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बांग्लादेश में हिंदू रिपन साहा की गाड़ी से रौंदकर हत्या, हत्यारा तारिक रहमान की पार्टी से जुड़ा

ढाका   बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है. शुक्रवार को राजबाड़ी जिले के सदर उपजिले में एक हिंदू युवक को फिर धर्म आधारित हत्या का शिकार होना पड़ा. वो पेट्रोल पंप पर काम करता था और उसने जब फ्यूल के पैसे मांगे तो एक कार चालक ने जानबूझकर उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान 30 वर्षीय रिपन साहा के रूप में हुई है. रिपन साहा राजबाड़ी के गोलांदा मोड़ के पास स्थित करीम फिलिंग स्टेशन में काम करता था. बताया जा रहा है कि एक काली लैंड क्रूजर कार ने पेट्रोल भरवाने के बाद पैसे दिए बिना वहां से निकलने की कोशिश की. जब रिपन साहा ने कार को रोककर पेट्रोल के पैसे मांगे, तो चालक ने जानबूझकर गाड़ी आगे बढ़ा दी और उसे कुचल दिया. इस हमले में रिपन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए. जान-बूझकर हिंदू को कुचला राजबाड़ी सदर थाने के प्रभारी अधिकारी खोंदकार जियाउर रहमान ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और उसके मालिक अबुल हाशेम को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की राजबाड़ी जिला इकाई का पूर्व कोषाध्यक्ष बताया जा रहा है. वहीं, वाहन चालक कमाल हुसैन को भी हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीड़ित कार के सामने खड़ा था क्योंकि पेट्रोल का भुगतान नहीं किया गया था. उसी दौरान उसे कुचल दिया गया और आरोपी फरार हो गए. इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जाएगा. BNP के राज में भी होगी हिंदुओं की हत्या? यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा की एक और कड़ी मानी जा रही है.पिछले एक महीने में यह ऐसी दसवीं हत्या है. इससे पहले इसी सप्ताह फेनी जिले के डागनभुइयां उपजिला में एक अन्य हिंदू युवक समीर दास की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी. 27 साल के ऑटो-रिक्शा चालक का शव सोमवार को एक खेत से बरामद किया गया था. इन घटनाओं को लेकर भारत ने 9 जनवरी को गहरी चिंता जताई थी और कहा था कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर नजर बनाए हुए है. भारत ने उम्मीद जताई थी कि बांग्लादेश सरकार इस तरह की साम्प्रदायिक हिंसा पर सख्त कार्रवाई करेगी. हालांकि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरम सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठा रही है. अब रिपन दास की हत्या में बीएनपी के नेता का हाथ होने के बाद सवाल ये भी उठ रहा है कि बांग्लादेश की आने वाली सरकारों में भी हिंदुओं का यही हाल रहेगा?

संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का आगमन रविवार को

जबलपुर प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी का रविवार 18 जनवरी को एक बजे नोहटा जिला दमोह से जबलपुर आगमन होगा। लोधी नोहटा से सीधे माँ त्रिपुर सुंदरी तिराहा भेडाघाट रोड तेवर स्थित आर्य रिसोर्ट मैरिज गार्डन पहुँचेंगे तथा यहॉं लोधी समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर 2 बजे तेवर से कार द्वारा दमोह जिले के ग्राम बड़गुवां प्रस्थान करेंगे।

यूपी में माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा, गोरखपुर और संतकबीर नगर में बन रहीं पायलट परियोजनाएं

गोरखपुर व संतकबीर नगर में राप्ती और कुवानो नदी क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन का विकास जल संरक्षण के साथ किसानों को मिलेगा कम लागत में अधिक उत्पादकता का लाभ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं व जल उपयोग दक्षता का विस्तार करने के उद्देश्य से माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। इस दिशा में विभाग केंद्र सरकार की मॉडर्नाइजेशन ऑफ कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट (एमसीएडीडब्लूएम) परियोजना के तहत गोरखपुर और संत कबीर नगर जिलों में माइक्रो इरिगेशन की पायलट परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। ये पायलट परियोजनाएं गोरखपुर में कलपईचा/रामगढ़ ताल व राप्ती नदी क्षेत्र में, जबकि संतकबीर नगर में कुवानो नदी क्षेत्र में बनाई जा रही हैं, जो माइक्रो इरिगेशन की पीपीआईएन (प्रेशराइज्ड पाइप्ड इरिगेशन नेटवर्क) तकनीक के जरिए जल उपयोग की दक्षता में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि लाएंगी। पायलट परियोजनाओं के सफल संचालन के आधार पर इसका विस्तार प्रदेश के अन्य जनपदों में भी किया जाएगा, जो किसानों के लिए लाभप्रद होने के साथ प्रदेश में कृषि क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित करेगी। गोरखपुर और संतकबीर नगर में हो रहा निर्माण सिंचाई विभाग केंद्रीय परियोजना के तहत गोरखपुर और संत कबीर नगर में कुल छह पायलट परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। इनमें चार परियोजनाओं  के फाइनल डीडीआर तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष दो परियोजनाओं के कमांड एरिया को लेकर विचार चल रहा है, जिस पर जल्द ही स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है। परियोजनाओं का कुल सीसीए (कल्चरेबल कमांड एरिया) 2149 हेक्टेयर है, जिसमें गोरखपुर के बांसगांव, मलांव व मझगवां, राजधनी, बरगदवां, जंगल गौरी-1 तथा संतकबीर नगर जिले में प्रजापतिपुर क्लस्टर शामिल हैं। इनमें से गोरखपुर के बांसगांव और जंगलगौरी-1 क्लस्टरों के कमांड एरिया को स्वीकृति मिलते ही, फरवरी 2026 के अंत तक सभी क्लस्टरों में परियोजनाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के हजारों किसान प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित होंगे। उन्हें रबी व खरीफ, दोनों फसलों के उत्पादन में लाभ मिलेगा। जल उपयोग दक्षता में होगी 75 प्रतिशत वृद्धि माइक्रो इरिगेशन की ये परियोजनाएं पीपीआईएन तकनीक के जरिए पानी को जलस्रोत से सीधे खेतों तक पहुंचाती है, जिससे पानी की बर्बादी में कमी आने के साथ जल उपयोग दक्षता में लगभग 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। परियोजना के तहत पीपीआईएन के जरिए क्षेत्र के सभी जलस्रोतों का एकीकरण कर उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही किसानों को माइक्रो इरिगेशन के यंत्र, ड्रिप और स्प्रिंकलर के लिए सहायता भी प्रदान की जाएगी। प्रत्येक क्लस्टर में गठित वाटर यूजर सोसाइटी सिंचाई नेटवर्क के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी। इन पायलट परियोजनाओं के सफल संचालन के आधार पर परियोजना का विस्तार प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाना है, जो प्रदेश में माइक्रो इरिगेशन के विकास से पीडीएमसी (पर ड्राप मोर क्रॉप) अवधारणा को सफल बनाएंगी। माइक्रो इरिगेशन की ये परियोजनाएं एक ओर किसानों को कम लागत पर बेहतर उत्पादकता और दीर्घकालिक जल-सुरक्षा प्रदान करेंगी, साथ ही मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश में सतत कृषि के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

बस में मॉडिफिकेशन करने वालों पर परिवहन विभाग करेगा सख्त कार्रवाई

रांची. जिला परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से कांटाटोली स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड पर स्लीपर बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर सख्ती दिखाई गई और कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए। जांच के क्रम में कुल 21 बसों की जांच की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआइआरटी) द्वारा स्लीपर बसों के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी किया गया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी को तत्काल संचालन से हटाया जाएगा। सभी प्रकार की बसों का पंजीकरण अब केवल किसी अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की मंजूरी के साथ फार्म-22/22ए के आधार पर ही किया जाएगा। हर बस के पंजीकरण के समय लेआउट ड्राइंग अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी, जिसमें बस के आयाम, दरवाजों की स्थिति, इमरजेंसी एग्जिट और रूफ हैच का स्पष्ट विवरण हो। इसके अलावा बस बॉडी निर्माता की मान्यता की वैधता की भी जांच अनिवार्य की जाएगी। उप परिवहन आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) रांची हरविंश पंडित, मोटरयान निरीक्षक रांची विमल किशोर सिंह तथा जिला परिवहन पदाधिकारी रांची अखिलेश कुमार ने संयुक्त रूप से सभी स्लीपर बसों की गहन जांच की। अधिकारियों ने बताया कि स्लीपर कोचों में चालक के केबिन में लगाए गए पार्टीशन दरवाजे को तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान कुछ बसों से मौके पर ही पार्टीशन हटाने को कहा गया। इसके अलावा, सभी स्लीपर कोचों के बर्थ में लगे स्लाइडर तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी स्लीपर बसों में एफडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) लगाने के लिए बस आपरेटरों को एक माह का समय दिया गया है। साथ ही सभी बसों में न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के फायर एक्सटिंग्विशर (ग्रीन जोन) की उपलब्धता और कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया है। खादगढ़ा बस स्टैंड पर उपस्थित वाहन मालिकों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सीआईआरटी द्वारा जारी सभी सुझावों और निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वाहन स्वामियों ने विभागीय निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताई और तय समय-सीमा के भीतर आवश्यक बदलाव करने का आश्वासन दिया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राज्य सरकार की सड़क सुरक्षा नीतियों के अनुरूप है, जिसमें यात्रियों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

BMC चुनाव नतीजे के बाद शिंदे सेना सताए ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का डर, पार्षदों को 5 स्टार होटल में किया शिफ्ट

मुंबई बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव नतीजों के बाद मुंबई की सियासत में जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई है. सत्ता के इस संग्राम के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल में एकत्रित होने का आदेश दिया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिंदे सेना के सभी पार्षदों को आज दोपहर 3 बजे तक होटल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. इन्हें अगले तीन दिनों तक होटल में ही ठहराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की हॉर्स ट्रेडिंग या टूट की कोशिश को नाकाम किया जा सके. 29 सीटों के साथ शिंदे गुट बना 'किंगमेकर' BMC चुनाव में शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं. मौजूदा गणित के मुताबिक बीजेपी अपने दम पर बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई है. ऐसे में शिंदे गुट की भूमिका निर्णायक हो गई है और वही अब सत्ता की चाबी माना जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी के लिए बीएमसी में सरकार बनाना शिंदे सेना के समर्थन के बिना संभव नहीं है. यही वजह है कि शिंदे गुट किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता है. 'No Risk' के मूड में एकनाथ शिंदे सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे खुद पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उनका मानना है कि जब तक बीएमसी में सत्ता का औपचारिक दावा नहीं हो जाता, तब तक पार्षदों को एकजुट रखना बेहद जरूरी है. इसी रणनीति के तहत सभी पार्षदों को 5-स्टार होटल में ठहराने का फैसला किया गया है. शिंदे गुट को आशंका है कि विपक्षी दल या दूसरे राजनीतिक खिलाड़ी उनके पार्षदों को तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे सत्ता का समीकरण बिगड़ सकता है. कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन का तंज इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, उन्हें डर किससे है? कौन उनके पार्षदों को तोड़ सकता है? और किसे पार्षद तोड़ने का सबसे ज्यादा अनुभव है, यह सब जानते हैं. नसीर हुसैन ने आगे कहा कि बीजेपी हमेशा अपने सहयोगी दलों और टूटे हुए गुटों की कीमत पर बढ़ी है. उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र और बिहार में किस पार्टी का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा रहा है. उन्होंने कहा, एकनाथ शिंदे जितनी जल्दी यह समझ लें, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा. बीएमसी में सस्पेंस बरकरार फिलहाल, बीएमसी में मेयर और सत्ता गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. एक तरफ बीजेपी बहुमत के लिए जोड़-तोड़ में जुटी है तो दूसरी तरफ शिंदे गुट अपने पत्ते खोलने से पहले पूरी तरह सुरक्षित रणनीति के तहत आगे बढ़ रहा है. आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि मुंबई की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

इंदौर में 2 साल में शुरू हुए 44,000 नए उद्योग, 1.70 लाख को मिला रोजगार

इंदौर  इंदौर जिला वर्तमान में औद्योगिक क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान इंदौर में औद्योगिक गतिविधियों में भारी उछाल आया है। महाप्रबंधक स्वप्निल गर्ग ने जानकारी दी है कि जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों नए उद्यमियों को सहायता प्रदान की गई है। पिछले तीन वर्षों के भीतर इंदौर में पंद्रह नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें सात सौ से अधिक नई इकाइयां आकार ले रही हैं। इन नए उद्योगों के माध्यम से लगभग बीस हजार युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। औद्योगिक विस्तार और निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा इंदौर गर्ग ने कहा कि इंदौर अपनी बेहतर औद्योगिक संस्कृति, कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और मजबूत कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला बनाने के बजाय नौकरी देने वाला उद्यमी बनाना है। इसके लिए प्रदेश में निरंतर उद्योग मित्र नीतियां लागू की जा रही हैं, जिससे निवेश की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हुई है। लॉजिस्टिक और रेलवे नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव आएगा आने वाले तीन से चार वर्षों में इंदौर देश के एक बड़े रेलवे हब के रूप में पहचाना जाएगा। वर्तमान में यहां से संचालित होने वाली ट्रेनों की संख्या सौ से कम है, जिसे बढ़ाकर तीन सौ तक करने की योजना है। छह अलग-अलग दिशाओं में सशक्त रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ सड़क नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। इंदौर की सात सौ किलोमीटर की परिधि में देश की साठ प्रतिशत आबादी के आने से लॉजिस्टिक लागत में बड़ी कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य वर्तमान चौदह प्रतिशत की लॉजिस्टिक लागत को घटाकर सात से आठ प्रतिशत तक लाना है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। महिला उद्यमिता में सकारात्मक नतीजे मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान कुल नौ सौ चौंसठ उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। विशेष रूप से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग द्वारा किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप तीन सौ एक महिला उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कुल तीन सौ इकतालीस इकाइयों को तीन सौ अट्ठाइस करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जो ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है। शत-प्रतिशत उद्योग ग्राम पंचायत वाला जिला बना इंदौर इंदौर जिले ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024-25 की शुरुआत में जिले की एक सौ नवासी ग्राम पंचायतें उद्योग विहीन थीं। प्रशासन और उद्योग विभाग के समन्वित प्रयासों से इन सभी पंचायतों में सूक्ष्म उद्योग स्थापित किए गए हैं। अब इंदौर की सभी तीन सौ चौंतीस ग्राम पंचायतों में उद्योग संचालित हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दो हजार से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिला है। उद्यम पंजीयन के क्षेत्र में भी जिले ने रिकॉर्ड बनाया है, जहां पिछले दो वर्षों में कुल चौवालीस हजार पांच सौ एक उद्यमों का पंजीयन हुआ है, जिनसे एक लाख सत्तर हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। जरूरी आंकड़े… 44 हजार 501 उद्यमों का पंजीयन इंदौर जिले में पिछले दो वर्षों के सफल कार्यकाल के दौरान किया गया है। 1 लाख 70 हजार 678 लोगों को निर्माण एवं सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के विस्तार से रोजगार प्राप्त हुआ है। 15 नए इंडस्ट्रियल पार्क पिछले तीन वर्षों में इंदौर जिले की सीमाओं के भीतर स्थापित किए गए हैं। 328.50 करोड़ रुपये से अधिक का कुल अनुदान एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत विभिन्न इकाइयों को स्वीकृत हुआ है। 300 तक इंदौर में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है जो वर्तमान में 100 से भी कम है। 60 प्रतिशत देश की आबादी इंदौर के 700 किलोमीटर के सड़क नेटवर्क दायरे में भविष्य में आ जाएगी। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के पंचायत प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र अध्ययन भ्रमण के लिए किया रवाना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के दल को प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सकुशल एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा दो बसों को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) की जानकारी प्राप्त होगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुउद्देशीय है, जिसमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संवाद, विचार-विमर्श, पंचायत प्रतिनिधियों के दायित्वों, नवाचारों तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर की पहचान के रूप में राज्य के पर्यटन, संस्कृति, जनहितैषी एवं विकासमूलक योजनाओं, सुशासन (गुड गवर्नेंस) तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था के बारे में भी अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से जानकारी साझा करें। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी सभी पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोज़र विज़िट के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्य की पंचायत राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त, प्रगतिशील एवं विकासोन्मुख बनाने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के जिला पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र राज्य की पंचायत राज व्यवस्था का अध्ययन कराने के लिए 18 जनवरी से 23 जनवरी 2025 तक मुंबई भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में कुल 60 पंचायत प्रतिनिधि एवं नोडल अधिकारी इस प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण में सम्मिलित हैं। इस दौरान प्रशिक्षण सत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र की उत्कृष्ट पंचायतों का भी भ्रमण कराया जाएगा। आगामी चरणों में राज्य के सभी संभागों के जिला पंचायत प्रतिनिधियों को क्रमवार इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा। इस अवसर पर विधायक लता उसेंडी, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका महोबिया सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास का तैयार किया वार्षिक रोडमैप

जयपुर. राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026 के औद्योगिक विकास के लिए रोडमैप तैयार किया है। सरकार का फोकस बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नए स्तर पर ले जाने पर है, ताकि प्रदेश निवेशकों और उद्यमियों के लिए अधिक आकर्षक बन सके। इसमें जेपीएमआइए (जयपुर-मुंबई इंडस्ट्रियल एरिया) के विकास, डीएमआइसी के तहत दौसा और केबीएनआइआर जैसे दो नए नोड्स, भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क तथा किशनगढ़ में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जोन को विकसित करना शामिल है। इसके साथ ही इस वर्ष दौसा-बांदीकुई औद्योगिक क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी गई है। सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब बनेगा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को पूर्ण इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित कर रही है। यह टाउनशिप लगभग 3600 हेक्टेयर भूमि में विकसित की जा रही है। योजना के तहत पहले चरण में 641 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभिक विकास कार्य शुरू कर दिया गया है। इस चरण में करीब 370 करोड़ की लागत से इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट होगा। दूसरे चरण में करीब 1100 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक विकास किया जाएगा। इस औद्योगिक टाउनशिप में राज्य का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित करने का प्रस्ताव भी है। इसके जरिए परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी तथा उद्योगों की लागत में कमी आएगी। उद्यमियों को प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि आवंटन शुरू करने की तैयारी कर ली है।

पाकिस्तान में दर्दनाक सड़क हादसे: बलूचिस्तान और पंजाब में 23 की मौत, कई घायल

इस्लामाबाद   पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पंजाब प्रांत में दो अलग-अलग हादसों में कम से कम 23 लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने पूरे पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और खराब विजिबिलिटी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पहला हादसा बलूचिस्तान में ग्वादर के पास हुआ। मकरान कोस्टल हाईवे पर एक पैसेंजर गाड़ी के पलट जाने से नौ लोगों की जान चली गई और 36 दूसरे घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा ओरमारा के हुद गोथ इलाके के पास हुआ। जिवानी से कराची जा रही पैसेंजर कोच का कंट्रोल खो गया और गाड़ी पलट गई। गाड़ी एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी अल उस्मान की थी। कोस्टल हाईवे पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी। एसपी असलम बंगुलजई ने कहा कि ड्राइवर बहुत ज्यादा रफ्तार के कारण गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख पाया, जिसकी वजह से यह जानलेवा हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को ओरमारा तहसील हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में कई घायल यात्रियों की हालत गंभीर है। इसकी वजह से अनुमान लगाया जा रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और ड्राइवर और ट्रांसपोर्ट कंपनी के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख जताया और दुखी परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने ग्वादर के डिप्टी कमिश्नर को घायलों को सबसे अच्छा मेडिकल इलाज दिलाने का निर्देश दिया और शवों को पीड़ितों के इलाकों तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा देने का आदेश दिया। एक अन्य मामले में पंजाब के सरगोधा जिले में घने कोहरे के बीच एक मिनी-ट्रक के सूखी नहर में गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा कोट मोमिन तहसील में घालापुर बांग्ला के पास हुआ, जहां बहुत कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ी सड़क से उतर गई। बचाव अधिकारियों ने कहा कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सात ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के समय 23 लोग ट्रक में इस्लामाबाद से फैसलाबाद एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। कोहरे की वजह से मोटरवे बंद होने के कारण, ड्राइवर ने लोकल रास्ता चुना था। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सभी इस्लामाबाद के रहने वाले थे। रेस्क्यू टीम ने राहत अभियान चलाया और शवों और घायलों को टीएचक्यू अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद अधिकारियों ने खराब मौसम में सावधानी बरतने और ट्रैफिक सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की बात दोहराई। –

झारखंड में रात की ठण्ड से मिल सकती है राहत

रांची. झारखंड में रांची समेत कई जिलों में सुबह और रात के वक्त कनकनी कायम है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी रही। वहीं मौसम विभाग ने शनिवार को भी राज्य के छह जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सिमडेगा, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़ और बोकारो शामिल हैं। विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक चढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है। ऐसे में 20 जनवरी से रात की कनकनी से राहत मिल सकती है। इधर, कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहा। शुक्रवार को रांची का मैकलुस्कीगंज सबसे ठंडा रहा। वहां के स्थानीय तापमापी यंत्र के अनुसार, न्यूनतम तापमान शून्य दर्ज किया गया। वहीं कांके का तापमान तीन डिग्री रहा। जिलों की बात करें तो खूंटी का न्यूनतम तापमान 2.6 रहा। गुमला का न्यूनतम तापमान शुक्रवार को दो डिग्री वृद्धि के 2.8 दर्ज किया गया। गुरुवार को यहां का पारा 0.8 डिग्री था। इधर, मामूली कमी के साथ रांची का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। मेदिनीनगर, कोडरमा, लातेहार, गुमला आदि जिलों के तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान अब भी नौ डिग्री से नीचे या उसके करीब है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, आनेवाले सात दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रह सकता है। इससे दिन में धूप और कड़ी होगी, जिससे कनकनी से राहत मिल सकती है। अधिकतम तापमान में भी वृद्धि का अनुमान है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही झारखंड के लोगों को राहत मिल जाएगी।