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सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।

इंदौर में कार-ट्रक हादसा, तीन की मौत – बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल का बेटा प्रखर भी शामिल

इंदौर  इंदौर में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार कार एक खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसमें कार सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े नाम सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है। मृतकों के बारे में सामने आई जानकारी इंदौर में यह हादसा तेजाजी नगर बाईपास पर रालामंडल के पास देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार नेक्सन कार पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें तीन युवतियां और एक युवक शामिल था। हादसे में पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी दोस्त प्रखर कासलीवाल का जन्मदिन मनाकर पार्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया गया। गृह मंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल सहित परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल नजर आया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिचित भी एमवाय अस्पताल पहुंचे। सभी मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  कांग्रेस नेता बोले- बच्चे घूमने गए थे कांग्रेस नेता धर्मेंद्र गेंदर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चे घूमने के लिए कहीं निकल थे। तेजाजी नगर के पहले हादसे का शिकार हो गए। शव एमवाय अस्पताल में रखे गए हैं। पूर्व मंत्री बाला बच्चन अस्पताल में मौजूद हैं। ट्रक चालक फरार, पुलिस ने नाकाबंदी कराई रालामंडल थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, कार सवार युवक-युवतियां संभवतः छात्र थे और पार्टी मनाकर लौट रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी की जा रही है। नेताओं ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा – इंदौर में एक सड़क हादसे में मेरे साथी और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की सुपुत्री प्रेरणा के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है। मेरी सहानुभूति श्री बाला बच्चन के परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा – मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृह मंत्री, बाला बच्चन जी की सुपुत्री प्रेरणा का भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन अत्यंत हृदयविदारक है। घर की बेटी का यूं अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

बंगाल की खाड़ी पर दबाव से बढ़ेगी ठिठुरन, उत्तर भारत में शीतलहर का अलर्ट – कब मिलेगी राहत?

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो हफ्तों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण भारत के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं उत्तर और मध्य भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। बंगाल की खाड़ी में साल का पहला गहरा दबाव बन गया है। वर्तमान में यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है और इसके 9 जनवरी की शाम या रात तक श्रीलंका के तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु में 9 और 10 जनवरी को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में भी 10 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों विशेषकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और ठंड का प्रकोप जारी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 9 जनवरी तक 'बेहद घना कोहरा' छाए रहने का अनुमान है। इसके बाद भी 15 जनवरी तक रुक-रुक कर कोहरा बना रहेगा। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के क्या संकेत, बढ़ेगी ठिठुरन या मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बदला है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम से लेकर गाजियाबाद में शुक्रवार की सुबह हल्की बारिश हुई. दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच यह बारिश हुई है. इसका मतलब है कि तापमान में और गिरावट आएगी. इससे सर्दी का सितम और बढ़ सकता है. आईएमडी यानी इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ठंड का मौसम जारी रहा और पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. इसके साथ ही एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश भी हुई. बारिश इतनी तेज जरूर थी कि लोगों को भिंगो दे.दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच हुई बारिश मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं. आमतौर पर जनवरी में दिल्ली-एनसीआर में बारिश नहीं होती. जी हां, जनवरी में दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश कम देखने को मिलती है, मगर जब पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होता है, तब ठंड के साथ बारिश के हालात बनते हैं. मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है. आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने आज सुबह ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया था. मौसम विभाग ने बताया था कि अगले 2 घंटे में दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की और रुक-रुक कर बारिश/बूंदाबांदी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मुण्डका, पश्चिम विहार, राजौरी गार्डन, बुद्धा जयंती पार्क, राष्ट्रपति भवन, राजीव चौक, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, दिल्ली कैंट, पालम और IGI एयरपोर्ट वाले इलाके में बारिश हुई. वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखी गई. हालांकि, इस दौरान कोहरा भी छाया रहा. इन राज्यों में शीतलहर की चेतावनी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 11 जनवरी के दौरान शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी 9 और 10 जनवरी को कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। उत्तराखंड में 10 जनवरी और मेघालय में 9 जनवरी को पाला पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के दूसरे उत्तरार्ध में भी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। पूर्वी और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और बारिश सामान्य से कम होने का अनुमान है।

सचिन पायलट को राजस्थान भेजने की योजना, 2028 के CM फेस को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा?

जयपुर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाने वाली है। इस दौरान चर्चा यह भी है कि कांग्रेस साल 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पायलट को सीएम फेस भी बनाने वाली है। इसकी चर्चा तब शुरू हुई, जब बीते दिनों सचिन पायलट और राहुल गांधी की दिल्ली में मुलाकात हुई। मुलाकात में राहुल गांधी और सचिन पायलट ने क्या बात की? आइए समझते हैं इस मुलाकात के मायने। राहुल गांधी से क्या बोले सचिन पायलट बीते दिनों दिल्ली में राहुल गांधी और सचिन पायलट की गुप्ती मीटिंग हुई। इस दौरान सचिन पायलट ने राजस्थान वापस जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी। सूत्रों के अनुसार, पायलट ने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें अब दिल्ली की राजनीति से छुट्टी दी जाए और उनके गृह प्रदेश राजस्थान की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से इस मामले पर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। पायलट के लिए अब दोहरी चुनौती राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति के दो बड़े चेहरे हैं। कांग्रेस की धुरी पहले सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच ही घूमती थी, लेकिन अब इसमें एक और बड़ा नाम पिछले कुछ सालों में उभरकर सामने आया है। तीसरी धुरी का नाम है गोविंद सिंह डोटासरा, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के मुखिया हैं। सचिन पायलट और गहलोत ग्रुप पहले से ही राजस्थान में अपनी धाक जमाए हुए है, अध्यक्ष बनने के बाद डोटासरा ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा दी है। ऐसे में सचिन पायलट की राजस्थान वापसी आसान नहीं है। क्योंकि अशोक गहलोत ही सचिन पायलट के लिए चुनौती हैं, और अब तीसरा मोर्चा भी उनके सामने खड़ा हो गया है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच तकरार खुलकर सामने आई थी। इन चुनावों में सचिन पायलट चाहते थे कि उन्हें सीएम फेस बनाया जाए, और अशोक गहलोत खुद को सीएम फेस मानकर चल रहे थे। दोनों के बीच की तकरार का कांग्रेस को नुकसान भी हुआ। नतीजा यह रहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई और भाजपा ने जीतकर अपनी मुख्यमंत्री बना लिया।

भारत को तिलक वर्मा का बड़ा झटका – न्यूजीलैंड टी20 सीरीज से 3 मैचों के लिए बाहर

 नई दिल्ली भारत-न्यूजीलैंड सीरीज से पहले टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लगा है. तिलक वर्मा को 5 मैचों की सीरीज के शुरुआती 3 मैचों से बाहर कर दिया गया है. बता दें कि तिलक को गुरुवार सुबह अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उनकी सेहत ठीक है. वे कल हैदराबाद लौटेंगे. उनके लक्षण ठीक होने और घाव भरने के बाद वे शारीरिक प्रशिक्षण और धीरे-धीरे अपने कौशल अभ्यास में वापसी करेंगे. लेकिन वे न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले तीन टी20 मैचों से बाहर हैं. वहीं, आखिरी दो टी20 मैचों में उनकी उपलब्धता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे प्रशिक्षण और कौशल अभ्यास में कितनी प्रगति करते हैं. जानें तिलक वर्मा को क्या दिक्कत तिलक वर्मा का बाहर होना भारत के वर्ल्ड कप मिशन के लिए भी एक बड़ा झटका है. एशिया कप 2025 फाइनल के हीरो और मिडिल ऑर्डर के तेज तर्रार तिलक वर्मा ऐसे समय में चोटिल हुए हैं जब वर्ल्ड कप में एक महीने से भी कम का वक्त बचा हुआ है. पेट की दिक्कत के बाद पहुंचे अस्पताल 23 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज़ तिलक वर्मा विजय हजारे ट्रॉफी में हैदराबाद की ओर से राजकोट में खेल रहे थे, तभी उन्हें अचानक तेज दर्द हुआ. उन्हें तुरंत गोकुल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में टेस्टिकुलर टॉर्शन पाया गया. डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की सलाह दी. हालांकि, तिलक की सर्जरी सफल रही है और वह अब ठीक हैं.  तिलक पिछले एक साल से भारत के टी20 सेटअप का अहम हिस्सा रहे हैं. उन्होंने एशिया कप 2025 फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 69 रन बनाकर टीम को खिताब दिलाया था. श्रेयस अय्यर पूरी तरह फ‍िट  भारत के वनडे उपकप्तान और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज श्रेसय अय्यर को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) की मेडिकल टीम ने मैच फिट घोषित कर दिया है.  श्रेसय ने विजय हजारे ट्रॉफी के एक लीग मैच में मुंबई की ओर से हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जयपुर में खेलते हुए 53 गेंदों पर 82 रन बनाए.  ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान उन्हें कैच लेने के दौरान प्लीहा (spleen) में चोट लगी थी.  भारत vs न्यूजीलैंड शेड्यूल 11 जनवरी: पहला वनडे, वडोदरा 14 जनवरी: दूसरा वनडे, राजकोट 18 जनवरी: तीसरा वनडे, इंदौर 21 जनवरी: पहला टी20, नागपुर 23 जनवरी: दूसरा टी20, रायपुर 25 जनवरी: तीसरा टी20, गुवाहाटी 28 जनवरी: चौथा टी20, विशाखापत्तनम 31 जनवरी: पांचवां टी20, तिरुवनंतपुरम न्यूजीलैंड के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, हर्षित राणा और ईशान किशन (विकेटकीपर).

हजार लीटर बकरी का खून इंसानी ब्लड बैग में पाया गया, रेड से खुला बड़ा मामला; कहां का है ये घटना?

हैदराबाद तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था। Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए। बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।

इंदौर कलेक्टर का RSS कार्यालय दौरा, जीतू पटवारी का आरोप – ‘शिवम वर्मा BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे

इंदौर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के कलेक्टर की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यालय जाने के लिए आलोचना की. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कलेक्टर शिवम वर्मा बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. पटवारी ने दावा किया कि शिवम वर्मा, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बुधवार रात शहर की पंत वैद्य कॉलोनी में 'सुदर्शन' कार्यालय गए थे और RSS मालवा प्रांत प्रचारक राज मोहन सिंह के साथ भागीरथपुरा में खराब पानी की घटना सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी. इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि सांवेर में अपने साथियों को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा, "भार्गव, वर्मा को RSS ऑफिस ले गए. कलेक्टर ने दिखा दिया है कि वह प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं. वह बीजेपी सदस्य की तरह काम कर रहे हैं. अगर आप ड्यूटी पर रहते हुए राजनीतिक पार्टियों के ऑफिस जाएंगे, तो याद रखें, कांग्रेस कार्यकर्ता आपके काम करने के तरीके को सुधारेंगे." पटवारी ने आरोप लगाया, "कलेक्टर को अपने ऑफिस में काम करना चाहिए, चीफ सेक्रेटरी से मिलना चाहिए और मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मामलों पर चर्चा करनी चाहिए. इंदौर में लोग मर रहे हैं, हर जगह खराब पानी है, और भ्रष्टाचार का स्तर अद्भुत और अकल्पनीय है. लेकिन कलेक्टर काम नहीं कर रहे हैं. वह बीजेपी के लिए अपनी हाजिरी लगाने RSS ऑफिस जा रहे हैं." बार-बार कोशिश करने के बावजूद कलेक्टर शिवम वर्मा से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका. बता दें कि सूबे की आर्थिक राजधानी इंदौर पिछले लगभग एक दशक से देश का सबसे साफ शहर है. लेकिन फिलहाल अपने भागीरथपुरा इलाके में पानी खराब होने से मौतों के कारण खबरों में है. स्थानीय निवासियों के दावों के बीच कि पानी खराब होने से 17 लोगों की मौत हुई है, मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 18 प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटा. उधर, कांग्रेस नेता पटवारी ने खुद एक X पोस्ट में मरने वालों की संख्या 20 बताई थी.

‘लैंड फॉर जॉब घोटाला’ में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

नई दिल्ली पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया है. रेल मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी में नौकरियों के बदले भूमि लेने के घोटाले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया. कोर्ट ने संदेह की कसौटी पर पाया कि लालू और परिवार की ओर से व्यापक साजिश रची गई थी. चार्जशीट में लालू यादव के करीबी सहयोगियों को नौकरियों के बदले जमीन अधिग्रहण में सह-साजिशकर्ता के रूप में मदद मिली. कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की बरी करने की मांग की दलील सही नहीं है. इसके साथ ही, इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य सरकारी पद से अलग होकर आपराधिक उद्यम के रूप में काम कर रहे थे.   कोर्ट ने बहु चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय कर दिए है. अदालत ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, साथ ही आईपीसी के तहत अन्य अपराधों का भी आरोप है. जबकि उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह फैसला सुनाया. इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर केस को कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी.इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. लैंड फॉर जॉब केस में मीसा भारती  बता दें कि 19 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में 103 आरोपी हैं जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है. इससे पहले कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर दो बार फैसला टाल चुका है. 4 दिसंबर और 10 नवंबर 2025 को कोर्ट किसी न किसी वजह से फैसला टाल चुका है. कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. तेज प्रताप यादव पर आरोप तय इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर जज विशाल गोगने की कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी. प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दिया था. लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. 7 अक्टूबर 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. लैंड फॉर जॉब घोटाला क्या है? बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाला, कथित भ्रष्टाचार का केस है। यह साल 2004 से 2009 के बीच हुआ, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि लालू यादव ने अपने रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया और इसके जरिए रेलवे के 'ग्रुप-डी' के पदों पर नियुक्तियां की। इन नियुक्तियों के बदले उन्होंने और उनके परिवार ने उम्मीदवारों से रियायती दरों पर या गिफ्ट के तौर पर जमीनें हासिल की थीं। 98 आरोपियों में लालू परिवार का कौन-कौन शामिल? जांच के दौरान, इस केस में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेज प्रताप यादव, बेटे तेजस्वी यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव सहित कुल 98 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अब लालू परिवार को सदस्यों पर आरोप तय हो गए हैं, जबकि 52 लोगों को आरोप मुक्त किया जा चुका है। लालू परिवार को कितनी सजा हो सकती है? लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में आरोप तय होने के बाद लालू परिवार के सदस्यों की संभावित सजा पर बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील संदीप मिश्रा ने INDIA TV से बताया, 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के सेक्शन 8, 9, 11, 12 और 13, ये सभी लगे हुए हैं। इन सभी में 7 साल तक की सजा का प्रावधान का है। वहीं, धारा 467, 468 और 471 भी हैं तो कुल मिलाकर इनको अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है, अगर सारी सजाएं एक साथ चलती हैं। लेकिन सजा अगर एक के बाद एक शुरू करने वाला कोई ऑर्डर अदालत देती है तो इसमें ये सजा बढ़ भी सकती है।' अलग-अलग सजा को लेकर प्रावधान क्या है? उन्होंने आगे कहा, 'अदालत जब आदेश देती है, तो कहती है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, तो उसमें जो अपर साइड सजा होती है, वही सजा दोषी को भुगतनी पड़ती है। यानी अधिकतम जितने साल की सजा कोर्ट की तरफ से सुनाई जाती है, उतने साल ही दोषी को जेल में रहना पड़ता है।'

वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप

रायपुर : सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री कश्यप विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की दी जानकारी रायपुर परिवहन मंत्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा। गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सुरक्षा उपायों के पालन न करने के कारण होती हैं। उन्होंने सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वाहन चालकों एवं सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए।               बैठक में परिवहन मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ में संचालित परिवहन से संबंधित योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री गडकरी को दी। इस अवसर पर सचिव, परिवहन विभाग एस. प्रकाश भी उपस्थित थे। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का अहम उपाय बताया गया। बैठक में ओवरलोड वाहनों पर नियमित जांच, तकनीकी निगरानी, प्रवर्तन कार्यवाही और कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने पर सहमति बनी।      सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियानों, सड़क सुरक्षा मित्रों की भागीदारी, तथा स्कूलदृकॉलेज स्तर पर यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेस उपचार, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा व्यवस्था, वाहन सुरक्षा के नए प्रावधान, तथा मोटर व्हीकल अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आरडीटीसी और डीटीसी भवन समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य                 मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र (RDTC) और जिला परिवहन केंद्र (DTC) भवनों के निर्माण को तय समय में पूरा करने की जानकारी भी दी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों से तकनीकी जांच में सुधार                 परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़) संचालित हैं। मशीनों से होने वाली फिटनेस जांच पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक है। इन केंद्रों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों का कैशलेस उपचार            मंत्री कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में सड़क दुर्घटना में कमी लाने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा,सड़क सुरक्षा अभियान,सड़क सुरक्षा मित्र,‘शून्य प्राणहानि जिला’ के लिए रायपुर का चयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर          बैठक में मोटर व्हीकल अधिनियम के नए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही नितिन गडकरी जी ने सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने,सीट बेल्ट लगाने,वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुत योजनाओं और प्रस्तावों से स्पष्ट है कि  सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

‘जा रानी जा…’ – तीन बच्चों की मां की कोर्ट मैरिज में पति खुद बना गवाह, बिहार में अनोखा मामला

 हाजीपुर         बिहार के वैशाली जिले से सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. जहां रिश्तों की सीमाएं टूटती हैं, सोशल मीडिया पर प्यार की कहानी लिखी जाती है और अंत में ऐसा मोड़ आता है, जिसे सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. यह मामला सिर्फ एक शादी या तलाक का नहीं बल्कि उस सच्चाई का आईना है, जिसे समाज अक्सर स्वीकार करने में हिचकता है. रानी कुमारी की जिंदगी भी कभी बिल्कुल आम थी. वर्ष 2011 में उनकी शादी अहिरपुर निवासी कुंदन कुमार से कोर्ट मैरिज के जरिए हुई. कुंदन घर पर ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे. शादी के बाद धीरे-धीरे परिवार बढ़ा और दंपती तीन बच्चों के माता-पिता बने. करीब पांच साल पहले रानी की जिंदगी में कुछ ऐसा हुइा जिसने सब कुछ बदल दिया. फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए उसकी बातचीत अपने ही फुफेरे भाई गोबिंद कुमार से बढ़ने लगी. शुरुआत पारिवारिक हालचाल से हुई, फिर पुराने किस्से, फिर लंबी बातचीत और देखते-देखते भावनाएं गहराने लगीं. मोबाइल की छोटी-सी स्क्रीन पर शब्दों ने वह जगह बना ली, जो शायद रिश्तों में खाली होती जा रही थी. गोबिंद रानी की बातें सुनते थे, उन्हें समझता था कम से कम रानी को ऐसा महसूस होने लगा. यही एहसास धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. जब घर बार-बार छूटने लगा इस रिश्ते का असर जल्द ही रानी के व्यवहार में दिखने लगा. वह कई बार पति और बच्चों को छोड़कर गोबिंद के पास चली गई. दो-तीन साल पहले वह अचानक घर से गायब हो गई थी. काफी प्रयासों के बाद उसे वापस लाया गया. उस समय कुंदन कुमार काम के सिलसिले में जम्मू में रहने लगा, लेकिन रानी वहां भी टिक नहीं पाईं. डेढ़ महीने पहले भी वही कहानी दोहराई गई. कुंदन जम्मू से उन्हें वापस आया, बच्चों का वास्ता दिया, परिवार की दुहाई दी लेकिन हर बार की तरह रानी का मन कहीं और था.  कुंदन का टूटना और एक अनोखा फैसला बार-बार पत्नी का घर छोड़ना, बच्चों का सवाल, समाज की बातें. इन सबके बीच कुंदन कुमार भीतर से टूट गया. वह समझ गया कि जबरदस्ती किसी को साथ नहीं रखा जा सकता. एक दिन उन्होंने वह फैसला लिया, जिसे सुनकर लोग आज भी हैरान हैं. कुंदन ने रानी से साफ कह दिया अगर तुम्हारी खुशी गोबिंद के साथ है, तो मैं तुम्हें रोकूंगा नहीं. कुंदन ने न तो हंगामा किया, न ही कानूनी लड़ाई चुनी. उल्टा,  रानी और गोबिंद की कोर्ट मैरिज कराने का जिम्मा खुद उठा लिया. कोर्ट मैरिज और पति बना गवाह वैशाली कोर्ट में जब रानी कुमारी और गोबिंद कुमार ने शादी के कागजात पर हस्ताक्षर किए, तो वहां मौजूद लोगों के लिए सबसे चौंकाने वाला सीन था पति कुंदन कुमार का गवाह बनकर खड़ा होना. वही कुंदन, जिनके साथ रानी ने 14 साल पहले सात फेरे नहीं, बल्कि कोर्ट मैरिज की थी, आज उसी महिला को दूसरे पति के साथ विदा कर रहा था. कुंदन ने कहा कि वह अब थक चुका है. उन्होंने बच्चों के लिए खुद को मजबूत किया और रानी को आजाद कर दिया.  गोबिंद का भरोसा और नई उम्मीद शादी के बाद गोबिंद कुमार ने भरोसा जताया कि रानी अब उन्हें छोड़कर वापस नहीं जाएंगी. उन्होंने बताया कि दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत होती रही है और हाल ही में फोन पर हुई बात के बाद उन्होंने साथ रहने का अंतिम निर्णय लिया. गोबिंद का मानना है कि अब सब कुछ साफ है. कोई छुपाव नहीं, कोई अधूरा रिश्ता नहीं. वह इसे एक नई शुरुआत मानते हैं. रानी की बात: मैं खुश नहीं थी रानी कुमारी ने भी अपना पक्ष रखा. साफ कहा कि वह पहले पति के साथ खुश नहीं थीं. उनके अनुसार कुंदन के साथ रहना उनके लिए मानसिक रूप से तकलीफदेह था. यह भी स्पष्ट किया कि उनके तीनों बच्चे कुंदन के साथ ही रहेंगे और वह इस फैसले से संतुष्ट हैं. रानी का कहना है कि गोबिंद के साथ उन्हें समझ और अपनापन मिला, जिसकी कमी वह अपने वैवाहिक जीवन में महसूस कर रही थीं.