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बांग्लादेश क्रिकेट में आंतरिक संकट, खिलाड़ियों ने BCB निदेशक को हटाने और हड़ताल की दी धमकी

 ढाका बांग्लादेश क्रिकेट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. देश के शीर्ष और घरेलू खिलाड़ियों ने अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल खोल दिया है. खिलाड़ियों ने धमकी दी है कि अगर बीसीबी के डायरेक्टर और फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन नजमुल इस्लाम तुरंत इस्तीफा नहीं देते, तो वो सभी क्रिकेट गतिविधियां बंद कर देंगे. इसमें BPL (बांग्लादेश प्रीमियर लीग) से लेकर घरेलू टूर्नामेंट तक शामिल हैं. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) की ओर से एक आपातकालीन ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जहां खिलाड़ियों के प्रतिनिधि और सीनियर क्रिकेटर मोहम्मद मिथुन ने साफ कहा कि एम. नजमुल इस्लाम के बयान अब सहन सीमा से बाहर हो चुके हैं. मामला तब भड़क गया था, जब एम. नजमुल इस्लाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर बांग्लादेश आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 नहीं खेलता है, तो इससे बोर्ड को नहीं बल्कि सिर्फ खिलाड़ियों को वित्तीय नुकसान होगा और बोर्ड उन्हें होने वाले घाटे की कोई भरपाई नहीं करेगा. सीडब्ल्यूएबी ने इसे न सिर्फ अपमानजनक और खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ने वाला बयान बताया. सीडब्ल्यूएबी अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने कहा, 'बोर्ड डायरेक्टर के शब्द खिलाड़ियों के लिए बेहद अपमानजनक हैं. हम बार-बार चुप रहे, लेकिन अब सीमा पार हो गई है. यह गुस्सा सिर्फ एक बयान का परिणाम नहीं हैय खिलाड़ियों की नाराज़गी कई महीने से बनी हुई है. यदि नजमुल इस्लाम 15 जनवरी के बीपीएल मैच से पहले इस्तीफा नहीं देते, तो हम पूरे देश की क्रिकेट गतिविधियों का बहिष्कार करेंगे. खिलाड़ियों की धमकी के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड तुरंत हरकत में आया. बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, 'नजमुल इस्लाम के बयान बोर्ड की आधिकारिक राय नहीं हैं. बोर्ड किसी भी अनुचित और अपमानजनक टिप्पणी पर खेद जताता है. खिलाड़ी बोर्ड की रीढ़ और सबसे अहम हिस्सा हैं.' ये एम. नजमुल इस्लाम ही हैं, जिन्होंने तमीम इकबाल को 'इंडियन एजेंट' बता दिया था. इसके बाद बांग्लादेंशी खिलाड़ियों ने उनकी जमकर आलोचना की थी. अब नजरें 15 जनवरी को होने वाली बीपीएल मैच पर हैं. क्या बांग्लादेश क्रिकेट ठप हो जाएगा? हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं।. अगर नजमुल इस्लाम इस्तीफा नहीं देते, तो बीपीएल रुक सकता है. घरेलू टूर्नामेंट स्थगित हो सकते हैं. राष्ट्रीय टीम का तैयारी कैम्प प्रभावित होगा. अब बांग्लादेशी फैन्स की निगाहें बीपीएल मैच पर टिकी हैं क्योंकि वही बांग्लादेश क्रिकेट की अगली दिशा तय करेगा.

सास और पांच बहुएं समेत परिवार के छह सदस्य हुए एक साथ निधन, अंतिम संस्कार से लौटते समय हुआ हादसा

 फतेहपुर शेखावाटी,      राजस्थान में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया. फतेहपुर शेखावाटी में एक ही परिवार की सात महिलाओं की एक साथ मौत हो गई. यह हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी दृश्य देखा, उसकी आंखें नम हो गईं. एनएच-52 पर हरसावा गांव के पास तेज रफ्तार कार पहले एक पिकअप से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई. हादसे में सास, उनकी पांच बहुएं और बेटी ने मौके पर या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि चालक और एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गए. फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव निवासी परिवार हाल ही में लक्ष्मणगढ़ गया था. परिवार की बुजुर्ग महिला मोहिनी देवी की ननद, लक्ष्मणगढ़ निवासी कैलाश देवी का निधन हुआ था. पूरा परिवार उनके अंतिम संस्कार में शामिल होकर शाम करीब चार बजे वापस गांव लौट रहा था. परिवार चार गाड़ियों में सवार था. तीन गाड़ियों में पुरुष बैठे थे, जबकि एक कार में महिलाएं और चालक मौजूद थे. किसी को अंदेशा नहीं था कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे आखिरी और सबसे दर्दनाक यात्रा बन जाएगी. तेज रफ्तार, ओवरटेक और पल भर में तबाही प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हरसावा गांव के पास पहुंचते ही कार चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इसी दौरान तेज रफ्तार के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया. पहले कार पास से गुजर रही पिकअप से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी. हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और हाइवे से गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंच गए. कार के अंदर महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई थीं. काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इन सात महिलाओं की गई जान इस भीषण सड़क हादसे में सास मोहिनी देवी (80) और बहू चंदा देवी (55), तुलसी देवी (45), बरखा देवी (35), आशा देवी (60), संतोष देवी (45) और बेटी इंदिरा (60) की मौत हुई. सभी एक ही परिवार से थीं. बरखा देवी ने जयपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा. हादसे में सोनू (35) और कार चालक वसीम (25) गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज जारी है. परिवार के सदस्यों ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले ही ड्राइवर वसीम को कार धीमी गति से चलाने की हिदायत दी गई थी. अंतिम संस्कार के बाद माहौल पहले से ही गमगीन था. बावजूद इसके, रास्ते में चालक ने ओवरटेक करने के चक्कर में रफ्तार बढ़ा दी और यही लापरवाही सात जिंदगियों पर भारी पड़ गई. गांव में पसरा मातम, चूल्हे तक नहीं जले एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत की खबर जैसे ही रघुनाथपुरा गांव पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया. घर-घर सन्नाटा पसर गया. मोहल्ले में रात को किसी के घर चूल्हा नहीं जला. मोहिनी देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका था. अब परिवार की महिलाएं ही घर की धुरी थीं. संतोष देवी के पति सब्जी की दुकान चलाते हैं और उनके दो बेटे व एक बेटी हैं. तुलसी देवी के पति विदेश में मजदूरी करते हैं और छुट्टी पर गांव आए हुए थे. आशा देवी के पति गैस एजेंसी में कार्यरत हैं. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया. फतेहपुर सदर थाना के सीआई सुरेंद्र तम देगड़ा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. शवों को धानुका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. घायलों की स्थिति जानने के लिए कलेक्टर मुकुल शर्मा एसके अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को त्वरित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए. विधायक हाकम अली, भाजपा नेता श्रवण चौधरी, एडीएम रतनलाल स्वामी, एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, पालिका अध्यक्ष मुश्ताक नजमी समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे. सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने गहरा शोक व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि फतेहपुर शेखावाटी में हुए सड़क हादसे की खबर अत्यंत दुःखद है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करें. गौरतलब है कि एनएच-52 पर इससे पहले भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो चुके हैं. दो साल पहले भी संक्रांति के दिन ही नरोदड़ा बस स्टैंड के पास हुए सड़क हादसे में भी सात लोगों की जान गई थी. उस समय एक अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी ओर से आ रही बोलेरो से भिड़ गई थी. लगातार हो रहे हादसे एनएच-52 की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

WPL: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने यूपी वॉरियर्स को दी मात, शेफाली और लिजेल की शानदार बल्लेबाजी

 नवी मुंबई महिला प्रीमियर लीग 2026 के 7वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स विमेन (DCW) ने यूपी वॉरियर्स विमेन (UPW) को 7 विकेट से मात दे दी. मैच का नतीजा आख‍िरी गेंद पर निकला. जहां दिल्ली की टीम ने एक गेंद पर एक रन बनाकर रिजल्ट अपने पाले में कर दिया. आख‍िरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 6 गेंदों पर 6 रन चाहिए थे. मुकाबला नवी मुंबई के डीवाई पाट‍िल स्टेड‍ियम में बुधवार को खेला गया था.  पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉर‍ियर्स की टीम ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 154 रन बनाए. कप्तान मेग लेनिंग ने 54 तो हरलीन देओल ने 47 रनों की पारी खेली. दिल्ली की टीम की ओर से मार‍िजाने कैप और शेफाली वर्मा ने 2-2 विकेट लिए.  155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने संयमित और आत्मविश्वास भरी बल्लेबाजी की. दिल्ली ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 158 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया.  जानें कैसे दिल्ली ने जीता WPL 2026 में पहला मैच  दिल्ली की जीत में लिजेल ली की अहम भूमिका रही. उन्होंने 44 गेंदों में 67 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे. इससे पहले भी वह पिछले मैच में 86 रन बना चुकी थीं.  ली ने आखिरी बार 2022 में साउथ अफ्रीका के लिए खेला था और WPL में उनके शानदार प्रदर्शन को देखकर उनकी नेशनल टीम में वापसी की मजबूत दावेदारी बनती दिख रही है.  अनुभवी लॉरा ने 24 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाकर दिल्ली को आखिरी गेंद पर जीत दिलाई. कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स 12 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गईं और उनका अंत तक न टिक पाना उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था.  आख‍िरी ओवर रहा रोमांचक  दिल्ली कैपिटल्स मैच में आसान जीत की ओर बढ़ रही थी, लेकिन आखिरी ओवर तक मुकाबला खिंच गया. सोफी एक्लेस्टोन ने 20वां ओवर शानदार डाला, लेकिन लॉरा के चौके ने दिल्ली को जीत दिला दी.  यह जेमिमा रोड्रिग्स की कप्तानी में टीम की तीन मैचों में पहली जीत थी, जबकि यूपी वॉरियर्स अब तक इस सीजन में जीत का स्वाद नहीं चख सकी है. लिजेल ली के अलावा शेफाली वर्मा ने भी शानदार शुरुआत करते हुए 32 गेंदों में 36 रन बनाए, इससे पहले कि वह रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में आउट हो गईं. शेफाली वर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन की वजह से प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. 

उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में मुख्यमंत्री यादव ने सपत्नीक पूजा की

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज यहां स्थित देवगुरु श्री बृहस्पति मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान बृहस्पति के दर्शन कर पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को ये पूजा अर्चना मंदिर के पंडित आलोक गुरु द्वारा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में दर्शन के बाद तेलीवाड़ा क्षेत्र में आम नागरिकों के साथ चाय के साथ चर्चा भी की।

ईरान में युद्ध की संभावना, 10 हजार भारतीयों की जान पर बन आई, कश्मीरी छात्रों के माता-पिता का भावुक निवेदन

 नई दिल्ली ईरान में बीते दो हफ्तों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने वहां की आंतरिक स्थिति को बेहद अस्थिर बना दिया है. हर दिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं. मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मृतकों की संख्या 2,000 से अधिक हो चुकी है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स इसे 3,000 से भी ज्यादा बता रही हैं. इस संकट का सीधा असर भारत पर भी पड़ा है. बुधवार को ईरान ने अचानक अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिससे भारत, यूरोप समेत उत्तरी अमेरिका के बीच उड़ानें बाधित हो गईं.  एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस को रूट बदलने पड़े हैं, जिससे यात्रियों को देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. दोनों विमान कंपनियों ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि कि रूट में बदलाव करना पड़ा है और कई फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा है. कश्मीरी छात्रों समेत 10 हजार भारतीय संकट में ईरान में इस समय करीब 10,000 से 12,000 भारतीय मूल के लोग मौजूद हैं. इनमें बड़ी संख्या छात्रों की है, जिनमें लगभग दो से तीन हजार कश्मीरी छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.  जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने इन छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. बार-बार इंटरनेट बंद होने और हिंसक प्रदर्शनों के चलते इन छात्रों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है, जिससे उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है. हालांकि छात्रों और उनके संगठनों का कहना है कि अब तक किसी निकासी योजना की घोषणा नहीं की गई है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है. वहीं, पैरेंट्स सरकार से उनके बच्चों को निष्कासन में मदद की अपील कर रहे हैं. इस अशांति का असर व्यापार पर भी दिख रहा है. पहले ही अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत-ईरान व्यापार में भारी गिरावट आ चुकी है. मौजूदा हालात में शिपिंग रूट्स और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से भारत के व्यापार घाटे पर और दबाव पड़ सकता है. आंकड़ों के अनुसार, 2019 में ईरान और भारत के बीच $17.6 बिलियन का व्यापार हुआ करता था, जो कि 2024 में घटाकर महज़ $2.3 बिलियन रह गया है. ख़ास बात ये है कि भारत के कुल व्यापार का महज़ 0.2 फीसदी व्यापार ईरान के साथ होता है. हालांकि, शिपिंग रूट बाधित होने की वजह से व्यापार घाटे पर असर पड़ सकता है. चाबहार पोर्ट परियोजना खतरे में: भारत की सामरिक योजना पर बड़ा संकट भारत की सामरिक महत्व की चाबहार बंदरगाह परियोजना, जिसमें लगभग 500 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है, अब गंभीर खतरे में दिखाई दे रही है. यह बंदरगाह भारत के लिए पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंचने का एक अहम गेटवे है. चाबहार बंदरगाह भारत की रणनीतिक कोशिशों में केंद्रीय स्थान रखता है, लेकिन वहां की वर्तमान अस्थिर राजनीतिक और आर्थिक स्थिति इस परियोजना को प्रभावित कर रही है. बासमती चावल निर्यात में भारी गिरावट एक प्रमुख चिंता का विषय भारत के बासमती चावल निर्यात में भारी गिरावट है. ईरान, जो भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा विदेशी बाजार रहा है, ने इस व्यापार में भी ठहराव देखा है. 2018-19 में भारत का ईरान को निर्यात लगभग 3.51 बिलियन डॉलर था, जो अब 2024-25 में घटकर केवल 1.24 बिलियन डॉलर रह गया है. इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को भारी नुकसान हो रहा है. क्षेत्रीय संतुलन और स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी पर असर क्षेत्रीय राजनीतिक स्थिति की अनिश्चिता भारत की पश्चिम एशिया नीति के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. भारत ने हमेशा ईरान, सऊदी अरब और अमेरिका के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके.  चाबहार बंदरगाह पाकिस्तान के चीनी-प्रायोजित ग्वादर बंदरगाह से मात्र 92 समुद्री मील की दूरी पर है और भारत की रणनीतिक उपस्थिति का प्रतीक है. अगर इस क्षेत्र में अशांति बनी रहती है, तो भारत की स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी कमजोर हो सकती है और चीन-पाकिस्तान के प्रभाव में वृद्धि हो सकती है. इसलिए, भारत के लिए यह जरूरी है कि वह चाबहार परियोजना को स्थिर बनाए रखने के लिए अपनी कूटनीतिक और आर्थिक रणनीतियों को और मज़बूत करे, ताकि क्षेत्रीय संतुलन और अपनी स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी को कायम रखा जा सके.

श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से जोड़ने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महाकाल महोत्सव का हुआ शुभारंभ श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से जोड़ने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में हुआ महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू मुख्यमंत्री ने महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल का किया शुभारंभ 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले महाकालेश्वर भक्त निवास के दान एवं सीआरएस पोर्टल का शुभारंभ पार्श्व गायक शंकर महादेवन के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया महाकाल महोत्सव का शुभारंभ उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाकाल महोत्सव से उज्जैन की सुंदरता को स्वर्ग के समान बना दिया है। आज की उज्जैन नगरी महाकवि कालिदास की रचनाओं की अवंतिका के समान हो गई है। सम्राट विक्रमादित्य  और राजा भोज के काल से अवंतिका नगरी न्याय और प्रशासनिक दक्षता की वाहक है। सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज और अवंतिका नगरी की अन्य महान विभूतियों और प्रेरक कहानियों को महाकाल महालोक में मूर्ति कला और दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बड़ी सुंदर तरीके से दर्शाया गया है। महाकाल की नगरी काल की नगरी है। महाकाल की कृपा से हमारी प्रत्येक सांस है और प्रेरणा से यह जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित है। प्रदेश ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर अपनी नवीन पहचान स्थापित की है । महाकाल महोत्सव  श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म  और प्रदेश  की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का माध्यम है। इससे श्रद्धालुओं को बाबा का आशीर्वाद भी मिलेगा, और उज्जैन की जानकारी भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर्व की पावन संध्या पर पूजन अर्चन कर महाकाल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर  प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल,राज्य सभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सत्य नारायण जटिया,संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, श्रीराम तिवारी,रूप पमनानी  आदि जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग है ,दोनों ज्योतिर्लिंग की कनेक्टविटी सड़क ,वायु और रेल मार्ग से बढ़ाकर श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान की जा रही है। उज्जैन में तो शक्ति पीठ माता गढ़ कालिका भी है साथ ही यहाँ शिप्रा के किनारे गुरुद्वारा  है जहां गुरु नानक जी आए और उज्जैन का उल्लेख अपने पदों में किया है। उज्जैन की विविधता और समरसता निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सावन महोत्सव 2003 के बाद शुरू किया गया।  अब शिवरात्रि से लेकर गुड़ी पड़वा तक उज्जैन में मेला आयोजित हो रहे हैं। उज्जैन में आयोजित विविध कार्यक्रमों और मेलों के माध्यम से पर्यटनों  को इतिहास और संस्कृत से जोड़ रहे है और सभी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित व्यापार मेले में वाहनों में कर की छूट भी सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। इस परम्परा को ओर समृद्ध बनाकर अब भोपाल के साथ उज्जैन में भी 5 दिवसीय वन मेला दशहरा मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न वन उत्पाद नागरिक प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संगीत की समृद्ध परंपरा में डमरू सबसे पहला वाद्य यंत्र है। संगीत की समृद्ध परंपरा में अन्य यंत्र इसके बाद बने है। शंकर महादेवन द्वारा दी जाने वाली डमरू वाद्य यंत्र पर प्रस्तुति अद्भुत होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिले को इंदौर उज्जैन सिक्स लेन,  हरिफटक पुल सिक्स लेन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि की सौगात मिलेगी। साथ ही जिले में अन्य विकास के कार्य भी किए जा रहे है। जिले में 25 जनवरी को राहगीरी का आनंद उत्सव भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। साथ ही 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/bhaktniwas का भी शुभारंभ किया। महाकाल महोत्सव में पार्श्व गायक शंकर महादेवन की आकर्षक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा।  

स्पेन की 20 साल की राजकुमारी लियोनोर बनेंगी पहली महारानी, 150 वर्षों में पहली बार होगा ऐसा

मैड्रिड स्पेन में एक इतिहास रचने की तैयारी हो रही है। दरअसल 150 वर्षों में पहली बार वहां एक महारानी का राज होगा। स्पेन के राजा किंग फेलिप छठे और रानी लेटीजिया की 20 साल की बेटी राजकुमारी लियोनोर स्पेन की पहली रानी बनेंगी। इससे पहले 1800 सदी में इसाबेला द्वितीय स्पेन की महारानी बनीं थीं।  स्पेन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी चल रही है। 20 साल की प्रिंसेस लियोनोर स्पेन की अगली रानी बनने जा रही हैं। ऐसा 150 वर्षों के बाद हो रहा है, जब देश की बागडोर किसी महिला शासक के हाथों में होगी। उनसे पहले उन्नीसवीं सदी में क्वीन इसाबेला द्वितीय ने स्पेन पर शासन किया था। किंग फेलिपे VI और क्वीन लेतिसिया की बड़ी बेटी लियोनोर वर्तमान में सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं और आगे जाकर स्पेन की संवैधानिक सम्राज्ञी और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर होंगी। उनकी ताजपोशी सिर्फ एक पारिवारिक उत्तराधिकार नहीं, बल्कि आधुनिक स्पेन में महिलाओं की नेतृत्व भूमिका का ऐतिहासिक प्रतीक मानी जा रही है। आपको बता दें कि स्पेनिश उत्तराधिकार युद्ध में हैब्सबर्ग्स पर जीत के बाद, 1700 के दशक की शुरुआत से स्पेनिश ताज बॉर्बन राजवंश के पास रहा है। जनरल फ्रेंको की तानाशाही खत्म होने के बाद, 1975 में किंग जुआन कार्लोस I के साथ राजशाही बहाल हुई, जिन्होंने स्पेन को लोकतंत्र में बदलने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2014 में गद्दी छोड़ दी और सिंहासन अपने बेटे फेलिप को सौंप दिया। अब, लियोनोर ताज संभालने की अगली कतार में हैं। फेलिप ने 2004 में पूर्व पत्रकार लेतिजिया से शादी की थी और वह 42 साल की उम्र में रानी बनीं। शाही जोड़े की दो बेटियां हैं, प्रिंसेस लियोनोर और इन्फेंटा सोफिया। प्रिंसेस लियोनोर का जन्म 2005 में हुआ था और वह सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं। वहीं, इन्फेंटा सोफिया का जन्म 2007 में हुआ था। प्रिंसेस लियोनोर को रानी बनाने की तैयारी शुरू आपको बता दें कि स्पेनिश कानून के मुताबिक, सिंहासन के उत्तराधिकारी को अपनी भविष्य की भूमिका की तैयारी के लिए सेना, नौसेना और वायु सेना के साथ मिलिट्री ट्रेनिंग लेनी होती है। लियोनोर ने वेल्स के UWC अटलांटिक कॉलेज से इंटरनेशनल बैकलॉरिएट डिप्लोमा के साथ अपनी उच्च शिक्षा शुरू की। इसके बाद उन्होंने देश की भावी कमांडर-इन-चीफ के तौर पर अपनी मिलिट्री ट्रेनिंग शुरू कर दी है। वह स्पेनिश, कैटलन, अंग्रेजी, फ्रेंच, अरबी और मंदारिन सहित कई भाषाओं को जानती हैं।  2024 में, उन्होंने गैलिसिया में नेवल ट्रेनिंग शुरू की और ट्रेनिंग शिप जुआन सेबेस्टियन डी एलकानो पर 140 दिन के लिए 17 हजार मील की यात्रा पर निकलीं। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने क्रू मेंबर के तौर पर काम किया और अटलांटिक महासागर, दक्षिण अमेरिका के चारों तरफ और न्यूयॉर्क की यात्रा की। दिसंबर 2025 में उन्होंने पिलाटस PC-21 विमान में अपनी पहली सोलो फ्लाइट पूरी की थी और ऐसा करने वाली स्पेनिश शाही परिवार की पहली महिला सदस्य बनीं थीं। कौन हैं प्रिंसेस लियोनोर     20 साल की राजकुमारी प्रिंसेस लियोनोर, स्पेन के राजा किंग फेलिप छठे और रानी लेटीजिया की बड़ी बेटी हैं।      स्पेनिश राजशाही पर 1700 के दशक की शुरुआत से बॉर्बन राजवंश का कब्जा रहा है। बॉर्बन राजवंश ने उत्तराधिकारी की लड़ाई में हैब्सबर्ग्स को हराया था।        जनरल फ्रेंको की तानाशाही खत्म होने के बाद साल 1975 में किंग जुआन कार्लोस प्रथम के साथ स्पेन में फिर से राजशाही बहाल हुई। किंग जुआन कार्लोस प्रथम ने स्पेन में लोकतंत्र में बदलने में अहम भूमिका निभाई।     साल 2014 में किंग कार्लोस ने गद्दी छोड़ दी और सिंहासन अपने बेटे फेलिप को सौंप दिया। अब किंग फेलिप के बाद राजकुमारी लियोनोर स्पेन की सत्ता संभालेंगी।     राजकुमारी लियोनोर ने वेल्स के अटलांटिक कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की है। साथ ही वे स्पेन की सेना, नौसेना और वायुसेना में भी ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं, जो स्पेन के राजघराने के सदस्यों को करनी अनिवार्य होती है।  राजकुमारी लियोनोर स्पेनिश और फ्रेंच समेत इंग्लिश, मंदारिन, अरबी आदि भाषाएं बोल सकती हैं। साथ ही वे एक प्रशिक्षित पायलट हैं।  

मनाली में देव आदेश के तहत 42 दिन तक सैलानियों की एंट्री और कई गतिविधियों पर पाबंदी

मनाली आज के समय में टीवी, मोबाइल फोन से लेकर कई आधूनिक चीजें हमारी जिदंगी का हिस्सा हैं. सोचिए अगर कोई आपसे कहे कि एक डेढ़ महीने तक इन चीजों का इस्तेमाल बेहद कम करना है तो आप कैसा महसूस करेंगे. हिमाचल प्रदेश के मनाली में कुछ ऐसा ही होने जा रहा है. मनाली के नौ गांवों में अगले 42 दिन के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं. इन नौ गांवों में अगले 9 दिन तक ना लोग टीवी देखेंगे, ना ही मन्दिर में पूजा होगी और ना ही मोबाइल की घंटियां सुनाई देंगी. अहम बात है कि खेती बाड़ी के काम भी नहीं किए जाएंगे. दरअसल, मनाली की उझी घाटी में देव आदेशों के चलते पाबंदियां लगाई गई हैं. मनाली के गौशाल गंव के अलावा, अन्य आठ गांवों में हजारों सालों से चली आ रही देव परम्परा का आज भी पालन किया जाएगा. ऐसे में लोगों ने जहां टीवी बंद कर दिए हैं तो वहीं, मोबाइल को भी साइलेंट मोड पर डाल दिया है. मान्यता है कि मकर संक्राति के बाद घाटी के आराध्य देवी देवता अपनी तपस्या में लीन हो जाते हैं और देवी-देवताओं को तपस्या के दौरान शांत वातावरण मिले, इसके लिए टीवी, रेडियो और मोबाइल को बन्द कर दिया जाता है. मनु की नगरी के गौशाल, कोठी, सोलंग, पलचान, रूआड़, कुलंग, शनाग, बुरूआ और मझाच में ये देव आदेश लागू किए ए हैं. ग्रामीण राकेश ठाकुर ने बताया कि यह परम्परा सदियों से चली आ रही है और आज भी परम्परा बखूबी निभाई जा रही है. फिर चाहे और आज का युवा हो या फिर यंहा आने वाला पर्यटक. सभी इस परम्परा को निभाते हैं. कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट भी बंद मनाली के सिमसा में स्थित देवता कार्तिक स्वामी के मंदिर के कपाट भी बुधवार से बंद हो गए हैं. वहीं, सिमसा गाँव के साथ-साथ अन्य चार गाँव कन्याल, छियाल, मढ़ी और रांगड़ी में भी देव आदेश के चलते सभी तरह के शोर पर पांबदी लगाई गई है. देवता कार्तिक स्वामी मदिर के पुजारी मकर ध्वज शर्मा ने बताया कि एक महीने तक शोर शराबे पर रोक लगाई गई है और कोई व्यक्ति अब ऊंची आवाज में बात नहीं करेगा और खेतीबाड़ी भी बंद रहेगी. मदिरों की घंटियों को बांध दिया गया है. उन्होंने कहा की अब मंदिरों के कपाट फ़ागली उत्सव के साथ ही खुलेंगे. सिस्सू में भी सैलानियों की एंट्री बंद गौरतलब है कि मनाली की अटल टनल के आगे लाहौल स्पीति के सिस्सू गांव में भी कुछ इसी तरह के आदेश जारी किए गए हैं. यहां पर हालडा उत्सव के चलते गांवों में सैलानियों की एंट्री बंद कर दी गई है. गांव में कोई भी बाहरी शख्स एंट्र नहीं होगा. यहां पर हालडा उत्सव और देव आदेश लागू हुए हैं जो कि 28 फरवरी तक लागू रहेंगे.

एमपी बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल पर कड़ा एक्शन, पूरी परीक्षा होगी निरस्त, 3 साल तक की सजा

 भोपाल मध्य प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र की परीक्षा निरस्त होगी। एग्जाम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर 3 साल की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति छात्रों की मदद करता है तो उसे भी 3 साल की जेल होगी। एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा का एग्जाम 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगा। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे। यह भी नकल की श्रेणी में आएगा एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान भी रहेगी पैनी नजर माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश एमपी बोर्ड ने सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षार्थियों को नकल न करने और परीक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें. परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर्मियों और कैमरों को मैनेज किया जाएगा. छात्र और शिक्षक दोनों को इसके महत्व को समझते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना होगा. इस कदम का मकसद परीक्षा में ईमानदारी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम रखना है. बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग करें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर प्रतिबंध रहेगा मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। 20 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात होगा परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।     10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।  

इस एयरलाइन का शानदार ऑफर, इंडिगो के बाद 30% डिस्काउंट पर विदेश यात्रा करें

  नई दिल्ली अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है. साल 2026 में ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में आई तेजी के बीच एयरलाइंस के बीच सस्ते टिकटों की जंग शुरू हो गई है. हाल ही में भारतीय एयरलाइन इंडिगो (Indigo) द्वारा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बंपर ऑफर देने के बाद, अब वियतनाम की लो-कॉस्ट एयरलाइन वियतजेट (Vietjet) ने भारतीय यात्रियों के लिए अपना पिटारा खोल दिया है. कंपनी ने वियतनाम और उसके आगे के डेस्टिनेशंस के लिए अपने 'डीलक्स' (Deluxe) फेयर पर 30 फीसदी की सीधी छूट देने का ऐलान किया है. वियतजेट की ओर से लाई गई यह सेल बहुत ही सीमित समय के लिए है. कंपनी ने इसे केवल एक दिन के लिए पेश किया है. यह प्रमोशन ऑफर 14 जनवरी रात 10:30 बजे से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 की रात 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार – IST) तक चलेगा. इसका मतलब यह है कि यात्रियों के पास सस्ते टिकट बुक करने के लिए महज 23 घंटे का समय होगा. कैसे उठाएं इस ऑफर का लाभ? इस बंपर डिस्काउंट का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को वियतजेट की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए टिकट बुक करना होगा. बुकिंग के दौरान 'डीलक्स' (Deluxe) टिकट चुनते समय यात्रियों को 'DELUXE2026' प्रोमो कोड (Promotional Code) का इस्तेमाल करना होगा, जिससे उनके बेस फेयर (Base Fares) पर सीधे तौर पर 30% की छूट (Discount) मिल जाएगी. हालांकि, यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि यह छूट केवल आधार किराए पर ही लागू होगी और इसमें टैक्स व अन्य फीस (Taxes and fees) शामिल नहीं किए गए हैं. जहां तक यात्रा की अवधि (Travel Period) का सवाल है, तो इस ऑफर के तहत बुक किए गए टिकटों पर यात्री 1 फरवरी से 31 दिसंबर 2026 के बीच कभी भी अपना सफर तय कर सकते हैं. एयरलाइन ने साफ किया है कि यह ऑफर रूट के हिसाब से तय शर्तों के अधीन होगा और कुछ खास तारीखों यानी ब्लैकआउट डेट्स (Blackout dates), जिनमें ऑफर लागू नहीं होता, उन पर यह लाभ नहीं मिलेगा. डीलक्स श्रेणी में मिलेंगी खास सुविधाएं एयरलाइन के मुताबिक, डीलक्स (Deluxe) श्रेणी के तहत टिकट बुक करने पर यात्रियों को किफायती सफर के साथ-साथ खास सुविधाएं भी मिलेंगी. इसमें 20 किलो तक चेक-इन बैगेज, फ्री सीट चयन और मुफ्त यात्रा कार्यक्रम बदलाव की सुविधा दी जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीयों के लिए वियतनाम की छुट्टियों, बिजनेस ट्रिप्स और फैमिली विजिट को और अधिक आरामदायक और वैल्यू-एडेड बनाना है. भारतीयों की पहली पसंद बन रहा है वियतनाम भारतीय पर्यटकों के बीच वियतनाम को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है. हनोई (Hanoi) और हो ची मिन्ह सिटी (Ho Chi Minh City) जैसे शहर अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शहरी जीवन के मेल के लिए जाने जाते हैं. वहीं, दा नांग (Da Nang), फु क्वोक (Phu Quoc), न्हा ट्रांग (Nha Trang), सा पा (Sa Pa) और हा गियांग (Ha Giang) जैसे क्षेत्र अपने खूबसूरत समुद्र तटों और पहाड़ों के लिए पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं. वियतजेट को उम्मीद है कि इस प्रमोशन के जरिए भारतीय यात्रियों को वियतनाम की परंपराओं और व्यंजनों को करीब से जानने का मौका मिलेगा, जिससे पर्यटन व्यवसाय को नई रफ्तार मिलेगी.