samacharsecretary.com

9 जनवरी राशिफल: जानिए इस दिन आपके राशि के लिए सितारे क्या संकेत दे रहे हैं

मेष राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस एकदम अलग लेवल पर होगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ की जाएगी। कोई नया प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आगे चलकर लाभ ही मिलेगा। आज आपके खर्चे थोड़े से बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें। आज आपके परिवार का माहौल सही रहेगा। साथ ही आपको अपने किसी करीबी से मन की बात शेयर करने का अच्छा मौका मिलेगा। वृषभ राशि: आज आपको धैर्य और समझदारी से फैसले लेने की जरूरत है। नौकरी में स्लो ग्रोथ हो सकती है, लेकिन प्रयास जारी रखें। पैसों की स्थिति सामान्य रहेगी, हालांकि अचानक से कोई खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर सतर्क रहें और आराम के लिए समय निकालें। मिथुन राशि: ऑफिस में मीटिंग या बातचीत के जरिए कोई महत्वपूर्ण बात आपके पक्ष में जा सकती है। आज आपको अपनों का फुल सपोर्ट मिलेगा। लव लाइफ में क्लैरिटी आएगी और गलतफहमियां दूर होंगी। पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। मानसिक रूप से खुद को हल्का और उत्साहित महसूस करेंगे। कर्क राशि: आज फीलिंग्स में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन परिस्थितियां आपके नियंत्रण में रहेंगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर इन्वेस्ट या खर्च करें। कामकाज में स्थिरता रहेगी और सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। सिंह राशि: आज आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा। आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निभाएंगे। मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। आज आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। रिश्तों में तनाव आने के चांस हैं। ऐसे में चीजों को बिगड़ने ना दें। खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि: आज का दिन मेहनत और सलीके से काम करने का है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता रहेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। अपनी सेहत को लेकर बिल्कु भी लापरवाही ना करें। आज परिवार के किसी सदस्य से जरूरी बात कर सकते हैं। तुला राशि: आज आपको संतुलन बनाकर चलने की जरूरत है। रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा और पुराने मतभेद खत्म हो सकते हैं। ऑफिस में लोगों का सपोर्ट मिलेगा, जिससे आगे के काम थोड़े से आसान हो जाएंगे। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। क्रिएटिव काम और कला में रुचि बढ़ सकती है। धनु राशि: आज का दिन नए मौके और एक्सपीरियंस लेकर आ सकता है। ट्रैवल और एजुकेशन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। करियर को लेकर कोई सकारात्मक सूचना मिल सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य को लेकर उत्साहित रहेंगे। आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि: आज जिम्मेदारियों का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आपकी मेहनत रंग लाएगी। ऑफिस में स्टेबिलिटी बढ़ेगी और ग्रोथ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और बचत पर ध्यान देंगे। परिवार से इमोशनल सपोर्ट मिलेगा, जिससे तनाव कम होगा। कुंभ राशि: आज आपके नए विचार और योजनाएं लोगों को प्रभावित करेंगी। दोस्तों या सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा। सोशल एक्टिविटी में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। वृश्चिक राशि: आज आपकी मेहनत और लगन का अच्छा परिणाम मिलेगा। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। गुप्त शत्रुओं या ईर्ष्यालु लोगों से सावधान रहें। प्रेम जीवन में भावनात्मक गहराई आएगी। आर्थिक रूप से दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। मीन राशि: आज आप इमोशनल तौर पर मजबूत महसूस करेंगे। पुराने तनाव और उलझनें दूर हो सकती हैं। ऑफिस में धीरे-धीरे प्रगति होगी। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन अपनी मानसिक शांति पर ध्यान दें क्योंकि ये सबसे जरूरी है।

पीएमश्री योजना में प्रदेश के 799 विद्यालयों का किया है चयन

विद्यालय बनेंगे गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्यगामी शिक्षा के केंद्र भोपाल विद्यार्थियों को बेहतर,आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 799 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब इन विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप आदर्श, आधुनिक एवं समावेशी शैक्षणिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इ‍ससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण प्राप्त हो सके। पीएमश्री योजना से मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और समावेशन का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। ये विद्यालय विद्यार्थियों को न केवल वर्तमान की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य के सक्षम नागरिक के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के ढांचागत उन्नयन के लि‍ए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से विद्यालयों का शैक्षणिक परिवेश निरंतर बेहतर हो रहा है। हरित विद्यालय संकल्पना के अंतर्गत सोलर पैनल की स्थापना, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता भी बढ़ रही है। आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय एवं नवाचार को दिया जा रहा है बढ़ावा स्टेम (एसटीईएम) शिक्षा एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में सभी उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव पैनल तथा डिजिटल पुस्तकालय विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 458 अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए पीएमश्री विद्यालयों में आउटडोर एवं इनडोर खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। योग, खेल एवं संगीत के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। साथ ही गणित एवं विज्ञान सर्किल गतिविधियां, कैरियर मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, समर कैंप तथा बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का हो रहा संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के अनुरूप विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। प्रदेश के 663 में से 650 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त हो रहे हैं और उनका भविष्य अधिक सुदृढ़ बन रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी से निगरानी विद्यालय प्रशासन एवं नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पीएमश्री विद्यालयों के प्राचार्यों को आईआईएम इंदौर, आईआईएम रायपुर एवं टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का भी संचालन किया जा रहा है।

महिला आरक्षण से खिलवाड़ का आरोप, शिमला महापौर से इस्तीफे की मांग पर उतरी भाजपा

शिमला भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने नगर निगम शिमला के महापौर का कार्यकाल ढाई वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किए जाने के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शहरी विकास विभाग को नोटिस जारी करने और राज्य सरकार को अंतिम अवसर देने पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी और नोटिस इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार ने कानून, संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर अध्यादेश लाया। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा यह स्पष्ट किया जाना कि सरकार को अब अंतिम मौका दिया जा रहा है, यह दर्शाता है कि सरकार अब तक अदालत को संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है। इससे यह साफ होता है कि महापौर का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह मनमाना, असंवैधानिक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि याचिका में यह तथ्य सामने आया है कि सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 36 के खिलाफ है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने न केवल इसे लागू किया, बल्कि इसे राज्यपाल के पास भेजा, जहां से भी इसे स्वीकृति नहीं मिली। यह कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक और संवैधानिक विफलता को उजागर करता है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि रोस्टर के अनुसार नगर निगम शिमला के महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश लाकर महिला आरक्षण का खुला उल्लंघन किया। महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाली कांग्रेस सरकार ने एक महिला को महापौर बनने का अवसर जानबूझकर छीना, जो बेहद शर्मनाक है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि अब जबकि मामला न्यायालय में गंभीर रूप ले चुका है और सरकार को नोटिस जारी हो चुके हैं, शिमला नगर निगम के वर्तमान महापौर को नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए, ताकि लोकतंत्र और महिला आरक्षण की गरिमा बनी रहे और एक महिला को नेतृत्व का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। यदि कांग्रेस सरकार ने अब भी अपनी गलती नहीं मानी और रोस्टर व्यवस्था का सम्मान नहीं किया, तो भाजपा इस मुद्दे को जनहित का विषय बनाकर शिमला से लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ

देश में पहली बार आधुनिक तकनीक से 4K वॉटर प्रोजेक्शन से होगा ऐतिहासिक इवेंट शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के बड़े तालाब की भव्यता होगा आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी पहुँचकर खेलो एमपी यूथ गेम्स की लॉन्चिंग तैयारियों का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक खेल प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा, तकनीकी एवं व्यवस्थागत सभी इंतजाम पूर्णतः पुख्ता हों। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है। देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। लोगो, मैस्कॉट, एंथम और जर्सी का होगा अनावरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के तालाबों की भव्यता मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा। देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे आयोजन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा। 28 खेलों के लिये चरणबद्ध चयन प्रक्रिया खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार खेल आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी। पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को किया शामिल मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है।

जी राम जी योजना की प्रदेश में तैयारी पूर्ण रखें : मंत्री पटेल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने आज विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंन विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुरूप समस्त तैयारी यथा समय पूर्ण करने के निर्देश दिये। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिमाह फील्ड विजिट करते हुए योजनाओं की धरातल पर स्थिति देखें। जिलों द्वारा किए गए अच्छे नवाचार प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किए जायें। यदि कोई अनियमितता या गड़बड़ी प्रकाश में आती है तो उस पर तत्काल कार्यवाही हो। सभी जिलों की परफॉर्मेंस के आधार पर प्रतिमाह ग्रेडिंग की जाकर ग्रेडिंग लिस्ट जारी करने के निर्देश भी दिए ताकि अधिकारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी अमला सतत निगरानी रखे। इस दौरान उन्होंने पंचायतराज, महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह तथा श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्रीमती हर्षिका सिंह, श्री अवि प्रसाद, श्री दिनेश जैन, श्री छोटेसिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में 2718 सामुदायिक भवन लागत राशि 654.7024 करोड़ रूपये के स्वीकृत किये जाकर प्रथम किश्त की राशि 293.8262 करोड़ रूपये जारी कर दी गई है। स्वीकृत सामुदायिक भवनो की वर्क आईडी पंचायत दर्पण 2.0 पोर्टल पर जनरेट की गई है। बैठक में मंत्री श्री पटेल ने मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी 208 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में वृन्दावन ग्राम का चयन किया जा चुका है। प्रत्येक वृन्दावन ग्राम के लिए पाँच वर्षीय कार्य योजना तैयार करें। इसके लिए एक लाख रूपये प्रति वृन्दावन ग्राम के मान से राशि जिला पंचायत को अंतरित की जा चुकी है। कार्ययोजना तैयार होने पर निर्धारित प्राथमिकता एवं बजट उपलब्धता के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाए। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजनान्तर्गत 1 लाख 95 हजार 712 प्रतिभागियों को दिया गया प्रशिक्षण बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में कुल एक लाख 95 हजार 712 प्रतिभागियों का त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रतिनिधि, कार्यकारी अमलो का प्रशिक्षण किया जा चुका है। एक्सपोजर विजिट के तहत 2 हजार 797 प्रतिभागियों का भ्रमण कराया जा चुका है। आरजीएसए योजनांतर्गत (PMU) मद अंतर्गत राज्य स्तर (SPRC, SPMU), जिला स्तर (DPMU, DPRC), जनपद स्तर (BPMU) पर 854 के लक्ष्य के विरूद्ध 766 मानव संसाधन पदस्थ किए जा चुके है। पेसा सपोर्ट अंतर्गत पेसा क्षेत्रो में जिला स्तर पर 20 जिला समन्वयक, विकासखंड स्तर पर 88 विकासखंड समन्वयक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर 4 हजार 839 पेसा मोबलाइजर्स नियुक्त किए जा चुके है इस मद में मानदेय के रूप में कुल 15.17 करोड़ राशि भुगतान की जा चुकी हैं। झाबुआ को मिली सराहना बैठक में मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में जनजातीय कल्याण विभाग से बेहतर समन्वय रखें। झाबुआ सहित अन्य वनांचलों में पेसा एक्ट के तहत अच्छा कार्य हो रहा है। अनेक ग्रामों में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का वातावरण बना है और 3-D, दहेज, डी.जे. और दारू के खिलाफ जनजाति समाज में अलख जगी है। यह खुशी की बात है कि अनेक स्थानों पर अब चौथे-D धर्मांतरण के खिलाफ भी आवाज़ उठायी जा रही है। यह ग्रामीण जनजाति समाज में जागरूकता का परिचायक है और समाज में एक मिसाल है। माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर पौधारोपण के लिए 128 कार्य प्रारंभ बैठक में बताया गया कि एक बगिया माँ के नाम अंतर्गत 31 हजार 300 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसमें 29 हजार 193 कार्य प्रगतिरत है। एक बगिया माँ के नाम परियोजना में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पाँच जिले खण्डवा, सिंगरौली, रायसेन, बड़वानी एवं बालाघाट है। उन्होंने बताया कि माँ नर्मदा परिक्रमा पथ पर पौधारोपण के लिए 138 कार्य स्वीकृत है, जिसमें से 128 कार्य प्रारंभ हो चुके है। अब तक कुल 38 हजार 920 पौधे रोपे गए है। पौधों की सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग पंचायत राज संचालनालय से की जायेगी। बैठक में बताया गया कि दो गांव/पंचायत/मजरे-टोले को दोहरी संपर्कता एवं संदीपनी विद्यालय को संपर्कता उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रदेश में "मुख्यमंत्री सुगम सम्पर्कता परियोजना" लागू की जा रही है। कार्य स्थल का चयन तथा डीपीआर तैयार करने हेतु आरआईएमएस पोर्टल विकसित किया गया है। प्रदेश में जी राम जी योजना अंतर्गत एक हजार करोड़ रूपये की नवीन सड़कों का निर्माण किया जायेगा। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन बैठक में बताया गया कि खरीफ 2025 में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में 14 जिलों में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन कार्य लिया गया है। इसके अंतर्गत 3 हजार 110 कृषको को चयनित कर लाभान्वित किया गया एवं सब्जी उत्पादन से प्रति कृषक 25 से 30 हजार अतिरिक्त आमदनी भी हुई। रबी 2025 में सभी 36 जिलों में क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन कार्य लिया गया है। सब्जी उत्पादन 9 हजार 157 कृषकों को चयनित किया जाकर सब्जी उत्पादन कार्य से जोड़ा गया है। क्लस्टर आधारित सब्जी उत्पादन में सर्वोत्तम प्रगति वाले जिले जबलपुर, अशोकनगर, सागर, नरसिंहपुर एवं डिंडोरी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन की बारीकियों को जाना और बुनकरों से किया संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को अपने असम प्रवास के दौरान गुवाहाटी के समीप स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र सुआलकुची का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने 'सिल्क विलेज' के नाम से विख्यात सुआलकुची पहुँचकर रेशम उत्पादन की प्राचीन और पारंपरिक प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा और इस कला की बारीकियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बुनकरों के कौशल से अभिभूत हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुआलकुची में बुनकरों के घरों और कार्यशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने देखा कि किस तरह यहाँ की समृद्ध विरासत को सहेजते हुए लगभग हर घर में हाथकरघों (हैंडलूम) के माध्यम से कलाकृतियाँ उकेरी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुनकरों से सीधे संवाद कर उनके श्रम और शिल्प कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ की पारंपरिक बुनाई तकनीक न केवल कला का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ रीढ़ भी है। 'पूर्व का मैनचेस्टर' है सुआलकुची उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित सुआलकुची को 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता है। यह गाँव अपनी विशिष्ट रेशम बुनाई तकनीकों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ मुख्य रूप से तीन प्रकार के रेशम मूगा (सुनहरा), पैट (हाथीदांत जैसा सफेद) और एरी (हल्का बेज) का उत्पादन किया जाता है, जो असम की मूल पहचान हैं। संग्रहालय और वस्त्र कला का अवलोकन भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बस्त्रा उद्यान' और 'आमार सुआलकुची' संग्रहालय का भी दौरा किया। संग्रहालय में प्रदर्शित हाथकरघा गतिविधियों और इस शिल्प के क्रमिक विकास की प्रदर्शनी ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने यहाँ तैयार होने वाले पारंपरिक परिधानों जैसे मेखला चादर, साड़ियाँ, कुर्ते और गमछे की निर्माण पद्धति को भी समझा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस भ्रमण का उद्देश्य अन्य राज्यों की श्रेष्ठ पारंपरिक कलाओं और कुटीर उद्योगों की कार्यप्रणाली को समझना और उनके अनुभवों से प्रदेश के शिल्प क्षेत्र को लाभान्वित करना है।  

सीएम योगी ने किया पंचायती राज विभाग के मासिक न्यूजलेटर का शुभारंभ

“पंचायतों की प्रगति गाथा” से एक मंच पर आएंगी गांवों की विकास कहानियां महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष कैलेंडर भी जारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पंचायती राज विभाग के मासिक न्यूजलेटर “पंचायतों की प्रगति गाथा” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर आधारित विभाग का वार्षिक कैलेंडर “नारी शक्ति की नई उड़ान, गांव बदल रही महिला प्रधान” मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई हैं और इनके सशक्तिकरण से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मासिक न्यूजलेटर ग्राम पंचायतों में हो रहे सकारात्मक बदलावों, नवाचारों और जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इसके जरिए गांवों की सफल विकास कहानियां एक मंच पर सामने आएंगी और अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी। न्यूजलेटर में प्रत्येक माह एक वंदनीय ग्राम पंचायत का चयन कर उसके उत्कृष्ट विकास कार्यों, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पंचायती राज विभाग की किसी एक प्रमुख योजना, प्रदेशभर में चलाए गए अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण भी शामिल रहेगा। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह न्यूजलेटर पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायी दस्तावेज सिद्ध होगा। प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने इसे सूचना साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं, निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह न्यूजलेटर पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।

महिला खिलाड़ी यौन उत्पीड़न केस: रेनू भाटिया बोलीं– दोषियों पर तुरंत हो कड़ी कार्रवाई

फरीदाबाद फरीदाबाद में महिला खिलाड़ी के साथ हुए यौन उत्पीड़न मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रेनू भाटिया ने अपने पत्र में लिखा कि महिला पुलिस स्टेशन, एनआईटी फरीदाबाद में रजिस्टर्ड मामले को देखने के लिए एक पुलिस अधिकारी की नियुक्ति करें। इस मामले को सबसे जरूरी माना जाए और तय समय के अंदर इसका पालन सुनिश्चित किया जाए। एनआईटी महिला थाना की थाना प्रभारी माया कुमारी ने इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकती। मामला दिसंबर 2025 का है। एक राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में महिला एथलीट और आरोपी दोनों आए हुए थे। घटना के समय एक शूटिंग प्रतियोगिता चल रही थी। पुलिस अपना काम कर रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। दिसंबर 2025 में हरियाणा में फरीदाबाद के एक होटल में महिला निशानेबाज के साथ दुष्‍कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता भिवानी की रहने वाली है, जो अपनी सहेली के साथ फरीदाबाद में निशानेबाजी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आई थी। निशानेबाजी की प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद ये दोनों घर जाना चाहती थीं। इसके लिए सहेली ने अपने एक दोस्‍त को बुलाया था, ताकि वो उन्‍हें मेट्रो स्‍टेशन तक ड्रॉप कर दे, लेकिन सहेली के इस दोस्‍त ने कहा कि तुम लोगों को भिवानी पहुंचते-पहुंचते देर रात हो जाएगी, इसलिए आज की रात फरीदाबाद में ही एक होटल में रुक जाओ। रात होने का बहाना कर इन्‍हें फरीदाबाद के ही एक होटल में रुकवा दिया। इस होटल में ही महिला निशानेबाज के साथ दुष्‍कर्म किया गया। हरियाणा राज्य महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद इस मामले पर हो रही कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम स्वराज की अवधारणा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेसा एक्ट (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्री श्री पटेल ने गत दिवस भोपाल में जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों तथा प्रदेश के 20 पेसा जिलों से आए जिला समन्वयकों के साथ पेसा एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में अधिनियम के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पेसा एक्ट का उद्देश्य अधिसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार सम्पन्न बनाना है, जिससे स्थानीय समुदाय अपनी परंपराओं, संसाधनों एवं विकास संबंधी निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा सके। इसके लिए प्रशासनिक संवेदनशीलता, समन्वय और निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिए कि आगामी फरवरी माह में पेसा विकासखंडों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, जिला समन्वयक एवं विकासखंड समन्वयकों का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में आयोजित किया जाए। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेसा एक्ट के प्रावधानों, प्रक्रियाओं एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।  

ग्रामीण क्षेत्रो में पेयजल व्यवस्था की होगी जाँच

मंत्री पटेल ने की जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा, क्रियान्वयन के दिए निर्देश भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विभागीय राज्यमंत्री राधा सिंह एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पूर्ण प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता जाँच का अभियान चलायें। यह अभियान 15 फ़रवरी तक पूर्ण होना चाहिए। बैठक में मंत्री श्री पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुँचे। योजनाओं का प्रभाव धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे। समीक्षा बैठक में मंत्री श्री पटेल ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (जी राम जी) के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि भारत सरकार से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं कार्यात्मक तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएँ, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर सुदृढ़ हो सकें। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के निर्देश दिए, जिससे जिलों में किए जा रहे अच्छे नवाचारों को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री श्री पटेल ने जिलों के कार्य निष्पादन के आधार पर मासिक ग्रेडिंग प्रणाली लागू कर ग्रेडिंग सूची जारी करने के निर्देश भी दिए, जिससे अधिकारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो और कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि 15 फरवरी तक जल स्रोतों की सैंपलिंग कर जांच कराई जाए तथा पुनः अप्रैल माह में अनिवार्य रूप से जल गुणवत्ता की समीक्षा की जाए। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है और इसके लिए तकनीकी अमले द्वारा सतत निगरानी रखी जाए।