स को बहुत बड़ा करने के लिए जरूरी होता है. इसलिए वेट ट्रेनिंग से महिलाएं भारी नहीं होतीं, बल्कि उनकी बॉडी स्लिम और टोन हो जाती है. फिटनेस सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक हेल्दी रहने के लिए भी जरूरी है. मॉडलिंग से एक्टिंग में आई थी बिपाशा बसु बिपाशा बसु ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। उन्होंने 2001 में आई फिल्म अजनबी से एक्टिंग करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने राज, जिस्म, नो एंट्री, फिर हेरा फेरी, ओमकारा, प्लेयर्स, अपहरण, मदहोशी, जमीन सहित कई फिल्मों में काम किया। वे आखिरी बार 2015 में आई फिल्म अलोन में नजर आईं थी। मसल्स बढ़ने से बॉडी का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और उम्र के साथ मसल्स कम होने की दिक्कत भी कम होती है. महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन वेट ट्रेनिंग से हड्डियां मजबूत होती हैं और फ्रैक्चर का रिस्क कम होता है. एक और गलतफहमी है कि वेट उठाना खतरनाक है, जबकि सही तरीके से और गाइडेंस में करने पर ये जोड़ों को मजबूत करता है, बैलेंस बेहतर करता है और रोजमर्रा के काम आसान बनाता है. बिपाशा बसु ने अपने उदाहरण और लगातार मैसेज से इंडिया में महिलाओं की फिटनेस को लेकर सोच बदलने में मदद की है. मैत्री बोदा जैसी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर वो ये बात बार-बार दोहराती हैं कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग कोई ऑप्शन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सेहत और लंबी उम्र के लिए जरूरी है.