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भारत-UAE दोस्ती की नई तस्वीर: एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने UAE राष्ट्रपति का किया आत्मीय स्वागत

नई दिल्ली संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक दिन की आधिकारिक यात्रा पर सोमवार शाम राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए हवाई अड्डे जाकर स्वयं उनका स्वागत किया। शेख नाहयान की अब से कुछ देर बाद पीएम मोदी के साथ वार्ता होगी जिसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति आज ही स्वदेश लौट जायेंगे। शेख नाहयान की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है।   संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, और पिछले एक दशक में यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा होगी। यह यात्रा हाल ही में हुए उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान से मिली मज़बूत गति पर आधारित है, जिसमें सितंबर 2024 में अबू धाबी के शहजादा शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यात्रा और पिछले वर्ष अप्रैल में अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तथा दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की यात्रा शामिल है। क्यों अहम है यह यात्रा उनकी भारत यात्रा पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में आई तीव्र गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक परिदृश्य के कारण उत्पन्न स्थिति के बीच हो रही है। यूएई के राष्ट्रपति की यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर भारतीय नेतृत्व के साथ वार्ता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी दोनों देशों के नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान चर्चा होने की संभावना है। सत्ता संभालने के बाद से नाहयान की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जबकि गत 10 वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा है। गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र की दो प्रमुख शक्तियों यूएई और सऊदी अरब के बीच मतभेद हाल के दिनों में खुलकर सामने आए हैं, खासकर दक्षिणी यमन को लेकर। सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि यूएई वहां अलग दक्षिणी राज्य की मांग कर रहे अलगाववादी समूहों का समर्थन कर रहा है। दोनों देश उत्तरी यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बने अरब गठबंधन का हिस्सा रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे तेल-समृद्ध दक्षिणी यमन क्षेत्र और रणनीतिक रेड सी कॉरिडोर व बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर प्रभाव बढ़ाने की होड़ चलती रही है। दिसंबर 2025 में दक्षिणी यमन में तेज सैन्य और राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले, जहां अलग दक्षिणी राज्य की मांग तेज हुई। इसके बाद सऊदी अरब ने क्षेत्र में हवाई हमले तेज किए और यूएई पर अलगाववाद को समर्थन देने का आरोप लगाया। यूएई ने तेजी से क्षेत्र से अपने कदम पीछे खींच लिए, जबकि रियाद ने तुर्की, पाकिस्तान, कतर और मिस्र के साथ एक नया समूह बनाकर अपनी स्थिति मजबूत की। ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में यूएई का भारत की ओर रुख करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई दिल्ली को एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखा जाता है।    

हर बेघर को पक्की छत मिलने तक जारी रहेगा अभियान : मनोहर लाल

केंद्रीय मंत्री खट्टर बोले, योगी ने यूपी को दी नई पहचान हर बेघर को पक्की छत मिलने तक जारी रहेगा अभियान : मनोहर लाल लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित किए जाने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने इसे गरीब व मध्यम वर्ग के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। श्री खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आवास, नल, शौचालय, गैस, बीमा जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के साथ एक नई पहचान बनाई है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जब तक हर बेघर परिवार को पक्की छत नहीं मिल जाती, सरकार का यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना से लाखों लोगों का घर का सपना साकार हुआ है। आवास योजना की बड़ी उपलब्धि यह रही कि अधिकतर मकान महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए, जिससे महिलाओं को सशक्त व स्वतंत्र पहचान मिली। पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में बदल रही प्रदेश की तस्वीर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'स्वच्छ भारत से विकसित भारत' की यात्रा में नगरीय निकायों की भूमिका सबसे अहम है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ का देश में तीसरा स्थान आना, गाजियाबाद का दुनिया के शीर्ष 50 स्वच्छ शहरों में शामिल होना और कई नगरों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना प्रदेश की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। कूड़े के पहाड़ हटाकर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और शिवालिक पार्क जैसे मॉडल प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इन जिलों को मिला पीएम आवास योजना का सबसे ज्यादा लाभ  गाजियाबाद के 8,937, बदायूं के 4,521, बिजनौर के 5,581, बरेली के 8,693, अलीगढ़ के 5,382, आगरा के 3,828, फर्रुखाबाद के 3,236, बुलंदशहर के 3,567, देवरिया के 4,142, अयोध्या के 4,697, गोरखपुर के 7,142, कुशीनगर के 6,231, लखीमपुर खीरी के 5,100, लखनऊ के 8,568, महाराजगंज के 4,053, मथुरा के 4,366, मऊ के 3,494, मिर्जापुर के 2,027, मुरादाबाद के 3,827, प्रतापगढ़ के 7,214, प्रयागराज के 5,023, उन्नाव के 3,140 तथा वाराणसी के 3,294 लाभार्थियों के खातों में आज पहली किस्त की धनराशि अंतरित की गई है।

आत्मनिर्भर भारत की मिसाल: सीएम योगी ने अयोध्या और सोनभद्र का जिक्र किया

सीएम योगी ने बताया, अयोध्या व सोनभद्र में लोग कैसे बन रहे आत्मनिर्भर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अयोध्या व सोनभद्र का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि भोजन के लिए राशन कार्ड, रोजगार के लिए मिशन रोजगार, स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम स्वनिधि, परंपरागत कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की गई है। युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पीएम स्टार्टअप इंडिया और पीएम स्टैंडअप इंडिया योजनाओं से जोड़ा गया है। नौकरी व स्वरोजगार के योग्य युवाओं के लिए पीएम कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम योगी ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए बताया कि एक अनुसूचित जाति परिवार ने अपना घर बनाने के लिए पूंजी जुटाई। तभी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना घर मिल गया, जिसके बाद परिवार ने बची हुई पूंजी से ई-रिक्शा खरीदा। आज उनके परिवार का बेटा रोज करीब एक हजार रुपये कमा रहा है और पूरा परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। वहीं सोनभद्र में आवास मिलने के बाद एक महिला लाभार्थी ने बचे हुए पैसे से डेयरी शुरू की। अतिरिक्त आय का साधन बनाया और पति के साथ मिलकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे संपूर्ण आत्मनिर्भरता का लक्ष्य पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार के संकल्प से हर जरूरतमंद के सिर पर पक्की छत और हर युवा के हाथ में रोजगार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना मुख्यमंत्री का सीधा संवाद बना लाभार्थियों की प्रसन्नता का साक्षी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित किए जाने के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। प्रदेश के मुखिया से सीधा संवाद करने पर इन लाभार्थियों ने प्रसन्नता के साथ सीएम का आभार भी जताया। वाराणसी की माधुरी देवी ने बताया कि कच्चे मकान से पक्के घर की ओर बढ़ते कदम से उनका परिवार बेहद खुश है। मुख्यमंत्री ने उनसे पहली किस्त की राशि का सदुपयोग करने और प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया। अयोध्या की रमावती देवी ने भी वर्षों पुरानी पक्के घर की इच्छा पूरी होने पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। अलीगढ़ की पूनम चौधरी ने कहा कि मोदी–योगी सरकार ने उनका वर्षों का सपना साकार कर दिया है। उन्होंने शहरों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना भी की। लखीमपुर खीरी के थारू समुदाय से हीरालाल ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी और समुदाय की ओर से धन्यवाद पत्र लिखने की बात कही। गोरखपुर व चित्रकूट की महिला लाभार्थियों ने भी आवास मिलने को जीवन का बड़ा बदलाव बताते हुए खुशी साझा की। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि आवास की राशि का उपयोग केवल घर निर्माण में करें, साथ ही बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें और योजनाओं का पूरा लाभ लें। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और आत्मीयता ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरक बना दिया। सीएम ने लाभार्थियों को वितरित किए आवास स्वीकृति पत्र कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए। इनमें लखनऊ की आशा देवी, स्नेह तिवारी, मीरा व हसीबुन, उन्नाव की पिंकी राठौर, सीतापुर की माया देवी, रायबरेली की गीता पाल, हरदोई की राम बेटी तथा लखीमपुर खीरी की राम सहेली शामिल रहीं। सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री की आत्मीयता के लिए उनका आभार जताया।

राम जलसेतु लिंक परियोजना में चम्बल नदी पर बन रहा 2 हजार 230 करोड़ की लागत से एक्वाडक्ट

जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत् प्रयासों से प्रदेश की महत्वाकांक्षी राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) मिशन मोड पर आगे बढ़ रही है। जल सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाली परियोजना के तहत चम्बल नदी पर 2.3 किलोमीटर लम्बाई में एक्वाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। यह जून, 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना से संबंधित कार्य तीव्र गति से किए जा रहे हैं। इसके प्रथम चरण के पैकेज-2 के अंतर्गत 2 हजार 330 करोड़ रूपए की लागत से एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। यह चम्बल एक्वाडक्ट एक छोर में कोटा जिले की दीगोद तहसील के पीपलदा समेल गांव और दूसरे छोर में बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गोहाटा गांव से जुड़ेगा। इसके माध्यम से कालीसिंध पर निर्मित नवनेरा बैराज से पानी पम्प हाउस से लिफ्ट कर मेज नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद मैज बैराज से पम्प हाउस व फीडर के जरिए गलवा बांध तक और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध में पहुंचाया जाएगा। इस एक्वाडक्ट के बनने से आमजन को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग भी उपलब्ध होगा। 2280 मीटर लम्बे एक्वाडक्ट की आंतरिक चौड़ाई 41.25 मीटर और ऊंचाई 7.7 मीटर प्रस्तावित है। मई, 2025 में कार्य शुभारंभ के बाद से ही तेजी से कार्य किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर कैंप एवं बैचिंग प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एक्वाडक्ट हेतु प्रस्तावित 15 टेस्ट पाइल में से 8 टेस्ट पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 5060 वर्किंग पाइल प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 860 पाइल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। प्रतिदिन 15-20 पाइल का कार्य 12 रिग मशीनों की सहायता से किया जा रहा है। औसतन 500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है। साइट पर लगातार शिफ्टों में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ईआरसीपी को वृहद स्वरूप देते हुए राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) (लगभग 90 हजार करोड़ रूपए) तैयार की गई है। परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3 करोड़ 25 लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, सिंचाई एवं उद्योगों के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान राज्य सरकार केे गठन के तुरंत बाद मध्यप्रदेश सरकार से संवाद स्थापित कर सहमति प्राप्त की गई। जनवरी, 2024 में राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी योजना) का एमओयू किया। इसके बाद 17 दिसंबर, 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं भारत सरकार के मध्य एमओए का आदान-प्रदान हुआ। यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदृष्टि, समन्वय क्षमता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में यह परियोजना प्रदेश के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी और मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से अग्रसर होगा।

प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं हैं उपलब्ध

युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं हैं उपलब्ध प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने प्रत्येक वैश्विक मंच पर स्थापित की अपनी साख 21वीं सदी भारत की होगी स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी भी हो रही है साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश के छात्रों को किया संबोधित मध्यांचल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया मध्यांचल उत्सव-2026 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार होती दिखाई दे रही है। प्रत्येक वैश्विक मंच पर भारत ने अपनी साख स्थापित की है और प्रधानमंत्री मोदी विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो विश्व का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश है और प्रधानमंत्री मोदी प्रभावी रूप से इस युवा लोकतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा संगठित होकर दिल्ली में अध्ययन कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने बड़ी संख्या में प्रदेश के युवाओं से हुई भेंट ने उनकी दिल्ली यात्रा को सार्थक बना दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में मध्यप्रदेश के अध्ययनरत छात्रों के संगठन मध्यांयल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 को संबोधित कर रहे थे। मध्यांचल उत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनें। युवा, कृषि-टेक्नोलॉजी एवं चिकित्सा जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित विश्व स्तर पर हो रहे सभी नवाचारों में दक्ष हो और देश और प्रदेश को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें, यही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हुई है। आगामी 5 वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे। सरकार का लक्ष्य नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के माध्यम से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना है। उन्होंने बताया राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने पर प्रतिमाह 5 हजार प्रति श्रमिक के लिए सरकार द्वारा सहयोग राशि दी जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि युवाओं को सहयोग देने के विशेष प्रावधान राज्य सरकार की नीतियों में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस स्टेट है और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसकी दर मात्र 2 रुपये 10 पैसे है, जो कि देश में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कह मेट्रो मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। राज्य में माइनिंग सेक्टर में तेजी से कार्य हो रहा है और जैव विविधता के मामले में भी प्रदेश अग्रणी है। भोपाल के बड़े तालाब में शिकारे चलाए जा रहे हैं और फिल्म व पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों व युवाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यांचल छात्र संगठन को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी छात्र इसी प्रकार संगठित होकर सकारात्मक कार्य करते हुए प्रदेश व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते रहें। मध्यांचल उत्सव को संबोधित करते हुए श्याम टेलर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की प्रगति की गति दोगुनी हुई है। मां नर्मदा का प्रवाह और बाबा महाकाल मध्यप्रदेश की पहचान हैं। दिल्ली में अध्ययनरत युवाओं द्वारा प्रदेश की कला-साहित्य-शालीनता और सभ्यता के संगम के रूप में आयोजित मध्यांचल उत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने कभी भी अलगाव के विचार से कार्य नहीं किया। सदैव सहयोगात्मक व्यवहार ही उनकी पहचान रहा। कार्यक्रम को राजनिति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सुरेखा सक्सेना और दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चर कॉउंसिल के संचालक अनूप लाखर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिल्ली में अध्ययनरत छात्र उपस्थित रहे।  

दुनिया की सबसे ऊंची Polo ट्रॉफी का अनावरण जयपुर में, 26 जनवरी से 1 फरवरी तक मुकाबले होंगे

 जयपुर    पोलो में अब तक की सबसे बड़ी ट्रॉफी का दावा करते हुए रविवार को जयपुर में Polo Cup 2026 की ट्रॉफी का अनावरण किया गया. करीब सात फीट ऊंची और लगभग 65 किलोग्राम वजनी इस ट्रॉफी को KogniVera ने राजस्थान पोलो क्लब के सहयोग से पेश किया. आयोजकों के मुताबिक यह ट्रॉफी न सिर्फ आकार में, बल्कि प्रतीकात्मकता के लिहाज से भी पोलो की विरासत और प्रतिष्ठा का नया मानदंड स्थापित करने का प्रयास है. इससे पहले चेन्नई में खेले जाने वाले कोलांका कप की छह फीट ऊंची ट्रॉफी को सबसे बड़ा माना जाता था. ट्रॉफी का अनावरण राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पद्मनाभ सिंह की मौजूदगी में किया गया. कोलांका कप (चेन्नई) की छह फीट ऊंची ट्रॉफी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह विशाल ट्रॉफी खेल में आकार और प्रतीकात्मकता की नई परिभाषा स्थापित करती है, साथ ही पोलो की समृद्ध विरासत, उत्कृष्टता और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है. Polo Cup 2026 को भारतीय पोलो कैलेंडर के प्रमुख आयोजनों में से एक बताया जा रहा है. टूर्नामेंट 26 जनवरी 2026 से शुरू होकर 1 फरवरी 2026 तक चलेगा. इस दौरान लीग और नॉकआउट प्रारूप में मुकाबले खेले जाएंगे. इसमें देश और विदेश के खिलाड़ियों तथा पोलो पोनीज की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है. मैच जयपुर के विभिन्न पोलो मैदानों पर आयोजित होंगे. KogniVera IT Solutions के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलेश शर्मा ने कहा कि पोलो एक ऐसा खेल है जो सटीकता, अनुशासन और टीमवर्क का प्रतीक है. उनके अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी बताई जा रही इस ट्रॉफी को बनवाने के पीछे उद्देश्य नए मानक स्थापित करना और खेल की प्रतिष्ठा को सम्मान देना है. पद्मनाभ सिंह ने ट्रॉफी को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी टीमों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है. आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन देश-विदेश के पोलो प्रेमियों, खेल पारखियों और सांस्कृतिक रुचि रखने वालों को आकर्षित करेगा, जिससे जयपुर की पहचान एक महत्वपूर्ण इक्वेस्ट्रियन केंद्र के रूप में और मजबूत होगी.

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मांग- ‘नौकरियां सिर्फ हरियाणवियों को ही मिलें’

चंडीगढ़. अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की नौकरियां हरियाणा के युवाओं का अधिकार है। उन्हें यहां की नौकरियां प्राथमिकता के आधार पर और भरपूर मिलनी चाहियें। उन्होंने भाजपा से पूछा कि हरियाणा की नौकरियां बाहरी राज्यों के युवाओं को मिलेंगी तो यहां के युवक कहां जाएंगे। हर राज्य की सरकारें स्थानीय लोगों को नौकरियों में महत्व देती हैं और ऐसे नियम व शर्तें बनाती हैं, ताकि स्थानीय लोगों को लाभ मिल सके। हरियाणा 28 प्रदेशों में अकेला ऐसा प्रदेश है, जहां हरियाणा राज्य लोक सेवा आयोग के चेयरमैन दूसरे राज्य के हैं। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से मांग की है कि हरियाणा के युवाओं की काबिलियत पर सवाल उठाने वाले हरियाणा राज्य लोक सेवा आयोग के चेयरमैन को बदलकर किसी हरियाणवी को नया चेयरमैन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब हमने सोनीपत में रेल कोच फैक्ट्री, महम-भिवानी-हांसी के बीच में इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट मंजूर कराए थे। ये प्रोजेक्ट बीजेपी की हरियाणा सरकार की कमजोरी के कारण दूसरे प्रदेशों में चले गए। ज्यादातर सरकारी नौकरियों में भी बाहर के बच्चे लग रहे हैं, जो कि स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिस राज्य में हिंदी के अलावा राज्य की अलग भाषा है, वहां भाषा का पेपर अनिवार्य किया गया है, जैसे महाराष्ट्र में मराठी, तमिलनाडु में तमिल, पंजाब में पंजाबी, लेकिन हरियाणा की मुख्य भाषा हिंदी होने के कारण यहां भाषा के आधार पर अलग पेपर नहीं हो सकता।

गुरदासपुर में सतगुरु लाल दयाल की 671वीं जयंती पर कल रहेगा सरकारी अवकाश

गुरदासपुर. महान तपस्वी योगराज सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की 671वीं जयंती के अवसर पर पंजाब सरकार द्वारा ज़िला गुरदासपुर में 20 जनवरी को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। गौरतलब है कि सतगुरु बाबा लाल दयाल जी की जयंती हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस संबंध में श्रद्धालुओं द्वारा हलका गुरदासपुर के आम आदमी पार्टी के नेता रमन बहल के नेतृत्व में बीते दिनों डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग-पत्र भेजकर 20 जनवरी को ज़िले में अवकाश घोषित करने की मांग की गई थी।

मध्य प्रदेश में बरेला सड़क हादसा, मजदूरों की मौत, मुआवजे की घोषणा से परिवारों को राहत

  जबलपुर जबलपुर के बरेला इलाके में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. मंडला जिले के बम्होरी गांव से काम के सिलसिले में निकले मजदूर इस हादसे का शिकार हो गए. जानकारी के मुताबिक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. मौके पर चीख-पुकार गूंज उठी और कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हादसे में अब तक कई मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. कैसे हुआ हादसा? मजदूर एक वाहन में सवार होकर जा रहे थे, तभी बरेला के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे दूसरे वाहन ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन सड़क से उतर गया. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया. घायलों का इलाज जारी, प्रशासन अलर्ट हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराया गया. कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. मंत्री राकेश सिंह ने जताया शोक, अधिकारियों से की बात इस दुखद घटना पर राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री, ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने जबलपुर कलेक्टर और NHAI के अधिकारियों से तुरंत बात की. मंत्री सिंह ने साफ कहा कि सरकार घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने देगी और हर जरूरत का ध्यान रखा जाएगा. मृतकों के परिजनों को राहत, तुरंत मुआवज़ा एनएचएआई ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को प्रति मृतक 2-2 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है. इसमें से 1-1 लाख रुपये की राशि तत्काल स्वीकृत कर दी गई है, ताकि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके. बाकी सहायता भी जल्द दी जाएगी. सरकार और NHAI का भरोसा मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़ा नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाए. घायलों के इलाज का पूरा खर्च और आगे की जरूरतों में भी एनएचएआई सहयोग करेगा. गांव में मातम, सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा मंडला के बम्होरी गांव में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है. घरों में चूल्हे ठंडे हैं और परिवार सदमे में हैं. वहीं, एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े हो गए हैं.