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स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता के साथ उपयोग की सतत मॉनिटरिंग करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन की उपलब्धता और अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन की उपलब्धता और अधोसंरचना विकास कार्यों में आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ब्यौहारी, बुढ़ार एवं उमरिया क्षेत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने नर्सिंग शिक्षा को सशक्त बनाने हेतु नर्सिंग टीचर्स के 59 राजपत्रित पदों की मांग शीघ्र लोक सेवा आयोग को अग्रेषित करने के निर्देश दिए। सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि चिन्हांकन एवं टेंडर प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके उपयोग की सतत मॉनिटरिंग करने पर बल दिया। चिकित्सकों की पदोन्नति हेतु ‘लोक सेवा पदोन्नति नियम’ से छूट प्राप्त करने संबंधी कार्यवाही सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों में कार्यरत मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं भत्तों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों में रिक्त ट्यूटर/डिमॉन्स्ट्रेटर पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।उन्होंने रक्ताधान सेवाओं को और बेहतर बनाने हेतु प्रदेश में एन.ए.टी. सुविधा का विस्तार करने के निर्देश दिए। बॉण्ड चिकित्सकों के लिए एकीकृत ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने एवं ऑनलाइन एन.ओ.सी. जारी करने की प्रक्रिया का क्रियान्वयन करने के निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत पूर्व की निवेश नीति से संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। चिकित्सा महाविद्यालयों में आउटसोर्स पदों की स्वीकृति के मानकों में सुधार कर स्किल्ड/सेमी-स्किल्ड कार्मिकों का प्रावधान करने हेतु प्रस्ताव मंत्रि-परिषद् के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ग्वालियर चिकित्सा महाविद्यालय में सी.टी.वी.एस. विभाग (हार्ट बायपास) की स्थापना के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला अस्पतालों में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, एम.डी. एम.पी.पी.एच.एस.सी.एल. श्री मयंक अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

राजधानी पटना होगी तारों से मुक्त, अंडरग्राउंड पावर सप्लाई को मिली हरी झंडी

पटना बिहार की राजधानी पटना के लोगों को बिजली के खंभों एवं तारों के जाल से मुक्ति मिलने वाली है। शहर में अब बिजली की सप्लाई अंडरग्राउंड होगी। इसके लिए जमीन के अंदर केबल बिछाई जाएगी। नीतीश कैबिनेट से इस परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 41 एजेंडे पारित हुए।   जानकारी के अनुसार, पटना शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग के जरिए घरों में बिजली आपूर्ति की परियोजना का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत किया गया। इस परियोजना पर कुल 653 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। परियोजना के तहत पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (पेसू) के अंतर्गत 13 प्रमंडलों में भूमिगत केबलिंग के जरिए बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना पर 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार द्वारा खर्च की जाएगी। जबकि शेष 40 फीसदी बजट बिहार सरकार खर्च करेगी। क्या होती है अंडरग्राउंड केबलिंग? अभी पटना में बिजली की सप्लाई खंभों पर लटके तारों से होती है। नई परियोजना में जमीन के अंदर भूमिगत केबल बिछाई जाएगी, जिससे विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इससे आंधी-तूफान के समय बिजली की कटौती से छुटकारा मिलेगा। साथ ही तंग गलियों और चौक-चौराहों पर तार हवा में लटके रहने से हादसों का जोखिम भी कम होगा। इससे शहर की सौंदर्यता बढ़ेगी और बिजली चोरी से विद्युत विभाग को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।

प्राइवेट स्कूलों की मान्यता व नवीनीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 20 जनवरी 2026

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र, ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संचालित प्राइवेट स्कूलों की मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए सभी अशासकीय विद्यालयों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से मान्यता नवीनीकरण अथवा नवीन मान्यता के लिए आवेदन करना होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई थी, किन्तु तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए इसे बढ़ाकर अब 20 जनवरी 2026 कर दिया गया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार नियम 11 के उपनियम 4(ग) के तहत यदि कोई स्कूल निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन आवेदन नहीं करता है, तो उस स्कूल को मान्यता विहीन माना जाएगा और विद्यालय का संचालन शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।  

समाधान योजना के क्रियान्वयन में कोताही पर होगी सख्त कार्यवाई, ऊर्जा मंत्री तोमर ने की समीक्षा

भोपाल समाधान योजना के क्रियान्वयन में कोताही पर सख्त कार्यवाई की जाएगी। अभी तक योजना में अपेक्षित प्रगति परिलक्षित नहीं हो रही है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात मंगलवार को विभागीय योजना की समीक्षा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता में कम्पनी का भविष्य भी निहित है। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि कितना बिजली बिल बकाया है, कितना वसूली योग्य है और कितना वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बड़े डिफॉल्टरों के विरूद्ध पहले कार्यवाई करें। समाधान योजना में अभी तक जमा हुए 613 करोड़ 26 लाख रूपये समाधान योजना में अभी तक 613 करोड़ 26 लाख रूपये उपभोक्तओं द्वारा जमा कराएं जा चुके है। इन उपभोक्ताओं के 271 करोड़ रूपये के सरचार्ज माफ किये गए है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत 115 करोड़ 58 लाख, मध्य क्षेत्र में 395 करोड़ 96 लाख और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में 101 करोड़ 72 लाख रूपये जमा हुए हैं। मंत्री श्री तोमर ने आरडीएसएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। बिजली अवरूद्ध होने की जानकारी उपभोक्ताओं को कारण सहित दें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके घरों में विद्युत उपयोग की क्षमता के अनुसार लोड स्वीकृत कराने के लिये समझाइश दें। बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के चीफ इंजीनियर उपस्थित थे।  

स्कूलों के सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूरे : मंत्री सिंह

गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग में स्थापित करें टेक्निकल विंग भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी वर्किंग एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई एजेंसी तय टाइमलाइन में कार्य पूर्ण नहीं करती है, तो उसके विरुद्ध निर्माण अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।। बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीआईयू, आईडीए, बीडीए, यूडीए और भवन विकास निगम सहित विभिन्न वर्किंग एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि मासिक आधार पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा स्टेप-बाय-स्टेप और मंथ-बाय-मंथ लक्ष्य तय कर निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक एजेंसी अपनी कार्ययोजना स्पष्ट रूप से विभाग को उपलब्ध कराए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मंत्री श्री सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग में एक तकनीकी विंग गठित करने के निर्देश दिए। यह तकनीकी विंग विभागीय जांच दल के रूप में कार्य करेगा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं मानकों की नियमित जांच करेगा। उन्होंने कहा कि चेक एंड बैलेंस का मजबूत सिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मंत्री श्री सिंह ने सभी वर्किंग एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से विभाग को प्रस्तुत करें, ताकि निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित हो सके। बैठक में सांदीपनि विद्यालयों से संबंधित प्रयोगशालाओं, अतिरिक्त कक्षों, खेल मैदानों एवं अन्य शैक्षणिक अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ संजय गोयल एवं आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्रीमती शिल्पा गुप्ता भी उपस्थित रहीं।

महिला सुरक्षा को नया आयाम: सभी महिला पुलिस थानों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित

प्रत्‍येक महिला पुलिस थाने में एक सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन के साथ 1000 सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए गए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए आरओ मशीनें भी लगाई गई भोपाल मध्‍यप्रदेश में महिला स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को नए आयाम प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल ने सभी महिला पुलिस थानों में स्‍वच्‍छ पेयजल हेतु आरओ मशीन एवं सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनों की स्थापना की है। विशेष पुलिस महानिदेशक, महिला सुरक्षा श्री अनिल कुमार ने इस अभिनव पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह सुविधा प्रदेशभर में महिलाओं के लिए गरिमापूर्ण, स्वच्छ और स्वास्थ्य-सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट एवं गृहुम हाउसिंग फाइनेंस के सहयोग से प्रदेश के प्रत्येक महिला पुलिस थाने में वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, ताकि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को स्वच्छता संबंधी सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध हो सके। थानों में कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों में आने वाली सामान्‍य महिला आवेदक भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी। इस पहल के तहत प्रत्येक महिला थाने में एक सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन के साथ 1000 सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरओ मशीनें भी स्थापित की गई हैं, जिससे आमजन को शुद्ध पानी सहज रूप से प्राप्त हो सके। महिला यातायात पुलिसकर्मियों को सुरक्षित ड्यूटी संचालन हेतु हेलमेट भी प्रदान किए गए हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के साथ-साथ इस परियोजना के अंतर्गत महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला आवेदकों को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं हाईजीन संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे जागरूकता और व्यवहारिक सुधार दोनों सुनिश्चित हो सकें। परियोजना के अगले चरण में राज्य के सभी पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों को शामिल किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण केंद्रों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इंसीनेरेटर की स्थापना, 1000 सेनेटरी नैपकिन की उपलब्धता तथा सुरक्षित निस्तारण और मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता गतिविधियाँ शामिल होंगी। यह संपूर्ण परियोजना देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट और गृहुम हाउसिंग फाइनेंस के सहयोग से महिला सुरक्षा शाखा के तत्वाधान में निरंतर गति से क्रियान्वित की जा रही है।  

द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति

राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिचांई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति "मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण" में तीन वर्षों के लिए 5 हजार करोड़ स्वीकृत मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित मंत्रि-परिषद के सदस्य बैठक में टैबलेट के साथ शामिल हुए। मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। द्वितीय चरण में सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा द्वितीय चरण के लिए 200 सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय की स्थापना के लिए अनुमानित व्यय 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। द्वितीय चरण के प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक होगी। उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना लागत 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। सहायक उप निरीक्षक स्व. गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि स्वीकृत मंत्रि-परिषद द्वारा जिला मऊगंज में हुई घटना में दिवंगत स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि दिये जाने की स्वीकृति दी गयी। उल्लेखनीय है कि दिवंगत स्व. गौतम के परिवार को 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि पूर्व में 1 अप्रैल 2025 को प्रदान की जा चुकी है। जिला मऊगंज थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम गडरा में एक परिवार के लोगों को समुदाय के लोगों द्वारा बंधक बना लिया गया था। घर के अंदर एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद शव को अभिरक्षा में लेने के दौरान समुदाय द्वारा पुलिस अमले पर हमला कर दिया था। हमले में श्री गौतम ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए कर्तव्य का पालन किया और वीर गति को प्राप्त हुए। ग्वालियर व्यापार एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तीन सोलर सह स्टोरेज प्रदाय परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे 300 मेगावाट, सोलर सह छह घंटे 300 मेगावाट एवं सोलर-सह 24 घंटे 200 मेगावाट विद्युत प्रदाय की सिंगल साइकिल चार्जिंग आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना से राज्य में पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ एवं भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध हो सकेगी। सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उपलब्ध विद्युत केवल दिन के समय उपलब्ध रहती है और इसकी उपलब्धता मौसम पर निर्भर करती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं से ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है, क्योंकि यह पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करती है। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ग्रिड स्थिरता की आवश्यकता, पीक-डिमांड प्रबंधन तथा विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा आधारित ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना लागत 396 करोड़ 21 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिसमें 10 हजार 400 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा रायसेन जिले की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 115 करोड़ 99 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे सुल्तानपुर तहसील के 20 ग्रामों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, इसमें 3,100 कृषक परिवारों को लाभ होगा। रायसेन जिले की बरेली तहसील की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 386 करोड़ 22 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इससे बरेली तहसील के 36 ग्रामों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें 6,800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू किये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में उपलब्ध 322 औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और 31 गीगावाट की बिजली आपूर्ति, उत्कृष्ट शैक्षणिक सस्थानों आदि संसाधनों एवं अनुकुल वातावरण के दृष्टिगत अंतरिक्ष-ग्रेड विनिर्माण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में म.प्र. स्पेसटेक नीति-2026" लागू की जाने की स्वीकृति दी। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू स्थानिक विश्लेषण और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों में नवाचार को बढ़ावा देगी। प्रदेश में आगामी 5 वर्ष में 1 हजार करोड़ का निवेश और लगभग 8 हजार का रोजगार सृजन होगा। इस पर अनुमानित वित्तीय भार 628 करोड़ रूपये आयेगा। इस नीति के लागू होने से मध्यप्रदेश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेसटेक) क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनने की ओर अग्रसर होगा। इस नीति के लागू होने से राज्य अंतरिक्ष उद्योग को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सहायता के माध्यम से अपनी रणनीति बना सकेगा। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण, और डाउन स्ट्रीम अनुप्रयोगों (जैसे कृषि, आपदा प्रबंधन, और शहरी नियोजन) में नवाचार को बढ़ावा देगी, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी। नव प्रवर्तन और अनुसंधान अंतर्गत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र एवं इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित होगा, जिससे राज्य सरकार द्वारा एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की … Read more

10-मिनट डिलीवरी ब्रांडिंग पर यू-टर्न, राघव चड्ढा बोले— ‘सत्यमेव जयते, जनता की जीत’

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग को हटाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम डिलीवरी राइडर्स और सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सत्यमेव जयते। साथ मिलकर हमने जीत हासिल की है। मैं केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से '10-मिनट डिलीवरी' ब्रांडिंग को हटाने के लिए समय पर निर्णायक और संवेदनशील कदम उठाया। यह एक बहुत जरूरी कदम था, क्योंकि जब राइडर की टी-शर्ट, जैकेट और बैग पर '10 मिनट' लिखा होता है और ग्राहक की स्क्रीन पर टाइमर चलता है तो दबाव असली, लगातार और खतरनाक होता है।" उन्होंने आगे लिखा, "पिछले कुछ महीनों में मैंने सैकड़ों गिग वर्कर्स से बात की है। उनमें से कई ज्यादा काम करते हैं, कम पैसे मिलते हैं और एक अवास्तविक वादे को पूरा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। मैं हर उस नागरिक को धन्यवाद देता हूं जो हमारे साथ खड़ा रहा। आप इंसान की जिंदगी, सुरक्षा और गरिमा के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे।" उन्होंने गिग वर्कर्स से कहा, "आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।" इससे पहले, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें गिग वर्कर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त डिलीवरी टाइम लिमिट को हटाने की सलाह दी। कंपनियों ने भी सरकार को आश्वासन दिया कि वे डिलीवरी टाइम लिमिट को अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे। ब्लिंकिट ने तत्काल प्रभाव के कदम उठाते हुए 10-मिनट डिलीवरी क्लेम को अपने ब्रांड प्लेटफॉर्म से हटाया। बता दें कि राघव चड्ढा ने पिछले कुछ दिनों में लगातार गिग वर्कर्स के लिए आवाज उठाई है। वर्कर्स के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए राज्यसभा सांसद ने सोमवार को पूरा दिन एक वर्कर के साथ बिताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में नितिन नबीन, 20 जनवरी को होगा ऐलान

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में एक अहम संगठनात्मक बदलाव होने वाला है, क्योंकि इसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन फाइल करने वाले हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक के तौर पर मौजूद रहने की उम्मीद है, जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच नबीन के नेतृत्व में मजबूत समर्थन और विश्वास को दिखाता है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी को भाजपा की संगठनात्मक और वैचारिक दिशा में निरंतरता और स्थिरता पर जोर देने के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने के लिए उसके स्थापित आंतरिक संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा है। कई वरिष्ठ नेता, केंद्रीय नेतृत्व के सदस्य और प्रमुख पदाधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, जिससे यह पार्टी के संगठनात्मक कैलेंडर में एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम बन जाएगा। नामांकन प्रोसेस पूरा होने के बाद, नए भाजपा अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को होने वाली है। उम्मीद है कि इस घोषणा से आने वाली चुनावी चुनौतियों से पहले पार्टी के नेतृत्व संरचना के बारे में स्पष्टता मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की संगठनात्मक रणनीति को आकार मिलेगा। राजनीतिक जानकार इन घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह नियुक्ति ऐसे अहम समय पर हो रही है जब भाजपा अपनी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने और अपनी नेतृत्व को लंबे समय के शासन और चुनावी लक्ष्यों के साथ जोड़ने पर ध्यान दे रही है। 20 जनवरी को आधिकारिक घोषणा के बाद और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। बिहार के पांच बार के विधायक नितिन नबीन को 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन खरमास (अशुभ समय) के कारण पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उनका औपचारिक पदभार ग्रहण रुका हुआ था, जो 14 जनवरी को खत्म हो रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से, नबीन अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रहे हैं और पार्टी के साथियों से मिल रहे हैं। नवीन पहले पार्टी में कई अहम संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष का पद भी शामिल है।

जमीन रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव: अब घर से ही पूरा होगा काम, बुजुर्गों के लिए खास ऐलान

पटना बिहार में अब घर बैठे जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी। नीतीश सरकार बुजुर्गों के लिए नई व्यवस्था लेकर आई है। इसके तहत 80 साल या उससे ज्यादा की उम्र को अपनी जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें घर पर ही जमीन निबंधन की सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के तहत मंगलवार को यह घोषणा की।   सीएम नीतीश कुमार ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "कई बार ऐसा देखा गया है कि राज्य के वृद्धजनों, जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे ज्यादा है, उन्हें जमीन/ फ्लैट की रजिस्ट्री से जुड़े कार्यों के निष्पादन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में 80 वर्ष या उससे ज्यादा की उम्र के लोगों के लिए जमीन/ फ्लैट के निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।" बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाएं-     घर बैठे जमीन निबंधन की सभी सेवाएं     मद्य निषेध, उत्पाद निबंधन विभाग की मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के जरिए दस्तावेजों के निश्चित समय-सीमा के अंदर रजिस्ट्रेशन की सुविधा     आवेदन ऑनलाइन करना होगा     7 दिन के अंदर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी 1 अप्रैल से लागू होगी नई व्यवस्था, जमीन की अपडेटेड जानकारी भी मिलेगी बुजुर्गों को घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। सीएम ने कहा, "अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जमीन खरीदने के इच्छुक व्यक्ति को संबंधित भूमि की अपडेटेड जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, जिस कारण उन्हें समस्या होती है। इसे ध्यान में रखते हुए क्रेता और विक्रेता को जमीन की अपडेटेड जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। सीएम ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत आवेदकों के अनुरोध पर आवेदन करने के बाद निबंधन विभाग द्वारा अंचल कार्यालय से भूमि की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त कर क्रेता को उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे आवेदकों को काफी सुविधा होगी और उन्हें जमीन के बारे में सही जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।