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मकर संक्रांति पर सीएम विष्णु देव साय की अपील—पतंग उत्सव मनाएं सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से

चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

हैरान करने वाली कार्रवाई: लखनऊ नगर निगम ने केंद्रीय संस्थान NBFGR का मुख्यालय किया सील

लखनऊ लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) ने हाउस टैक्स नहीं देने पर केंद्र सरकार के ही एक दफ्तर पर ताला मारकर उसे सील कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) पर नगर निगम का करोड़ से ऊपर रुपया बकाया है, जिसका भुगतान कई बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुआ है। निगम के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह तेलीबाग स्थित एनबीएफजेआर के मुख्यालय पर ताला मार दिया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम इस समय बड़े बकाएदारों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है।   नगर निगम जोन–4 की जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी ने सोमवार को नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर) का परिसर सील कर दिया। कृषि मंत्रालय के इस संस्थान पर नगर निगम का हाउस टैक्स मद में कुल 1 करोड़ 36 लाख 65 हजार 932 रुपये बकाया था। कई बार नोटिस और पत्राचार के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर लखनऊ नगर निगम ने यह अभूतपूर्व कदम उठाया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बकाया कर की वसूली को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी, चाहे बकाएदार निजी हो या सरकारी विभाग। नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 1983 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में एक किराए के परिसर में राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की स्थापना की थी। ब्यूरो का स्थायी कार्यालय 1990 में लखनऊ के तेलीबाग इलाके में बना और तब से वो यहीं से चल रहा है। संस्थान का मुख्यालय 52 एकड़ में फैला है, जिसमें प्रशासनिक भवन के अलावा प्रयोगशाला, खेत और आवासीय परिसर भी शामिल हैं। संस्थान मछली आनुवंशिक संसाधनों का मूल्यांकन और संरक्षण करता है। मछली के संरक्षण के लिए भी यहां रिसर्च होता है।  

लोहड़ी 2026: इन वास्तु उपायों से दूर होंगी नकारात्मकता, घर में बनेगा सुख-शांति का माहौल

उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाने वाला पर्व लोहड़ी हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। वर्ष 2026 में लोहड़ी 13 जनवरी को मनाई जाएगी। यह पर्व नई फसल, ऋतु परिवर्तन और सूर्य देव की उपासना से जुड़ा हुआ है। लोहड़ी के दिन अग्नि पूजा, दान और वास्तु उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बढ़ती है। घर की सफाई और शुद्धिकरण है पहला और सबसे जरूरी कदम वास्तु शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन घर की पूरी सफाई करना अत्यंत शुभ माना गया है। स्वच्छ और व्यवस्थित घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि इस दिन घर में गंगाजल और गुलाब जल मिलाकर छिड़काव करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध बनता है। विशेष रूप से मुख्य द्वार, पूजा स्थल और उत्तर-पूर्व दिशा पर ध्यान देना चाहिए। मुख्य द्वार पर करें ये शुभ उपाय, खुलेगा सौभाग्य का द्वार वास्तु शास्त्र में घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। लोहड़ी के दिन मुख्य दरवाजे पर सात गुलाब की अगरबत्तियां जलाना शुभ होता है। इसके साथ ही दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक का चिन्ह लगाना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। स्वास्तिक यदि तांबे या पीतल से बना हो तो और भी शुभ फल देता है। वैकल्पिक रूप से इसे नागकेसर, शहद और रोली के मिश्रण से भी बनाया जा सकता है। यह उपाय घर में सौभाग्य, शांति और आर्थिक स्थिरता बढ़ाता है। पानी के स्रोत से जुड़ा है धन और तरक्की का योग वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा को धन, ज्ञान और सकारात्मकता की दिशा माना जाता है। इस दिशा में फव्वारा, एक्वेरियम या पानी से भरा कलश रखना अत्यंत शुभ होता है। इसके साथ ही चांदी के कलश में चावल भरकर रखना भी धन वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। शुभ सामग्री से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति लोहड़ी के दिन घर में मिश्री वाला धागा या थोड़ी मात्रा में मिश्री रखना शुभ फल देता है। इसके अलावा फूलों वाले पौधे घर में लगाने से न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है। खासतौर पर उत्तर या पूर्व दिशा में पौधे लगाना लाभकारी माना गया है। पश्चिम दिशा के उपाय से बनेगा पारिवारिक संतुलन वास्तु शास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा पारिवारिक स्थिरता और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी होती है। इस दिशा में परिवार की फोटो या किसी सुंदर प्राकृतिक अथवा ग्रामीण दृश्य की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। बच्चों के अध्ययन क्षेत्र को इस दिशा में साफ और व्यवस्थित रखना उनकी एकाग्रता बढ़ाता है। मंदिर और पूजा स्थल पर विशेष ध्यान दें लोहड़ी के दिन घर के मंदिर और पूजा स्थल की सफाई करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। यदि संभव हो तो दक्षिण दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इसके साथ ही दक्षिण दिशा में लाल रंग का प्रकाश या लाल पर्दों का प्रयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है। अन्य महत्वपूर्ण वास्तु उपाय उत्तर दिशा में स्थित पानी के स्रोत की सफाई करें वहां तुलसी या बैंबू का पौधा लगाएं घर में टूटी-फूटी वस्तुएं न रखें वास्तु शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन किए गए ये सरल उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली को बढ़ाते हैं। यह पर्व केवल परंपराओं से जुड़ा नहीं, बल्कि नई शुरुआत और शुभ अवसरों का प्रतीक भी माना जाता है।

50 वर्षों बाद धमतरी के आदिवासी अंचल में रबी खेती की वापसी

35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीर रायपुर, धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।      विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।      विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे। कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।      कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।

क्या यह निक किर्गियोस का अंतिम ऑस्ट्रेलियन ओपन है? मैकनेमी ने जताई आशंका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन के पूर्व निदेशक पॉल मैकनेमी ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टेनिस स्टार निक किर्गियोस के पास अब ग्रैंड स्लैम में प्रभाव छोड़ने का समय धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। मैकनेमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन ओपन अब इतना बड़ा टूर्नामेंट बन चुका है कि किर्गियोस की गैरमौजूदगी से इसके असर की संभावना कम है। उन्होंने यह भी कहा कि किर्गियोस के लिए अब ग्रैंड स्लैम में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि उनकी फिटनेस और चोटें उन्हें सीमित कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में कलाई और घुटने की सर्जरी के कारण किर्गियोस ने सिर्फ छह प्रोफेशनल सिंगल्स मैच खेले हैं, और उनकी वर्ल्ड रैंकिंग गिरकर 673 पर आ गई है। मैकनेमी ने कहा कि वह और कार्लोस अल्काराज प्रतिभा के मामले में दुनिया के सबसे शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन किर्गियोस की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन में संभवत: वह आखिरी बार दिख सकते हैं। किर्गियोस ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह अपनी फिटनेस की समस्याओं के कारण इस साल के ऑस्ट्रेलियन ओपन के एकल ड्रॉ में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बजाय, वह पुरुषों के डबल्स में थानासी कोकिनाकिस के साथ जोड़ी बनाएंगे। किर्गियोस ने मार्च 2025 में अपना सीजन खत्म करने से पहले केवल पांच पेशेवर मैच खेले थे। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क और दुबई में प्रदर्शनी मैचों के जरिए वापसी की और ब्रिस्बेन इंटरनेशनल के लिए वाइल्डकार्ड मिला, जहां वे पहले राउंड में बाहर हो गए थे। हालांकि, किर्गियोस और कोकिनाकिस ने पुरुषों के डबल्स में ब्रिस्बेन के दूसरे राउंड में फ्रेंच जोड़ी सादियो डौम्बिया और फैबियन रेबोल को हराकर अपने जलवे दिखाए। पूर्व विंबलडन फाइनलिस्ट और 2022 ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स चैंपियन किर्गियोस की अनोखी स्टाइल और खेल की हमेशा सराहना हुई है। ऑस्ट्रेलियन ओपन का मेन ड्रॉ 18 जनवरी से शुरू होगा, जबकि क्वालिफाइंग 12 जनवरी से खेली जाएगी। किर्गियोस और कोकिनाकिस को पुरुषों के डबल्स में वाइल्डकार्ड दिया गया है, और यह संभवत: उन्हें इस फॉर्मेट में देखने का आखिरी अवसर भी हो सकता है।  

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट: सीएम डॉ. यादव ने उद्यमियों से सीधा संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं के विचारों और सपनों के अनुरूप व्यापार-व्यवसाय को गति देने के लिए राज्य सरकार सहयोग करने को सदैव तत्पर है। प्रदेश की स्टार्ट-अप नीति में सभी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @ 2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए राज्य में सभी व्यवस्थाएं तदनुसार क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश के युवा अपनी पहल और नवाचार से देश ही नहीं विदेशों में भी अपना नाम और स्थान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों से रविंद्र भवन के प्रतिकक्ष में राउंड टेबल मीटिंग में यह विचार व्यक्त किए। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप तथा मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन साथ थे। अविष्कार कैपिटल के श्री विनित राय, इंश्योरेंस देखो के अंकित अग्रवाल, आईवीकैप वैंचर्स की सुश्री अंजू गुप्ता, मेडीदेवा टेक्नोलॉजी के डॉ. विशेष कासलीवाल, बेटी इनोवेटिव की संस्थापके सुश्री पूजा दुबे पांडे, आदि ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने स्टार्ट-अप के संबंध में अवगत कराया।  

मुख्यमंत्री ने किया स्टार्ट-अप प्रदर्शनी का शुभारंभ

नवाचारों को प्रोत्साहन हमारा संकल्प, युवा ही देश को देते हैं नई दिशा 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ प्रोत्साहन राशि और 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ ऋण राशि की अंतरित एमएसएमई और 4 प्रमुख संस्थाओं के बीच हुए लांग टर्म एमओयू रवीन्द्र भवन में हुई मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन काल से ही हम व्यापार-व्यवसाय की भरपूर समझ रखते हैं, क्योंकि पुरूषार्थ, उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हम भारतीयों के संस्कारों में ही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नए-नए अवसरों का प्रदेश है। युवा ही देश को नई सोच और नई दिशा की ओर ले जाते हैं। इनके नवाचार ही विकास का आधार बनते हैं। इसलिए नवाचारों को प्रोत्साहन देना, हमने हमारा संकल्प निहित किया है। भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई है, जो देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। कुल निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा देश, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सबके सहयोग से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित 2 दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रूपए से अधिक की ऋण राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न सफल और विकासशील स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को सम्मानित किया। समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के साथ पंचवर्षीय एमओयू सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कार्वी स्टार्ट-अप लैब्स और स्टार्ट-अप मिडिल ईस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्थापित सफल स्टार्ट-अप पर केंद्रित एक बुकलेट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 4 स्टार्ट-अप के फाउंडर्स को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना एवं म.प्र. स्टार्ट-अप नीति तथा कार्यान्वयन योजना-2025 में क्रमश: बैंक ऋण और निवेश सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवा साथियों के स्टार्ट-अप के प्रोत्साहन के लिए यह 2 दिवसीय आयोजन अद्भुत है। अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर भारत ने आज नया मुकाम हासिल किया है। इसमें सभी कुशाग्र बुद्धिवाले युवाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि देश के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने सबसे पहले दुनिया को बताया कि पौधों में प्राण होते हैं। उन्होंने कैस्ट्रोग्राफी के माध्यम से पौधों जीवन से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाया था। वैज्ञानिक डॉ. बोस वर्ष 1895 में कलकत्ता में तरंगों की खोज का डेमोस्ट्रेशन किया था। इसके बाद मार्कोनी को इसी खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, यद्यपि यह खोज डॉ. बोस ने ही की थी। अंतर सिर्फ इतना था कि उनके स्टार्ट-अप को हमारे लोगों ने पहचान नहीं दिलाई। उनके कार्य को दो-दो वैज्ञानिकों ने अनुसरण किया। लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में सभी तरह के स्टार्ट-अप और रिसर्च को प्रोत्साहन मिल रहा है। वर्ष 2022 में इंदौर से इस कार्य के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया गया। नवाचारों और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने वाली नीतियां मध्यप्रदेश में लागू हैं। आज इंदौर में ही 2200 से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा निरंतर नवाचार कर रहे हैं। राज्य सरकार जीवन की मूलभूल समस्याओं का समाधान करने के साथ सभी प्रकार के नवाचारों को भी प्रोत्साहित कर रही है। भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों भी लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के दम पर हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी और फिर नंबर-1 अर्थव्यवस्था बनकर रहेंगे।  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर दुनिया को बदल सकती है। स्वामी विवेकानंद ऐसे संत थे, जिन्होंने युवा शक्ति को पहचाना और उन्हें राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया। बाल्यकाल में मिलने वाली हार-जीत से हमें भविष्य की सीख मिलती है। राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की शुरुआत की है। नए विचारों के साथ स्टार्ट-अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार हर वक्त नए स्टार्ट-अप और नए आइडियाज के साथ खड़ी है। प्रदेश में कृषि, उद्यमिता, नगरीय निकायों में नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अब नवाचारों और अवसरों का प्रदेश बन चुका है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा थे। आज जेन-जी और जेन-अल्फा की दुनिया के युवा स्टार्ट-अप स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पहली बार 16 जनवरी 2016 को भारत में स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया की शुरुआत की। अब राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि स्टार्ट-अप की सभी समस्याएं इनमें समाहित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जाने के साथ कंपनी स्थापना में भी सहयोग प्रदान किया जाता है। प्रदेश में अब एक दिन में कोई कंपनी शुरू हो सकती है, जबकि जर्मनी जैसे विकसित देश में इसके लिए 22 दिन लगते हैं। देश के युवाओं की कल्पना को आकार देने का काम स्टार्ट-अप ने किया है। युवाओं के सपनों को नए पंख लग गए हैं और वे जॉब क्रिएटर बन चुके हैं। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है। स्टार्ट-अप ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊड़ान दी है। हमारी समस्याओं को हमारे बीच के नवाचारी उद्यमी ही समझ सकते हैं। युवा उद्यमी समाज की समास्याओं को पहचानें और स्टार्ट-अप के माध्यम से उन्हें सॉल्व करें। तकनीक से स्वयं को हमेशा अपडेट रखें। असफलता से कभी न डरें। राज्य सरकार युवाओं के साथ … Read more

दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिये जिला स्तर पर शिविर आयोजित होंगे

भोपाल दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिये जिला स्तर पर स्कीनिंग कैम्प आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में स्वास्थ्य विभाग जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता बच्चों को चिन्हित कर प्रमाण-पत्र प्रदान करने की कर्रवाई करेंगे। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के निर्देशानुसार कोई भी दिव्यांग बच्चा चिन्हांकन एवं लाभ से वंचित न रहे, के ध्येय वाक्य के आधार पर प्रत्येक दिव्यांग बच्चे की पहचान, स्क्रीनिंग एवं प्रमाणन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। सभी जिले में स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिया गया है। यह कैम्प आगामी एक माह में आयोजित किया जाना है। शिविरों के आयोजन में विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा समन्वित प्रयास करेंगे। उन्होंने निर्देश दिये है कि शिविर आयोजन की तिथियों को प्रचार-प्रसार किया जाए इससे अधिकाधिक सहभागिता हो सकें। प्रत्येक जिला अपनी माइक्रो प्लानिंग की जानकारी सामाजिक न्याय विभाग के साथ-साथ रजिस्टार/सचिव जुवेनाइल जस्टिस कमेटी उच्च न्यायालय जलबलपुर को भी भेजे।  

यूनुस का विवादित फैसला: ट्रंप की खुशामद में गाजा भेजना चाहते हैं सेना, अपने ही देश में विरोध तेज

ढाका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार मुहम्मद यूनुस द्वारा गाजा में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स में शामिल होने की रुचि जाहिर करने के बाद फिलिस्तीन समर्थक संगठन पैलेस्टाइन सॉलिडैरिटी कमेटी, बांग्लादेश ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह इस फोर्स में किसी भी प्रकार की भागीदारी से दूर रहे, क्योंकि यह बांग्लादेश की ऐतिहासिक और नैतिक नीति के खिलाफ होगा। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, कमेटी ने बयान जारी कर अंतरिम सरकार की इस कथित रुचि की कड़ी निंदा की। सदस्य-सचिव प्रोफेसर मोहम्मद हारुन-ओर-रशीद ने कहा कि इस फोर्स का मुख्य उद्देश्य इजरायल की सुरक्षा के नाम पर गाजा के स्वतंत्रता सेनानियों को निरस्त्र करना और फिलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलन को समाप्त करना होगा।   कमेटी ने क्या कहा? पैलेस्टाइन सॉलिडैरिटी कमेटी, बांग्लादेश के सदस्य-सचिव प्रोफेसर मोहम्मद हारुन-ओर-रशीद ने कहा कि इस स्थिरीकरण बल का मुख्य उद्देश्य इजरायल की सुरक्षा के बहाने गाजा के स्वतंत्रता सेनानियों को हथियार छीनना और फिलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलन को पूरी तरह खत्म करना है। बयान में कमेटी ने दावा किया कि बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने अमेरिका दौरे के दौरान वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक में गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स में बांग्लादेश की रुचि जाहिर की थी। यह जानकारी मुख्य सलाहकार मुहम्मद युनूस के प्रेस विंग के बयान के हवाले से सामने आई थी। कमेटी ने जोर दिया कि बांग्लादेश के लोग हमेशा फिलिस्तीनी अधिकारों और स्वतंत्रता के समर्थन में खड़े रहे हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश खुद संघर्ष और आजादी की लड़ाई से जन्मा देश है, इसलिए यहां की जनता उत्पीड़न और कब्जे के खिलाफ लड़ने वालों के दर्द को अच्छी तरह समझती है। इस दौरान संगठन ने याद दिलाया कि बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया है और इजरायली कब्जे की लगातार निंदा की है। क्यों हो रहा विरोध? दरअसल, पाकिस्तान की तर्ज पर बांग्लादेश ने भी गाजा में सेना भेजने पर सैद्धांतिक चर्चा की थी, लेकिन अब देश में इस पर विरोध बढ़ गया है। कमेटी का मानना है कि इस फोर्स में शामिल होना बांग्लादेश की नैतिक और कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है, खासकर जब गाजा गंभीर मानवीय संकट से गुजर रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

योग शारीरिक व्यायाम ही नहीं वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

युवा दिवस पर मॉडल हाई स्कूल में आयोजित किया गया सामूहिक सूर्य नमस्कार का जिला स्तरीय कार्यक्रम. जबलपुर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती “युवा दिवस” पर आज पंडित लज्जा शंकर झा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मॉडल  में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ अभिलाष पांडे एवं संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत भी शामिल हुये और विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।  मुख्यमंत्री देवड़ा ने अपने संबोधन में युवाओं और विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी जयंती पर  बधाई  और शुभकामनाएं दी तथा उनके आदर्श एवं सिद्धांतों को अपनाकर शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के चेतना पुरुष थे। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढियों को हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने योग और सूर्य नमस्कार को व्यावहारिक जीवन में उतारने और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताये हुये कहा योग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो मन को नियंत्रित कर सत्य तक पहुँचने में मदद करती है। इससे मन और शरीर स्वस्थ्य रहता है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने उच्चस्तर स्वरूप को पहचानता है और अपनी क्षमताओं का विकास करता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत और अमेरिका (शिकागो विश्व धर्म संसद) में योग का प्रचार किया और विश्व व्यापी बनाया। स्वामी विवेकानंद ने  योग को शारीरिक व्यायाम  ही नहीं बल्कि इसे सम्पूर्ण आध्यात्मिक विज्ञान माना है।  सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सन्देश आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित किया गया। स्वामी विवेकानंद जी द्वारा शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए भाषण का हिंदी अनुवाद भी कार्यक्रम में प्रसारित किया गया। सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के प्रारम्भ में राष्ट्रगीत वन्देमातरम का रेडियो से प्रसारण किया गया। आकाशवाणी भोपाल से प्रसारित सन्देश के अनुरूप स्कूली बच्चों ने सूर्य नमस्कार के आसन किये साथ ही प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुआ। सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने आभार प्रदर्शन किया । कार्यक्रम का संचालन संदीपा स्थापक पचौरी ने किया। प्रारम्भ में कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं मॉडल स्कूल के प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया । जिले के मुख्य कार्यक्रम के साथ ही जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सभी शैक्षणिक संस्थाओं में भी आज सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।