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आसिम मुनीर का सख्त संदेश: पाकिस्तान के ‘मकसद’ पर फिर गरमाया बयान, क्या है अगला एजेंडा?

इस्लामाबाद पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बयान काफी चर्चा में है। इस बयान में आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर अस्तित्व में आया था। अब वह इस मोड़ पर है, जहां वह अपने इस लक्ष्य को हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि जब मुनीर ने यह बात कही तब वहां पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज समेत कई अन्य वरिष्ठ सिविल और मिलिट्री अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री, पॉलिटिकल लीडर्स और शरीफ परिवार के सदस्य मौजूद थे। मौका था, नवाज शरीफ के पोते और मरियम नवाज के बेटे जुनैद सफदर की शादी का रिसेप्शन का।   कहां बोल रहे थे मुनीर इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान तेजी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है। इंडिया टुडे के मुताबिक मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर बनाया गया था। आज यह इस्लामिक देशों में अलग अहमियत रखता है। उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह के रास्ते पर आगे बढ़ना खास नियामत है। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में मुस्लिम एकता के नाम पर कुछ देशों से डिफेंस और फाइनेंस की डील की है। इन देशों में सऊदी अरब और तुर्की का नाम प्रमुख है। इसके अलावा पाकिस्तान इस्लामिक नाटो बनाने की भी योजना बना रहा है। अंतर्राष्ट्रीय पहचान की बात इतना ही नहीं, मुनीर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का दबदबा बढ़ाने की बात की। संभवत: वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ वाइट हाउस में मीटिंग और डिनर की तरफ इशारा कर रहे थे। इसके अलावा पाकिस्तान के गाजा पीस में शामिल होने का भी उन्होंने जिक्र किया। इतना ही नहीं, मुनीर ने यह भी बताने की कोशिश की कि मई 2025 में भारत के साथ युद्ध में पाकिस्तान हावी रहा था। कैसे अलग हैं मुनीर बता दें कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने पूर्ववर्तियों से काफी अलग हैं। पिछले आर्मी चीफ ज्यादातर सैंडहर्स्ट-प्रशिक्षित अधिकारी थे, जो औपचारिक रूप से राजनीति और धर्म दोनों से दूर रहते थे, और उन्हें पश्चिमी संगीत और व्हिस्की का शौक था। इसके उलट मुनीर, हाफिए-ए-कुरान हैं। हाफिज-ए-कुरान उसे कहते हैं, जिसे कुरान याद है। ऐसे में मुनीर के लिए धर्म एक बड़ा आधार है। मुनीर, मिलिट्री इंटेलीजेंस और आईएसआई दोनों के मुखिया हैं। उनके पद ग्रहण करने के बाद से ही पाकिस्तानी सेना में धर्म की तरफ रुझान दिखाई देने लगा है। सेना में धर्म का बढ़ता प्रभाव मुनीर के नेतृत्व में, सेना ने न केवल राज्य की रक्षा करने के रूप में ही नहीं, बल्कि इस्लाम की रक्षा करने के रूप में भी अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है। इसमें 7वीं सदी के अरबी और इस्लामी प्रतीकों का भारी इस्तेमाल किया गया है। सशस्त्र विरोधियों, जिनमें बलोचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोही शामिल हैं, को ‘फितना अल-खवारिज’ और ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ कहा गया है, जिससे उन्हें धर्मभ्रष्ट विद्रोही और भारतीय दलाल के रूप में चित्रित किया गया है।  

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राजा भैया और भानवी सिंह विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट को मिली समय सीमा

प्रतापगढ़ यूपी के प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक बाहुबली नेता रधुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि वह इस मामले पर अगले चार महीनों के भीतर अपना फैसला सुनाए। मामला भानवी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई घरेलू हिंसा की शिकायत से जुड़ा है, जो फिलहाल निचली अदालत में लंबित है। इससे पहले एक निचली अदालत ने राजा भैया के खिलाफ समन जारी किया था। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक (Stay) लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की खूबियों (Merits) पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन हाईकोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिया है कि समन पर लगी रोक (Stay) के मुद्दे पर चार महीने के भीतर निर्णय लिया जाए। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने यह रोक साल 2024 में लगाई थी।लगभग तीन दशकों के वैवाहिक जीवन के बाद, इस हाई-प्रोफाइल जोड़े के बीच का कलह पिछले दो वर्षों से सार्वजनिक है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भानवी सिंह ने राजा भैया के करीबी और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। इसके बाद राजा भैया ने अपनी पत्नी से अलग होने के लिए साकेत कोर्ट (दिल्ली) में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। जवाब में भानवी सिंह ने राजा भैया पर घरेलू हिंसा और गंभीर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। इस दौरान भानवी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भी राजा भैया पर कई तरह के आरोप लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई। भानवी सिंह के साथ रहने वाली उनकी बेटी भी इस विवाद में कूदी तो बेटा भी पिता की तरफ से कूदा। इस दौरान राजा भैया ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। हालांकि उनकी तरफ से अक्षय प्रताप सिंह ने जरूर मोर्चा खोला। वर्तमान में दोनों पक्ष अदालतों में एक-दूसरे के खिलाफ डटे हुए हैं।

10,000mAh बैटरी वाला Realme P4 Power 5G: लॉन्च से पहले कीमत आई सामने, बजट सेगमेंट में मचाएगा हलचल?

नई दिल्ली Realme का जल्द नया स्मार्टफोन लॉन्च होने वाला है, नया मोबाइल खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो थोड़ा रुक जाना बेहतर होगा क्योंकि Realme P4 Power 5G को 10,000 एमएएच की दमदार बैटरी के साथ उतारा जा सकता है. दमदार बैटरी के अलावा इस फोन में कई शानदार फीचर्स मिलेंगे, ऑफिशियल लॉन्च से पहले इस हैंडसेट की कीमत लीक हो गई है जिससे इस बात का संकेत मिला है कि ये फोन आखिर किस प्राइस रेंज में उतारा जा सकता है. इस अपकमिंग फोन के लिए Flipkart पर अलग से माइक्रोसाइट तैयार की गई है जिससे फोन में मिलने वाले कुछ खास फीचर्स कंफर्म हो गए हैं. टिप्स्टर Sanju Choudhary ने X पर पोस्ट कर फोन के रिटेल बॉक्स की कीमत लीक की है. पोस्ट शेयर करते हुए फोन के रिटेल बॉक्स की इमेज को भी शेयर किया गया है जिसे देखने से पता चलता है कि फोन के 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपए (एमआरपी) है, भारत में फोन के बॉक्स की कीमतें आमतौर पर असल रिटेल कीमतों से ज्यादा होती है. इसका मतलब ये है कि इस रियलमी स्मार्टफोन की रिटेल कीमत इससे कम हो सकती है. न केवल कीमत बल्कि पोस्ट में फोन की लॉन्च डेट को लेकर भी जानकारी दी गई है. टिप्स्टर का कहना है कि रियलमी का दमदार बैटरी वाला ये फोन 29 जनवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा. रियलमी यूआई 7.0 पर काम करने वाले इस फोन को तीन साल एंड्रॉयड ओएस अपडेट और चार साल तक सिक्योरिटी पैच अपडेट्स मिलते रहेंगे. फ्लिपकार्ट पर बनी माइक्रोसाइट से ये दो चीजें तो लॉन्च से पहले ही कंफर्म हो चुकी हैं. टिप्स्टर के मुताबिक, इस फोन में 6.78 इंच 4डी कर्व एमोलेड डिस्प्ले होगी जो 144 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगी. इसके अलावा हैंडसेट में स्पीड और मल्टीटास्किंग के लिए मीडियाटेक 7400 अल्ट्रा प्रोसेसर, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा और 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड कैमरा सेंसर दिया गया है. सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 16 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर दिया जा सकता है. 10001 एमएएच बैटरी इस हैंडसेट में जान फूंकने के लिए दी गई है जो 80 वॉट फास्ट चार्ज सपोर्ट करेगी.

दाखिल-खारिज आवेदनों पर अब CO की नहीं चलेगी मनमानी

सहरसा. बिहार में जमीन के दाखिल खारिज के आवेदनों को अब सीओ  लटकाकर नहीं  रख सकेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने भूधारियों का दोहन सीओ स्तर से किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान आवेदनों में आपत्ति डालकर लटकाने के मामले अंचल स्तर पर किए जाने की बात भी सामने आई है। सचिव ने समाहर्ताओं को पत्र जारी कर कहा है कि अंचलाधिकारी स्तर से बिना ठोस आधार के स्वतः आपत्ति डाली जाती है, तो इसे कदाचार माना जाएगा। पत्र में सचिव ने लिखा है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में ऑनलाइन दाखिल खारिज के आवेदनों के निष्पादन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई। इसमें निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन कीं किया जा रहा है। आवेदन के आम खास सूचना निर्गत होने के बाद 14 दिनों की नोटिस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो सीओ स्वयं आधारहीन आपति डालकर इसे सुनवाई में डाल देते हैं। कई मामलों में यह पाया गया कि अंचल स्तर पर असामाजिक तत्व द्वारा बिना आधार या बिना किसी लगाव के आपत्ति दर्ज करा देते हैं। निर्धारित समय सीमा में  निष्पादन होने को जगह जान बुझकर वाद को लंबित रख दिया जाता है। सीओ मौनी बहन ने कहा तथ्यपरक आवेदन के आधार पर निष्पादन लंबित रखा जाता है। अधिकांश आवेदन का निष्पादन ससमय कर दिया जाता है। विभागीय निर्देश का अक्षरशः पालन किया जाएगा।  14 दिनों में नहीं आए आपत्ति तो सीओ तत्काल आवेदनों का करें निष्पादन  सचिव ने सभी समाप्तांओं को निर्देश दिया है कि अगर आम सूचना प्रकाशित होने के 14 दिनों में कोई आपत्ति आती है तो संबंधित सीओ तत्काल उसका निष्पादन करें। अगर सरकारी खाता या खसरा से संबंधित मामला से सीओ आपनि दर्ज करें अन्य मामाले में बिना ठोस आधार आपत्ति की कदाचार माना जाएगा। वहीं, दूसरा भी कोई व्यक्ति बिना ठोस आधार के आपत्ति डालता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। सभी अंचलाधिकारियों को यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर अनुसनात्मक कारवाई की जाएगी।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026: 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। इस तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। आयोजन के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सत्रों में बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परम्परा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नव जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य, इतिहास के झरौखे में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जो वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परम्परा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही प्रकाशकों की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी विमर्श के केंद्र में रहेंगे। आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन द्वारा 21 जनवरी 2026 तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन स्थल पर मंच, पंडाल, तकनीकी व्यवस्थाएं, साज-सज्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तेजी से अंतिम रूप ले रही हैं। साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। साहित्य उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी एवं डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी। साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे से प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार श्री मनोज जोशी द्वारा चर्चित ‘चाणक्य’ नाटक का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले श्री नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के जाने-माने निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे। 24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। साहित्यकारों की परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं। मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. श्री विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है। दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है। आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया जाएगा तथा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं एवं लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य एवं गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल में पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। रायपुर साहित्य उत्सव–2026  छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और सुदृढ़ करेगा।

वर्ल्ड कप में लॉटरी का मौका: बांग्लादेश आउट होने के बाद टीम को मिलेगा आश्चर्यजनक स्थान

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने में अब केवल दो हफ्ते का वक्त बचा है. लेकिन पिछले 3 हफ्ते से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बीच तनाव चरम पर है. बांग्लादेश लगातार भारत से अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान में शिफ्ट कराने की जिद पर अड़ा है. लेकिन अब आईसीसी ने एक सख्त अल्टीमेटम बांग्लादेश को दे दिया है. आईसीसी ने साफतौर पर कह दिया है कि बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में ही खेलने होंगे. ICC ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक की अंतिम समय-सीमा दे दी है. ICC ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश भारत आने से इनकार करता है, तो उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल कर लिया जाएगा. यानी बांग्लादेश की वर्ल्ड कप से ही छुट्टी हो जाएगी. अब सवाल ये है कि अगर बांग्लादेश बाहर होता है तो फिर कौन सी टीम उसकी जगह खेल सकती है. इस टीम को मिलेगा मौका अगर बांग्लादेश ने आईसीसी की बात नहीं मानी तो फिर उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल जाएगा. दरअसल, आईसीसी टी20 रैंकिंग में बांग्लादेश 9वें नंबर पर है. इसके बाद अफगानिस्तान, आयरलैंड, जिम्बॉब्वे, और नीदरलैंड का नाम आता है. लेकिन ये सभी टीमें वर्ल्ड कप का हिस्सा हैं. इसके बाद 14वें नंबर पर स्कॉटलैंड का नाम आता है. यानी अगर बांग्लादेश बाहर हुआ तो फिर आईसीसी स्कॉटलैंड को चांस देगा. ICC का सब्र खत्म, टूर्नामेंट शुरू होने में सिर्फ 3 हफ्ते ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में अब सिर्फ तीन हफ्ते बचे हैं और ICC का सब्र जवाब दे चुका है. बांग्लादेश का पहला मुकाबला 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होना है. इसके बाद 9 फरवरी को इटली के खिलाफ और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ भी बांग्लादेश कोलकाता में ही खेलेगा. ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ होना तय है. शेड्यूल बदलना मुमकिन नहीं ICC का मानना है कि इतने कम समय में शेड्यूल बदलना लॉजिस्टिक्स, ब्रॉडकास्टिंग और टिकटिंग के लिहाज से नामुमकिन है, खासकर तब जब भारत में कोई ठोस सुरक्षा खतरा मौजूद नहीं है. बांग्लादेश के सभी प्रस्ताव ICC ने ठुकराए बांग्लादेश की ओर से दिया गया प्रस्ताव भी ICC ने खारिज कर दिया है. BCB ने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश और आयरलैंड के ग्रुप आपस में बदल दिए जाएं, ताकि बांग्लादेश अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल सके. हालांकि, क्रिकेट आयरलैंड ने साफ कर दिया है कि उसे अपने मैचों को लेकर “पक्की गारंटी” मिल चुकी है और उसके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. ICC का कहना है कि ग्रुप बदलने से ब्रॉडकास्टर्स, टिकट पार्टनर्स और बाकी टीमों के साथ बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा. सुरक्षा रिपोर्ट में भारत को लेकर कोई सीधा खतरा नहीं ICC द्वारा सभी 20 टीमों के साथ साझा की गई एक स्वतंत्र सुरक्षा रिपोर्ट में भारत को मीडियम टू हाई थ्रेट लेवल की कैटेगरी में रखा गया है, जो पहले के बड़े टूर्नामेंट्स जैसा ही है. सबसे अहम बात यह है कि इस रिपोर्ट में बांग्लादेश के लिए किसी खास या सीधे खतरे की पहचान नहीं की गई है. ICC यह बात कई बार BCB को समझा चुका है, लेकिन बांग्लादेश सरकार के समर्थन के चलते BCB अपने फैसले पर अड़ा हुआ है. अगर अगले 72 घंटों में बांग्लादेश अपना रुख नहीं बदलता है, तो लगभग तय है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 बांग्लादेश के बिना ही आगे बढ़ेगा.

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

शनिवार और मंगलवार को लोग बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। कहते हैं कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं। ऐसे में जो भक्त सच्ची श्रद्धा बजरंगबली को याद करता है उनकी पूजा करता है उनपर हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है, पलभर में संकट दूर हो जाते हैं। लेकिन हनुमान चालीसा का पाठ यदि नियम से किया जाए, तो ही इसका फल प्राप्त होता है। वरना गलत तरीके से किए गए पाठ से बजरंगबली नाराज हो जाते हैं। जैसे कि गलत स्थान व गलत समय पर पाठ करना आदि। चलिए जानते हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए। हनुमान चालीसा के दौरान ना करें ये गलतियां हनुमान चालीसा का पाठ करते समय किसी भी तरह की नकारात्मकता अपने दिल में नहीं लानी चाहिए। जो लोग निर्बलों को बिना बात के सताते हैं, उन पर कभी भी हनुमान जी की कृपा नहीं बरसती है। हनुमान चालीसा का पाठ करते समय साधक को किसी भी व्यक्ति से बातचीत नहीं करनी चाहिए। कुछ समय ऐसे भी हैं जब हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए। सूर्यास्त के तुरंत बाद पाठ करने से बचना चाहिए। गुस्से, चिड़चिड़े मन या मानसिक अशांति की अवस्था में भी पाठ नहीं करना चाहिए। बिना स्नान, अशुद्ध अवस्था, जल्दबाजी या दोपहर के समय किया गया पाठ भी फलदायी नहीं माना जाता। हनुमान चालीसा पाठ के 10 जरूरी नियम हनुमान चालीसा पाठ में साफ-सफाई और पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में जहां आप हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं या पूजा स्थल की साफ-सफाई अच्‍छे से कर लें। हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें। इसके लिए सुबह और शाम का समय परफेक्ट रहता है। हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान उपयोग किए गए फूल लाल रंग के रखें। हनुमान चालीसा के पाठ के पहले बजरंगबली के सामने दीपक जरूर जलानी करना चाहिए। ध्यान रखें कि दीपक में जो बाती लगा रहे हैं, वह भी लाल सूत (धागे) की होनी चाहिए। आप दीपक में चमेली का तेल या शुद्ध घी का इस्तेमाल होनी चाहिए। हनुमानजी चालीसा के पाठ के बाद उन्हें गुड़ और चने का प्रसाद जरूर ‍अर्पित करें। आप केसरिया बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, चूरमा, मालपुआ या मलाई मिश्री का भोग भी लगा सकते हैं। हनुमान चालीसा पाठ के दौरान सिर्फ एक वस्त्र पहनकर ही चालीसा का पाठ करें या उनकी पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शनिवार या रविवार के दिन 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। अगर आप 100 बार नहीं कर सकते हैं, तो आप 11, 9, 5, 3 या 1 बार शनिवार, मंगलवार या फिर रोज कर सकते हैं।

सावधान! इस समय किया गया लेन-देन रोक सकता है आर्थिक प्रगति

हिंदू परंपरा में धन को मां लक्ष्मी की कृपा, शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, केवल धन कमाना ही नहीं बल्कि उसका सही समय पर आदान-प्रदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि सप्ताह के हर दिन की अपनी अलग ऊर्जा और ग्रहों का प्रभाव होता है, जो हमारे आर्थिक फैसलों और धन प्रवाह को प्रभावित करता है। वास्तु शास्त्र में कुछ दिन ऐसे बताए गए हैं, जब पैसों का लेन-देन समृद्धि और स्थिरता बढ़ाता है, जबकि कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब किया गया आर्थिक व्यवहार मां लक्ष्मी की नाराजगी का कारण बन सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि धन से जुड़े कार्यों के लिए कौन-से दिन शुभ और कौन-से अशुभ माने जाते हैं। धन के लेन-देन के लिए शुभ दिन शुक्रवार वास्तु शास्त्र के अनुसार शुक्रवार को पैसों के लेन-देन के लिए सबसे शुभ दिन माना गया है। यह दिन मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा होता है। शुक्र ग्रह को ऐश्वर्य, सुख-सुविधा और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना गया है। शुक्रवार को किया गया धन संबंधी लेन-देन आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और धन प्रवाह बढ़ाने में सहायक होता है। सोमवार सोमवार भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन किया गया धन का आदान-प्रदान मानसिक शांति के साथ-साथ आर्थिक बाधाओं को भी दूर करता है। व्यापार या जरूरी आर्थिक लेन-देन के लिए यह दिन शुभ माना गया है। गुरुवार गुरुवार भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति का दिन होता है। वास्तु के अनुसार, इस दिन किया गया लेन-देन धन वृद्धि और स्थिरता लाने वाला माना जाता है। खासकर निवेश या उधार देने के लिए गुरुवार अनुकूल माना गया है। इन दिनों पैसों का लेन-देन करने से बचें शनिवार शनिवार शनि देव से संबंधित होता है, जिन्हें कर्म और न्याय का देवता माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पैसों का लेन-देन करने से आर्थिक अस्थिरता, देरी और रुकावटें आ सकती हैं। मंगलवार मंगलवार को धन उधार देना या लेना भी शुभ नहीं माना गया है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया पैसा लंबे समय तक वापस नहीं आता, जिससे आर्थिक तनाव बढ़ सकता है। तिथियों का भी रखें विशेष ध्यान वास्तु शास्त्र के अनुसार केवल दिन ही नहीं, बल्कि तिथियों का भी धन के लेन-देन में विशेष महत्व होता है। अमावस्या के दिन पैसों का लेन-देन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि अमावस्या तिथि नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है, जिससे धन हानि और अस्थिरता हो सकती है। वास्तु विशेषज्ञों की सलाह यदि आर्थिक मजबूती और मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखना चाहते हैं, तो धन से जुड़े हर निर्णय में शुभ दिन और तिथि का ध्यान अवश्य रखें। छोटे-छोटे वास्तु नियम अपनाकर भी जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

नितिन नबीन BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय, नामांकन दाखिल; निर्विरोध चुने जाने के संकेत

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए नितिन नबीन ने नामांकन कर दिया है. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में प्रस्तावक बने. बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कल मंगलवार को होगा. इससे पहले सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, सीनियर लीडर समेत तमाम लोग पार्टी कार्यालय में मौजूद रहे. बता दें, बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर बिना किसी विरोध के चुने जाने की संभावना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी के समर्थन में है. बीजेपी के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण के बताए गए चुनाव शेड्यूल के मुताबिक, इस पोस्ट के लिए नामांकन सोमवार को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच फाइल किया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया पूरा होने के अगले दिन नए पार्टी चीफ के नाम की घोषणा की जाएगी. 19 जनवरी को शाम 4 बजे से शाम 5 बजे के बीच नॉमिनेशन पेपर्स की स्क्रूटनी की जाएगी. आज ही शाम 5 बजे से शाम 6 बजे के बीच नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. बीजेपी के एक सोर्स ने पीटीआई को बताया, 'इस मौके पर हमारे लगभग सभी मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. इसके अलावा बीजेपी के सभी स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट और पार्टी के दूसरे बड़े नेता भी यहां मौजूद रहेंगे.' नबीन जो बिहार से पांच बार के विधायक हैं और हाल ही में बीजेपी के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट बनाए गए हैं, सोमवार को पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट पद के लिए अपना नॉमिनेशन जमा करेंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नितिन नबीन अध्यक्ष पद के लिए नामांकन सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच दाखिल करेंगे. इसके बाद शाम 4 से 5 बजे तक नामांकन पत्र की जांच की जाएगी और शाम 5 से 6 बजे के बीच नामांकन वापसी की प्रक्रिया की जाएगी. अगर इस प्रक्रिया के बाद जरूरत पड़ती है तो 20 जनवरी को मतदान होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति में नितिन नबीन के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की संभावनाएं हैं. हालांकि, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का आधिकारिक ऐलान 20 जनवरी को ही किया जाएगा. पर नामांकन प्रक्रिया के बाद बीजेपी के नए अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी. बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी का कहना है कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से तय होता है. उन्होंने कहा कि सोमवार को नामांकन होगा और अगले दिन नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी. पीएम मोदी और अमित शाह होंगे प्रस्तावक सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन तीन अलग-अलग सेट में नामांकन दाखिल कर सकते हैं. एक नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा प्रस्तावक होंगे. जबकि दूसरे सेट में 20 से ज्यादा निर्वाचित बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों के नाम हो सकते हैं. तीसरे सेट में बीजेपी नेशनल काउंसिल के सदस्यों का समर्थन होने की बात कही जा रही है. दिग्गज नेताओं का दिल्ली में जमावड़ा पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हलचल तेज है. इस चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए बीजेपी शासित राज्यों के लगभग सभी मुख्यमंत्री, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्य दिल्ली पहुंच रहे हैं. बीजेपी के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि हमारे लगभग सभी मुख्यमंत्री इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा बीजेपी के सभी राज्य यूनिटों के  अध्यक्ष और पार्टी के अन्य प्रमुख नेता भी यहां मौजूद रहेंगे. कैसे होता है बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव? बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है और इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिवेदक द्वारा की जाती है. बीजेपी के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं जो चार कार्यकाल तक पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों. लेकिन ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम-से-कम पांच राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हों. कल होगा शपथ ग्रहण सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन को निर्विरोध बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा और वह कल सुबह 11:30 बजे पीएम मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गड़करी, बीजेपी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेशों के अध्यक्ष और संगठन मंत्रियों की मौजूदगी में बीजेपी अध्यक्ष पद का पदग्रहण करेंगे.   कौन हैं नितिन नबीन नितिन नबीन बिहार के पांच बार के विधायक हैं  और पार्टी में मजबूत संगठनकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. वह 2010 से लगातार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए हैं. वह पहली बार 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. हाल ही में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. अब वह पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कमान संभालने के लिए तैयार हैं. उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनौतियों और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में नया रोडमैप तैयार करेगी बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है, जिसमें पार्टी की नेशनल काउंसिल और स्टेट काउंसिल के रिप्रेजेंटेटिव होते हैं, और इस प्रोसेस की देखरेख पार्टी के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर करते हैं. बीजेपी के संविधान के अनुसार किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कोई भी 20 सदस्य मिलकर ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार बार एक्टिव सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता पंद्रह साल की हो. हालांकि ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों, ऐसा इसमें तय है. शुक्रवार को चुनाव शेड्यूल जारी करते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने कहा था, 'जरूरत पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान होगा … Read more

न्यूज़ीलैंड से हार के बाद शुभमन गिल पर तंज, ‘कप्तानी सीखने के लिए स्कूल जाना होगा’ किस दिग्गज ने दी सलाह?

नई दिल्ली शुभमन गिल भारत के पहले ऐसे कप्तान बने हैं जिनकी अगुआई में टीम इंडिया को अपने ही घर में न्यूजीलैंड के हाथों किसी वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को मेहमान टीम ने इंदौर में खेले गए सीरीज के तीसरे और निर्णायक मैच में भारत को 41 रन से शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। पहली बार न्यूजीलैंड की किसी टीम ने भारत को उसी की सरजमीं पर वनडे सीरीज में शिकस्त दी। इस बीच एक क्रिकेट एक्सपर्ट और पूर्व क्रिकेटर ने शुभमन गिल की कप्तानी की गलतियां गिनाते हुए उन्हें स्कूल जाने और कप्तानी सीखने की सलाह दी है।   न्यूजीलैंड के हाथों भारत की वनडे होम सीरीज में पहली हार को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासिल अली ने शुभमन गिल की कप्तानी पर तंज कसा है। अली ने अपने यूट्यूब शो 'द गेम प्लान' में तंजिया लहजे में कहा, ‘इसका श्रेय भारतीय कप्तान को जाता है, मिस्टर गिल और उनकी कप्तानी को। भारत हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह के बिना खेल रहा था। शमी को तो वे लोग चुन हीी नहीं रहे हैं। भारत की ताकत सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा पर आकर टिक गई है। राहुल ने दो मैचों में स्कोर किया लेकिन इस बार वह सस्ते में आउट हो गए। बाकी लोग क्या कर रहे थे?’ बासित ने आगे कहा, 'जब न्यूजीलैंड ने पहले ओडीआई में 300 प्लस का टारगेट लगभग हासिल ही कर लिया था तब उन्होंने अपना लक्ष्य तय कर लिया था। पेसर्स को छोड़ दें तो भारत के मुख्य गेंदबाज कौन हैं? कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा। आपके पास विशेषज्ञ गेंदबाज हैं लेकिन आपने उनसे पहले नीतीश रेड्डी से गेंदबाजी कराई। शुभमन गिल शान मसूद को कॉपी करने की कोशिश कर रहे थे। बस उन संदेशों को फॉलो करना जो ड्रेसिंग रूम से दिए जा रहे हैं। आपको शुरुआती सफलता की जरूरत थी। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। स्कूल जाइए और कप्तानी सीखिए।' इंदौर में खेले गए सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। डेरिल मिचेल ने 137 और ग्लेन फिलिप्स ने 106 रन की शानदार पारियां खेलीं। जवाब में भारतीय टीम 26 ओवर में 296 रन पर ऑल आउट हो गई। इस तरह उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैं ने सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। भारतीय सरजमीं पर उसकी ये पहले वनडे सीरीज जीत है। भारत की तरफ से विराट कोहली ने 124 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 3 छक्के जड़े। नीतीश कुमार रेड्डी ने 57 गेंद में 53 रन और हर्षित राणा ने 43 गेंद में 52 रन की पारी खेली। राणा ने अपने पहले ओडीआई अर्धशतक के दौरान 4 चौके और 4 छक्के जड़े।