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राशिफल 18 जनवरी: ग्रहों की स्थिति क्या कहती है? किन राशियों पर पड़ेगा असर

मेष आज आपको कड़ी मेहनत से ही अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। आपको घर और ऑफिस में जो जिम्मेदारियां मिली हैं, उनका सहीसे इस्तेमाल करों। नए लोगों पर आपको आसानी से भरोसा नहीं करना है। आपको इस समय रिएक्शन को लेकर लॉजिक रखने चाहिए। काम पर अधिक ध्यान दें। परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप होंगे। इस समय आपको पारंपरिक काम को छोड़कर स्मार्ट वर्किंग पर जोर देना है। वृषभ इस राशि के लोगों के लिए आज उत्साह का दिन है।नौकरी में बदलाव के साथ आपके लिए तरक्की के मौके भी आ रहे हैं। इस समय आपकी इनकम में भी बढ़ोत्तरी होने कीसंभावना है। आपको यात्रा करने और मित्रों के साथ आनंद लेने के मौके मिल सकते हैं। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पर, मन परेशान भी हो सकता है। मिथुन इस राशि के लोगों के लिए अच्छा समय है, आप परिवार के और नजदीक आएंगे और यादगार पल बिताएंगे। आर्थिक मामलों को लेकर इस समय सलाहकारों से सलाह लें। आपके सोशल नेटवर्क से आपके पर्सनल संबंध सुधरेंगे। मित्र आपका साथ देंगे। क्रिएटिव तौर पर आप मजबूत होगें। क्रिएटिव चीजों पर जोर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अचीवमेंट मिलेंगी। कर्क आज आपने जो टारगेट सोचे थे, उनमें से महत्वपूर्ण टारगेट पूरे होंगे। बिजनेस को लेकर आपमें आत्मविश्वास बना रहेगा। आपकी लीडरशिप में सुधार होगा। आपने जो काम पहले से सोच रखे थे, वो पूरे होंगे। आप कॉन्पिटीशन में सफल होंगे। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। सिंह आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस राशि के लोगों को सुबह के समय जरूरी काम जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। परिवार के सदस्यों की सलाह और उनकी गइ पर ध्यान दें। इस समय आपको सलाह देते हैं कि पर्सनल मामलों में सावधानी बरतें। मीटिंग्स के लिए समय निकालें। परिवार में सुख और समृद्धि रहेगी। आपको रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। तुला इस समय कुछ ऐसी चीजें आपके साथ हो सकती हैं, जिनके बारे में सोचा नहीं था, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। सलाह मानने से चीजें सही होगी। अपनों का सहयोग जारी रहेगा। जिम्मेदार व्यक्तियों पर भरोसा बनाए रखें। आवश्यक काम पर अधिक ध्यान दें। लेन-देन में धैर्य रखें। किसी मित्र के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। लाभ के मौके मिलेंगे। धनु इस राशि के लोगों के लिए समय तेजी से अनुकूल होगा। मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। करियर और बिजनेस में आपके असर पड़ सकता है। अपनी अलग-अलग प्लानिंग को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ाएं। वांछित जानकारी आपको मिलेगी। अगर आप पार्टनरशिप बिजनेस में हैं, तो वो पहले से बेहतर होंगी। लाभ बढ़ाने में सफलता मिलेगी। आवश्यक मामलों में प्रगति होगी। मकर आपके सामने जो मौके आ रहे हैं, उनका अधिकतम इस्तेमाल करें। मैरिड लाइफ सुखमय रहेगी। परिवार मनोबल बढ़ाएगा। साहस के साथ काम करें।मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। माता-पिता का साथ मिलेगा। कुम्भ इस राशि के जातकों को करियर और बिजनेस में बिजी रहने का अनुभव होगा। प्रोफेशनल के साथ बेहतर तालमेल रहेगा। परिवार में सही राह खोजने के लिए विवेक और धैर्य का इस्तेमाल करें। शत्रुओं की साजिशों से सावधान रहें। जल्दबाजी में फैसले न लें। काम प्रभावित हो सकता है। विवेक और विनम्रता बनाए रखें। कन्या इस राशि वालों के लिए सोशल एक्टिविटी बढ़ेंगी। ग्रुप के जितने इशयूज हैं, उनमें रुचि बनी रहेगी। चर्चाओं और संवादों में आपका प्रभाव रहेगा। आपका व्यवहार प्रभावशाली होगा। जिम्मेदार लोगों से सलाह लें। आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। धन और संपत्ति के मामलों में तेजी आएगी। बचत पर जोर रहेगा। वृश्चिक आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आपको किसी से अच्छे प्रपोजल मिल सकेंगे। आप एक अच्छे मेजबान बनेंगे। बैठकें सफल रहेंगी। आप प्रियजनों के साथ प्रभावशाली संवाद बनाए रखेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मेहमान आएंगे। आप योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ेंगे। मीन आज इस राशि के लोगों में जानकारी का लेन-देन बढ़ेगा। सहयोगात्मक मामलों पर ध्यान केंद्रित रहेगा। आप सबके साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। उत्साह और जोश बढ़ेगा। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। काम और व्यापार उम्मीद के मुताबिक चलेगा।

दूषित बयान से गरमाई सियासत: फूल सिंह बरैया पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ वरिष्ठ नेत्रियों की कड़ी प्रतिक्रिया, सड़कों पर उतरी भाजपा

भोपाल कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाओं को लेकर दिए दूषित बयान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल एवं पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कडी आलोचना की है। इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर सहित पूरे प्रदेश मेंं भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर बरैया से सार्वजनिक माफी एवं कांग्रेस से निष्कासन की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने समाज में जहर घोलने वाला बयान दिया है। विधायक बरैया का यह बयान कांग्रेस पार्टी की महिला और दलित विरोधी सोच को उजागर करता है। बरैया ने अपने बयान से सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। राहुल गांधी ने इंदौर में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा किया। राहुल गांधी का यह कदम क्या बरैया के बयानों को मौन सहमति व स्वीकारोक्ति मानी जाए? राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी विधायक बरैया पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर निकालें। बरैया के खिलाफ राहुल गांधी कोई कार्रवाई नहीं करते तो यह माना जाएगा कि अन्य समाजों को लेकर उनके मन में कोई सम्मान नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि महिलाओं को लेकर शर्मनाक बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के साथ राहुल गांधी ने मंच साझा कर कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता प्रदर्शित की है। बरैया का बयान कांग्रेस की विचारधारा और मातृशक्ति के प्रति निम्न स्तरीय संस्कार का प्रतिबिंब है। सोनिया व प्रियंका की चुप्पी कांग्रेस की कथनी और करनी उजागर करती है।  कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करे कि वह बरैया के बयान से सहमत है या नहीं-डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान समाज में जहर घोलने वाला है। सामाजिक विद्वेष फैलाने वाला बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया को राहुल गांधी तुरंत पार्टी से बाहर करें। राहुल गांधी मध्यप्रदेश में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा करते हैं। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कांग्रेस पार्टी ऐसे बयान देने वाले नेताओं के साथ खड़ी है ? यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक सद्भाव, समानता और सम्मान में विश्वास करती है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि फूलसिंह बरैया के बयान को लेकर क्या विचार है? केवल बयान देना पर्याप्त नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मैं फूलसिंह बरैया के इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं। इस प्रकार की भाषा और सोच समाज को बांटने वाली है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। भारतीय जनता पार्टी समाज को जोड़ने, सम्मान और समरसता की राजनीति में विश्वास करती है, जबकि कांग्रेस बार-बार ऐसे बयानों के माध्यम से समाज में तनाव और विभाजन पैदा करने का काम करती रही है। अब समय आ गया है कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी कथनी और करनी में अंतर समाप्त करे। नारी सम्मान कांग्रेस के लिए मूल्य नहीं, सिर्फ़ वोट बैंक-श्री हेमंत खण्डेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी मंचों से महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा दिए गए महिला विरोधी और अमर्यादित बयानों पर उनकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है। यह चुप्पी स्पष्ट करती है कि यह कोई व्यक्तिगत भूल नहीं, बल्कि कांग्रेस की नीति और मानसिकता का हिस्सा है। कांग्रेस के लिए नारी सम्मान कोई मूल्य नहीं, बल्कि केवल एक वोट बैंक बनकर रह गया है। यह मामला केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि दलित समाज की अस्मिता, संविधान की आत्मा और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या ऐसे बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी उनकी सहमति मानी जाए? उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट मांग है कि श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका गांधी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। यदि ऐसा नहीं होता, तो कांग्रेस को महिला सम्मान, दलित अधिकार और सामाजिक न्याय की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। महिलाओं को लेकर रोज सवाल उठाने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भी इस मामले में अपनी और अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का सार्वजनिक रिकॉर्ड बताता है कि यह बयान एक सुनियोजित और लगातार चलने वाली विकृत मानसिकता का हिस्सा है। नारियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस विधायक का बयान समाज को आपस में लड़ाने वाला है – सुश्री निर्मला भूरिया मध्यप्रदेश शासन की मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान पर कहा कि भाजपा सरकार और हमारी पार्टी के नेता महिला सशक्तिकरण, सम्मान और सुरक्षा के लिए निरंतर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस के कुछ नेता और विधायक फूल सिंह बरैया जैसे लोग महिलाओं को लेकर शर्मनाक और विवादित बयान दे रहे हैं। मैं ऐसे बयानों की घोर भर्त्सना और कड़ी निंदा करती हूं। फूल सिंह बरैया का बयान न केवल सभी समाज की महिलाओं का अपमान है। उनका बयान समाज में विद्वेष फैलाने और समाज को आपस में लड़ाने की कांग्रेस की मानसिकता को भी उजागर करता है। बरैया जैसे नेताओं का मकसद केवल विभाजन की राजनीति करना है। कांग्रेस भी अंग्रेजों की तर्ज पर बांटो और राज करो की नीति पर चलने वाली पार्टी है। राहुल गांधी आज मध्यप्रदेश में आए हैं। मेरी राहुल गांधी से स्पष्ट मांग है कि वे इस तरह के बयान देने वाले नेताओं को तत्काल पार्टी से निष्कासित करें।  महिलाओं के खिलाफ अपराध पर ऐसी घिनौनी टिप्पणी अस्वीकार्य – श्रीमती अर्चना चिटनिस भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान को अत्यंत शर्मनाक बतातते हुए कहा कि कोई जनप्रतिनिधि महिलाओं के साथ हो रहे अपराध और बलात्कार जैसे जघन्य विषय पर इतनी घिनौनी टिप्पणी कर सकता है। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक जनप्रतिनिधि हैं। … Read more

स्पेशल: योगी सरकार के जीरो पावर्टी अभियान को धार देंगे यूनिवसिर्टी और कॉलेज

जीरो पावर्टी परिवार के सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए ग्राम पंचायतों को लेंगे गोद पायलेट प्रोजेक्ट के तहत राजधानी लखनऊ से होगी ग्राम पंचायतों को गोद लेने की शुरुआत पायलेट प्रोजेक्ट के सफल परिणाम के बाद इसे पूरे प्रदेश में किया जाएगा लागू  यूनिवर्सिटी और कॉलेज अपने नजदीकी 10 से 15 ग्राम पंचायतों को लेंगे गोद ग्राम पंचायतों को गोद लेने के लिए कॉलेज, यूनिवर्सिटी और विभाग के बीच जल्द होगा एमओयू संस्थानों के एनएसएस, एनसीसी और एमएसडब्ल्यू के छात्रों को अभियान से जोड़ा जाएगा  लखनऊ योगी सरकार प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत योगी सरकार जीरो पावर्टी अभियान से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जोड़ने पर विचार कर रही है। इसके लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज से एमओयू साइन किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय और कॉलेज जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित निर्धन परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए 10 से 15 ग्राम पंचायतों को गोद लेंगे। इन संस्थानों के एनएसएस, एनसीसी, एमएसडब्ल्यू समेत विभिन्न कोर्स के छात्र जीरो पावर्टी परिवार के सदस्यों को आजीविका, कौशल विकास, रोजगार व सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में इन्हे जोड़ने के लिए वालंटियर्स के रूप में काम करेंगे। इसकी शुरुआत पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले राजधानी लखनऊ से होगी। वहीं सफल परिणाम के बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।  संस्थानों के स्तर पर नोडल शिक्षक की जाएगी तैनाती प्रमुख सचिव नियोजन एवं जीरो पावर्टी अभियान के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के चिन्हित परिवारों को विश्वविद्यालय और कॉलेज के छात्रों द्वारा आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वे करेंगे। इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संस्थानों के स्तर पर नोडल शिक्षक की तैनाती की जाएगी, जो पूरे अभियान की निगरानी करेंगे और ग्राम पंचायतों में चल रहे कार्यक्रमों का मार्गदर्शन करेंगे। युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के एनएसएस, एनसीसी और एमएसडब्ल्यू (सोशल वर्क) समेत विभिन्न कोर्स में अध्यनरत छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। ये छात्र गांवों में जाकर जीरो पावर्टी परिवारों के सदस्यों की जरूरतों का आकलन करेंगे।  जिलाधिकारी स्तर पर एमओयू और त्रैमासिक समीक्षा बैठकें की जाएंगी प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जाएगी। युवाओं को स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट लिंकेंज से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जीरो पावर्टी परिवार के युवाओं को आवेदन प्रक्रियाओं में सहायता दी जाएगी ताकि पात्र परिवार किसी भी योजना से वंचित न रहें। इतना ही नहीं योग्य लाभार्थियों की नियमित मेंटरिंग और प्रगति की ट्रैकिंग भी की जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का 100  प्रतिशत कवरेज मिले। इसे प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का समन्वय किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी स्तर पर एमओयू और त्रैमासिक समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, ताकि कार्यों की प्रगति का आकलन किया जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।

बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव: नियम, प्रक्रिया और टाइमलाइन पर एक नजर

 नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी ने अपने अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह पूरी प्रक्रिया पार्टी के देशव्यापी संगठनात्मक अभियान ‘संगठन पर्व-2024’ के तहत कराई जा रही है. चुनाव कार्यक्रम को शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने अधिसूचित कर दिया है. पार्टी संविधान के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक तय प्रक्रिया के अनुसार होता है, जिसमें इलेक्टोरल कॉलेज, नामांकन, जांच, नाम वापसी और जरूरत पड़ने पर मतदान शामिल है. स्टेप 1: इलेक्टोरल कॉलेज की सूची जारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई. दोपहर 12 बजे इलेक्टोरल कॉलेज की सूची प्रकाशित की गई. बीजेपी के संविधान के अनुसार, इलेक्टोरल कॉलेज में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य और राज्यों की परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होते हैं. सिर्फ यही सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में मतदान के पात्र होते हैं. स्टेप 2: नामांकन प्रक्रिया अगला अहम चरण नामांकन का होता है. 19 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक नई दिल्ली स्थित बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में नामांकन दाखिल किए जाएंगे. पार्टी नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार का कम से कम चार कार्यकाल या 15 साल तक सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है. नामांकन के लिए किसी एक राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों का प्रस्ताव जरूरी है. इसके साथ ही समर्थन ऐसे कम से कम 5 राज्यों से होना चाहिए, जहां नेशनल काउंसिल के चुनाव पूरे हो चुके हों. स्टेप 3: जांच और नाम वापसी नामांकन की समय-सीमा समाप्त होते ही उसी दिन शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. इसके बाद उम्मीदवारों को शाम 5 बजे से 6 बजे तक नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा. शाम 6:30 बजे राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि चुनाव सर्वसम्मति से हो रहा है या मतदान की जरूरत पड़ेगी. स्टेप 4: मतदान और नतीजे यदि नाम वापसी के बाद एक से ज्यादा वैध उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो 20 जनवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन नतीजों की घोषणा की जाएगी. हालांकि, यदि नाम वापसी के बाद सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचता है तो उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा. संभावित उम्मीदवार का प्रस्तावक कौन-कौन? सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं.  एक नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा प्रस्तावक होंगे. दूसरे सेट में 20 से ज्यादा निर्वाचित बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के नाम हो सकते हैं. तीसरे सेट में बीजेपी नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन होने की बात कही जा रही है. अंतिम चरण में पदभार ग्रहण यदि नितिन नबीन पूर्णकालिक बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं तो पार्टी मुख्यालय में औपचारिक कार्यक्रम होगा. उन्हें दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यालय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ले जाया जाएगा. इसके साथ ही बीजेपी में राष्ट्रीय नेतृत्व का औपचारिक हस्तांतरण पूरा होगा. इसके अलावा, संगठन पर्व-2024 का समापन और पार्टी के अगले संगठनात्मक और चुनावी चरण की शुरुआत मानी जाएगी. बीजेपी के नए अध्यक्ष का चुनाव आने वाले वर्षों की राजनीतिक और चुनावी रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

बांग्लादेश चुनाव प्रचार में विवाद: ‘हिंदुओं को वोट देना जायज नहीं’, कट्टरपंथियों के उकसाने वाले बयान

ढाका  बांग्लादेश पिछले साल 11 दिसंबर को चुनाव का ऐलान होने के बाद से ही हिंसा का एक नया चरण शुरू हो गया है. उस्मान हादी नाम के एक युवा नेता के ऊपर हमले और 18 दिसंबर को उसकी मौत के बाद से यह और भी बढ़ गया. यह 2024 में शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के बाद नए प्रकार का वायलेंस है, जिसमें अल्पसंख्यक खासकर हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. बांग्लादेश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 45 दिनों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 15 घटनाएं हो चुकी हैं. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से यह देश में पहला चुनाव है, जो 12 फरवरी को होगा. इसे लेकर कट्टरपंथी बयान भी सामने आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बांग्लादेश के कुछ मौलवी और सार्वजनिक वक्ता हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं.  देश के आम चुनावों से पहले मतदाताओं से हिंदू या गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का समर्थन न करने की अपील कर रहे हैं. ऐसे ही एक वीडियो में, कोई मौलवी, किसी टॉक शो के दौरान किसी सवाल का जवाब दे रहा है, जिसमें उससे पूछा जाता है कि क्या हिंदू को वोट दिया जा सकता है. इस पर मौलवी कहता है कि हिंदू को वोट देना जायज नहीं है. किसी भी काफिर को वोट देना इस्लाम में हराम है. ऐसा करना कुफ्र को बढ़ावा देना है.   एक और क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें, मौलवियों को हिंदू धार्मिक स्थलों और संस्थानों के खिलाफ खुली धमकियां देते हुए सुना जा सकता है. वह मंच पर खड़े होकर कहता है, “बांग्लादेश में मंदिरों का नष्ट होना तय है, उनकी मूर्तियों का नष्ट होना तय है. कोई भी हिंदू बांग्लादेश में नहीं रह सकता, कोई भी इस्कॉन (ISKCON) नहीं रह सकता. दिल्ली के दलालों को दिल्ली वापस चले जाना चाहिए.” बांग्लादेश में इस्कॉन की बांग्लादेश में अच्छी खासी मौजूदगी है. शेख हसीना की सरकार जाने के बाद, इसके मंदिरों पर हमला किया गया था और पुजारियों को भी निशाना बनाया गया था.  प्रभात खबर इस वीडियो की पहचान या प्रसारण की तारीख की पुष्टि नहीं कर सका कि ये कब के हैं. क्या यह चुनाव के समय के हैं, या पहले के. हालांकि ये वायरल अभी ही हो रहे हैं. ये वीडियो ऐसे समय सामने आए हैं जब हाल के हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर की गई हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला सामने आई है, जिस पर नई दिल्ली और मानवाधिकार संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं. बांग्लादेश में पिछले लगभग 1 महीनें 5 हिंदुओं की मौत बांग्लादेश में चुनावों की घोषणा के बाद से बीते कुछ हफ्तों में कम से कम पांच हिंदू पुरुषों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या हुई है. हालिया घटनाओं में, उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के नाओगांव जिले में 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार की मौत हो गई, जब वह चोरी का आरोप लगाने वाली भीड़ से बचने के लिए एक नहर में कूद गया. 5 जनवरी को पलाश उपजिला में हत्या किए गए 40 वर्षीय किराना दुकानदार मणि चक्रवर्ती. उसी दिन जेसोर में गोली मारकर हत्या किए गए 38 वर्षीय आइस फैक्ट्री मालिक और दैनिक बीडी खबर के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी. अमृत मंडल नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई, जिस पर उगाही करने का आरोप लगाया गया था. 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास, जिन्हें 31 दिसंबर को काटकर मार डाला गया और आग लगा दी गई थी, बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई. वहीं इससे पहले, 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की बेरहमी से लिंचिंग की गई थी. इन मौतों के अलावा कई घरों को आग भी लगाई गई. भारत ने सख्ती से निपटने की की मांग की भारत ने इन हत्याओं के बाद बांग्लादेश से देश में सांप्रदायिक घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने का आग्रह किया है. नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा किए जा रहे बार-बार के हमलों के एक बेहद चिंताजनक पैटर्न को लगातार देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से तेजी और सख्ती से निपटा जाना चाहिए. जायसवाल ने इस महीने यह भी कहा कि इन मामलों की उपेक्षा केवल अपराधियों को और साहस देती है तथा अल्पसंख्यकों के बीच भय और असुरक्षा की भावना को गहरा करती है. इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. ब्रिटेन में भी उठी कार्रवाई की मांग ब्रिटेन सरकार ने बांग्लादेश में हो रही हर प्रकार की हिंसा की कड़ी आलोचना करते हुए वहां शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और भरोसेमंद चुनाव कराने की अपील की है. बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की हत्याओं का मुद्दा ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में उठाया गया. विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने गुरुवार को संसद में बयान देते हुए लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करे और यह सुनिश्चित करे कि फरवरी में होने वाले चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों. ब्रिटिश हिंदुओं के लिए बने सर्वदलीय संसदीय समूह (APPG) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने सांसदों से कहा कि हिंदुओं की हत्याओं और उनके मंदिरों को जलाए जाने की “डरावनी और भयावह स्थिति” ने उन्हें गहरे तौर पर झकझोर दिया है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर खुलेआम हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके घरों को आग के हवाले किया जा रहा है, मंदिरों को जलाया जा रहा है और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार हो रहा है. जनमत संग्रह पर भी उठाए सवाल ब्लैकमैन ने यह भी कहा कि अगले महीने तथाकथित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाने की बात कही जा रही है, जबकि बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को इन चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार उसे लगभग 30 प्रतिशत जनता का समर्थन हासिल है. उन्होंने आगे कहा कि इसी दौरान इस्लामी चरमपंथी समूहों ने एक जनमत संग्रह कराने का आह्वान किया है, जिससे बांग्लादेश के संविधान में स्थायी और … Read more

मुरैना में नकली शराब का बड़ा खुलासा, 600 लीटर स्प्रिट, राइफल और कारतूस समेत कई सामान बरामद

मुरैना  माता बसैया थाना पुलिस ने नाका गांव में आसन नदी किनारे बीहड़ क्षेत्र में नकली शराब बनाने का प्लांट पकड़ा है। यहां बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली शराब बनाने की सामग्री मिली है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। माता बसैया थाना प्रभारी अरुण कुशवाह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। आसन नदी किनारे बीहड़ के सुनसान क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अवैध शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी। 1000 लीटर अवैध शराब बरामद मौके से 1000 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इसके अलावा 600 लीटर ओपी (स्प्रिट) केमिकल भी मिला है, जिससे नकली शराब बनाई जा रही थी। आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी बरामद किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था यहां तैयार की जाने वाली नकली शराब को ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था। शराब नकली न लगे, इसके लिए उसे हूबहू उन्हीं कार्टनों में पैक किया जाता था, जिनमें आबकारी विभाग के ठेकों की शराब आती है। सातों आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।  

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर व काल भैरव मंदिर में किया दर्शन पूजन

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी पहुंचे। चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह से वह सीधे वाराणसी पहुंचे। उन्होंने यहां काशी विश्वनाथ मंदिर व काशी कोतवाल काल भैरव के दर्शन-पूजन किए। नए वर्ष में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दूसरा वाराणसी दौरा है।  मुख्यमंत्री ने की लोक कल्याण की कामना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधिवत पूजन-अर्चन कर लोक कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने काल भैरव मंदिर में नन्हे बच्चों को देख उनका हाल पूछा और चॉकलेट भी दी। मुख्यमंत्री ने दर्शन करने आए भक्तों का अभिवादन भी किया।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह आदि मौजूद रहे।

लिज्जत पापड़ की संस्थापक पुष्पा बेरी का निधन, हजारों महिलाओं को रोजगार देने वाली महिला उद्योगपति

जबलपुर  प्रसिद्ध महिला उद्योगपति पुष्पा बेरी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लिज्जत पापड़ जैसा उद्योग स्थापित कर हजारों महिलाओं को रोजागर से जोड़ने वाली बेरी ने एक कमरे से कारोबार प्रारंभ कर देश-विदेश तक पहुंचाया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहीं थीं। स्थानीय अस्पताल में सुबह उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार स्थानीय गुप्तेश्वर मुक्तिधाम में हुआ। उनके पुत्र रसिम बेरी और असिम बेरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। पंजाब के मोगा में 26 अगस्त 1934 को जन्मीं पुष्पा बेरी का विवाह जबलपुर निवासी कारोबारी सत्यपाल बेरी के साथ हुआ था। श्री महिला गृह उद्योग के अंतर्गत बनाए गए लिज्जत पापड़ और अचार की मांग देश के साथ अमेरिका और ब्रिटेन तक थी। उनके दोनों पुत्र सिंगापुर में कारोबारी हैं। बेरी के निधन पर जबलपुर सहित देशभर के उद्योगपतियों ने शोक जताया है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने संघर्षरत रहीं पुष्पा बेरी जो काम करे वह मालिक के ध्येय वाक्य को अपनाकर कारोबार को जमीन से आसमान तक पहुंचाने वाली प्रसिद्ध महिला उद्योगपति पुष्पा बेरी ने महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरे जीवन संघर्ष किया। उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि एक कमरे से शुरू किए गए कारोबार की ख्याति देश-विदेश तक पहुंची और करीब चार हजार महिलाओं का जीवन सबल बन सका। उनके दौर के कारोबारी बताते हैं कि पुष्पा बेरी हमेशा कहती थीं कि उन्होंने अपनी महिला साथियों को कभी कर्मचारी नहीं समझा, उनके हर सुख-दुख में बराबर से खड़ी होती थीं। जबलपुर के चौथा पुल स्थित आवास में उनसे मिलने बड़ी संख्या में महिलाएं आती थीं। राइट टाउन में पापड़ बनाने का कारोबार प्रारंभ किया। गुणवत्ता और समयबद्ध काम के चलते सतत सफलता मिलती चली गई और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1952 में विवाह के बाद जबलपुर आईं     पुष्पा बेरी वर्ष 1952 में विवाह के बाद जबलपुर आ गई थीं। यहां उन्होंने श्री महिला गृह उद्योग की स्थापना कर कारोबार प्रारंभ किया था।     उनकी संस्था ने फरवरी 2024 में 50 वर्ष पूर्ण किए थे।     संस्था में होने वाला मुनाफा वे अपनी महिला साथियों में बराबर से बांटती थीं।     पंजाब के मोगा में जन्म हुआ और उनकी प्रारंभिक शिक्षा वहीं पूरी हुई।     वर्ष 1974 में दुर्ग (छग) के समाजसेवी शांतिलाल शाह ने उन्हें यह कारोबार करने की सलाह दी थी।     श्री महिला गृह उद्योग मुंबई से अनुमति लेकर जबलपुर में बुनियाद रखी।  

हरविन्द्र कल्याण का बयान: 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़  हरियाणा विधान सभा में  राजधानी युवा संसद संस्था के सहयोग से दो दिवसीय ‘हरियाणा युवा संवाद’ का दूसरा संस्करण शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम में 13 राज्यों से 65 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस अवसर राष्ट्रगान का भी वादन हुआ। विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने लंबे समय तक गुलामी के कठिन दौर को झेला है, जिसके दौरान हमारी समृद्ध संस्कृति और मूल्यों को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। यह हमारे संविधान की शक्ति और देशवासियों की एकजुटता का प्रमाण है। संविधान हमें यह सिखाता है कि भारत की असली ताकत यहां के लोग हैं।  हम सभी को मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के विजन को साकार करना है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन इन सबके बीच एक साझा लक्ष्य है- राष्ट्र और प्रदेश की प्रगति। देश की विभिन्न विधानसभाओं में भले ही राज्यों की भाषाएं अलग हों, लेकिन सभी जनप्रतिनिधियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग के लिए प्रभावी और कल्याणकारी योजनाएं बनाना होता है। जनता की कठिनाइयां दूर करना व उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति असली ध्येय है। कल्याण ने युवाओं को कहा कि आज वे उसी विधान सभा भवन में बैठे हैं, जहां से प्रदेश के अनेक दिग्गज विधायकों और नेताओं ने कानून निर्माण से लेकर हरियाणा के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां उपस्थित युवा भविष्य में जनप्रतिनिधि का अवसर पाकर लोकतांत्रिक परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे और सदन में सक्रिय व सार्थक चर्चाओं में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता स्वाभाविक है, लेकिन युवाओं को चाहिए कि वे सकारात्मक सोच के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ें, ताकि समाज और देश को नई दिशा मिल सके। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है। दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट के अपने अनुभव साझा करते हुए हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि वहां कई देशों के स्पीकर इस बात से हैरान थे कि भारत सैकड़ों भाषाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद इतनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में विधायक पूजा चौधरी, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, हरियाणा युवा संवाद के सह-संस्थापक जय सैनी और ईशा कपूर ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए स्वाधीनता आंदोलन, संविधान सभा के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और युवाओं की भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके बाद दो विशेष सत्र संपन्न हुए। पहले सत्र में ‘हरियाणा का सतत विकास : औद्योगिक विस्तार पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग’ विषय पर गहन चर्चा हुई। दूसरे सत्र में औद्योगिक विस्तार की आवश्यकता, इसके समक्ष चुनौतियां और विजन 2030 की प्राप्ति हेतु आवश्यक कदम के संदर्भ में हरियाणा औद्योगिक नीति-2025 पर विस्तार से चर्चा की गई।

यूपी के प्रशंसक बने मुख्य न्यायाधीश, मुक्त कंठ से यूपी को सराहा, कहा – जिस भी प्रदेश में जाऊंगा, यूपी सरकार का उदाहरण दूंगा

मुख्य न्यायाधीश ने चंदौली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया छह एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास व भूमि पूजन न्याय का मंदिर साबित होगा कोर्ट कॉम्प्लेक्सः मुख्य न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश ने कहा, अन्य राज्य सरकारों व हाईकोर्ट से आह्वान करूंगा कि वहां भी मिलें ऐसी सुविधाएं सीएम से किया अनुरोध, कॉम्प्लेक्स में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदौली देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शनिवार को चंदौली में छह एकीकृत न्यायालय परिसरों का शिलान्यास व भूमि पूजन किया। उन्होंने इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार व उच्च न्यायालय को बधाई दी और प्रदेश सरकार के प्रयास को सराहा। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा की है। इनमें से छह की स्थापना (शिलान्यास व भूमि पूजन) का कार्य आज शुरू हुआ है। इसके बनने से यूपी सारे भारत में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। ये कॉम्प्लेक्स देश के लिए बेंचमार्क बनेंगे। मैं जिस भी प्रदेश में जाऊंगा, वहां यूपी सरकार का उदाहरण दूंगा। राज्य सरकारों व हाईकोर्ट से आह्वान करूंगा कि वहां भी ऐसी सुविधाएं मिलें।   न्याय का मंदिर साबित होगा कोर्ट कॉम्प्लेक्स मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह क्षेत्र अनेक ऐतिहासिक धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री जी ने उसी इतिहास में नई कड़ी जोड़ी है,  जब यहां न्यायिक मंदिरों की स्थापना की जा रही है। इंटीग्रेटेड ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स अगले 50 वर्ष तक न्याय परिसर की आवश्यकताओं को सशक्त रूप से पूरा करने में सफल रहेंगे। हर प्रकार की सुविधाओं से युक्त इस कॉम्प्लेक्स में अधिवक्ताओं व आम आदमी के लिए प्रदान की गईं सुविधाएं सराहनीय हैं। कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्याय का मंदिर साबित होगा। यहां बैठकर न्यायिक अधिकारी मानवीय मूल्यों का ध्यान रखते हुए फरियादियों को न्याय देंगे। इसमें बार के सदस्यों की भी सक्रिय भूमिका होगी।  मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसमें एक अनुच्छेद है कि हर राज्य के पास अपना हाईकोर्ट होगा और उस हाईकोर्ट के पास मौलिक, मानवीय व अन्य अधिकारों को लागू करने की क्षमता होगी। संविधान निर्माताओं की सोच यही रही कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी स्थापित होगी तो लोगों को अपने क्षेत्र में कोर्ट की सुविधाएं मिलेंगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अनुरोध मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट से कहा कि जनपद न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाली महिलाओं के लिए अलग से बार रूम बनें। उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बन जाए। इससे बुजुर्गों, वादकारियों आदि को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी निजात मिल जाएगी।  शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता तथा वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।