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आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

मेष राशि- इस समय पढ़ाई-लिखाई और नई चीजें सीखने में मन लगेगा। जो लोग किसी परीक्षा, इंटरव्यू या ट्रेनिंग की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए समय ठीक है। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे, कभी बहुत जोश तो कभी चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। बातचीत में संयम रखें, गुस्से में कही बात बाद में पछतावा दे सकती है। सेहत में थकान या सिरदर्द हो सकता है। नौकरी में बदलाव, ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी के योग हैं। आमदनी बढ़ने के संकेत हैं। वृषभ राशि- कामकाज में धीरे-धीरे स्थिरता आएगी। जो मेहनत आप काफी समय से कर रहे थे, उसका फल मिलने लगेगा। परिवार का सहयोग बना रहेगा और घर से जुड़ा कोई अच्छा समाचार मिल सकता है। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए फिजूलखर्ची से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें। नौकरी में स्थिति मजबूत होगी। मिथुन राशि- यह समय बातचीत और संपर्कों के लिए अच्छा है। लोगों से मिलने-जुलने से नए मौके मिल सकते हैं। नौकरी या बिज़नेस में नया प्रस्ताव आ सकता है। मन थोड़ा भटका हुआ रहेगा, एक साथ कई बातें सोचेंगे। निर्णय लेते समय जल्दबाज़ी न करें। सेहत में नींद की कमी या तनाव हो सकता है। कर्क राशि- भावनात्मक रूप से समय थोड़ा संवेदनशील है। छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचें। परिवार का साथ मिलेगा और घर में आपकी बात मानी जाएगी। काम में मेहनत ज़्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम धीरे-धीरे दिखेंगे। सेहत का ध्यान रखें, खासकर पेट और नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। सिंह राशि- आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप खुलकर अपनी बात रख पाएंगे। नौकरी में सीनियर या अधिकारियों से सहयोग मिल सकता है। काम में आपकी पहचान बनेगी। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए संतुलन बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस ज्यादा तनाव न लें। कन्या राशि- काम में ध्यान अच्छा रहेगा और अधूरे काम पूरे होंगे। आप हर चीज को बारीकी से देखेंगे, लेकिन जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें। नौकरी में स्थिरता रहेगी। सेहत में पेट, गैस या थकान की परेशानी हो सकती है। समय पर आराम जरूरी है। तुला राशि- रिश्तों के लिए समय अच्छा है। पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। कामकाज में संतुलन बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। नया मौका या नई ज़िम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- मन में कुछ पुरानी बातें चलती रहेंगी, जिससे बेचैनी हो सकती है। धैर्य रखें, समय आपके पक्ष में आएगा। पुराने रुके काम पूरे होने लगेंगे। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। खर्च पर नियंत्रण रखें। सेहत में कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है। धनु राशि- भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। जो काम अटके हुए थे, उनमें गति आएगी। पढ़ाई, यात्रा या किसी नए कोर्स के योग हैं। काम में आत्मविश्वास रहेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। सेहत अच्छी रहेगी। मकर राशि- काम का दबाव ज्यादा रहेगा, लेकिन आप अपनी मेहनत से हालात संभाल लेंगे। नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। सीनियर आपकी मेहनत नोटिस करेंगे। सेहत में थकान या कमर-दर्द जैसी परेशानी हो सकती है। आराम जरूरी है। कुंभ राशि- नए विचार और योजनाएं दिमाग में आएंगी। दोस्त या पुराने संपर्क आपके काम आएंगे। नौकरी या काम में नया अवसर मिल सकता है। आय के योग अच्छे हैं। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन रूटीन बिगड़ने न दें। मीन राशि- मन शांत रहेगा और आध्यात्मिक सोच बढ़ेगी। काम में धीरे-धीरे सुधार आएगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह फायदेमंद रहेगी। सेहत का ध्यान रखें, खासकर नींद और तनाव को लेकर। धैर्य रखेंगे तो स्थितियाँ आपके पक्ष में बनेंगी।

645 हमले, एक साल! बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न पर यूनुस सरकार की चौंकाने वाली रिपोर्ट

ढाका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को कहा कि 2025 के दौरान देश में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों से जुड़ी अधिकतर घटनाएं 'आपराधिक प्रकृति' की थीं और उनका सांप्रदायिक उद्देश्यों से कोई संबंध नहीं था। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की प्रेस शाखा ने यह बयान जारी किया, जो ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले, 9 जनवरी को भारत ने बांग्लादेश पर वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से 'तेजी से और दृढ़ता से' निपटने का दबाव डाला था तथा इन घटनाओं को बाहरी कारणों से जोड़ने के प्रयासों को 'चिंताजनक' करार दिया था। भारत ने यह प्रतिक्रिया हाल के कुछ सप्ताहों में बांग्लादेश में कई हिंदुओं की हत्या की घटनाओं के संदर्भ में दी थी।   2025 में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी कुल 645 घटनाएं अंतरिम सरकार ने एक वर्ष के आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 2025 में जनवरी से दिसंबर के बीच पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी कुल 645 घटनाएं दर्ज की गईं। सरकार ने कहा कि हालांकि हर घटना चिंता का विषय है, लेकिन आंकड़े एक स्पष्ट और साक्ष्य-आधारित तस्वीर पेश करते हैं कि अधिकतर मामले सांप्रदायिक नहीं, बल्कि आपराधिक प्रकृति के थे। मुख्य सलाहकार के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान के अनुसार, इन 645 घटनाओं में से 71 में सांप्रदायिक तत्व पाए गए। इनमें मंदिरों में तोड़फोड़ के 38 मामले, आगजनी के 8 मामले, चोरी का 1 मामला, हत्या का 1 मामला तथा मूर्तियों को तोड़ने की धमकी, भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट और पूजा स्थलों को नुकसान पहुंचाने जैसी 23 अन्य घटनाएं शामिल हैं। बयान में आगे कहा गया कि इन 71 घटनाओं में से 50 मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और उतनी ही गिरफ्तारियां की गईं, जबकि 21 मामलों में एहतियाती या जांच संबंधी कदम उठाए गए। शेष 574 घटनाएं सामाजिक विवादों से जुड़ी थीं, जिनमें पड़ोसियों के बीच विवाद (51), भूमि संबंधित संघर्ष (23), चोरी (106), व्यक्तिगत दुश्मनी (26), बलात्कार (58) और अप्राकृतिक मौत के 172 मामले शामिल हैं। दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं अंतरिम सरकार ने कहा कि यह रिपोर्ट चुनौतियों से इनकार नहीं करती और न ही पूर्णता का दावा करती है, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय संदर्भ में अल्पसंख्यक समुदायों को प्रभावित करने वाले अपराध के रुझानों की एक तथ्यात्मक, साक्ष्य-आधारित तस्वीर पेश करने का प्रयास करती है। उसने कहा कि हालांकि सभी अपराध गंभीर हैं और उनके लिए जवाबदेही जरूरी है, लेकिन आंकड़े दिखाते हैं कि अल्पसंख्यक पीड़ितों से जुड़ी अधिकांश घटनाएं सांप्रदायिक शत्रुता से नहीं, बल्कि व्यापक आपराधिक और सामाजिक कारकों से प्रेरित थीं। इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल (BHBCUC) ने आरोप लगाया था कि जैसे-जैसे आम चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, देश में सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है। बांग्लादेश में संसदीय चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। काउंसिल ने कहा था कि उसने अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की हैं। भारत ने क्या कहा था विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जनवरी को कहा था कि हम लगातार चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों तथा उनके घरों व व्यवसायों पर किए जा रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है। जायसवाल ने यह भी कहा था कि इन घटनाओं को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी जा रही है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव आया है। भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर लगातार चिंता जता रहा है।

गुजरात में केजरीवाल का तीखा संदेश: जेल जाने की बात कही, कार्यकर्ताओं को दिलाई शपथ

वडोदरा गुजरात के वडोदरा में आम आदमी पार्टी का सम्मेलन हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी इस सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला सभी पार्टी के सभी एकजुट होकर बीजेपी का सामना करने के लिए कहा। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि जैसे-जैसे गुजरात के चुनाव पास आएंगे, बीजेपी सबको भेजना शुरू होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, जेल जाने के लिए तैयार रहना होगा। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग जेल भेजेंगे और मैं 2 महीने में छुड़ा कर ले कर आउंगा।   इस दौरान उन्होंने कहा, अगर 30 साल में बीजेपी ने अच्छी सरकार चलाई होती तो आज यहां एक भी आदमी नहीं आता। आप यहां आए हैं, इसका मतलब आप बहुत दुखी है। उन्होंने कहा, सब मिलकर 2027 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाएंगे और ऐसी सरकार बनाएंगे जहां हर कोई खुशहाल होगा और सारी सुविधा मिलेगी। कोई डराएगा नहीं और कोई डरेगा नहीं। अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर सबको जेल भेजने का आरोप लगाया।। उन्होंने कहा, 2 साल के अंदर ये सबको जेल भेजेंगे और जेल जाने के लिए तैयार रहना होगा। अरविंज केजरीवाल ने कहा, मैं 6 महीने जेल रहकर आया, मेरा क्या कसूर था। केजरीवाल ने आगे कहा, ये लोग कार्यकर्ताओं को भी जेल भेजेंगे लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, मैं 2-3 महीने में छुड़वा कर ले कर आउंगा। इसी के साथ केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से एक कसम भी खिलवाई। अरविंद केजरीवाल ने कहा, अब बस दो साल बचे हैं और इस दौरान खूब मेहनत करनी होगी। लोगों को जोड़नाी होगा। सब कसम खाकर जाएंगे कि हर कार्यकर्ता हर रोज पांच वोट बनाएगा।  

बंगाल SIR पर सुप्रीम टिप्पणी: CJI सूर्यकांत बोले– जनता के मानसिक दबाव को समझे चुनाव आयोग

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज (सोमवार,19 जनवरी को) भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को साफ निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन करीब 1.25 करोड़ लोगों के खिलाफ "तार्किक विसंगतियों" (logical discrepancy) की आपत्ति उठाई गई है, उन सभी के नाम पब्लिश किए जाएं। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश दिया है। पीठ में CJI के अलावा, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए करीब दो करोड़ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।   सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को यह समझना चाहिए कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की वजह से लोग कितने "तनाव" में हैं। बार एंड बेंच की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये नोटिस मोटे तौर पर तीन कैटेगरी में बांटे गए हैं- मैप्ड, अनमैप्ड और लॉजिकल गड़बड़ी। कोर्ट ने आगे कहा कि 'लॉजिकल गड़बड़ी' कैटेगरी के तहत, अधिकारियों ने पिता के नाम में गड़बड़ी, माता-पिता की उम्र में गड़बड़ी और दादा-दादी की उम्र में अंतर देखा है। इसी दौरान अदालत ने गौर किया कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता “तार्किक विसंगतियों” की सूची में शामिल हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में “तार्किक विसंगतियों” की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। बता दें कि SIR के दौरान मतदाताओं के विवरण में कई किस्म की विसंगतियां पाई गई हैं। राज्य में 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में तार्किक विसंगतियों में माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता और उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना भी शामिल है। पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया कि दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए कार्यालय पंचायत भवनों या ब्लॉक कार्यालयों के भीतर स्थापित किए जाएंगे। पीठ ने कहा, “राज्य सरकार पंचायत भवनों और प्रखंड कार्यालयों में तैनाती के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध कराएगी।” न्यायालय ने कहा, “इस संबंध में, हम निर्देश देते हैं कि सुचारू कामकाज के लिए प्रत्येक जिला, ईसीआई या राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए जारी किए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करे।” उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य होंगे कि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो और सभी गतिविधियां सुचारू रूप से पूरी हों। सर्वोच्च न्यायालय पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में मनमानेपन और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।  

गणतंत्र दिवस समारोह: किसान-श्रमिक से लेकर वैज्ञानिक तक, 10 हजार खास मेहमानों को मिला आमंत्रण

नई दिल्ली कर्तव्य पथ पर आयोजित हो रहे 77वें गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के लिए अपने क्षेत्र में उतकृष्ट कार्य करने वाले 10 हजार खास मेहमानों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक से लेकर एथलीट तक शामिल हैं। सरकार ने पिछले साल भी अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले खास मेहमानों को आमंत्रित किया था। सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने वालों पर इसबार भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसबार इन अतिथियों में आय और रोजगार सृजन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बेस्ट इनोवेटर्स, रिसर्चर और स्टार्ट-अप, स्वयं सहायता समूह और प्रमुख सरकारी पहलों के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शामिल हैं। विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के विजेता, नेचुरल तरीके से खेती करने वाले किसान और गगनयान, चंद्रयान आदि इसरो के अभियानों में अपने काम के जरिए नई पहचान बनाने वाले वैज्ञानिक आदि भी इसमें शामिल हैं। वहीं हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में उतकृष्ट कार्य करने वाले भी खास मेहमानों की लिस्ट में हैं। रेहड़ी-पटरी विक्रेता, गायक और पीएम मुद्रा योजना से लोन हासिल कर सफल बिजनेस चलाने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। जमीनी स्तर पर विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे लोगों को भी बुलाया गया है। इनके अलावा भी लिस्ट में कई क्षेत्र में उतकृष्ट कार्य करने वालों को आमंत्रित किया गया है। बैठने के लिए अलग से खास व्यवस्था सरकार का मानना है कि ऐसा करके राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मान तो मिलेगा ही साथ ही राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जन भागीदारी बढ़ाने के सरकार के उद्देश्य को भी नई ऊर्जा मिलेगी। खास मेहमानों के लिए कर्तव्य पथ पर बैठने के लिए अलग से खास व्यवस्था की गई है। परेड के बाद इनके दिल्ली भ्रमण और मंत्रियों से संवाद की भी प्लानिंग की गई है। नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घा आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने इस बार वीआईपी कल्चर खत्म करते हुए दर्शक दीर्घाओं का नामकरण नदियों के नामों- जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रवि, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई आदि पर किया है।  

दक्षिण अफ्रीका ने दर्ज की अंडर 19 वर्ल्ड कप इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत, इस टीम को 300 से ज्यादा रनों से हराया

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका ने तंजानिया के खिलाफ अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के 14वें मुकाबले में 329 रन से जीत दर्ज की। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम शीर्ष पर है, जिसने 20 जनवरी 2002 को केन्या के विरुद्ध 430 रन से जीत हासिल की थी। वहीं, लिस्ट में तीसरे पायदान पर मौजूद भारत ने 22 जनवरी 2022 को युगांडा के खिलाफ मुकाबला 326 रन से जीता था। दक्षिण अफ्रीका ने 397 रन बनाए हाई परफॉर्मेंस ओवल में खेले गए ग्रुप-डी के इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 397 रन बनाए। इस टीम के लिए जोरिच वान शाल्कविक और अदनान लगैडियन ने 7.5 ओवरों में 58 रन की साझेदारी की। जोरिच वान शाल्कविक ने 34 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 47 रन बनाए, जबकि अदनान ने 31 गेंदों में 32 रन की पारी खेली।   मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने जड़े शतक टीम ने 93 के स्कोर तक सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। यहां से कप्तान मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने तीसरे विकेट के लिए 176 गेंदों में 201 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। मोहम्मद बुलबुलिया 108 गेंदों में 11 बाउंड्री के साथ 108 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जेसन ने 101 गेंदों में 5 छक्कों और 10 चौकों के साथ 125 रन की नाबाद पारी खेली। इनके अलावा, पॉल जेम्स ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ 46 रन बनाए। तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई विपक्षी खेमे से सिम्बा म्बाकी ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि खालिदी जुमा और अल्फ्रेड डेनिययल ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। इसके जवाब में तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 13 के स्कोर तक अपने 4 विकेट खो दिए थे। यहां से लक्ष बकरानिया ने सिम्बा म्बाकी के साथ पांचवें विकेट के लिए 26 रन जुटाए, लेकिन इस जोड़ी के टूटते ही टीम फिर से लड़खड़ा गई।   सिम्बा म्बाकी ने 17 रन, जबकि एक्रे पास्कल ह्यूगो ने नाबाद 12 रन टीम के खाते में जोड़े, लेकिन तंजानिया को शर्मनाक हार से बचा नहीं सके। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से बुयांडा माजोला और जेसन रोल्स ने 2-2 विकेट निकाले। यह दक्षिण अफ्रीका की टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत रही, जबकि तंजानिया को लगातार दूसरी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

अमृत मंथन–2026 : अमृत 2.0 परियोजनाओं की प्रगति को लेकर राज्य स्तरीय कार्यशाला हुई

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं को गति प्रदान करने के उद्देश्य से “अमृत मंथन–2026” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजय दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि नगरीय निकायों द्वारा किया जा रहा कार्य सीधे आमजन के जीवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपको आपातकालीन शक्तियाँ दी गई हैं, जिनका उपयोग जनता के हित में करते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए। श्री दुबे ने कहा कि परियोजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, प्रगति की डिजिटल रिपोर्टिंग और पोर्टल आधारित समीक्षा से जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग श्री संकेत भोंडवे द्वारा की गई। कार्यशाला में आयुक्त नगर पालिक निगम, संभागीय अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर परिषद के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान अमृत 2.0 मिशन अंतर्गत प्रदेश में संचालित जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने नगरीय निकायों के अधिकारियों से वन-टू-वन संवाद कर परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। कार्यशाला की मुख्य थीम “संवाद, समाधान और सफलता” रही। इसके अंतर्गत भूमि उपलब्धता, ड्राइंग-डिजाइन लंबित होना, भुगतान में विलंब एवं तकनीकी अड़चनों जैसी समस्याओं पर चर्चा करते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान कई परियोजनाओं में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। पुअर परफार्मेंस करने वालों के विरुद्ध सस्पेंशन, एलडी अधिरोपण एवं ब्लैकलिस्टिंग जैसी कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए गए। साथ ही ड्राइंग-डिजाइन अनुमोदन में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों एवं पीडीएमसी टीम की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि त्रुटिपूर्ण डीपीआर के कारण कई परियोजनाओं में विलंब हो रहा है, अतः डीपीआर तैयार करने वाले सलाहकारों की समीक्षा कर दोषी पाए जाने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। गौरतलब है कि समीक्षा के दौरान 35 परियोजनाओं के कार्यो में प्रगति धीमी पाई जाने से संबंधित संविदाकारों को नोटिस जारी करने एवं 13 संविदाकार को ब्लैक लिस्ट किये जाने तथा 6 संविदाकारों को आगामी निविदा में भाग लेने के लिये निलम्बित किया गया है। उन्होंने परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिदिन पोर्टल पर अद्यतन करने तथा बिना पूर्व अनुमति किसी भी परियोजना में ईओटी जारी न करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यशाला में अमृत मित्र योजना अंतर्गत जल गुणवत्ता परीक्षण कार्य में संलग्न स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी संवाद किया गया तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का डेमोंस्ट्रेशन देखा गया। अमृत मंथन–2026 कार्यशाला के माध्यम से अमृत 2.0 परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप मिश्रा, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, समस्त संभागीय संयुक्त संचालक एवं संभागीय अधीक्षण यंत्री उपस्थित रहे।  

नामांकन से मतदान तक: इस तरह चुना जाता है भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत शीर्ष नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ( 45) के नामांकन पत्र दाखिल किए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वरिष्ठ नेताओं धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रीजीजू की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण को नामांकन पत्रों का एक सेट सौंपा। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और राज्य के अन्य नेताओं ने भी नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक और सेट दाखिल किया।   बता दें कि नितिन नवीन को पिछले महीने ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे। बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, झारखंड समेत कई राज्यों के नेताओं ने भी नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के समर्थन से नितिन नवीन का भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। आइए अब जानते हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे चुना जाता है, क्या हैं योग्यताएं, नियम और पूरी प्रक्रिया… चुनाव की प्रक्रिया भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है। यह मंडल पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों और विभिन्न राज्यों की परिषदों से चुने गए प्रतिनिधियों से मिलकर बनता है। इसकी निगरानी पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करते हैं।     निर्वाचक मंडल की सूची तैयार और प्रकाशित होने के बाद नामांकन शुरू होता है     नामांकन पत्र दाखिल किए जाते हैं। आमतौर पर उम्मीदवार तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकता है     इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच होती है     उसके बाद नाम वापसी का समय मिलता है     नाम वापसी के बाद राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हैं कि चुनाव सर्वसम्मति से हो रहा है या मतदान की जरूरत है     अगर एक से अधिक उम्मीदवार बचते हैं, तो मतदान कराया जाता है और उसी दिन मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाते हैं     अगर नाम वापसी के बाद सिर्फ एक उम्मीदवार बचता है, तो उसे निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया जाता है राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की योग्यताएं     भाजपा संविधान के अनुसार, उम्मीदवार कम से कम 15 वर्ष से पार्टी का प्राथमिक (सक्रिय) सदस्य होना चाहिए     निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य संयुक्त रूप से उसका नाम प्रस्तावित करें     प्रस्ताव पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर जरूरी हैं     यह प्रस्ताव कम से कम 5 अलग-अलग राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों कार्यकाल कितना होता है? भाजपा संविधान की धारा 20 के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। पार्टी चाहे तो इसे एक बार और 3 वर्ष के लिए बढ़ा सकती है। इस तरह अधिकतम 6 वर्ष तक एक व्यक्ति इस पद पर रह सकता है।

वंदे मातरम् गीत और बिरसा मुण्डा के संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिया जनाधार : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल राष्ट्रीय चेतना के दो स्वर विषय पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा का जमीनी, जन-आधारित संघर्ष और ‘वंदे मातरम्’ के वैचारिक–आध्यात्मिक स्वरों ने मिलकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को व्यापक जनाधार प्रदान किया था। आंदोलन को स्पष्ट दिशा और आत्मिक शक्ति देने के साथ ही भारत की विविधता में निहित शक्ति और एकता को प्रमाणित किया। उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष में शिक्षित, शहरी, ग्रामीण और वंचित वर्गों ने मिलकर स्वतंत्र राष्ट्र का स्वप्न साकार किया। इसी भाव-भावना के साथ संकल्पित होकर युवाओं को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल राष्ट्रीय चेतना के दो स्वर विषय पर आयोजित विचारोत्तेजक आयोजन में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें है। भारत की आत्मा और चेतना का यह भाव राष्ट्र के प्रति निष्ठा, समाज के प्रति संवेदना और संस्कृति के प्रति सम्मान का है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा एवं ‘वंदे मातरम्’ के रचनाकार बंकिम चंद्र चटर्जी की 150वीं जयंती के पावन प्रसंग का यह प्रकल्प “स्वतंत्रता के दो स्वर” भारत की आज़ादी के बहुआयामी, समावेशी और जन–जन की साझी साधना का स्मरण है। भगवान बिरसा मुण्डा केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि जनजातीय चेतना, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक स्वाभिमान के महान प्रतीक थे। उनका “अबुआ दिशुम, अबुआ राज”, जनजातीय समुदाय की स्वतंत्रता–आकांक्षा का उद्घोष था, जिसने जल, जंगल और जमीन पर अधिकार के साथ ही आत्मनिर्णय की चेतना को सशक्त किया। स्वतंत्रता आंदोलन को ग्रामीण भारत की आत्मा तक पहुँचाया। ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक और भावनात्मक आत्मा बनकर उभरा। इस गीत ने राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान की भावना को जनमानस में प्रतिष्ठित किया। देशवासियों को मानसिक और नैतिक रूप से एकजुट किया। ‘वंदे मातरम्’ ने भारत माता की सजीव कल्पना के माध्यम से भारतवासियों में आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता का संचार किया आज़ादी के दीवानों को संघर्ष के कठिन क्षणों में अदम्य साहस और नैतिक बल प्रदान किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा और बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कलाव्योम फाउंडेशन को सार्थक और विचारोत्तेजक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी. रावत ने कहा कि भगवान के स्तर पर पहुँच गए जनजातीय नेतृत्व और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक गीत की 150वीं वर्ष गांठ का प्रसंग उनकी जीवनी, चरित्र और गतिविधियों को अपने जीवन, चरित्र और दिनचर्या में अमल करना होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री रमेश शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम् गीत, भगवान बिरसा मुण्डा का अबुआ दिशुम अबुआ राज और उलगुलान के सूत्र एक समान है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा किया गया अलगाव भारतीय दर्शन और विज्ञान दोनो के अनुसार अनुचित है। उन्होंने कहा कि भारत के जनजातीय समुदाय के तार ऋषि-परंपरा से जुड़े हुए है। यही कारण है कि भारत में संस्कार, शिक्षा, अनुसंधान और शोध के केंद्र वनों में ही थे। भगवान श्रीराम भी अध्ययन के लिए वन में गए थे। उन्होंने कहा कि समय की जरूरत है कि इतिहास से सबक लें अलगाववादी प्रवृत्तियों से सावधान रहें। विषय प्रवर्तन चिंतक विचारक डॉ. अमोद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर जनजातीय लोक कलाकार श्री गजेन्द्र आर्य ने भगवान बिरसा मुण्डा के व्यक्तित्व और कृतित्व का शौर्य गान किया। आभार प्रदर्शन श्री चित्रांश खरे ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने भगवान बिरसा मुण्डा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कलाव्योम फाउंडेशन द्वारा अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किए।  

कोडरमा में धान की बंपर खरीदी से पैक्स गोदाम फुल

कोडरमा. धान क्रय के मामले में कोडरमा जिला पूरे राज्य में नंबर वन पर है। जिले को मिले एक लाख क्विंटल धान क्रय के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान की खरीद की जा चुकी है। इस वर्ष धान क्रय के साथ ही किसानों को उनके बैंक खाते में समय पर भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसानों में संतोष देखा जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद पैक्स स्तर पर धान क्रय की प्रक्रिया फिलहाल प्रभावित हो रही है। जिले में इस बार धान क्रय के लिए कुल 30 पैक्स एवं दो महिला मंडलों का चयन किया गया है। 15 दिसंबर से शुरू हुई धान खरीद में अब तक करीब 50 हजार क्विंटल धान किसानों से खरीदा जा चुका है। इनमें से लगभग 20 हजार क्विंटल धान मिलरों को भेजा गया है। लेकिन बीते एक सप्ताह से अधिकांश पैक्सों में धान क्रय लगभग ठप है। पैक्स संचालकों के अनुसार गोदाम पूरी तरह धान से भर चुके हैं। मिलों की ओर से धान का उठाव नहीं हो पाने के कारण आगे क्रय संभव नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि मिल संचालकों को एफसीआई को दिए जाने वाले चावल के बदले धान उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन समय पर सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की आपूर्ति नहीं होने के कारण धान का उठाव प्रभावित हुआ है। पैक्स गोदामों में धान डंप, आगे की खरीद हो रही प्रभावित  इसके चलते पैक्स गोदामों में धान डंप हो गया है। गोदाम खाली होने के बाद ही आगे धान क्रय किया जा सकेगा। इस स्थिति से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है, हालांकि प्रशासन उन्हें धैर्य रखने की अपील कर रहा है। इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) प्रदीप शुक्ला ने कहा कि धान क्रय के लिए 31 मार्च तक का समय निर्धारित है, इसलिए किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। कोडरमा जिला राज्य में धान क्रय में सबसे आगे है और लक्ष्य का 50 प्रतिशत पहले ही हासिल कर लिया गया है, जबकि अभी ढाई माह से अधिक का समय शेष है। इस बार सरकार की ओर से लागू की गई हैं कई शर्तें उन्होंने बताया कि इस बार सरकार की ओर से कई शर्तें लागू की गई हैं, जिनमें अग्रिम धान नहीं लेना, छुट्टी व रविवार को धान क्रय नहीं करना तथा पैक्सों को लक्ष्य निर्धारित करना शामिल है। डीएसओ ने बताया कि पैक्सों में किसानों का धान पहुंचते ही दो से सात दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है। मिल संचालकों द्वारा सीएमआर की आपूर्ति होते ही धान का उठाव शुरू होगा और इसके बाद क्रय प्रक्रिया फिर से तेज हो जाएगी।