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अंबिकापुर जिला स्वास्थ्य विभाग में वॉक-इन-इंटरव्यू से होगा विशेषज्ञ डॉक्टर्स का चयन

अंबिकापुर. जिला स्वास्थ्य समिति, जिला सरगुजा (छ.ग.) अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालय, मातृ एवं शिशु अस्पताल, सिविल अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा FRU (फंक्शनल रोटेटिंग यूनिट) के सुचारू संचालन हेतु जिला खनिज न्यास मद (DMF) के माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों के कुल 08 पदों पर संविदा नियुक्ति की जा रही है। इन पदों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 04 पद, शिशुरोग विशेषज्ञ के 02 पद तथा निश्चेतना विशेषज्ञ के 02 पद शामिल हैं। उक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रत्येक सोमवार को प्रातः 11:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा (छ.ग.) में उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सोमवार को शासकीय अथवा स्थानीय अवकाश होने की स्थिति में आवेदन मंगलवार को लिए जाएंगे। चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर संविदा नियुक्ति वांछित शैक्षणिक योग्यता एवं कार्य अनुभव के आधार पर की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को निगोशियेबल सैलरी प्रदान की जाएगी। इस संबंध में आवेदन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), जिला सरगुजा के पोर्टलhttps://surguja.gov.inके माध्यम से विज्ञापित किए गए हैं। कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्यंत आवश्यक एवं सेवा से सीधे जुड़े पदों की प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं हेतु मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके तथा विशेषकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हो। सभी इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

लोकपथ 2.0 का हुआ लॉन्च, अब यात्रा में मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, सीएम ने कहा- ‘PWD अब नवाचार कर रहा

भोपाल मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026  दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह  सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। शहरों की तस्वीर बदल रही सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है। लोकपथ 2.0 क्या है Lokpath 2.0 App नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप यात्रियों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। यात्रा के दौरान किसी खतरनाक स्थान यानी ब्लैक स्पॉट से 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट मिलेगा। सीएम का बड़ा बयान सीएम मोहन यादव ने कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।  तकनीक से बदली सोच मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तकनीक का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ही भविष्य की दिशा तय करेगा। लोकपथ 2.0 उसी सोच का परिणाम है, जहां नागरिक केवल शिकायतकर्ता नहीं बल्कि सिस्टम का हिस्सा बनते हैं।  “प्रदेश की गति तय करता है PWD” लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।  इंजीनियरों के लिए नया युग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब प्रदेश में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र रिसर्च बेस्ड कैपेसिटी बिल्डिंग का आधार बनेगा और विभाग को तकनीकी रूप से और मजबूत करेगा।  “गूगल से भी बेहतर होगा लोकपथ” राकेश सिंह ने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा, खतरनाक स्थानों की जानकारी देगा और सड़क किनारे अस्पताल जैसी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन बताएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। अभी लोकपथ ऐप में क्या सुविधा है लोकपथ ऐप 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद 4 दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और फोटो अपलोड कर सूचना दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाए, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम चेक कर सकता है। यह सुविधाएं देगा एप लोकपथ 2.0     यह एप रूट प्लानर का काम करेगा। कहीं भी जाने से पहले यह लोगों को बताएगा कि मुख्य मार्ग और वैकल्पिक मार्ग क्या हो सकते हैं।     सफर के दौरान रास्ते में आने वाले टोल प्लाजा और टोल रेट की जानकारी भी इस नए एप से लोगों को मिल सकेगी।     लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश भर के ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित कराए हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, यह एप सफर करने वालों को बताएगा कि कौन सा स्पॉट ब्लैक स्पॉट है जहां से गुजरने के दौरान अत्यंत सावधानी बरतनी है।     जिस मार्ग से आना जाना होगा, उस मार्ग में पड़ने वाले पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, पेट्रोल पम्प, अस्पताल, पुलिस थाना और अन्य जानकारी भी इस एप से लोग पा सकेंगे।     एप में यात्रा के दौरान अचानक जरूरत होने पर आपातकालीन त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी रहेगी।     इसके साथ ही एप लोगों को रियल टाइम मौसम की जानकारी भी देगा, जिससे पता चल सकेगा कि कहां ज्यादा बारिश हो रही है और कहां आने जाने का रूट साफ है।  हर इंजीनियर का होगा इंडेक्स PWD के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने बताया कि लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि हर इंजीनियर और विभाग का परफॉर्मेंस इंडेक्स बनेगा। मंत्री से लेकर कर्मचारी तक एक डैशबोर्ड सिस्टम तैयार किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को अवॉर्ड दिए जाएंगे। Why This Matters | आम जनता के लिए क्या बदलेगा Lokpath 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता का नया मॉडल है। इससे नागरिकों को सुरक्षित यात्रा, त्वरित समाधान और सरकार से सीधा संवाद मिलेगा। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में ले जाने वाली मानी जा रही है। 

केसी त्यागी की JDU से छुट्टी, पार्टी ने कहा- ‘अब उनका हमारे साथ कोई संबंध नहीं’

पटना  जेडीयू के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में अध्याय अब समाप्त हो चुका है. हाल के दिनों में के.सी. त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों के अनुसार, त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उन्हें दूरी बनाने का फैसला किया. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब के.सी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है.  के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठाई थी. उन्होंने बाकायदा पीएम मोदी को लेटर लिखकर इसकी मांग की थी. अपने पत्र में त्यागी ने लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके पूरी तरह हकदार हैं. लेकिन जेडीयू ने उनकी इस मांग से किनारा कर लिया. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'के.सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है. दरअसल, वह जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है. इसलिए उनके बयानों को और उनकी विज्ञप्ति को उनकी निजी क्षमता में दिए गए बयान के तौर पर लेना चाहिए.' सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के.सी. त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. इसकी वजह पार्टी से उनके लंबे और पुराने संबंध बताए जा रहे हैं. जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, के.सी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते. मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में दिया था बयान भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों और राजनीतिक रुख में उनका कोई दखल नहीं होगा. जेडीयू नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल संतुलित रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यह अलगाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से हुआ है. जेडीयू के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी नेतृत्व आगे की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. बता दें कि हाल ही में के.सी. त्यागी ने मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुजरा. उन्होंने कहा था, 'खेल में राजनीति नहीं लाना चाहिए. जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएम में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.' बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल में लेने का भारत में जबरदस्त विरोध हुआ. इसके बाद बीसीसीआई के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया. हालांकि, के.सी. त्यागी ने ये माना था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों से भारत में गुस्सा है. लेकिन उनका आईपीएल को लेकर दिया गया बयान जेडीयू को रास नहीं आया. पार्टी सूत्रों का मानना है कि उन्हें आईपीएल पर बयान देने की क्या जरूरत है और वो भी ऐसा बयान जो जनमत की भावना के खिलाफ हो और एनडीए गठबंधन में अलग-अलग राय दिखाए?  जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो तो सरकार के सहयोगी दल के नाते बोलने से पहले त्यागी को पार्टी में बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. के.सी. त्यागी पहले भी बड़े सरकारी पदों पर लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्ति, समान नागरिक संहिता और इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर एनडीए की नीतियों से अलग बयान दे चुके हैं, जिसने जेडीयू के लिए असहज स्थिति में डाल दिया. इन बयानों के कारण ही के.सी. त्यागी से जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था और उनकी जगह राजीव रंजन को जेडीयू ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था. 

कॉस्मो ट्रेड फेयर एक्सपो में मुख्यमंत्री साय बोले- ‘विकसित छत्तीसगढ़ में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। व्यापार जगत की बेहतरी और ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई, जिसका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स से कई वस्तुओं की कीमत में कमी आई है। जीएसटी की प्रक्रिया को काफी सुगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहा जा रहा है। लगभग आठ लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हमें प्राप्त हो चुके हैं। हर सेक्टर में हमें ये निवेश प्रस्ताव मिले हैं जिनपर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में रोजगार सृजन पर हमारा विशेष फोकस है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार प्रदान करने वाले उद्यमियों को विशेष इंसेंटिव प्रदान करने के प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में रोटरी क्लब और उद्यमियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। रोटरी क्लब उद्यम के साथ ही परोपकार का भी कार्य करता है। क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य बहुत प्रशंसनीय हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा एक्सपो है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल हैं। इस विशाल आयोजन का लाभ निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को मिलेगा। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये बहुत खुशी की बात है कि रोटरी क्लब द्वारा आयोजित इस एक्सपो का यह 16वां वर्ष है। रोटरी क्लब सेवा से जुड़ी एक संस्था है। रोटरी क्लब द्वारा पोलियो निर्मूलन के कार्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में मोबाइल आई क्लीनिक की एम्बुलेंस का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स में विशिष्ट योगदान दे रही 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया और इन महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, श्रीराम गर्ग सहित रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर के सदस्यगण व बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

गोल्ड खरीदने का प्लान है? 10 जनवरी का ताजा रेट और 22-24 कैरेट के भाव देखें आपके शहर के अनुसार

इंदौर  मकर संक्रांति और शादियों के सीजन से पहले जनवरी में सोने-चांदी की कीमतों में बार-बार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह सोने की कीमतों में ₹1150 प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) का उछाल आया है। वहीं चांदी के भाव में भी ₹11,000 प्रति किग्रा की तेजी देखी गई है। शुक्रवार शाम को 24 कैरेट का भाव ₹1,39,460 और चांदी का भाव ₹2,49,000 (प्रति किग्रा) पर बंद हुआ था। अगर आप 10 जनवरी 2026 को सोना या चांदी खरीदने का विचार कर रहे हैं तो पहले 18, 22 और 24 कैरेट का ताजा भाव देख लें। भारतीय सराफा बाजार (व्यापारियों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार) में आज 22 कैरेट सोने के दाम ₹1,28,900, 24 कैरेट का भाव ₹1,40,610 और 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,05,490 चल रहे हैं। चांदी ₹2,60,000 (प्रति किग्रा) दर्ज हुई। 18 कैरेट (18K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,05,490     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,05,390     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,05,340     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,07,650 22 कैरेट (22K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     ​मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,28,900     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,28,800     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,28,750     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,29,000 24 कैरेट (24K) सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम में)     मेरठ, जयपुर, दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़: ₹1,40,610     ​इंदौर, भोपाल, अहमदाबाद: ₹1,40,510     ​मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु: ₹1,40,460     ​चेन्नई, कोयंबटूर: ₹1,39,650 (दक्षिण भारत के कुछ शहरों में स्थानीय प्रीमियम/मेकिंग/डीलर मार्जिन के कारण अंतर) प्रमुख शहरों का चांदी (Silver Rate Today) का भाव     10 ग्राम: ₹2,600     100 ग्राम: ₹26,000     ₹2,60,000 (प्रति किग्रा): दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, कोलकाता, भोपाल और इंदौर ।     ​ ₹2,75,000 (प्रति किग्रा): चेन्नई, मदुरै, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल। (दक्षिण भारत के राज्यों के भाव में मेकिंग चार्ज, डीलर प्रीमियम/स्थानीय शुल्क, परिवहन लागत और मांग के चलते कीमतों में बढ़त बनी है।) किन कारणों से बदलते हैं सोने-चांदी के दाम?     अंतरराष्ट्रीय बाजार     डॉलर में उतार-चढ़ाव     वैश्विक मांग और भू-राजनीतिक तनाव     केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरें     शेयर बाजार में बदलाव     भारत जैसे देशों में आयात शुल्क और अन्य कर     घरेलू दामों पर USD-INR, आयात शुल्क     जीएसटी/टीसीएस, लोकल मेकिंग चार्ज     देश की महंगाई दर     त्योहार और शादियों का सीजन सोना खरीदने से पहले जान लें ये प्रमुख बातें     इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) देश भर के लिए सोने-चांदी के मानक भाव जारी करता है। हालांकि शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित अवकाश के दिनों में नए भाव जारी नहीं किए जाते हैं।     IBJA द्वारा जारी रेट में जीएसटी शामिल नहीं होता, जिसके कारण अलग-अलग शहरों और शोरूम्स में अंतिम कीमत अलग-अलग हो सकती है। ​सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर जांचें।     हॉलमार्क के निशान में ​BIS लोगो (भारतीय मानक ब्यूरो का आधिकारिक प्रतीक), ​कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर (एक यूनिक अल्फा-न्यूमेरिक कोड) और सेंटर मार्क ( लैब टेस्टिंग निशान) होता है।     24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है। 24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट में 91.6% शुद्धता होती है (इसीलिए इसे 916 गोल्ड कहा जाता है)।     24 कैरेट सोना शुद्ध होता है, इसलिए इसके गहने नहीं बनाए जाते हैं।     22 कैरेट गोल्ड में 8.4% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर गहने तैयार किए जाते हैं। अधिकतर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट का सोना बेचते हैं और इसी के आभूषण बनाते हैं।  

हरियाणा में अब अस्पताल संचालकों को देना होगा आपरेशन का रिकार्ड

चंडीगढ़. हरियाणा के कुछ अस्पतालों में केंद्र की आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के तहत मरीओं के इलाज में फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद एक एडवाइजरी जारी की गई है। सीईओ आयुष्मान भारत (हरियाणा) की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आइसीयू में भर्ती मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जरूरी होंगे और उन्हें चालू रखने की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। जरूरी जांच में कैमरों की फुटेज उपलब्ध करानी पड़ेगी। इस एडवाइजरी को लेकर कई अस्पताल संचालकों की ओर से मरीजों की निजता पर सवाल उठे तो आइएमए हरियाणा की ओर से स्पष्ट किया गया कि एडवाइजरी में आइसीयू के गेट पर तथा गैलरी पर कैमरे चालू हालत में रखने के सलाह दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर कुछ जगहों पर आइसीयु तथा अन्य कंबर दुनिट के अंदर कैमरे लगाने की एडवाइजरी में उल्लेख नहीं हैं। आइएमए (हरियाणा) की ओर से प्रेस रिलीज में भी कहा गया है कि कुछ अस्पतालों की ओर से फर्जीवाड़ा किए जाने पर यह सलाह जारी की गई है। सीसीटीवी कैमरे के लिंक का इस्तेमाल कैवत सत्यापन के लिए होगा।

गावस्कर का दिलचस्प तोहफा, जेमिमा को दिया ‘बैट-गिटार’, साथ ही गाना भी गाया

 नवी मुंबई महान भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने महिला टीम की स्टार खिलाड़ी जेमिमा रोड्रिग्स को ऐसा तोहफा दिया, जिसे वे हमेशा याद रखेंगी. गावस्कर ने जेमिमा को एक खास 'बैट-गिटार' (गिटार जो क्रिकेट बैट जैसा दिखता हो) गिफ्ट किया. फिर उनके साथ बैठकर गाना भी गाया. यह मुलाकात महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की शुरुआत से ठीक पहले हुई. दो पीढ़ियों के क्रिकेटरों का यह दिल छू लेने वाला पल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है. आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के दौरान सुनील गावस्कर ने जेमिमा रोड्रिग्स से खास वादा किया था. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में जेमिमा ने 127* रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसके चलते भारत ने 339 रनों का रिकॉर्ड चेज करते हुए फाइनल में जगह बनाई. उसी समय गावस्कर ने कहा था कि अगर भारतीय टीम ट्रॉफी जीतती है तो वो जेमिमा के साथ संगीत संत्र करेंगे. जेमिमा रोड्रिग्स ने भी इस वादे को जीवित रखा और कई मंचों पर इस बारे में मजाकिया अंदाज में बात करती रहीं. अंततः सुनील गावस्कर ने अपना वादा निभाया और जेमिमा को लकड़ी के बॉक्स में रखा बैट-गिटार भेंट किया. जेमिमा गिफ्ट को अनकैप्ड करते समय बेहद खुश दिखाई दीं. 'तुम्हारी बैटिंग में भी संगीत की लय' सुनील गावस्कर ने मजाक में कहा कि आज वो ओपनिंग बैटर नहीं हैं, इसलिए जेमिमा रोड्रिग्स ही बॉक्स खोलें.  जब जेमिमा रोड्रिग्स ने पूछा कि यह बैट-गिटार बजाने के लिए है या बैटिंग करने के लिए, तो सुनील गावस्कर ने कहा, 'दोनों क्योंकि तुम्हारी बैटिंग में भी संगीत की लय होती है.' सुनील गावस्कर और जेमिमा रोड्रिग्स ने साथ बैठकर फिल्म शोले का मशहूर गाना ‘ये दोस्ती’ गाना गाया. जेमिमा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'सुनील सर ने अपना वादा निभाया और हमें सबसे बेहतरीन बैट-आर (Bat-ar) के साथ परफॉर्म करने का मौका मिला. यह पोस्ट खूब वायरल हुई और फैन्स ने दोनों की केमिस्ट्री की जमकर तारीफ की. जेमिमा रोड्रिग्स WPL 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी कर रही हैं. वो शनिवार (10 जनवरी) को डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम को लीड करने उतरी हैं.  

CJI सूर्यकांत यादें ताजा कर बोले- ‘हांसी से गुजरने पर याद आता है बचपन’

चंडीगढ़/हांसी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हांसी से जुड़ी यादें ताजा करते हुए कहा कि मैं जब भी कभी हांसी से गुजरता हूं बचपन याद आता है। बचपन की यादें इस शहर से जुड़ी हैं। पिता के साथ पहली बार सिनेमाघर में यहीं फिल्म देखी थी। न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने बचपन से सीजेआई बनने तक का सफरनामा सामने रखा। न्यायाधीश के रूप में 22 वर्ष पूरे होने की बात सबसे पहले हांसीवासियों के सामने कही। उन्होंने बताया कि बचपन में उन्होंने पिता के साथ हांसी के सिनेमाघर में फिल्म देखी थी। 20 अप्रैल 1984 को उनकी लॉ की अंतिम परीक्षा थी और 21 अप्रैल 1984 से उन्होंने हिसार कोर्ट में वकालत शुरू कर दी। 29 जुलाई को उन्हें वकालत का लाइसेंस मिला। इसके बाद उन्हें हिसार के नामी वकीलों के साथ चंडीगढ़ के उच्च न्यायालय में भी वकालत करने का अवसर मिला। तब जज ने कहा था- इसे उच्च न्यायालय में भेज दो सीजेआई ने बताया कि उनके पिता कुछ समय के लिए हांसी में तैनात रहे। यहां स्कूल में उनका दाखिला करवाया गया। हांसी के सिनेमाघर में ही पहली बार फिल्म देखी थी। तब उनके पिता साइकिल पर बिठा कर उन्हें लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि लॉ की पढ़ाई के बाद परिजनों ने उन्हें कोर्ट में जाने के लिए कहा था। 21 अप्रैल 1984 से हिसार कोर्ट में वकालत शुरू की थी। उसके बाद 29 जुलाई 1984 में उन्हें लाइसेंस मिला। उन्होंने कहा कि एक बार कोर्ट में नामी वकील के सामने केस की बहस की थी। तब जज ने फैसला सुनाते हुए उनके बारे में कहा था कि इस युवक का भविष्य खराब न करके इसे उच्च न्यायालय में भेज दो। इसके बाद नामी वकील अपने साथ उन्हें चंडीगढ़ के साथ गए। अटैची में दो कपड़े डालकर वह चंडीगढ़ चले गए। हिसार में दो वकीलों का पूरा आशीर्वाद मिला था। पत्नी को विशेष अतिथि बताया समारोह में जज मंच पर बैठे जजों व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का नाम ले रहे थे तो उन्होंने अपनी पत्नी सविता को विशेष अतिथि कहकर सबको गुदगुदाया। उन्होंने कहा कि कहीं नाम लेने से चूक न जाएं और मुश्किल हो जाए इसलिए नाम लिया है। पिता की फोटो देख भावुक हुए स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में पहुंचने पर सीजेआई को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मंच पर बार एसोसिएशन के प्रधान पवन रापड़िया ने उन्हें भगवान श्रीराम का मूर्ति भेंट की। डीसी डॉ. राहुल नरवाल ने सीजेआई को उनका चित्र भेंट किया। इस दौरान एसडीएम राजेश खोथ ने सीजेआई को उनके पिता मदन गोपाल शास्त्री की हाथ से बनी हुई फोटो भेंट की जिसे देख सीजेआई भावुक हुए व फोटो को माथे से लगाया। एसडीएम ने पहली बार सीजेआई के पिता को ही अपनी कविता सुनाई थी। यह एसडीएम के लिए भी यादगार थी। एडवोकेट पारिशा राजपाल ने उच्च न्यायालय की जज अल्का सरीन का स्वागत किया। हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि : सीजेआई हांसी मेरी जन्म व कर्म भूमि है। सीजेआई ने कहा कि मैं हांसी से भावना से जुड़ा हुआ हुं। शपथ ग्रहण के समय भी हांसी के वकील व परिवार के सदस्य वहां उपस्थित थे। जिला बनने से पुरानी मांग हुई पूरी सीजेआई ने कहा कि हांसी को जिला बनाने से पुरानी मांग पूरी हुई है। इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि जब हांसी कोर्ट परिसर का नया भवन बना था। वह तब यहां आए थे। तब भी यहां हांसी को जिला बनाने की मांग उठी थी। उन्होंने कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना के सामने कहा कि पहले लोग कहते थे कि हांसी जिला नहीं बनता है तो यहां पर सेशन कोर्ट बना दें। हांसी जिस रफ्तार से बोझ बढ़ा, वैसा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना मंच पर वकीलों को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा कि पहले कोर्ट परिसर की ऐसी व्यवस्था होती थी कि जहां ज्यूडिशियल अधिकारी, महिला वकीलों के लिए शौचालय तक नहीं थे। वकीलों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। धीरे धीरे देश ने प्रगति कर न्यायिक व्यवस्था का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बदला। हरियाणा ने देश में न्यायिक व्यवस्था में अच्छा नाम कमाया है। सभी सेशन व उपमंडल स्तरीय कोर्ट में अच्छे कोर्ट परिसर हैं। जिस रफ्तार से न्यायिक व्यवस्था पर बोझ बढ़ा है उस रफ्तार के हिसाब से अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बन पाया है।

जालंधर में नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों को शनिवार-रविवार को भी करनी होगी Duty

जालंधर. जालंधर नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दौरे को लेकर ये कदम उठाया गया है। इस संबंध में डीसी की तरफ से एक आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों में कहा गया है कि 10 और 11 जनवरी को शनिवार-रविवार होने के बावजूद कर्मचारियों को दफ्तर और फील्ड में ड्यूटी देनी होगी। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि इन दो दिनों में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। बताया गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दो दिनों में जालंधर दौरे पर रहेंगे और शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परियोजनाओं का उद्घाटन या कहां कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।

अदा शर्मा ने नए कलाकारों को दिए टिप्स, कहा- ‘इंडस्ट्री में संघर्ष है, हार नहीं, डटकर मुकाबला करो’

मुंबई   'द केरल स्टोरी' जैसी सफल फिल्म का हिस्सा रहीं अभिनेत्री अदा शर्मा ने एक्टिंग करियर में लंबा सफर तय किया है। उनकी कुछ फिल्में सुपरहिट रहीं, जबकि कुछ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। अदा का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री उतार-चढ़ाव से भरी है। उन्होंने न्यूकमर्स को भी सफलता के टिप्स दिए। अदा ने नए कलाकारों को बताया कि करियर के मुश्किल दौर में घबराने की जरूरत नहीं है। बस फोकस बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहें। मेहनत, धैर्य और सकारात्मकता के साथ चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। अदा शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में नए कलाकारों को सफलता के मंत्र दिए। अदा ने इंडस्ट्री की कठिनाइयों पर खुलकर बात की और सलाह दी कि यहां आने से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना चाहिए। अदा शर्मा ने कहा, "न्यूकमर्स को मेरी सलाह है कि अगर वे इंडस्ट्री जॉइन करना चाहते हैं, तो उन्हें आश्वस्त होना चाहिए कि मुश्किलों के दौर में भी उनका डटकर मुकाबला करना सफलता दिलाएगा। इंडस्ट्री में बहुत सारे उतार-चढ़ाव हैं। आप सिर्फ फाइनल मूवी देखते हैं, लेकिन उस मूवी या रोल तक पहुंचने के लिए कितने ऑडिशंस देने पड़ते हैं, कितने रिजेक्शन झेलने पड़ते हैं, कितने दिन बिना काम के गुजरते हैं और कितने सालों तक रुक-रुककर इंतजार करना पड़ता है।" उन्होंने बताया, "इन तमाम मुश्किलों के बाद शायद एक ब्रेक मिलता है, लेकिन वह कब मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। एक ब्रेक सुपरहिट होने के बाद भी अगली फिल्म कब मिलेगी, यह भी पता नहीं होता। ऐसे में मन को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। जब चीजें ठीक नहीं चल रही होंगी, तो बहुत से लोग सलाह देंगे कि यह नहीं करना चाहिए था, तुम इस सेक्टर में गलत आ गए। ऐसे समय में डिप्रेशन में न जाएं, इसके लिए अपना मन मजबूत रखें।" इंडस्ट्री में सफलता की कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती और रिजेक्शन आम बात है। अदा शर्मा ने सुझाव दिया कि बाकी कई शौक जरूर रखें, जो मन को शांत रखने में मदद करते हैं। खासकर जब काम नहीं चल रहा हो या जीवन में मुश्किलें हों, तब ये हॉबीज बहुत काम आती हैं। अदा खुद का उदाहरण देते हुए बोलीं, "जैसे मैं म्यूजिक करती हूं, पियानो बजाती हूं, फ्लूट बजाती हूं या डांस करती हूं। कोई भी ऐसी हॉबी रखें, जिससे आप अपना दिमाग शांत रख सकें।"