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राम मंदिर परिसर में सुरक्षा चूक: अयोध्या में नमाज पढ़ते हुए हिरासत में लिया गया कश्मीरी युवक

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कश्मीरी युवक को धार्मिक गतिविधि करते हुए सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया. सूत्रों के अनुसार, युवक ने राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया. युवक कश्मीरी वेशभूषा में था. युवक राममंदिर के गेट D1 से घुसा था. पकड़े गए युवक का नाम अब अहमद शेख है. वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए. युवक से पूछताछ की जा रही है और उसके इरादों व पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है. शनिवार सुबह का है मामला यह घटना आज सुबह की बताई जा रही है. हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है. सूत्रों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. अयोध्या में अब राम मंदिर परिसर के चारों ओर 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह के मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम आस्था और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है. क्या थी शिकायत?  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के माध्यम से नॉन-वेज भोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायतों में बताया गया था कि प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक मांसाहारी भोजन पहुंचाया जा रहा है. इन शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भी सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया. अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ होटल और होमस्टे में मेहमानों को न केवल मांसाहारी भोजन बल्कि शराब परोसे जाने की सूचनाएं सामने आई थीं. इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कही गई है. शराब की दुकानें हो रही संचालित गौरतलब है कि अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या–फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री बंद करने का फैसला लिया था. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब बिक्री पर यह प्रतिबंध अब तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका है और राम पथ क्षेत्र में कई शराब की दुकानें अब भी संचालित हो रही हैं. इस पर नगर निगम के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मांस की दुकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो रही है.

भोपाल में 11 जनवरी को 1101 ट्रैक्टरों की रैली, सीएम करेंगे कृषि वर्ष 2026 का शुभारंभ, किसानों से करेंगे संवाद

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार 11 जनवरी को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को औपचारिक रूप से ‘कृषि वर्ष’ घोषित करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा 1101 ट्रैक्टरों की सांकेतिक रैली को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान में कृषि एवं उससे संबंधित विभागों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे तथा प्रदेश भर से आए लगभग 30 हजार किसानों को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विभिन्न जिलों से किसान भाग लेंगे। ट्रैक्टर रैली और रोड शो के माध्यम से राज्य सरकार किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश देगी। सरकार का उद्देश्य वर्ष 2026 को कृषि के लिए निर्णायक वर्ष बनाना है। ‘कृषि वर्ष’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने तथा कृषि से जुड़े रोजगार को सशक्त करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए सरकार ने एक स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और आगामी वर्षों की कृषि नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ेंगे और मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल होगा। कृषि वर्ष 2026 के प्रमुख उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि: खेती को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार मॉडल में बदलना। कृषि आधारित उद्योगों का विकास: खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देना। नवाचार और आधुनिक तकनीक: ड्रोन सेवाएं, हाइड्रोपोनिक्स, एग्री-स्टेक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रबंधन से युवाओं को जोड़कर रोजगार सृजन। प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग: मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण अनुकूल खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को प्रोत्साहन।   

यूपी टूरिज्म शुरू करेगा होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजनाओं के लिए जागरूकता अभियान

होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा यूपी टूरिज्म यूपी में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराता है होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना लखनऊ  प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना पर यूपी टूरिज्म प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाएगा। यह अभियान 14 से 30 जनवरी तक मुख्य रूप से प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों वाले शहरों में चलाया जाएगा, जिसमें योजना के प्रचार-प्रसार के साथ लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को तत्काल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यह जागरूकता अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन सुविधा के विकास के साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। 14 से 30 जनवरी तक चलेगा प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान अभियान के तहत 14 से 30 जनवरी के बीच जिलों की पर्यटन विभाग की टीमें स्थानीय लोगों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक करेंगी। साथ ही लंबित प्रस्तावों का परीक्षण कर योग्य आवेदकों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी प्रदान करेंगी। विभाग ने इस अभियान के लिए प्रति जनपद 2 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है, जो जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रचार-प्रसार सामग्री पर खर्च किया जाएगा। यह अभियान राज्य के पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस जागरूकता अभियान का विशेष लाभ उन लोगों को होगा जो योजना में शामिल होना चाहते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में योजना से जुड़ नहीं पा रहे हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा यूपी टूरिज्म की होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना-2025, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार पर्यटकों को बेहतर और सस्ती सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह योजना एक ओर स्थानीय निवासियों को अपने घरों को ही होम स्टे में बदलने और पर्यटकों को घरेलू भोजन, स्थानीय संस्कृति और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराने की सुविधा देती है। साथ ही पर्यटकों को महंगे होटलों के विकल्प में स्थानीय संस्कृति से समृद्ध आवास और खान-पान की सुविधा प्रदान करती है। इससे पर्यटकों को एक अनोखा सांस्कृतिक अनुभव मिलता है, जबकि स्थानीय परिवारों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध होता है। योजना विशेष रूप से पर्यटन की अधिक संभावना वाले जनपदों जैसे मथुरा, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या पर केंद्रित है। यही नहीं, प्रयागराज में महाकुंभ, अयोध्या दीपोत्सव और मथुरा रंगोत्सव जैसे आयोजनों के समय पर्यटन विभाग के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभदायक साबित होती है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.8 अरब डॉलर घटा, आरबीआई ने कहा – डॉलर की मजबूती और गोल्ड रिजर्व में कमी

नई दिल्ली  नए साल की शुरुआत भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के लिए झटके के साथ हुई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 9.809 अरब डॉलर घटकर 686.801 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इससे ठीक एक सप्ताह पहले भंडार में 3.293 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और यह 696.61 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. एक हफ्ते में बदली तस्वीर पिछले सप्ताह जहां विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती दिखी थी, वहीं महज एक हफ्ते के भीतर हालात पूरी तरह बदल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और अन्य प्रमुख मुद्राओं में कमजोरी ने इस गिरावट को तेज किया है. फॉरेन करेंसी एसेट्स पर सबसे ज्यादा असर आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा आस्तियां यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. FCA 7.622 अरब डॉलर घटकर 551.99 अरब डॉलर रह गईं. FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी मुद्राएं शामिल होती हैं. इन मुद्राओं के मूल्य में बदलाव का सीधा असर कुल विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है. गोल्ड रिजर्व में भी आई कमी इस दौरान भारत के सोने के भंडार में भी गिरावट देखने को मिली. गोल्ड रिजर्व का मूल्य 2.058 अरब डॉलर घटकर 111.262 अरब डॉलर रह गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मजबूत होने से सोने के मूल्य पर दबाव बना हुआ है. IMF और SDR स्थिति कमजोर केवल विदेशी मुद्रा और सोना ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भारत की स्थिति में भी कमी आई है. विशेष आहरण अधिकार (SDR) 2.5 करोड़ डॉलर घटकर 18.778 अरब डॉलर पर आ गए. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति 10.5 करोड़ डॉलर घटकर 4.771 अरब डॉलर रह गई. क्या हैं गिरावट की वजहें विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, मुद्रा बाजार में अस्थिरता और सोने की कीमतों में कमजोरी इस गिरावट के प्रमुख कारण हो सकते हैं. हालांकि, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब भी मजबूत स्थिति में है और यह आयात जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करने में सक्षम माना जा रहा है.

सोमनाथ मंदिर हमले पर देशव्यापी शिव उपासना अभियान की शुरुआत, महाकाल मंदिर से बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने की पहल

उज्जैन  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज सुबह महाकाल मंदिर में दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों से भगवान शिव की आराधना करने का आह्वान किया गया है। खंडेलवाल ने कहा कि इसी क्रम में उन्होंने आज महाकाल मंदिर में पार्टी के विधायकों, जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए और जयकारा लगाया। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे शिव मंदिरों में जाकर ॐ नमः शिवाय का जाप करें और देश की शांति, समृद्धि एवं सामाजिक सौहार्द के लिए प्रार्थना करें। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भगवान महाकाल सभी के जीवन में शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा हम सभी को मिलकर देश की सेवा करने की शक्ति दें। इसी भावना के साथ महाकाल मंदिर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।

बिहार में एक साथ 23 आईएएस अफसरों के तबादले, नई जिम्मेदारी का आदेश जारी

पटना  बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने 23 आईएएस अफसरों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। इनमें से एक को एडिशनल चार्ज सौंपा गया है। पूर्णिया, बाढ़, महुआ (वैशाली), पालीगंज, नौगछिया और बगहा (पश्चिम चंपारण) के अनुमण्डल पदाधिकारी बदले गए हैं। इसके अलावा उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और नगर आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव हुआ है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 9 जनवरी 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है। आईएएस अधिकारी समीर सौरव उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना को स्थानांतरित करके प्रबंध निदेशक कम्फेड पटना के पद पर भेजा गया है। दीपक कुमार मिश्रा नगर आयुक्त नालंदा को संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्हें अपर निदेशक, मिशन निदेशक का कार्यकाल, बिहार विकास मिशन पटना का एडिशनल चार्ज भी सौंपा गया है। इन आईएएस अफसरों का हुआ तबादला      अभिषेक पलासिया, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद खगड़िया को नगर आयुक्त, गया नगर निगम, गयाजी के पद पर पदस्थ किया गया है।     कुमार निशांत विवेक, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज को नगर आयुक्त बिहार शरीफ नगर निगम नालंदा के पद की जिम्मेदारी दी गई है।     श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद नालंदा को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना पद का प्रभार सौंपा गया है।     शुभम कुमार, नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम को विकास उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद नालंदा के पद पर पदस्थ किया गया है।     शिवाक्षी दीक्षित नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम को अगले आदेश तक नगर आयुक्त बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण पद पर भेजा गया है।     पार्थ गुप्ता अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिया को नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम मुंगेर के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।     सूर्य प्रताप सिंह उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद के कैमूर, भभुआ को उपविकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद समस्तीपुर के पद पर भेजा गया है।     लक्ष्मण तिवारी, नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद सारण, छपरा के पद की जिम्मेदारी मिली है।     आशीष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ पटना को नगर आयुक्त मोतिहारी नगर निगम मोतिहारी पद पर भेजा गया है।     किसलय कुशवाहा अनुमंडल पदाधिकारी, महुआ, वैशाली को नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम पद की जिम्मेदारी दी गई है।     गौरव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बगहा पश्चिमी चंपारण को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज के पद पर पदस्थ किया गया है।     श्वेता भारती को उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, खगड़िया पद पर भेजा गया है।     दिव्या शक्ति को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, सहरसा पद की जिम्मेदारी दी गई है। 11 बीएएस अफसरों को भी मिली नई जिम्मेदारी  राज्य सरकार ने शुक्रवार को कई बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी और सचिव समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव किया गया है। पदस्थापना के प्रतीक्षा कर रहे चंदन कुमार को पालीगंज पटना का अनुमण्डल पदाधिकारी बनाया गया है।  ज्योत्सना कृष्ण को विशेष कार्य पदाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग पद पर नियुक्त किया गया है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया सचिव संजय कुमार निराला को बनाया गया है। आशीष नारायण अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर नालंदा को विशेष कार्य पदाधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी दी गई है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जमुई पद पर कार्यरत अनिल कुमार को अनुमंडल पदाधिकारी गया सदर पद पर भेजा गया है। उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद पर कार्यरत राजीव रंजन कुमार सिंह को अपर समहर्त्ता- सह- अपर जिला दंडाधिकारी नालंदा पद की जिम्मेदारी दी गई है।

हरियाणा में पहली से आठवीं तक की 11 से 18 मार्च तक होंगी परीक्षाएं

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025 -26 के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षाओं एवं सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी गई है। जारी आदेशों के अनुसार वार्षिक परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा प्रातः 8:30 बजे से 11 बजे तक आयोजित की जाएगी। भाषा विषयों की परीक्षा अवधि दो घंटे और अन्य विषयों की परीक्षा अवधि ढाई घंटे निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एनईपी-2020 के प्रावधानों के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा में परिणाम संतोषजनक नहीं रहेगा और जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, उनके लिए अप्रैल 2026 में सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। कक्षा पहली से पांचवीं तक की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं लिखित व मौखिक मूल्यांकन के आधार पर होंगी, जबकि कक्षा छठी से आठवीं तक विषयवार लिखित परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कक्षा पहली से पांचवीं तक का मूल्यांकन एफएलएन फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। प्रश्नपत्रों का सिलेबस और डिजाइन एससीईआरटी हरियाणा की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जारी डेटशीट को विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ समय पर साझा करें, परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं जैसे कक्ष निर्धारण, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, मूल्यांकन कार्य और अनुशासन बनाए रखना सुनिश्चित करें। विभाग ने यह भी कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा माहौल मिल सकें।

नए भारत की झलक: प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से सामने आई नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से झलकी नए भारत की तस्वीर लखीमपुर खीरी रसोई में गैस सिलेंडर खत्म हो जाना कभी पूरे दिन की परेशानी बन जाया करता था, लेकिन आज वही स्थिति कुछ ही मिनटों में सुलझ जाती है। ऐसा ही एक भावनात्मक अनुभव एक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की साधारण गृहिणी अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में साझा किया है, जो बदलते भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग 42 वर्षीय अरुणा श्री, जिनका विवाह वर्ष 2004 में हुआ, एक सामान्य परिवार से आती हैं। अपने पत्र में उन्होंने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए लिखा कि उस दौर में एलपीजी गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतजार, सिफारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता, लेकिन अब उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी के अनुसार, यह भले ही छोटी घटना लगे, लेकिन इसमें आज और 2004 के भारत के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। अपने पत्र में उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को लिखा यह पत्र बताता है कि जब नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भरोसे और सुकून का रूप ले लेती हैं—और यही विकसित भारत की असली पहचान है।

फूलगोभी खरीदते समय न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह मानकर ब्लोटिंग से पाएं राहत

फूलगोभी का स्वाद काफी सारे लोगों को पसंद आता है। अब जब ठंड में सब्जी की मार्केट में ढेर सारी गोभियां मिलती है तो इसके पराठे, सब्जी से लेकर पकौड़ी और अचार तक बनाकर खाना लोग पसंद करते हैं। लेकिन एक बार फूलगोभी खा ली तो काफी सारे लोग ब्लोटिंग और डाइजेशन इशू से जूझने लगते हैं। जिससे बचने के लिए या तो फूलगोभी को खाते ही नहीं या फिर ब्लोटिंग दूर करने की दवा लेना शुरू कर देते हैं। दोनों ही सिचुएशन से बचना है तो न्यूट्रिशनिस्ट की छोटी सी सलाह को मान लें। जब भी मार्केट फूलगोभी खरीदने जाएं तो बस इस छोटे से अंतर को ध्यान में रखकर ही गोभी खरीदें। इससे आप ब्लोटिंग और इनडाइजेशन से बच जाएंगे। न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया फूलगोभी खरीदने का तरीका न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने फूलगोभी खरीदने के लिए छोटी सी टिप्स को शेयर किया है। जिसे अपनाकर आप फ्रेश गोभी खरीद पाएंगे। फ्रेश फूलगोभी पहचानने का तरीका फूलगोभी ताजी है या बासी पहचानने का तरीका बिल्कुल आसान है। ताजी फूलगोभी बिल्कुल सफेद, सॉफ्ट टाइट होगी। वहीं बासी फूलगोभी का रंग हल्का सा पीला पड़ चुका होता है और इसके फूल कई बार बिखरे हुए से दिखते हैं। वहीं फूलगोभी बिल्कुल टाइट नहीं लगती है। पीली फूलगोभी ना खरीदें मार्केट में फूलगोभी लेने जाएं तो कई बार दो तरह की फूलगोभी रखी दिख जाती है। एक बिल्कुल सफेद नजर आती है और दूसरी थोड़ी सी पीली या हल्के क्रीम कलर की दिखती है। अब गोभी खरीदते समय ज्यादातर लोग ताजा या बासी का अंदाजा कीड़ों से लगाते हैं। लेकिन फूलगोभी ताजी या बासी इसका पता गोभी के कलर से चलता है। अगर पीले रंग की गोभी होगी तो इसका मतलब है कि वो बासी है। इसमे मॉइश्चर और जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी होगी। हल्के पीले रंग की दिखने वाली गोभी ज्यादा लंबे टाइम से स्टोर की हुई होती है। इन फूलगोभियों में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेट्स पहले ही टूट चुके होते हैं। जिसकी वजह से इनके अंदर ऐसे न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बहुत कम रह जाती है। अब फूलगोभी में जितना ज्यादा न्यूट्रिशन की कमी होगी वो उतना ज्यादा पाचन पर स्ट्रेस बढ़ाएगी। हल्के पीले रंग की फूलगोभी खाने पर ही ज्यादातर अपच, ब्लोटिंग और पेट में दर्द की शिकायत होने लगती है।

आयरन तवे को धोने के बाद सही इस्तेमाल कर डोसे को चिपकने से बचाएं

डोसा या चीला बनाने के लिए नॉनस्टिक तवा का यूज आसान होता है। लेकिन नॉनस्टिक सेहत के लिए हार्मफुल होता है और इसे जल्दी-जल्दी चेंज करने की जरूरत होती है। ऐसे में ज्यादातर लोग लोहे के तवे पर डोसा बनाने की सलाह देते हैं। लेकिन लोहे का तवा एक बार धो दिया जाए तो फिर इस पर डोसा बनाना मुश्किल हो जाता है और डोसा चिपकना शुरू हो जाता है। ऐसे में लोहे के तवे को सीजन करने का आसान तरीका जरूर सीख लें। सबसे पहले तो लोहे के तवे को धोना सीख लें – कास्ट आयरन तवा जिसे आप सीजन करके रखती हैं उसे धोने के लिए बहुत सारा घिसने की जरूरत नहीं होती। बस धोने से पहले हल्का सा गर्म कर लें। जिससे किनारे पर जमी पपड़ी आसानी से छूट सकेगी। बस इन पपड़ियों को किसी चीज से खुरचकर निकाल दें। फिर माइल्ड साबुन से धो दें। धोने के बाद कास्ट आयरन तवा को सीजन करने का तरीका – एक बार तवा या लोहे का पैन धो लिया तो फौरन उसके पानी को पोंछकर सुखा दें। फिर, उस पर हाई स्मोकिंग ऑयल जैसे सरसों का तेल या फिर तिल का तेल लगाएं। तेल लगाने के बाद किसी कपड़े या किचन टॉवले से पोंछ दें और गैस पर रखकर बर्तन को तब तक गर्म करें जब तक कि धुंआ ना निकलने लगे। एक बार बर्तन गर्म होकर धुआं निकलने लगे तो गैस की फ्लेम को बंद करके ठंडा हो जाने दें। बर्तन को गर्म करने से सारा ऑयल अंदर अब्जॉर्ब हो जाता है और बिल्कुल नॉनस्टिकी बनकर रेडी हो जाता है। बस जब ये तवा या पैन ठंडा हो जाए तो एक्स्ट्रा ऑयल को पोंछकर रख दें। अगर तवा नया है या आपने ज्यादा रगड़कर धोया है तो एक बार गर्म होकर ठंडा हो जाने के बाद फिर से इस पर तेल लगाएं और गर्म करें। फिर एक्स्ट्रा तेल को वाइप कर दें। इस प्रोसेस को दो सेतीन बार रीपिट करें। ऐसा करने से कास्ट आयरन या लोहे का तवा अच्छी तरह से चिकना हो जाएगा और फिर इस पर किसी भी तरह का डोसा या चीला नहीं चिपकेगा। सबसे खास बात अगर डोसा या तवा पहली बार बनाते समय चिपक रहा तो एक से दो बनाने के बाद फिर आसानी से बनना शुरू हो जाता है।