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टामन सिंह की पत्नी को NGO के जरिए वसूली पर गिरफ्तार करेगी CBI?

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) 2021–22 भर्ती घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से कोर्ट में पेश की गई पूरक चार्जशीट और उसमें शामिल सरकारी गवाह के बयान से सामने आया है कि सोनवानी का कथित वसूली तंत्र एनजीओ से लेकर कोचिंग संस्थानों तक फैला हुआ था। जांच में पहले यह तथ्य सामने आया था कि सोनवानी की पत्नी के एनजीओ जीवीएस में सीजीपीएससी के सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर कोषाध्यक्ष के रूप में जुड़े हुए थे। इसी एनजीओ के माध्यम से बजरंग पावर से 50 लाख रुपये की वसूली की गई थी। अब जांच में कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। आरोप है कि उत्कर्ष ने अभ्यर्थियों से करीब सवा करोड़ रुपये वसूले। सीबीआई और सरकारी गवाह के बयान के अनुसार, प्री परीक्षा पास कराने के बाद मेंस परीक्षा के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर उत्कर्ष ने प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच से दस लाख रुपये की मांग की थी। पूरक आरोप पत्र में उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 फरवरी 2024 और 10 अप्रैल 2024 की अधिसूचनाओं के माध्यम से राज्य सेवा परीक्षा 2021 की भर्ती प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। जांच के दौरान यह आरोप भी सामने आए कि सीजीपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सोनवानी और तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच अपने पदों का दुरुपयोग किया और अपने पुत्रों, बेटियों तथा रिश्तेदारों का चयन सुनिश्चित कराया। सरकारी गवाह वी. चंद्राकर ने अदालत में बयान देते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन भी सीजीपीएससी की तैयारी कर रही थी। वर्ष 2021–22 में एक रिश्तेदार के माध्यम से रायपुर के बोरियाकला स्थित पेट्रोल पंप पर उत्कर्ष चंद्राकर से मुलाकात हुई थी। उत्कर्ष ने खुद को प्रभावशाली अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए परीक्षा पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद कई अभ्यर्थियों को जोड़कर राशि जुटाई गई और उत्कर्ष को दी गई। गवाह के अनुसार, प्री परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को डीडी नगर स्थित सिद्धि विनायक पैलेस ले जाया गया, जहां उन्हें प्री परीक्षा की प्रिंटेड कॉपी दी गई थी। प्री का परिणाम आने पर सभी अभ्यर्थी सफल हो गए, जिससे भरोसा और बढ़ गया। मेंस परीक्षा के लिए भी उत्कर्ष ने अतिरिक्त रकम की मांग की। नवापारा स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराने और बस की व्यवस्था कराई गई, लेकिन बाद में और पैसे नहीं देने पर सभी अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में असफल हो गए।

राउरकेला में इंडिया वन एयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश, पायलट घायल

 भुवनेश्वर  ओडिशा के राउरकेला से भुवनेश्वर जा रहा एक 9-सीटर चार्टर्ड विमान शनिवार दोपहर दुर्घटनाग्रस्त गया. यह विमान इंडिया वन एयर का था, जो राउरकेला से उड़ान भरने के बाद 10-15 किलोमीटर की दूरी पर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. विमान में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे, जिन्हें चोटें आई हैं. उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है.  अधिकारियों के मुताबिक भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा 9-सीटर विमान उड़ान भरने के करीब 10 किलोमीटर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में चार यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें कैप्टन नवीन कड़ंगा और कैप्टन तरुण श्रीवास्तव शामिल थे. हादसे में सभी छह लोग घायल हुए हैं. सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है. घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल विभाग की तीन टीमों को लगाया गया था, जिन्हें पुलिस और स्थानीय प्रशासन का सहयोग मिला. फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कमांड सेंटर ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों का समन्वय किया, ताकि विमान को सुरक्षित किया जा सके और घायलों को तत्काल सहायता मिल सके. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान ने आपातकालीन लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन जालदा के पास तेजी से नीचे आ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. विमान को दोपहर 1:15 बजे राउरकेला में उतरना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया. फिलहाल विमान दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है.

सार्थक ऐप पर बड़ा खुलासा: बैतूल में 5 डॉक्टरों ने 200 किमी दूर से लगाई हाजिरी, 48 जिलों में 170 डॉक्टर फर्जीवाड़ा करते पकड़े गए

 बैतूल  मध्यप्रदेश के बैतूल में सार्थक ऐप पर 5 डॉक्टरों ने फर्जी हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने कार्यस्थल से 150 और 200 किलोमीटर दूरी पर बैठकर यह सब किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे ने ऐसा करने वाले डॉ. राहुल सिंह गहलोत जैसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन डॉक्टरों ने कैमरा ट्रिक और फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर यह दर्शाया कि वे अस्पताल में मौजूद हैं, जबकि उनकी जीपीएस लोकेशन ड्यूटी स्थल से काफी दूर पाई गई। सीएमएचओ कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सकों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। यह समिति सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। सुबह 9 के बाद दर्ज करानी होती है लोकेशन सार्थक ऐप पर कर्मचारियों को सुबह 9 से 11:30 बजे के बीच रेटिना स्कैन और जीपीएस लोकेशन के साथ हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसके पांच घंटे बाद फिर से उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि कार्यस्थल पर कर्मचारी की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। ऐसा न होने पर उस दिन की आधी ड्यूटी मानी जाती है या वेतन काटा जा सकता है। स्वास्थ्य संचालनालय की जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 48 जिलों में 170 बॉन्डेड डॉक्टरों ने बिना ड्यूटी आए ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्मचारियों ने कहा- नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम अव्यवहारिक कई कर्मचारी इस सिस्टम को अव्यवहारिक बताते हुए कहते हैं कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऐप पर हाजिरी दर्ज करने में कठिनाई होती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि तकनीकी सीमाएं फर्जीवाड़े का बहाना नहीं बन सकतीं।

केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जिले के विकास में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के व्यक्तियों के अनुभव का किया जाएगा उपयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल  केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें काम जिले के औद्योगिक विकास एवं इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना हेतु 1500 एकड़ जमीन करें आरक्षित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षा शहडोल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में आयोजित हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की बिंदुवार समीक्षा की। जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज एवं नगरीय निकाय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु 27 करोड़ रूपए की लागत से सोन नदी में बनाए जाने वाले एनीकट बैराज के प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा प्रयास किया जाए कि इसी वर्ष गर्मी में योजना के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बैठक में बताया गया कि एनीकट बैराज निर्माण का टेंडर इसी माह जारी कर दिया जाएगा। शहडोल नगर में सीवरेज लाइन के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मार्च माह तक काम पूरा कर लिया जाए। सीवरेज लाइन का विस्तार पतली गलियों में भी किया जाए। सीवरेज लाइन से शहर की जो रोड क्षतिग्रस्त हुई हैं उनका रेस्टोरेशन भी कराया जाए। कार्य पूरा हो जाने पर नगरवासियों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया जाएगा कि किस तरह से शहर का गंदा पानी फिल्टर कर शहर को गंदगी एवं बीमारियों से बचाने का कार्य किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना की लागत 170 करोड़ रूपए है तथा नेटवर्क 213 किलोमीटर का है अभी तक 140 किलोमीटर में कार्य कर लिया गया है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन प्रतिबंधित किया जाए। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जयसिंहनगर में बाईपास एवं ब्यौहारी में रिंग रोड, शहडोल से उमरिया मार्ग, टेटका से शहडोल मार्ग के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं और इन कार्यों के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निराकरण संबंधित अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें। जहां भी आवश्यकता होगी सहयोग के लिए उपलब्ध रहूंगा। बैठक में बताया गया कि शहडोल बाईपास में फ्लाई ओव्हर का निर्माण एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।     जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने संभागीय मुख्यालय शहडोल में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री शुक्ल को धन्यवाद ज्ञापित किया। सदस्यों के सुझाव के अनुरूप प्रभारी मंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट से बढ़ाकर 200 सीट करने, पीजी कक्षाओं के संचालन, ब्लड बैंक के संचालन तथा मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त जमीन का आवंटन करने, नर्सिंग कालेज निर्माण में प्रगति लाने तथा बस स्टैण्ड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल से बीमारियों में कमी आएगी तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि एकल नल-जल योजनाएं पर्याप्त पानी के अभाव में असफल हो रही हैं। इन योजनाओं को बाणसागर से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इसके लिए 780 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। आपने जिले में जल जीवन मिशन के तहत 4 नल-जल समूह परियोजनाओं तथा 636 एकल नल-जल योजनाओं में 434 पूरी हो गई है, शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी तरह जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाने हेतु प्रस्तावित 04 माईक्रो एरिगेशन योजनाओं की स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली तथा मौके पर ही भोपाल में पदस्थ संबंध अधिकारियों से चर्चा कर इन योजनाओं के स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं की स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में प्राप्त औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए 1500 एकड़ जमीन आरक्षित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्रांति की आवश्यकता होती है। हमारे पास सड़क, बिजली, पानी तथा भूमि उपलब्ध है। इन संसाधनों का उपयोग कर औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए। जिससे जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।      उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि मानव स्वास्थ्य एवं मृदा के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लोग रक्तचाप, सुगर, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में जिन स्थानों में गौशालाएं संचालित हैं वहां क्रमबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को प्रोत्साहित करें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए, जागरूकता के दौरान किसानो को जैविक खेती से होने वाले फायदे एवं नुकसानो के बारे में भी अवगत कराएं एवं बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर उन्हे घनामृत, जीवामृत, कल्चर, आदि जैसे जैविक उर्वरक के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।        बैठक में विधायक जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने जयसिंहनगर, खन्नौधी, गोहपारू, तथा शहडोल नगर में राजाबाग से बाणगंगा तिराहा … Read more

ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट क्षेत्र अब नो-मैन्स लैंड, नाव संचालन पर प्रतिबंध, मछुआरों को हो रही समस्या

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस सोलर प्लांट की बिजली के संचरण के लिए संयंत्र के जल क्षेत्र में फ्लोटिंग विद्युत केबल बिछाई गई हैं। प्रायः यह देखा गया है कि कुछ स्थानीय मछुआरे बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन तैरते हुए बिजली के तार के ऊपर से अपनी नावें चला रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने सोलर पावर प्लांट के आसपास के क्षेत्र को "नो मैंस लैंड" घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 5 मार्च 2026 तक लागू रहेगा। जारी आदेश अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम एखंड, बिलाया, केलवा बुजुर्ग, कामनखेड़ा और इंधवाडी ग्रामों का क्षेत्र शामिल है। प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति को ही आने-जाने के लिए छूट रहेगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति या स्थानीय मछुआरे द्वारा किसी भी प्रकार का नौका विहार और मत्स्याखेट या मछली पालन का कार्य नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। यह आदेश विशिष्ट रूप से पृथक से अधिकृत किए गए शासकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा। ओंकारेश्वर मछुआरा संघ के कड़वा वर्मा दीपक वर्मा शेर वर्मा दिलीप वर्मा एवं मछुआरा समिति के अनेक लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवॉटर में सैकड़ों मछुआरे मछली पालन करके अपने परिवारों का पालन पोषण करते थे। सबके सामने भयानक आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा, जब यह पूरी योजना शुरू हुई थी तब तत्कालीन शौर्य ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग स्वर्गीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मछुआरों को आश्वासन दिया था कि किसी का भी प्रभावित नहीं होगा। 

इंदौर में डॉग फीडिंग के नियमों में बदलाव, निगम ने 172 फूड प्वाइंट्स तय कर सख्त गाइडलाइन जारी की

इंदौर नगर निगम ने शहर में आवारा श्वानों को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। शहरभर के सभी वार्डों में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर आने वाले दिनों में सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि नागरिकों को तय स्थानों की जानकारी मिल सके। शहर में विवाद रोकने के लिए तय किए गए फूड प्वाइंट नगर निगम द्वारा सभी जोनों के अंतर्गत आने वाले वार्डों में ऐसे खुले स्थानों की पहचान की गई है, जहां आवारा श्वानों को भोजन दिया जा सके। अक्सर गलियों और रहवासी इलाकों में श्वानों को भोजन देने को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। इसी को देखते हुए निगम ने ऐसे स्थान तय किए हैं, जहां किसी भी रहवासी को आपत्ति न हो। ये स्थान खुले इलाकों में और रहवासी क्षेत्रों से दूर रखे गए हैं। 172 स्थानों की सूची निगम वेबसाइट पर उपलब्ध नगर निगम अधिकारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार पहले चरण में 172 स्थानों को आवारा श्वानों के लिए फूड प्वाइंट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन सभी स्थानों की सूची निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। जल्द ही यह सूची सभी जोनल कार्यालयों को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कार्यालयों में इसे चस्पा किया जा सके। तय स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे, जिससे लोग केवल निर्धारित स्थानों पर ही भोजन सामग्री दे सकें। नियम तोड़ने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवारा श्वानों को भोजन केवल तय किए गए फूड प्वाइंट पर ही दें। प्रारंभ में लोगों को समझाइश दी जाएगी, लेकिन बाद में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर श्वानों को भोजन देने वालों के खिलाफ निगम द्वारा चालान बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पालतू श्वान मालिकों के लिए भी जारी की चेतावनी नगर निगम ने पालतू श्वान पालने वालों के लिए भी जाहिर सूचना जारी की है। निगम ने श्वान मालिकों से अपील की है कि वे अपने पालतू श्वानों का रजिस्ट्रेशन और टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं। पत्थर गोदाम रोड स्थित निगम मुख्यालय में टीकाकरण और रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। निगम के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में श्वान पालने वाले ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक अपने श्वानों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।  

योगी सरकार की सख्ती, ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को किया गिरफ्तार

योगी सरकार की सख्ती से ‘सफेद कोट लव जिहादी’ गिरफ्तार – डॉ रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज पर केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर लंबे समय से दुष्कर्म करने का आरोप  – पीड़िता का गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप – पीड़िता की शिकायत पर चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा – चौक पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 50 हजार के इनामी आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज को किया गिरफ्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस की अवैध धर्मांतरण को लेकर कार्रवाई जारी है। लखनऊ पुलिस ने चिकित्सा की आड़ में अपराध करने वाले ‘सफेद कोट लव जिहादी’ को गिरफ्तार किया है। आरोपी रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी की छात्रा को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता था और उस पर धर्मपरिवर्तन का दबाव भी बना रहा था। योगी सरकार ने फरार आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को पीड़िता की शिकायत पर थाना चौक में मुकदमा दर्ज हुआ था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी डॉक्टर रमीज ने शादी का झांसा देकर कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया और बिना उसकी सहमति से गर्भपात भी कराया। इसके बाद आरोपी पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने एक अन्य मेडिकल छात्रा के साथ भी यही तरीका अपनाया। उसके साथ भी दुष्कर्म किया और जबरन गर्भपात कराया। साथ ही धर्म परिवर्तन कराकर शादी कराई गई। जांच में आरोपी के परिजनों की संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और माता खतीजा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों न्यायिक अभिरक्षा में हैं। अन्य सहयोगियों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत फरार आरोपी की तलाश तेज की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। थाना चौक और सर्विलांस टीम पश्चिम लखनऊ ने संयुक्त कार्रवाई की। मुखबिर तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सुराग मिलने पर आरोपी डॉ.  रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज  को शुक्रवार दोपहर सिटी स्टेशन लखनऊ गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है। डॉक्टर की पहचान का दुरुपयोग करता था। अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सफेद कोट की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाइवा से टकराने से कार सवार युवक-युवती की मौत

बिलासपुर. जिले में फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है. सड़क हादसे में कार सवार युवक-युवती की मौत हो गई. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी ओर चली गई, जिसके बाद हाइवा से जा भिड़ी. हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. बताया जा रहा है कि कार में चार दोस्त शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले हुए थे. घटना गुरुवार की दरमियानी रात की है. अब इससे जुड़ा हुआ लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. वहीं मृतकों की पहचान हो गई है. जानकारी के मुताबिक, घटना सरकंडा थाना इलाके के नूतन चौक की है. जांजगीर के रहने वाले 4 दोस्त टाटा नेक्सॉन में सवार थे. बताया जा रहा है कि वह शराब पार्टी के बाद घूमने के लिए निकले थे. नूतन चौक के पास चालक ने कार से नियंत्रण खो दिया. तेज रफ्तार में ब्रेक लगने पर कार का पिछला चक्का फिसल गया. कार मुड़कर सड़क की दूसरी ओर चली गई और मुरुम लोड हाइवा से टक्कर गई. हादसे में युवती समेत 2 लोगों की मौत हुई है. मृतकों की पहचान हिमांशु राठौर और अंशु चंद्रा के रूप में हुई है.

हाईकोर्ट का ग्वालियर में नगर निगम को कड़ा संदेश, अवैध निर्माण पर सख्ती: इंदौर त्रासदी को न भूलें

ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शहर में अवैध निर्माण के एक मामले की सुनवाई के दौरान ग्वालियर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम यदि अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं कर रहा।  हाईकोर्ट ने कहा कि भागीरथपुरा हादसे में कई लोगों की जान गई, जिसे इंदौर पीठ ने संज्ञान में लिया है। यह स्थिति अपने आप बताती है कि अवैध निर्माण को समय रहते नहीं रोका गया, तो बड़ी त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। आयुक्त को चेतावनी, शून्य सहनशीलता अपनाने के निर्देश कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि वे इंदौर की त्रासदी से सबक लें और शहर में अवैध निर्माण के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। दुकानदारों के बीच विवाद से जुड़ा है मामला मामला दो दुकानदारों निहाल चंद और गोपाल चंद के बीच अवैध निर्माण को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा है। बताया गया कि दीवारें हटाकर 8 दुकानों को 5 दुकानों में बदल दिया गया था और दुकानों के बाहर टीनशेड का अवैध निर्माण कर दिया गया था। यह विवाद सबसे पहले जिला न्यायालय पहुंचा, जहां छठवें अपर जिला न्यायाधीश ने दुकानों के बाहर किए गए निर्माण को हटाने और आंतरिक दीवारों का पुनर्निर्माण कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद निहाल चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जहां मामले पर विस्तार से सुनवाई हुई। 15 दिन में अवैध ढांचा हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने दुकानों के बाहर बिना अनुमति बनाए गए ढांचे को अवैध ठहराते हुए 15 दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि तय समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो 16वें दिन नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर ढांचा हटाएगा और उसका खर्च संबंधित दुकान मालिकों से वसूला जाएगा। ‘बिल्डिंग परमिशन कोई रस्म नहीं’ कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बिल्डिंग परमिशन कोई औपचारिकता नहीं है। अनुमति देते समय एफएआर, भूमि विकास नियम और मास्टर प्लान जैसे सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन कर निर्माण करता है, तो उसे हटवाना नगर निगम की कानूनी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ग्वालियर नगर निगम ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया, जिसके कारण शहर में अवैध निर्माण पनपते रहे।  

सागर दौरे पर सीएम मोहन यादव, खुरई में रोड शो और विकास कार्यों का शिलान्यास, बुंदेली अंदाज में स्वागत

सागर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज सागर दौरे पर हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव का खुरई विधानसभा में यह पहला दौरा है. खुरई में सीएम रोड शो के साथ आमसभा को संबोधित करेंगे. साथ ही यहां करीब 312 करोड़ रु की लागत से 86 निर्माण कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे. इससे पहले पूर्व मंत्री व खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी हिमानी खन्ना, कलेक्टर संदीप जीआर और एसपी विकास शाहवाल ने के साथ कार्यक्रम स्थल में व्यवस्थाओं का जायदा लिया. ऐसा रहेगा सीएम का सागर दौरा रोड शो में शामिल होकर सभास्थल पहुंचेंगे सीएम पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बताया, '' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुरई के गुलाबरा बगीचा स्टेडियम स्थित हैलीपेड पर हैलीकाप्टर से उतरेंगे. यहां से विशेष रथ पर सवार होकर रोड शो के रूप में पुराने जनपद, परसा चैराहा, झंडा चौक, महाकाली मंदिर, डोहेला किला, पॉलीटेक्निक रोड होते हुए नवीन गल्ला मंडी के पास आमसभा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान खुरई की बुंदेली परंपरा के अनुसार उनका अभूतपूर्व स्वागत होगा.'' भूपेन्द्र सिंह ने आगे कहा, ''मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए खुरई नगर दीपावली की तरह सजाया गया है. रोड शो रूट पर करीब 150 स्वागत मंच और सैंकड़ों स्वागत द्वार बनाए गए हैं. रोड शो के मार्ग पर सभी घरों से मुख्यमंत्री के रथ पर पुष्प वर्षा होगी. बुंदेली परंपरा के लोकनृत्य, लोकवाद्यों से सजे विभिन्न सांस्कृतिक दल रोड शो रूट पर मुख्यमंत्री के स्वागत में रहेंगे.'' सीएम के कार्यक्रम में गायिका अनन्या पाल देंगी प्रस्तुति पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि सभास्थल पर विभिन्न प्रकार के एग्जीबिशन स्टाल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र की विशेषताओं और उपलब्धियों से मुख्यमंत्री व आमजनता को अवगत कराया जाएगा. इनमें एक जिला-एक उत्पाद में दर्ज खुरई के प्रसिद्ध कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी शामिल है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे. सभा स्थल पर गायिका अनन्या पाल के भजन, देशभक्ति गीतों का सांस्कृतिक कार्यक्रम 11 बजे ही आरंभ हो जाएगा. रोड शो के दौरान ड्रोन से होगी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक हिमानी खन्ना ने रोड शो के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल और रूट टीम लगाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रोड शो में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए. साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम के दौरान हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जाएगे.