samacharsecretary.com

राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में 75 जनपदों के 1651 प्रतिभागी लेंगे भाग

योगी सरकार के कौशल अभियान को मिलेगी गति, 12 जनवरी से होगा शुभारंभ तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता, 20 स्किल्स में दिखेगी युवाओं की दक्षता राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेष्ठ प्रतिभाओं का किया जाएगा चयन शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का भी प्राप्त हो सकेगा अवसर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 12 जनवरी 2026 से किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित 1651 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ 20 विभिन्न स्किल्स में आयोजित होगी। तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से दक्ष, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो। राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता युवाओं की प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता इंडिया स्किल्स कंपटीशन–2026 की चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा। प्रतियोगिता तीन चरणों में 23 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि 24 जनवरी 2026 को एक समारोह में चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। पहले चरण में 570 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने जानकारी दी कि 12 एवं 13 जनवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से लगभग 570 प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे, जो एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, वेल्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन टेक्नोलॉजी, सीएनसी मिलिंग एवं सीएनसी टर्निंग सहित 6 स्किल्स में अपनी दक्षता का प्रदर्शन करेंगे। प्रथम दिन प्रतिभागियों को विशेषज्ञों द्वारा उनकी स्किल से संबंधित ओरिएंटेशन, वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के प्रारूप की जानकारी तथा उन्नत मशीनों पर अभ्यास कराया जाएगा, जबकि वास्तविक प्रतियोगिता 13 जनवरी 2026 को आयोजित होगी। श्रेष्ठ प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मौका उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की प्रतियोगिता लखनऊ स्थित आईटीआई अलीगंज, आईटीआई मोहनलालगंज, आईटीओटी, रेमंड सेंटर, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई चारबाग, पॉलिटेक्निक (महिला) एवं सीआईपीईटी सहित विभिन्न संस्थानों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में प्रतिभागियों की कौशल दक्षता, नवीनता, रचनात्मक सोच एवं प्रदर्शन क्षमता का निष्पक्ष मूल्यांकन कर प्रदेश की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का चयन किया जाएगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ शंघाई, चीन में आयोजित होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हो सके।

पटना वापसी पर तेजस्वी यादव का अल्टीमेटम: नीतीश सरकार को 100 दिन में वादे पूरे करने की चुनौती

पटना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करीब डेढ़ महीने बाद रविवार को पटना लौटे। सपरिवार विदेश यात्रा पर गए तेजस्वी पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम सरकार को 100 दिनों का समय देते हैं। महिलाओं के खाते में दो लाख दिए जाएं। अपराध कम हो और रोजी रोजगार के वायदे पूरा हो। सरकार ने जो भी घोषणा पत्र में वादे किए थे, वो पूरा करे।   उन्‍होंने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। जनतंत्र को इन लोगों ने धनतंत्र और मशीन तंत्र बना दिया है। क्‍या षडयंत्र रचा गया, सबको पता है। छल-कपट से चुनाव जीते। बिहार की नई सरकार कैसे बनी पूरा देश जानता है। तेजस्वी ने कहा कि हम सकारात्‍मक राजनीति‍ करते हैं इसलिए 100 दिन तक सरकार की नीत‍ि ओर निर्णय पर कुछ नहीं बोलेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देखते हैं कब हमारी माता-बहनों को दो-दो लाख रुपये दिए जाते हैं। कब एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाती है। हर जिले में चार-पांच कारखाने कब लगते हैं। इन सबको देखेंगे। अब सरकार की जिम्‍मेदारी है कि जो घोषणापत्र जारी किया था, उसे जमीन पर उतारें। आपको बता दें विदेश यात्रा से तेजस्वी 2 दिसंबर को दिल्ली लौट आए थे। जिसके बाद वे एक शादी समारोह में उत्तराखंड गए थे। और आज पटना लौटे हैं। वहीं राजद चीफ लालू यादव भी कल दिल्ली से पटना लौटे हैं। उनके साथ बेटी मीसा भारती भी पहुंची थी। दिल्ली में तेजस्वी और तेज प्रताप का भी आमना-सामना हुआ था। जब लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की कोर्ट में दोनों पेश हुए थे। तेजस्वी की लंबी छुट्टी पर जाने को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे।  

बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो- इसलिये चालू

220 के वी  सिस्टम में किया गया मेंटेनेंस एम.पी. ट्रांसको की मेंटेनेंस टीम का उल्लेखनीय कार्य जबलपुर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की  ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस टीम द्वारा एक सराहनीय तकनीकी कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। गत दिवस 400 के.वी. सबस्टेशन सूखी सेवनिया, भोपाल में 220 के.वी. मेन बस के आइसोलेटर के पार्ट्स क्षतिग्रस्त हो गए थे। सामान्य परिस्थितियों में इसकी मरम्मत हेतु शटडाउन लेना आवश्यक था, किंतु इससे राजधानी भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी। हाट लाइन मेंटेनेंस तकनीक से किया गया महत्वपूर्ण सुधार कार्य इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में अतिरिक्त मुख्य अभियंता  श्री प्रदीप राघव ने बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए मेंटेनेंस कार्य संपन्न कराने का निर्णय लिया। उनके  और कार्यपालन अभियंता श्री अनुराग पंत के मार्गदर्शन में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस भोपाल की हॉट लाइन में प्रशिक्षित टीम ने इन्सुलेटेड प्लेटफॉर्म पर बेयर हैंड तकनीक का उपयोग करते हुए, सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर 220 के.वी. आइसोलेटर जॉ को सफलतापूर्वक बदला। यह कार्य लाइन मेंटेनेंस स्टाफ श्री जाधव पवार एवं श्री मधुर मौसम के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान 400 के.वी. सबस्टेशन भोपाल के सहायक अभियंता श्री आर. के. गायकी एवं वरिष्ठ सबस्टेशन मेंटेनेंस कर्मी श्री रणवीर सिंह का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। तकनीकी दक्षता के कारण संभव हुआ जटिल कार्य उल्लेखनीय है कि दोनों 220 के.वी. मेन बस पर लगभग 1000 मेगावाट का लोड था, जो एक बस की क्षमता से कहीं अधिक था। यदि 220 के.वी. मेन बस का शटडाउन लिया जाता, तो राजधानी भोपाल सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापक विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती थी। एम.पी. ट्रांसको की तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के कारण यह जटिल कार्य बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे राजधानी की विद्युत व्यवस्था सुरक्षित और सुचारू बनी रही। सादर प्रकाशनार्थ शशिकांत ओझा जनसंपर्क अधिकारी मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन जबलपुर

घर में वारदात: परिवार को बेहोश कर लूट, पूजा खेडकर का नौकरानी पर शक

पुणे आईएएस की नौकरी से हाथ धो चुकी ने पूजा खेडकर ने अपनी नौकरानी पर लूटपाट का आरोप लगाया है। पूजा खेडकर का दावा है कि नौकरानी ने उन्हें और उनके माता-पिता को बेहोश दिया। इसके बाद घर से कीमती चीजें चोरी करके भाग गई। खेडकर ने शनिवार रात इस बारे में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुणे पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। बता दें कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स मामले में पूजा खेडकर को आईएएस की नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। इसके बाद से उनका नाम लगातार विवादों में रहा है।   नेपाल की थी घरेलू सहायिका पूजा खेडकर ने पुलिस को बानेर रोड स्थित अपने परिवार के बंगले पर शनिवार देर रात हुई इस कथित घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि हाल ही में काम पर रखी गई नेपाल की निवासी घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता (मनोरमा एवं दिलीप खेडकर) को नशीली दवाएं देकर बेहोश कर दिया तथा उन्हें बांधकर उनके मोबाइल फोन और कुछ कीमती सामान लेकर फरार हो गई। पूजा खेडकर ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को मुक्त कर पाईं और दूसरे फोन का इस्तेमाल करके पुलिस को सूचित किया। पुलिस को विवरण का इंतजार अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने टेलीफोन पर घटना की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है और न ही चोरी हुए अन्य सामान के बारे में विवरण दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खेडकर दंपति के खिलाफ पिछले साल नवी मुंबई में सड़क पर झगड़े के बाद एक ट्रक चालक के अपहरण के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था। पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदन में तथ्यों को छुपाने का आरोप है, लेकिन उन्होंने अपने खिलाफ सभी आरोपों का खंडन किया है।  

निजी शिक्षण संस्थानों में पारदर्शी प्रवेश पर ही मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ

पात्र विद्यार्थियों के हित में योगी सरकार का बड़ा कदम नियमावली-2023 में संशोधन, अब केवल वास्तविक पात्रों को मिलेगा फायदा मैनेजमेंट कोटा और स्पॉट एडमिशन के दुरुपयोग पर लगेगी सख्त रोक लखनऊ,  पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की नियमावली-2023 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। यह संशोधन अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर भी समान रूप से लागू होंगे। यह योजना समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योगी सरकार का यह कदम निजी शिक्षण संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ वास्तविक पात्र विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा का प्रभावी प्रयास माना जा रहा है। योजना के दुरुपयोग पर लगेगी प्रभावी रोक समाज कल्याण उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि संशोधन का मुख्य उद्देश्य निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को तकनीकी रूप से पारदर्शी एवं स्पष्ट बनाना है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके। इससे मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन तथा अन्य गैर-पारदर्शी प्रवेश प्रक्रियाओं के माध्यम से योजना के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए नई व्यवस्था संशोधित नियमों के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक अथवा तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों को योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रवेश पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ हो। इसके तहत संस्थान द्वारा सार्वजनिक विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करना, रैंक सूची तैयार करना, चयन सूची प्रकाशित करना अनिवार्य होगा। साथ ही छात्रों से केवल सक्षम प्राधिकारी अथवा शुल्क नियामक समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क ही लिया जाएगा। सामान्य वर्ग के छात्रों को भी मिलेगा समान लाभ संशोधित नियमों के तहत सामान्य वर्ग के छात्रों को भी शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा, बशर्ते उनका प्रवेश पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत हुआ हो और उनसे केवल अनुमोदित शुल्क ही वसूला गया हो। मैनेजमेंट कोटा और स्पॉट एडमिशन पर सख्ती उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मैनेजमेंट कोटा, स्पॉट एडमिशन या किसी भी प्रकार की गैर-पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश लेने वाले छात्रों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही संस्था द्वारा निर्धारित से अधिक फीस वसूलने की स्थिति में भी लाभ देय नहीं होगा।

ऐतिहासिक गोलघर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अफसरों को सौंपे निर्देश

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ऐतिहासिक गोलघर परिसर का भ्रमण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोलघर परिसर पार्क, गोलघर के स्ट्रक्चर की स्थिति, लाइट एंड साउंड एवं लेजर शो आदि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि गोलघर एक ऐतिहासिक धरोहर है, काफी संख्या में लोग इसे देखने आते हैं। गोलघर परिसर के सौंदर्गीकरण एवं इसके रखरखाव को अच्छे ढंग से कराएं ताकि यह देखने में मनोरम लगे। वर्ष 2013 में यहां शुरू किए गए लाइट एंड साउंड तथा लेजर शो का नियमित रूप से संचालन हो, इससे लोगों को इतिहास के संबंध में जनकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि गोलघर की ऐतिहासिक महत्ता से यहां आनेवाले लोग अवगत हो सकें, इसके लिए यहां डिस्प्ले बोर्ड भी लगाकर प्रदर्शित करायें। गोलघर वास्तु कला का एक अदभुत नमूना है इसलिए इसके स्ट्रक्चर के रखरखाव का विशेष रूप से ख्याल रखें ताकि इसे और बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सके। भ्रमण के दौरान जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

आतंकी मसूद अजहर का नया ऑडियो जारी, सुसाइड बॉम्बरों की धमकी के बाद भारत सतर्क

वाशिंगटन संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का एक सनसनीखेज ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में वह भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए दावा कर रहा है कि उसके पास हजारों सुसाइड बॉम्बर तैयार हैं, जो किसी भी क्षण हमला करने के लिए बेताब हैं। तो वैश्विक मीडिया दहल जाएगा… अजहर ने डराने वाले लहजे में कहा कि एक हजार से अधिक आत्मघाती हमलावर उस पर भारत में घुसपैठ की अनुमति देने का दबाव बना रहे हैं। उसने चेतावनी दी कि यदि हमलावरों की असली संख्या उजागर हुई, तो वैश्विक मीडिया दहल जाएगा। यह ऑडियो स्पष्ट करता है कि प्रतिबंधित संगठन अभी भी बड़ी आतंकी साजिश रचने में जुटा है।   'ऑपरेशन सिंदूर' से टूटी कमर और बौखलाहट विशेषज्ञों का मानना है कि मसूद अजहर की यह धमकी उसकी बढ़ती बौखलाहट का नतीजा है। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में जैश-ए-मोहम्मद को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई में अजहर के कई करीबी रिश्तेदार और चोटी के कमांडर मारे गए थे। जानकारों के अनुसार, जब कोई आतंकी संगठन भारी दबाव में होता है, तो वह अपने कैडर्स का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसे ऑडियो संदेश जारी करता है। जांच के घेरे में 'साजिश' और सुरक्षा की तैयारी फिलहाल यह ऑडियो सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या वास्तव में जैश के पास इतनी बड़ी संख्या में फिदायीन हमलावर हैं या यह केवल मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है? हालांकि, ऑडियो की गंभीरता को देखते हुए देश की सुरक्षा में तैनात शीर्ष कमान ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ या हमले को नाकाम किया जा सके।  

छत्तीसगढ़ी संस्कृति से प्रभावित दिखे रणदीप हुड्डा, रायपुर में की खुलकर तारीफ

रायपुर बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. रायपुर पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ी संस्कृति और फिल्मों की खुलकर तारीफ की. एक्टर रणदीप ने कहा कि उन्होंने पहले भी छत्तीसगढ़ एक्सप्लोर किया है. राज्य में तैयार हो रही फिल्में अपनी भाषा और संस्कृति को करीब से जानने का एक माध्यम है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति काफी समृद्ध है. लोगों में नक्सली समस्या को लेकर भ्रम था, लेकिन ऐसा नहीं है. छत्तीसगढ़ में काफी डेवलपमेंट हुआ है.   वीर सावरकर सबसे इंस्पायरिंग फिल्म : एक्टर रणदीप एक्टर रणदीप हुड्डा ने अपनी फिल्म वीर सावरकर को लेकर भी बातचीत की. उन्होंने बताया कि कोई भी इंसान अच्छे से अच्छा और बुरे से बुरा किरदार निभा सकता है. अलग-अलग रोल में खुद को ढालना एक बड़ा चैलेंज है. उन्होंने वीर सावरकर फिल्म को उनके जीवन की सबसे प्रेरणादायक फिल्म बताया. रणदीप ने कहा- फिटनेस उनके काम का हिस्सा फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर रणदीप अपने गजब के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. रायपुर में एक्टर ने कहा कि फिटनेस उनके काम का हिस्सा है और इसके लिए लक्ष्य होना जरूरी है. यह शरीर बेशकीमती, इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इस दौरान उनके साथ मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे. रणदीप ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उन्हें मंत्री राजेश को फिट बनाना हो, तो वह उन्हें कमरे में बंद कर देंगे और खाने के लिए कुछ नहीं देंगे.

जंग की धमकी तेज: ईरान बोला– अमेरिकी हमले पर इजराइल समेत सैन्य बेस होंगे निशाने पर, प्रदर्शनकारियों को फांसी

ईरान ईरान में इस्लामी शासन को चुनौती देते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गए हैं। राजधानी तेहरान, दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद और कई अन्य इलाकों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, अब तक कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2600 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ईरान में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, जिससे वास्तविक हालात की जानकारी बाहर पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। विदेशों में आशंका जताई जा रही है कि सूचना ब्लैकआउट का फायदा उठाकर ईरानी सुरक्षा बल निर्मम कार्रवाई कर सकते हैं। इसी बीच, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर क़ालीबाफ ने अमेरिका और इजरायल को सीधी धमकी दी। संसद में “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारों के बीच उन्होंने कहा,“अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इजरायल और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने हमारे वैध लक्ष्य होंगे।” क़ालीबाफ ने यह भी कहा कि ईरान सिर्फ जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खतरे के संकेत मिलते ही पहले भी हमला कर सकता है। हालांकि किसी भी युद्ध का अंतिम फैसला 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के हाथ में होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कहा है कि अमेरिका ईरान के लोगों के साथ खड़ा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप से खेल मत खेलिए, वह जो कहते हैं, करके दिखाते हैं।”   मीडिया और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को ईरान पर हमले के सैन्य विकल्प सौंपे गए हैं, हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तेहरान के पुनाक इलाके में हजारों लोग सड़कों पर मोबाइल की रोशनी जलाकर प्रदर्शन करते दिखे, जबकि मशहद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। कूड़ेदानों में आग लगाई गई और सड़कों को जाम किया गया। मशहद में स्थित इमाम रज़ा दरगाह के कारण वहां के प्रदर्शन शासन के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। ईरान के अटॉर्नी जनरल ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों और उनकी मदद करने वालों को “ईश्वर का दुश्मन” माना जाएगा  यह आरोप मृत्युदंड तक ले जा सकता है। ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को तब शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल ऐतिहासिक गिरावट के साथ एक डॉलर के मुकाबले 14 लाख से नीचे चली गई। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव में पहले से जूझ रही ईरानी अर्थव्यवस्था ने आग में घी का काम किया।

कम उम्र में ही बूढ़ा दिखने लगते हैं लोग, जिम्मेदार होती हैं ये रोज़मर्रा की आदतें

महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने विचार दिए। आज भी उनकी नीतियां लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। उनकी नीतियां पढ़कर ऐसा लगता है मानों ये आज के समय को ध्यान में रखकर ही लिखी गई हों। आचार्य ने अपने नीतिशास्त्र में स्वस्थ जीवन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें भी कही हैं। उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी आदतों का जिक्र किया है जो उन्हें समय से पहले ही बूढ़ा बनाने का काम करती हैं। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी कौन सी आदतें हैं, जिनसे दूरी बना लेने में ही लोगों को फायदा है क्योंकि ये उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से पहले ही कमजोर और बूढ़ा बना सकती हैं। खुलकर ना जी पाना व्यक्ति जिस माहौल में रहता है, उसकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर उसका भी असर पड़ता है। महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति बहुत ज्यादा बंधन में रहता है वो भी समय से पहले ही बूढ़ा दिखाई देने लगता है। दरअसल जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा बाउंडेशन में रहता है, तो वह कहीं भी किसी भी सिचुएशन में अपने विचार खुलकर नहीं रख पाता है। जिसकी वजह से वो अंदर ही अंदर घुटता रहता है, और इस घुटन का असर उसकी हेल्थ पर साफ दिखाई देता है। शारीरिक सुख में कमी आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी इंसान को जीवन में सुखी रहना है तो इसके लिए उसका शारीरिक रूप से खुश रहना भी बहुत जरूरी है। गृहस्थ जीवन से जुड़ा हुआ कोई भी व्यक्ति जब शारीरिक रूप से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसका पूरा जीवन नीरस हो जाता है। इस नीरसता की वजह से इस व्यक्ति पर उम्र का पहरा भी साफ नजर आने लगते हैं। आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो इंसान अपने जीवन में शारीरिक रूप से सुखी नहीं रहता है, वो समय से पहले बूढ़ा लगने लगता है। जरूरत से ज्यादा यात्रा करना आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो व्यक्ति बहुत ज्यादा यात्रा करता है, उसकी उम्र भी बहुत जल्दी ढलने लगती है। दरअसल किसी भी इंसान को फिट रहने के लिए, उसका रूटीन मेंटेन होना बहुत जरूरी है। समय से खाना, रूटीन में रहना और सोने और उठने का निश्चित समय होना, हेल्थी शरीर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। लेकिन जब कोई व्यक्ति अधिकतर समय यात्रा पर ही रहता है, तो इस दौरान उसके रूटीन पर भी गहरा असर पड़ता है, जो उसकी हेल्थ पर भी असर डालता है। नेगेटिविटी भी डालती है स्वास्थ्य पर बुरा असर आचार्य चाणक्य के अनुसार जो इंसान हर समय नेगेटिविटी से घिरा रहता है, उसे भी बुढ़ापा जल्दी घेर लेता है। दरअसल जब किसी इंसान के अंदर नेगेटिव विचार ज्यादा होते हैं, तो वो हर चीज में बस कमी की ही तलाश में लगा रहता है। ऐसा इंसान ना तो कभी खुलकर जी पाता है और ना ही कभी खुश रहता है, बस हर समय चिंता में ही डूबा रहता है। वो कहते हैं न 'चिंता चिता के समान', नेगेटिविटी से घिरे इंसान की चिंता ही उसे समय से पहले बूढ़ा बना देती है।