samacharsecretary.com

राशिफल आज: सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

मेष: आज आपका आत्मविश्वास मजबूत रहेगा। कामकाज में फैसले तेजी से लेंगे और ज्यादातर सही साबित होंगे। ऑफिस में आपकी मेहनत और एक्टिवनेस नजर आएगी। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन जल्दबाजी में खर्च करने से बचें। परिवार का सहयोग मिलने से मन हल्का और मजबूत रहेगा। वृषभ : आज स्थिरता और आराम का दिन है। काम को धैर्य से निपटाएंगे और परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। पैसों से जुड़ा कोई फैसला सोच-समझकर लें। रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन : आज दिन व्यस्त रह सकता है। बातचीत, मीटिंग और संपर्क बढ़ेंगे। नौकरी या बिजनेस में नए मौके मिल सकते हैं। अचानक खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बजट संभालकर चलें। दोस्तों से सहयोग मिलेगा, जिससे काम आसान होगा। कर्क: आज भावनाएं थोड़ी हावी रह सकती हैं। काम में मन लगाने के लिए खुद को संतुलित रखना होगा। परिवार के किसी सदस्य की बात आपको सोचने पर मजबूर कर सकती है। पैसों के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी। खुद के लिए भी थोड़ा समय निकालें। सिंह: आज नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। ऑफिस में आपकी बात सुनी जाएगी और जिम्मेदारी मिल सकती है। करियर में आगे बढ़ने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। रिश्तों में अहंकार से बचें, तभी तालमेल बना रहेगा। कन्या: आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें संभाल लेंगे। करियर में मेहनत का असर दिखने लगेगा। पैसों की स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी। परिवार में आपकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा। सेहत पर ध्यान दें। तुला: आज काम को लेकर फोकस रहेगा। जो काम अधूरे थे, उन्हें पूरा करने का मौका मिलेगा। ऑफिस में सीनियर आपकी मेहनत से खुश हो सकते हैं। पैसों में संतुलन बना रहेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। वृश्चिक: आज नए विचार और योजनाएं मन में आएंगी। कामकाज में कुछ अलग करने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है। दोस्तों और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। खर्च नियंत्रण में रखें। मानसिक रूप से खुद को हल्का महसूस करेंगे। धनु: आज संतुलन बनाकर चलना जरूरी रहेगा। काम और निजी जीवन दोनों में तालमेल बनाना होगा। साझेदारी से जुड़े मामलों में बातचीत से समाधान निकलेगा। खर्च सोच-समझकर करें। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। मकर: आज अंदरूनी ताकत और आत्मविश्वास महसूस करेंगे। करियर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेने का मन बनेगा। पैसों के मामले में सुधार के संकेत हैं। परिवार में आपकी राय को महत्व मिलेगा। गुस्से पर काबू रखें। कुंभ: आज भाग्य का साथ मिलेगा। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। यात्रा या किसी नए अवसर के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। रिश्तों में सकारात्मक माहौल रहेगा और मन उत्साहित रहेगा। मीन: आज मन शांत और संवेदनशील रहेगा। रचनात्मक कामों में मन लगेगा। करियर में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं। पैसों के मामले में जोखिम न लें। परिवार और करीबी लोगों के साथ समय सुकून देगा।

सांसें थाम देने वाली जीत: विराट और गिल चमके, श्रेयस अय्यर ने की दमदार वापसी

वडोदरा भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज की शानदार शुरुआत करते हुए पहला मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। रविवार को वडोदरा के कोतांबी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने डेरिल मिचेल, डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स के अर्धशतकों की बदौलत 50 ओवर में 8 विकेट पर 300 रन बनाए। 300 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट पर 306 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह भारत द्वारा न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा। इससे पहले भारत ने 2010 में बंगलुरू में न्यूजीलैंड के खिलाफ 316 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। इस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड पर वनडे क्रिकेट में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया। टीम इंडिया की यह 2023 से न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार आठवीं वनडे जीत रही। वहीं घरेलू सरजमीं पर भारत ने 2017 से न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार आठ वनडे मुकाबले जीत लिए हैं। दूसरी ओर, यह मैच हारने के साथ ही न्यूजीलैंड की चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद वनडे में चली आ रही नौ मैचों की जीत का सिलसिला भी टूट गया। इसके अलावा, भारतीय टीम वनडे क्रिकेट में 300 या उससे ज्यादा के लक्ष्य का सबसे ज्यादा बार सफलतापूर्वक पीछा करने वाली टीम बन गई है। भारत ने अब तक 20 बार 300+ रन का लक्ष्य हासिल किया है, जो किसी भी टीम द्वारा सबसे अधिक है। इस सूची में इंग्लैंड (15), ऑस्ट्रेलिया (14), पाकिस्तान (12) और न्यूजीलैंड व श्रीलंका (11-11) शामिल हैं। छोटी पारी खेले…फिर भी चमके हिटमैन 301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को पहला झटका रोहित शर्मा के रूप में लगा। वह 29 गेंदों में 26 रन बनाकर पवेलियन लौटे। भले ही हिटमैन बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे लेकिन उन्होंने दो छक्के जड़कर बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वह अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस मुकाबले में अपना 650वां अंतरराष्ट्रीय छक्का जड़ा और यह उपलब्धि हासिल करने वाले इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए। इतना ही नहीं, रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया। गिल ने जड़ा पचासा इसके बाद कप्तान शुभमन गिल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए विराट कोहली का साथ मिला। दोनों न्यूजीलैंड के लिए दीवार साबित हुए और 118 रनों की साझेदारी की। इस दौरान विराट ने अपने वनडे करियर का 77वां अर्धशतक महज 44 गेंदों में पूरा किया। वहीं, गिल ने 66 गेंदों में पचासा जड़ा। भारतीय कप्तान 71 गेंदों में 56 रन बनाकर आउट हुए।   कोहली ने पूरे किए 28 हजार अंतरराष्ट्रीय रन, शतक से चूके इस मैच में किंग कोहली शानदार लय में नजर आए। अर्धशतक के बाद प्रशंसकों को उम्मीद थी कि आज एक बार फिर विराट के बल्ले से शतकीय पारी देखने को मिलेगी, लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान 'नर्वस 90' का शिकार हो गए। वह 91 गेंदों में 93 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें काइल जैमीसन ने ब्रेसवेल के हाथों कैच कराया। विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे कर लिए। यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्होंने न्यूजीलैंड के स्पिनर आदित्य अशोक की गेंद पर जोरदार शॉट लगाकर हासिल की। इसके साथ ही कोहली सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए। खास बात यह रही कि कोहली ने यह कारनामा सिर्फ 624 पारियों में कर दिखाया, जिससे वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। सचिन तेंदुलकर ने यह मुकाम 644 पारियों में हासिल किया था। वहीं, कुमार संगकारा को यह उपलब्धि हासिल करने में 666 पारियां लगी थीं। अय्यर की शानदार वापसी, अर्धशतक से चूके तीसरे विकेट के लिए विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के बीच 77 रनों की साझेदारी हुई, जिसे जैमीसन ने तोड़ा। पहले वनडे के जरिए लगभग तीन महीने बाद मैदान पर वापसी कर रहे श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, वह अर्धशतक नहीं जड़ सके। उन्हें भी जैमीसन ने बोल्ड किया। वह 47 गेंदों में 49 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की और रवींद्र जडेजा (4) का विकेट झटका। इसके बाद केएल राहुल को कुछ वक्त के लिए हर्षित राणा का साथ मिला। इस दौरान हर्षित ने 23 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 29 रन बनाए। आखिर में विकेटकीपर बल्लेबाज राहुल ने विजयी छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। वह 29 और सुंदर सात रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड के लिए काइल जैमीसन ने चार विकेट लिए जबकि आदित्य अशोक और क्रिस्टियन क्लार्क ने एक-एक सफलता अपने नाम की। कॉनवे और निकोल्स ने दिलाई कीवियों को अच्छी शुरुआत इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की शुरुआत दमदार रही। टीम को पहला झटका 117 के स्कोर पर लगा। हर्षित राणा ने दोनों ओपनर्स डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स को पवेलियन भेजा। कॉनवे ने वनडे करियर का पांचवां और निकोल्स ने वनडे करियर का 15वां अर्धशतक लगाया। कॉनवे 56 रन और निकोल्स 62 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विकेट की झड़ी लग गई। 198 रन तक आते-आते कीवियों के पांच विकेट गिर चुके थे। विल यंग 12 रन, ग्लेन फिलिप्स 12 रन और मिचेल हे 18 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान ब्रेसवेल भी कुछ खास नहीं कर सके और 16 रन बनाकर श्रेयस के डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट हुए। मिचेल ने भी जड़ा पचासा डेरिल मिचेल ने एक छोर संभाले रखा और वनडे करियर का 11वां अर्धशतक पूरा किया। वह 71 गेंद में पांच चौके और तीन छक्कों की मदद से 84 रन बनाकर पवेलियन लौटे। जकारी फोक्स एक रन बना सके। इसके बाद क्रिस्टियन क्लार्क और काइल जेमीसन ने मिलकर न्यूजीलैंड को 300 के स्कोर तक पहुंचाया। क्लार्क 17 गेंद में 24 रन बनाकर और जेमीसन आठ रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की ओर से प्रसिद्ध, … Read more

चिराग पासवान बोले: कांग्रेस ने मनरेगा के नाम पर जनता को गुमराह किया

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने रविवार को कांग्रेस पर MGNREGA सहित सरकारी योजनाओं को लेकर डर फैलाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। "लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही कांग्रेस" यहां पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, "कांग्रेस और RJD जैसी पार्टियां CAA, NRC, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और VB-G RAM G जैसे कानूनों और योजनाओं के बारे में गुमराह करने वाली बातें फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही हैं।" महात्मा गांधी की विरासत का हवाला देकर MGNREGA का नाम बदलने को लेकर विपक्ष पर सनसनी फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि NDA नए योजना, VB-G RAM G के नाम के बजाय उसके गुणों पर बहस करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वे चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन जैसे "महत्वपूर्ण और नियमित" अभ्यास को भी चुनौती देते हैं, और कहा कि "बिहार के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके वोट चोरी के आरोपों का जवाब दिया है।" उन्होंने कहा, "जिस तरह उन्होंने SIR को लेकर हंगामा करके हमें बिहार जीतने में मदद की, उसी तरह वे VB-G RAM G को मुद्दा बनाकर पश्चिम बंगाल और असम जीतने में हमारी मदद करेंगे।" पासवान ने VB-G RAM G अधिनियम का बचाव करते हुए इसे भारतीय राष्ट्र के "संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी" का प्रतीक बताया। उन्होंने दावा किया, "कांग्रेस और RJD का दावा है कि VB-G RAM G अधिनियम ने राज्यों पर योजना के लिए कुल बजट में उनके योगदान को बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला है। उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह देश के संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।" "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था" केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि MGNREGA में ऐसी "सामूहिक जिम्मेदारी" की कमी ही इसकी विफलता का सबसे बड़ा कारण था, क्योंकि राज्यों ने "स्वामित्व की भावना" नहीं अपनाई। उन्होंने दावा किया कि VB-G RAM G ने काम के दिनों की संख्या बढ़ा दी है, "मिट्टी खोदने" से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर बदलाव किया है, और कमियों को दूर करने के लिए बेहतर निगरानी सुविधाओं को सुनिश्चित किया है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "वे राज्यों पर बोझ को लेकर क्यों चिंतित हैं? वैसे भी कितने राज्यों में उनकी सरकार है? उन्हें राज्यों की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम बाकी राज्यों में भी डबल-इंजन सरकार बनाएंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल और दक्षिण के राज्य भी शामिल हैं।" चिराग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसलिए चिंतित है क्योंकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने एक ऐसी योजना को खत्म कर दिया है "जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार करने के लिए बनाया था।" उन्होंने कहा, "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था और इससे सिर्फ़ बिचौलिए ही फ़ायदा उठा रहे थे, गरीब लोगों को कोई फ़ायदा नहीं हुआ।"

स्कूल में बड़ा हादसा! बांदा में छात्रा की आंख की रोशनी गई, प्रधानाध्यापक पर मामला दर्ज

बांदा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में बेहद दुखद घटना सामने आई है। खेल के दौरान एक छात्रा की दाहिनी आंख की रोशनी चली गई। यह घटना 20 दिसंबर को छिलोलर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में हुई। छात्रा के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने स्कूल के प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। खेलते समय आंख में लगा डंडा छिलोलर गांव निवासी रामदीन की 14 साल की बेटी आरती देवी प्राथमिक विद्यालय छिलोलर में पढ़ती है। परिजनों का आरोप है कि उस दिन स्कूल में गिल्ली-डंडा खेला जा रहा था। इसी दौरान प्रधानाध्यापक के हाथ से डंडा छूटकर सीधे आरती की आंख में जा लगा। इससे उसकी आंख बुरी तरह घायल हो गई। घटना के बाद परिवार उसे इलाज के लिए चित्रकूट के जानकी कुंड अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टर उसकी आंख की रोशनी नहीं बचा सके। शिकायत करने पर मिली धमकी पीड़ित पिता का आरोप है कि जब उन्होंने प्रधानाध्यापक से घटना के बारे में बात की तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने की बजाय गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने कमासिन थाने में शिकायत दर्ज कराई। कमासिन थाना प्रभारी भास्कर मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। छात्रा को मेडिकल जांच के लिए आंख के डॉक्टर के पास भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने भी शुरू की जांच बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी कमासिन राजेश कुमार को सौंपी गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रधानाध्यापक को निलंबित किया जाएगा। वहीं आरोपी प्रधानाध्यापक राकेश सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे गिल्ली-डंडा नहीं खेल रहे थे। इंटरवल के समय बच्चे खेल रहे थे और उसी दौरान किसी बच्चे के हाथ से डंडा छूटकर छात्रा की आंख में लग गया।

ट्रंप को नोबेल दिलाने की मचाडो की पेशकश पर बवाल, नोबेल इंस्टीट्यूट का सख्त जवाब

वाशिंगटन वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो द्वारा अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देने या उनके साथ साझा करने की इच्छा पर नोबेल इंस्टिट्यूट ने सख्त शब्दों में रोक लगा दी है। नॉर्वे स्थित नोबेल इंस्टिट्यूट ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे न रोका जा सकता है, न किसी और को सौंपा जा सकता है और न ही साझा किया जा सकता है। इंस्टिट्यूट ने दो टूक कहा-“फैसला अंतिम होता है और हमेशा के लिए बरकरार रहता है।”   दरअसल, मचाडो ने अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज पर यह बयान दिया था कि वह अपना पुरस्कार ट्रंप को देना चाहती हैं या कम से कम उनके साथ साझा करना चाहेंगी। उनका तर्क था कि ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी अभियान की निगरानी की है, इसलिए वे इस सम्मान के हकदार हैं।   हालांकि, नोबेल इंस्टिट्यूट ने इस बयान को नियमों के खिलाफ बताते हुए साफ कर दिया कि नोबेल पुरस्कार व्यक्तिगत इच्छा या राजनीतिक पसंद के आधार पर ट्रांसफर नहीं हो सकता। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जाहिर करते रहे हैं, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम ने उनकी उम्मीदों को एक बार फिर झटका दे दिया है। इस पूरे विवाद ने साफ कर दिया है कि नोबेल मंच पर सियासी भावनाओं की कोई जगह नहीं है।  

खून से लाल हुई अमेरिका की धरती: युवक का तांडव, अपने ही परिवार और पादरी सहित 6 को मारी गोली

वाशिंगटन अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के एक ग्रामीण इलाके में 24 वर्षीय युवक ने तीन अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों की हत्या कर दी। मृतकों में उसका पिता, भाई, दो रिश्तेदार, एक गिरजाघर के पादरी और पादरी के भाई शामिल हैं। आरोपी डारिका एम. मूर को शुक्रवार देर रात लगभग बारह बजे से पहले सीडरब्लफ में एक पुलिस नाके पर गिरफ्तार किया गया। इससे पहले स्थानीय, राज्य और संघीय एजेंसियों के दर्जनों अधिकारी उत्तर-पूर्वी मिसिसिपी क्षेत्र में तैनात कर दिए गए थे। मूर को सोमवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। क्ले काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी स्कॉट कोलम ने कहा कि वह मृत्युदंड की मांग करेंगे। क्ले काउंटी के शेरिफ एडी स्कॉट ने कहा कि साक्ष्यों और गवाहों से स्पष्ट है कि मूर अकेला हमलावर था और किसी अन्य के घायल होने की सूचना नहीं है। जांचकर्ता अभी उससे पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन हमले के पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है। जांचकर्ताओं के अनुसार, मूर ने शुक्रवार को सबसे पहले पश्चिमी क्ले काउंटी में अपने परिवार के एक अस्थायी मकान में अपने पिता ग्लेन मूर (67), भाई क्विंटन मूर (33) और एक रिश्तेदार विली एड गाइन्स (55) की हत्या की।   इसके बाद वह अपने भाई का ट्रक लेकर एक रिश्तेदार के घर गया, जहां उसने जबरन अंदर घुसकर यौन अपराध का प्रयास किया और सात साल की बच्ची की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में वह एक छोटे-से चर्च में पहुंचा, जहां उसने पादरी बैरी ब्रैडली और उनके भाई सैमुअल ब्रैडली की हत्या कर दी। चार घंटे से अधिक समय बाद उसे पुलिस ने पकड़ लिया।  

हिंदू किसान की हत्या से पाकिस्तान में उबाल, सड़कों पर उतरा जनाक्रोश

पेशावर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक जमींदार ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने के कारण 23 वर्षीय हिंदू किसान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद हिंदू समुदाय ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। बदीन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कमर रजा जसकानी ने बताया कि पुलिस ने शनिवार रात हैदराबाद से मकान मालिक सरफराज निजामानी और उसके सहयोगी जफरुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया। बदीन जिले के तलहार गांव में आश्रय के लिए निजामानी की जमीन पर एक झोपड़ी बनाने के आरोप में चार जनवरी को कैलाश कोहली को गोली मार दी गई थी।   जसकानी ने कहा, ‘‘आरोपी के घटनास्थल से फरार होने और भूमिगत हो जाने के बाद इस मामले में एक विशेष टीम का गठन किया गया था लेकिन हमने आखिरकार उसे कल रात हैदराबाद के फतेह चौक इलाके से गिरफ्तार कर लिया।'' कोहली की हत्या के बाद हिंदू समुदाय में आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने इसके विरोध में प्रदर्शन किए। निजामानी नहीं चाहता था कि कोहली उसकी जमीन पर झोपड़ी बनाए। गोली लगने से घायल कोहली ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस संबंध में उनके भाई पून कुमार कोहली ने प्राथमिकी दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस टीम का गठन किया गया।   सिंध में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए एक कल्याणकारी ट्रस्ट चलाने वाले शिव काची ने कहा, ‘‘हिंदू समुदाय द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से बनाए गए जन दबाव के कारण आरोपी की गिरफ्तारी हुई। बदीन में सैंकड़ों लोग विरोध प्रदर्शनों और धरनों के लिए एकत्रित हुए थे। सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जावेद अख्तर ओधो ने कोहली के पिता को फोन करके गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन खत्म हुए।'' काची ने निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद जताई ताकि हिंदू समुदाय भयानक अपराधों से सुरक्षित रहे और अधिकारियों पर उनका विश्वास बहाल हो सके।  

इंदौर में भागीरथपुरा कांड को लेकर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, दिग्विजय सिंह बोले– हो न्यायिक जांच

इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ताकत दिखाने के लिए आज फिर से सड़क पर उतरी है। आज शहर में न्याय यात्रा निकाली जा रही है। इसमें दिग्विजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा मीनाक्षी नटराजन, उमंग सिंघार सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से कांग्रेस विधायकों सहित अन्य बड़े नेता पहुंचे हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के इंतजार में यात्रा रूकी रही। हाईकोर्ट के सिटिंग जज के द्वारा कराई जाए जांच न्याय यात्रा में शामिल दिग्विजय सिंह ने भागीरथपुरा मामले की न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा है कि जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज द्वारा कराई जाए। दोषी कर्मचारी, अधिकारी और राजनेता की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भी जिम्मेदारी है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने हिंदू महा सम्मेलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना में हिंदू ही मारे गए हैं, तो क्या इस प्रकार का आयोजन आगे नहीं टाला जा सकता था? उन्होंने कहा कि देश में फिर से आग लगाना नहीं चाहिए।   जिला और शहर कांग्रेस दावा कर रही है कि भागीरथपुरा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग लेकर निकाली जा रही यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं बल्कि आम लोग भी यात्रा में शामिल हो रहे हैं। बड़ा गणपति से मौन रैली के रूप में यात्रा शुरू हुई, जिसका राजवाड़ा पर देवी अहिल्या प्रतिमा पर समापन होगा। यात्रा में सबसे आगे कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस फिर प्रदेश नेतृत्व और सबसे अंत मे शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद हैं।   कांग्रेस के अनुसार सरकार और नगर निगम की लापरवाही, विफलता के बाद भी जिम्मेदार बेशर्मी से पद पर बने हुए हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही से लोगों की मौत हुई और सरकार दो लाख रुपये नागरिकों की जान की कीमत लगा रही है। न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेसियों ने हाथों में तिरंगा लेकर मंत्री व महापौर से इस्तीफे की मांग के साथ मृतकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

ब्रिटेन में भड़का ईरान विरोध, दूतावास पर लगा झंडा उतारकर किया गया विरोध प्रदर्शन

लंदन ईरान में सुलग रहा जनआक्रोश अब सीमाओं को पार कर चुका है, और दुनिया के बड़े शहरों में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। ईरानी प्रदर्शनों की आग अब यूरोप तक फैल गई है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास की इमारत से ईरान का राष्ट्रीय ध्वज उतारकर फाड़ दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान संकट की गूंज और तेज हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब लंदन में बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरकार-विरोधी समर्थक सड़कों पर उतरकर तेहरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईरान में जनता की आवाज़ को गोलियों, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी के ज़रिये दबाया जा रहा है।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक प्रदर्शनकारी दूतावास की बालकनी के पास पहुंचा और वहां लगा ईरानी झंडा उतारकर फाड़ दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे ईरानी शासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाही मुर्दाबाद”, “खामेनेई हटाओ” और “ईरान को आज़ादी दो” जैसे नारे लगाए। कई लोगों ने हाथों में ईरान में मारे गए प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े पोस्टर भी पकड़ रखे थे।ब्रिटिश पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ईरानी दूतावास के आसपास पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दूतावास की सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई।   विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि ईरान में जारी आंदोलन अब केवल घरेलू मुद्दा नहीं रहा। यूरोप, कनाडा और अमेरिका में बसे ईरानी समुदाय लगातार अपने देशों की सरकारों से तेहरान पर दबाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में अब तक सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और हजारों को हिरासत में लिया गया है। इंटरनेट और संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वास्तविक हालात सामने आना मुश्किल हो गया है। लंदन में दूतावास से झंडा फाड़े जाने की घटना को ईरानी शासन के लिए एक कूटनीतिक शर्मिंदगी माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रदर्शन बढ़ते रहे, तो ईरान पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव और गहरा सकता है।

एआई के प्रयोग से यूपी बनेगा हेल्थ व इनोवेश सेक्टर का पावरहाउस

देश-विदेश के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और नीति निर्धारक होंगे यूपी एआई हेल्थ कॉन्फ्रेंस में शामिल एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स, टेलीमेडिसिन और स्टार्टअप इनोवेशन बनेंगे सम्मेलन के मुख्य आकर्षण केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अजीत सिंह पाल, मयंकेश्वर शरण सिंह भी रहेंगे उपस्थित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को देश में आधुनिक, सुलभ और तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में योगी सरकार एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। सोमवार को लखनऊ में दो दिवसीय 'यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस' प्रारंभ होने जा रहा है, जो राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आम नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह उपस्थित रहेंगे। कॉन्फ्रेंस में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। वहीं, नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन, गूगल सहित देश-विदेश के एआई और हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ सम्मेलन के विभिन्न सेशंस में हिस्सा लेंगे।   उत्तर प्रदेश की प्रगति पर फोकस उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे, मेडिकल एजुकेशन, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उन्हीं नीतियों का विस्तार है, जो “डिजिटल उत्तर प्रदेश” और “स्मार्ट हेल्थ सिस्टम” की परिकल्पना को साकार करती हैं। यह कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एआई आधारित, भविष्य-तैयार और जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली को और प्रभावी बनाने में कारगर होगा। कॉन्फ्रेंस के अंतर्गत सोमवार को पहले दिन उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश में एआई आधारित स्वास्थ्य नवाचार की दिशा और विजन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद होने वाले सत्रों में वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर में एआई के सफल प्रयोगों, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में एआई की भूमिका तथा भारतीय राज्यों में एआई की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई अपनाने जैसे विषयों पर मंथन से यह स्पष्ट होगा कि उत्तर प्रदेश किस तरह नीति और तकनीक के संतुलन से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना सकता है। दूसरे दिन के सत्र में इलाज, डायग्नोस्टिक्स और भविष्य की तैयारी पर जोर मंगलवार को सम्मेलन का दूसरा दिन पूरी तरह व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा। एआई के माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने, टेलीमेडिसिन और रिमोट केयर को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर विशेष सत्र होंगे। वहीं, रेडियोलॉजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलॉजी, कैंसर और स्मार्ट मेडिकल डिवाइसेज में एआई के उपयोग से तेज और सटीक जांच की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। स्टार्टअप पिच सत्र और राज्यों के लिए एआई रोडमैप यह बताएंगे कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं कैसे अधिक किफायती और सुलभ होंगी। सम्मेलन के दौरान इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन में एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश में लागू पायलट प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा, जो नीति और तकनीक के बीच सेतु का काम करेगा।