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गुरदासपुर-मुक्तसर डीसी ऑफिस को उड़ाने की मिली धमकी

गुरदासपुर. पंजाब में बम धमकी भरी ईमेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन आईएस-खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) की ओर से अब गुरदासपुर और मुक्तसर साहिब के डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल भेजा गया है, जिसके बाद पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारी ईमेल के स्रोत और तकनीकी ट्रेल को खंगाल रहे हैं। हालांकि ईमेल की प्रामाणिकता को लेकर पुष्टि जारी है, लेकिन इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। गुरदासपुर प्रशासन ने तुरंत परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रवेश और निकास द्वारों पर निगरानी दोगुनी कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हर तरह की धमकी को सुरक्षा मानकों के तहत जांचना आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुबह 9.30 बजे ईमेल का पता चला मुक्तसर के डीसी आफिस को खाली करा लिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस खोजी कुत्तों की मदद से किसी तरह के संभावित बम की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 9 बजे इस मेल का पता चला। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और पटियाला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बाद लुधियाना समेत कई जगहों पर कोर्ट काम्प्लेक्स उड़ाने की भी धमकी मिली थी। हालांकि सर्च में किसी तरह का कोई बम नहीं मिला था। तीन बम  रखने की बात कही गई एसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि डीसी कार्यालय की आफिशियल मेल पर एक मेल आई है। जिसमें तीन बम कंप्लेक्स में रखने की बात कही गई है। जिसके बाद एसएसपी गुरदासपुर आदित्या के निर्देशों पर पूरी जांच की गई है, लेकिन फिलहाल अभी तक ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस की स्टेट साइबर सैल की टीमें जांच कर रही हैं। कंप्लेक्स में भी अभी जांच जारी है और सबकुछ शांतमय चल रहा है श्री हरिमंदिर साहिब को भी ऐसी ही ईमेल मिलीं थी यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्री हरिमंदिर साहिब को बीते साल बम से उड़ाने की धमकियां मिली थी। ये एक ईमेल नहीं थी, कई ईमेल थी, जो लगातार श्री हरिमंदिर साहिब प्रबंधकों को भेजी गई थी। उन ईमेल्स में भी तमिलनाडू व डीएमके का जिक्र किया गया था। पुलिस ने लंबी जांच के बाद एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन कुछ भी पुख्ता हाथ ना लगने के कारण किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। दो दिन पहले लुधियाना और मोगा में अलर्ट इससे पहले 13 जनवरी 2026 को लुधियाना और मोगा के कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इतना ही नहीं, अमृतसर के भी दो स्कूलों को बम की धमकी से जुड़े ईमेल मिले थे। दोनों स्थानों को तुरंत खाली कराया गया और बम डिस्पोजल स्क्वायड व डॉग स्क्वायड ने कई घंटों तक तलाशी की। हालांकि ये धमकियां नकली साबित हुईं, परंतु कोर्ट का कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित रहा और लोगों में डर का माहौल देखने को मिला। उससे पहले जनवरी 2026 की शुरुआत में रोपड़, आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, मानसा और मोगा अदालतों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं, जो बाद में hoax निकलीं। दिसंबर 2025 में अमृतसर के 15 स्कूलों को धमकी ईमेल भेजे गए थे, जिसके बाद सभी स्कूलों को खाली कर तलाशी ली गई थी। जानें आईएसकेपी के बारे में आईएसकेपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट का सहयोगी गुट है, जो समय-समय पर भारत के विभिन्न शहरों को निशाना बनाने की धमकी देता रहा है। पंजाब में बार-बार हो रही बम धमकी ईमेल की घटनाओं से पुलिस और खुफिया एजेंसियों में गहरी चिंता बनी हुई है।

महाराष्ट्र में केसरिया तूफान: मुंबई-पुणे-नागपुर सब फतह, किसके नाम जाएगी ऐतिहासिक जीत?

मुंबई महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड लहर देखने को मिल रही है। देश के सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जहां अब तक शिवसेना का दबदबा रहा करता था। 227 सीटों में से 158 के अब तक रुझान आए हैं और भाजपा अकेले ही 65 पर आगे। उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना 18 पर आगे है, जबकि उद्धव सेना 52 पर आगे है। यह रुझान यदि नतीजों में बदले तो भाजपा की यह विक्ट्री ऐसी होगी कि हिस्ट्री रच दी जाएगी। ऐसा पहली बार होगा, जब बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होगी। यहां की सत्ता में सबसे आगे रहने का उसका पुराना सपना रहा है, जो अब पूरा होता दिख रहा है।   इसी तरह नागपुर की बात करें को यहां भी भाजपा बेहद मजबूत होकर उभरी है। जिले के 151 वार्डों में से 94 पर अकेले भाजपा ही आगे है। अब तक 129 सीटों के ही रुझान सामने आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुल 151 सीटों के रुझान आने तक भाजपा अपने ही दम पर सेंचुरी लगा सकती है। वहीं भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अब तक 2 सीटों पर ही बढ़त मिली है। आरएसएस के मुख्यालय वाले इस शहर में भाजपा के मुकाबले कोई दूर-दूर तक नहीं है और दूसरे नंबर वाली कांग्रेस महज 31 सीटों पर ही आगे है। इस तरह बीएमसी में ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म होता दिख रहा है तो वहीं पुणे, नागपुर समेत कई शहरों में भाजपा का जलवा रहेगा। ब्रांड फडणवीस होगा और मजबूत, गठबंधन में भी बढ़ेगी पावर ऐसा ही हाल पुणे का भी है। पुणे में भाजपा फिलहाल 47 सीटों पर आगे है। उसके अलावा अन्य सभी दल मिलकर भी 22 सीटों पर ही आगे हैं। इस तरह अजित पवार और शरद पवार मिलकर भी भाजपा के आगे पस्त हैं। भाजपा की यह विक्ट्री हिस्ट्री रचने वाली है। यह जीत सीएम देवेंद्र फडणवीस का कद पार्टी में बढ़ा देगी। इसके अलावा गठबंधन के अंदर भी वह और मजबूत हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अजित पवार अलग लड़कर पराजित हो रहे हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना की रफ्तार भी सुस्त है। साफ है कि देवेंद्र फडणवीस का कद इससे बढ़ेगा और उनका ब्रांड मजबूत होगा। ठाकरे ब्रदर्स हारते दिख रहे हैं अस्तित्व की लड़ाई, वर्चस्व पहले ही खत्म यह चुनाव ठाकरे ब्रदर्स के लिए अस्तित्व के लिए संघर्ष वाला था, जिस लड़ाई को वह हारते दिख रहे हैं। अब आने वाले चुनावों में उद्धव सेना के लिए और मुश्किल होगा। ठाकरे परिवार की पावर पूरे महाराष्ट्र में कभी नहीं रही। लेकिन कुछ इलाकों में वह हमेशा मजबूत थी और इनमें मुंबई तो उसका गढ़ था। अब यहां की हार उसे गहरा दर्द देने वाली है।

कंधे पर बंदूक रखकर चला निशाना! रोहित को हटाने में गंभीर या अगरकर—किसका था फैसला?

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतने के बाद रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने का फैसला हर किसी की समझ के परे था। रिपोर्ट्स थी कि टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा का फ्यूचर वर्ल्ड कप 2027 तक नहीं देख रही है, जिस वजह से उनकी नजरें एक यंग कैप्टन को तैयार करने की थी। ऐसे में जब पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे का ऐलान हुआ तो रोहित शर्मा टीम में तो थे, मगर कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंप दी गई थी। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने के लिए बंदूक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर रखकर चलाई थी।   तिवारी का मानना ​​है कि हालांकि अगरकर एक मजबूत कैरेक्टर हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं, लेकिन वह यह फैसला अकेले नहीं ले सकते थे और रोहित को कप्तानी से हटाने में गंभीर की राय का भी जरूर हाथ रहा होगा। मनोज तिवारी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि इसका मुख्य कारण क्या है। लेकिन अजीत अगरकर को जानने के नाते, वह एक पर्सनैलिटी हैं। वह फैसला लेने वाले इंसान हैं। ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन क्या किसी ने उन्हें अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने के लिए प्रभावित किया, यह हमें देखना होगा। पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें होती हैं, जिससे 1+1 2 हो जाता है। हो सकता है कि फैसला चीफ सेलेक्टर ने लिया हो, और वह इस बारे में बहुत साफ थे। स्वाभाविक रूप से, कोच का इनपुट भी रहा होगा। आप अकेले फैसला नहीं ले सकते। जो भी फैसला लिया गया, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं।" तिवारी को रोहित को वनडे कप्तान के पद से हटाने के पीछे का लॉजिक समझ नहीं आया, उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स का उनकी नीयत या लीडरशिप स्किल्स पर सवाल उठाना समझदारी नहीं है। गिल को कप्तान बनाना तो तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से किया जा सकता था, शायद रोहित को न्यूजीलैंड वनडे तक कप्तान बने रहने के लिए कहा जा सकता था। तिवारी ने आगे कहा, "देखिए, मेरी राय में प्लेइंग XI चुनने में बहुत ज्यादा इनकंसिस्टेंसी रही है। अगर मैं सच कहूं तो, मेरी ODI मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है। हाल ही में जो कुछ हुआ, जब T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को कप्तानी से हटा दिया गया, और जिम्मेदारी एक नए लड़के को दे दी गई, जिसकी मुझे लगता है कि जरूरत नहीं थी। मैं रोहित के साथ खेला हूं। हमारा एक कनेक्शन है, इसलिए मुझे यह सब अच्छा नहीं लगा। मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर का अपमान है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है। उस दिन से, मेरी थोड़ी दिलचस्पी कम हो गई। बहुत सारी कंट्रोवर्सी हो रही हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि क्लैरिटी नहीं है।"

विदेशी फंडिंग से राजनांदगांव में चल रहा था धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क

राजनांदगांव. जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। जिले के सुदूर अंचल गांवों में जहां बिजली की व्यवस्था नहीं होती थी वहां ग्रामीणों को डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी का है। आरोपी के पास से कुछ विदेशी उपकरण बरामद किए गए है, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से होती थी। राज्य के कई जिलों में इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है।

WPL महा-मुकाबला: 72 घंटे में दूसरी टक्कर, यूपी वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस

नई दिल्ली सत्र की अपनी पहली जीत हासिल करके उत्साह से ओतप्रोत यूपी वॉरियर्स की टीम शनिवार को नवी मुंबई में मुंबई इंडियंस के खिलाफ महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) मैच में अपना विजय अभियान जारी रखने के उद्देश्य से मैदान पर उतरेगी।  पहले तीन मुकाबलों में जीत हासिल नहीं कर पाने वाली वॉरियर्स ने गुरुवार को मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियंस को सात विकेट से हराकर अपना खाता खोला। यह दोनों टीम तीन दिनों में दूसरी बार एक-दूसरे का सामना करने के लिए तैयार हैं। वॉरियर्स को हालांकि अभी भी अपने बल्लेबाजी क्रम को लेकर समस्या का समाधान ढूंढना होगा, क्योंकि सलामी बल्लेबाज किरण नवगिरे लगातार चौथे मैच में नहीं चल पाई। मुख्य कोच अभिषेक नायर और कप्तान मेग लैनिंग अब फोएबे लिचफील्ड से पारी की शुरुआत कराने या श्वेता सहरावत जैसी किसी खिलाड़ी को शीर्ष क्रम में आजमाने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। ऐसे में नवगिरे को मध्यक्रम में या फिनिशर के रूप में खेलने के लिए कहा जा सकता है। हरलीन देओल ने 39 गेंदों में 64 रन की शानदार पारी खेली और वह अपनी इस लय को जारी रखने की कोशिश करेगी। नायर ने कहा, ‘हरलीन एक ऐसी खिलाड़ी है जो टीम के हित को प्राथमिकता देती है। इस टीम में खिलाड़ियों की सोच इसी तरह की है। वह अब हरमनप्रीत कौर के बाद इस सत्र में अर्धशतक बनाने वाली दूसरी भारतीय बल्लेबाज हैं और हम यही चाहते थे।’ हरलीन और क्लो ट्रायोन की शानदार पारियों से वॉरियर्स ने जीत का स्वाद चखा। दीप्ति शर्मा, सोफी एक्लेस्टोन, हरलीन और लिचफील्ड जैसी विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की मौजूदगी में वॉरियर्स की टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। वॉरियर्स से हार के कारण मुंबई इंडियंस का दो मैच से चला आ रहा जीत का सिलसिला रुक गया। हरमनप्रीत की अगुवाई वाली टीम अब बदला लेने के लिए बेताब होगी। मुंबई के गेंदबाजों ने अपने पिछले मैच में खासकर हरलीन के खिलाफ वाइड और शॉर्ट गेंदें फेंकने की गलती की और इसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। बीमारी के कारण एक मैच से बाहर रहने के बाद नैट साइवर ब्रंट ने वॉरियर्स के खिलाफ बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। निकोला कैरी ने भी अब तक बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया है, जबकि हेली मैथ्यूज अपनी जोरदार बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण में अमेलिया केर और शबनीम इस्माइल जैसी शानदार खिलाड़ी हैं। टीम इस प्रकार हैं: मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), नैट साइवर ब्रंट, हेली मैथ्यूज, अमनजोत कौर, जी कमलिनी, अमेलिया केर, शबनीम इस्माइल, संस्कृति गुप्ता, सजना सजीवन, राहिला फिरदौस, निकोला कैरी, पूनम खेमनार, त्रिवेणी वशिष्ठ, नल्ला रेड्डी, सैका इशाक, मिल्ली इलिंगवर्थ। यूपी वारियर्स: मेग लैनिंग (कप्तान), हरलीन देओल, डींड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, क्रांति गौड़, शिप्रा गिरी, चार्ली नॉट, फोएबे लिचफील्ड, सुमन मीना, किरण नवगिरे, शिखा पांडे, प्रतिका रावल, श्वेता सहरावत, दीप्ति शर्मा, सिमरन शेख, आशा सोभना, गोंगाडी त्रिशा, क्लो ट्रायोन। मैच दोपहर 3:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा।  

भारत ने चीन को निर्यात में 67% की बढ़ोतरी की, भेजी गईं ये महत्वपूर्ण चीजें

 नई दिल्‍ली टैरिफ दबाव और ग्‍लोबल टेंशन के बावजूद भारत एक्‍सपोर्ट सेक्‍टर में तरक्‍की कर रहा है. दिसंबर महीने के दौरान भारत ने शानदार उछाल दर्ज की है. वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने चीन को निर्यात करने के मामले में गजब की तेजी दिखाई है. सिर्फ दिसंबर महीने में भारत का चीन को निर्यात साल-दर-साल आधार पर 67.35% बढ़कर 2.04 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इस महीने में भारत ने चीन को सबसे ज्‍यादा इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री और कृषि उत्पादों की खेप भेजी है. इसके अलावा, तेल आधारित खाद्य पदार्थों, समुद्री उत्पादों, दूरसंचार उपकरणों और मसालों के निर्यात में भी तेज ग्रोथ देखी गई है.  अप्रैल से दिसंबर तक भारत का चीन को एक्‍सपोर्ट वहीं अप्रैल से दिसंबर  2025 के दौरान भी चीन को मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में अच्‍छी उछाल रही है, जो पिछले साल इसी अवधि में 10.42 अरब डॉलर से बढ़कर 14.25 अरब डॉलर हो गया. इसी तरह,  दिसंबर महीने में भी साल दर साल के आधार पर ज्‍यादा तेजी आई है, लेकिन नंबर की तुलना में दिसंबर में थोड़ा एक्‍सपोर्ट कम हुआ है. वहीं अप्रैल से नवंबर तक के भारत का चीन को एक्‍सपोर्ट $12.22 बिलियन (करीब ₹1 लाख 85 करोड़) रहा.  साल 2025 में चीन को भारत का एक्‍सपोर्ट साल 2025 के दौरान भी भारत का चीन को एक्‍सपोर्ट में इजाफा हुआ है. चीनी सीमा शुल्क के सालाना आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से चीन को कुल निर्यात लगभग $19.75 बिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 9.7 फीसदी की उछाल है.  भारत ने क्‍या-क्‍या चीजें चीन को भेजा?   भारत ने सबसे ज्‍यादा चीन को पेट्रोलियम उत्पाद (Petroleum Products) भेजा है. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल और फोन के पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, OLED फ्लैट-पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल्स, एल्यूमिनियम और स अल्युमिनियम उत्पाद, सल्फर एवं रासायनिक कच्चा माल, कुछ एग्री प्रोडक्‍ट्स और फूड आइट्मस आदि शामिल है. समुद्री उत्पादों का निर्यात भी चीन तक बढ़ा है. इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में, प्रमुख वस्तुओं में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी के लिए अन्य विद्युत उपकरण में मजबूत बढ़ोतरी हुई है.  चीन के साथ व्‍यापार घाटा भी बढ़ा  आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में चीने से आयात 20 फीसदी बढ़कर 11.7 अरब डॉलर हो गया है. चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से दिसंबर के दौरान, भारत का चीन को निर्यात 36.7% बढ़कर 14.24 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 13.46% बढ़कर 95.95 अरब डॉलर हो गया. इसके चलते नौ महीने की अवधि में चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 81.71 अरब डॉलर हो गया.   

धीरेंद्र शास्त्री ने छतरपुर में आरएसएस को लेकर कहा- ‘अगर RSS न होता तो इतने हिंदू भी न बचते’

छतरपुर जिले के बड़ामलहरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ की सराहना करते हुए कहा कि अगर भारत में आरएसएस न होता, तो आज हिंदू नहीं बचा होता। आरएसएस न होता तो हिंदू नहीं बचता: बाबा बागेश्वर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए महाराज ने चेतावनी दी कि यदि हिंदू आज एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में यहां भी बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सनातनियों से जातिवाद छोड़कर एक होने का आह्वान किया। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए अपने संबोधन में बागेश्वर महाराज ने कहा कि हम अपनी संपत्ति और व्यापार आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमें अपनी पीढ़ियों को संस्कार भी सौंपने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि देश में आरएसएस न होता तो शायद आज जो हिंदू बचे हैं, वे भी न होते। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भरे मंच से आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा, ''भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगर न होता तो इतना भी हिंदू न बचा होता. डॉक्टर हेडगेवार की परंपरा ने अभूतपूर्व कार्य किया. गांव-गांव, गली-गली में समस्त हिंदू समाज को एकजुट करने का कार्य किया.''  यह बात बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर के बड़ा मलहरा के हिंदू एकता वाले मंच से कही. बागेश्वर बाबा ने इस बात पर गर्व जताया कि आज भारत RSS का शताब्दी वर्ष मना रहा है. उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की यह तपस्या ही है जो आज हिंदू समाज को संगठित होने का साहस दे रही है. इतना ही नहीं, शास्त्री ने जोर देकर कहा कि जिसके पास ताकत है, समझ लेना उसके पास एकता है. एकता के बिना अस्तित्व संभव नहीं है.  धीरेंद्र शास्त्री ने देश के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए एक कड़ी चेतावनी भी दी. न्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज जातियों, भाषावाद और क्षेत्रवाद में बटा रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी वही हालात होंगे जो वर्तमान में बांग्लादेश में दिख रहे हैं.  उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एकता नहीं रही, तो ऐसी परिस्थितियां केवल सीमा पार ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और हमारे छतरपुर जिले तक भी पहुंच सकती हैं.  भारत माता की पूजन से हुए शुरुआत बड़ा मलहरा के स्टेडियम में हुए इस हिंदू सम्मेलन की शुरुआत भारत माता के पूजन के साथ हुई। पं. शास्त्री ने मकर संक्रांति के त्योहार का उदाहरण देते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे तिल अकेले का कोई अस्तित्व नहीं होता, लेकिन गुड़ के साथ मिलकर वह लड्डू बन जाता है, उसी प्रकार एकता से कोई भी शक्ति परास्त नहीं कर सकती। जातिवाद को खत्म करने पर जोर उन्होंने यह भी कहा कि यदि हमें अपनी संस्कृति और संस्कार बचाने हैं, तो जातियां भले ही रहें, लेकिन जातिवाद समाप्त होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से एकजुट रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक जसूदा सुमन, सहायक क्षेत्र प्रचारक प्रेम शंकर, सह प्रांत प्रचारक श्रवण और विभाग प्रचारक शिवेंद्र सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

बिहार में बच्चों के नामांकन पर 119 स्कूलों के प्रधानाध्यापक पटना तलब

पटना. बिहार में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यू-डायस (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन) के प्रारंभिक आंकड़ों ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है. राज्य के सरकारी विद्यालयों में छात्रों के नामांकन में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. बीते शैक्षणिक सत्र 2024-25 की तुलना में इस बार कुल 5,44,729 छात्रों की कमी आयी है. राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सभी जिलों को भेजे गये पत्र में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक नामांकन की समीक्षा की गयी, जिसमें कई जिलों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. आंकड़ों के अनुसार करीब 20 जिलों में नामांकन 10 प्रतिशत से अधिक घटा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024-25 में कुल एक करोड़ 70 लाख 56 हजार 193 बच्चे विभिन्न कक्षाएं नामांकित किये गये. इसकी तुलना में वर्ष 2025-26 में पांच लाख, 44 हजार 729 बच्चों का कम नामांकन हुआ. वर्ष 2025-26 में कुल एक करोड़ 65 लाख छह हजार 771 बच्चों का नामांकन हुआ है. नामांकन का यह आंकड़ा एक जनवरी 2026 तक का है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 20 जिले में जिसमें सुपौल, सीतामढ़ी, अरवल, सीवान, भोजपुर, अररिया, दरभंगा, बेगुसराय, नालंदा, नवादा, शिवहर, गया, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, सारण, मुंगेर, किशनगंज, लखीसराय और गोपालगंज में तीन से 10 प्रतिशत तक तीन से 10 प्रतिशत तक यू-डायस पोर्टल पर पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रविष्ट की गयी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की कम प्रविष्ट पर शिक्षा मंत्रालय ने नाराजगी व्यक्त की है. अधिकारियों ने कहा कि 2024-25 में बहुत सारे स्कूलों में दोहरे नामांकन का मामला सामने आया था. जब बच्चों के नामांकन का आधार कार्ड से मिलान किया गया तो बहुत सारे बच्चों का नामांकन कट गया. 2025-26 में फर्जी नामांकन पर रोक लगायी गयी है इसके कारण नामांकन घट गया है. पहली कक्षा में सबसे अधिक गिरावट जिला-स्तरीय समीक्षा में यह सामने आया है कि प्रारंभिक कक्षाओं में नामांकन का संकट सबसे गहरा है. पहली कक्षा में 2,832 विद्यालयों में शून्य नामांकन दर्ज किया गया है. वहीं, छठी कक्षा में 663 विद्यालय, नौवीं कक्षा में 219 विद्यालय, 11वीं में 184 विद्यालयों में नामांकन शून्य रहा है. पटना जिले में सरकारी और निजी स्कूल मिलाकर लगभग 11 लाख बच्चे नामांकित हैं. यू-डायस की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई बड़े जिलों में भी नामांकन घटा है. पटना में 15,133 छात्रों की कमी दर्ज की गयी है. गोपालगंज में 40573, सारण में 39083, नवादा में 20862, मधुबनी में 34275, गया में 28724, पूर्वी चंपारण में छात्रों की गिरावट दर्ज की गयी है. राज्य का कुल नामांकन प्रतिशत 96.81% ही रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है. केंद्र सरकार ने जतायी नाराजगी जीइआर (ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो) और एनइआर (नेट एनरोलमेंट रेशियो) में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार ने भी असंतोष जताया है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विद्यालय एवं छात्रवार नामांकन की गहन समीक्षा कर 10 जनवरी तक शत-प्रतिशत यूडायस पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करें.

हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए 1.37 लाख से अधिक युवाओं ने किए आवेदन

चंडीगढ़. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित की जा रही 5,500 पुलिस कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया इन दिनों पूरे शबाब पर है। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति साझा करते हुए उम्मीदवारों के उत्साह की सराहना की है। भर्ती पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में इस भर्ती को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। अभी तक कुल 1,37,533 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कर लिया है। चेयरमैन ने बताया कि आयोग द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह से स्थिर है। आवेदन के दौरान आने वाली समस्याओं को लेकर हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल्स की संख्या बहुत ही कम है, जो यह स्पष्ट करता है कि तकनीकी रूप से प्रक्रिया अत्यंत सफल और सुचारू रूप से चल रही है। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवेदन के लिए अंतिम तिथि (25 जनवरी 2026) का इंतजार न करें। अंतिम समय में वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए समय रहते अपना फॉर्म 'फाइनल सबमिट' कर लें। यदि फॉर्म भरते समय कोई समस्या आती है, तो अभ्यर्थी तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-572-8997 पर संपर्क कर सकते हैं।

‘गर्भवती पत्नी की देखभाल’ की दलील पर हाईकोर्ट ने दे दी जमानत

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज एक आरोपी को उसके बच्चे के जन्म और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान उसकी पत्नी की देखभाल करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी पहले से ही गर्भवती थीं और अब 05 जनवरी 2026 को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। निःसंदेह, इस समय याचिकाकर्ता की पत्नी को अपने सबसे अच्छे साथी यानी अपने पति के साथ की आवश्यकता होगी। याचिकाकर्ता की पत्नी और नवजात शिशु के स्वास्थ्य आदि की देखभाल के लिए उन्हें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पांच जनवरी को दिया था बच्चे का जन्म याचिकाकर्ता ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22 के तहत पंजाब में दर्ज एफआईआर के संबंध में दो महीने की अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। यह याचिका इस आधार पर दायर की गई थी कि याचिका दायर करते समय उनकी पत्नी गर्भावस्था के उन्नत चरण में थीं और बाद में उन्होंने 05 जनवरी को एक बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस रिपोर्ट में जमानत देने का विरोध करते हुए बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास से ट्रामडोल हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी 100 मिलीग्राम की 1,12,000 गोलियां बरामद की गई हैं और वह कथित तौर पर एक बड़े मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। राज्य ने आगे तर्क दिया कि याचिकाकर्ता की पत्नी अपने ससुराल वालों और माता-पिता की देखरेख में है और जमानत पर रिहा होने की स्थिति में याचिकाकर्ता के फरार होने की संभावना है। 'देखभाल और ध्यान की आवश्यता है' दोनों पक्षों की बात सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद, न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता की पत्नी द्वारा हाल ही में बच्चे को जन्म देने के तथ्य पर कोई विवाद नहीं था। यह देखते हुए कि ऐसी अवस्था में एक महिला को अपने पति के साथ और समर्थन की आवश्यकता होती है और मां और नवजात शिशु दोनों को ही अत्यधिक देखभाल और ध्यान की आवश्यकता होती है, न्यायालय ने मामले की बारीकियों में जाए बिना यह माना कि याचिकाकर्ता मानवीय आधार पर सीमित अंतरिम राहत का हकदार है। याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत इस शर्त पर दी गई थी कि वह राष्ट्रीयकृत बैंक से 5 लाख रुपए की एफडीआर के रूप में बैंक गारंटी निचली अदालत में जमा करे।