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15 जनवरी राशिफल: इस दिन की ग्रहों की चाल से जानें आपके लिए क्या लेकर आई है किस्मत

मेष-15 जनवरी के दिन सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। वृषभ-15 जनवरी का दिन मिला-जुला रहने वाला है। दिन की शुरुआत में नौकरी करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। मिथुन-15 जनवरी का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आज आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मनचाहा लाभ होगा। परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। दिन के बीच में नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। कर्क-15 जनवरी के दिन आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। दिन के मध्य में किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। सिंह-15 जनवरी के दिन परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। तुला-15 जनवरी के दिन आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान छात्रों का मन पढ़ाई से उचट सकता है। धनु-15 जनवरी का दिन उतार-चढ़ाव भरा साबित हो सकता है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर प्रमोशन मिल सकता है। हालांकि दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। मकर-15 जनवरी का दिन कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। इस दिन समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। कुछ लोग शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। कुम्भ-15 जनवरी के दिन आपकी किस्मत चमक सकती है। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। आज के दिन दोपहर में किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। कन्या-15 जनवरी के दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए आज का दिन शुभ साबित हो सकता है। स्ट्रेस मत लें। वृश्चिक-15 जनवरी के दिन गुस्से और वाणी पर काबू रखें। दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। हालांकि, दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। किसी भी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। मीन-15 जनवरी के दिन काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए।

राजनीतिक मेलजोल: जदयू के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे नीतीश कुमार, भाजपा दफ्तर में भी दिखी हलचल

पटना बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज को लेकर सियासत जमकर हो रही है। इस बीच, बुधवार को जहां एक ओर जदयू के भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए, वहीं भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी किसान मोर्चा द्वारा आयोजित चूड़ा-दही भोज में बिहार सरकार के कई मंत्री और कार्यकर्ता पहुंचे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में पूर्व मंत्री एवं जदयू विधायक रत्नेश सादा के आवास पर जदयू द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। रत्नेश सादा ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक श्याम रजक, विधायक शीला कुमारी, विधायक संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इधर, भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी 'कार्यकर्ता मिलन सह दही-चूड़ा भोज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री मंगल पांडेय सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित हैं। बता दें कि बिहार में कुछ लोग बुधवार को मकर संक्रांति मना रहे हैं जबकि कुछ लोग कल यानी गुरुवार को मनाएंगे। सियासी गलियारे में हालांकि चूड़ा-दही पार्टी पर सबकी नजरें हैं। इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर चर्चा के केंद्र में राजद के अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के चूड़ा-दही भोज पर सबकी नजरें हैं। उन्होंने बुधवार को अपने आवास पर चूड़ा-दही महाभोज का आयोजन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने इस भोज में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेताओं को आमंत्रित किया है।

भारत ढेर, कीवी चमके: मिचेल-यंग के दम पर न्यूजीलैंड ने सीरीज की बराबरी

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में बराबरी हासिल कर ली है। न्यूजीलैंड ने बुधवार को दूसरे वनडे में सात विकेट से जीत दर्ज की। भारत ने राजकोट में 285 रनों के टारगेट दिया, जिसे न्यूजीलैंड ने 47.3 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर चेज किया। डेरिल मिचेल और विल यंग ने टीम इंडिया की बत्ती गुल की। मिचेल ने 117 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए। उन्होंने 11 चौके और दो छक्के जमाए। यंग ने 98 गेंदों में सात चौकों के जरिए 87 रनों की पारी खेली। लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम ने खराब आगाज किया। हर्षित राणा ने छठे ओवर में डेवोन कॉनवे (16) को बोल्ड किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने हेनरी निकोल्स (10) को 13वें ओवर में बोल्ड किया। इसके बाद, मिचेल और यंग ने 162 रनों साझेदारी की और न्यूजीलैंड का पलड़ा भारी कर दिया। यंग को नितीश कुमार रेड्डी ने 38वें ओवर में आउट किया। ऐसे में मिचेल ने ग्लेन फिलिप्स (25 गेंदों में नाबाद 28) के साथ चौथे विकेट के लिए 78 रनों की अटूट पार्टनरशिप कर न्यूजीलैंड की विजयी परचम फहराया। इससे पहले, भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 287 रन बनाए। केएल राहुल ने संकट में शतक ठोका और भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 92 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 112 रन बनाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत की। कप्तान शुभमन गिल (53 गेंदों में) और रोहित शर्मा (38 गेंदों में 24) ने पहले विकेट के लिए 70 रन जोड़े। हालांकि, एक समय भारत मुश्किल में घिर गया था। 118 रन पर भारत के विकेट गिर गए। विराट कोहली (29 गेंदों में 23) और श्रेयस अय्यर (17 गेंदों में 8) उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। ऐसे में राहुल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने रवींद्र जडेजा (44 गेंदों में 24) के साथ पांचवें विकेट के लिए 73 रनों की पार्टनरशिप की। राहुल ने नितीश कुमार रेड्डी (21 गेंदों में 20) के साथ छठे विकेट के लिए 57 रन की साझेदारी कर भारत को 250 के नजदीक पहुंचाया। हर्षित राणा के बल्ले से दो रन निकले। मोहम्मद सिराज दो रन बनाकर नाबाद लौटे। न्यूजीलैंड के लिए क्रिस्टियन क्लार्क ने तीन विकेट चटकाए। कप्तान माइकल ब्रेसवेल, काइल जैमीसन, जकारी फाउल्केस और जेडन लेनोक्स को एक-एक मिकेट मिला। बुधवार को शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की फिराक में है। भारत ने वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की थी। सीरीज का निर्णायक मुकाबला रविवार को इंदौर में आयोजित होगा। न्यूजीलैंड सात विकेट से जीता न्यूजीलैंड सात विकेट से मैच अपने नाम कर लिया है। डेरिल मिचेल 131 और ग्लेन फिलिप्स 32 रन बनाकर नाबाद लौटे।

महिलाओं का भरोसा खो चुकीं ममता बनर्जी, झूठ पर टिकी है राजनीति– सुकांत मजूमदार

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य की महिलाएं ममता बनर्जी के खिलाफ वोट करेंगी। सुकांत मजूमदार ने आईएएनएस से कहा कि ममता बनर्जी को झूठ बोलने की आदत बहुत पहले से है। किसी भी तरह से महिलाओं को निशाना बनाने का सवाल ही नहीं है। महिलाएं ही इस बार ममता बनर्जी के खिलाफ वोट करने जा रही हैं। राज्य की महिलाएं मौजूदा हालात से चिंतित हैं और बदलाव चाहती हैं। भाजपा नेता ने आगे कहा कि महिलाओं को इस बात का डर है कि कहीं पश्चिम बंगाल की स्थिति बांग्लादेश जैसी न हो जाए। उन्होंने दावा किया कि इसी आशंका के चलते महिलाओं ने मन बना लिया है कि वे ममता बनर्जी के खिलाफ मतदान करेंगी। राज्य की जनता, खासकर महिलाएं, अब सच्चाई को समझ रही हैं। सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अनाप-शनाप बोलना ममता बनर्जी की आदत बन चुकी है। इस बार पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी को सबक सिखाने वाली है। लोग अब मौजूदा सरकार से परेशान हो चुके हैं और बदलाव की दिशा में कदम उठाएंगे। दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव आयोग ने एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम काटे हैं। इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा कि एआई का इस्तेमाल करना कोई अपराध नहीं है। अगर उन्हें एआई नहीं आता, तो वे इसका इस्तेमाल न करें। आज हर जगह एआई का उपयोग हो रहा है। हम भी एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमारे बच्चे भी स्कूलों में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी का जितना ज्यादा इस्तेमाल होगा, व्यवस्था उतनी ही पारदर्शी और मजबूत होगी।

प्रयागराज में मातम: तालाब में नहाते समय चार बच्चों की डूबकर जान गई

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मच गया। पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के कुसुआ गांव में स्थित एक तालाब में डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुरामुफ्ती थाने के अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर तालाब पर नहाने आए थे। इस दौरान वे चारों डूब गए। सभी के शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। इनमें तीन नाबालिग बच्चे और एक युवक शामिल थे। पूरे मामले की जांच की जा रही है। गांव के लोगों ने आशंका जताई है कि खेलते-खेलते वे तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और एक के बाद एक डूबते चले गए। तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पल मिलने से इस बात को बल मिला है कि वे वहीं आसपास मौजूद थे। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद तालाब में उतराकर खोजबीन की गई और चारों के शव बरामद हुए। उधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुरामुफ्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला तालाब में डूबने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

ट्रंप का ईरान को दो टूक संदेश: बातचीत बंद, आर्थिक शिकंजा कसा, आंदोलनकारियों के साथ खड़े

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, ईरान से जुड़े कारोबार पर नए टैरिफ लागू कर दिए हैं और ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। ट्रंप का कहना है कि यह फैसला ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही हिंसा के कारण लिया गया है। डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में अपने भाषण में ट्रंप ने कहा, "जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं।" उन्होंने कहा कि ईरान में जो हो रहा है, वह अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ईरानी देशभक्तों' को संबोधित करते हुए उनसे आंदोलन जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा, "सभी ईरानी देशभक्तों से मेरी अपील है कि प्रदर्शन करते रहिए। अगर संभव हो तो अपनी संस्थाओं पर नियंत्रण हासिल कीजिए।" ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि दोषियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान में मौतों के आंकड़ों पर ट्रंप ने कहा कि अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं। मुझे पांच तरह के आंकड़े सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन एक मौत भी बहुत ज्यादा है। जवाबदेही तय होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप ने बताया कि ईरान पर नया दबाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उन्होंने कहा, "आपने देखा कि मैंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर व्यक्ति और देश पर टैरिफ लगा दिए हैं। यह आज से लागू हो गया है।" ट्रंप ने टैरिफ को अपनी विदेश नीति का मुख्य हथियार बताया और कहा कि इसका मकसद ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। ट्रंप ने 'मेक ईरान ग्रेट अगेन' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मौजूदा नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान एक महान देश है, लेकिन मौजूदा शासकों ने उसे नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाहरी दबाव से ईरान में बदलाव आएगा और कहा, "मैं बस इतना कहता हूं कि मदद रास्ते में है।" ट्रंप ने टैरिफ को लंबी सैन्य कार्रवाई का बेहतर विकल्प बताया। उनके मुताबिक, व्यापारिक दबाव से पहले भी कई मामलों में नतीजे मिले हैं। उन्होंने ईरान को अन्य विदेशी नीति कार्रवाइयों के साथ जोड़ते हुए परमाणु ठिकानों पर हमलों और आतंकी नेताओं के खिलाफ अभियानों का जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि जो देश अमेरिका की व्यापार और सुरक्षा संबंधी मांगों का विरोध करते हैं, उन पर भी टैरिफ लगाए जाते हैं। ट्रंप के अनुसार, टैरिफ कूटनीति से ज्यादा असरदार दबाव बनाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार रिकॉर्ड लंबे समय से तनाव की वजह रहे हैं। अमेरिका पहले भी प्रतिबंधों, टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाता रहा है ताकि सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत रखी जा सके।

माघ मेला अग्निकांड: पूजा के समय आश्रम में आग, आधा दर्जन टेंट राख, दमकलकर्मी घायल

प्रयागराज प्रयागराज में चल रहे आस्था के महापर्व माघ मेला क्षेत्र में बुधवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सेक्टर-4 स्थित तुलसी मार्ग पर 'बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम' में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आश्रम के करीब आधा दर्जन टेंट जलकर राख हो गए। पूजा के दौरान हुआ हादसा आश्रम के संचालक कमलेश्वर नाथ पांडेय ने बताया कि घटना के समय आश्रम में दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु और कल्पवासी मौजूद थे, जो सांध्यकालीन पूजा में मग्न थे। इसी बीच टेंट के पिछले हिस्से से चिंगारी भड़की और आग तेजी से फैल गई। श्रद्धालुओं ने अपनी ओर से बालू और पानी फेंककर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें बेकाबू थीं। इस अग्निकांड में टेंट में रखी गृहस्थी के सामान के साथ ₹20,000 की नकदी भी जल गई।   दमकल कर्मियों की बहादुरी आश्रम के पास ही स्थित कल्पवासी फायर स्टेशन के कर्मियों ने जैसे ही धुआं देखा, वे तुरंत हरकत में आ गए। आकाश कुमार और उनके सहयोगी फायरमैनों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। करीब दर्जन भर फायर टेंडर और एंबुलेंस को भी तैनात किया गया। आग बुझाने के दौरान तीन फायर कर्मी – मिलन सिंह, अमरजीत और अमृत यादव के हाथ झुलस गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दमकल विभाग की तत्परता से आग को अन्य शिविरों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, मकर संक्रांति पर खुले 81 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

नई दिल्ली मकर संक्रांति के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को बड़ी सौगात दी है। बुधवार को उन्होंने दिल्ली भर में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के पास ही बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इससे पहले दिल्ली में 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले से ही काम कर रहे थे। अब 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद राजधानी में कुल 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "आज मकर संक्रांति के दिन 81 नए आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के लोगों को अधिक आरामदायक और आसानी से उपलब्ध होने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।" मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तरह काम करते हैं और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ये केंद्र बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करेंगे और आम लोगों की रोजमर्रा की स्वास्थ्य जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। अब नागरिकों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य पूरे शहर में कुल 1,100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले महीनों में और भी केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस मौके पर भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि भीम नगर और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में यह आठवां आरोग्य मंदिर है और यहां दो और आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं। एक दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने भी इस योजना को लेकर अहम जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार से दिल्ली में सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी के दीर्घकालिक प्राथमिक स्वास्थ्य रोडमैप के तहत की जा रही है, जिसके तहत 1,100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 'सभी के लिए स्वास्थ्य' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप काम कर रही है। पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त डॉक्टर परामर्श, जरूरी दवाइयां और जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग और पोषण से जुड़ी सलाह भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये मोहल्ला स्तर के स्वास्थ्य केंद्र महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों के लिए बेहद लाभकारी होंगे, क्योंकि इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने और अस्पतालों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना के तहत दिल्ली में 13 जनवरी 2026 तक कुल 6,91,530 हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,65,895 वय वंदना कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली में अब 189 सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जिनमें निजी, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल हैं, जहां जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।

सिंचाई परियोजनाओं में देरी नहीं चलेगी, समय-सीमा का सख्ती से पालन हो: मंत्री सिलावट

विभागीय कार्यों की समीक्षा की भोपाल जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री श्री सिलावट ने मंत्रालय स्थित अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रति 15 दिन में कार्य की समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, पन्ना, दमोह एवं छतरपुर जिले की लगभग 81 हजार हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री श्री सिलावट द्वारा कछार के अंतर्गत आपचंद, मंझगाय, सतधारू, पवई, रूंज एवं काठन सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सम्बन्धी व्यवस्थाओं के निर्देश दिये गये।

कांग्रेस प्रवक्ता की टिप्पणी पर BJP का हंगामा, अमित शाह को लेकर बोले- राज्य में फैल सकती है अशांति

बेंगलुरु कर्नाटक में कांग्रेस के प्रवक्ता एम. लक्ष्मण के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ और भ्रामक बयान देने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम से मुलाकात कर की है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि एम. लक्ष्मण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना के खिलाफ बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगाए, जिससे राज्य में अशांति फैलने और जनता में डर और नफरत पैदा होने की आशंका है।   शिकायत के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को मैसूर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एम. लक्ष्मण ने दावा किया कि अमित शाह के इशारे पर ही बेल्लारी में दंगा हुआ, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शव मिले। लक्ष्मण ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने अमित शाह का संदेश कुछ नेताओं तक पहुंचाया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान भाजपा पर “शव गिराकर राजनीति करने” जैसी बेहद आपत्तिजनक आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर अमित शाह का संदेश लाने वाले केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना की ब्राउन मैपिंग की जाए, तो साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने दावा किया था कि वी. सोमन्ना के बेल्लारी जाने और जनार्दन रेड्डी और श्रीरामुलु से बातचीत करने के बाद ही दंगा हुआ। शांति भंग होने का खतरा भाजपा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ये बयान बिना किसी दस्तावेज़, सबूत या ठोस आधार के दिए गए हैं। शिकायत में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसे झूठे बयान (i) जनता के बीच डर, चिंता और अशांति पैदा कर सकते हैं। (ii) सरकार के खिलाफ नफरत और अविश्वास पैदा करने के इरादे से दिए गए हैं। (ii) केंद्र और राज्य सरकारों और जनता के बीच शांति और सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं, और (iv) उच्च पदस्थ केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ झूठे आरोप फैलाकर लोगों को भड़का सकते हैं। पहले से लंबित हैं मामले प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया कि एम. लक्ष्मण इससे पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं और उनके खिलाफ मानहानि के कई मामले पहले से अदालतों में लंबित हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि एम. लक्ष्मण के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक फायदे के लिए समाज की शांति और सौहार्द बिगाड़ने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।